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  • राष्ट्रीय वीर बाल दिवस 26 दिसम्बर को होगी पुरस्कारों की घोषणा

    राष्ट्रीय वीर बाल दिवस 26 दिसम्बर को होगी पुरस्कारों की घोषणा

    चण्डीगढ़: भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बच्चों की प्रतिभा को पहचान दिलाने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। पुरस्कार के लिए पात्र बच्चे 31 जुलाई, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश के सर्वोच्च बाल सम्मान में शामिल है, जिसके माध्यम से उन बच्चों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने कम उम्र में अपनी असाधारण प्रतिभा, लगन, मेहनत और उपलब्धियों से समाज व देश के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    इस पुरस्कार के अंतर्गत बहादुरी, नवाचार, खेल, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं तकनीक, कला एवं संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों द्वारा नामांकन किए जा सकते हैं। विभिन्न श्रेणियों में देशभर से कुल 25 बच्चों का चयन किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि शिक्षा, खेल, नवाचार और अन्य क्षेत्रों में अपनी मेहनत से ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को इस अवसर का लाभ उठाते हुए निर्धारित समय सीमा में आवेदन करना चाहिए। जिसमें अभिभावकों, स्कूल प्रबंधकों, शिक्षकों और संबंधित विभागों से आह्वान किया जाएगा। कि वे योग्य बच्चों की पहचान कर उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित करें।

     प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 से संबंधित पात्रता, दिशा-निर्देश एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in/  पर उपलब्ध है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यार्थी 31 जुलाई, 2026 तक पोर्टल के माध्यम से नामांकन कर सकते हैं।

  • ऊना पुलिस की कार्रवाई: सट्टा, अवैध शराब और मारपीट के मामलों में पांच एफआईआर दर्ज

    ऊना पुलिस की कार्रवाई: सट्टा, अवैध शराब और मारपीट के मामलों में पांच एफआईआर दर्ज

    ऊना : जिला ऊना में पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सट्टा, अवैध शराब, मारपीट, धमकी और कुत्ते के हमले सहित विभिन्न मामलों में पांच एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    1.मैहतपुर में सट्टा लगाते आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस थाना मैहतपुर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर भटोली स्थित सरकारी स्कूल के पास छापेमारी कर पुनीत शर्मा निवासी भटोली के कब्जे से 1,030 रुपये की नकदी और सट्टा पर्चियां बरामद कीं। आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    2.अंब में सात बोतल देसी शराब बरामद

    पुलिस थाना अंब की टीम ने टकारला मोड़ के पास गश्त के दौरान एक पैदल व्यक्ति वशीर मोहम्मद निवासी वैरिया के कब्जे से बिना लाइसेंस सात बोतल देसी शराब (वीआरवी संतरा) बरामद की। आरोपी के खिलाफ हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
    नलके पर पानी भर रही महिला से मारपीट का आरोप

    3.अंब थाना क्षेत्र के जंदोह रक्कड़ गांव की नीलम देवी ने शिकायत दर्ज करवाई है कि पानी भरने के दौरान 14 लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    4.कुत्ता छोड़कर हमला करवाने का आरोप

    टाहलीवाल थाना क्षेत्र के बीटन गांव निवासी जगदेव चंद ने शिकायत में आरोप लगाया है कि सरकारी भूमि विवाद की रंजिश के चलते एक व्यक्ति ने अपने पालतू कुत्ते को उसकी ओर छोड़ दिया, जिससे कुत्ते ने उसकी टांग पर काट लिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    5.पेट्रोल पंप पर युवक से मारपीट

    टाहलीवाल थाना क्षेत्र में नंगल खुर्द स्थित एचपी पेट्रोल पंप पर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा शिव कुमार निवासी ऊना का रास्ता रोककर मारपीट करने का मामला सामने आया है। घायल की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

     

  • Jalandhar मे अनोखी चोरी, खुद की Activa छोड़ दूसरे की लेकर फरार हुआ युवक, देखें CCTV

    Jalandhar मे अनोखी चोरी, खुद की Activa छोड़ दूसरे की लेकर फरार हुआ युवक, देखें CCTV

    जालंधर (ens) : शहर के मॉडल हाउस इलाके से अनोखी चोरी की घटना का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार एक युवक एक्टिवा पर सवार होकर आता है और घर के बाहर खड़ी दूसरी एक्टिवा लेकर फरार हो जाता है। हैरानी की बात यह है कि युवक खुद की एक्टिवा घटनास्थल पर ही छोड़ जाता है।

    जानकारी देते हुए पीड़ित हरजीत सिंह ने बताया कि उसके बच्चे बाजार से आए थे। घर के साथ ही उसकी करियाने की दुकान भी है।10 मिनट बाद जब बच्चो ने बाहर आकर देखा, तो एक्टिवा गायब थी। जिसके बाद परिवार को कैमरे खंगालने पर पता चला कि एक्टिवा सवार युवक ने यह कांड किया है।

    घटना की सूचना मिलते ही थाना भार्गव कैंप की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक की एक्टिवा नंबर PB08 DK 6951 को जब्त कर लिया। पुलिस ने युवक की तलाश में छानबीन शुरू कर इलाके मे लगे cctv फुटेज हासिल कर ली है।

  • सुख आश्रय ने बदली अविनाश की जिंदगी

    सुख आश्रय ने बदली अविनाश की जिंदगी

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल से मिला सहारा, मोबाइल रिपेयरिंग व्यवसाय से आत्मनिर्भर बना ऊना का युवा

    ऊना : ऊना जिले के बहडाला गांव के 26 वर्षीय अविनाश की जिंदगी कभी गहरे संघर्षों से घिरी हुई थी। बचपन में ही माता-पिता का साया उठ जाने के बाद उनके सामने जीवनयापन और भविष्य दोनों बड़ी चुनौती बन गए थे। लेकिन हौंसले, कड़ी मेहनत और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना से मिले सहयोग ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। आज अविनाश ऊना शहर की कपिला मार्केट में अपना मोबाइल रिपेयरिंग एवं एक्सेसरीज का सफल कारोबार संचालित कर सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं। अविनाश जब पांचवीं कक्षा में थे, तभी उनके पिता, जो दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, का निधन हो गया। उसके बाद उनकी मां ने सीमित संसाधनों में दोनों बेटों का पालन-पोषण और शिक्षा की जिम्मेदारी निभाई। लेकिन कुछ वर्षों बाद, अविनाश की मां भी स्वर्ग सिधार गईं । कम उम्र में ही माता-पिता दोनों का साया उठ जाने से जीवन की सारी जिम्मेदारियां दोनों भाइयों के कंधों पर आ गईं।

    विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अविनाश ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी पढ़ाई जारी रखी। दसवीं की शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने नंगल में मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के उपरांत उन्होंने विभिन्न मोबाइल रिपेयरिंग दुकानों में लगभग सात वर्षों तक कार्य कर व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। अनुभव और आत्मविश्वास के बल पर दो वर्ष पहले उन्होंने ऊना की कपिला मार्केट में किराये पर एक छोटी-सी दुकान लेकर अपना मोबाइल रिपेयरिंग एवं एक्सेसरीज का कारोबार शुरू किया। शुरुआत में दुकान पर केवल मोबाइल रिपेयरिंग की सुविधा, कुछ सेकेंड हैंड मोबाइल फोन और सीमित मोबाइल एक्सेसरीज ही उपलब्ध थीं। मेहनत, ईमानदारी और बेहतर सेवा के कारण ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ता गया, लेकिन सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण कारोबार का विस्तार आसान नहीं था।

    सुख आश्रय से मिला सहारा

    इसी दौरान मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना उनके जीवन में नई उम्मीद बनकर आई। योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलने लगी। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी मिली। इस सहयोग से उन्होंने दुकान का विस्तार किया, आधुनिक उपकरण खरीदे और मोबाइल रिपेयरिंग के साथ अन्य तकनीकी सेवाएं भी शुरू कीं। योजना के तहत उनके भाई को भी प्रतिमाह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। आज अविनाश की दुकान पर नए एवं सेकेंड हैंड मोबाइल फोन, मोबाइल एक्सेसरीज तथा मोबाइल रिपेयरिंग सहित विभिन्न तकनीकी सेवाएं उपलब्ध हैं। प्रतिदिन करीब 50 से 60 ग्राहक उनकी दुकान पर पहुंचते हैं। इस व्यवसाय से वे प्रतिमाह लगभग 45 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। ग्राहकों के बढ़ते विश्वास और बेहतर सेवाओं के दम पर उनका कारोबार लगातार आगे बढ़ रहा है तथा अब वे अपने व्यवसाय का और विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।

    अविनाश कहते हैं कि माता-पिता के निधन के बाद कई बार लगा कि अब आगे बढ़ पाना मुश्किल होगा। लेकिन मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना से मिले सहयोग ने मुझे अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर दिया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए वे कहते हैं कि सरकार की सहायता ने उन्हें आर्थिक संबल देने के साथ ही अपने भविष्य पर दोबारा भरोसा करना भी सिखाया। आज वे आत्मनिर्भर हैं और अपने मोबाइल रिपेयरिंग कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं।

    सरकार ही परिवार, सीएम सुक्खू की संवेदनशील सोच का सुफल है मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर 28 फरवरी, 2023 को शुरू की गई मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना ऐसे बच्चों और युवाओं को सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास है, जिन्होंने कम उम्र में माता-पिता का संरक्षण खो दिया है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का कानूनी दर्जा दिया है। सरकार पात्र बच्चों की 27 वर्ष की आयु तक शिक्षा, देखभाल और अन्य आवश्यक जरूरतों की जिम्मेदारी निभा रही है। योजना के तहत पात्र युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

    ऊना में 10 युवाओं को 20 लाख
    जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) ऊना हरीश मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 84 युवा इस सहायता से अपना व्यवसाय शुरू कर चुके हैं। ऊना जिले में भी माइक्रो एंटरप्राइज स्थापित करने के लिए 10 युवाओं को 20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।

    डीसी बोले..हर पात्र बच्चे तक लाभ पहुंचाने को प्रतिबद्ध

    उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक समय पर पहुंचे। इसके लिए पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ा जा रहा है, ताकि कोई भी जरूरतमंद बच्चा इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रहे।

    एक नजर में : मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना में स्वरोजगार के लिए मदद

    •28 फरवरी, 2023 को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर योजना शुरू की गई।
    •हिमाचल प्रदेश अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का कानूनी दर्जा देने वाला देश का पहला राज्य है।
    •प्रदेश के 6,000 निराश्रित बच्चों को योजना से जोड़ा गया है।
    •सरकार पात्र बच्चों की 27 वर्ष की आयु तक शिक्षा, देखभाल और अन्य आवश्यक जरूरतों की जिम्मेदारी निभा रही है।
    •पात्र युवाओं को स्वरोजगार के लिए दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
    •प्रदेश में अब तक 84 युवा इस सहायता से अपना व्यवसाय शुरू कर चुके हैं।
    •ऊना जिले में माइक्रो एंटरप्राइज स्थापित करने के लिए 10 युवाओं को 20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।

     

  • ट्रक की चपेट में आने से बाईक पर सवार 8 वर्षीय बच्चे की मौत

    ट्रक की चपेट में आने से बाईक पर सवार 8 वर्षीय बच्चे की मौत

    बददी : बद्दी- बरोटीवाला मार्ग पर लक्कड़ डिपू के समीप ट्रक की चपेट में बाईक ने एक 8 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई है। मृतक विनायक पुत्र राजेश कुमार बिहार राज्य के जिला गोपाल गंज के खैर आशा गांव का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार राजेश कुमार बद्दी के ओरो स्पिनिंग मिल में काम करता है। रविवार को अपने दोनों बेटों को बाईक बैठा कर हरिपुर मत्था टेकने गया। मत्था टेकने के बाद वह वापस आ रहा था। जैसे ही वह लक्कड़ डिपू के समीप पहुंचा तो वह ओवर टेक करते हुए अपना संतुलन खो बैठा और उसके बड़ा बेटा विनायक बाईक से उछल कर सड़क पर गिर गया। इस बीच बद्दी की ओर से आ रहे ट्रक के टायर के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दूसरा बेटा नैतिक दूसरी ओर गिरा जिससे वह बच गया। उधर एएसपी अशोक वर्मा ने बताया कि ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कर लिया गया है और छानबीन की जा रही है। बच्चे का सोमवार को पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

  • सुख-आश्रय के संरक्षण में जीवन के सबसे सुखद पलों का अनुभव कर रहे ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’

    सुख-आश्रय के संरक्षण में जीवन के सबसे सुखद पलों का अनुभव कर रहे ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’

    शिमला : जीवन में ऐसे अनेक अवसर आते हैं, जब व्यक्ति को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि अपनत्व, सुरक्षा और मार्गदर्शन की भी आवश्यकता होती है। अधिकांश लोगों के लिए यह सम्बल उनके माता-पिता देते हैं, लेकिन जिन बच्चों के सिर से बचपन में ही माता-पिता का साया उठ जाता है, उनके लिए जीवन की राह असमय ही कठिन हो जाती है। अपनापन, सुरक्षा और भविष्य के प्रति विश्वास जैसी मूलभूत भावनाएं भी उनके जीवन से दूर होती चली जाती हैं। हिमाचल प्रदेश में भी लगभग 6,000 ऐसे निराश्रित बच्चे थे, जिनके जीवन में माता-पिता का सहारा नहीं था और भविष्य को लेकर अनेक अनिश्चितताएं थीं। सीमित संसाधनों और असुरक्षित परिस्थितियों के कारण उनके लिए उच्च शिक्षा, सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भर भविष्य के सपने देखना भी संभव नहीं था। इन बच्चों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने वर्तमान को सुरक्षित बनाना था, जबकि भविष्य की संभावनाएं उन्हें बहुत दूर दिखाई देती थीं।

    ऐसे बच्चों के जीवन में उस समय एक नई आशा का संचार हुआ, जब हिमाचल प्रदेश सरकार ने उनके संरक्षण और समग्र विकास का दायित्व अपने हाथों में लेने का निर्णय लिया। 11 दिसम्बर, 2022 को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश की बागडोर सम्भालते ही यह संकल्प लिया कि समाज के सबसे संवेदनशील और वंचित वर्गों, विशेषकर निराश्रित बच्चों और महिलाओं, को सुरक्षा, सम्मान और अवसर प्रदान किए जाएंगे। यह संकल्प आगे चलकर एक ऐसी मानवीय पहल के रूप में चरितार्थ हुआ, जिसने हज़ारों बच्चों के जीवन की दिशा ही बदल दी। मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के तुरन्त बाद शिमला में टूटीकंडी स्थित बालिका आश्रम पहुंचना केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि यह साफ संदेश था कि प्रदेश सरकार निराश्रित बच्चों और बालिकाओं के साथ एक अभिभावक की तरह खड़ी है। आश्रम की बेटियों से संवाद कर मुख्यमंत्री ने उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिया, जिससे उनके मन में विश्वास और भविष्य के प्रति नई उम्मीद जागी।

    आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के उपरान्त 28 फरवरी, 2023 को प्रदेश में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना लागू की गई। यह योजना हज़ारों अनाथ और निराश्रित बच्चों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का आधार बनी। योजना के अन्तर्गत 27 वर्ष तक के लगभग 6,000 बच्चों को सरकार ने एक अभिभावक की तरह चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाकर उनके पालन-पोषण, शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भविष्य की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। सुख-आश्रय योजना ने इन बच्चों को केवल संरक्षण ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें यह विश्वास भी दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, उनके सपनों की उड़ान अब सीमित नहीं रहेगी। आज यह योजना हज़ारों बच्चों के लिए उस सुरक्षित कवच का पर्याय बन चुकी है, जहां उन्हें अपनापन, आगे बढ़ने के अपार अवसर और अपने सपनों को साकार करने का आत्मविश्वास एक साथ मिल रहा है।

    चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाए गए प्रत्येक बच्चे की शिक्षा का सम्पूर्ण खर्च प्रदेश सरकार वहन कर रही है। परिवार में माता-पिता जिस प्रकार अपने बच्चों की आवश्यकताओं और छोटे-छोटे सपनों का ध्यान रखते हैं, उसी भावना के साथ सरकार उन्हें प्रतिमाह 4,000 रुपये जेब खर्च के रूप में भी प्रदान कर रही है। बाल एवं बालिका संस्थानों में रह रहे 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों के खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये तथा 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के खातों में 2,500 रुपये प्रतिमाह जमा किए जा रहे हैं। बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी यह योजना विशेष रूप से कार्य कर रही है। अपना स्टार्ट-अप स्थापित करने के लिए उन्हें दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे ऐसे विद्यार्थी, जिन्हें छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं है, उन्हें आवास किराये के लिए प्रतिमाह 3,000 रुपये दिए जा रहे हैं। अपना घर बसाने के लिए तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है तथा जिनके पास भूमि नहीं है, उन्हें सरकार द्वारा गृह निर्माण के लिए भूमि भी प्रदान की जा रही है।

    इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को 500 रुपये उत्सव भत्ता, 10,000 रुपये वस्त्र अनुदान तथा विवाह के लिए दो लाख रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है। उनके सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए निःशुल्क करियर काउंसलिंग, प्रतियोगी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। साथ ही, उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जा रहा है, ताकि वे नए अनुभव प्राप्त कर व्यापक दुनिया से परिचित हो सकें। इसका सारा खर्च भी राज्य सरकार उठा रही है। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2023 से सितम्बर 2025 तक इसके अन्तर्गत लाभार्थियों पर लगभग 85.88 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। राज्य सरकार कांगड़ा ज़िला के लुथान में लगभग 92.38 करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सुख-आश्रय परिसर का निर्माण कर रही है। यह आधुनिक आवासीय परिसर लगभग 400 आश्रितों के लिए सुरक्षित और सुविधासम्पन्न वातावरण उपलब्ध करेगा।

    यह योजना निराश्रित बच्चों को कॉन्वेंट और अन्य प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में दाखिला दिलवाने में भी सराहनीय कार्य कर रही है। इसके तहत शिशु सुधार गृह की तीन बेटियों को शिमला स्थित कॉन्वेंट तारा हॉल स्कूल, पांच बच्चों को शिमला स्थित दयानन्द पब्लिक स्कूल, चार बच्चों को सोलन स्थित पाइनग्रोव स्कूल और दो बच्चों को मण्डी स्थित डीएवी स्कूल, सुन्दरनगर में दाखिला दिलवाया गया है। इनकी पढ़ाई का पूरा खर्च प्रदेश सरकार वहन कर रही है। इस योजना ने निराश्रित बच्चों के जीवन से जुड़ी उन चुनौतियों का भी समाधान किया है, जो वर्षों से उनके भविष्य की राह में बाधा बनी हुई थीं। प्रदेश सरकार ने ऐसे अनाथ बच्चों को बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का अधिकार प्रदान किया है, जो पिछले 15 वर्षों से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे हैं। पहले प्रचलित दिशा-निर्देशों में इस संबंध में कोई व्यवस्था न होने के कारण ये बच्चे प्रदेश की अनेक कल्याणकारी योजनाओं, शैक्षणिक सुविधाओं और रोज़गार के अवसरों का लाभ नहीं ले पाते थे। इस निर्णय ने न केवल उन्हें उनकी पहचान और अधिकार दिलाए हैं, बल्कि उनके लिए अवसरों के नए द्वार भी खोले हैं।

    निराश्रित बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को और अधिक सुदृढ़ आधार प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने अपने अंशदान से 101 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष की स्थापना भी की है। इस कोष में आम नागरिक, सामाजिक संस्थाएं, औद्योगिक प्रतिष्ठान और विभिन्न कंपनियां भी स्वेच्छा से योगदान दे रही हैं। इस सामूहिक सहभागिता से प्राप्त धनराशि का उपयोग अनाथ बच्चों की उच्च शिक्षा, कौशल विकास तथा उनके समग्र भविष्य निर्माण के लिए किया जा रहा है। यह कोष केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और सरकार की साझा संवेदनशीलता तथा इस संकल्प का प्रतीक है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा केवल परिस्थितियों के कारण अपने सपनों से वंचित न रह जाए।
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  • क्या FIFA World Cup के बाद सच में सन्यास लेंगे Ronaldo? बहन ने दिया जवाब

    क्या FIFA World Cup के बाद सच में सन्यास लेंगे Ronaldo? बहन ने दिया जवाब

    खेल: क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने आज एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वह फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैच में खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन चुके हैं। पुर्तगाल ने आज राउंड ऑफ 32 में क्रोएशिया को 2-1 से हराकर अगले चरण में प्रवेश किया है। इस मैच से पहले कैटिया एवेरो ने अपने भाई रोनाल्डो के रिटायरमेंट की हिंट देकर सनसनी मचा दी है। मैच के बाद रोनाल्डो ने खुद इस पर जवाब दिया है।

    रोनाल्डो की बहन ने दिया जवाब

    क्रिस्टियानो रोनाल्डो की बहन कैटिया एवेरो ने एक मीडिया हाउस के साथ बात करते हुए रोनाल्डो के रिटायरमेंट को लेकर एक बड़ा हिंट दे दिया है। उनका कहना है कि सोर्स से मेरे पास जानकारी है कि रोनाल्डो इस विश्व कप के बाद अलविदा कह सकते हैं। जब तक वह मैदान पर हैं मजे लो आज नहीं लेकिन ये जल्द होगा मुझे लगता है कि वह आखिरी बार खेल रहे हैं।

    रिटायरमेंट पर रोनाल्डो ने कही ये बात

    हालांकि क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने खुद इस खबर को अब गलत बता दिया है कि वह जल्दबादी में कोई फैसला नहीं लेंगे और अभी इसके बारे में बिल्कुल भी नहीं सोच रहे हैं। क्रोएशिया के खिलाफ हुए मैच प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड लेने के बाद उन्होंने कहा कि – अभी ये बात जरुरी नहीं है। टूर्नामेंट खत्म होने के बाद मेरे पास बहुत समय होगा इस बारे में सोचने के लिए अपने परिवार से बात करके मैं कोई फैसला लूंगा।

    41 की उम्र में रोनाल्डो ने फिर बनाया इतिहास

    क्रोएशिया के खिलाफ गुरुवार को टोरंटो में खेले गए मुकाबले में रोनाल्डो ने दूसरे हाफ में पेनल्टी पर गोल किया है। इसके साथ ही वह 41 साल 147 दिन की उम्र में फीफा वर्ल्ड कप नॉकआउट मुकाबले में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए है। उन्होंने इस मामले में लियोनेल मेसी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। इतना ही नहीं यह उनके करियर का पहला वर्ल्ड कप नॉकआउट गोल भी रहा है जबकि वह छह बार वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। अब वर्ल्ड कप इतिहास में उनसे ज्यादा उम्र में गोल करने वाले सिर्फ कैमरुन के महान खिलाड़ी रोजर मिला है जिन्होंने 1994 वर्ल्ड कप में 42 साल 39 दिन की उम्र में गोल किया था।

    बहन ने आलोचकों को पहले भी दिया था जवाब

    रोनाल्डो की खराब शुरुआत के बाद पुर्तगाल टीम के अंदर मतभेद की खबरें भी सामने आई थी। कातिया एवेइरो ने इससे पहले ब्रूनो फर्नांडिस की आलोचना करने वाली एक सोशल मीडिया पोस्ट को लाइक किया था इसके बाद चर्चाएं तेज हो गई थी हालांकि बाद में उन्होंने अपने भाई को खुलकर बचाव किया है। कातिया ने कहा कि – जो लोग फुटबॉल को सही मायने में समझते हैं वो रोनाल्डो को पसंद करते है। यदि कोई उन्हें पसंद नहीं करता है तो नुकसान उसी का है। पिछले 20 से ज्यादा सालों से वो दुनिया में अपना जलवा दिखा रहे हैं।    
  • तकनीकी संस्थानों के लिए नई नीति से हिमाचल, देश के नवाचार केंद्र के रूप में उभरेगाः मुख्यमंत्री

    तकनीकी संस्थानों के लिए नई नीति से हिमाचल, देश के नवाचार केंद्र के रूप में उभरेगाः मुख्यमंत्री

    शिमला: प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति तथा राज्य नवाचार कोष कार्यान्वयन दिशा निर्देशों (2026-2028) को स्वीकृति प्रदान की है। इस नीति का उद्देश्य नवाचारों को व्यावहारिक, प्रौद्योगिकी और बाज़ार के अनुरूप समाधान के रूप में परिवर्तित करना है जिससे विद्यार्थी, शिक्षक और स्टार्टअप्स सशक्त बनेंगे। इससे राज्य में नवाचार आधारित ईको सिस्टम तैयार होगा और हिमाचल प्रदेश, देश के नवाचार केन्द्र के रूप में स्थापित होगा। यह नीति प्रोटोटाइप विकास, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, सीड फंडिंग, बौद्धिक संपदा प्रबंधन, क्षमता निर्माण और उद्योगों के साथ सहयोग के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार करती है। इसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामों को सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है।

    नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026-2028 की अवधि के लिए दो करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ राज्य नवाचार कोष का गठन किया है। इस कोष के माध्यम से नवाचारों को आकार प्रदान करने के लिए माइक्रो ग्रांट, स्टार्टअप्स के लिए सीड फंडिंग, इनक्यूबेशन केंद्रों को सुदृढ़ करने के लिए वित्तीय सहायता, नवाचार प्रतियोगिताएं, बूट कैंप, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा उद्योगों एवं कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के सहयोग से सह-वित्तपोषण जैसी पहलों को सहयोग प्रदान किया जाएगा। नीति के माध्यम से समावेशी नवाचार पर विशेष बल देते हुए महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा ग्रामीण युवाओं की तकनीकी शिक्षा एवं स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।

    तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के निदेशक इस नीति के क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारी होंगे। संस्थागत स्तर पर क्लस्टर इनोवेशन समितियां तथा राज्य स्तर पर राज्य नवाचार सलाहकार समूह परियोजनाओं के चयन, निधि के उपयोग और नीति के समग्र कार्यान्वयन की निगरानी करेंगे, ताकि इसका प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह नीति बौद्धिक संपदा स्वामित्व और राजस्व साझेदारी के लिए एक समान एवं स्पष्ट प्रारूप स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित नवाचारों का स्वामित्व नवाचारकर्ताओं के पास रहेगा, जबकि शैक्षणिक संस्थानों को केवल शैक्षणिक उपयोग के लिए नॉन-एक्सक्लूसिव अधिकार प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दो वर्षों के बाद इस नीति की व्यापक समीक्षा करेगी और नीति के अंतर्गत विकसित प्रोटोटाइप, स्थापित स्टार्टअप्स, बौद्धिक संपदा पंजीकरण, सृजित रोजगार तथा निवेश जैसे प्रमुख परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा।

     

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिली जान से मारने की धमकी

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिली जान से मारने की धमकी

    नई दिल्ली: अमरीका के चलते विवादों में रोज नए कारनामो मे फिर से एक और ख़बर सामने आई है। ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के दौरान तेहरान की सड़कों पर रविवार को माहौल उस वक्त बेहद गरमा गया, जब मंच संभाल रहे एक आयोजक ने सरेआम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की अपील कर दी। जिस कारन माहौल और गरम हो गया। लाखों की भीड़ ने इसका समर्थन किया।
    इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के एक साझा हमले में 86 साल के खामेनेई मारे गए थे, जिसके बाद ईरान युद्ध की शुरुआत हुई थी।  जनाजे के दौरान लाउडस्पीकर पर मोहम्मद रसूली नाम के एक कवि ने कमान संभाली। रसूली ने पहले तो भीड़ से ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘इजरायल मुर्दाबाद’ के पारंपरिक नारे लगवाए, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने अपना रुख सीधे डोनाल्ड ट्रंप की तरफ मोड़ दिया। मंच में दी खुली धमकी:
    यहा के निवासी ने लाखों लोगो से सहमति ले कर ट्रम्प की आलोचना को कटर और निंदाजनक बता कर उसके खिलाफ साजिश रची। जिसमे एक शख्स रोते होए बता रहा है की मेरी जिंदगी और इमाम को कुचल डाला है, ट्रम्प को बुरी से बुरी नसीहयत दे रहा था।
    लाखों लोगो ने खामनाए के पोस्टर को अपने हाथो मे लेकर सड़को के नीचे उतर आये। उधर, जिस वक्त तेहरान में ट्रंप को मारने की कसमें खाई जा रही थीं, ठीक उसी वक्त वाशिंगटन में डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका की स्थापना की 250वीं Anniversary के जश्न में शामिल हो रहे थे। इसके जरिए देश के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के लिए जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की जा रही है। यह सब ऐसे नाजुक समय पर हो रहा है जब ईरान, युद्ध को हमेशा के लिए रोकने के लिए वाशिंगटन के साथ पर्दे के पीछे बातचीत की मेज पर बैठा है। ईरान इस बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने रणनीतिक दबदबे का इस्तेमाल कर अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश में है। हालांकि, ईरान के भीतर इस बात का डर अब भी बना हुआ है कि इजरायल कभी भी उस पर दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है। जंग चलने की वजह से ही इस जनाजे को पहले टाल दिया गया था, और जब तक यह युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक शांति समझौते की उम्मीदें अधर में लटकी हुई हैं।
  • Jalandhar News : श्री देवी तालाब मंदिर में कल होगी Mayor Vaneet Dhir की माता की रस्म क्रिया

    Jalandhar News : श्री देवी तालाब मंदिर में कल होगी Mayor Vaneet Dhir की माता की रस्म क्रिया

    जालंधर (ens): महानगर के मेयर विनीत धीर की माता आशा धीर का 24 जून को निधन हो गया था। उनकी पावन स्मृति में रस्म क्रिया सोमवार को दोपहर 1 से 2 बजे तक श्री देवी तलाब मंदिर में होगी।

    ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੜੋਂ: https://encounternewspaper.com/punjab/jalandhar/jalandhar-news-rituals-for-mayor-vaneet-dhirs-mother-to-be-held-tomorrow-at-shri-devi-talab-mandir/

    गौरतलब है कि इससे करीब छह महीने पहले मेयर विनीत धीर के पिता का भी निधन हो गया था। शहर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मेयर विनीत धीर और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है।

    स्वर्गीय आशा धीर के निधन से धीर परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है। Encounter News इस दुःख की घड़ी मे मेयर वनीत धीर और पूरे परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता है।