नए नियम और गाइडलाइंस: क्या बदल गया है?
- लड़ी वाले पटाखे (लारी) बैन: इन पटाखों से सबसे ज्यादा धुआं और शोर उत्पन्न होता है, इसलिए इन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
- केवल ग्रीन पटाखे ही वैध: पटाखों में बेरियम, पारा, एंटीमनी और सीसा जैसे खतरनाक रसायनों का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया गया है। केवल ग्रीन पटाखे ही लाइसेंसधारी दुकानों पर बेचे जाएंगे।
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर रोक: Flipkart और Amazon जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पटाखों की बिक्री नहीं कर सकेंगे। उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख त्योहारों के लिए तय समय सीमा
सरकार ने हर त्योहार के लिए सीमित समय निर्धारित किया है, ताकि ध्वनि और वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके:- दिवाली: 8:00 PM से 10:00 PM (31 अक्टूबर 2024)
- गुरुपुरब: 4:00 AM से 5:00 AM और 9:00 PM से 10:00 PM (15 नवंबर 2024)
- क्रिसमस और न्यू ईयर: 11:55 PM से 12:30 AM (25-26 दिसंबर और 31 दिसंबर 2024 – 1 जनवरी 2025)
जन जागरूकता अभियान
- डिप्टी कमिश्नर को निर्देश दिए गए हैं कि वे पटाखों से होने वाले पर्यावरणीय और स्वास्थ्य नुकसान के बारे में जागरूकता फैलाएं।
- स्थानीय पुलिस और प्रशासन यह सुनिश्चित करेंगे कि ग्रीन पटाखों का उपयोग केवल निर्धारित समय और अनुमति प्राप्त स्थानों पर ही हो।
- गैर-लाइसेंसधारी विक्रेताओं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी निगरानी और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
क्या हैं ग्रीन पटाखों के फायदे?
ग्रीन पटाखे, पारंपरिक पटाखों की तुलना में:- कम धुआं और ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करते हैं।
- न्यूनतम हानिकारक गैसों का उत्सर्जन करते हैं।
- अधिक पर्यावरण-अनुकूल होते हैं, जिससे अस्थमा रोगियों और बच्चों की सेहत पर कम असर पड़ता है।