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  • प्रसाद खाने से 150 से अधिक लोग बीमार, दस्त के कारण कई की हालत गंभीर

    प्रसाद खाने से 150 से अधिक लोग बीमार, दस्त के कारण कई की हालत गंभीर

    कोलकाताः पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के दासपुर इलाके में सामुदायिक मनसा पूजा के दौरान प्रसाद खाने के बाद 150 से अधिक लोग बीमार पड़ गए। पूजा में श्रद्धालुओं को खिचड़ी का प्रसाद दिया गया था, जिसे खाने के बाद कई लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। बताया जा रहा है कि सामूहिक पूजा में वितरित खिचड़ी भोग को खाने के कुछ ही घंटों बाद ग्रामीणों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायतें सामने आने लगीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    जानकारी के अनुसार 300 से ज्यादा लोगों ने प्रसाद खाया, लेकिन आधे से ज्यादा लोगों को उल्टी और दस्त होने लगे। बीमार पड़ने वालों में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। लोगों के इलाज के लिए सुबह से ही एक चिकित्सा शिविर लगाया गया है। यह पूजा सुरतपुर गांव में हर वर्ष की तरह इस बार भी पारंपरिक रूप से आयोजित की गई थी। भोग वितरण के दौरान न केवल सुरतपुर, बल्कि आसपास के खरदा विष्णुपुर और रूपनारायणपुर गांवों से भी सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए थे।

    अनुमान के अनुसार, करीब 300 से अधिक लोगों ने भोग ग्रहण किया था। इसके बाद रात होते-होते बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ने लगे। जैसे ही मामला सामने आया, दासपुर–1 ब्लॉक के बीडीओ दीपंकर विश्वास ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया और इलाज की व्यवस्था शुरू कर दी। रविवार सुबह तक गांव में मेडिकल कैंप लगा दिया गया था, जहां मरीजों को प्राथमिक चिकित्सा दी जा रही है। जिनकी हालत गंभीर बताई गई, उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में रेफर किया गया।

    इस घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए दासपुर–1 पंचायत समिति के अध्यक्ष सुकुमार पात्र, राजनगर ग्राम पंचायत के प्रधान और उपप्रमुख भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सुकुमार पात्र ने बताया कि “स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और सभी प्रभावित लोगों का इलाज किया जा रहा है।” अब तक पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि शेष लोगों की स्थिति स्थिर है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पानी के नमूने भी जांच के लिए भेज दिए हैं, जिससे यह पता चल सके कि बीमारी प्रसाद के कारण फैली या पानी में किसी प्रकार का संक्रमण था।

  • कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, श्री श्याम फार्मा पर केस दर्ज

    कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, श्री श्याम फार्मा पर केस दर्ज

    लखनऊः कोडिन कफ सिरप को फर्जी तरीके से बिल बनाकर मेडिकल स्टोर संचालकों को बेचने के मामले में एफएसडीए ने अमीनाबाद कोतवाली में श्री श्याम फार्मा के मालिक विशाल चौरसिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस फर्म पर एफएसडीए ने करीब एक सप्ताह पहले छापा मारा था। वहां से मिले रिकॉर्ड के आधार पर ही एफएसडीए के अफसरों ने जांच पड़ताल की। मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद प्रदेश सरकार ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की तरह अब नॉरकोटिक्स औषधियों के अवैध व्यापार पर भी शिकंजा कस दिया है।

    आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में विभाग की प्रवर्तन टीमों ने प्रदेशभर में कोडीनयुक्त कफ सिरप एवं अन्य नशीली औषधियों के अवैध क्रय–विक्रय, वितरण और भंडारण पर प्रभावी रोकथाम के लिए व्यापक एवं सघन कार्यवाही की है। इसके तहत बड़े पैमाने पर सीजर, गिरफ्तारी और NDPS एक्ट में केस दर्ज किए गए हैं और यह अभियान निरंतर जारी है।

    ऐसे में लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में व्यापक पैमाने पर छापेमारी, जांच और कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच और छापेमारी से यह स्पष्ट हुआ है कि इन दवाओं की आपूर्ति केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब और दिल्ली जैसे राज्यों के साथ साथ असम मार्ग के जरिए बांग्लादेश तक पहुंचने की भी संभावना है। इस प्रकार का नेटवर्क अंतरराज्यीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला (मैन्युफैक्चरिंग से लेकर रिटेल स्तर तक) की विस्तृत जांच की जा रही है।

    इसके अंतर्गत नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा जारी किए जाने वाले उत्पादन कोटा और लाइसेंस के साथ-साथ सभी विनिर्माण इकाइयों, स्टॉकिस्ट, डिस्ट्रीब्यूटर, होलसेलर और रिटेलर से संबंधित अभिलेख प्राप्त कर उनका सत्यापन किया जा रहा है। डॉ. जैकब ने कहा कि सिर्फ ड्रग एक्ट के तहत कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इस तरह के मामलों में एनडीपीएस अधिनियम सहित विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के साथ संयुक्त और समन्वित अभियान चलाना अनिवार्य है।

    लखनऊ में दीपक मानवानी नामक व्यक्ति के घर पर छापेमारी कर ₹3 लाख मूल्य की अवैध औषधियां जब्त की गईं। आरोपी को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट, 1985 की धारा 8, 21, 22 के तहत केस दर्ज हुआ। इसके अलावा M/s Arpik Pharmaceuticals Pvt. Ltd. और M/s Idhika Lifesciences Pvt. Ltd. के गोदामों पर भी छापे मारे गए, जहां से कोडीनयुक्त औषधियों के वितरण अभिलेखों की जांच शुरू की गई है। इसी तरह, लखीमपुर खीरी में पीयूष मेडिकल एजेंसी के संचालक के घर से अवैध Tramadol capsules जब्त किए गए।

    बहराइच में रॉयल फार्मा और ममता मेडिकल एजेंसी पर छापेमारी के दौरान ₹30,000 मूल्य की अवैध औषधियाँ जब्त कर दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। सीतापुर में नैमिष मेडिकल स्टोर के संचालक शिवम कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(1) और 335 में केस दर्ज हुआ। रायबरेली के अजय फार्मा और लखनऊ–सुल्तानपुर के श्री श्याम फार्मा व विनोद फार्मा के खिलाफ भी कोडीनयुक्त औषधियों की बिलिंग और विक्रय में अनियमितता पाए जाने पर कार्यवाही की गई है।

  • राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने दी दीपावली की शुभकामनाएं, सुरक्षित और पर्यावरण-संवेदनशील उत्सव मनाने की अपील की

    राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने दी दीपावली की शुभकामनाएं, सुरक्षित और पर्यावरण-संवेदनशील उत्सव मनाने की अपील की

    नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को दीपावली की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और सभी से यह पर्व सुरक्षित, जिम्मेदारीपूर्ण और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाने की अपील की। अपने संदेश में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि दीपावली अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व पूरे देश में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है और यह प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश फैलाता है।

    राष्ट्रपति ने कहा, “इस दिन श्रद्धालु धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं। यह उल्लास का पर्व आत्मचिंतन और आत्म-सुधार का भी अवसर होता है।”

    उन्होंने इस अवसर पर जरूरतमंदों की मदद करने और उनके जीवन में खुशियां लाने की बात पर भी जोर दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, “मैं सभी से अपील करती हूं कि दीपावली को सुरक्षित, जिम्मेदारीपूर्ण और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाएं। यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए,” और देश-विदेश में बसे सभी भारतीयों को शुभकामनाएं दीं।

  • जयराम ठाकुर ने प्रकाश के पर्व दीपावली पर दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं

    जयराम ठाकुर ने प्रकाश के पर्व दीपावली पर दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं

    ऊना/शिमला/सुशील पंडित: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने दीपों के पावन पर्व दीपावली के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। जिस प्रकार भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने पर सम्पूर्ण नगर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा था, उसी भावना के साथ आज भी हर घर में यह त्यौहार मनाया जाता है।

    जयराम ठाकुर ने कहा कि दीपावली का यह शुभ पर्व सभी के जीवन में खुशियों, नई उमंग और समृद्धि का संदेश लेकर आए। उन्होंने कामना की कि माता लक्ष्मी और भगवान श्रीराम की कृपा से प्रत्येक परिवार का जीवन सुख, शांति और सौभाग्य से परिपूर्ण हो। हर व्यक्ति स्वस्थ्य और समृद्ध हो।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह पर्व हमें अपने भीतर के अंधकार को मिटाकर सद्भाव, सेवा और सकारात्मकता के दीप जलाने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली के इस पर्व को जिम्मेदारी और सुरक्षा के साथ मनाएं और एक-दूसरे का परस्पर सहयोग करें।

  • Punjab News: फर्जी Dope Test मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: फर्जी Dope Test मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    लुधियाना: पुलिस ने फर्जी डोप टेस्ट घोटाले का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रमी राम और अवतार सिंह के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सिविल अस्पताल लुधियाना में लैब टेक्नीशियन के तौर पर काम कर रहे थे और पिछले सात साल से इस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे। एडीसीपी समीर वर्मा ने बताया कि रमी राम सिविल अस्पताल में स्वीपर के पद पर कार्यरत है, जबकि अवतार सिंह जवाहर नगर का निवासी है।

    जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी कच्चे कर्मचारी के तौर पर लैब टेक्नीशियन का कार्य करते थे और अस्पताल की कार्यप्रणाली से भलीभांति परिचित थे। दोनों आरोपियों ने सिस्टम की जानकारी का दुरुपयोग करते हुए लोगों को लालच दिया कि वे सस्ते में डोप टेस्ट करवा देंगे और विभागों के चक्कर काटने से भी बचा लेंगे।

    आरोपी अस्पताल के बाहर ही लोगों के पेशाब के सैंपल ले लेते थे और उन्हें फर्जी डोप टेस्ट सर्टिफिकेट बनाकर दे देते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस घोटाले में और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।

  • Jio ने यूजर्स को दिया Festival Offer, रिचार्ज करने पर मिलेंगे ये Benefits

    Jio ने यूजर्स को दिया Festival Offer, रिचार्ज करने पर मिलेंगे ये Benefits

    टेक्नोलॉजी: जियो फेस्टिव ऑफर के अंतर्गत कुछ रिचार्ज प्लान के साथ अब यूजर्स को कई बेनिफिट्स भी दे रहा है। इस प्लान्स में शर्तों के साथ गोल्ड, 2 महीने के लिए जियो होम ट्रायल भी मिलेगा। फेस्टिव ऑफर के अंतर्गत अब यूजर्स को जियो हॉटस्टार का 3 महीने के लिए सब्सक्रिप्शन मिलेगा। इसके साथ ही जियो एआई क्लाउड में 50 जीबी स्टोरेज का एक्सेस भी मिलता है।

    349 रुपये का रिचार्ज कर पाएंगे यूजर्स

    फेस्टिव ऑफर के अंतर्गत 349 रुपये का रिचार्ज, 899 रुपये का रिचार्ज, 999 रुपये का रिचार्ज और 3599 रुपये का रिचार्ज शामिल है। ये रिचार्ज सिर्फ भारत में सभी रीजन के लिए उपलब्ध होगा। रिचार्ज प्लान आपको जियो पोर्टल और माय जियो ऐप पर आसानी से मिल जाएगा। जियो का 349 रुपये का रिचार्ज प्लान है। फेस्टिव ऑफर के अंतर्गत इसमें गोल्ड और होम ट्रायल भी मिलेगा। इसके साथ ही 3 महीने का जियो होटस्टार का सब्सक्रिप्शन भी यूजर्स को मिल पाएगा।

    मिलेगी कॉलिंग

    जियो के 349 रुपये के रिचार्ज प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग का फायदा मिलता है। प्लान में टोटल 56 जीबी डेटा एक्सेट करने को मिलता है। जियो के 349 रुपये के रिचार्ज प्लान में यूजर्स को डेली के 100 एसएमएस का एक्सेस भी मिलेगा। यहां यूजर्स को 28 दिन तक ये सर्विस मिलती रहेगी।

    जियो हॉटस्टार चलेगा 3 महीने

    जियो हॉटस्टार का सब्सक्रिप्शन 3 महीने के लिए होगा। ऐसे में 349 रुपये का रिचार्ज सिर्फ 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ आएगा। ऐसे में यूजर्स को रिचार्ज खत्म होने के 48 घंटे के अंदर दोबारा से रिचार्ज करवाना पड़ेगा।

    ऑफर में मिलेगा फायदा

    इन प्लांस के अलावा 100 रुपये का ऐड-ऑन करने पर भी फेस्टिव ऑफर के फायदे आप उठा सकते है लेकिन इसके साथ आपको वेलिडिटी नहीं मिलेगी। इस ऑफर के अंतर्गत यूजर्स को 5G डाटा, ओटीटी प्लेटफॉर्म और- जियो के इन-ऐप रिवॉर्ड इकोसिस्टम में इस्तेमाल के लिए एकस्ट्रा जियो गोल्ड बैलेंस की सुविधा भी मिलेगी। यह ऑफर प्रीपेड यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा परंतु फिलहाल जियो ने पोस्टपेड यूजर्स के लिए अलग से फेस्टिव ऑफर की घोषणा नहीं की है।  
  • आखिर क्यों Canada से निकाले जा रहे भारतीय लोग? PM Mark Carney ने बताया कारण

    आखिर क्यों Canada से निकाले जा रहे भारतीय लोग? PM Mark Carney ने बताया कारण

    नई दिल्ली: बीते कुछ सालों में कनाडा से भारतीयों को जबरदस्ती बाहर निकाला जा रहा है। राज्य से बाहर निकालने वाले लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। कनाडाई सीमा सेवा एजेंसी के मुताबिक, इस साल यह आंकड़ा रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका है। इस साल 28 जुलाई तक कनाडा से निकाले गए भारतीय नागरिकों की संख्या 1,891 थी वहीं साल 2019 में यह संख्या सिर्फ 625 थी। कनाडा से दूसरे देश के लोगों को निकाले जाने की लिस्ट में भारत दूसरे नंबर पर है। 28 जुलाई 2025 तक मैक्सिको को 2,678 लोगों को जबरदस्ती कनाडा से निकाला गया था। साल 2024 में कनाडाई प्राधिकारियों की ओर से 1,997 भारतीयों को जबरदस्ती निकाला गया था। वहीं पिछले साल मैक्सिको के 3683 और 981 कोलंबियाई लोगों को कनाडा ने बाहर निकाला था।

    कनाडा के पीएम ने दिया जवाब

    इस बारे में जब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से पूछा गया कि क्या उसकी सरकार विदेशी अपराधियों को वापिस उनके देश में भेजने पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हां। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए अच्छे संसाधनों के साथ ट्रैकिंग में भी सुधार करने की योजना है। उन्होने कहा कि यह पहल उन सभी सुधारों का हिस्सा है जो हम कनाडा में इमिग्रेशन सिस्टम में कर रहे हैं।

    8 भारतीय किए गए गिरफ्तार

    कनाडा में बढ़ती एंटी इमिग्रेशन सेंटीमेट के बीच में दूसरे देश के लोगों को निकालने की प्रक्रिया शुरु हुई है। कनाडा में हाल ही में 450 डाक की कथित चोरी के आरोप में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सुमनप्रीत सिंह, गुरदीप चट्ठा, जश्नदीप जट्टाना, हरमन सिंह, जसनप्रीत सिंह, मनरुप सिंह, राजबीर सिंह और उपिंदरजीत सिंह के तौर पर हुई है। इस बारे में पील क्षेत्रीय पुलिस ने 10 अक्टूबर 2025 को एक प्रेस रिलीज जारी किया है। वह पील क्राउन अटॉर्नी कार्यालय और कनाडा सीमा सेवा एजेंसी के साथ एक्टिव तौर पर जुड़े हुए हैं। यह निर्धारित करेगा कि कनाडा से आरोपी विदेशी नागरिकों को निकालने का मामला न्यायिक प्रक्रिया के हिस्से के तौर पर आगे बढ़ाया जा सकता है या फिर नहीं।
  • बेटी दुआ के आने से बदली Deepika Padukone की जिंदगी, एक्ट्रेस ने खुद दिया फैंस को Hint

    बेटी दुआ के आने से बदली Deepika Padukone की जिंदगी, एक्ट्रेस ने खुद दिया फैंस को Hint

    मनोरंजन: बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण सुर्खियों में बनी रहती हैं। एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और आए दिन अपने से जुड़ी अपडेट फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं। इन दिनों एक्ट्रेस अपना मदरहुड पीरियड एंजॉय कर रही हैं। ऐसे में एक्ट्रेस ने अपने सोशल मीडिया पर बड़ा बदलाव किया है। उनके इस बदलाव का कनेक्शन बेटी दुआ के साथ है।

    1 साल की हुई बेटी

    दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की बेटी दुआ पादुकोण 1 साल की हो गई है। पिछले साल 8 सितंबर 2024 को ही कपल ने नन्ही परी का स्वागत किया था। बेटी के जन्म के बाद से ही कपल के घर खुशियां बढ़ गई है। दीपिका पादुकोण ने बेटी के बाद से अपनी रुटीन बदल दी है। वो शूटिंग भी बेटी के टाइम के हिसाब से करती हैं। दीपिका अपनी बेटी का पूरा ध्यान रखती हैं और ज्यादातर समय उसी के साथ बिताना पसंद करती हैं। अब ये एक्ट्रेस के सोशल मीडिया पेज से भी पता चल रहा है।

    एक्ट्रेस ने बदली अपनी इंस्टा प्रोफाइल

    दीपिका पादुकोण ने सालों बाद अपनी इंस्टाग्राम हैंडल की प्रोफाइल फोटो बदल दी है। इस डीपी का कनेक्शन उनकी बेटी दुआ के साथ जुड़ा हुआ है। दीपिका ने अपनी नई इंस्टाग्राम तस्वीर में इस बार अपनी तस्वीर नहीं लगाई। उन्होंने अपनी टी-शर्ट की फोटो लगाई है। इस टीशर्ट पर लिखा है – ‘अपनी मां वाली ईरा में हूं’। उनके इस बदलाव से यह साबित हो रहा है कि उन्हें मदरहुड का नया रोल काफी पसंद आया है। ये ही कारण है कि फिल्मों की शूटिंग के लिए भी दीपिका ने 8 घंटे की शिफ्ट की डिमांड रखी है ताकि वो अपनी बेटी पर ध्यान दे पाए। हालांकि दीपिका ने अभी तक अपनी बेटी का चेहरा फैंस को नहीं दिखाया है।

    ट्रोल हुई थी दीपिका

    अभी हाल ही में दीपिका एक और कारण से भी सुर्खियों में बनी थी। एक्ट्रेस अपने पति रणवीर सिंह के साथ अबू धाबी टूरिज्म की ब्रांड एंबेस्डर बन गई है। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें दीपिका हिजाब पहने हुए दिख रही थी। ऐसे में उन्हें यूजर्स ने ट्रोल कर दिया था। फैंस को उनका अपने देश को छोड़ दूसरे देश के टूरिज्म को प्रमोट करना पसंद नहीं आया था।
     
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  • मुख्यमंत्री ने टूटीकंडी बाल आश्रम में बच्चों के साथ मनाई दिवाली

    मुख्यमंत्री ने टूटीकंडी बाल आश्रम में बच्चों के साथ मनाई दिवाली

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां टूटीकंडी बाल आश्रम का दौरा किया और आश्रम में रहने वाले बच्चों के साथ दीपोत्सव भी मनाया। आश्रम के बच्चों और कर्मचारियों ने मिट्टी के दीये जलाकर और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को मिठाइयां और उपहार बांटे और उन्हें दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवाली का असली मतलब खुशियां, करुणा और एकजुटता बांटना है। ये बच्चे हमारा भविष्य हैं और यह हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है, कि हम सुनिश्चित करें कि उनकी परवरिश प्यार, सम्मान और उचित अवसरों के साथ हों।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों को ‘राज्य के बच्चों’ के रूप में गोद लिया है। इन बच्चों की शिक्षा का सारा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त उन्हें प्रति माह 4000 रुपये पॉकेट मनी भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के बाल आश्रमों में आवासीय सुविधाओं का उन्नयन किया जाएगा और अन्य सुविधाओं में भी वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार जल्द ही अनाथ और कमजोर बच्चों के समग्र विकास के लिए विशेष रूप से नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू करेगी।

    मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बाल आश्रम के बच्चों के लिए हर साल 14 नवंबर को खेल दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार पर्याप्त बजट का प्रावधान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल आश्रमों के छात्रों को बेहतर अनुभव प्राप्त करने के लिए राज्य से बाहर शैक्षणिक दौरों पर भेजा जाएगा। उन्होंने बच्चों से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और उसके बाद विभिन्न क्षमताओं में राष्ट्र की सेवा करके देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर महापौर सुरेन्दर चौहान, उप-महापौर उमा कौंडल, निदेशक महिला एवं बाल कल्याण पंकज ललित और उपायुक्त अनुपम कश्यप भी उपस्थित थे।

  • Hamas ने फिर तोड़ा Ceasefire, 38 लोगों की हुई मौत, इजरायल के प्रधानमंत्री ने दी चेतावनी

    Hamas ने फिर तोड़ा Ceasefire, 38 लोगों की हुई मौत, इजरायल के प्रधानमंत्री ने दी चेतावनी

    नई दिल्ली: गाजा में चल रहे संघर्ष के बीच इजरायली सेना ने अक्टूबर की शुरुआत से लगे हुए युद्धविराम का फिर से उल्लंघन कर दिया है। इस उल्लंघन के कारण 38 लोगों की मौत और 143 लोग घायल हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में इजरायल के द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई में 68,116 लोग मारे जा चुके हैं और 1,70,200 लोग घायल हो गए हैं। 7 अक्टूबर को हमलों में इजरायल में 1,139 लोगों की मौत और करीबन 200 लोगों का अपहरण हुआ था। इसी बीच अब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को घोषणा की है कि गाजा और मिस्न के बीच रफाह सीमा क्रॉसिंग को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा। तब तक हमास सभी मृत इजरायली बंधकों को वापिस नहीं करेगा।

    शर्तें करनी होगी पूरी

    प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि रफाह सीमा तभी खोली जाएगी जब हमास मृत बंधकों को अवशेष लौटाने और युद्धविराम समझौते के अंतगर्त तय की गई शर्तों को पूरा करेगा। रफाह सीमा गाजा का इकलौता द्वार थी जो इजरायल के सीधे नियंत्रण में नहीं था। यह मानवीय सहायता और नागरिकों के आवगमन के लिए जीवनरेखा मानी जाती थी। इसके बंदी ने गाजा के लोगों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ा दी है। हमास ने शनिवार को दो और बंधकों का शव रेड क्रॉस को सौंपा है जिसको बाद में इजरायली सेना के हवाले कर दिया गया। इजरायल ने इस घटना को अपूर्ण सहयोग बताकर हमास पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

    नेतन्याहू ने लगाए आरोप

    वहीं दूसरी ओर काहिरा में स्थित फिलिस्तानी दूतावास ने यह घोषणा की थी कि रफाई सीमा सोमवार को मिस्न के साथ समन्वय के बाद खोल दी जाएगी ताकि मिस्न में रह रहे फिलिस्तानी नागरिक गाजा में लौट आएं हालांकि नेतन्याहू के आदेश के बाद यह फैसला फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इसी बीच तेल अवीव में प्रदर्शनकारियो ने यह मांग रखी है कि गाजा में बचे हुए सभी बंधकों के शवों को जल्द से जल्द वापिस लाया जाए। हमास ने नेतन्याहू पर आरोप भी लगाए हैं कि वह कमजोर बहानों का इस्तेमाल करके युद्धविराम का समझौता बाधित कर रहा है।