Blog

  • स्वास्थ्य विभाग में भरे जाएंगे स्टाफ नर्स के 71 पद

    स्वास्थ्य विभाग में भरे जाएंगे स्टाफ नर्स के 71 पद

    ऊना, सुशील पंडितः निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हिमाचल प्रदेश द्वारा स्टाफ नर्स के 71 पद बैच आधार पर भरें जाएंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला रोजगार अधिकारी अक्षय शर्मा ने बताया कि स्टाफ नर्स के पदों के लिए अनारक्षित वर्ग में 28 पद दिसम्बर 2010 बैच तक, अनारक्षित वर्ग की ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 7 पद जून 2011 बैच तक, अनारक्षित वर्ग की स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों की श्रेणी से 1 पद दिसंबर 2012 तक, एससी श्रेणी में 13 पद दिसम्बर 2013 बैच तक, एससी की बीपीएल श्रेणी में 3 पद दिसम्बर 2014 बैच तक, एससी की डब्ल्यूएफएफ श्रेणी में 1 पद दिसम्बर 2017 बैच, ओबीसी श्रेणी में 13 पद दिसम्बर 2012 बैच और ओबीसी की बीपीएल श्रेणी में 3 पद दिसम्बर 2013 बैच तक भरे जाएंगे।

    उन्होंने बताया कि उपरोक्त बैच व श्रेणी से पात्र अभ्यर्थी जिन्होंने अपना नाम रोजगार कार्यालय में पंजीकृत नहीं करवाया है वे 20 जुलाई से पहले अपना नाम संबंधित रोजगार कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट https://eemis.hp.nic.in पर दर्ज करवा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01975-226063 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

  • मुख्यमंत्री ने बैंटनी, शिमला में अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय का शुभारंभ किया

    मुख्यमंत्री ने बैंटनी, शिमला में अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय का शुभारंभ किया

    शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला के बैंटनी में अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय का शुभारंभ किया। यह संग्रहालय आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और विरासत को संरक्षित करने और दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंटनी का शिमला के इतिहास में विशेष महत्व रहा है। यहां डिजिटल संग्रहालय की शुरूआत राज्य की विरासत के संरक्षण, सम्मान और वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक नए संस्थान का उद्घाटन नहीं है, बल्कि विरासत संरक्षण के एक नए युग की शुरूआत है। यह डिजिटल संग्रहालय अतीत और भविष्य के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगा। यहां आने वाले लोग हिमाचल प्रदेश के समृद्ध इतिहास और जीवंत संस्कृति को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नए और रोचक तरीके से अनुभव कर सकेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय को इस तरह तैयार किया गया है कि हर आयु वर्ग के लोग इतिहास को आसानी से समझ सकें और उससे जुड़ सकें। इसके लिए हाई-रेजोल्यूशन 3डी स्कैनिंग, वर्चुअल रियलिटी, ऑगमेंटेड रियलिटी, इंटरैक्टिव टाइमलाइन और इमर्सिव स्टोरी टेलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। इन सुविधाओं के माध्यम से आगंतुक हिमाचल की लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, आध्यात्मिक विरासत और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रेरणादायक गाथाओं को जीवंत और आकर्षक रूप में देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में शिमला के विकास की पूरी कहानी को दर्शाया गया है। इसमें एक छोटे से पहाड़ी नगर से ऐतिहासिक महत्व वाले शहर बनने तक की यात्रा को प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों, महान विभूतियों के जीवन और योगदान, कालका-शिमला रेलवे, राज्य गठन के बाद की विकास यात्रा, समृद्ध कला एवं संस्कृति तथा पारंपरिक खान-पान को भी आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह डिजिटल संग्रहालय भविष्य में हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केन्द्र बनेगा। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों के लिए राज्य की अमूल्य विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के माध्यम से उसे वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान दिलाएगा। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की निदेशक रीमा कश्यप और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • हिमाचल प्रदेश में 3,500 करोड़ रुपये की आपदा-रोधी आधारभूत संरचना बनेगी: मुख्यमंत्री

    हिमाचल प्रदेश में 3,500 करोड़ रुपये की आपदा-रोधी आधारभूत संरचना बनेगी: मुख्यमंत्री

    शिमला :मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने और राज्य को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत से आपदा-रोधी  (डिजास्टर रेजिलिएंट) आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी। वह आज शिमला स्थित डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा) में आयोजित ‘टूवार्डस रेजिलिएंस इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग इन हिमालय’ विषय पर उच्च स्तरीय कार्यशाला के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहाड़ी और भौगोलिक रूप से संवेदनशील राज्य है, इसलिए यहां प्राकृतिक आपदाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
    उन्होंने वर्ष 2023 की भीषण आपदा को याद करते हुए कहा कि उस समय लगभग 75,000 पर्यटक राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंस गए थे। सरकार, मंत्रियों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया और आवश्यक सेवाओं को तेजी से बहाल किया गया। उन्होंने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और विधायक संजय अवस्थी की भी सराहना की, जिन्होंने स्वयं चंद्रताल झील क्षेत्र में फंसे लगभग 300 पर्यटकों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा में करीब 23,000 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए थे और 51 लोगों की जान चली गई थी। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सरकार ने राहत नीति में बड़ा बदलाव करते हुए पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजा 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा से मिले अनुभवों के कारण सरकार वर्ष 2025 की आपदा का बेहतर तरीके से सामना कर सकी, जिससे स्थिति गंभीर होने के बावजूद नुकसान अपेक्षाकृत कम रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बढ़ रही बादल फटने की घटनाएं जलवायु परिवर्तन और बड़े बांधों के जलाशयों से बढ़ते वाष्पीकरण से जुड़ी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज यह समस्या हिमाचल में दिखाई दे रही है, लेकिन आने वाले समय में अन्य राज्यों को भी इसका सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए विकास की नीतियों में आवश्यक बदलाव और साहसिक फैसले लेने होंगे और राज्य सरकार इसके लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है और पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कार्यशाला के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल आधारभूत संरचना के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित, मजबूत और समावेशी भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यशाला से मिले सुझाव भविष्य की नीतियां बनाने में उपयोगी साबित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘टुवर्ड्स रेजिलिएंट हिमाचल प्रदेशः लेसनस एंड रिकमडेशनज फ्रॉम 2023 और 2025 हाइड्रो मेट्रोलॉजिकल डिजास्टर’ शीर्षक से रिपोर्ट का विमोचन भी किया। इसके अलावा ‘हिमाचल सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (एसआईएयू पोर्टल)’ भी लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल बेहतर डेटा आधारित निर्णय लेने, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर ने कहा कि पश्चिमी हिमालय पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है और हाल के वर्षों में यहां प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने आपदा-रोधी विकास, मजबूत प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, संवेदनशील हिमनदीय झीलों की लगातार निगरानी, पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अलग इंजीनियरिंग मानक और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।

    मुख्य सचिव के.के. पंत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। वर्ष 2023 और 2025 की आपदाओं से आधारभूत ढांचे को भारी नुकसान हुआ और कई लोगों की जान गई। सरकार का लक्ष्य केवल क्षतिग्रस्त ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम मजबूत आधारभूत संरचना तैयार करना है। उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए संस्थागत क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। नीति आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. वी.के. पॉल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को पहले से ही भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और अब वैश्विक तापमान वृद्धि ने इन्हें और गंभीर बना दिया है। उन्होंने कहा कि आपदा-रोधी विकास के लिए सभी विभागों और संस्थाओं के सहयोग से व्यापक नीति अपनानी होगी। उन्होंने वर्ष 2023 की आपदा को एक चेतावनी बताते हुए समय रहते ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के सेंटर हेड देबोजीत पालित, निदेशक हिप्पा रूपाली ठाकुर, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • Haryana News: अमेरीका भेजने के नाम पर 12.30 लाख रुपये के फ्रॉड मामले में शामिल चौथा आरोपी गिरफ्तार

    Haryana News: अमेरीका भेजने के नाम पर 12.30 लाख रुपये के फ्रॉड मामले में शामिल चौथा आरोपी गिरफ्तार

    पंचकूलाः विदेश भेजने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों के खिलाफ पंचकूला पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देशों के तहत जिला पुलिस की एंटी एमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 12.30 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले ही लुक-आउट सर्कुलर जारी किया गया था। इसी एलओसी के आधार पर आरोपी को अमृतसर एयरपोर्ट पर उस समय गिरफ्तार किया गया,  जब वह मलेशिया जाने की फिराक में था। आरोपी को पंचकूला लाकर अदालत में पेश किया गया,  जहां से पुलिस ने उससे गहन पूछताछ और ठगी की रकम की बरामदगी के लिए तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।

    जानकारी के अनुसार थाना रायपुररानी में 7 मार्च 2024 को पंचकूला निवासी व्यक्ति की शिकायत पर आईपीसी की धारा 406, 420, 120-बी तथा इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने उसे कानूनी तरीके से टूरिस्ट वीजा पर अमेरिका भेजने का झांसा देकर कुल 38 लाख रुपये में सौदा तय किया और शुरुआती तौर पर उससे 12 लाख 30 हजार रुपये ऐंठ लिए। आरोपियों ने पहले उसे दुबई भेजा, फिर वहां से आर्मेनिया भेज दिया और लगातार अमेरिका भेजने का झूठा भरोसा देते रहे। जब शिकायतकर्ता को अपने साथ हुए फ्रॉड का एहसास हुआ तो वह भारत लौट आया और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

    डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पहले इस गिरोह के तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बलजिंद्र, विकास उर्फ विक्की तथा पंकज चौहान को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर दिया था। वहीं मुख्य आरोपी आजाद सिंह निवासी पानीपत लगातार फरार चल रहा था और उसके विरुद्ध 23 जून 2024 को लुक-आउट सर्कुलर जारी कराया गया था।

    9 जुलाई को अमृतसर एयरपोर्ट से सूचना मिली कि एलओसी के आधार पर आरोपी आजाद सिंह को एयरपोर्ट पर डिटेन कर लिया गया है। सूचना मिलते ही एंटी एमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट की टीम अमृतसर पहुंची और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर पंचकूला ले आई। मामलें की जांच एएसआई जगपाल शर्मा द्वारा की जा रही है।

    आरोपी को अदालत में पेश कर तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने खुलासे में एक अन्य साथी की संलिप्तता की जानकारी दी है, जिसकी तलाश जारी है। इसके अलावा आरोपी के हिस्से में आई धोखाधड़ी की रकम की बरामदगी भी की जानी है।

     

  • पशुधन की स्वास्थ्य सेवाओं में देरी, अनुपस्थिति और लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं

    चंडीगढ़ : राज्य की पशुधन स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री स गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज पशु चिकित्सा अधिकारियों, निरीक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों को जनता के प्रति जवाबदेही के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। एस.ए.एस. नगर स्थित लाइवस्टॉक कॉम्प्लेक्स में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री खुड्डियां ने राज्यभर के सभी पशु चिकित्सालयों और डिस्पेंसरियों के कार्यों, आधारभूत ढांचे तथा स्वच्छता व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। कुछ संस्थानों की खराब स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कैबिनेट मंत्री ने पशुपालन निदेशक को निर्देश दिए कि भवनों की तत्काल मरम्मत, रखरखाव तथा आवश्यक सेवाओं के उन्नयन का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। स गुरमीत सिंह खुड्डियां ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पशु चिकित्सा संस्थान में 24 घंटे बिजली तथा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने टीकों के सुरक्षित संरक्षण के लिए उपयुक्त कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वैक्सीन भंडारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रत्यक्ष जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा, “पशुपालकों को बिना किसी परेशानी के समय पर और सम्मानजनक सेवाएं मिलनी चाहिए। अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहें तथा यह सुनिश्चित करें कि सभी लाभार्थियों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी पक्षपात, देरी अथवा टालमटोल के समय पर पहुंचे।” पशुपालन मंत्री ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही, अनुपस्थिति, देरी अथवा जन शिकायतों को लंबित रखना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सेवा नियमों के अनुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि कार्य के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई या शिथिलता के लिए विभाग में कोई स्थान नहीं है।
     
  • वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ में तेजी लाने के दिए निर्देश

    वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ में तेजी लाने के दिए निर्देश

    चंडीगढ़: राज्य की आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में तेजी लाने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए पंजाब के वित्त एवं योजना मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मगसीपा) में आयोजित व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ की नियमित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। वित्त मंत्री ने सभी संबंधित प्रशासनिक विभागों के प्रमुखों को चल रहे विकास कार्यों पर सतत एवं प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

    योजना के पहले दो चरणों की प्रगति की समीक्षा करते हुए तथा तीसरे चरण की रणनीति पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवाड़ के साथ राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्धारित समय-सीमाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्यभर से आए उपायुक्तों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने योजना के फेज-1 की सभी परियोजनाओं को 31 जुलाई तथा फेज-2 की परियोजनाओं को 31 अगस्त तक हर हाल में पूरा करने की सख्त समय-सीमा निर्धारित की। इसके अतिरिक्त उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे 15 अगस्त तक शुरू किए जा सकने वाले फेज-3 के कार्यों सहित अन्य विकास परियोजनाओं की पहचान कर उनकी विस्तृत सूची तैयार करें।

    घटिया निर्माण कार्यों के प्रति सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने कार्यान्वयन एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की वास्तविक तस्वीरें सीधे फील्ड से अपलोड की जाएं, ताकि कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का प्रमाण उपलब्ध हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतने अथवा निर्माण मानकों से समझौता करने वाले किसी भी अधिकारी के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) को भी निर्देश दिए कि वे अपने स्टाफ के माध्यम से योजना के अंतर्गत चल रहे सभी कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।

    इन निगरानी उपायों को और प्रभावी बनाते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवाड़ ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे उपमंडल मजिस्ट्रेटों (एस.डी.एम.) को विधानसभा क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपें तथा उन्हें नियमित रूप से फील्ड दौरे कर परियोजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता का व्यक्तिगत निरीक्षण करने के लिए भी कहा जाए। यह समीक्षा बैठक राज्य के उपायुक्तों के लिए विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने संबंधी अपनी रणनीतियां और जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच भी बनी। जिला अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में इस महत्वाकांक्षी विकास योजना को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान हुई रचनात्मक चर्चा में उपायुक्तों ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुगम बनाने तथा पंजाब में आधारभूत ढांचा विकास कार्यों को गति देने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव और फीडबैक भी साझा किए।

  • अमृतसर में 8.3 किलोग्राम हेरोइन और 2 लाख रुपये की ड्रग मनी सहित एक नाबालिग समेत दो गिरफ्तार

    अमृतसर में 8.3 किलोग्राम हेरोइन और 2 लाख रुपये की ड्रग मनी सहित एक नाबालिग समेत दो गिरफ्तार

    चंडीगढ़/अमृतसर : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक नाबालिग समेत दो आरोपियों को 8.378 किलोग्राम हेरोइन और 2 लाख रुपये की ड्रग मनी सहित गिरफ्तार कर सीमा पार संचालित हो रहे मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी आज यहां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), पंजाब, गौरव यादव ने दी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान लवप्रीत सिंह उर्फ लव (28), निवासी गांव खासा, अमृतसर के रूप में हुई है, जबकि दूसरा आरोपी नाबालिग है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी सीमा पार बैठे तस्कर के इशारे पर काम कर रहे थे और विभिन्न स्थानों से हेरोइन की खेप प्राप्त कर उसे पूरे राज्य में आगे सप्लाई करते थे।

    उन्होंने कहा कि मामले के आगे-पीछे के सभी संबंधों का पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है ताकि इसमें शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर पूरे सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
    कार्रवाई का विवरण साझा करते हुए पुलिस आयुक्त (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुख्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने आरोपी लवप्रीत उर्फ लव को उसके नाबालिग साथी सहित प्रारंभिक रूप से 2 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नाबालिग आरोपी के खुलासे के आधार पर पुलिस ने 3.01 किलोग्राम अतिरिक्त हेरोइन तथा 2 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की, जिससे इस मामले में कुल बरामदगी 5.01 किलोग्राम हो गई।

    पुलिस आयुक्त ने बताया कि मामले की गहन जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सीमा पार बैठा तस्कर एक अन्य तस्करी मॉड्यूल भी संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जांच में प्राप्त जानकारी के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने एक लक्षित अभियान के दौरान एक निश्चित स्थान से 3.368 किलोग्राम अतिरिक्त हेरोइन बरामद की। उन्होंने यह भी बताया कि एक अलग मामले में दो अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें भी नामजद किया गया है। इस संबंध में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पहला मामला थाना छेहरटा में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 21, 21-सी, 25 एवं 29 के तहत एफआईआर संख्या 145 दिनांक 29.06.2026 तथा दूसरा मामला थाना इस्लामाबाद में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 21 एवं 29 के तहत एफआईआर संख्या 199 दिनांक 03.07.2026 के तहत दर्ज किया गया है।

  • 3500 रुपये की रिश्वत लेते पटवारी को विजिलेंस ब्यूरो ने किया काबू

    3500 रुपये की रिश्वत लेते पटवारी को विजिलेंस ब्यूरो ने किया काबू

    चंडीगढ़ : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान राजस्व हलका धौल खुर्द, सब-रजिस्ट्रार मलौद, जिला लुधियाना में तैनात पटवारी गुरजीत सिंह को 3500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गांव धौल खुर्द, थाना मलौद, जिला लुधियाना के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता के माता-पिता का वर्ष 2016 में निधन हो गया था और उसकी माता के नाम पर गांव धौल खुर्द में 3 बिस्वे का एक प्लॉट था। इस प्लॉट की विरासती इंतकाल शिकायतकर्ता तथा उसके छह भाई-बहनों के नाम दर्ज किया जाना था। शिकायतकर्ता ने आवश्यक दस्तावेज तैयार कर पटवारी गुरजीत सिंह को सौंप दिए। आरोपी ने दस्तावेज अपने पास रख लिए और इंतकाल दर्ज करने के लिए 5,000 रुपये रिश्वत की मांग की। प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा अनुरोध किए जाने पर आरोपी पटवारी के साथ 3500 रुपये में सौदा तय हो गया। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने संबंधी पूरी बातचीत भी रिकॉर्ड कर ली थी। अवैध रिश्वत देने के लिए तैयार न होने के कारण शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज लुधियाना से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में आरोपी पटवारी को शिकायतकर्ता से 3500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो थाना लुधियाना में आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है तथा मामले की आगे की जांच जारी है।
     
  • सोशल ऑडिट जनसुनवाई में विद्यालयों की समस्याओं और सुझावों पर हुई सार्थक चर्चा

    सोशल ऑडिट जनसुनवाई में विद्यालयों की समस्याओं और सुझावों पर हुई सार्थक चर्चा

    प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और एसएमसी सदस्यों ने रखे सुझाव, शिक्षा विभाग ने दिए समाधान

    ऊना, सुशील पंडित: समग्र शिक्षा के अंतर्गत विद्यालयों में कराए गए सोशल ऑडिट के क्रम में शुक्रवार को लता मंगेशकर कला केंद्र, समूर कलां में जनसुनवाई आयोजित की गई। इसमें विभिन्न सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों ने विद्यालयों से जुड़े सुझाव और समस्याएं साझा कीं, जिन पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक समाधान और मार्गदर्शन प्रदान किया।

    जनसुनवाई का आयोजन जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) ऊना द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर रणधीर सिंह रांटा ने किया। इस अवसर पर उपनिदेशक उच्च शिक्षा एवं जिला परियोजना अधिकारी अनिल तक्की, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोमपाल धीमान, डाइट के प्रधानाचार्य संजय धीमान सहित जल शक्ति, लोक निर्माण, विद्युत तथा स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    शिक्षा उपनिदेशक (उच्च) अनिल तक्की ने कहा कि विद्यालयों का सोशल ऑडिट कागजी या वित्तीय समीक्षा भर भी है। यह समुदाय की सहभागिता से शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की प्रक्रिया है। उन्होंने सभी हितधारकों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की। कार्यक्रम में डाइट प्रधानाचार्य संजय धीमान ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालयों की समस्याओं और उपलब्धियों पर खुलकर संवाद से शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है।

    जिला सोशल ऑडिट समन्वयक सुधा पराशर ने बताया कि अक्टूबर 2025 में समग्र शिक्षा के तहत जिले के 20 प्रतिशत चयनित विद्यालयों का स्वतंत्र तृतीय पक्ष सोशल ऑडिट हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज विभाग की टीम द्वारा किया गया था। इसी प्रक्रिया के तहत जनसुनवाई आयोजित कर विद्यालयों से जुड़े विभिन्न पक्षों के सुझाव और फीडबैक प्राप्त किए गए।। जनसुनवाई के दौरान प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और एसएमसी सदस्यों ने विद्यालयों से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव और अनुभव साझा किए। जिला शिक्षा उपनिदेशक (उच्च) एवं जिला शिक्षा उपनिदेशक (प्रारंभिक) ने सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में डाइट के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रशिक्षुओं ने भी भाग लिया।

     

  • Haryana News: फैक्ट्री से सामान चोरी करने वाला आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे, देखें वीडियो

    Haryana News: फैक्ट्री से सामान चोरी करने वाला आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे, देखें वीडियो

    पंचकूलाः पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के दिशा-निर्देशों के तहत जिला पुलिस द्वारा अपराधियों पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस चौकी रामगढ़ की टीम ने फैक्ट्री में हुई चोरी के एक मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर तीन दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। रिमांड के दौरान चोरी का सामान बरामद करने तथा वारदात में शामिल उसके फरार साथी को गिरफ्तार करने के लिए गहन पूछताछ की जाएगी। जानकारी के अनुसार 12 जून 2026 को पंचकूला निवासी उद्योगपति ने पुलिस चौकी रामगढ़ में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि वह 30 मई से 8 जून तक स्पेन यात्रा पर गए हुए थे। वापस लौटने के बाद जब 10 जून को उन्होंने अपनी फैक्ट्री का निरीक्षण किया तो फैक्ट्री के पीछे की टिन टूटी हुई मिली तथा अंदर रखा सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर फैक्ट्री से बिजली की तारें, ड्रिल मशीन, पोर्टेबल वेल्डिंग मशीन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नट-बोल्ट, औजार सहित अन्य कीमती सामान चोरी होना पाया गया। शिकायत के आधार पर थाना चंडीमंदिर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामलें की जांच करते हुए रामगढ़ चौकी इन्चार्ज मुकेश सैनी की अगुवाई में टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर 9 जुलाई को गांव खंगेसरा निवासी राजेंद्र कुमार उर्फ मुकेश को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर फैक्ट्री से सामान चोरी किया था। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार आरोपी को आज न्यायालय में पेश कर तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। रिमांड अवधि के दौरान चोरी का सामान बरामद करने, फरार आरोपी की गिरफ्तारी करने तथा वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा करने के लिए गहन पूछताछ की जाएगी। गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र कुमार उर्फ मुकेश के विरुद्ध थाना चंडीमंदिर में मादक पदार्थ तस्करी का एक मामला भी दर्ज है, जिसमें उसके कब्जे से लगभग 4 किलोग्राम भूक्की बरामद की गई थी। मामले की जांच अभी जारी है।