क्षेत्र में डैगन फू्रट सहित अन्य गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा, आर्थिकी होगी सुदृढ़ – सुदर्शन बबलू
डैगन फूट की खेती किसानों व बागवानों के लिए बेहतर योजना – उपायुक्त राघव शर्मा




जालंधर/हर्ष कुमारः पीओ स्टाफ की पुलिस ने अलग-अलग मामलों में वांछित चल रहे 2 भगौड़ो को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान दमन और राहुल पुत्र अजय कुमार निवासी न्यू गांधी नगर, गांव सूची पिंड, रामा मंडी के रूप में हुई है। दोनों व्यक्ति सगे भाई है।
पीओ स्टाफ के प्रभारी सुरजीत सिंह जौड़ा ने बताया कि थाना रामा मंडी में 26 अक्तूबर 2015 को मुकद्दमा नंबर 262 आईपीसी धारा 323, 324, 506 व 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जिसमें अदालत ने दोनों भाईयों को 15 जनवरी 2019 को वांछित भगौड़ा करार कर दिया था। जिसे पीओ स्टाफ के प्रभारी सुरजीत सिंह जौड़ा ने अपनी टीम के साथ गुप्त सूचना के आधार पर घर से काबू किया।



चंडीगढ़ः नौजवानों के लिए रोजग़ार के नए अवसर सृजन करने के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के केवल 10 महीनों में पंजाब के नौजवानों को 25,886 सरकारी नौकरियां दी हैं। आज म्यूंनिसिपल भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में भर्ती 271 स्पैशलिस्ट डॉक्टरों, 90 लैब टैक्नीशियनों और 17 हैल्परों को नियुक्ति पत्र देते हुए जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस ऑडीटोरियम में यह समागम हो रहा है, वह अलग-अलग सरकारी विभागों में हज़ारों नौजवानों को नौकरियाँ मिलने का गवाह है।
उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने पद संभाला है, तब से अब तक अलग-अलग विभागों में 25,886 नौजवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे जा चुके हैं। भगवंत मान ने कहा कि केवल 10 महीनों के दौरान इतने बड़े स्तर पर दी गईं नौकरियों से राज्य सरकार की नौजवानों के कल्याण को सुनिश्चित बनाने और उनके लिए रोजग़ार के नए अवसर सृजन करने की प्रतिबद्धता झलकती है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार राज्य को दुनिया भर में ‘स्वास्थ्य देखभाल हब’ के तौर पर उभारने के लिए दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा कि पंजाब में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आगामी पाँच सालों में 16 नए मेडिकल कॉलेज बनाने का फ़ैसला लिया है, जिससे राज्य में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढक़र 25 हो जायेगी और राज्य के हरेक जि़ले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना सुनिश्चित बनेगी। भगवंत मान ने कहा कि यह कॉलेज एक ओर विद्यार्थियों को मानक शिक्षा मुहैया करेंगे, दूसरी ओर लोगों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं मुहैया करने में भी मददगार होंगे।
आम आदमी क्लीनिकों के द्वारा राज्य में स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में क्रांति आने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रोज़ाना इन क्लीनिकों में आने वाले कुल मरीज़ों में से 95 प्रतिशत से अधिक को अपनी बीमारियों से निजात मिली है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त, 2022 में अपनी शुरुआत के बाद इन क्लीनिकों में अब तक 10 लाख से अधिक मरीज़ अपने इलाज के लिए आ चुके हैं। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में स्वास्थ्य देखभाल ढांचे की कायाकल्प करने में यह क्लीनिक अहम भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजग़ार के क्षेत्र में मुकम्मल बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार शिद्दत से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन क्षेत्रों की कायाकल्प करने के लिए प्रतिबद्ध है और इन क्षेत्रों में सुधार पर ज़ोर दिया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक लोग इन क्षेत्रों से लाभ लेने के योग्य हो सकें। भगवंत मान ने अफ़सोस प्रकट किया कि पिछली सरकारों में से किसी ने भी इन क्षेत्रों की ओर ध्यान नहीं दिया, जिस कारण राज्य इन क्षेत्रों में पीछे रह गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए अथक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान उद्योगपति ख़ासकर राजनीतिक परिवारों के साथ ही बातचीत और समझौते करते थे, परन्तु अब उद्योगपति पंजाब और पंजाब के तीन करोड़ लोगों के साथ समझौते करते हैं। भगवंत मान ने उम्मीद अभिव्यक्त की कि राज्य सरकार की कोशिशों से पंजाब देश भर में औद्योगिक हब के रूप में उभरेगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा एवं स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र को मज़बूत करने के साथ-साथ रोजग़ार के नए अवसर सृजन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे पढ़े-लिखे युवाओं को राज्य से विदेशों की ओर जाने के रुझान पर रोक लगेगी। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार नौजवानों की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाने के लिए यत्नशील है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अपनी भावनात्मक सांझ की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने एक डॉक्टर द्वारा पाँच साल की उम्र में किए अपने एक बड़े ऑपरेशन की याद साझा की। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों को कहा कि वह मरीज़ों ख़ास तौर पर पिछड़े वर्ग के मरीज़ों के साथ अपनत्व के साथ पेश आएं। भगवंत मान ने कहा कि मानवता की इस असली सेवा को मिशनरी उत्साह के साथ करने की ज़रूरत है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वह अपने वाहनों में मेडिकल सहायता किटें रखें, जिससे इमरजैंसी की हालत में लोगों की कीमती जानें बचाई जा सकें। उन्होंने कहा कि इमरजैंसी हालात में पहला घंटा बहुत ज़्यादा नाजुक होता है। इस ‘गोल्डन ऑवर’ में लोगों की कीमती जान बचाने पर ध्यान केन्द्रित करना सुनिश्चित बनाया जाये। भगवंत मान ने सडक़ हादसों के मामले में ज़ख्मियों की जान बचाने के लिए लोगों से सहयोग की मांग की। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, स्वास्थ्य सचिव अजौए कुमार शर्मा और अन्य उपस्थित थे।

नेपालः पोखरा के एयरपोर्ट पर हुए भीषण विमान हादसे की एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि जब प्लेन हवा में ही था उस वक्त उसके राइट विंग में आग लग गई थी। इसी वजह से प्लेन का बैलेंस बिगड़ गया और यह दर्दनाक हादसा विमान के उतरने से पहले हो गया। इससे पहले भी एक वीडियो सामेन आ चुका है जिसमें एक यात्री विमान के अंदर से फेसबुक लाइव कर रहा था और उसमें प्लेन के अंदर धधकती आग भी रकॉर्ड हो गई थी।
बता दें कि पिछले तीस सालों में यह सबसे बड़ा विमान हादसा था जिसमें 68 यात्रियों की मौत हो गई है। रविवार को हुए येती एयरलाइंस के विमान के इस हादसे में बचावकर्मियों ने कुछ शवों को बाहर निकाला था लेकिन कुछ शव अंदर ही मलबे में दबे रह गए थे। जिसके बाद सोमवार सुबह फिर से बचावकर्मी मलबे में दबे हुए शवों को बाहर निकालने में जुट गए हैं। बताया जा रहा था कि विमान सेती नदी में गिर गया जहां पर बड़ी खाई थी जिसकी वजह से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
येती एयरलाइंस के दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स सोमवार को दुर्घटनास्थल से बरामद कर लिया गया जबकि हादसे के बाद से अब तक लापता चार लोगों का पता लगाने के लिए बचाव एवं तलाशी अभियान को तेज कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यती एयरलाइंस का एटीआर-72 विमान रविवार को रिजार्ट शहर पोखरा के नवनिर्मित हवाई अड्डे पर उतरने के दौरान नदी तट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें चालक दल के चार सदस्यों और पांच भारतीयों समेत 72 लोग सवार थे। इनमें 68 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है और अन्य चार की तलाश जारी है।
अधिकारियों ने कहा कि अब तक मिले 68 शवों में से 35 की पहचान हो गई है। नेपाल में सोमवार को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) दोनों को बरामद कर लिया गया है। रात को खोज और बचाव अभियान को रोक दिया गया था और आज सुबह बचाव दल ने 300 मीटर गहरी खाई में उतरकर फिर से अपना अभियान शुरू किया।
सीवीआर कॉकपिट में रेडियो प्रसारण और अन्य ध्वनियां रिकॉर्ड करता है, जैसे पायलटों के बीच बातचीत, और इंजन से आने वाली आवाज आदि। एफडीआर 80 से अधिक विभिन्न प्रकार की जानकारी जैसे गति, ऊंचाई और दिशा, साथ ही पायलट क्रियाओं और महत्वपूर्ण प्रणालियों के प्रदर्शन को रिकॉर्ड करता है। काठमांडू हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार येती एयरलाइंस के 9एन-एएनसी एटीआर-72 विमान के उतरने से कुछ मिनट पहले पुराने हवाई अड्डे और नए हवाई अड्डे के बीच सेती नदी के तट पर दुर्घटनाग्रस्त होने के एक दिन बाद दुर्घटना स्थल से सीडीआर व एफडीआर बरामद किए गए।

अमृतसरः वारिस पंजाब के सुप्रीमो अमृतपाल सिंह को देर रात अमृतसर के फ़ोर्टीज़ अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। आज सुबह फोर्टिस एस्कोर्ट अस्पताल के डॉक्टरों ने अमृतपाल के कुछ टेस्ट करवाए थे, जिनमें सभी टेस्ट ठीक आए हैं। इसी दौरान उनकी एमआरआई भी करवाई गई है। जिसके बाद अब उन्हें डॉक्टरों से अस्पताल से छुट्टी दे दी है। वहीं छुट्टी मिलने के बाद अमृतपाल ने मीडिया कर्मियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि अब उनकी सेहत में सुधार है। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी है। कुछ दिन आराम करने के बाद वह दोबारा संगत के साथ रू-ब-रू होंगे।
बता दें कि मुक्तसर साहिब में अमृतपाल को देर रात 2.30 बजे अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जानकारी के मुताबिक उनकी आंखों के आगे अचानक अंधेरा आने लगा था और उनको घबराहट महसूस हो रही थी। जिसके चलते उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। डॉक्टर्स के अनुसार उनका बीपी बढ़ा हुआ था। डॉक्टर्स के अनुसार उनकी हालत में अब सुधार है। रात बीपी के कारण उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ा। अब उनकी हालत स्थिर है।

जालंधर/वरुणः राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा आज जालंधर से होशियापुर में दाखिल हो चुकी है। भारत जोड़ो यात्रा में जहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की पत्नी शामिल हुई, वहींं पंजाब प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी भी परिवार सहित इस यात्रा में शामिल हुई। बता दें कि नवजोत सिद्धू इस समय जेल में बंद है, वह 26 जनवरी को रिहा हो रहे है। नवजोत सिद्धू की गैरहाजरी में उनकी पत्नी राहुल गांधी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलती हुई यात्रा में दिखाई दे रही है।
डॉ. नवजोत कौर खरल कलां पहुंची हैं। जहां उन्होंने पहले राहुल गांधी से मुलाकात की और अब उनके साथ कदम से कदम मिला कर चल रही हैं। राहुल गांधी 3 बजे चलने के लिए तैयार थे, लेकिन इसी बीच यात्रा स्थल पर पहुंचे गतका व घोड़े को नाचता देखने के लिए रुक गए। राहुल गांधी की यह यात्रा 2 पड़ाव में हो रही है। पहला पड़ाव खत्म हो चुका है, 3 बजे राहुल गांधी टांडा के लिए रवाना होंगे। राहुल गांधी अपने समर्थकों के साथ 23 किलोमीटीर पैदल चलेंगे।

कपूरथलाः पंजाब के सीएम भगवंत मान आज कपूरथला जेल में औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान सीएम मान ने बैरकों में जाकर कैदियों की मुश्किलें सुनीं। पिछले दिनों पंजाब की जेल लगातार चर्चा का विषय बन रही थी। क्योंकि तलाशी के दौरान कैदियों से मोबाइल और सिम कार्ड बरामद किए गए थे। जेल पहुंच कर सीएम मान ने जेल प्रशासन और कैदियों से उनकी समस्याएं सुनी।
कपूरथला जेल में पहुंचने के बाद सीएम मान ने कहा कि हमने जेल प्रशासन और कैदियों से उनकी समस्याएं सुनी। क्योंकि जेल को सुधार गृह कहा जाता है। वह अपनी सजा पूरी करके जेल से भार जाएं और काम करें। अपने परिवार के साथ बैठकर खाना खाएं
बता दें कि पंजाब की जेलों से लगातार मोबाइल फोन मिल रहे हैं। फिरोजपुर की केंद्रीय जेल से पिछले दिनों 4 स्मार्ट फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए थे। वहीं तरनतारन की जेल से भी पुलिस तलाशी के दौरान कैदियों से मोबाइल मिले थे। गौर हो कि सीएम मान जगह-जगह जाकर चैंकिंग अभियान कर रहे हैं। पिछले दिनों वह शहीद भगत सिंह एयरपोर्ट पर चैंकिंग करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से काम का जायजा भी लिया। वहीं शहीद भगत सिंह के स्टैच्यू को बनाने में भी तेजी लाने के लिए कहा था।

अमृतसरः नॉन-गवर्नमेंट एडेड कॉलेजेज मैनेजमेंट फेडरेशन (एनजीसीएमएफ), प्रिंसिपल्स एसोसिएशन, पंजाब चंडीगढ़ कॉलेज टीचर्स यूनियन (पीसीसीटीयू) और एसोसिएशन ऑफ अनएडेड प्राइवेट कॉलेजेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) ने 18 जनवरी को सभी कॉलेजों को ‘बंद’ करने की घोषणा की है। जिससे 200 से अधिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। इस संबंध में सभी जिला मुख्यालयों में डिप्टी कमिश्नरों को मांग पत्र दे दिए गए हैं। फैडरेशन के अध्यक्ष राजिंदर मोहन सिंह छीना ने आज मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उक्त संगठनों के समूह की संयुक्त कार्रवाई कमेटी की बैठक हाल ही में गुरु नानक खालसा कॉलेज फॉर वूमेन लुधियाना में हुई। जिसमें 18 जनवरी को सभी कॉलेजों को बंद रखने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद मुद्दों पर विचार नहीं किया जा रहा है, वह कुछ समय के लिए हड़ताल पर जाएंगे, जिस दौरान प्रभावित बच्चों की शिक्षा के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। राजिंदरमोहन छीना ने एक बातचीत में कहा कि पंजाब में केंद्रीकृत कॉलेज प्रवेश पोर्टल और सेवानिवृत्ति की आयु 58 साल घटाने सहित अध्यापकों के सेवा नियमों से छेड़छाड़ करने संबंधी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। जेएसी व गैर ऐडिड कालेजों की संयुक्त बैठक में उक्त मुद्दे पर गहन चर्चा हुई। मान सरकार कालेजों की जायज मांगों को नहीं सुन रही है, इसलिए उक्त दिन सभी कालेज बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्य में उच्च शिक्षा के सामने आने वाले मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक तक का समय नहीं दिया है।
इस संबंध में सरकार से अपील की हैं कि पंजाब के कॉलेजों की समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीकृत पोर्टल को लागू करने का निर्णय सरकार द्वारा बिना किसी सहमति के लिया गया है और चंडीगढ़ में उच्च शिक्षा सचिव के साथ बैठक के दौरान उठाई गई कठिनाइयों को नजरअंदाज करते हुए उक्त एकतरफा आदेश जारी किए गए हैं, जिसे माध्यम से लागू किया जा रहा है। पंजाब के मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी द्वारा लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय हितधारकों के हितों पर विचार किए बिना लिया जा रहा है और इससे राज्य के निजी यूनिवर्सिटीस को लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम उचित नहीं है क्योंकि इससे कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को परेशानी होगी। बीएड और लॉ कॉलेजों में पहले भी इस तरह के कदम बुरी तरह विफल हो चुके हैं। बैठक के दौरान महाविद्यालयों में पूर्ण अनुदान सहायता योजना की बहाली का मुद्दा भी उठाया गया और सभी प्रतिनिधियों ने आने वाले समय में सरकार के खिलाफ मिलकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। उक्त मुद्दे के समाधान के संबंध में विरोधी पार्टी के नेता अश्विनी शर्मा, प्रताप सिंह बाजवा और सुखबीर सिंह बादल से चर्चा की जाएगी।