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  • हरियाणा के मुख्य सचिव ने राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट

    हरियाणा के मुख्य सचिव ने राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज हरियाणा लोक भवन में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने मुख्य सचिव से प्रदेश से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इनके प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया, ताकि इन योजनाओं का लाभ अधिकतम पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सके। सुशासन एवं विकास की गति को बनाए रखने के लिए जनहितकारी योजनाओं का पारदर्शी, प्रभावी और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने माननीय राज्यपाल को शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के विभिन्न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में हो रही प्रगति से अवगत कराया। विकास कार्यों, प्रशासनिक सुधारों तथा जनकल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। बैठक के दौरान राज्य के समग्र विकास, सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई।

  • अमृत सरोवर प्लस योजना से हरियाणा को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने का खुल रहा है मार्ग : Shyam Singh Rana

    अमृत सरोवर प्लस योजना से हरियाणा को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने का खुल रहा है मार्ग : Shyam Singh Rana

    चंडीगढ़: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि अमृत सरोवर प्लस योजना से विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर हरियाणा बनाने का मार्ग खुल रहा है। इस देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में गांवों की अहम भूमिका है और गांव का विकास तालाबों, खेल, खलियानों और पर्यावरण के साथ संभव है। सरकार इन तालाबों को बनाने का कार्य कर सकती है और जीवंत रखने के लिए नागरिकों के सहयोग की जरूरत है।

    हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्याम सिंह राणा बुधवार को कुरुक्षेत्र में नये लघु सचिवालय के सभागार में विकास एवं पंचायत विभाग की तरफ से अमृत सरोवर प्लस योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा, हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा व अन्य सभी ने 6 करोड़ 18 लाख 33 हजार रुपए से तैयार विभिन्न गांवों के 15 तालाबों का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑनलाइन प्रणाली से सरपंचों व अधिकारियों को संबोधित किया।

    कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि देश में भाग्यशाली व धनवान लोग अपने ख्याति को प्रदर्शित करने के लिए कुआं या तालाब खुदवाते थे। उन जगहों पर मानव, पशु, पक्षी पानी पीते थे और घर के अन्य काम भी तालाबों के पानी से किए जाते थे। उन्होंने कहा कि तालाबों का अमृत सरोवर प्लस योजना के तहत किए जाने वाले सुधार केवल विकास कार्य नहीं है, बल्कि जल व पर्यावरण का संरक्षण है। जल व पर्यावरण हमारी बहुमूल्य धरोहर हैं, जो प्रदेश के बढ़ते कदमों का प्रमाण है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गांवों का लगातार विकास करवा रहे हैं। उन्हें पता है कि विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है और हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को एक-एक बूंद बचाकर उन्हें पानी देना होगा। तभी विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक हजार से ज्यादा तालाबों को अमृत सरोवर बनाने की अनुमति दी थी। जिन पर लगातार काम चल रह है, इनमें से 156 करोड़ 90 लाख रुपए से 329 तालाबों को अमृत प्लस योजना में समर्पित किया था। अब 222 करोड़ 97 लाख रुपये से 325 तालाबों को उद्घाटन किया है। इससे पता चलता है कि प्रदेश सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर पूरा भी करती है।

    सरकार ने हाल ही में पंचायती राज प्रतिनिधियों के सम्मान को बढ़ाया है। मानदेय में बढ़ोतरी की गई है और पूर्व प्रतिनिधियों की पेंशन को भी बढ़ाया है। महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने करते हुए महिला सशक्तिकरण को मजबूती के साथ पूरा किया है। भूमिहीन परिवारों के लिए गांवों में 100 गज और शहर में 50 गज के प्लाट वितरित किए जा रहे हैं। इसी तरह ग्रामीण सफाईकर्मियों का वेतन 16 हजार से बढ़ाकर 18100 रुपए किया है। इसके अलावा चौकीदारों का मानदेय 11 हजार रुपए, वर्दी भत्ता 4 हजार रुपए वार्षिक, साइकिल, बैटरी व लाठी भत्ता दिया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि अमृत सरोवर को जीवंत रखने और जन आंदोलन बनाने में जनता अपना सहयोग करें।

     

  • Punjab News: सुसाइड मामले में 4 पर मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्त से बाहर, देखें वीडियो

    Punjab News: सुसाइड मामले में 4 पर मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्त से बाहर, देखें वीडियो

    पठानकोटः जिले में व्यक्ति द्वारा आत्महत्या की गई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दरअसल, मृतक ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। इस सुसाइड नोट में उसने 4 लोगों पर आरोप लगाए थे। नोट में लिखा था कि उसे लगातार धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के किया गया है। पुलिस ने सुसाइड नोट और शुरुआती जांच के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि घटना के बाद से सभी आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

    वही इस बारे में जानकारी देते हुए मृतक के परिवार ने कहा कि मृतक ने सुसाइड से पहले सुसाइड नोट लिखा है जिसमें उसने चार लोगों द्वारा उसे मानसिक तौर पर परेशान करने और आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया है उन्होंने कहा कि उन्हें इंसाफ चाहिए और जिन लोगों द्वारा भी ऐसा किया गया है उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

    दूसरी ओर मामले की जांच कर रहे एसएचओ अमित कुमार का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

     

  • CM Bhagwant Singh Mann ने ‘SIR 2026’ के तहत गणना Form भरा, लोगों से वोट पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी करने की अपील

    CM Bhagwant Singh Mann ने ‘SIR 2026’ के तहत गणना Form भरा, लोगों से वोट पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी करने की अपील

    संगरूर: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लोगों को वोटर सूचियों की जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.)-2026 के तहत अपने वोट की पुष्टि के लिए गणना फॉर्म (एन्यूमरेशन फॉर्म) भरने का आह्वान किया। अपने वोट की पुष्टि के लिए गणना फॉर्म भरने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने लगभग 90 प्रतिशत वोटर सूची की मैपिंग का आंकड़ा पहले ही हासिल कर लिया है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी की भी वास्तविक वोट को काटने नहीं देगी।

    मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.)-2026 के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बी.एल.ओ) 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर जाकर वोटर सूचियों की पुष्टि और सुधाई कर रहे हैं। यह बहुत ही गर्व और संतुष्टि की बात है कि राज्य में लगभग 90 प्रतिशत वोटरों की मैपिंग पहले ही हो चुकी है और बाकी बचा काम भी युद्ध स्तर पर चल रहा है।”

    इस काम में जुटे स्टाफ को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस उपलब्धि के लिए मैं सभी बी.एल.ओ. और चुनाव आयोग के स्टाफ को बधाई देता हूं। यह सब उनकी लगन और कड़ी मेहनत के कारण ही संभव हुआ है।” B.L.Os की भूमिका का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बी.एल.ओज़. हर घर जाकर ‘गणना फॉर्म’ उपलब्ध करवा रहे हैं और वोटरों को इसे भरने में मदद भी कर रहे हैं। वोटरों की सुविधा के लिए फॉर्म के साथ कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं लिए जा रहे हैं। सिर्फ मौजूदा विवरणों की पुष्टि की ही जरूरत है।”

    इस प्रक्रिया के बारे में और जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया, “अगर कोई घर बंद मिलता है तो बी.एल.ओ. वहां सूचना पर्ची (इनफॉर्मेशन स्लिप) और स्टिकर लगाएगा। बी.एल.ओ. भरा हुआ फॉर्म लेने के लिए उस घर में कम से कम तीन बार दौरा करेंगे।” लोगों से बिना किसी देरी के इस प्रक्रिया को पूरा करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सिर्फ उन्हीं वोटरों के नाम वोटर सूची के मसौदे (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) में शामिल किए जाएंगे जो सही तरीके से भरा हुआ फॉर्म जमा करवाएंगे। अगर कोई फॉर्म जमा नहीं करवाता तो उसका नाम मसौदा सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।”

    फॉर्म जमा न करवाने वालों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जो लोग फॉर्म जमा नहीं करवाएंगे, उनके बारे में पड़ोसियों से पूछताछ करके जरूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी और ऐसे वोटरों को चार श्रेणियों में बांटा जाएगा, जिनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित हो चुके, मृतक और दोहरी वोट वाले वोटर शामिल हैं।” वोटर सूचियों के प्रकाशन की समय-सीमा साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया, “यह सूची राजनीतिक पार्टियों के बूथ लेवल एजेंटों (बी.एल.एज़.) के साथ साझा की जाएगी और वोटर सूची का मसौदा 3 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। अगर कोई वोटर वोटर सूची के मसौदे के प्रकाशन से पहले फॉर्म जमा नहीं करवा पाता तो वह 3 अगस्त से 2 सितंबर के बीच ‘डिक्लेरेशन फॉर्म’ के साथ फॉर्म-6 जमा करवाकर अपना दावा पेश कर सकता है। अंतिम वोटर सूची 1 अक्टूबर, 2026 को प्रकाशित की जाएगी।”

    हर पात्र वोटर के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान राज्य सरकार एक भी वास्तविक वोट को काटने नहीं देगी। राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और पात्र वोटरों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार से गैर-कानूनी तरीके से वंचित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।” लोगों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं हर पात्र वोटर से अपील करता हूं कि वह इस प्रक्रिया में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लें क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना है।”

     

  • Petrol Pump पर हुआ हंगामा, तेल डलवाने के बाद बंद हुई दर्जनभर बाइक, देखें वीडियो

    Petrol Pump पर हुआ हंगामा, तेल डलवाने के बाद बंद हुई दर्जनभर बाइक, देखें वीडियो

    रुद्रपुर: भारत सरकार के बायोफ्लूय कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को लेकर जहां तरह-तरह की चर्चाएं सुनने को मिल रही है। दरअसल, रुद्रपुर के ऊधमसिंह नगर में एचपी पेट्रोल पंप पर गंभीर आरोप लगे हैं। जहां पेट्रोल पंप पर उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब इस पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाने के बाद दर्जनों बाइक कुछ ही दूरी पर जाने के बाद बंद हो गईं, जिसे लेकर बाइक सवारों ने पेट्रोल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पेट्रोल में अत्यधिक इथॉनोल या किसी अन्य तरल पदार्थ की मिलावट का आरोप लगाया है। जब शक होने पर बाइकों की टंकी से पेट्रोल निकालकर देखा गया, तो उसका रंग अलग-अलग दिखाई दिया।

    मौके पर जब कुछ बाइकों से पेट्रोल निकालकर देखा गया तो उसका रंग अलग-अलग दिखाई दिया, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। बढ़ते विवाद के बीच पेट्रोल पंप प्रबंधन ने प्रभावित उपभोक्ताओं को निकाले गए पेट्रोल के पैसे वापस कर दिए। हंगामे के दौरान पेट्रोल पंप के सेल्स मैनेजर ने कुछ बाइकों के टैंक से पेट्रोल निकालकर दिखाया। पेट्रोल अलग-अलग रंग का दिखाई देने पर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। बाइक सवारों ने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ियों में मिलावटी पेट्रोल भरा गया है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। मामला बढ़ता देख पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने स्वीकार किया कि पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा अधिक होने के कारण कुछ वाहनों में दिक्कत आ रही है।

    इसके बाद प्रबंधन ने जिन उपभोक्ताओं की बाइकों से पेट्रोल निकाला गया, उन्हें उतनी राशि वापस कर दी। हालांकि इस पूरे मामले ने पेट्रोल की गुणवत्ता और ईंधन की जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा हैकि फिलहाल पेट्रोल पंप प्रबंधन ने प्रभावित लोगों को पैसे वापस कर दिए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी विनोद तिवारी ने बताया पेट्रोल पंप पर मिलावट पेट्रोल बेचने की शिकायत मिली थी, तत्काल पेट्रोल पंप को बंद करा दिया गया है, अब जांच की जा रही है उसके बाद आगे की कार्रवायी की जाएगी। बता दें कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाना भारत सरकार का एक प्रमुख बायोफ्यूल कार्यक्रम है, जिसके तहत कच्चे तेल के आयात को कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंड किया जाता है। भारत में वर्तमान में E20 (20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल) का इस्तेमाल व्यापक रूप से हो रहा है।

  • 3200 करोड़ के GST घोटाले के मामले में मास्टरमांड का बेटा गिरफ्तार, देखें वीडियो

    3200 करोड़ के GST घोटाले के मामले में मास्टरमांड का बेटा गिरफ्तार, देखें वीडियो

    कानपुरः 3200 करोड़ के अवैध लेन-देन और 4 अरब रुपये से ज्यादा के राजस्व का सरकार को चूना लगाने के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड के बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी 5 महीने से फरार चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपए का ईनाम रखा हुआ था। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान फैज आलम के रूप में हुई है। मुख्य आरोपी महफूज उर्फ पप्पू छुरी के बेटे फैज आलम को लखनऊ से गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया गया। आरोपी के खिलाफ 5 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस केस में इससे पहले गिरोह के 6 और 4 लूट के आरोपी जेल जा चुके हैं। इस पूरे प्रकरण की जांच प्रवर्तन निदेशालय ने मुकदमा दर्ज कर शुरू कर दी है। उनके दायरे में 12 बैंके भी हैं, जहां से इतने खाते बिना जांच के खुले और करोड़ों के लेनदेन हुए।

    पुलिस भी आरोपियों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा भी जुटा रही है। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के अनुसार, इस मामले की शुरुआत 16 फरवरी को चकेरी क्षेत्र में हुई 24 लाख रुपये की लूट से हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने लूट की रकम के तार जोड़ते हुए महफूज और उसके नेटवर्क तक पहुंच बनाई। जांच में सामने आया कि 68 बैंक खातों के माध्यम से लगभग 3200 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया था। आरोप है कि फर्जी फर्मों और बैंक खातों का उपयोग करके एक बड़ा हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क चलाया जा रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि फैज अपने पिता के साथ हवाला कारोबार संभालता था और वे दोनों नेपाल भी गए थे।

    इस हाई-प्रोफाइल मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी सक्रिय हो गया है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है और पुलिस से अब तक की कार्रवाई तथा आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। जांच में यह भी सामने आया है कि टेनरी संचालकों, कबाड़ कारोबारियों, स्लाटर फर्मों और अन्य व्यापारियों की काली कमाई को विभिन्न खातों के माध्यम से स्थानांतरित कर नकद निकाला गया। इस नेटवर्क के तार पंजाब, गुजरात, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश तक फैले होने की बात कही जा रही है। करोड़ों रुपये के इस लेनदेन में बैंक अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। हालांकि, पांच महीने बीत जाने के बाद भी किसी बैंककर्मी या कारोबारी पर कार्रवाई न होने से जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने बताया है कि सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

     

  • Punjab News: सड़क हादसे में अमरनाथ यात्रा पर जा रहे 4 श्रद्धालुओं की मौत, गाड़ी के उड़े परखच्चे, देखें वीडियो

    Punjab News: सड़क हादसे में अमरनाथ यात्रा पर जा रहे 4 श्रद्धालुओं की मौत, गाड़ी के उड़े परखच्चे, देखें वीडियो

    बठिंडाः जिले के बठिंडा-बीकानेर नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में अमरनाथ यात्रा पर जा रहे 4 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। दरअसल, राजस्थान से आ रही यात्रियों की ट्रैवलर गाड़ी गांव जोधपुर रोमाणा के पास खड़े एक ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई और 8 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए बठिंडा एम्स में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेंपो ट्रैवलर का अगला हिस्सा करीब 3-4 फीट तक अंदर धंस गया। हादसे के बाद वाहन में फंसे यात्रियों की चीख-पुकार मच गई। जिसे आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।

    श्रद्धालु हरमंदिर साहिब के दर्शन के बाद अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसा इतना भयानक था कि टेम्पो ट्रैवलर के परखच्चे उड़ गए। वहीं समाजसेवी संस्था के मुताबिक, गाड़ी में कुल 12 लोग सवार थे। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले निखिल ने कहा कि उनके माता-पिता की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि वह अमरनाथ यात्रा पर जा रहे थे।

    आज उन्हें रात के लिए अमृतसर में श्री अमृतसर साहिब में रुकना था। कल, वीरवार को जम्मू और कश्मीर के लिए निकलना था, जहां हमें अमरनाथ के दर्शन करने थे। ऐसे में जब वह नेशनल हाईवे पर आ रहे थे, तो उनका टेम्पो एक ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गया। उस गाड़ी में 12 लोग थे, जो रिश्तेदार हैं, जिनमें से 4 की मौत हो गई है, जिसमें उनके माता-पिता, चाची और एक अन्य रिश्तेदार शामिल हैं।” समाज सेवी संस्था ने बताया कि 3 शवों को सिविल अस्पताल भेजा गया था, जबकि एक व्यक्ति के शव को बठिंडा एम्स भेजा गया था। डॉक्टर लवदीप सिंह ने बताया कि आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज देखने के बाद पता चला है कि सभी लोग राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले थे।

  • Punjab News: Signal और Zangi App से हो रही हथियारों की तस्करी, 7 पिस्टल सहित 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: Signal और Zangi App से हो रही हथियारों की तस्करी, 7 पिस्टल सहित 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    डी-एडिक्शन सेंटर चलाने वाला निकला हथियार तस्करी का आरोपी

    अमृतसरः पंजाब सरकार की ऑर्गनाइज्ड क्राइम के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से चल रहे अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 अत्याधुनिक पिस्टल और 40 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सभी हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये तरनतारन क्षेत्र में पहले से निर्धारित स्थानों पर गिराए जाते थे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तरनतारन के सराणा (सुरसिंह) गांव के रहने वाले सुरजीत सिंह और गुलबाग सिंह बाठ के रूप में हुई है। सुरजीत सिंह पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में फरार चल रहा था, जिसमें 5,000 नशीली गोलियां बरामद हुई थीं। पुलिस ने खुलासा किया कि दूसरा आरोपी गुलबाग सिंह सुल्तानविंड स्थित भाई मंझ सिंह रोड पर एक डी-एडिक्शन सेंटर चला रहा था। पुलिस को शक है कि इस सेंटर की आड़ में अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। इस संबंध में सिविल सर्जन की टीम के साथ मिलकर रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और फंडों के स्रोतों की भी वित्तीय जांच शुरू कर दी गई है। बरामद हथियारों में एक 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल, एक तुर्की निर्मित .30 बोर पिस्टल, एक विशेष रूप से मॉडिफाइड .30 बोर पिस्टल, एक चीनी निर्मित .30 बोर पिस्टल और एक पाकिस्तानी निर्मित .30 बोर पिस्टल सहित कुल सात हथियार शामिल हैं। इसके अलावा 40 जिंदा .30 बोर कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि प्रारंभिक जांच से सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तान आधारित तस्करों से सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड एप्लीकेशन्स के जरिये संपर्क में थे। संचार के लिए व्हाट्सएप, सिग्नल और Zangi जैसी ऐप्स का उपयोग किया जाता था। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले कितनी बार हथियारों या नशीले पदार्थों की खेप मंगवाई गई थी और यह हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे। साथ ही अन्य डी-एडिक्शन सेंटरों की भूमिका को भी जांच के दायरे में लाया जा रहा है।    
  • बिलावल भुट्टो ने भारत के खिलाफ की तीखी बयानबाजी, सिंधु जल संधि को लेकर उठाया मुद्दा

    बिलावल भुट्टो ने भारत के खिलाफ की तीखी बयानबाजी, सिंधु जल संधि को लेकर उठाया मुद्दा

    नई दिल्ली: सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान में तनाव के बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जलदारी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की है। पाकिस्तान में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में बिलावल ने कहा कि यदि पाकिस्तान के पानी को रोकने की कोशिश की गई तो इसे सिर्फ पर्यावरण या कूटनीतिक विवाद नहीं बल्कि देश के अस्तित्व पर हमला माना जाएगा। बिलावल ने कहा था कि पाकिस्तान के परमाणु सिद्धांत में कुछ ऐसी परिस्थितियां तय की गई है जिनमें देश की अर्थव्यवस्था या जल संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंचाने की कोशिश राष्ट्रीय अस्तित्व के लिए खतरा मानी जाती है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान के पानी को रोकना न्यूक्लियर आर्मागेडन जैसी स्थिति बनाता है। इसका जवाब भी उसी गंभीरता से दिया जाएगा। जरदारी ने आरोप लगाया है कि भारत पानी का दबाव बनाने के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता है। बिलावल ने कहा कि सिंधु नदी पाकिस्तान के लिए कोई सौदेबाजी का मुद्दा नहीं बल्कि देश की जीवनरेखा है इसलिए पाकिस्तान अपने पानी, अपनी संधि अपनी संप्रभुता और अपने भविष्य की रक्षा हर हाल में करेगा।

    कानून के दायरे में हम साथ रहना चाहते हैं

    बिलावल ने कहा कि – ‘हम शांति चाहते हैं कि लेकिन सम्मान के साथ हम बातचीत चाहते हैं लेकिन कानून के दायरे में हम साथ रहना चाहते हैं लेकिन किसी के सामने झुककर नहीं है। उन्होंने दावा किया है कि यदि कोई यह सोचता है कि पाकिस्तान अपने पानी के अधिकार छोड़ देगा तो वह पाकिस्तान की जनता को नही जानता है’।

    80 प्रतिशत कृषि सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है

    भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। इसके बाद से पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहा है। पाकिस्तान की करीबन 80 प्रतिशत कृषि सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है इसलिए इस संधि को वहां बेहद जरुरी माना जाता है। यह पहली बार नहीं है जब बिलावल ने इस मुद्दे पर धमकियों भरा बयान दिया है। 2025 में भी उन्होंने कहा था कि या तो सिंधु में हमारा पानी बहेगा या उनका खून। अब एक बार फिर उन्होंने परमाणु सिद्धांत का हवाला देकर संकेत दिया है कि पाकिस्तान इस मुद्दे को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और अस्तित्व से जोड़कर देख रहा है।
  • Punjab News: हाईकोर्ट से पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को लगा झटका

    Punjab News: हाईकोर्ट से पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को लगा झटका

    होशियारपुरः पंजाब के पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने रिश्वत मामले में दर्ज एफआईआर और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को रद्द करने की मांग वाली उनकी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि याचिका आधारहीन है और इसमें कोई मेरिट नहीं है। सुंदर शाम अरोड़ा कांग्रेस सरकार में उद्योग मंत्री रह चुके है और उन्हें 2022 में विजिलेंस ब्यूरो ने अपने सहायक महानिरीक्षक (एआईजी) को 50 लाख रुपये की रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

    आरोप था कि आय से अधिक संपत्ति के मामले से अपना नाम निकलवाने के लिए उन्होंने एआईजी को एक करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की थी। विजिलेंस के अनुसार, अरोड़ा पहली किस्त के तौर पर 50 लाख रुपये लेकर पहुंचे थे, तभी उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया था। इसी मामले में दर्ज एफआईआर और उसके आधार पर चल रही ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को रद्द करने के लिए उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया। हालांकि, इस मामले में सुंदर शाम अरोड़ा को पहले ही पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से नियमित जमानत मिल चुकी है।