Home Health क्या सारा दिन Chewing Gum चबाना सही है? Experts ने खुद बताया कारण

क्या सारा दिन Chewing Gum चबाना सही है? Experts ने खुद बताया कारण

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क्या सारा दिन Chewing Gum चबाना सही है? Experts ने खुद बताया कारण
सेहत: ऑफिस जाते समय कॉफी लेना, दिनभर च्युइंग गम चबाना या जिम वियर पहनना ये सब हमारी रोजमर्रा की आदतें हैं लेकिन अब एक्सपर्ट चेतावनी दे रहे हैं कि ये छोटे-छोटी चीजें आपकी फर्टिलिटी पर असर डाल सकती है। खासतौर पर च्यूइंग गम जो देखने में बिल्कुल आम लगती है पर अंदर ही अंदर बड़ा खतरा बन सकती है।

आखिर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके पीछे कारण है माइक्रोप्लास्टिक्स। ये बहुत ही छोटे-छोटे प्लास्टिक कण होते हैं जो हमारे आस-पास की चीजों जैसे कि पैकेजिंग, कपड़े और यहां तक कि च्युइंग गम से निकलकर शरीर में पहुंच जाते हैं। हाल की रिसर्च में यह सामने आया है कि च्युइंग गम चबाने से सैंकड़ों माइक्रोप्लास्टिक कण शरीर में जा सकते हैं। इसमें से ज्यादातर पहले कुछ मिनटों में ही रिलीज हो जाते हैं। यह कण धीरे-धीरे शरीर में जमा होकर हार्मोनल सिस्टम को प्रभावित करते हैं।

रिसर्च में निकली ये चीजें

यूरोपियन सोसाइटी ऑफ ह्यूमन रिप्रोडक्शन एंड एम्ब्रियोलॉजी में पेश एक 2025 की स्टडी में पाया गया कि फर्टिलिटी ट्रीटमेंट कर रही महिलाओं के 69 प्रतिशत सैंपल और पुरुषों के 55 प्रतिशत सैंपल में माइक्रोप्लास्टिक्स मौजूद थे। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू मेक्सिको की 2024 की रिसर्च मे मानव टेस्टिकल टिश्यू में माइक्रोप्लास्टिक्स पाए गए।

इस वजह से होती है परेशानी

समस्या सिर्फ च्युइंग गम तक सीमित नहीं है। चाय के टी-बैग, टेकअवे कॉफी कप, प्लास्टिक कंटेनर और सिंथेटिक कपड़े, ये सभी माइक्रोप्लास्टिक्स के बड़े स्त्रोत हैं। खासकर गर्म चीजों के संपर्क में आने से इनसे ज्यादा कण निकलते हैं जो सीधे शरीर में पहुंच जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि प्लास्टिक को पूरी तरह से जीवन से हटाना संभव नहीं है क्योंकि यह हर जगह मौजूद हैं लेकिन छोटे-छोटे बदलाव करके इसका असर कम किया जा सकता है। जैसे प्लास्टिक की जगह ग्लास या सिरेमिक का इस्तेमाल करना, ढीले-ढीले नैचुरल फैब्रिक पहनना और च्यूइंग गम की जगह नैचुरल ऑप्शन चुनना। बता दें कि फर्टिलिटी सिर्फ उम्र या खान-पान पर निर्भर नहीं करती। बल्कि हमारे आसपास का माहौल है। इसमें बड़ी भूमिका निभाता है। यदि आप भविष्य में पैरेंट्स बनने की योजना बना रहे हैं। इन छोटी आदतों पर ध्यान देना जरुरी है क्योंकि कई बार जो चीजें हमें सबसे ज्यादा सामान्य लगती है। वहीं लंबे समय में सबसे ज्यादा असर डालती है।  

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