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  • बंगाणा: रामगढ़धार के घरवासड़ा के घयोड़ में भारी बारिश से त्रासदी, दरकी पूरी पहाड़ी

    बंगाणा: रामगढ़धार के घरवासड़ा के घयोड़ में भारी बारिश से त्रासदी, दरकी पूरी पहाड़ी

    करीब 32 परिवार हुए बेघर, करोड़ों का नुक़सान

    26 परिवारों की पशुशालाएं ध्वस्त, डेढ़ सौ लोगों को घर से सुरक्षित जगह पहुंचाया, राहत एवं बचाव कार्य शुरू

    ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा की ग्राम पंचायत थड़ा के गांव घरवासड़ा के घयोट में सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक हुई मूसलधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। लगभग 500 कनाल पहाड़ी के दहकने से यहां करीब 32 परिवार बेघर हो गए हैं। पूरी पहाड़ी खिसक कर गांव के घरों और खेतों सहित कई फीट नीचे आ गई। जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अचानक हुए इस हादसे से 32 परिवारों के करीब डेढ़ सौ सदस्य बेघर हो गए और उन्हें अपने ही घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।

    पशुशालाएं ध्वस्त,चीखोपुकार से गूंजी वादियां, बुजुर्गो की आंखों में आंसुओं की धार

    बंगाणा के इसी गांव में बारिश और भूस्खलन की वजह से 26 परिवारों की पशुशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। कई जगह मवेशी मलबे में दबने से बाल-बाल बचे। हालात यह रहे कि ग्रामीणों को अपने मवेशियों को रस्सियों से बांधकर पास के वृक्षों के साथ सुरक्षित करना पड़ा। वहीं प्रशासन व स्थानीय लोगों की मदद से पशुओं को सुरक्षित गौशालाओं तक पहुंचाया गया। बावजूद इसके, एक मुर्गी पालक के छह चूज़े बारिश की भेंट चढ़ गए। गांव में हर तरफ चीखोपुकार और अफरा-तफरी का माहौल रहा।

    सरकारी स्कूलों व धार्मिक स्थलों में बनाए गए आश्रय स्थल

    हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जिला पार्षद सदस्य कृष्ण पाल शर्मा स्थानीय प्रधान गुरनाम सिंह एवं कर्मचारियों ने प्रभावित परिवारों को गांव के सरकारी स्कूलों व धार्मिक स्थलों में शिफ्ट किया। कई परिवारों को पंचायत भवन और स्थानीय धर्मशालाओं में भी ठहराया गया। इस दौरान जिला परिषद सदस्य कृष्ण पाल शर्मा, पंचायत प्रधान गुरनाम सिंह, स्थानीय पटवारी और सचिव सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया। भूस्खलन और मूसलाधार बारिश के बीच ग्रामीणों को निकालना किसी चुनौती से कम नहीं था। जिला पार्षद सदस्य कृष्ण पाल शर्मा और पंचायत प्रधान गुरनाम सिंह ने खुद मोर्चा संभालते हुए निजी गाड़ियों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। करीब डेढ़ सौ ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोग लगातार जुटे रहे।

    उक्त गांव प्रभावित क्षेत्र के अधिकांश मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। कई घर अब रहने लायक नहीं बचे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उनके जीवनभर की जमा पूंजी और मेहनत से बने आशियाने पलक झपकते ही खंडहर में बदल गए। खेतीबाड़ी की जमीन, पेड़-पौधे और अन्य संपत्ति भी मलबे की चपेट में आने से पूरी तरह नष्ट हो गई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार करोड़ों रुपये का नुक़सान हो चुका है। जिला पार्षद सदस्य कृष्ण पाल शर्मा ने कहा कि यह क्षेत्र भारी आपदा की चपेट में आ चुका है। सरकार को चाहिए कि प्रभावित परिवारों की तुरंत आर्थिक मदद की जाए, ताकि वे अपने जीवन को फिर से पटरी पर ला सकें। उन्होंने कहा कि जिन मकानों में दरारें आ चुकी हैं, वे अब पूरी तरह असुरक्षित हैं और उनमें रहना खतरे से खाली नहीं। ऐसे में प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करना अब बेहद जरूरी है।

    इस हादसे के बाद आसपास के गांवों से भी लोग मदद के लिए आगे आए। किसी ने खाने-पीने का सामान पहुंचाया तो किसी ने कंबल और कपड़े उपलब्ध कराए। महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने क्षेत्र को संवेदनशील घोषित करते हुए चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों तक प्रभावित इलाके में कोई भी व्यक्ति अपने घरों में वापस न जाए। मौसम विभाग ने भी अगले 48 घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे खतरा और बढ़ सकता है।

    पंचायत थहड़ा में बारिश के कारण प्रभावित परिवारों के नाम की सूची 

    जनकधारी चंद, तरसेम लाल,पीकी देवी पत्नी गुरबख्श सिंह, संत राम राम किशन, संजीव कुमार, जगता राम, रमेश,सुमित्रा देवी, शमशेर सिंह , प्रवीण कुमार, गंगा देवी, जसवंत सिंह, गोविंद सिंह, शशि पाल, शंकर सिंह, सुरेश कुमार, मुकेश कुमार, कुलदीप सिंह कर्मचंद सिंह, तरसेम लाल, प्रकाश चंद, इसमाईल,संजीव कुमार, निंदू राम,तरसेम लाल, प्रमोद सिंह, विनोद कुमार,बनी लाल, सुरेंद्र सिंह, नरदा सिंह,बलवंत सिंह इन परिवारों के 154 लोग बेघर हुए हैं,

  • Punjab News: पानी में डूबी Rail Coach Factory, क्वार्टरों में पानी घुसने से सामान का हुआ भारी नुकसान

    Punjab News: पानी में डूबी Rail Coach Factory, क्वार्टरों में पानी घुसने से सामान का हुआ भारी नुकसान

    कपूरथलाः पंजाब में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। वहीं बारिश के कारण रेल कोच फैक्ट्री भी पानी मे डूब गई। जिससे उत्पादन इकाई और एडमिन ब्लाक की तरफ जाते रास्ते पर स्थित गुरुद्वारा के पास 40-60 ग्राउंड फ्लोर के क्वार्टरों में पानी घुस गया है। जिससे आरसीएफ कर्मियों का सामान खराब हो गया है। वहीं, उत्पादन इकाई में बारिश के चलते काम प्रभावित हुआ है। आरसीएफ के सीपीआरओ के अनुसार प्रशासन बचाव कार्यों में जुट गया है। वहीं, एक राहत केंद्र भी स्थापित कर दिया गया है, जो 24 घंटे कार्यशील रहेगा। जानकारी के अनुसार मंगलवार को भारी मूसलाधार बारिश से आरसीएफ का अंदरूनी ड्रेनेज सिस्टम एकदम से ज्यादा पानी के चलते बैक मारने लग पड़ा।

    जिससे आरसीएफ के अंदर बारिश का पानी जमा होना शुरू हो गया। धीरे-धीरे निकासी न होने से पानी ग्राउंड फ्लोर पर स्थित आरसीएफ कर्मियों के क्वार्टरों में घुस गया। जिससे उनका सामान खराब हो गया। बारिश के पानी में लोगों की कारें तक डूब गई। इस विकट परिस्थितियों में मदद के लिए आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन के सदस्य आगे आए और राहत कार्यों में जुट गए। यूनियन के प्रधान अमरीक सिंह, महासचिव सर्वजीत सिं, कार्यकारी अध्यक्ष मनजीत सिंह बाजवा, प्रेस सचिव अरविंद कुमार शाह, तलविंदर सिंह , सिमरन व अन्य ने बताया कि बारिश के बीच वे तुरंत क्वार्टरों में पहुंचे और हालात का जायजा लेकर आरसीएफ प्रशासन को फोन कर पानी निकलवाने के मोटर की व्यवस्था की और लंगर का प्रबंध किया।

    यूनियन सदस्यों ने बताया कि उत्पादन इकाई की छतों से भी पानी टपकने लगा, जिससे उत्पादन कार्य प्रभावित हुआ है। आरसीएफ के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) अनुज कुमार ने बताया कि बारिश बहुत ज्यादा होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। प्रशासन की ओर से निकासी के लिए मोटरों की व्यवस्था कर दी गई है, लेकिन जिस ड्रेन में पानी छोड़ा जाना है, वह भी फुल चल रही है, जिस वजह से दिक्कत पेश आ रही है। जब तक ऐसे हालात हैं, तब तक के लिए आरसीएफ कर्मियों के परिवारों के लिए राहत केंद्र स्थापित कर दिया गया है, जोकि 24 घंटे चलता रहेगा। गुरुद्वारा के पास 40-50क्वार्टर ज्यादा प्रभावित हैं, जहां रिहत कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्पादन इकाई में सेफ्टी मानकों के अनुसार जो काम हो सकता है, वह किया जा रहा है।

     

  • Punjab News: बारिश से गिरी घर की छत, मलबे में दबा सामान, देखें वीडियो

    Punjab News: बारिश से गिरी घर की छत, मलबे में दबा सामान, देखें वीडियो

    बठिंडाः जिले के आबा बस्ती में गरीब परिवार घर की छत गिर गई। दरअसल, लगातार हो रही बारिश गरीब परिवार पर आफत बनकर आई। गनीमत यह रही कि इस घटना में जानी नुकसान होने से बचाव रहा। लेकिन घर का काफी नुकसान हो गया। घर में रखा सामान, बर्तन, कूलर, पंखा, सहित सारा सामान मिट्टी के मलबे में दब गया। घर में बुजुर्ग महिला बेटे के साथ रह रही थी। पीड़ित परिवार ने इस आपदा को लेकर प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।

  • बंगाणा: घरवासड़ा के घयोड़ के तीन परिवारों के पास न भूमि न मकान बचा, आशियाने 80 मीटर दरककर मलबे में तब्दील

    बंगाणा: घरवासड़ा के घयोड़ के तीन परिवारों के पास न भूमि न मकान बचा, आशियाने 80 मीटर दरककर मलबे में तब्दील

    सोमवार शाम मकानों में दरारें आने पर स्थानीय प्रधान एवं नायब तहसीलदार ने तीनों परिवारों को भेजा था सुरक्षित स्थान पर

    ऊना/सुशील पंडित:  उपमंडल बंगाणा की ग्राम पंचायत थहड़ा रामगढ़ धार के गांव घयोड घरवासड़ा में सोमवार रात हुई भीषण आपदा ने तीन परिवारों का सबकुछ छीन लिया। विधवा पिंकी देवी पत्नी स्वर्गीय गुरबख्श सिंह, तरसेम लाल पुत्र संत राम और जगदीश चंद पुत्र संत राम का घर सोमवार शाम करीब सात बजे खतरे की जद में आ गया। हालात को देखते हुए स्थानीय पंचायत प्रधान गुरनाम सिंह, नायब तहसीलदार बलविंदर सिंह और ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। मवेशियों को भी ग्रामीणों ने मिलजुल कर बचा लिया। मंगलवार सुबह तक हालात और बिगड़ गए। लगातार बारिश से भूमि खिसकने के कारण इनके पक्के मकान करीब 80 मीटर नीचे जाकर पूरी तरह ध्वस्त हो गए। घर-आंगन के साथ उपजाऊ भूमि भी बह गई। अब इन परिवारों के पास न तो रहने को मकान बचा है और न ही खेती के लिए जमीन, घर में रखा राशन, कपड़े और सामान सबकुछ मलबे में दब गया। बचा तो सिर्फ उनके शरीर पर पहना कपड़ा। अनुमान के मुताबिक प्रत्येक परिवार को लगभग 50-50 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है।

    इस त्रासदी की जानकारी मिलते ही जिला परिषद सदस्य कृष्ण पाल शर्मा मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों का हाल जाना। कृष्ण पाल शर्मा ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि इन परिवारों को पुनर्वास के लिए स्थायी भूमि उपलब्ध करवाई जाए और पक्के मकान बनाने के लिए पर्याप्त धनराशि मुहैया करवाई जाए। उन्होंने कहा कि जब तक इन परिवारों को नए मकान और जमीन नहीं मिलती, तब तक प्रशासन को इन्हें अस्थायी आश्रय, राशन और कपड़े उपलब्ध कराना चाहिए।

    वहीं, पंचायत प्रधान गुरनाम सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवारों की स्थिति बेहद दयनीय है। वे पूरी तरह से सरकार और प्रशासन की मदद पर निर्भर हैं। अगर समय रहते मदद नहीं मिली तो इन परिवारों का जीवन संकट में पड़ जाएगा। अब ग्रामीणों की उम्मीदें केवल सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं। ग्रामीणों ने राज्य सरकार से अपील की है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों का सर्वे कर प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाए।

  • कुटलैहड़ विस क्षेत्र में बारिश से सौ करोड़ का नुक्सान

    कुटलैहड़ विस क्षेत्र में बारिश से सौ करोड़ का नुक्सान

    कुटलैहड़ में 21 सड़कें बंद,नुक्सान का आंकड़ा 68 करोड़,जल शक्ति विभाग को 25 करोड़ की चपत, अन्य 12 करोड़ का नुक्सान

    ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा में बीते दो दिनों की लगातार मूसलाधार बारिश ने तबाही का ऐसा मंजर दिखाया है कि प्रशासन से लेकर आम जनता तक हर कोई हतप्रभ है। आंकड़ों के अनुसार केवल लोक निर्माण विभाग को ही करीब 16 करोड़ रुपये की चपत लगी है। विभाग के एक्सईएन अरविंद लखनपाल ने बताया कि इस तबाही के चलते उपमंडल की 21 सड़कें पूरी तरह से बंद हो चुकी हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। लोक निर्माण विभाग का कुल नुक्सान अब तक 68 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह जल शक्ति विभाग भी इस आपदा से अछूता नहीं रहा। विभाग के एक्सईएन हरभजन सिंह ने जानकारी दी कि दो दिनों की बारिश में विभाग को 2.50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और कुल नुकसान का आंकड़ा बढ़कर 25 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा है। स्थिति यह है कि विभाग की दो मुख्य योजनाएं बंद हो गई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

    राजस्व विभाग ने भी तबाही की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक करीब 400 रिहायशी मकान और पशुशालाएं ध्वस्त हो चुकी हैं। तहसीलदार अमित कुमार के अनुसार विभाग को केवल पिछले दो दिनों में ही 12.50 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हुआ है। इसके अलावा कृषि और पंचायती राज विभाग के अंतर्गत किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं और पंचायत स्तर पर छोटे-मोटे ढांचागत नुकसान भी दर्ज किए गए हैं। सिर्फ सरकारी आंकड़ों की बात करें तो उपमंडल बंगाणा में कुल नुकसान का आंकड़ा 100 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। लेकिन असल नुक्सान केवल पैसों तक सीमित नहीं है। जिन परिवारों के मकान मलबे में तब्दील हो गए हैं, जिनके खेतों की फसलें बह गई हैं, जिनके पशुशालाएं ध्वस्त हो गईं,उनके लिए यह नुकसान उनकी जिंदगी की कमाई और सपनों के चकनाचूर होने जैसा है।एक-एक रुपये जोड़कर गरीब किसान और मजदूर अपना छोटा सा आशियाना खड़ा करता है। वर्षों की मेहनत के बाद जब दीवारें खड़ी होती हैं, तब जाकर जीवन में एक सुरक्षित छत का एहसास होता है। लेकिन जब इसी मेहनत का फल पलक झपकते ही मलबे में बदल जाए तो इंसान की हिम्मत भी टूट जाती है।

    यह आपदा भी लोगों के लिए वैसा ही दर्द लेकर आई है। ग्रामीणों की आंखों के सामने उनके सपने बिखरते दिखे और उनके पास सिर्फ आंसू ही बचे। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस भारी नुक्सान की भरपाई कैसे होगी? सरकार और प्रशासनिक मशीनरी राहत और पुनर्वास कार्यों में जुटी है, लेकिन सौ करोड़ के पार पहुंच चुका यह नुक्सान जल्द पूरा होना संभव नहीं लगता। राहत राशि और मुआवजे से अस्थायी सहारा जरूर मिलेगा, परंतु टूटी छत और बर्बाद खेतों को दोबारा खड़ा करने के लिए सालों लग जाएंगे। उपमंडल बंगाणा की यह स्थिति एक बार फिर यह सोचने को मजबूर करती है कि प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए स्थायी समाधान कब तलाशे जाएंगे। फिलहाल यहां के लोग टूटे हुए दिलों और बिखरे हुए आशियानों के बीच केवल उम्मीद की डोर पकड़कर आगे बढ़ने को मजबूर हैं।

  • Punjab News: बाढ़ पीड़ितों से मिले CM Mann हुए भावुक, आंखों में आए आंसू, देखें Live

    Punjab News: बाढ़ पीड़ितों से मिले CM Mann हुए भावुक, आंखों में आए आंसू, देखें Live

    फिरोजपुरः पंजाब इन दिनों बहुत बुरी स्थिति से गुजर रहा है। पंजाब के कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ की वजह से जान माल का काफी नुकसान हो रहा है। हालांकि लोगों को बचाने के लिए प्रयास जारी हैं। हुसैनीवाला बॉर्डर बाढ़ पीड़ित लोगों का हाल जानने मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद पहुंचे थे। मुख्यमंत्री मान बाढ़ पीड़ितों से मिलने के लिए हुसैनीवाला बॉर्डर से सटे गांवों में पहुंचे। इस दौरान सीएम मान भावुक हो गए। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

    मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को हर मदद करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा पंजाब संकट में है और बहुत खराब स्थिति है। यहां पर बुजुर्ग महिलाओं व अन्य लोगों की समस्या सुनकर उनकी आंखों में आंसू आ गए। मुख्यमंत्री ने कहा पंजाब संकट में है और बहुत खराब स्थिति है। कुदरत के आगे किसी का जोर नहीं चलता है। केंद्र सरकार के पास हमारे हक का 50 हजार करोड़ जीएसटी का फंड पड़ा है। यदि वह फंड हमें मिल जाए तो पंजाब के लोगों की मदद की जा सकती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें टेलीफोन कर पंजाब की स्थिति का हाल-चाल पूछा है। पानी घटने के बाद पंजाब में कितना नुकसान हुआ है उसके बाद ही वह प्रधानमंत्री को स्थिति और नुकसान संबंधी बताएंगे। यदि केंद्र से उन्हें कुछ मदद मिलती है तो ठीक है नहीं तो हम तो कुछ ना कुछ पंजाब के लिए करेंगे। पानी का संकट टलने के बाद सतलुज दरिया के आसपास बने बांध को वहां के स्थानीय लोगों से पूछ कर मजबूत किया जाएगा।

    क्योंकि वहां के लोगों को स्थिति का ज्यादा अंदाजा है। सीएम मान ने कहा कि मैं आज फिरोजपुर में बाढ़ पीड़ितों से उनकी समस्या सुनने और मिलने आया हूं। उनकी टीम बाढ़ पीड़ितों की हर प्रकार की मदद करने में जुटी हुई है। इस समय सभी को बाढ़ पीड़ितों की मदद करनी चाहिए मान ने कहा कि हम पूरे देश को अनाज देते हैं और आज पंजाब की हालत बहुत खराब हैं।

     

     

  • Punjab News: बरसात से डूबा गांव, पशुओं के चारे की आई कमी, देखें Live

    Punjab News: बरसात से डूबा गांव, पशुओं के चारे की आई कमी, देखें Live

    होशियारपुरः जिला के हलका चब्बेवाल में बरसात से लोगों का काफी नुकसान हो गया है। वहीं लगातार हो रही बरसात के कारण गांव अलावलपुर पूरी तरह से पानी में डूब चुका है। गांववासियों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से कोई ठोस प्रबंध नहीं किए गए हैं, यदि प्रबंध किए होते तो आज गांव की यह हालत नहीं होती। उन्होंने कहा कि अभी तक हमारे गांव में खाने-पीने की कोई कमी नहीं है, लेकिन पशुओं के लिए चारे की काफी कमी आ गई है।

  • Jalandhar पहुंची NDRF की टीम, फैक्टरी में चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

    Jalandhar पहुंची NDRF की टीम, फैक्टरी में चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

    जालंधर, ENS: जालंधर में लगातार भारी बारिश के बाद लोहारा गांव की एक फैक्ट्री में मजदूर फंस गए। वहीं मौके पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम द्वारा फैक्टरी में फंसे 8 मज़दूरों को ज़िला प्रशासन की निगरानी में रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। डीसी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि शाहकोट में तैनात राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की दो टीमों में से एक को तुरंत बुलाकर बचाव अभियान चलाया और सभी मज़दूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

    राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए, डॉ. अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसी भी बाढ़ जैसी स्थिति में लोगों की जान बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण नाले उफान पर हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस उभरती स्थिति को देखते हुए कल रात एनडीआरएफ की दो टीमों को बुलाया गया और उन्हें शाहकोट में तैनात किया गया। एसडीएम रणदीप हीर और सुश्री राजविंदर कौर थियाड़ा की उपस्थिति में जनता को संकट की घड़ी में पूर्ण सरकारी सहायता का आश्वासन दिया गया।

  • Punjab News: बारिश ने मचाई तबाही, घर के 2 कमरों की छत्तें भरभरा गिरी

    Punjab News: बारिश ने मचाई तबाही, घर के 2 कमरों की छत्तें भरभरा गिरी

    कपूरथलाः पंजाब में लगातार बारिश से हालात खराब हो रहे है। शहर के बीचों-बीच मोहल्ला शेरगढ़ वार्ड नंबर 29 में मंगलवार सुबह करीब 4 बजे एक ही घर के दो कमरों की दोनों छत्तें अचानक भरभरा कर नीचे गिर गईं। हादसा इतना भयानक था कि पूरा मोहल्ला दहल उठा। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सदस्य किसी तरह बच निकले और जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन घर के अंदर रखा सारा सामान पूरी तरह से नष्ट हो गया।

    टूटे हुए मकान के मलबे और लगातार बरसती बारिश के बीच पीड़ित परिवार को खुले आसमान तले तिरपाल डालकर रात बितानी पड़ी। मासूम बच्चों समेत पूरे परिवार की हालत दयनीय हो गई है। पीड़ित अमित कुमार पुत्र रमेश कुमार निवासी मोहल्ला शेरगढ़ ने रोते हुए बताया कि वह ड्राइविंग का काम करके बड़ी मुश्किल से परिवार का गुजारा करते हैं। घर में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं।

    पहले ही आमदनी इतनी कम है कि किसी तरह रोटी-पानी का प्रबंध होता है, लेकिन अब दोनों कमरों की छत गिरने से पूरा परिवार बेघर हो गया है। अमित कुमार ने कहा कि अब उनके पास ना रहने के लिए छत बची है और ना ही घर का सामान। परिवार के सामने सिर छिपाने तक का संकट खड़ा हो गया है। हादसे की जानकारी नगर निगम कमिश्नर को दी गई। निगम प्रशासन तुरंत हरकत में आया। नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।

    तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को सुरक्षित स्थान पर भेजने के आदेश दिए गए और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया गया। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि लगातार बारिश से शहर के कई पुराने और जर्जर मकान खतरे की जद में आ चुके हैं। यदि नगर निगम ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय निवासियों ने निगम प्रशासन से मांग की है कि ऐसे प्रभावित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और सुरक्षित आवास की व्यवस्था की जाए।

    मोहल्ले के लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन बरसात से पहले जर्जर मकानों की सूची बनाकर कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। लोगों का कहना है कि यदि निगम पहले ही सतर्क होता तो इस तरह की नौबत कभी नहीं आती। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि गरीब और मजदूर परिवारों की पीड़ा को समझते हुए राहत कार्यों में तेजी लाई जाए और टूटे घरों के पुनर्निर्माण के लिए विशेष फंड जारी किया जाए।

     

  • Haryana News: 6 देसी कट्टे, 4 पिस्टल सहित 12 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Haryana News: 6 देसी कट्टे, 4 पिस्टल सहित 12 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    पंचकूलाः हरियाणा पुलिस द्वारा क्राइम की वरादातों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 तस्करों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, एडीजीपी क्राइम के आदेशानुसार राज्यभर में आपराधिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए 15 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध हथियारों की तस्करी और इनके सहारे अपराध करने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसना था।

    पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज के मार्गदर्शन व डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह सूदन के नेतृत्व में सभी क्राइम यूनिट्स ने योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया। एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज की अगुवाई में जगह-जगह नाकेबंदी की गई, छापेमारी की गई और गुप्त सूत्रों से मिली सूचनाओं पर कार्रवाई की गई।

    डीसीपी क्राइम ने बताया कि इस अभियान में पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत कुल 7 मामले दर्ज किए और 12 शातिर हथियार तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। इनमें ऐसे अपराधी भी शामिल हैं जिनके खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी संगठित तरीके से हथियारों की आपूर्ति करते थे। तलाशी के दौरान हमारी टीमों ने आरोपियों के कब्जे से 6 देसी कट्टे, 4 पिस्टल और 6 जिंदा कारतूस बरामद किए। इस कार्रवाई से न केवल अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को तोड़ा गया है। बल्कि भविष्य में होने वाले अपराधों को भी रोका जा सका है।