आपदा प्रबंधन में सरकार और प्रशासन की असफलता पर भड़के पूर्व विधायक भुट्टो

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बोले आपदा ग्रस्त परिवारों को सरकार की तरफ से नहीं मिल रही कोई मदद 

दस दिनों से कुटलैहड़ में 21 सड़कें पड़ी हैं बंद,जनता को आवाजाही में हो रही समस्या: भुट्टो

ऊना/सुशील पंडित: कुटलैहड़ भाजपा के पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो ने बंगाणा में कहा कि प्रदेश सरकार और प्रशासन आपदा से निपटने में पूरी तरह असफल साबित हुए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि बीते दस दिनों से भाखड़ा थाना कलां, बड़सर पीपलू, भयांबी,बडसाला, त्यूडी सहित करीब दो दर्जन सड़कों पर यातायात पूरी तरह से बंद पड़ा है, लेकिन लोक निर्माण विभाग (लोकनिवि) के पास मशीनरी में तेल डालने तक के पैसे नहीं हैं। इस वजह से सड़कें बंद होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भुट्टो ने याद दिलाया कि 12 दिन पहले घरवासड़ा, रायपुर मैदान, दोबड, पलाहटा सहित आधा दर्जन पंचायतों में भारी बारिश से भूस्खलन हुआ था। इस आपदा ने करीब पांच दर्जन परिवारों को प्रभावित किया। कई परिवार बेघर हो गए, कई घरों में दरारें आ गईं और लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

भुट्टो ने आरोप लगाया कि इस गंभीर स्थिति में भी सरकार और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे, न तो फौरी राहत राशि पहुंचाई गई और न ही प्रभावित परिवारों को कोई ठोस मदद मिली।उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में जब पीड़ित परिवारों को राशन किट, तरपाल और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करवाए गए, तभी अचानक राजनीति चमकाने वाले कई लोग मौके पर पहुंचने लगे, भुट्टो ने इसे दुर्भाग्य पूर्ण करार देते हुए कहा कि असली समय पर कोई मदद नहीं करता, लेकिन बाद में राजनीतिक लाभ उठाने के लिए फोटो खिंचवाने जरूर आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में पिछले डेढ़ महीने से लगातार आपदा का प्रकोप जारी था, तो बंगाणा प्रशासन और सरकार के प्रतिनिधि को पहले से ही अलर्ट पर रहना चाहिए था। लेकिन लापरवाही और कागजी खानापूर्ति ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।

उन्होंने कहा कि मकान पूरी तरह ध्वस्त होने वाले परिवारों को भी सरकार मात्र 15 फीट का एक तरपाल देकर इतिश्री कर रही है। क्या इतने छोटे से तरपाल से किसी बेघर परिवार का आशियाना बन सकता है? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सरकार और प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर फूट सकता है। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर पूर्व विधायक के सामने रखीं। उन्होंने कहा कि बरसात से मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं, पशुशालाएं ध्वस्त हो गई हैं और फसलों का भारी नुकसान हुआ है। लेकिन अब तक किसी भी सरकारी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर उनकी सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने भुट्टो से गुहार लगाई कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाई जाए। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मलांगड़,सूरम सिंह,नरेश ठाकुर,उपाध्यक्ष राज कुमार मनकोटिया ,सतीश धीमान सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

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