दरअसल, हादसे का शिकार हुई स्पीडबोट होन मे रुट द्वीप से एन थोई बंदरगाह जा रही थी, तभी किनारे से लगभग 400 मीटर दूर वह पलट गई। उस समय समुद्र में हालात खराब थे। ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में राहतकर्मियों को भारी मुश्किल का सामना करना पड़ा। सर्च ऑपरेशन के बाद 15 मौतों की पुष्टि की गई है। हादसे की वजह तुरंत साफ नहीं हो पाई है। फिलहाल इसके पीछे का कारण जानने के लिए जांच चल रही है। वियतनाम में भारतीय दूतावास ने शनिवार शाम को अपने बयान में कहा है कि एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम में फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। घटना की सटीक जानकारी का पता लगाया जा रहा है क्योंकि स्थानीय अधिकारियों द्वारा खोज और बचाव अभियान जारी है। दूतावास ने कहा कि उसने प्रभावित परिवारों की मदद करने और जानकारी देने के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में कंट्रोल रूम बनाए हैं। प्रभावित परिवारों को जानकारी और सहायता प्रदान करने के लिए, हो ची मिन्ह सिटी में भारत के वाणिज्य दूतावास में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। हनोई में भी एक और कंट्रोल रूम बनाया गया है। दूतवास ने हो ची मिन्ह सिटी में भारत के कॉन्सुलेट जनरल में जो कंट्रोल रूम बनाया गया है, उस पर इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414। वहीं हनोई में +84 91 308 9165 पर संपर्क कर जानकारी ली जा सकती है। भारतीय दूतावस ने सोशल मीडिया पर कहा है कि हम हादसे के पीड़ितों के लिए किसी भी तरह की मदद और घटना से जुड़े सवालों के लिए उपलब्ध हैं।View this post on Instagram
Blog
-

बड़ा हादसाः समुद्र में पलटी भारतीय पर्यटकों से भरी स्पीडबोट, 15 की मौत, देखें वीडियो
हनोई: दक्षिणी वियतनाम में फु क्वोक द्वीप के पास बड़ा हादसा हो गया। दरअसल, भारतीय पर्यटकों से भरी स्पीडबोट पलट गई। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है। बोट पर कुल 4 क्रू मेंबर्स समेत 36 लोग सवार थे। वहीं घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे अधिकारियों द्वारा रेस्क्यू करके 21 लोगों को बचा लिया गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हादसा सुबह 10:30 बजे हुआ। अधिकारियों ने बताया कि नाव में कुलत 36 लोग सवार थे। नाव के पलटने के बाद 21 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया लेकिन 15 लोग डूब गए। इस घटना में ज्यादातर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के पर्यटक थे। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को हुई इस दुर्घटना पर दुख जताया है और पीड़ितों की सभी संभव मदद की बात कही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे की वजह समुद्र की ऊंची लहरें हो सकती हैं। जो वीडियो सामने आए, उनमें लहरें उठती दिख रही हैं। बताया जा रहा है कि टूरिस्ट लाइफ जैकेट नहीं पहने हुए थे। नाव जब पलटी तो टूरिस्ट नाव के नीचे फंस गए। -

मानसून के दौरान मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकते हैं परिवार : डॉ. बलबीर सिंह
चंडीगढ़: मानसून की पहली बारिश जहां गर्मी से राहत देती है, वहीं यह स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से भरे मौसम की शुरुआत भी होती है। हर वर्ष पूरे भारत में डेंगू, मलेरिया और बुखार से जुड़ी अन्य बीमारियों के मामलों में वृद्धि दर्ज की जाती है। इस वर्ष भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है।
अमृतसर की 32 वर्षीय लाभार्थी बलविंदर कौर ने बताया, “मैंने हाल ही में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 8,400 रुपये का कैशलेस इलाज कराया है।” तेज बुखार होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां अस्पताल के कर्मचारियों ने उनका मुख्यमंत्री सेहत योजना में पंजीकरण कराया। उन्होंने कहा, “मैं सिलाई का काम करके अपना परिवार चलाती हूं। इस योजना ने समय पर इलाज और आर्थिक सहायता देकर मेरा बोझ कम किया, जिससे मैं अपनी सेहत पर ध्यान दे सकी। मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा शुरू की गई इस योजना की आभारी हूं, क्योंकि यह जरूरत के समय परिवारों का सच्चा सहारा बनती है।”
वर्ष 2025 में किए गए एक भारतीय अस्पताल अध्ययन में पाया गया कि मानसून के दौरान भर्ती मरीजों में एक्यूट फेब्राइल इलनेस (तीव्र बुखार संबंधी बीमारी) का सबसे सामान्य कारण डेंगू था। यह अध्ययन इस बात पर बल देता है कि समय पर जांच और तत्काल उपचार अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि मानसून से जुड़ी अनेक बीमारियों के शुरुआती लक्षण एक जैसे होते हैं। डॉक्टर लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे लगातार बने रहने वाले बुखार को नजरअंदाज न करें। वहीं, पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना पात्र परिवारों को अस्पताल के खर्च की चिंता किए बिना कैशलेस इलाज उपलब्ध करा रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने मच्छरों और जलजनित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए निगरानी व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारियों तथा जांच सुविधाओं को और मजबूत किया है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास पानी जमा न होने देने तथा बुखार के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
उन्होंने कहा, “जलजनित बीमारियों की रोकथाम घर से ही शुरू होती है। मच्छरों के प्रजनन को रोकने में प्रत्येक परिवार, स्कूल और समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही हम लोगों को यह भी बताना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के पात्र लाभार्थी बिना किसी आर्थिक चिंता के समय पर इलाज करा सकते हैं।” सीनियर मेडिकल अधिकारी एवं एम.डी. मेडिसिन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, वेरका (पंजाब) के डॉ. राज कुमार ने कहा कि मरीज अक्सर हर बुखार को सामान्य वायरल संक्रमण समझने की गलती कर बैठते हैं।
डॉ. राज कुमार ने बताया कि शुरुआती अवस्था में इस प्रकार के बुखार का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में भी मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत सुरक्षित और प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। समय पर जांच और उपचार से जटिलताएं कम होती हैं तथा बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता भी घट जाती है।
बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने मौसमी बुखार का इलाज कराया, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उसी दिन डायलिसिस, हृदय संबंधी उपचार, इंटेंसिव केयर तथा अन्य महंगे उपचारों का भी खर्च वहन किया गया। कुछ हजार रुपये वाले बुखार उपचार पैकेजों से लेकर जीवनरक्षक हृदय सेवाओं तक, यह योजना सामान्य बीमारियों से लेकर आपातकालीन परिस्थितियों तक परिवारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभर रही है।
डॉ. राज कुमार ने सलाह दी कि यदि बुखार दो दिन से अधिक बना रहे, विशेषकर उसके साथ तेज शरीर दर्द, लगातार उल्टियां, पेट दर्द, रक्तस्राव, सांस लेने में तकलीफ या अचानक अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो उसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। उन्होंने कूलरों, गमलों और अन्य स्थानों पर जमा पानी नियमित रूप से खाली करने, मच्छररोधी उत्पादों का उपयोग करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने तथा मानसून के दौरान विशेष स्वच्छता बनाए रखने की भी सलाह दी।
-

सड़क हादसे में घायल बच्ची की मदद के लिए आगे आए राज्यसभा सांसद, देखें वीडियो
पंचकूलाः चंडीमंदिर टोल के पास सड़क दुर्घटना में युवती घायल हो गई। इस दौरान सड़क पर लहूलुहान हालत में युवती पड़ी हुई थी। तभी राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा वहां से गुजर रहे थे और उन्होंने सड़क पर घायल युवती को देखा तो वह तुरंत उसकी मदद के लिए आगे आ गए। राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने जनसेवा और मानवता का परिचय देते हुए सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एवं लहूलुहान एक युवती की तत्काल मदद की। दरअसल, वह किसी कार्यक्रम से लौट रहे थे। इस दौरान जैसे ही उन्होंने सड़क दुर्घटना देखी तो उन्होंने अपना काफिला तुरंत रुकवाया और घायल युवती को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया।
जिसके बाद सांसद कार्तिकेय शर्मा ने अस्पताल में डॉक्टरों से घायल युवती के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उसके समुचित उपचार एवं सभी आवश्यक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने युवती के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि मुश्किल समय में जरूरतमंद की मदद करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि घायल बेटी जल्द स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच सुरक्षित लौटे।View this post on Instagram -

पंजाब में मात्र 16 दिनों में S.I.R. के तहत 1 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण: अनिंदिता मित्रा
चंडीगढ़: पंजाब भर में घर-घर जाकर गणना करने की विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) प्रक्रिया निरंतर तेज़ी से जारी है। 25 जून, 2026 को इसकी शुरुआत के मात्र 16 दिनों के भीतर राज्य में 1 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के सभी घरों में 99.34 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण पहले ही पूरा किया जा चुका है, जो यह दर्शाता है कि पूरे प्रदेश के मतदाताओं तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित की गई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी (सी.ई.ओ.) अनिंदिता मित्रा ने बताया कि शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची तैयार रखने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए गणना प्रपत्रों का संग्रहण और उनका डिजिटलीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बी.एल.ओ.), पर्यवेक्षकों, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ए.ई.आर.ओ.) तथा निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ई.आर.ओ.) के निरंतर प्रयासों की विशेष सराहना की, जिनके सहयोग से राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तथा 24,453 मतदान केंद्रों पर गणना प्रपत्रों का समयबद्ध वितरण, संग्रहण और डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान को और गति देने तथा जनसहभागिता को अधिकतम बढ़ावा देने के उद्देश्य से 11 एवं 12 जुलाई, 2026 को पंजाब के सभी मतदान केंद्रों पर प्रातः 8:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक दो दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के दौरान शेष गणना प्रपत्र भरे जाएंगे, एकत्र किए जाएंगे और उनका डिजिटलीकरण किया जाएगा।
साथ ही मतदाता सूची की त्रुटियों एवं लिंकिंग संबंधी विसंगतियों को दूर किया जाएगा तथा नागरिकों को अपने मतदाता विवरणों के सत्यापन एवं अद्यतन कराने में सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत 24,453 बी.एल.ओ. 25 जून से 24 जुलाई, 2026 के दौरान पूरे पंजाब में 2,14,61,043 मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित कर रहे हैं।उन्होंने आगे बताया कि मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) 24 जुलाई, 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद 3 अगस्त, 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। दावे एवं आपत्तियां 3 अगस्त से 2 सितंबर, 2026 तक प्रस्तुत की जा सकेंगी, जबकि उनका निपटारा 3 अगस्त से 28 सितंबर, 2026 के बीच किया जाएगा। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर, 2026 को प्रकाशित की जाएगी। अनिंदिता मित्रा ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे इन विशेष शिविरों में सक्रिय रूप से भाग लें तथा यह सुनिश्चित करें कि उनके मतदाता संबंधी सभी विवरण पूर्ण, सही एवं अद्यतन हों, ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
-

अस्पताल में मासूम बच्चों की ऑक्सीजन पाइप काट ले गए चोर, देखें CCTV
पंचकूलाः सेक्टर 6 के सामान्य अस्पताल में चोरों द्वारा अजीब घटना को अंजाम दिया गया। दरअसल, चोर अस्पताल में बच्चों की आक्सीजन पाइप काट लें गए। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसमें दोनों चोरों के चेहरे साफ दिखाई दे रहे है। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि चोर पहले फ्लोर से चले जाते है, जिसके बाद दोनों दोबारा वापिस आते है। अस्पताल में कमरे में उपचार करवा रहे मासूम बच्चों की ऑक्सीजन पाइप काटकर ले गए। घटना की सीसीटीवी तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों द्वारा मासूम बच्चों की सांसों पर हमला करने वाले चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मागं की जा रही और उन्हें पकड़कर जेल पहुंचाने की गुहार लगाई जा रही है।
-

नशा मुक्त हरियाणा के लिए जिला स्तर पर बनेगी टास्क फोर्स: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि समाज, परिवार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून और पुलिस कार्रवाई के जरिए नशे के कारोबार पर अंकुश लगा सकती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान तभी संभव है जब पूरा समाज जन-आंदोलन के रूप में इसके खिलाफ एकजुट हो। पंचकूला में ‘हरियाणा उदय’ अभियान के तहत आयोजित ‘नशा मुक्त हरियाणा के लिए एनजीओ एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी को नशा विरोधी शपथ भी दिलाई।
-

Punjab News: मछली पकड़ने आए 2 व्यक्ति नदी के तेज बहाव में बहे, देखें वीडियो
डेराबस्सीः अंबाला-चंडीगढ़ हाइवे पर भांखरपुर के समीप घग्गर नदी में मछली पकड़ने आए दो व्यक्ति नदी के तेज बहाव में बह गए जबकि तीसरा साथी बाल बाल बच गया। तीनों मनीमाजरा की इंदिरा कालोनी के रहने वाले हैं। परिवार को जब घटना का पता चला तो वह तुरंत घग्गर किनारे पहुंच गए। मुबारिकपुर पुलिस ने बह गए वयक्तियों का नाम पता दर्ज कर पड़ताल शुरु कर दी है।
जानकारी मुताबिक चंदा, सुरिंदर और दर्शन ने मछली पकड़ने के लिए भांखरपुर में घग्गर नदी के तट पर करीब ढाई बजे ऑटो से पहुंचे। वे बहते पानी में चुन्नियां डालकर मछली पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। चंदा के अनुसार दर्शन का पैर फिसलने पर वो पानी में गिर गया। उसके बचाने की कोशिश में सुरिंदर भी पानी में उतरा पर बह गया। चंदा ने खुद भी उन्हें बचाने के लिए कोशिश की परंतु पानी के तेज बहाव में उसके पांव नहीं लगे। किसी तरह किनारे पर लगे बूटे व झाड़ियों की जड़ पकड़कर वह बाहर आया। उसके पास फोन भी नहीं था और न ही मनीमाजरा जाने के पैसे।
वह पैदल ही लिफ्ट मांगता मांगता मनीमाजरा पहुंचा और शाम करीब चार बजे परिजनों को सूचित किया। अंधेरा ढ़लने से पहले तमाम परिजन व रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को सूचित किया और दूर दूर तक नदी किनारे बह गए दर्शन व सुरिंदर की तालाश करते रहे परंतु उनका कोई सुराग नहीं मिला। मुबारिकपुर चौकी इंचार्ज कुलवंत सिंह के अनुसार करीब एक किमी आगे बनूड़ वियर में पानी रुककर आगे बढ़ता। वहां सूचना दे दी गई है परंतु अभी तक बह गए व्यक्तियों का कोई सुराग नहीं मिला। अब आगे उनकी तालाश का काम सुबह शुरु होगा।
-

Jalandhar News: ईमानदारी की मिसाल, ऑटो चालक ने लड़कियों का लौटाया पर्स, देखें वीडियो
जालंधर, ENS: गुरु अमरदास चौक क्षेत्र में एक ऑटो रिक्शा चालक सूरजकुमार ने ईमानदारी की मिसाल पेश की। दरअसल, 2 युवतियों का पर्स खो गया था, जिसे ऑटो चालक ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए उनका खोया हुआ पर्स महज 15 मिनट के भीतर वापस लौटा दिया। भोगपुर से आई दो युवतियां हरलीन कौर और पलक अंबेडकर चौक से ऑटो रिक्शा में सवार होकर अपने निजी काम के लिए जालंधर आई थीं। इस दौरान आटो से उतरने के बाद उन्हें पता चला कि उनका पर्स ऑटो में ही छूट गया है। पर्स में मोबाइल फोन समेत अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था।
युवतियों ने ऑटो चालक को किराये का भुगतान ऑनलाइन किया था, जिसके आधार पर उनके पास चालक की जानकारी की थी। उन्होंने इस संबंध पास नाके पर तैनात एएसआई तरसेम को जानकारी दी। जिसके बाद एएसआई ने ऑटो चालक से संपर्क किया और लड़कियों की खोया हुआ पर्स वापस दिलवाया। ऑटो चालक ने बिना किसी लालच के उनका पर्स सुरक्षित लौटाकर अपनी ईमानदारी का परिचय दिया। ऑटो चालक की इस सराहनीय पहल की मौके पर मौजूद लोगों ने भी प्रशंसा की।
-

Punjab News: बकाया पेमेंट मांगना फर्नीचर व्यापारी को पड़ा महंगा, तेजधार हथियारों से किया हमला, देखें वीडियो
पठानकोटः जिले के मोहल्ला रामलीला ग्राउंड के पास, वार्ड नंबर 9 के रहने वाले स्थानीय फर्नीचर व्यापारी अनुज छाबड़ा पर बकाया पैसों के लेन-देन को लेकर कुछ बदमाशों द्वारा तेजधार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया गया। इस घटना में व्यापारी बुरी तरह घायल हो गया और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घटना में तेजधार हथियार सिर पर लगने से गहरी चोटें आई हैं। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित व्यापारी अनुज छाबड़ा ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले दीपक शर्मा नाम का एक व्यक्ति उनसे फर्नीचर खरीदकर ले गया था। फर्नीचर में कुछ खराबी आने पर अनुज ने जिम्मेदारी निभाते हुए 2 बार उसकी मरम्मत (रिपेयर) भी करवा दी थी। इसके बाद जब अनुज ने अपने फर्नीचर के बकाया पैसों (पेमेंट) की मांग की, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि करीब 6 महीने पहले एक रेस्टोरेंट में भी आरोपियों ने अनुज को देखकर अपशब्द कहे थे, जिसे उन्होंने व्यापारिक शांति बनाए रखने के लिए नजरअंदाज कर दिया था।
पीड़ित के अनुसार, देर रात आरोपी उन्हें बकाया पेमेंट देने की बात कहकर नीचे बुला रहे थे। जब अनुज नीचे आए, तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। अनुज छाबड़ा ने मुख्य आरोपी के रूप में दीपक शर्मा और उसके साथ आए आनंदपुर रड़े (ओरिया मोहल्ला) के रहने वाले कपिल और मनी का नाम लिया है। पठानकोट के सिविल अस्पताल में मेडिकल करवा कर पुलिस को इस घटना की शिकायत दर्ज करवा दी है। पीड़ित युवक और उसके परिवार ने इंसाफ की गुहार लगाई है।
-

वेली ब्रिज ढहने से सांगला घाटी का टूटा संपर्क, सड़के बंद, मलबे में दबी गाड़ियां, देखें वीडियो
शिमलाः हिमाचल प्रदेश के मध्यवर्ती और पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शिमला, सिरमौर, सोलन और किन्नौर जिलों में भारी वर्षा के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में 200 से अधिक सड़कें बंद हैं। इससे कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है। नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। संजौली कॉलेज के समीप बोथवेल क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ है। इस कारण कई मकानों पर खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब तीन से चार इमारतें खतरे की जद में हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। रिझाना में भूस्खलन के कारण गाड़ियां मलबे में दब गईं।
शनिवार तड़के करीब चार बजे हुए इस भूस्खलन से इलाके में दहशत का माहौल है। उस समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। भूस्खलन संजौली कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर एक डंगा ढहकर नीचे रिहायशी मकानों की ओर जा गिरा। इससे मकानों तक जाने वाला रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया। लगातार बारिश के चलते सांगला घाटी को जोड़ने वाले मुख्य वेली ब्रिज की नींव के पास अचानक भारी भूस्खलन हो गया। इसके कारण पुल का सांगला की तरफ का हिस्सा पूरी तरह ढह गया। हालांकि, जिला प्रशासन की मुस्तैदी के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सांगला के तहसीलदार हरदयाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि खतरे को पहले ही भांप लिया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग करके वाहनों की आवाजाही को समय रहते रोक दिया गया था। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सांगला और छितकुल क्षेत्र के लिए वाहनों को तहसील कार्यालय सांगला के वैकल्पिक मार्ग से डायवर्जन देकर सुरक्षित निकाला जा रहा है। दूसरी ओर, लिप्पा क्षेत्र के पेजर खड्ड में रात के समय अचानक जलस्तर बढ़ने से लिप्पा बस स्टैंड के पास बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं, तेती खड्ड का बहाव अवरुद्ध (ब्लॉक) होने के कारण पानी ने एक बड़ी कृत्रिम झील का रूप ले लिया है। इस झील का पानी इतनी तेजी से फैला कि लिप्पा बस स्टैंड के पास बने कई मकानों की पहली मंजिल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। इसके अलावा, इलाके की मुख्य सड़क के भी पानी में बहने का खतरा लगातार बना हुआ है।View this post on Instagram