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  • Himachal News: जिला ऊना में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा प्रक्रिया तेज, कमेटी गठित

    Himachal News: जिला ऊना में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा प्रक्रिया तेज, कमेटी गठित

    ऊना/सुशील पंडित: जिला ऊना में सार्वजनिक सुरक्षा, शांति एवं कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक समीक्षा प्रक्रिया को और अधिक गति प्रदान की है।यह पूरी प्रक्रिया प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में शस्त्र लाइसेंसों को लेकर जारी निर्देशों में निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संपन्न की जाएगी।

    जिला मजिस्ट्रेट ऊना जतिन लाल ने बताया कि जिले के प्रत्येक उप-मंडल में एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की गई है, जिसमें उप-मंडल मजिस्ट्रेट, पुलिस उपाधीक्षकध्संबंधित एसएचओ, तहसीलदार और वन विभाग के रेंज अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सभी लाइसेंस धारकों के लिए हथियार एवं गोला-बारूद जमा करवाने की अंतिम तिथि पहले 26 नवंबर निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 28 नवंबर कर दिया गया था, ताकि सभी लाइसेंसधारकों को सुविधा मिल सके।

    उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक ऊना को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 17 (बी, सी एवं डी) के अनुरूप सभी संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट समय पर उप-मंडल स्तरीय समितियों तक पहुंचाई जाए। समिति को आदेश जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर लाइसेंसों के निलंबन, रद्दीकरण या निरस्तीकरण से संबंधित अपनी संस्तुतियां जिला कार्यालय को भेजनी होंगी।

    उपायुक्त ने बताया कि कुछ लाइसेंस धारकों द्वारा विशेष परिस्थितियों में हथियार जमा करवाने में छूट के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने उप-मंडल स्तर की समितियां फसल सुरक्षा और आत्मरक्षा के आधार पर जारी लाइसेंसों की प्राथमिकता से समीक्षा करने। समीक्षा के दौरान लाइसेंसधारक की प्रतिष्ठा, व्यवहार, लंबित भूमि विवाद, आपराधिक मुकदमों में संलिप्तता और सार्वजनिक शांति भंग की घटनाओं को विशेष रूप से परखने। जिन मामलों में झगड़े, भूमि विवाद, लड़ाई या आपराधिक अभियोजन की पुष्टि होती है, ऐसे प्रकरण आगे की कार्रवाई हेतु जिला कार्यालय को भेजने तथा जिन लाइसेंसधारकों के विरुद्ध कोई नकारात्मक रिकॉर्ड नहीं पाया जाता, उनके हथियार नियमानुसार वापस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उपायुक्त ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया जिले में शांति व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक दूरदर्शी और सकारात्मक कदम है। उन्होंने सभी लाइसेंस धारकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि समीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं न्यायसंगत तरीके से उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है।

  • Punjab News : रिश्तों की आड़ में रंगदारी मांगने वाले गैंग का पर्दाफाश, देखें वीडियो

    Punjab News : रिश्तों की आड़ में रंगदारी मांगने वाले गैंग का पर्दाफाश, देखें वीडियो

    मकान मालिक से 50 लाख रुपये मांगने वाले गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार

    अमृतसर। पुलिस ने रिश्तों की आड़ में चल रहे रंगदारी सिंडिकेट का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मकान मालिक से 50 लाख रुपये मांगने वाले गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। वेरका थाने में दर्ज FIR के तहत कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों हरजिंदर सिंह उर्फ ​​जिंदू और जसलीन कौर को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि दुबई SIM के जरिए धमकियां दी जा रही थीं, जबकि भारत में बैठी जसलीन कौर WhatsApp के जरिए बातचीत कर रही थी। खुलासे के बाद जसप्रीत सिंह उर्फ ​​बाबा और उसकी चचेरी बहन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। हैरानी की बात यह है कि मुख्य साजिशकर्ता शिकायतकर्ता की भाभी ही निकली, जिसने पूरा जाल बुना था।

    रिश्तों की आड़ में चल रहा था गैंग
    अमृतसर पुलिस ने रिश्तों की आड़ में चल रहे एक बड़े रंगदारी गैंग का पर्दाफाश किया है। यह गैंग एक मकान मालिक से 50 लाख रुपये रंगदारी वसूलने की प्लानिंग कर रहा था। मामले में वेरका थाने में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस जांच के दौरान पहले दो आरोपियों हरजिंदर सिंह उर्फ ​​जिंदू और जसलीन कौर को गिरफ्तार किया गया। पता चला कि धमकी भरे कॉल के लिए हरजिंदर का दुबई का SIM इस्तेमाल हो रहा था, जबकि इंडिया में बैठी जसलीन उसी नंबर पर WhatsApp चलाती थी, ताकि गैंग टच में रहे। आगे की जांच में पता चला कि शिकायत करने वाले का रिश्तेदार जसप्रीत सिंह उर्फ ​​बाबा भी इस साजिश में शामिल था। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी चचेरी बहन को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

    DCP का आया बयान
    घटना बारे DCP लॉ एंड ऑर्डर आलम विजय सिंह ने मीडिया को बताया कि इस गैंग का प्लान विशाल नाम के एक युवक ने तैयार किया था जो अभी दुबई में रहता है। वहीं हरजिंदर और जसप्रीत के बीच मेन कॉन्टैक्ट था। सबसे हैरानी की बात यह थी कि मेन साजिश करने वाली शिकायत करने वाली की भाभी संदीप कौर थी। उसे पूरी जानकारी थी कि शिकायत करने वाले के परिवार ने हाल ही में ज़मीन बेची है और पैसे घर में हैं। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर रंगदारी का प्लान बनाया। पुलिस ने गैंग के मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और अगले लिंक ढूंढने के लिए जांच तेज कर दी है और विदेश में बैठे आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।

  • आरएसएस की राष्ट्रवादी विचारधारा पर जगत सिंह नेगी की भ्रामक व शर्मनाक टिप्पणी — गौरव कुमार

    आरएसएस की राष्ट्रवादी विचारधारा पर जगत सिंह नेगी की भ्रामक व शर्मनाक टिप्पणी — गौरव कुमार

    ऊना/सुशील पंडित: स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार ने आरएसएस की राष्ट्रवादी, सांस्कृतिक और समाजसेवी विचारधारा पर की गई जगत सिंह नेगी की विवादित, भ्रामक और शर्मनाक टिप्पणी पर गहरा रोष व्यक्त किया है।

    गौरव कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) देश की सबसे पुरानी, अनुशासित और राष्ट्रहित के लिए समर्पित संस्था है, जिसकी विचारधारा राष्ट्रवाद, संस्कृतिजन्य जीवन मूल्यों, सामाजिक समरसता और कर्तव्यनिष्ठ सेवा पर आधारित है। ऐसे संगठन पर बिना तथ्य और बिना आधार के राजनीति से प्रेरित आरोप लगाना न केवल अज्ञानता का प्रमाण है, बल्कि समाज में जानबूझकर भ्रम और तनाव फैलाने की कोशिश भी है।

    उन्होंने कहा कि आरएसएस ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है, प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्य,समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारा स्थापित करने के प्रयास,युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार, भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण इन सभी क्षेत्रों में आरएसएस की भूमिका अनुकरणीय और अतुलनीय रही है।

    ऐसी संस्था पर गलत, अपमानजनक और आधारहीन टिप्पणी करना उसकी राष्ट्रवादी विचारधारा पर सीधा प्रहार है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।अध्यक्ष गौरव कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जगत सिंह नेगी को अपने शब्दों की मर्यादा रखनी चाहिए, परंतु जिस स्तर की टिप्पणी उन्होंने की है, वह अत्यंत निंदनीय, असंवेदनशील और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होती है।

    स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी ने जगत सिंह नेगी के बयान का कड़े शब्दों में विरोध जताते हुए यह मांग की है कि वे तत्काल अपनी भ्रामक टिप्पणी पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दें और माफी माँगें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना और समाज को विभाजित करने वाली बयानबाज़ी दोबारा न हो। ट्रस्ट ने इस बयान को राष्ट्रवादी संगठनों के सम्मान और पूरे समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कदम बताया है।

     

     

  • स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर भारत की अग्रदूत, देश की वास्तविक ताकत: सीएम सैनी

    स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर भारत की अग्रदूत, देश की वास्तविक ताकत: सीएम सैनी

    चण्डीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश की बहनों ने अपनी मेहनत और हुनर से देशभर में नाम कमाया है। यही आत्मनिर्भर भारत की पहचान है हर घर में हुनर और हर हाथ को काम है। आज हरियाणा के हजारों स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर भारत के सबसे मजबूत स्तंभ बन चुके हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को पंचकूला में स्वयं सहायता समूह सम्मेलन में महिलाओं को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर भारत के अग्रदूत हैं। आत्मनिर्भर भारत का असली चेहरा हैं। जब किसी गांव की महिला सिलाई मशीन लेकर या कोई युवा बेटी डेयरी या हस्तशिल्प का कार्य शुरू करती है, तो वह सिर्फ अपने परिवार की आजीविका नहीं बनाती, वह समाज का भविष्य गढ़ती है।

    जैविक खेती व डिजिटल सेवाओं से लेकर छोटे उद्योगों तक में भागीदारी बखूबी निभा रही स्वयं सहायता समूह

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक 65 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया है। इनमें लाखों महिला सदस्य अपनी मेहनत से समाज में सम्मान और पहचान बना रही हैं। सहायता समूहों को बैंक ऋण, प्रशिक्षण, विपणन और ब्रांडिंग की पूरी सुविधा दी है, ताकि वे केवल उत्पादन ही नहीं, बिक्री में भी आत्मनिर्भर बन सकें। प्रदेश की महिलाएं पापड़, अचार, हस्तशिल्प व डेयरी उत्पादों में अपने कौशल का कमाल दिखा रही हैं। साथ ही जैविक खेती और डिजिटल सेवाओं से लेकर छोटे उद्योगों तक में अपनी भागीदारी बखूबी निभा रही हैं। हमारी बहनें अब डिजिटल पेमेंट, ई-कॉमर्स, और ऑनलाइन मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।

    प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों के काम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की प्रशंसा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के काम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रशंसा की है। उन्होंने 28 जुलाई, 2024 को मन की बात कार्यक्रम में रोहतक जिले के हथकरघा उद्योग का जिक्र किया है। उस उद्योग में लगी बहनों की मेहनत और कौशल की तारीफ की । उसमें हमारे रोहतक जिले की 250 से अधिक महिलाएं ब्लॉक प्रिटिंग एवं रंगाई का काम करती हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ट्रेनिंग हासिल की है। जिला गुरुग्राम में शंकर की ढाणी गांव में शंकर स्वयं सहायता समूह में 250 बहनें अपना रोजगार चला रही हैं। वे 150 से अधिक घरों से दूध लेकर डेयरी चला रही हैं, मिठाई की दुकान चला रही हैं और मोटे अनाज के लड्डू, खिचड़ी व अन्य उत्पाद भी बनाकर बेचती हैं। इसी प्रकार, गुरुग्राम के गांव चांदू निवासी पूजा शर्मा को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-2022 के अवसर पर देश के राष्ट्रपति द्वारा ‘नारी शक्ति‘ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

    उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए पदमा स्कीम के तहत वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट को कर रहे प्रोत्साहित

    उन्होंने कहा कि बहनें पशुपालन, बागवानी, मछली पालन, ब्यूटी पार्लर, किराना की दुकानों, कैंटीन आदि के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दे रही हैं। हर क्षेत्र में किसी न किसी उत्पाद की अपनी ही खासियत होती है। हम ऐसे ही उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पदमा स्कीम के तहत वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इस पहल में स्वयं सहायता समूहों की बहनों का अनुभव और कौशल बड़ा काम आएगा।

    सूक्ष्म उद्योगों में निवेश की ऊपरी सीमा को बढ़ाया गया

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि सूक्ष्म उद्योग में निवेश की ऊपरी सीमा 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है। इसी प्रकार, लघु औद्योगिक इकाइयों में निवेश की ऊपरी सीमा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये तथा मध्यम इकाई में 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से आग्रह किया कि इस तरह के उद्योग लगाकर भी स्वदेशी को बढ़ावा दें और देश-प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में और अधिक योगदान करें।

    स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार चलाने के लिए दिए कई प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार चलाने के लिए कई प्रोत्साहन दिए हैं। इन्हें रिवोलविंग फण्ड और सामुदायिक निवेश निधि के रूप में सरल ऋण के तौर पर वित्तीय सहायता दी है । अब तक लगभग 548 करोड़ रुपये की विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। सरकार ने सामुदायिक निवेश निधि की राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपये कर दी है। रिवोलविंग फण्ड की राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये की है। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ऋण लेने पर स्टाम्प शुल्क से छूट भी दी गई है।

    सहायता समूहों ने आर्थिक मजबूती के साथ आत्मविश्वास, नेतृत्व और उद्यमिता को दी नई दिशा

    उन्होंने कहा कि सहायता समूहों ने न केवल आर्थिक मजबूती दी है बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व और उद्यमिता को नई दिशा दी है। गांव-गांव में महिलाओं के प्रति बदलती सोच, घर-घर में बढ़ता सम्मान और समाज में उभरती नई ऊर्जा, यह सब स्व-सहायता समूहों के योगदान का ही परिणाम है। विकसित हरियाणा-विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में समूहों की भूमिका का महत्व बहुत ज्यादा है। आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण में आप जितना ज्यादा और जितना सक्रिय योगदान देंगी, हम अपने लक्ष्य को उतना ही जल्दी प्राप्त कर पाएंगे।

    हमारी सरकार निरंतर महिलाओं को सशक्त बनाने का कर रही है काम

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने का निरंतर काम कर रही है। हमारे सरकार ने जो कहा है उसको धरातल पर उतारने का काम किया है। सरकार ने पहले ही बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 5 हजार करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया। इस योजना में लगातार पंजीकरण हो रहा है जिसकी हमने पहली किस्त भी जारी कर दी है। जिसकी दूसरी किस्त भी जल्द जारी की जाएगी। जिन परिवारों की आय 1 लाख 80 हजार से कम है उन बहनों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली, विधायक शक्ति रानी शर्मा सहित काफी संख्या में स्वयं सहायता समूह उपस्थित रहे।
  • Himachal News: मैहतपुर में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर जागरूकता सत्र आयोजित

    Himachal News: मैहतपुर में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर जागरूकता सत्र आयोजित

    ऊना/सुशील पंडित: मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित बीएसएनएल टेलीफोन एक्सचेंज में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र के एमएसएमई उद्यमियों, स्थानीय औद्योगिक संघ और सरकारी प्रतिनिधियों ने उद्योग 4.0 तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस सत्र का आयोजन सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) द्वारा सरकार और उद्योग विभाग (राजीव गांधी सेवा केंद्र, ऊना) के सहयोग से किया गया था। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र की लघु एवं मध्यम विनिर्माण इकाइयों के लिए डिजिटल परिवर्तन को व्यावहारिक और किफायती बनाना था।

    इस दौरान मुख्यातिथि जिला उद्योग केंद्र ऊना के प्रबंधक घनश्याम ने योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और नई तकनीकों के लिए सहायता प्रदान करके उद्योगों के आधुनिकीकरण में सहयोग देने के लिए उपस्थित विभागों और एजेंसियों की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए, मैहतपुर की इकाइयों को धीरे-धीरे मैन्युअल, कागज-आधारित प्रणालियों से डिजिटल और डेटा-संचालित संचालन की ओर रुख करना होगा।

    स्थानीय औद्योगिक संघ के अध्यक्ष सी.एस. कपूर ने अन्य पदाधिकारियों और उद्यमियों के साथ इस पहल की सराहना की और सदस्य इकाइयों को आगामी डिजिटलीकरण कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। औद्योगिक क्षेत्र मैहतपुर के प्रशासनिक अधिकारी, दीपक वर्मा ने भविष्य के जागरूकता सत्रों और जमीनी स्तर पर समन्वय में पूर्ण स्थानीय सहयोग का आश्वासन दिया।

    सीईएल के विशेषज्ञों ने व्यावहारिक और किफायती डिजिटल तकनीकों जैसे स्वचालन, एलओटी-आधारित निगरानी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मैहतपुर इकाइयों में दैनिक विनिर्माण कार्यों में लागू करने की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सरल, उद्योग-संबंधित उदाहरण साझा करके दिखाया कि कैसे छोटे-छोटे हस्तक्षेप भी मापनीय सुधार ला सकते हैं। उन्होंने प्रदर्शनों में मशीन डाउनटाइम को कम करने, अस्वीकृति और दोष दरों को कम करने, ऊर्जा दक्षता में सुधार करने, तथा कार्यस्थल पर तीव्र और अधिक सटीक निर्णय लेने के लिए वास्तविक समय उत्पादन और रख-रखाव डेटा का उपयोग करने जैसे उपयोग मामलों पर भी ध्यान केंद्रित किया।

    मैहतपुर की औद्योगिक इकाइयों ने इन समाधानों को अपनाने में गहरी रुचि दिखाई और पूर्वानुमानित रखरखाव, डिजिटल इन्वेंट्री प्रबंधन और उत्पादन निगरानी डैशबोर्ड जैसे क्षेत्रों में केंद्रित समर्थन का अनुरोध किया। कई उद्यमियों ने क्लस्टर के भीतर स्मार्ट विनिर्माण के लाभों को प्रदर्शित करने के लिए पायलट परियोजनाओं में भाग लेने की इच्छा भी व्यक्त की।

    सीईएल और सहायक विभागों ने विस्तृत मूल्यांकन, इकाई-वार परामर्श और चरण दर चरण कार्यान्वयन योजनाओं का पालन करने का प्रस्ताव दिया ताकि मैहतपुर ऊना जिले में उद्योग 4.0 के नेतृत्व वाली वृद्धि के लिए एक आदर्श औद्योगिक क्षेत्र के रूप में उभर सके।

  • बंगाणा में अवैध कब्जों पर कार्रवाई तो फिर खुरवाई अवैध कब्जे पर प्रशासन मौन क्यों:  भुट्टो

    बंगाणा में अवैध कब्जों पर कार्रवाई तो फिर खुरवाई अवैध कब्जे पर प्रशासन मौन क्यों:  भुट्टो

     भुट्टो का आरोप, खुरवाई में दस मरले खरीद कर 10 कनाल सरकारी भूमि पर किस के इशारे पर हुआ कब्जा

    ऊना/सुशील पंडित: कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं क्षेत्र के पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो ने उपमंडल बंगाणा प्रशासन पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ के खुरवाई क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा महज़ दस मरले निजी भूमि लेकर करीब दस कनाल सरकारी भूमि पर कब्जा किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन इस पूरे मामले पर अनदेखी कर रहा है।

    भुट्टो ने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि इतने बड़े स्तर पर सरकारी भूमि पर कब्जा आखिर किसके इशारे पर हो रहा है और प्रशासन इस ओर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा। दविंदर भुट्टो ने कहा कि दूसरी ओर बंगाणा प्रशासन, बंगाणा बाजार में दुकानदारों के दुकानों के आगे बने छज्जों को लेकर लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन के पास बाजार में छज्जों को हटवाने का पर्याप्त समय और संसाधन हैं, तो खुरवाईं में दस कनाल सरकारी भूमि पर बने अवैध कब्जे क्यों नहीं दिख रहे? उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह दोहरा रवैया जनता के बीच कई सवाल खड़े कर रहा है।

    पूर्व विधायक ने सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता और सरकार की आड़ में कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं और प्रशासन उन लोगों के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने चेतावनी भरे लहज़े में कहा कि सरकारें आती जाती रहती हैं, पर प्रशासन की निष्पक्षता उसका असली चेहरा है। बंगाणा प्रशासन किसी की कठपुतली न बने और कानून को बराबरी से लागू करे। दविंदर भुट्टो ने कहा कि कुटलैहड़ क्षेत्र की जनता सब देख रही है और जानती है कि किसके संरक्षण में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे पनप रहे हैं।

    उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वह जल्द से जल्द इस मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करे, ताकि सरकारी भूमि को बचाया जा सके और कानून व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कायम रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा विकास और पारदर्शिता की राजनीति करती आई है, और इसी सिद्धांत पर चलते हुए वह प्रशासन से अपेक्षा करते हैं कि वह बिना किसी दबाव और पक्षपात के जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करे।

  • सड़क सुरक्षा और नशे पर नकेल के लिए एक्शन में प्रशासन

    सड़क सुरक्षा और नशे पर नकेल के लिए एक्शन में प्रशासन

    डीसी जतिन लाल बोले… जिले में होगी समन्वित और निर्णायक कार्रवाई

    ऊना/सुशील पंडित: उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और नशे में संलिप्तता से जुड़ी गतिविधियों पर कड़ी नकेल कसने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित और निर्णायक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वे शनिवार को डीआरडीए बैठक हाल में जिला सड़क सुरक्षा समिति तथा राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एन-कॉर्ड) के तहत गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित यादव, जिले के सभी एसडीएम, पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
    डीसी ने  निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं और नशे से जुड़े मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संबंधित विभाग समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करें।  उन्होंने कहा कि ओवरस्पीड, गलत ओवरटेकिंग और लापरवाही से ड्राइविंग सड़क हादसों के प्रमुख कारण बनते हैं। ऐसे में इसपर तत्काल और सख्त काबू की आवश्यकता है।

    स्पीड लिमिट का सख्ती से होगा पालन, एनएच पर बढ़ेगी निगरानी

    उपायुक्त ने नगर निगम ऊना क्षेत्र में गति सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र में वाहन श्रेणी के अनुसार निर्धारित 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड लिमिट का सख्ती से अनुपालन कराया जाए। नगर निगम अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि शहर के प्रवेश द्वारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर गति सीमा संबंधी सूचनात्मक बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए। इसके साथ ही पूरे जिले में नेशनल हाईवे पर वाहन वर्ग के अनुरूप 40 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा की निर्धारित गति सीमा का भी सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
    मैहतपुर–दौलतपुर एनएच पर तेज रफ्तार और गलत ओवरटेकिंग की घटनाएं अधिक होने पर उन्होंने इस रूट पर लगातार निगरानी रखने को कहा। बडूही से मुबारिकपुर सड़क मार्ग को संवेदनशील बताते हुए उपायुक्त ने पूरे स्ट्रेच पर पर्याप्त लाइटिंग, रंबल स्ट्रिप, साइन बोर्ड और बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाईवे का कोई भी हिस्सा डार्क ज़ोन नहीं रहना चाहिए।

    मुख्य बाजारों में चिन्हित होंगे ‘नो वेंडिंग–नो पार्किंग ज़ोन’

    जिले में जनता की सुविधा के लिए भीड़ भाड़ नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए डीसी ने कहा कि प्रत्येक उपमंडल में मुख्य बाजार के एक हिस्से को ‘नो वेंडिंग–नो पार्किंग ज़ोन’ के रूप में चिन्हित किया जाएगा। इस संबंध में एसडीएम स्थानीय व्यापार मंडलों के साथ विचार-विमर्श कर एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव भेजेंगे। उन्होंने कहा कि 300–400 मीटर का छोटा निर्धारित क्षेत्र भी भीड़ से राहत देने में पर्याप्त हो सकता है। उन्होंने मुख्य बाजारों में लोडिंग–अनलोडिंग का समय निर्धारण करने को भी कहा।
    उन्होंने सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए एसडीएम, पीडब्ल्यूडी और नगर निकायों की संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

    स्कूलों में रोड सेफ्टी और नशा निवारण गतिविधियों की दैनिक रिपोर्ट दें

    उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि स्कूलों में सड़क सुरक्षा और नशा निवारण विषय पर दैनिक गतिविधियां आयोजित की जाएं और इसकी रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए। उपनिदेशक शिक्षा को निर्देश दिए कि वे सभी प्रिंसिपल को निर्देशित करें कि वे अपने संस्थान के आसपास नशे की गतिविधियों पर निगरानी रखें। इसे लेकर उपनिदेशक उनसे मासिक रिपोर्ट लें।

    नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्रों की सख्त मॉनिटरिंग
    एन-कॉर्ड बैठक में डीसी ने नशा निवारण और पुनर्वास केंद्रों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भर्ती मरीज की एंट्री और एग्जिट का रिकॉर्ड अद्यतन रहे तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अनुशंसा के बिना किसी व्यक्ति को भर्ती न किया जाए। उन्होंने बाहरी राज्यों से अवैध शराब सप्लाई पर भी पुलिस और आबकारी विभाग को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

    वहीं, पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने कहा कि जिला पुलिस सड़क सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगी। ओवरस्पीड, रैश ड्राइविंग और गलत ओवरटेकिंग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने रात्रि के समय दुर्घटना संभावित स्थलों पर फ्लैशर लाइट, रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत और बैरिकेड लगाने पर जोर दिया तथा लोगों से यातायात नियमों और नशा निवारण अभियान में प्रशासन को सहयोग करने की अपील की।

    बैठक में एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, एसडीएम गगरेट सौमिल गौतम, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल , नगर निगम ऊना के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार सहित,पुलिस, आबकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • Haryana News: अधिवक्ता सम्मेलन में शामिल हुए सीएम सैनी, बीजेपी अध्यक्ष भी रहे मौजूद, देखें वीडियो

    Haryana News: अधिवक्ता सम्मेलन में शामिल हुए सीएम सैनी, बीजेपी अध्यक्ष भी रहे मौजूद, देखें वीडियो

    पंचकूला: एमसीसी में स्थित बीजेपी कार्यालय पंचकमल में सीएम नायब सिंह सैनी ने अधिवक्ता सम्मेलन और ‘आत्मनिर्भर भारत’ ‘आत्मनिर्भर हरियाणा’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में बीजेपी के अध्यक्ष मोहनलाल बडोली और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

    इस कार्यक्रम में हरियाणा भर से वकील जगत के लोग भी शामिल हुए। कार्यक्रम में सीएम सैनी ने सभी वकीलों को संबोधित किया। इस मौके पर सीएम नायब सिंह सैनी ने आत्मनिर्भर भारत आत्मनिर्भर हरियाणा को लेकर संबोधित किया।

    इस कार्यक्रम में आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत वकील और सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं के साथ चर्चा की गई। दोनों कार्यक्रमों में शिरकर करने के बाद बीजेपी पार्टी के हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली ने मीडिया के साथ बात करते हुए बताया कि आत्मनिर्भर भारत के अनुसार, आज सीएम सैनी की अध्यक्षता में दो जरुरी बैठकें हुई हैं।

    उन्होंने कहा कि हम देश को विकसित करने और मजबूत बनाने के लिए काम कर रहे हैं। सभी व्यक्ति के पास काम हो इसके लिए भी हम प्रयास कर रहे हैं। स्वदेशी को बढ़ावा मिले और हर व्यक्ति को काम मिले इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

    आत्मनिर्भर भारत के साथ-साथ आत्मनिर्भर हरियाणा भी होगा और हर व्यक्ति को शहर में काम मिलेगा। समाज भी भयमुक्त होगा तो अच्छा होगा। लीगल सेल के द्वारा फ्री में मदद करने के फैसले भी लिए गए हैं। वोटी चोरी के मामले में बोलते हुए उन्होंने कहा कि 5 नवंबर को राहुल गांधी ने एक योजना के अंतर्गत पत्रकारों की चर्चा में आने के लिए योजनाबद्ध तरीके के साथ एक झूठी प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

    पत्रकारों ने खुद जाकर देखा तो पता चला कितना झूठ बोला करते हैं। उन्होेंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सरकारों को चोरी किया है। कांग्रेस की झूठी बातों से देश जागरुक हो गया है।

     

  • ‘Kulhad Pizza Couple’ के बाद बंगाली Influencer Sofik SK और उसकी गर्लफ्रेंड का MMS हुआ लीक

    ‘Kulhad Pizza Couple’ के बाद बंगाली Influencer Sofik SK और उसकी गर्लफ्रेंड का MMS हुआ लीक

    Bengali Couple MMS Leak News : पंजाब के जालंधर से सोशल मीडिया पर पहले कुल्हड़ पिज्जा कपल का MMS वीडियो वायरल हुआ था। अब उसी तरह एक नया मामला सामने आया है, जिसमें बंगाली क्रिएटर सोफिक SK और उनकी गर्लफ्रेंड सोनाली चर्चा में हैं। पिछले कुछ दिनों से एक 15 मिनट का निजी वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में दोनों को बेड पर एक-दूसरे के साथ करीब दिखाया गया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो पुराना है, लेकिन इसे अब फिर से सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।

    लोगों की गलतफहमी से बढ़ा विवाद
    कई यूज़र्स को लग रहा है कि यह वीडियो अभी का है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर लोग दोनों को आड़े हाथों ले रहे हैं और कड़ी आलोचना कर रहे हैं। असल में यह वही वीडियो है जो MMS लीक होने से पहले रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन अब कई लोग इसे नया समझकर शेयर कर रहे हैं।

    ‘15 मिनट 40 सेकंडकैप्शन से मचा हंगामा
    वायरल क्लिप्स के साथ एक कैप्शन दिखाई दे रहा है— 15 मिनट 40 सेकंडलिंक बायो में है, यही लाइन विवाद का सबसे बड़ा कारण बनी। इसके बाद इंस्टाग्राम पर ऐसी कई रील्स बन गईं जिनमें दावा किया जाने लगा कि—यह वीडियो उसी MMS का पूरा वर्ज़न है। या फिर इसका नया हिस्सा। कुछ वीडियो में कार में बैठे दोनों की क्लिप्स भी दिखाई गईं। कुछ क्रिएटर ने इस मामले पर अपनी-अपनी थ्योरी बतानी शुरू कर दी।

    कौन हैं सोफिक SK
    सोफिक SK एक लोकप्रिय बंगाली कंटेंट क्रिएटर हैं। उनके इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स हैं। उनके प्रोफाइल में लिखा है। पल्ली ग्राम टीवी कॉमेडी सोफिक बांग्ला नाटक। वे अक्सर पल्ली ग्राम टीवी प्रोडक्शंस के वीडियोज़ में दिखाई देते हैं, जहां वे ग्रामीण जीवन पर आधारित कॉमिक रोल निभाते हैं।

    सोशल मीडिया पर बहस जारी
    इस वायरल वीडियो के चलते लोग सवाल उठा रहे हैं। कुछ इसे पब्लिसिटी स्टंट बता रहे हैं। कुछ इसे निजी जिंदगी में दखल मान रहे हैं। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस, मीम्स और रील्स बन रही हैं।

     

  • जालंधर ED का पटवारी के खिलाफ एक्शन, 2.76 करोड़ की प्रापर्टी की अटैच

    जालंधर ED का पटवारी के खिलाफ एक्शन, 2.76 करोड़ की प्रापर्टी की अटैच

    मोहालीः जालंधर ईडी टीम ने पटवारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करोड़ों की प्रापर्टी की अटैच की है। दरअसल, जालंधर ईडी टीम ने चमकौर साहिब के पटवारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी 2.76 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की है। ईडी की टीम ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि शनिवार 28 नवंबर को प्रिवेंशन ऑफ मनी-लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के प्रोविजन के तहत पटवारी चमकौर लाल की 2.76 करोड़ रुपए की इमूवेबल प्रॉपर्टी को अटैच किया गया है। ईडी को जांच में पता चला कि चमकौर लाल ने डेरा बस्सी और खरड़ तहसील में पटवारी के तौर पर काम करते हुए अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की इनकम से ज्यादा प्रॉपर्टी बनाई है।

    जांच में पता चला कि अवैध तरीके से की गई कमाई को चल और अचल प्रॉपर्टी खरीदने में इन्वेस्ट किया गया है। जांच में यह भी पता चला कि चमकौर लाल ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के अकाउंट में गैर-कानूनी ढंग से पैसे डाले हैं। इस पैसे को रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से लिए गए लोन के तौर पर दिखाया गया है। इस तरह ब्लैक मनी को व्हाइट दिखाने की कोशिश की गई। जांच में पता चला कि चमकौर लाल ने अपनी नौकरी के दौरान कई अवैध तरीकों से 2.76 करोड़ रुपए की बेहिसाब प्रापर्टी बनाई थी। इस सरकार ने अटैच कर लिया है। इसकी और कहां-कहां संपत्ति है, इसके बारे में भी पता लगाने के लिए जांच चल रही है।

    ईडी ने विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 के सेक्शन 13 (1) (b) और 13 (2) के तहत रजिस्टर्ड FIR के आधार पर ये कार्रवाई की है। इसमें बताया गया है कि 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2023 के समय के दौरान पटवारी ने अकूत प्रापर्टी बनाई। इसकी शिकायत मिलने पर जांच चल रही थी।