Blog

  • IPL 2023 से पहले मुंबई इंडियंस ने इस प्लेयर को किया बाहर, जाने CSK में क्या हुए बड़े बदलाव

    IPL 2023 से पहले मुंबई इंडियंस ने इस प्लेयर को किया बाहर, जाने CSK में क्या हुए बड़े बदलाव

    नई दिल्लीः IPL दुनिया की सबसे सफल लीग में से एक है। यहां खेलकर कई स्टार क्रिकेटर्स ने अपना करियर बनाया है। चकाचौंध से भरी इस लीग में खेलने पर प्लेयर्स को पैसा और शोहरत दोनों ही मिलती है। आईपीएल 2023 के लिए मिनी ऑक्शन दिसंबर में होना है। अब इससे पहले ही बीसीसीआई को मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स ने रिटेन और रिलीज किए खिलाड़ियों की लिस्ट सौंप दी है। आइए जानते हैं, इसके बारे में…

    मुंबई इंडियंस ने इस स्टार को किया रिलीज 

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई इंडियंस ने अपने धाकड़ ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड को रिलीज कर दिया है। पोलार्ड साल 2010 से ही मुंबई के साथ जुड़े हुए थे, लेकिन आईपीएल 2022 में वह अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम साबित हुए। IPL 2022 के 11 मैचों में कीरोन पोलार्ड सिर्फ 141 रन ही बना पाए हैं और गेंद से उन्होंने चार विकेट हासिल किए थे। पोलार्ड के अलावा फैबियन एलन, मयंक मारकंडे, ऋतिक शौकिन और टाइमल मिल्स को भी रिलीज किया गया है।

    मुंबई इंडियंस ने इन खिलाड़ियों को किया रिटेन 

    मुंबई इंडियंस ने कुल 10 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। इनमें रोहित शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, डेनियल सैम्स, टिम डेविड, जोफ्रा आर्चर, जसप्रीत बुमराह, ट्रिस्टन स्टब्स और तिलक वर्मा को रिटेन किया गया है।

    पांच बार जीता खिताब 

    मुंबई इंडियंस के लिए पिछला सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा था। जहां टीम प्लेऑफ के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। जबकि मुंबई ने रोहित शर्मा की कप्तानी में पांच बार आईपीएल का खिताब जीता था।

    चेन्नई ने किया ये बदलाव 

    महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने चार बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की है। सीएसके के लिए पिछला सीजन बहुत ही खराब रहा था। जब टीम ने सिर्फ 4 मैच ही जीत पाए थे। शुरुआत में टीम के कप्तान रवींद्र जडेजा थे, लेकिन बाद में महेंद्र सिंह धोनी कप्तान बन गए।

    सीएसके से खेलेंगे जडेजा 

    चेन्नई सुपर किंग्स ने 9 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। वहीं, चार प्लेयर्स को रिलीज किया है। महेंद्र सिंह धोनी, रवींद्र जडेजा, मोइन अली, शिवम दुबे, ऋतुराज गायकवाड़, डेवोन कॉन्वे, मुकेश चौधरी, ड्वेन प्रिटोरियस और दीपक चाहर आईपीएल 2023 में भी CSK के लिए खेलेंगे, जबकि क्रिस जॉर्डन, एडम मिलने, नारायण जगदीशन और मिशेल सेंटनर फ्रेंचाइजी द्वारा बाहर किए जाने के बाद आईपीएल नीलामी में प्रवेश करेंगे।

  • महंगाई को लेकर आया बड़ा अपडेट, RBI गवर्नर ने जताई ये उम्मीद

    महंगाई को लेकर आया बड़ा अपडेट, RBI गवर्नर ने जताई ये उम्मीद

    नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कीमतों में वृद्धि को एक बड़ी चुनौती बताते हुए उम्मीद जताई है कि अक्टूबर में मुद्रास्फीति की दर सात प्रतिशत से कम रहेगी। सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 7.4 प्रतिशत हो गई जबकि अगस्त में यह सात प्रतिशत पर थी। खाद्य और ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में तेजी के कारण इसमें वृद्धि हुई थी। दास ने अक्टूबर माह के लिए मुद्रास्फीति की दर में कमी आने की इस उम्मीद के लिए सरकार और आरबीआई के जरिए पिछले छह-सात महीनों में उठाए गए उपायों को जिम्मेदार बताया।

    महंगाई दर

    एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति को दो से छह प्रतिशत के दायरे में रखने के लक्ष्य में बदलाव की आवश्यकता नहीं है क्योंकि छह प्रतिशत से अधिक की महंगाई दर आर्थिक वृद्धि को प्रभावित करेगी। सरकार ने आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) को मुद्रास्फीति दर दो से छह प्रतिशत के दायरे में रखने की जिम्मेदारी दी हुई है।

    बुनियादी पहलू मजबूत

    आरबीआई गवर्नर ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत के समग्र वृहद-आर्थिक बुनियादी पहलू मजबूत बने हुए हैं और आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं अच्छी दिख रही हैं। उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि अक्टूबर के लिए महंगाई दर के आंकड़े सात प्रतिशत से कम होंगे। मुद्रास्फीति चिंता का विषय है जिससे हम अब प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं।”

    कई कदम उठाए

    बता दें कि अक्टूबर महीने के मुद्रास्फीति आंकड़े सोमवार को जारी होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले छह या सात महीनों में आरबीआई और सरकार दोनों ने ही मुद्रास्फीति को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। दास ने कहा कि आरबीआई ने अपनी ओर से ब्याज दरों में वृद्धि की है और सरकार ने आपूर्ति पक्ष से जुड़े कई कदम उठाए हैं।

  • EVM में कैद हुई उम्मीदवारों की किस्मत, जाने कितने प्रतिशत हुई वोटिंग 

    EVM में कैद हुई उम्मीदवारों की किस्मत, जाने कितने प्रतिशत हुई वोटिंग 

    हिमाचल प्रदेशः जिले की सभी 68 विधानसभा सीटों के लिए शनिवार सुबह आठ बजे शुरू हुआ मतदान अब खत्म हो गया है। शाम 5 बजे तक राज्य भर में 65.50 फीसदी वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा मतदान  (69.97%) सिरमौर जिले में हुआ तो वहीं किन्नौर जिले में सबसे कम वोटिंग (62.00%) हुई। बता दें हिमाचल में 2017 में हुए पिछले चुनाव में रिकॉर्ड 75.57 प्रतिशत मतदान हुआ था।

    राज्य की 68 सीटों पर 412 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 24 महिला प्रत्याशी भी चुनाव लड़ रही हैं। राज्य में 55 लाख से ज्यादा पंजीकृत मतदाता हैं। कुल पंजीकृत मतदाताओं में से 28,54,945 परुष और 27,37,845 महिलाएं हैं। वोटों की गिनती आठ दिसंबर को होगी।

    इस बार दिलचस्प है राजनीतिक लड़ाई

    राज्य में ऐतिहासिक रूप बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होता रहा है। मौजूदा चुनाव राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वह पुरानी परिपाटी को तोड़ते हुए राज्य में पहली बार लगातार दूसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है। वहीं कांग्रेस चाहती है कि राज्य की जनता पुरानी परंपरा कायम रखते हुए उसे जनादेश दे। इस बार आम आदमी पार्टी ने मैदान में उतरकर लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है। आप ने 68 में से 67 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 53 सीटों पर मैदान में है।

    दिग्गजों ने डाला वोट

    मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी में एक स्थानीय मंदिर में पूजा करने के बाद अपनी पत्नी और बेटियों के साथ मतदान किया। वहीं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह ने रामपुर में मतदान किया। इससे पहले उन्होंने शिमला के शनि मंदिर में पूजा की।

    पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, उनके बेटे और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हमीरपुर में मतदान किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने शिमला में मतदान किया, जबकि नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और उनके परिवार ने हरोली में मतदान किया, जहां से वह चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बिलासपुर में परिवार के सदस्यों के साथ मतदान किया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी वोट डाला।

  • दिन-दिहाड़े व्यापारी के घर से 7 लाख रुपये ले फरार हुए चोर

    दिन-दिहाड़े व्यापारी के घर से 7 लाख रुपये ले फरार हुए चोर

    यमुनानगरः चोरी की घटनाएं दिनोंदिन बढ़ रही है। शनिवार को दिनदहाड़े ट्रैडिंग कारोबारी जितेंद्र के घर से चोर सात लाख रुपये की नकदी चोरी कर फरार हो गए। जिस समय वारदात हुई। उनकी पत्नी बाजार में सामान लेने के लिए गई थी। वह वापस लौटी, तो कमरों का सामान बिखरा हुआ मिला। शहर यमुनानगर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सुबूत जुटाए। ईस्ट भाटियानगर निवासी जितेंद्र का ट्रैडिंग का कारोबार है।

    शनिवार को उनकी बेटी स्कूल में गई हुई थी। जबकि बेटा छत पर कमरे में लेटा हुआ था। उनकी 76 वर्षीय माता कृष्णा देवी नीचे फोल्डिंग पर सोई हुई थी। दोपहर को उनकी पत्नी बाजार में सामान लेने के लिए चली गई। वह मुख्य गेट की बाहर से कुंडी लगाकर गई। थोड़ी देर बाद जब वह वापस लौटी, तो दो कमरों का सामान बिखरा हुआ पड़ा था। अंदर बेड की दराज से सात लाख रुपये गायब थे। इसके बाद उसने पति जितेंद्र को काल कर चोरी की जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।

    जब जितेंद्र की पत्नी बाजार गई, तो उसने बेटे को फोन कर दादी कृष्णा को दवाई देने के लिए कहा। बेटा अपनी दादी के पास आया, लेकिन दादी सोई हुई थी। जिस पर वह दोबारा ऊपर कमरे में चला गया। इस दौरान उसने देखा कि कमरों का सामान बिखरा हुआ है, लेकिन उसने अधिक ध्यान नहीं दिया। बेटे ने सोचा कि मम्मी ने ही सामान निकाला होगा।

    शहर यमुनानगर थाना प्रभारी कमलजीत सिंह व रामपुरा चौकी इंचार्ज भूप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आसपास सीसीटीवी के बारे में जानकारी ली, लेकिन कही पर भी सीसीटीवी नहीं लगा हुआ था। जितेंद्र के घर में पहले सीसीटीवी था। उन्होंने वाइफाइ खराब होने की वजह से 15 दिन पहले कैमरा उतार दिया था। जिस तरह से दिनदहाड़े यह वारदात की गई है। उससे यही अंदेशा जताया जा रहा है कि चोरों ने अच्छी तरह से रेकी की है।

  • स्कूल का  संचालक ही छात्रा से 2 महीने तक करता रहा दुष्कर्म 

    स्कूल का  संचालक ही छात्रा से 2 महीने तक करता रहा दुष्कर्म 

    गाजियाबाद: गाजियाबाद में एक मौलवी के नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म  करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि जिस स्कूल में दुष्कर्म  किया गया, उसी इमारत में मदरसा भी चलता है, जो 2014 से संचालित है. लोगों ने बताया कि आरोपी शहादत मौलवी भी है। गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्र के निजी स्कूल के संचालक शहादत ने नाबालिग छात्रा से दो महीने तक दुष्कर्म  किया। वह छुट्टी के बाद छात्रा को मोबाइल फोन चलाना सिखाने के बहाने रोक लेता था।
    मौलवी ने छात्रा को धमकी दी थी कि किसी को बताएगी, तो स्कूल में पढ़ने वाले उसके भाई-बहन की हत्या कर लाश नहर में फिंकवा देगा। जब छात्रा गुमसुम रहने लगी और स्कूल जाने से मना करने लगी, तो मां को शक हुआ। बेटी से पूछताछ के बाद संचालक की घिनौनी करतूत उजागर हुई। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है, फिलहाल आरोपी शहादत फरार है।
    मसूरी थाने के प्रभारी निरीक्षक आरसी पंत ने बताया, जांच में पता चला है कि संचालक ने पहले छेड़खानी की थी। छात्रा चुप रही, तो उसने रेप किया। शहादत ने उसे मोबाइल फोन दिलाने का झांसा भी दिया था। पुलिस ने बताया कि जिस स्कूल में रेप किया गया, उसी इमारत में मदरसा भी चलता है, जो 2014 से संचालित है।  स्कूल की मान्यता छठी कक्षा तक की है, पर आठवीं तक कक्षाएं चलती हैं। पुलिस ने बेसिक शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी है।

  • चोरी करने घुसे 4 लोगों ने पति के सामने महिला से किया गैंगरेप, 3 गिरफ्तार…

    चोरी करने घुसे 4 लोगों ने पति के सामने महिला से किया गैंगरेप, 3 गिरफ्तार…

    जयपुरः राजस्थान के सिरोही जिले में 45 साल की महिला के साथ उसके पति के सामने चार लोगों ने कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोप है कि चोरी की नीयत से घर में घुसे चार लोगों ने महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चौथे की तलाश जारी है।

    पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार की है, लेकिन सदमे के चलते दंपति बृहस्पतिवार को घर से बाहर ही नहीं निकला। इसके बाद पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया और शुक्रवार को मामला दर्ज करने के लिए स्थानीय पुलिस थाना पहुंचे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शनिवार को तीन आरोपियों को पकड़ लिया और चौथे आरोपी की भी तलाश की जा रही है।

    पिंडवाड़ा के पुलिस उपाधीक्षक जेठू सिंह ने कहा कि महिला का पति चौकीदार के रूप में काम करता है। बुधवार की रात जब दोनों सोने की तैयारी में थे तभी चार लोग जबरन उनके घर में घुसे और उन्हें बंधक बना लिया।

    अधिकारी के अनुसार, ‘उन्होंने पति के कपड़े उतरवा दिए और उसकी जेब से 1400 रुपए निकाल लिए। उन्होंने घर में और नकदी और अन्य कीमती सामान के बारे में पूछा लेकिन दंपति के पास चांदी के कुछ गहनों के अलावा कुछ नहीं था। जब उन्हें इससे ज्यादा कुछ नहीं मिला तो उन्होंने महिला के पति के सामने बारी-बारी से उससे दुष्कर्म किया।’

    अधिकारी ने कहा कि थाने में सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गयी और विभिन्न थानों के पुलिसकर्मी आरोपियों की पहचान करने और उनका पता लगाने में जुट गए। उन्होंने कहा, आरोपियों की जल्द पहचान कर ली गई और उनमें से तीन को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। हमारी टीम चौथे आरोपी की तलाश कर रही हैं और वह भी जल्द पकड़ा जाएगा।

  • पंजाबः नेशनल हाईवे पर टैंपो ट्रैवलर का फटा टायर, 6 महिलाओं सहित कई घायल

    पंजाबः नेशनल हाईवे पर टैंपो ट्रैवलर का फटा टायर, 6 महिलाओं सहित कई घायल

    बटालाः जिले के गांव पाखरपुरा के पास नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसे का मामला सामने आया है। नेशनल हाइवे से गुजर रहे टैंपो ट्रैवलर का टायर फटने के कारण सड़क पर पलट गया। हादसे में छह महिलाओं समेत एक दर्जन लोग घायल हुए हैं। घायलों की पहचान इशिता पुत्री संजीव कुमार निवासी जम्मू,तीरथ गुप्ता पुत्र,राम लाल गुप्ता निवासी जम्मू,सुनीता पत्नी सुरिंदर सिंह,जम्मू,मधु पत्नी लेट दिग्विजय सिंह निवासी जम्मू,कांति पत्नी विपन पुत्री विपिन किशोर गिरी निवासी जम्मू, शाया पत्नी लेट सूरज निवासी जम्मू, गर्मा गुप्ता पुत्री संजीव कुमार निवासी जम्मू के तौर पर हुई है।

    दुर्घटना देख आसपास के लोग भागकर मौके पर पहुंचे और गाड़ी को सीधा कर यात्रियों को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने एंबुलेंस की सहायता से घायलों को सिविल अस्पताल बटाला में दाखिल करवाया है। तीन घायलों की गंभीर हालत को देखते उन्हें अमृतसर के अस्पताल रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि इस हादसे में दर्जन के लगभग लोग घायल हुए हैं। कई घायलों को बटाला के विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में दाखिल करवाया है। उन्हे छोटी मोटी चोटें आई हैं।

    टैंपो ट्रैवल गाड़ी में सवार यात्री जम्मू से अमृतसर में श्री हरिमंदिर साहिब नतमस्तक होने के लिए जा रहे थे। सभी एक ही परिवार और रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। यात्रियों ने बताया शनिवार को वे टैंपो ट्रैवल गाड़ी में सवार होकर अमृतसर हरमंदिर साहिब माथा टेकने के लिए जा रहे थे। अचानक गाड़ी का टायर फट गया ,जिससे गाड़ी हाईवे पर गाड़ी पलट गई। आसपास के लोगों ने गाड़ी को सीधा करके सभी को बाहर निकाला। गाड़ी में लगभग 21 यात्री सवार थे। चौकी शेखुपुरा की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायका लिया।

  • बड़ी कार्रवाईः 8 करोड़ रुपये के नकली नोट किए बरामद, 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    बड़ी कार्रवाईः 8 करोड़ रुपये के नकली नोट किए बरामद, 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    मुंबईः महाराष्‍ट्र में ठाणे क्राइम ब्रांच की यूनिट 5 ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं, जिनकी कीमत आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों ही पालघर के रहने वाले हैं। ठाणे पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 52 वर्षीय राम शर्मा और 55 वर्षीय राजेंद्र राउत के रूप में की है।

    इससे जुड़े अन्‍य आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है। हालांकि, नकली नोट मिलने की यह कोई नई घटना नहीं है, समय-समय पर ऐसे किस्‍से सामने आते रहते हैं। अभी कुछ दिनों पहले प्रयागराज से एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें एसटीएफ ने शहर के मांडा रोड तिराहे के पास से बीते सात नवंबर की शाम को फूफा और भतीजे को जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया। इनके पास से 1,95,500 रुपये के पांच-पांच सौ के नोट बरामद किए गए। इनसे पूछताछ होने पर खुलासा हुआ कि ये सभी नकली नोट अंतर्राष्ट्रीय तस्कर दीपक मंडल के रिश्तेदार से लाए गए थे।

  • पंजाबः पुलिस को चकमा देकर सिविल अस्पताल से कैदी फरार

    पंजाबः पुलिस को चकमा देकर सिविल अस्पताल से कैदी फरार

    लुधियाना: जिले से बड़ी ख़बर सामने आई है। ताजपुर रोड की सेंट्रल जेल से आज सुबह इलाज के लिए लाया हवालाती सिविल अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार का रहने वाला शत्रुघ्न हत्या के आरोप में 2021 से सैट्रल जेल में बंद है।

    खन्ना की पुलिस सेंट्रल जेल से उक्त हवालाती को इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर आई थी जहां वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस कर्मचारियों की लापरवाही के चलते आरोपी भागने कामयाब हुई। बताया जाता हैं कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है

  • महिला ने पिता को जिंदा करने के लिए किया, ये घिनौना  काम

    महिला ने पिता को जिंदा करने के लिए किया, ये घिनौना काम

    नई दिल्ली: दक्षिण पूर्व जिले के थाना अमर कॉलोनी की टीम ने करीब 2 महीने के मासूम बच्चे के अपहरण का सनसनीखेज मामला सुलझा लिया है और 24 घण्टे के अंदर कोटला मुबारकपुर से एक महिला को गिरफ्तार किया है। महिला ने बताया कि उसने बच्चे को इसलिए अगवा किया था जिससे वो बच्चे की बलि देकर अपने मृत पिता को पुनर्जीवित कर सके। महिला ने ये सब अंधविश्वास के चलते किया. दक्षिण पूर्वी दिल्ली की डीसीपी ईशा पांडे के मुताबिक 10 नवंबर को शाम करीब 4:00 बजे थाना अमर कॉलोनी में सूचना मिली कि दिल्ली के गढ़ी गांव से करीब दो महीने के नवजात बच्चे को अज्ञात महिला ने अगवा कर लिया है।
    इसके बाद अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई राजिंदर सिंह, एचसी रविंदर गिरी, एचसी शेर सिंह, एचसी सचिन सरोहा, एचसी नीरज कुमार , इंस्पेक्टर प्रदीप रावत की टीम बनाई गई. जांच के दौरान पीड़िता ने बताया कि अपहरणकर्ता महिला ने उनसे सफदरजंग अस्पताल में मुलाकात की और खुद को जच्चा-बच्चा देखभाल के लिए काम करने वाले एनजीओ के सदस्य के रूप में पेश किया. उसने उन्हें मां और बच्चे को मुफ्त दवा और परामर्श देने का वादा किया. बाद में उसने नवजात शिशु की आगे की जांच करने के बहाने उनके संपर्क में रही.  फिर 9 नवंबर को आरोपी महिला नवजात बच्चे की जांच करने के बहाने उसके घर गढ़ी गांव आयी,फिर 10 नवंबर को फिर से वह उनके घर आई।

    इसके बाद उसने अपनी बातों से बच्चे की मां को प्रेरित किया और बच्चे को बाहर ले जाने के लिए कहा. जब वह बच्चे को घर से बाहर ले जा रही थी तो मां ने अपनी 21 साल की भतीजी को महिला के साथ जाने के लिए कहा।  उसके बाद अपहरणकर्ता पीड़िता की भांजी रितु के साथ नवजात को अपनी स्विफ्ट कार में ले गई। रास्ते में अपहरणकर्ता ने रितु को कोल्ड ड्रिंक पिलाई, जिससे वह बेहोश हो गई. बाद में अपहरणकर्ता ने रितु को यूपी के गाजियाबाद में रास्ते में फेंक दिया, जहां होश में आने के बाद उसने अपने परिवार को सूचित किया कि बच्चे का अपहरण कर लिया गया है। 

    इसके बाद पुलिस कॉल की गई.  जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए.  सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद अपहरणकर्ता के की कार का रजिस्ट्रेशन नंबर का पता लगाया गया और जिससे उसका पता मिला. उसके घर पर छापेमारी की गई थी लेकिन आरोपी नहीं मिली. शुक्रवार  शाम करीब 4:00 बजे गुप्त सूचना मिली कि अपहरणकर्ता आर्य समाज मंदिर, कोटला मुबारकपुर, दिल्ली के पास आएगी. इसके बाद आरोपी महिला को पकड़ लिया गया और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया.  अपहरणकर्ता की पहचान 25 साल किबश्वेता के रूप में हुई जो कोटला मुबारकपुर गांव की रहने वाली है

    पूछताछ पर आरोपी श्वेता ने खुलासा किया कि अक्टूबर 2022 में उसके पिता की मौत हो गई थी. अंतिम संस्कार के दौरान, उसे पता चला कि एक ही जेंडर के नवजात की बलि उसके पिता को पुनर्जीवित कर सकती है.  इस अंधविश्वास को अंजाम देने के लिए उसने इलाके में एक नवजात लड़के की तलाश शुरू कर दी. वह  सफदरजंग अस्पताल गई और वहां खुद को नवजात बच्चों और मां की मदद करने वाले एक एनजीओ से जुड़ा बताया.लोगों का विश्वास जीतने के लिए वह अक्सर नवजात और उसके परिवार से मिलने जाती थी. 10 नवंबर को वो सफलतापूर्वक उस नवजात लड़के का अपहरण करने में सफल रही. आरोपी श्वेता  ने 9वीं तक पढ़ाई की है. वह अपनी मां के साथ रह रही थी. वह पहले लूट और चोरी के 2 मामलों में शामिल है