भारत को 2047 तक नशा-मुक्त बनाने की मुहिम में बनें भागीदार

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मानस हेल्पलाइन 1933 पर दें सूचना, आपकी पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय

ऊना/सुशील पंडित: नशे के खिलाफ निर्णायक जंग में अब हर नागरिक की भूमिका अहम हो गई है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस 1933’ पर कोई भी व्यक्ति नशे की तस्करी या दुरुपयोग से जुड़ी सूचना पूरी तरह गोपनीयता के साथ साझा कर सकता है और भारत को 2047 तक नशा-मुक्त बनाने के संकल्प में भागीदार बन सकता है।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक राजीव कुमार बताते हैं कि मानस 1933 हेल्पलाइन सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे कार्यशील है और इसे एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ जोड़ा गया है, ताकि नशे से जुड़ी सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाती है, जिससे लोग निःसंकोच और भयमुक्त होकर जानकारी साझा कर सकते हैं।

जन जागरूकता पर जोर
राजीव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार प्रदेश में नशे के खिलाफ जनजागरण के लिए अभिनव और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मानस हेल्पलाइन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग नशे की तस्करी एवं दुरुपयोग की सूचना साझा कर सकें और आवश्यक परामर्श प्राप्त कर सकें।
उन्होंने बताया कि नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए https://www.ncbmanas.gov.in/awareness (डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट एनसीबीएमएएनएएस डॉट जीओवी डॉट आईएन) पोर्टल पर पोस्टर, वीडियो और ब्रोशर जैसी सूचना सामग्री उपलब्ध कराई गई है। कोई भी व्यक्ति इन संसाधनों को निःशुल्क डाउनलोड, साझा और उपयोग कर सकता है। शैक्षणिक संस्थान, पंचायतें, युवा क्लब और स्वयंसेवी संगठन विशेष रूप से इनका उपयोग कर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत करा रहे हैं।

ऊना जिला प्रशासन की नशे के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति

उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि जिले में नशे के विरुद्ध जीरो-टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है। युवाओं को नशे के दलदल से बचाने और उन्हें स्वस्थ व सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूकता गतिविधियों को लगातार बढ़ाया जा रहा है। गांवों में ओपन एयर जिम और पुस्तकालय स्थापित करने के साथ ही स्कूलों व कॉलेजों में विशेष सत्र, जागरूकता शिविर और सोशल मीडिया अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानस हेल्पलाइन 1933 इन सभी प्रयासों को नई ताकत देगी।

उपायुक्त ने आमजन से अपील की कि नशे की तस्करी या दुरुपयोग संबंधी किसी भी जानकारी को तुरंत मानस हेल्पलाइन 1933 पर साझा करें और भारत को नशा-मुक्त बनाने की इस मुहिम का हिस्सा बनें।

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