Home Government News>Haryana Govt अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित हुआ ऐतिहासिक ‘अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार’

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित हुआ ऐतिहासिक ‘अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार’

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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित हुआ ऐतिहासिक ‘अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार’

चंडीगढ़: अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (IGM) 2026 के तहत जापान के प्रतिष्ठित टोक्यो विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार में भारत और जापान के विद्वानों, दार्शनिकों, राजनयिकों, उद्योगपतियों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश पर विचार-विमर्श किया। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि गीता किसी एक धर्म या देश तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्गदर्शक ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर के तनाव, अस्थिरता और वैश्विक संघर्षों के बीच गीता का निष्काम कर्मयोग और मानसिक संतुलन का संदेश विश्व को शांति और समरसता की दिशा दिखा सकता है। स्वामी गुरुशरणानंद जी महाराज ने भी गीता को जीवन जीने की कला बताते हुए इसके आध्यात्मिक और व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री का विशेष वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया।

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि गीता समय, संस्कृति, भाषा और धर्म की सीमाओं से परे मानवता को मार्गदर्शन देने वाला कालजयी ज्ञानग्रंथ है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की वैश्विक यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2016 में शुरू हुआ यह अभियान आज अनेक देशों तक पहुंच चुका है और शांति, सद्भाव तथा मानवीय मूल्यों के वैश्विक आंदोलन के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने भारत और जापान के बीच साझा सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि गीता दोनों देशों के बीच सहयोग और संवाद का सशक्त सेतु बन सकती है। सेमिनार में जापान के विद्वानों, भारत के दूतावास के प्रतिनिधियों तथा पूर्व राजदूत सतोशी सुजुकी ने भी भारत-जापान संबंधों को मजबूत बनाने में ऐसे आयोजनों की भूमिका की सराहना की।

कार्यक्रम में जापानी विद्वानों को महाभारत और गीता पर उनके उत्कृष्ट शोध एवं अनुवाद कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा पहली बार अष्टाध्यायी गीता का जापानी भाषा में अनुवाद प्रकाशित कर अतिथियों को भेंट किया गया। टोक्यो विश्वविद्यालय में स्थापना हेतु गीता भी भेंट की गई। भारतीय और जापानी सांस्कृतिक परंपराओं के समन्वय से प्रस्तुत विशेष फ्यूजन सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और 14 दिवसीय ऑनलाइन गीता क्विज प्रतियोगिता ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया। टोक्यो विश्वविद्यालय में आयोजित यह सेमिनार केवल एक अकादमिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत और जापान के बीच आध्यात्मिक संवाद, सांस्कृतिक सहयोग और वैश्विक शांति के साझा संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा।

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