Home Entertainment इस उम्र में Legendary Singer Asha Bhosle ने शुरू किया गाना, Guinness World Record में दर्ज है नाम

इस उम्र में Legendary Singer Asha Bhosle ने शुरू किया गाना, Guinness World Record में दर्ज है नाम

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इस उम्र में Legendary Singer Asha Bhosle ने शुरू किया गाना, Guinness World Record में दर्ज है नाम
मनोरंजन: भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री के लेजेंडरी सिंगर्स में आशा भोंसले का नाम भी आता है। 40 के दशक से संगीत जगत का हिस्सा रही आशा आज भी म्यूजिक लवर्स के दिल पर राज करती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 16 साल की उम्र में की थी। लो बजट फिल्मों में गाना गाने के बाद उन्होंने बॉलीवुड के लेजेंडरी म्यूजिक कंपोजर्स के साथ काम किया है। समय के साथ उन्होंने अपने गाने के स्टाइल में बड़े बदलाव भी किए। इसी के साथ वो इंडस्ट्री की सबसे वर्सटाइल कलाकारों की लिस्ट में शामिल हुई। अपनी मधुर आवाज के चलते आज भी आशा भोसले को एक अलग मुकाम हासिल है। आशा भोसले को 11 अप्रैल को उनकी तबीयत खराब होने के बाद उन्हें मुंबई के बीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

आज हुआ निधन

12 अप्रैल का उनका निधन हो गया है। उनकी पोती जनाई भोसले ने बताया था कि उन्हें चेस्ट इंफेक्शन और थकान है। जनाई ने सभी से आशा और उनके परिवार की प्राइवेसी का ख्याल रखने को कहा था। आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। वह पंडित दीनानाथ मंगेशकर की तीसरी बेटी थी। बॉलीवुड की स्वर कोकिला कहलाने की लता मंगेशकर उनकी बड़ी बहन थी।

10 साल की उम्र में रखा था संगीत की दुनिया में कदम

आशा भोसले ने सिर्फ 10 साल की उम्र में संगीत की दुनिया में कदम रखा था। उनका पहला गाना मराठी भाषा में था जिसका नाम था चला चला नव बाल। आशा ने ये गाना अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ गाया था। मगर उन्हें पहचान 16 की उम्र में रात की रानी फिल्म के लिए गाना गाने से मिली। इस फिल्म में सिंगर ने अपना पहला सोलो गाया था। इसी के साथ वो रातों-रात स्टार बनी।

सिंगर ने 10 साल की उम्र में गाया था गाना

आशा भोसले ने 10 साल की उम्र में पहला गाना गाया था। एक इंटरव्यू में बताया था कि – उन्होंने कहा था कि – मेरा पहला गाना मुझे माइक के सामने खड़े होकर रिकॉर्ड करना था। तब मैं बहुत कांप रही थी। मुझे पता नहीं था कि माइक क्या होता है ये सब मेरे मन में नहीं आया था। हमारे पिताजी ने अपने गाने रिकॉर्ड करके रखे हुए थे। जब मैंने अपना पहला गाना गाया। तब मुझे एहसासा हुआ कि मैं भी गा सकती हूं। सिर्फ दीदी नहीं मैं भी गाना गा सकती हूं। वहां से जिंदगी शुरु हुई और मैं अभी तक खड़ी हूं हालांकि म्यूजिकल परिवार से जुड़े होने और लता मंगेशकर की बहन होने के बाद आशा भोसले की इंडस्ट्री में स्ट्रगल करना पड़ा था। उनका बड़ा कॉम्पिटिशन उनकी खुद की बहन लता ही थी। दोनों के गाने का अंदाज एकदम अलग था। लता मंगेेेेेशकर अपनी सुरीली आवाज में प्यार के गीत गाया करती थी। आशा कैबरे और डांस नंबर्स को लेकर मशहूर थी। इसके पीछे भी एक बड़ा कारण था। इंडिया टुडे के साथ एक पुराने इंटरव्यू में आशा भोसले ने बताया था कि करियर के शुरुआती दिनों में उनकी आवाज में भी लता मंगेशकर जैसी ही लगती थी। ऐसे में फिल्म प्रोडक्शन से जुड़ा एक शख्स कंफ्यूज हो गया था। आशा ने कहा था कि – मैं संगीतकारों के परिवार से आती हूं। मेरे पिता से लेकर बहनों तक सब सिंगर है। मेरी आवाज दीदी से मिलती जुलती थी। शुरुआत में जब मैं गाती थी तो मेरी आवाज दीदी जैसी ही निकलती थी। एक बार एक शख्स ने मुझे कॉल किया। उन दिनों म्यूजिक रिकॉर्ड्स पर एक्टर्स के नाम लिखे जाते थे। सिंगर्स के नहीं तो उस फिल्म में आशा एक्टर थी। उस रिकॉर्ड का नाम तब आशा पिक्चर्स रखा गया था। उन्होंने दीदी की आवाज को मेरा समझ लिया था। उन्होंने कहा कि ये आशा का गाना है मैंने साफ किया है नहीं ये मेरा नहीं मेरी बहन का गाना है। फिर उन्होंने मुझसे माफी मांगी थी। आशा भोंसले के मुताबिक ये वाकया उनकी नींदें उड़ा ले गया था। उन्होंने बताया था कि – मैंने सोचा कि यदि मैं दीदी की तरह ही गाती रहूंगी तो जब तक दीदी बिजनेस में है कोई मुझे काम नहीं देगा मेरा खुद का नाम और फेम नहीं होगा। उसे वाकये के बाद मैंने अपने सिंगिंग स्टाइल को बदलने की कोशिश की। मैंने इंग्लिश फिल्में देखने शुरु की ताकि मैं वेस्टर्न गाने सीख सकूं, समझ सकूं कि वो लोग अंग्रेजी में कैसे गाते हैं। मैंने कव्वाली और गजल गाना भी सीखा। अपनी आवाज को अलग-अलग तरह की गायिकी के हिसाब से बदलना भी सीखा।

बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

आशा भोसले के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज है। अपने टैलेंट के दम पर वह ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होने वाली पहली भारतीय महिला सिंगर बनी थी। आशा को 2005 में ग्रैमी अवॉरड के लिए नॉमिनेट किया गया था। इतना ही नहीं उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। 2011 में सबसे ज्यादा स्टूडियो रिकॉर्डिंग के लिए नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था। उन्होंने 20 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में 11 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं। इसी के चलते उन्हें ये बड़ा खिताब मिला है। आशा भोसले का नाम कई बार विवादों में भी रहा है। उनके मशहूर गानों में दम मारो दम और पिया तू अब तो आजा भी शुमार है। ये गाने उस दौर में काफी बोल्ड माने गए थे। इन्हें लेकर खूब विवाद भी हुआ। रिपब्लिक भारत ने बात करते हुए आशा भोसले ने खुलासा किया था कि आर. डी. बर्मन से इस बात को लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की थी कि वह उन्हें लगातार बोल्ड गाने दे रहे थे। सिंगर ने इसी दौरान खुलासा हुआ था कि जब वह फिल्म कारवां का गाना पिता तू अब तो आजा रिकॉर्ड कर रही थी तो गीतकार मजरुह सुल्तानपूरी बीच में ही स्टूडियो छोड़कर चले गए थे। उन्हें अपने लिखे शब्दों पर शर्मिंदगी महसूस हो रही थी इसलिए उन्होंने ऐसा किया था।      

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