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  • पंजाबः 20 साल की लड़की ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में हुआ हैरानजनक खुलासा 

    पंजाबः 20 साल की लड़की ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में हुआ हैरानजनक खुलासा 

    अमृतसरः जिलें में एक लड़के से तंग आकर युवती ने पंखे के हुक से लटक आत्महत्या कर ली है। मरने से पहले लड़की ने सुसाइड नोट में आरोपी के बारे में बताया। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर आरोपी को पकड़ने के लिए छापामारी शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान कर्मपुरा नवी आबादी निवासी आशू के रूप में हुई है।

    मृतक के पिता रणजीत सिंह ने जानकारी दी कि उनकी छोटी बेटी की उम्र तकरीबन 20 साल थी। वह ब्यूटी एवेन्यू में घर पर काम करती थी और वहीं रहती थी, लेकिन पास में ही रहने वाला आशू उसे बहुत परेशान करता था। उसके साथ कई बाद आरोपी ने छेड़छाड़ करने का भी प्रयास किया। उनकी बेटी आशू के कारण तनाव में थी। कई बार समझाने पर भी वह नहीं माना। अंत में उसने ब्यूटी एवेन्यू में पंखे के हुक से लटक आत्महत्या कर ली।

    रणजीत सिंह ने बताया कि ब्यूटी एवेन्यू, जहां उनकी बेटी काम करती थी, वहां की मालकिन ने उनकी बेटी को लटके देखा। जब वह घर की पहली मंजिल पर गई तो वहां कमरे में बने बाथरूम के अंदर पंखा लगाने के लिए लगे हुक से लड़की ने फंदा लगाया। जब तक उसे उतारा गया, वह मर चुकी थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम करवाकर परिवार को दे दिया है।

  • पंजाबः भारी मात्रा में हथियारों सहित मूसा गैंग के 12 सदस्य गिरफ्तार

    पंजाबः भारी मात्रा में हथियारों सहित मूसा गैंग के 12 सदस्य गिरफ्तार

    खन्नाः पंजाब में क्राइम को खत्म करने के लिए चलाई गई मुहिम के तहत पुलिस ने भारी मात्रा में सफलता हासिल की है। पुलिस ने मूसा गैंग के 12 सदस्यों को किया गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना हरदीप सिंह मूसा भी काबू किए गए आरोपियों में शामिल हैं। ज्यादातर आरोपी खन्ना और आसपास के क्षेत्र के रहने वाले हैं। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार भी पुलिस ने बरामद किए हैं। मंगलवार को एसएसपी खन्ना रवि कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में इसका खुलासा किया है।

    उनके साथ एसपी (डी) डॉ प्रज्ञा जैन, डीएसपी (डी) मनजीत सिंह, डीएसपी खन्ना विलियम जेजी, सीआईए इंचार्ज गुरमीत सिंह और एसएचओ सिटी कुल्जिन्दर सिंह भी मौजूद थे। एसएसपी ने बताया कि 25 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि मूसा गैंग के सदस्य हाइवे व अन्य स्थानों पर लोगों से हथियारों के बल पर लूटते हैं। इसके अलावा वे फिरौती के लिए भी लोगों को धमकाते हैं। पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। इनमें से एक आरोपी कुलवंत सिंह उर्फ लाला निवासी लसाड़ा थाना मलौद के खिलाफ समराला थाना में हत्या का मामला दर्ज है और वह पुलिस की गिरफ्त में है। इसके अलावा सदर थाना पुलिस ने 25 अगस्य को ही शुभम अरोड़ा को एक पिस्तौल के साथ पुलिस ने काबू किया।

    पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों की पहचान गिरोह के सरगना हरदीप सिंह उर्फ मूसा निवासी वार्ड 4, दहलीज रोड, मंडी अहमदगढ़, जिला मलेरकोटला, धीरज बत्ता निवासी गली नम्बर 4, खालसा स्कूल रोड, खन्ना, अमरिंदर सिंह उर्फ प्रिंस निवासी गली नम्बर 4बी, गुलमोहर नगर, खन्ना, मनदीप सिंह उर्फ बंटी निवासी वार्ड 31, समराला रोड, खन्ना, हरचेत सिंह उर्फ चेतु, निवासी गुरु हरकृष्ण नगर, खन्ना, अंकुश शर्मा भारद्वाज निवासी गली नम्बर 4, कृष्ना नगर, खन्ना, मनीष कुमार उर्फ दिल्ली निवासी सेक्टर 22, संगतपुरा, मंडी गोबिंदगढ़, संदीप कुमार उर्फ बॉक्सर निवासी उत्तम नगर, खन्ना, जगविंदर सिंह उर्फ जंपी निवासी जालोवाल, जिला फतेहगढ़ साहिब, रणजीत सिंह उर्फ जीता निवासी गांव सेह, समराला, गुरप्रीत सिंह उर्फ पप्पल निवासी इकबाल नगर, मंडी गोबिंदगढ़, लखवीर सिंह उर्फ लक्खा निवासी दहलीज रोड, मंडी गोबिंदगढ़ के रूप में हुई है।

  • अब इस देश में हुए श्रीलंका जैसे हालात, कई लोगों की मौत, कर्फ्यू लागू, देखें वीडियो

    अब इस देश में हुए श्रीलंका जैसे हालात, कई लोगों की मौत, कर्फ्यू लागू, देखें वीडियो

    बगदादः श्रीलंका संकट याद होगा आपको! दो महीने पहले की ही बात है। आम जनता राष्ट्रपति भवन में घुस गई थी। हर तरफ उत्पात और हिंसा का माहौल था। अब बिलकुल ऐसे ही हालात एक और देश में बन गए हैं। यहां भी आम जनता राष्ट्रपति भवन में घुस गई है। स्विमिंग पूल से लेकर अन्य सामानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अराजकता और अव्यवस्था से भर रहे इस देश का नाम है इराक। इराक सेना ने बढ़ते तनाव को शांत करने करने के लिए से देश में कर्फ्यू की घोषणा कर दी है।

    राष्ट्रपति भवन रिपब्लिकन पैलेस में घुसें प्रदर्शनकारी

    हालात ये हैं कि इराक की राजधानी बगदाद में फैली अराजकता अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। वीडियोज में देखा जा सकता है कि किस तरह उग्र प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन रिपब्लिकन पैलेस में घुस गए हैं। स्विमिंग पूल में गोते लगाए जा रहे हैं। सामानों का इस्तेमाल किया रहा है। कई जगह पर हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी हुई हैं।

    मशहूर नेता धर्मगुरु मुक्तदा अल-सद्र ने की थी राजनीति से संन्यास की घोषणा

    बता दें कि सोमवार को इराक के मशहूर नेता धर्मगुरु मुक्तदा अल-सद्र ने देश की राजनीति से संन्यास की घोषणा की थी। इसके बाद उनके सैकड़ों समर्थकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि इस पूरे माहौल की जड़ें अक्टूबर 2021 से जुड़ी हैं। साल 2021 के अक्टूबर महीने में इराक में आम चुनाव हुए थे। इस दौरान धर्मगुरु मुक्तदा अल-सद्र की पार्टी ने सबसे अधिक सीटें जीती थीं लेकिन वह बहुमत तक नहीं पहुंच पाए थे। तब बहुमत हासिल करने के लिए उन्होंने ईरान समर्थित शिया प्रतिद्वंद्वियों के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया था।

    अल-सद्र के संन्यास की घोषणा के बाद उनके समर्थक हुए उग्र

    इसके बाद इराक के अन्य राजनीतिक दलों ऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क ब्लॉक की तरफ से मोहम्मद अल-सुडानी के नाम का ऐलान कर दिया। लेकिन इराक की जनता मोहम्मद अल-सुडानी को प्रधानमंत्री के रूप में नहीं चाहती। उनका कहना था कि किसी सूडानी को देश कमान नहीं सौंपने देंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक उस वक्त भी उनके समर्थक प्रतिद्वंद्वियों को सरकार बनाने से रोकने के लिए संसद में घुस गए थे। अब एक बार फिर जब अल-सद्र ने जब संन्यास की घोषणा की है तो उनके समर्थक उग्र हो गए हैं। हालांकि राजनीतिक जानकार अल-सदर के इस कदम को भी राजनीति बढ़त हासिल करने का एक दांव मान रहे हैं। हालांकि इस सबके बीच देश के हालात जरूर खराब होते नजर आ रहे हैं।

    अब तक के 5 बड़े अपडेट

    1. इराक सेना ने बढ़ते तनाव को शांत करने करने के लिए से देश में कर्फ्यू की घोषणा कर दी है।

    2. धर्मगुरु अल सद्र के समर्थकों से अपील भी की गई है कि वह हिंसक प्रदर्शन रोकें और सरकारी आवास से तुरंत बाहर आ जाएं। फिर भी आशंका जताई जा रही है कि इराक में हालात खराब हो सकते हैं। 

    3.रिपोर्ट्स के मुताबिक इन विरोध प्रदर्शनों में 300 प्रदर्शनकारी घायल हो गए। अल-सदर के सर्मथकों और सुरक्षाबलों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 प्रदर्शनकारियों की मौत की बात भी कही जा रही है।

    4. बता दें कि इराक में पिछले 10 महीने से ना तो सरकार है ना ही कोई सक्रिय मंत्रीमंडल। यह वजह भी है कि देश में लगातार अराजकता की स्थिति बढ़ती जा रही है।

    5. यह भी बताया जा रहा है कि अल सद्र बीते एक महीने से जल्द चुनाव कराने और संसद को भंग करने की मांग कर रहे थे। अब उन्होंने ट्विटर पर अपने संन्यास का ऐलान करते हुए लिखा था- मैं अपने फाइनल विड्रॉ की घोषणा करता हूं।

  • पंजाबः सरकार ने चार और क्षेत्रों को अफ्रीकी स्वाईन फीवर से प्रभावित ज़ोन किया घोषित

    पंजाबः सरकार ने चार और क्षेत्रों को अफ्रीकी स्वाईन फीवर से प्रभावित ज़ोन किया घोषित

    पटियालाः पंजाब सरकार द्वारा ज़िला पटियाला के चार और क्षेत्रों को अफ्रीकन स्वाईन फीवर से प्रभावित ज़ोन घोषित किया गया है। पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि ज़िले के गाँव रवास ब्राह्मणां, गंगरोला, बाबू सिंह कॉलोनी अबलोवाल और बाबा जीवन सिंह बस्ती पासी रोड पटियाला बीमारी के केंद्र के तौर पर नोटीफ़ाई किए गए हैं।

    उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आई.सी.ए.आर) -राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल ने इन स्थानों से सूअरों के सैंपलों में अफ्रीकन स्वाईन फीवर की पुष्टि की है, जिसके बाद पशु पालन विभाग ने तुरंत कार्यवाही करते हुए बीमारी के इन केन्द्रों से 0 से 1 किलोमीटर तक के क्षेत्र को ‘‘संक्रमित ज़ोन’’ और 1 से 10 किलोमीटर (9 किलोमीटर) तक क्षेत्र को ‘‘निगरानी ज़ोन’’ घोषित किया है।

    कैबिनेट मंत्री ने बताया कि ‘‘अफ्रीकन स्वाईन फीवर के नियंत्रण और ख़ात्मे के लिए राष्ट्रीय कार्य-योजना (जून 2020)’’ के मुताबिक इन क्षेत्रों में कोई भी जिन्दा/मरा हुआ सूअर (जंगली सूअरों समेत), नॉन-प्रोसैस्ड सूअर का मीट, सूअर पालन फार्म या बैकयार्ड सूअर पालन से कोई भी फीड या सामग्री/सामान इन्फ़ैकटिड ज़ोन से बाहर नहीं ले जाया जाएगा, ना ही ज़ोन में लाया जाएगा। कोई भी व्यक्ति सूचीबद्ध बीमारी से संक्रमित किसी भी सूअर या सूअर उत्पाद को मार्केट में नहीं लाएगा और ना ही लाने की कोशिश करेगा।

    कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने लोगों से अपील की कि यह बीमारी पशुओं से मनुष्यों में नहीं फैलती। इस लिए घबाराने की ज़रूरत नहीं। उन्होंने कहा कि यह बहुत घातक बीमारी है जिससे सावधानियाँ अपनाकर ही बचाव किया जा सकता है। सूअर पालकों को बीमारी की रोकथाम के लिए सरकार को सहयोग करने की अपील करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सूअर पालक दूसरे फार्मों और दूसरे स्थानों पर या ज़िलों में ना जाएँ और सूअरों के लिए ख़ुराक अपने फार्म पर ही तैयार करें। इसके अलावा सूअर व्यापारियों एवं कारोबारियों और उनके वाहनों को भी अपने फार्मों पर आने से सख़्ती से रोका जाए।

  • पंजाबः एक साल में सड़क हादसों में 4516 लोगों की हुई मौत, NCRB ने जारी किए आकंड़े

    पंजाबः एक साल में सड़क हादसों में 4516 लोगों की हुई मौत, NCRB ने जारी किए आकंड़े

    चंडीगढ़ः पंजाब में साल 2021 में सड़क हादसों में 4516 लोगों ने जान गंवा दी जबकि 3034 लोग घायल हुए थे। पूरे साल के दौरान राज्य की सड़कों पर 6097 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। यह आंकड़े नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट से सामने आए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में पूरे देश में 4.22 लाख सड़क हादसे हुए थे। इनमें 1.73 लाख लोगों ने जान गंवा दी।

    सबसे ज्यादा 24711 मौतें उत्तर प्रदेश की सड़कों पर हुईं जबकि तमिलनाडु 16685 मौतों के साथ सड़क हादसों में दूसरे स्थान पर है। रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया गया है कि कड़े यातायात नियमों और सुधारित सड़क प्रबंधन के बावजूद 2021 में देश में सड़क हादसों की संख्या बीते वर्ष 2020 के मुकाबले अधिक रही। वर्ष 2021 में कुल 4,22,659 सड़क हादसे हुए जबकि 2020 में यह संख्या 3,68,828 थी। रिपोर्ट के अनुसार आमतौर पर सड़क हादसों में मौतों से ज्यादा लोग घायल होते हैं लेकिन मिजोरम, पंजाब, झारखंड और उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों में लोगों के घायल होने की तुलना में ज्यादा मौतें हो रही हैं।

    मिजोरम में 64 सड़क हादसों में 64 लोगों की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए थे। पंजाब में 6,097 सड़क दुर्घटनाओं में 4,516 लोगों की मौत हुई और 3,034 लोग घायल हुए थे। झारखंड में, 4,728 सड़क दुर्घटनाओं में 3,513 लोगों की मौत हुई और 3,227 लोग घायल हुए थे। उत्तर प्रदेश में, 33,711 सड़क दुर्घटनाओं में 21,792 लोगों की मौत हुई और 19,813 लोग घायल हुए थे। 2020 से 2021 के बीच राज्यों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि तमिलनाडु (46,443 से 57,090 तक) में दर्ज की गई। इसके बाद मध्य प्रदेश (43,360 से 49,493), उत्तर प्रदेश (30,593 से 36,509), महाराष्ट्र (24,908 से 30,086) और केरल (27,998 से 33,051) का स्थान है।

  • जालंधरः शेखा बाजार में तहबाजारी की कार्रवाई, बिट्टू परदेसी का सामान उठाकर लेकर गई टीम, देखें वीडियो

    जालंधरः शेखा बाजार में तहबाजारी की कार्रवाई, बिट्टू परदेसी का सामान उठाकर लेकर गई टीम, देखें वीडियो

    जालंधर/वरुणः महानगर के शेखा बाजार में एक बार फिर से लोगों ने अवैध कब्जे करने शुरू कर दिए। इस मामले की सूचना मिलने पर आज नगर निगम की तहबाजारी टीम ने शेखा बाजार में कार्रवाई की। तहबाजारी की टीम ने शेखा बाजार में स्थित बिट्टू परदेसी नामक दुकान का सामन उठाकर साथ ले गई।

    बता दें कि अर्बर स्टेट में स्थित मशहूर बिट्टू परदेसी के भाई की यहां पर बिट्टू परदेसी के नाम से दुकान है, तहबाजारी ने कार्रवाई करते हुए बताया जा कि बिट्टू परदेसी नामक दुकानदार ने अपनी दुकान के बाहर रेहड़ी लगाकर अवैध कब्जा किया हुआ था, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि तहबाजारी टीम ने पहले भी शेखा बाजार में अवैध कब्जों को लेकर कार्रवाई की थी और लोगों को अवैध कब्जा ना करने की चेतावनी भी दी थी।

  • विधानसभा चुनाव 2022 के लिए समितियां गठित

    विधानसभा चुनाव 2022 के लिए समितियां गठित

    डीपीआरओ कार्यालय में होगा मीडिया सेंटर

    ऊना/सुशील पंडित: विधानसभा सामान्य चुनाव-2022 के दृष्टिगत जिला में विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। यह जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ऊना राघव शर्मा बताया कि विधानसभा सामान्य चुनाव 2022 में भाग लेने वाले प्रत्याशियों द्वारा चुनावों में व्यय किए जाने खर्च की निगरानी हेतू जिला स्तरीय व्यय निगरानी समिति का गठन किया गया है। समिति के अध्यक्ष जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त होंगे। जबकि भारत निर्वाचन आयोग के व्यय पर्यवेक्षक विधानसभा के प्रभारी रहेंगे। इसके अलावा नोडल अधिकारी (अतिरिक्त उपायुक्त) को व्यय निगरानी सेल का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

    मीडिया सेंटर
    राघव शर्मा ने बताया कि जिला में चुनावों से संबंधित जारी होने वाली सूचनाओं के प्रचार-प्रसार हेतू जिला लोक सम्पर्क अधिकारी के कार्यालय को मीडिया सेंटर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि मीडिया सेंटर के प्रभारी जिला लोक सम्पर्क अधिकारी होंगे तथा मीडिया सेंटर का दूरभाष नंबर 01975-226059 तथा ईमेल dprounahp@gmail.com   है।

    शिकायत निगरानी नियंत्रण कक्ष और काॅल सेंटर
    जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान भ्रष्टाचार पर निगरानी करने हेतू जिला राजस्व अधिकारी के कार्यालय में शिकायत निगरानी नियंत्रण कक्ष और काॅल सेंटर बनाया गया है। यह शिकायत निगरानी नियंत्रण कक्ष और कॉल सेंटर चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने तक 24 घंटे और सप्ताह के सातो दिन क्रियाशील रहेगा। इसके लिए जिला राजस्व अधिकारी को नोडल आॅफिसर नियुक्त किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 01975-226068 रहेगा।

    रिलीज़ समिति गठित
    डीसी ने बताया कि विधानसभा सामान्य चुनाव 2022 के संबंध में पुलिस, उड़न दस्ते या स्टैटिक सर्वेलाइंस टीमों द्वारा चुनावों से संबंधित जारी आदर्श आचार सहिंता संचालन प्रक्रिया का पालन और अन्य वस्तुओं की जब्ती के लिए रिलीज़ समिति गठित की गई है। समिति के नोडल अधिकारी व्यय निगरानी सेल (अतिरिक्त उपायुक्त) ऊना अध्यक्ष होंगे। जबकि सचिव जिला परिषद सह जिला पंचायत अधिकारी और जिला कोषाधिकारी समिति के सदस्य नियुक्त किए गए हैं।

  • होशियारपुरः खेतों में पलटी बच्चों से भरी स्‍कूल बस, 30 बच्‍चे थे सवार

    होशियारपुरः खेतों में पलटी बच्चों से भरी स्‍कूल बस, 30 बच्‍चे थे सवार

    होशियारपुरः पंजाब में होशियारपुर ज़िला स्थित गढ़दीवाला इलाके में स्‍कूली बच्‍चों के साथ हादसा होने का मामला सामने आया है। बस एक स्‍कूल के बच्‍चों को लेकर जा रही थी, तभी फिसलकर खेत में जा पलटी। बस में लगभग 30 बच्चे सवार थे। हादसे के दौरान वहां चीख-पुकार मच गई। बस पलटी देखकर स्‍थानीय लोग दौड़े चले आए। बच्‍चों को निकाला जाने लगा।

    एक स्‍थानीय ने बताया कि, यह बस हार्वर्ड इंटरनेशनल स्‍कूल (भटोली-ब्राह्मणां) की है। हादसा तब हुआ जब बस फतहेपुर लिंक रोड से गुजर रही थी। हार्डवर्ड इंटरनेशनल स्कूल भटोली ब्राह्मणा, होशियारपुर ज़िले में ही है। यहां सैकड़ों बच्‍चे पढ़ते हैं। हार्वर्ड इंटरनेशनल स्‍कूल (भटोली-ब्राह्मणां) के प्रबंधन के अनुसार, उनके यहां 5 बसों का बेड़ा है।

    इन बसों के लिए 6 ड्राइवरों की एक टीम है और इतने ही कंडक्‍टर भी हैं। उनकी बसें विभिन्न इलाकों से विद्यार्थियों को स्‍कूल लाती और वापस छोड़कर आती हैं। जो हादसा आज हुआ, वह फतहेपुर लिंक रोड पर हुआ है। हादसे के बारे में अधिक जानकारी की प्र‍तीक्षा है।

  • कांग्रेस में बड़ी टूट, पूर्व उपमुख्यमंत्री सहित 50 नेताओं ने दिया पार्टी से इस्तीफा

    कांग्रेस में बड़ी टूट, पूर्व उपमुख्यमंत्री सहित 50 नेताओं ने दिया पार्टी से इस्तीफा

    श्रीनगरः कांग्रेस पार्टी की जम्मू कश्मीर ईकाई में बड़ी टूट पड़ गई है। गुलाम नबी आजाद के समर्थन में राज्य कांग्रेस के 50 नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी से इस्तीफा देने वाले कुछ बड़े नेताओं में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री ताराचंद, पूर्व मंत्री अब्दुल मजीद वानी, पूर्व मंत्री चौधरी गारुराम, पूर्व मंत्री मनोहर लाल शर्मा, पूर्व विधायक बलवान सिंह, पूर्व डिप्टी स्पीकर गुलाम हैदर अली और युवा नेता नरेंद्र शर्मा शामिल हैं। इससे पहले 26 अगस्त को कांग्रेस नेता जीएम सरूरी, हाजी अब्दुल राशिद, मोहम्मद अमीन भट, गुलजार अहमद वानी, चौधरी मोहम्मद अकरम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री आरएस चिब ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

    गौरतलब है कि गुलाम नबी आजाद ने 26 अगस्त को कांग्रेस छोड़ दी थी। उन्होंने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। आजाद अब अपनी नई पार्टी बनाएंगे और जम्मू-कश्मीर की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसी महीने 16 अगस्त को कांग्रेस ने आजाद को जम्मू-कश्मीर प्रदेश कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष बनाया था। लेकिन आजाद ने अपनी नियुक्ति के 2 घंटे बाद ही पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि यह मेरा डिमोशन है।

    दरअसल, 73 वर्षीय गुलाम नबी आजाद जम्मू कश्मीर कांग्रेस की कमान संभालना चाह रहे थे, लेकिन आलाकमान ने उनकी बजाय 47 साल के विकार रसूल वानी को यह जिम्मेदारी दे दी। वानी को गुलाम नबी आजाद का बेहद करीबी बताया जाता है। वह बानिहाल से विधायक रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि आजाद को आलाकमान का यह फैसला पसंद नहीं आया था। उन्होंने इस फैसले को अपने करीबी नेताओं को तोड़ने की साजिश की तरह लिया था और आखिरी में कांग्रेस का हाथ छोड़ने का फैसला किया।

    सोनिया गांधी को भेजे अपने 5 पन्नों के त्यागपत्र में आजाद ने यह भी लिखा था कि कांग्रेस की चिंता करने वाले और सुधारों की मांग कर रहे नेताओं को गालियां दी गईं, बदनाम किया गया। उन्होंने कांग्रेस की बर्बादी के लिए सीधे तौर पर राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि वह गंभीर व्यक्ति नहीं हैं और चाटुकारों से घिरे हुए हैं। आजाद ने अपने इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस को उनके दुआओं की नहीं बल्कि कड़वी दवाओं की जरूरत है।

  • पंजाबः Fssai ने फूड सप्लाई विभाग को जारी की हिदायतें, नहीं मानें तो होगी कार्रवाई

    पंजाबः Fssai ने फूड सप्लाई विभाग को जारी की हिदायतें, नहीं मानें तो होगी कार्रवाई

    चंडीगढ़ः भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा पंजाब के खाद्य आपूर्ति विभाग को जारी किए गए। निर्देशों के बाद अब हर दुकानदार और रेहड़ी वाले के लिए खाद्य सुरक्षा लाइसेंस प्राप्त करना आवश्यक कर दिया गया है। बता दें कि एफएसएसएआई की ओर से जारी निर्देश में अब दुकानदार के लिए एक सर्टिफिकेट रखना अनिवार्य होगा, जिसके तहत वह अपना सामान बेच सकेगा।

    इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए लुधियाना खाद्य सुरक्षा अधिकारी गुरप्रीत सिंह ने कहा कि एफएसएसआई द्वारा जारी निर्देशों पर पंजाब सरकार को एक अधिसूचना जारी की गई है, जारी हुए निर्देशों के अनुसार पूरे पंजाब में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभागों को आदेश जारी हो गए है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दुकानों के लिए ही नहीं बल्कि खाने-पीने की रेहड़ी वालों के लिए भी जरूरी है।

    उन्होंने कहा कि एक गुरदासपुर कंपनी को ठेका दिया गया है जो वहां जाकर दुकानदारों सहित लोगों को जागरूक करेगी और इस संबंध में एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा और इसका उल्लंघन करने या इसका पालन नहीं करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस बीच उन्होंने लोगों से जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।