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  • भारत को 2047 तक नशा-मुक्त बनाने की मुहिम में बनें भागीदार

    मानस हेल्पलाइन 1933 पर दें सूचना, आपकी पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय

    ऊना/सुशील पंडित: नशे के खिलाफ निर्णायक जंग में अब हर नागरिक की भूमिका अहम हो गई है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस 1933’ पर कोई भी व्यक्ति नशे की तस्करी या दुरुपयोग से जुड़ी सूचना पूरी तरह गोपनीयता के साथ साझा कर सकता है और भारत को 2047 तक नशा-मुक्त बनाने के संकल्प में भागीदार बन सकता है।

    सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक राजीव कुमार बताते हैं कि मानस 1933 हेल्पलाइन सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे कार्यशील है और इसे एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ जोड़ा गया है, ताकि नशे से जुड़ी सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाती है, जिससे लोग निःसंकोच और भयमुक्त होकर जानकारी साझा कर सकते हैं।

    जन जागरूकता पर जोर
    राजीव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार प्रदेश में नशे के खिलाफ जनजागरण के लिए अभिनव और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मानस हेल्पलाइन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग नशे की तस्करी एवं दुरुपयोग की सूचना साझा कर सकें और आवश्यक परामर्श प्राप्त कर सकें।
    उन्होंने बताया कि नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए https://www.ncbmanas.gov.in/awareness (डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट एनसीबीएमएएनएएस डॉट जीओवी डॉट आईएन) पोर्टल पर पोस्टर, वीडियो और ब्रोशर जैसी सूचना सामग्री उपलब्ध कराई गई है। कोई भी व्यक्ति इन संसाधनों को निःशुल्क डाउनलोड, साझा और उपयोग कर सकता है। शैक्षणिक संस्थान, पंचायतें, युवा क्लब और स्वयंसेवी संगठन विशेष रूप से इनका उपयोग कर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत करा रहे हैं।

    ऊना जिला प्रशासन की नशे के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति

    उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि जिले में नशे के विरुद्ध जीरो-टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है। युवाओं को नशे के दलदल से बचाने और उन्हें स्वस्थ व सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूकता गतिविधियों को लगातार बढ़ाया जा रहा है। गांवों में ओपन एयर जिम और पुस्तकालय स्थापित करने के साथ ही स्कूलों व कॉलेजों में विशेष सत्र, जागरूकता शिविर और सोशल मीडिया अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानस हेल्पलाइन 1933 इन सभी प्रयासों को नई ताकत देगी।

    उपायुक्त ने आमजन से अपील की कि नशे की तस्करी या दुरुपयोग संबंधी किसी भी जानकारी को तुरंत मानस हेल्पलाइन 1933 पर साझा करें और भारत को नशा-मुक्त बनाने की इस मुहिम का हिस्सा बनें।

  • आपदा प्रबंधन में सरकार और प्रशासन की असफलता पर भड़के पूर्व विधायक भुट्टो

    आपदा प्रबंधन में सरकार और प्रशासन की असफलता पर भड़के पूर्व विधायक भुट्टो

    बोले आपदा ग्रस्त परिवारों को सरकार की तरफ से नहीं मिल रही कोई मदद 

    दस दिनों से कुटलैहड़ में 21 सड़कें पड़ी हैं बंद,जनता को आवाजाही में हो रही समस्या: भुट्टो

    ऊना/सुशील पंडित: कुटलैहड़ भाजपा के पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो ने बंगाणा में कहा कि प्रदेश सरकार और प्रशासन आपदा से निपटने में पूरी तरह असफल साबित हुए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि बीते दस दिनों से भाखड़ा थाना कलां, बड़सर पीपलू, भयांबी,बडसाला, त्यूडी सहित करीब दो दर्जन सड़कों पर यातायात पूरी तरह से बंद पड़ा है, लेकिन लोक निर्माण विभाग (लोकनिवि) के पास मशीनरी में तेल डालने तक के पैसे नहीं हैं। इस वजह से सड़कें बंद होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भुट्टो ने याद दिलाया कि 12 दिन पहले घरवासड़ा, रायपुर मैदान, दोबड, पलाहटा सहित आधा दर्जन पंचायतों में भारी बारिश से भूस्खलन हुआ था। इस आपदा ने करीब पांच दर्जन परिवारों को प्रभावित किया। कई परिवार बेघर हो गए, कई घरों में दरारें आ गईं और लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

    भुट्टो ने आरोप लगाया कि इस गंभीर स्थिति में भी सरकार और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे, न तो फौरी राहत राशि पहुंचाई गई और न ही प्रभावित परिवारों को कोई ठोस मदद मिली।उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में जब पीड़ित परिवारों को राशन किट, तरपाल और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करवाए गए, तभी अचानक राजनीति चमकाने वाले कई लोग मौके पर पहुंचने लगे, भुट्टो ने इसे दुर्भाग्य पूर्ण करार देते हुए कहा कि असली समय पर कोई मदद नहीं करता, लेकिन बाद में राजनीतिक लाभ उठाने के लिए फोटो खिंचवाने जरूर आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में पिछले डेढ़ महीने से लगातार आपदा का प्रकोप जारी था, तो बंगाणा प्रशासन और सरकार के प्रतिनिधि को पहले से ही अलर्ट पर रहना चाहिए था। लेकिन लापरवाही और कागजी खानापूर्ति ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।

    उन्होंने कहा कि मकान पूरी तरह ध्वस्त होने वाले परिवारों को भी सरकार मात्र 15 फीट का एक तरपाल देकर इतिश्री कर रही है। क्या इतने छोटे से तरपाल से किसी बेघर परिवार का आशियाना बन सकता है? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सरकार और प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर फूट सकता है। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर पूर्व विधायक के सामने रखीं। उन्होंने कहा कि बरसात से मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं, पशुशालाएं ध्वस्त हो गई हैं और फसलों का भारी नुकसान हुआ है। लेकिन अब तक किसी भी सरकारी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर उनकी सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने भुट्टो से गुहार लगाई कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाई जाए। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मलांगड़,सूरम सिंह,नरेश ठाकुर,उपाध्यक्ष राज कुमार मनकोटिया ,सतीश धीमान सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

  • Punjab News: MP Sanjay Singh ने इस इलाके का किया दौरा, केंद्र सरकार पर दागे निशाने, देखें वीडियो

    Punjab News: MP Sanjay Singh ने इस इलाके का किया दौरा, केंद्र सरकार पर दागे निशाने, देखें वीडियो

    गुरदासपुरः दिल्ली के सांसद संजय सिंह, पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ और इंद्रवीर सिंह निज्जर विधायक अमृतसर बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए डेरा बाबा नानक के शाहपुर जाजन गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गांव के लिए राशन और पशुओं के लिए चारे की ट्रॉलियां भी भेजी गईं।

    इसके बाद वे अलग-अलग गांवों के प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। दिल्ली के सांसद संजय सिंह और अमन अरोड़ा ने कहा कि बाढ़ से पंजाब में बहुत नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई जल्द नहीं होने वाली। हमारी सरकार ने प्रशासन के माध्यम से हर सुविधा मुहैया कराई थी तथा जितना हो सके सरकार ने लोगों की मदद की थी।

    केंद्र सरकार के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार शुरू से ही पंजाब के साथ भेदभाव करती आ रही है। यहां तक ​​कि हमारा पहला जीएसटी का पैसा भी अभी तक वापस नहीं किया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दौरे के लिए आए थे और उनका फर्ज बनता था कि सभी पीड़ितों के लिए कोई राहत पैकेज की घोषणा करते, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। पंजाब सरकार के कामकाज के विरोध पर जब बात की गई तो उन्होंने कहा, “यह राजनीति है। राजनीति में विरोध करने वाले दो-चार लोग तो होते ही हैं। यह कोई समस्या नहीं है। अगर कोई भाई नाराज है तो हम उसे मना लेंगे और उसकी जो भी कमियां होंगी, उन्हें वहीं से पूरा किया जाएगा।” सरकार का पहला मक्सद पीड़ितों की मदद करना है और उन्हें राहत पहुंचाना है।

  • Punjab News: डेंगू मच्छरों का अड्डा बनीं Roadways की Workshop, देखें वीडियो

    Punjab News: डेंगू मच्छरों का अड्डा बनीं Roadways की Workshop, देखें वीडियो

    एक्शन में आया स्वास्थ्य विभाग, शराब की खाली बोतलों का मिला ढेर

    होशियारपुरः शहर के बीचों-बीच पंजाब रोडवेज की वर्कशॉप डेंगू मच्छर का अड्डा बन सकती थी अगर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर डेंगू मच्छर के लार्वा नष्ट नहीं कराती। वर्कशॉप में न केवल जगह-जगह पानी जमा था, बल्कि सैकड़ों टायरों में भी पानी भरा था जिसमें डेंगू के लार्वा पाए गए। साथ ही वर्कशॉप के अंदर शराब की खाली बोतलों का ढेर भी मिला, जिनमें बारिश का पानी भरा हुआ था और मच्छरों के लार्वा भी बहुतायत में थे। इस पर जब रोडवेज के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह बारिश का पानी है, इसे तुरंत साफ करवा दिया जाएगा। इस पर जिले की सिविल सर्जन डॉ. सीमा गर्ग ने बताया कि हर शुक्रवार को ड्राई डे मनाया जाता है। शहर में मलेरिया और डेंगू की सभी टीमें सक्रिय हैं जो जहां कहीं भी डेंगू मच्छर पाए जाते हैं, उन्हें नष्ट करती हैं और लगातार छिड़काव भी करती हैं। साथ ही लोगों को स्वास्थ्य शिक्षा भी दी जाती है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि इस मौसम में जगह-जगह पानी जमा हो जाता है। इसलिए सभी की जिम्मेदारी है कि वे अपने घरों के आसपास, गमलों में, कूलर और फ्रिज की ट्रे में और किसी भी छत पर पड़े काले बर्तनों में पानी जमा न होने दें। सुबह और शाम पूरे बाहरी कपड़ों पर मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें। यदि किसी को बुखार की शिकायत हो तो जिले के सिविल अस्पताल में दवा और टेस्ट मुफ्त हैं। इस संबंध में पंजाब रोडवेज के जीएम जसवीर सिंह कोटला ने बताया और सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वर्कशॉप के साथ-साथ सफाई का भी ध्यान रखा जाए। यदि कोई कर्मचारी लापरवाही करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी दौरान उन्होंने सफाई करवानी भी शुरू कर दी।
  • गरीब की थाली में सीधी राहत, नशे और विलासिता पर सख़्ती—मोदी सरकार का ऐतिहासिक GST सुधार”—सुमीत शर्मा

    गरीब की थाली में सीधी राहत, नशे और विलासिता पर सख़्ती—मोदी सरकार का ऐतिहासिक GST सुधार”—सुमीत शर्मा

    ऊना/सुशील पंडित: भाजपा प्रदेश सचिव सुमीत शर्मा ने कहा कि जीएसटी काउंसिल के हालिया फैसले ने देश की आम जनता, किसानों, छोटे कारोबारियों और मध्यमवर्ग को बड़ी राहत दी है। अब टैक्स ढांचा सरल होकर मुख्यतः दो स्लैब (5% और 18%) में आ गया है, और चुनिंदा “सिन/लक्ज़री” वस्तुओं पर विशेष 40% का प्रावधान रखा गया है। नए दरें 22 सितम्बर 2025 से लागू होंगी, जिससे त्योहारी सीज़न से पहले ही महँगाई पर भी असर दिखेगा।

    मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला – दूध, पनीर और रोटी पर जीरो टैक्स, आमजन को सीधी राहत सुमीत ने कहा कि मोदी सरकार का हालिया जीएसटी सुधार देश की जनता के लिए दीपावली से पहले सबसे बड़ा तोहफ़ा है। दूध, पनीर, रोटी, पराठा जैसी रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों को जीएसटी से पूरी तरह मुक्त करना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के जीवन में बड़ी राहत लेकर आएगा।

    सुमीत कहा कि ट्रेक्टर टायर सस्ते होने से ग़रीब किसान को काफ़ी राहत मिलेगी जब देश का किसान और गरीब खुश होगा तो भारत अपने आप आत्मनिर्भर बनेगा। भाजपा सरकार ने दिखा दिया है कि उसका हर कदम जनता की भलाई और “अंत्योदय” की भावना से प्रेरित है।

    साथ ही, सिगरेट, शराब और नशे से जुड़ी वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाने का फैसला समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इससे नशे की लत पर अंकुश लगेगा और देश स्वस्थ दिशा में आगे बढ़ेगा।

    सुमीत ने कहा कि “यह केवल टैक्स सुधार नहीं, बल्कि गरीब की थाली में खुशहाली और समाज में नशामुक्ति का संकल्प है।” उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे ऐसे जनहितैषी निर्णयों का स्वागत करें और मजबूत भारत के निर्माण में भाजपा का साथ दें।

  • Jalandhar News: शनिवार को स्कूल और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद, आदेश जारी

    Jalandhar News: शनिवार को स्कूल और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद, आदेश जारी

    जालंधर, ENS: शहर में भादों के महीने में शुक्ल पक्ष के 14वें दिन हर साल बाबा सिद्ध सोढल मेला आयोजित किया जाता है। इस साल बाबार सिद्ध सोढल मेला 6 सितंबर को शुरू हो रहा है। वहीं बाबा सिद्ध सोढल मेले को लेकर डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल ने शनिवार को छुट्टी का ऐलान किया है।

    दरअसल, डिप्टी कमिश्नर की ओर से आदेशों के अनुसार श्री सिद्ध बाबा सोढल महाराज जी के मनाए जा रहे वार्षिक मेले को लेकर 6 सितंबर 2025 (शनिवार) को जिले में सरकारी छुट्टी घोषित की गई है।

    उन्होंने कहा कि लोगों की श्रद्धा को मुख्त रखते हुए जिला जालंधर स्थित पंजाब सरकार के समूह सभी दफ्तरों, बोर्ड/कॉरपोरेशन और सरकारी शैक्षिक संस्थानों में लागू रहेगी। डिप्टी कमिश्नर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि छुट्टी के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए।

     

  • Jalandhar News: श्री सिद्ध बाबा सोढल का मेला शुरू, 1100 जवान तैनात, देखें Live

    Jalandhar News: श्री सिद्ध बाबा सोढल का मेला शुरू, 1100 जवान तैनात, देखें Live

    जालंधर, ENS: शहर में भादों के महीने में शुक्ल पक्ष के 14वें दिन हर साल बाबा सिद्ध सोढल मेला आयोजित किया जाता है। इस बार सिद्ध सोढल मेला 6 सितंबर को शुरू हो रहा है। जिसको लेकर आज ही मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु आने शुरू हो गए है। हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु इस मेले में सोढल बाबा के दर्शन करने आते हैं। पंजाब के मेलों की सूची में इनका प्रमुख स्थान है। मेला बाबा सोढल की महान आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित किया जाता है। सोढल मंदिर में प्रसिद्ध ऐतिहासिक सोढल सरोवर है जहां सोढल बाबा की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। श्रद्धालु इस पवित्र सरोवर के जल से अपने ऊपर छिड़काव करते हैं और चरणामृत की तरह पीते हैं। इस दिन देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा सोढल के दर्शन करने आते हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के चलते एक दिन पहले ही हवन से इसकी शुरुआत हो जाती है।

    आनंद-चड्ढा परिवारों की ओर से बरसों पहले शुरू की गई मेले की रीत अब सभी कौम की आस्था में बदल गया है। एक परिवार का न रहकर सभी का बन गया है। 1960 के आसपास चंद घंटों तक चलने वाला मेला अब 3 से 4 चार दिन तक दिन-रात चलता है। मान्यता के अनुसार, चड्‌ढा और आनंद परिवार के सदस्य एक दिन पहले ही इकट्ठे हो जाते हैं। मान्यता है कि इस तपोभूमि पर आदर्श मुनि तपस्या करते थे। बाबा सोढल की माता जी उनकी सेवा करती थीं। मुनि जी ने कहा- बेटी तुमने कभी मुझसे कुछ मांगा नहीं। इस पर माता जी ने उनसे पुत्र रत्न का वरदान मांगा। मुनि जी ने ध्यान लगाया और कहा- तुम्हारे भाग्य में औलाद सुख नहीं है। मुनि जी ने भगवान विष्णु की अराधना कर पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया। उन्होंने संतान पर कभी गुस्सा न करने की हिदायत भी दी। एक दिन बाबा जी की मां तालाब पर कपड़े धो रही थीं, तब बाबा सोढल 5 साल के थे। मां ने उन पर गुस्सा किया तो वे तालाब में गायब हो गए। मां को बिलखते देख बाबा सोढल ने नाग के रूप में दर्शन दिए और कहा- मैं सदा यहीं आपके बीच रहूंगा।

    इस स्थान पर नतमस्तक होने वाले नि:संतान भक्तों को भी औलाद सुख मिलेगा। उन्होंने चड्ढा और आनंद बिरादरी के परिवारों को उनके पुनर्जन्म को स्वीकार करते हुए मट्ठी जिसे टोपा कहा जाता है चढ़ाने का निर्देश दिया। इस टोपे का सेवन केवल चड्ढा और आनंद परिवार के सदस्य ही कर सकते हैं। इस प्रसाद का सेवन परिवार में जन्मी बेटी तो कर सकती है मगर दामाद व उसके बच्चों के लिए यह वर्जित है। सोढल मेले वाले दिन श्रद्धालु पवित्र तालाब से अपने प्रत्येक पुत्र के नाम की मिट्टी 14 बार निकालते हैं। श्रद्धालु अपने-अपने घरों में पवित्र खेत्री बीजते हैं, जो हर परिवार की खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। मेले वाले दिन इसे बाबा जी के श्रीचरणों में अर्पित करके माथा टेकते हैं। करीब 165 साल पहले शुरू हुई बाबा सोढल की मान्यता आज लाखों भक्तों की मन्नतों में बदल चुकी है। भक्त अपनी मुरादें पूरी होने पर बच्चों को और अपने सगे-संबंधियों के साथ लेकर ढोल-बाजों के साथ नाचते-गाते आते हैं।

    मंदिर के चारों तरफ कई किलोमीटर में आने-जाने वाले भक्तों के लिए दिन-रात लंगर चलता है। बाबा सिद्ध सोढल के मेले को लेकर मंदिर प्रबंधक कमेटी की तैयारियां पूर्ण रूप से कर ली है। मंदिर के अंदर और बाहर पुलिस की तैनाती कर दी है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह से कोई दिक्कत या परेशानी न आए उसे लेकर पुख्ता प्रबंध भी किए गए है। जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेले में पुलिस के 1100 जवान तैनात किए गए है। साथ ही मंदिर परिसर के अंदर 30 और बाहर 30 कुल 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। जिसका कंट्रोल रूम मंदिर परिसर के बाहर बनाया गया है। जहां से पुलिस शरारती तत्व और जेबकतों पर खास तौर पर ध्यान रखेगी।

  • Jalandhar News: बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए LPU के चांसलर अशोक मित्तल ने किया बड़ा ऐलान, देखें Live

    Jalandhar News: बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए LPU के चांसलर अशोक मित्तल ने किया बड़ा ऐलान, देखें Live

    जालंधर, ENS: पंजाब में आई बाढ़ से 14 गांव पानी की चपेट में आ गए है। वहीं आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के चांसलर अशोक मित्तल ने घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण जिन परिवारों ने अपने प्रियजन खो दिए हैं। उनके एक सदस्य को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में नौकरी दी जाएगी। पंजाब हमेशा एक के बाद एक त्रासदी को सहन करता है।

    ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੋ:

    ਵੱਡੀ ਖ਼ਬਰ – ਹੜਾਂ ‘ਚ ਮਾਰੇ ਗਏ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਲਈ ਵੱਡਾ ਐਲਾਨ, ਮ੍ਰਿਤਕਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਨੌਕਰੀ ਦਾ ਭਰੋਸਾ

    विदेश हमले अगर हुए तो सबसे पहले पंजाब में हुए। बंटवारे में पंजाब को बांटा गया, उग्रवाद भी पंजाब में आया। लेकिन बंटवारे के बाद आज पंजाब में सबसे बड़ी त्रासदी आई है। 1988 की बाढ़ के बाद आज जो बाढ़ आई है, यह उससे भी बड़ी है। उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय काफी बड़ी त्रासदी से गुजर रहा है। 1900 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए है। 15 प्रतिशत इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए है। 4 लाख एकड़ जमीन बाढ़ की चपेट में आ गई है। 5 लाख से अधिक परिवार इस आपदा से गुजर रहे है।

    23 जिले बाढ़ से प्रभावित हो गए है। उन्होंने कहा कि इन हालातों पर लोगों की मदद के लिए सरकार द्वारा लगातार राहत कार्य किए जा रहे है। अरविंद केजरीवाल भी लगातार बाढ़ के हालातों का जायजा ले रहे है और बीते दिन उन्होंने सुल्तानपुर लोधी में जाकर गांवों का जायजा भी लिया है। उन्होंने कहाकि संस्थाएं और अन्य धार्मिक संस्थान बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद कर रहे है। सासंद ने कहा कि अभी भी कुछ जगहों पर पानी बढ़ रहा है। पानी का लेवल कम होने के बाद जो हालात सामने आएंगे वह बेहद भयानक होंगे।

    दुनियां में कहीं त्रासदी होती है तो पंजाबी सबसे आगे आए और उन्होंने खुलकर मदद की है। लेकिन आज समय आ गया है कि देश पंजाब के साथ खड़ा हों और उनकी मदद करें। उन्होंने कहा कि खेती के लिए जमीन पर रेत आने से काफी खराब हो गई है। लोगों के घर टूट गए है, ऐसे में दोबारा बनाने में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि जिन 43 लोगों की बाढ़ से मौत हो गई है, वह उन परिवारों के साथ खड़े है। उन्होंने ऐलान किया है कि इन 43 परिवारों में से प्रत्येक मेंबर को उनकी काबलियत के मुताबिक परमानेंट नौकरी देंगी।

  • Punjab News: रावी का कहर, Army के जवानों ने दुल्हे और रिश्तेदारों को सुरक्षित निकाल Palace पहुंचाया, देखें वीडियो

    Punjab News: रावी का कहर, Army के जवानों ने दुल्हे और रिश्तेदारों को सुरक्षित निकाल Palace पहुंचाया, देखें वीडियो

    गुरदासपुरः जहां एक ओर रावी नदी का पानी गुरदासपुर के कई गांवों में कहर बनकर फैल रहा है, वहीं दूसरी ओर भारतीय सेना की 270 इंजीनियर रेजिमेंट के जवान मानवता और सेवा की मिसाल बनकर उभरे हैं। बीते दिन गांव चौतरा में एक युवक की शादी थी, लेकिन अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से पूरे गांव में 5-5 फुट तक पानी भर गया। परिजनों को चिंता थी अब बारात कैसे जाएगी?

    जैसे ही इस संकट की जानकारी पास में ही अपनी यूनिट के साथ डेरा जमाए बैठे 270 इंजीनियर रेजिमेंट के जवानों को मिली, उन्होंने देर किए बिना गांव की ओर रुख किया। रिटायर्ड सूबेदार गुरप्रीत सिंह, जो इसी गांव के रहने वाले हैं और अब इस राहत अभियान का अभिन्न हिस्सा हैं, की अगुवाई में सेना के जवानों ने लड़के और उसके 10 रिश्तेदारों को सुरक्षित गांव से बाहर निकाला और पेल्स तक पहुंचाया, ताकि शादी की रस्में बिना रुकावट पूरी हो सकें।

    यही नहीं, पिछली रात भी इन जांबाजों ने गांव चौतरा के 2 निवासियों को नॉमनी नाले के तेज बहाव से खींचकर रात 11:30 बजे गांव ठाकुरपुर पहुंचाया और फिर सुबह उनके घर चौतरा भी सुरक्षित भेजा।

    400 छात्रों में से 130 को रेस्क्यू कर चुके हैं ये जवान
    270 इंजीनियर रेजिमेंट की टीम हाल ही में जवाहर नवोदय विद्यालय में फंसे 400 छात्रों में से 130 का सफलतापूर्वक रेस्क्यू भी कर चुकी है। अब तक यह टीम 600 से अधिक लोगों की जान बचा चुकी है। रेजिमेंट ने 26 अगस्त से गुरदासपुर के गांव आले चक में अपना बेस बनाया हुआ है। स्थानीय निवासी और रिटायर्ड सूबेदार गुरप्रीत सिंह ने जवानों को ठहरने के लिए अपनी इमारत, भोजन और आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई हैं। वे खुद भी जवानों के साथ राहत और रेस्क्यू कार्यों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इस राहत कार्य में गांव के लोग भी पीछे नहीं हैं। स्थानीय संगत द्वारा बनाए गए लंगर, राशन, दवाइयां और प्रसाद सेना के जवानों के माध्यम से दूर-दराज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजे जा रहे हैं।

  • Punjab News: टूटा 1988 का रिकार्ड, BBMB चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने किए चौकाने वाले खुलासे

    Punjab News: टूटा 1988 का रिकार्ड, BBMB चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने किए चौकाने वाले खुलासे

    चंडीगढ़: पंजाब में आई बाढ़ के बीच भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। BBMB के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने आंकड़ों के साथ दावा किया कि इस साल डैमों में 1988 के भीषण बाढ़ से अधिक पानी आया है और ब्यास नदी में पानी के प्रवाह ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने बताया कि इस मानसून सीजन में डैमों में 11.7 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) पानी आया है, जो एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि इस बार 1988 से ज्यादा पानी है। इस बार 2023 की तुलना में 20% अधिक पानी आया है।
    Read in English:

    Bhakra Water Level Below Danger Mark, Pong Remains Critical: BBMB

    ब्यास नदी में पानी का प्रवाह 65,000 क्यूसेक से पार हो गया, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने माना कि पोंग डैम में पानी की आमद बहुत ज्यादा है, जिससे डैम पर भारी दबाव बन गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पानी को अत्यंत नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा रहा है। भाखड़ा डैम में इस सीजन में 16.78 बिलियन क्यूबिक मीटर का उच्चतम जल स्तर रिकॉर्ड किया गया है, जो कि 1988 और 2023 में देखे गए उच्चतम स्तर के बराबर है। उन्होंने कहा कि हाल ही के दिनों में भाखड़ा में पानी का प्रवाह थोड़ा कम हुआ है, जिससे दबाव कम करने में मदद मिली है, लेकिन पोंग में एक लाख क्यूसेक से अधिक का प्रवाह जारी है।

    शुक्रवार तक, भाखड़ा डैम में पानी का स्तर 1,678.6 फुट था, जो कि निर्धारित खतरे के स्तर से लगभग 1.4 फुट नीचे है। हालांकि, पोंग डैम का स्तर 1,394.7 फुट दर्ज किया गया, जो कि खतरे के निशान से ऊपर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाखड़ा का जल स्तर 1680 फुट से ऊपर नहीं जाने दिया जा सकता, जो कि उसकी अधिकतम क्षमता है। त्रिपाठी ने कहा कि मौसम की भविष्यवाणी अगले तीन से चार दिनों में कम बारिश का संकेत देती है, जिससे स्थिति को नियंत्रण में लाने में मदद मिल सकती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में BBMB ने डैमों के महत्व को दर्शाते हुए बड़ा दावा किया।

    चेयरमैन ने कहा, अगर ये डैम न होते, तो पंजाब में जून महीने में ही बाढ़ आ चुकी होती। उन्होंने बताया कि डैमों से पानी छोड़ने की प्रक्रिया 6 अगस्त से ही जारी है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय हुई है जब पंजाब सरकार और कई विशेषज्ञ बाढ़ के लिए BBMB के कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। BBMB ने इन आंकड़ों के माध्यम से यह बताने की कोशिश की है कि स्थिति उनकी उम्मीदों से कहीं अधिक गंभीर थी और उन्होंने सर्वोत्तम संभव तरीके से स्थिति को संभाला। अब देखना होगा कि इन खुलासों पर पंजाब सरकार क्या प्रतिक्रिया देती है।