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  •  हिमाचल प्रदेश के उद्योग संकटग्रस्त स्थिति से गुजर रहे हैं: बी.बी.एन.आई.ए

     हिमाचल प्रदेश के उद्योग संकटग्रस्त स्थिति से गुजर रहे हैं: बी.बी.एन.आई.ए

    हर क्षेत्र में उद्योगों किया जा रहा है अनदेखा और थोपा जा रहा टैक्स का जंजाल: राजीव अग्रवाल

    बीबीएन इंडस्ट्रीज एसोसिशन ने उद्योगों की अनदेखी पर जताया गहरा रोष

    बददी/सचिन बैंसल: हिमाचल प्रदेश के उद्योग इस समय घोर संकट से गुजर रहे हैं। अगर प्रदेश सरकार ने समय रहत स्थिति न संभाली तो उद्योग तो बर्बाद होंगे या पलायन करने पर मजबूर होंगे। पडोसी राज्यों में औद्योगिक निवेश का जो माहौल है और वहां पर सरकारें जिस तरह से उद्योगों को आमंत्रित कर रही है उससे हिमाचल सरकार को सोचने पर मजबूर होना पडेगा। यह बात आज यहां जारी प्रेस बयान में हिमाचल प्रदेश के सबसे बडे उद्योग संघ बीबीएन इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कही।  उन्होने कहा कि राज्य की समृद्धि का एक महत्वपूर्ण अक्स उद्योग जगत होता है, लेकिन अक्सर हमें अनदेखा किया गया दशकों से। हिमाचल प्रदेश में उद्योग इसकी आर्थिक वृद्धि और विकास के अज्ञात नायक रहे हैं। हालाँकि, यह क्षेत्र वर्तमान में चुनौतियों की एक श्रृंखला से जूझ रहा है जो न केवल इसके अस्तित्व को खतरे में डालता है बल्कि हमारे खूबसूरत राज्य के व्यापक आर्थिक परिदृश्य को भी खतरे में डालता है, खासकर हिमाचल प्रदेश को आपदा प्रभावित राज्य घोषित किए जाने के संदर्भ में। उन्होने कहा कि आज प्रदेश विशेषकर बददी बरोटीवाला नालागढ का उद्योग जगत समस्याओं की चक्की में पिस कर रह गया है। प्रदेश में ये उद्योग जैसे कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, सफेद सामान, ऑटो घटक और कई अन्य उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहे हैं, प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से लाभकारी रोजगार प्रदान करते हैं, नवाचार को बढ़ावा देते हैं, और स्थानीय और क्षेत्रीय व्यापार को मजबूत करते हैं और आर्थिक उन्नयन में बहुत योगदान दिया है। उन्होने कहा कि आज हमें हर तरफ से पीसा जा रहा है आटा चक्की की तरह और राज्य में उद्योग चलाना आज एक मिशन बन चुका है। हिमाचल कहने को विद्युत राज्य है लेकिन उद्योगों की विद्युत दरें दूसरे राज्यों से ज्यादा हो चुकी है। हाल ही में सरकार ने बिजली डयूटी में 2 से लेकर 19 प्रतिशत की वृद्वि की है।

    बिजली शुल्क में भारी बढ़ोतरी के साथ-साथ दावा  की गई रियायतों की वापसी ने हमारे औद्योगिक परिदृश्य को सदमे में डाल दिया है। यह अप्रैल 2023 में टैरिफ में लगभग 50 पैसे प्रति यूनिट की औसत वृद्धि के बारे में है । यहां तक कि जनरेटर सेट या यहां तक कि सौर मोड द्वारा कैप्टिव उत्पादन पर भी, 45 पैसे प्रति यूनिट का बिजली शुल्क लगाया गया है। देश में कहीं भी हरित ऊर्जा पर इस तरह का कोई शुल्क नहीं लगाया गया है। राजीव अग्रवाल ने कहा कि राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रांसपोर्टरों के बीच एकाधिकारवादी प्रथाओं के भाडा लागत पहले से ही बढ़ी हुई थी। हाल ही में डीजल पर वैट 9.90 फीसदी से बढ़ाकर 13.9 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे डीजल की कीमतों में अचानक अत्यधिक वृद्धि हुई है, जिससे उद्योगों पर बोझ बढ़ गया है, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हुई है। इस उछाल ने लागत के बोझ को और बढ़ा दिया है और राज्य में परिवहन क्षेत्र की एकाधिकारवादी प्रथाओं के कारण क्षेत्र के उद्योगों को 30 से 40 प्रतिशत अधिक ट्रांसपोर्ट किराया देना पड रहा है।

    राजीव अग्रवाल ने आगे कहा कि हाल के महीनों में अतिरिक्त माल कर (एजीटी) और सडक़ द्वारा ले जाने वाले कुछ सामानों पर कर (सीजीसीआर कर) (सीजीसीआर) की दर बढ़ाने और इसे विभिन्न उद्योगों पर लगाने के राज्य सरकार के फैसले ने हमारे उद्योगों की समस्याओं को बढ़ा दिया है। एजीटी और सीजीसीआर लगाने से अतिरिक्त वित्तीय बोझ पैदा हुआ है, जिससे लाभ मार्जिन और परिचालन दक्षता प्रभावित हुई है। देश में कहीं भी इस तरह के टैक्स नहीं लगाए जा रहे हैं और हिमाचल का उद्योग इस कारण से भी अप्रतिस्पर्धी हो गया है। हिमाचल प्रदेश में जनशक्ति लागत अब इस क्षेत्र में सबसे अधिक हो गई है, जिससे हमारी प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो गई है। हिमाचल प्रदेश में मासिक न्यूनतम मजदूरी हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में लगभग 10प्रतिशत अधिक है , जिससे कुशल कार्यबल बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। अग्रवाल ने आगे कहा कि अत्यधिक परमिट शुल्क औद्योगिक परिवहन में बाधा है। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में राज्य के बाहर पंजीकृत बसों के लिए परमिट शुल्क में वृद्धि से उद्योगों पर काफी वित्तीय बोझ पड़ा है। हिमाचल प्रदेश में बसों के लिए परमिट शुल्क अब हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में लगभग दस गुना अधिक है।

    बददी का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बरोटीवाला नालागढ़ (बीबीएन), अपनी औद्योगिक प्रमुखता के बावजूद, कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचागत चुनौतियों का सामना करता है। इन चुनौतियों में अपर्याप्त सडक़ बुनियादी ढांचे, गंभीर यातायात भीड़, निर्यात के लिए घरेलू बाजारों और बंदरगाहों तक माल परिवहन के लिए रेल कनेक्टिविटी की कमी और औद्योगिक श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए खराब आवास सुविधाएं शामिल हैं। जबकि चार-लेन राजमार्ग के पूरा होने में देरी एक बड़ी बाधा थी, हाल ही में प्रमुख संपर्क पुलों के ढहने से दैनिक उद्योग यात्रियों और माल के परिवहन में परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं। एक के बाद एक आने वाली सरकारें इस क्षेत्र की बुनियादी ढांचे की समस्याओं पर उचित ध्यान नहीं दे पाईं। बीबीएन क्षेत्र की पूरी क्षमता को अनलॉक करने के लिए इन बुनियादी ढांचे के मुद्दों को संबोधित करना सर्वोपरि है।

    बी.बी.एन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में मैं त्वरित कार्रवाई के लिए हमारे औद्योगिक समुदाय की एकीकृत आवाज को दोहराता हूं। हमारे उद्योग हमारे राज्य की जीवनधारा हैं, जो इसकी अर्थव्यवस्था, रोजगार, विकास और समृद्धि का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। अपने आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करने और हिमाचल प्रदेश की समृद्धि की रक्षा के लिए, हम राज्य सरकार से हालिया अधिसूचनाओं पर पुनर्विचार करने और उद्योग पर कोई और वित्तीय बोझ डालने से बचने का आग्रह करते हैं। हम राज्य सरकार से भी आग्रह करते हैं कि वह पहले की तरह उद्योग को साथ लेकर चलती रहे, क्योंकि यह राज्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभों और हितधारकों में से एक है।यह पहचानना जरूरी है कि हमारे उद्योगों के सामने आने वाली चुनौतियाँ औद्योगिक क्षेत्र से भी आगे निकल जाती हैं।

    उनके प्रभाव हिमाचल प्रदेश के हर पहलू पर पड़ रहे हैं, जिससे अनगिनत व्यक्तियों और समुदायों की आजीविका प्रभावित हो रही है। सरकार, राज्य के लोगों और उद्योगों को औद्योगिक विकास की उस विरासत की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए जिसे हमारे राज्य ने वर्षों की कड़ी मेहनत से विकसित किया है। आइए याद रखें कि हिमाचल प्रदेश में उद्योग केवल उद्यम नहीं हैं; वे हमारे राज्य की आर्थिक जीवन शक्ति की जीवनधारा हैं। वे वह माध्यम हैं जिसके माध्यम से हम रोजगार पैदा करते हैं, बुनियादी ढांचे का निर्माण करते हैं, और राज्य के साथ-साथ इसके लोगों के लिए प्रगति करते हैं। हम राज्य सरकार से ऐसा करने में उनका समर्थन और पोषण करने का आग्रह करते हैं; हिमाचल प्रदेश और इसके लोगों तथा भावी पीढय़िों के लिए एक समृद्ध और संपन्न भविष्य सुनिश्चित करेगा।

  • किशोर योग एकेडमी में किया गया शिकागो वक्तृता दिवस का आयोजन

    किशोर योग एकेडमी में किया गया शिकागो वक्तृता दिवस का आयोजन

    अजीत जैन और शालिनी गुप्ता ने बताया स्वामी विवेकानंद के विचारों को युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत
    बददी/सचिन बैंसल: शिकागो वक्तृता दिवस के अवसर पर किशोर योग एकेडमी में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें स्वामी विवेकानंद द्वारा 11 सितंबर 1893 को शिकागो की विशव धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक भाषण पर विस्तृत चर्चा की गई। डाक्टर किशोर ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वामी विवेकानंद ने धर्म संसद में यह कहकर सभी को चकित कर दिया जब उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे धर्म से हूं, जिसने दुनिया को सहनशीलता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढ़ाया। हम सिर्फ सार्वभौमिक सहनशीलता में ही विश्वास नहीं रखते, बल्कि हम विश्व के सभी धर्मों को सत्य के रूप में स्वीकार करते हैं। जब उन्होंने यह शब्द कहे उस समय पूरा हाल तालियों की गढ़गढ़ाहट से गूंज उठा। और यही वह शक्ति है जो भारत को अन्य देशों से अलग करती है।
    इस अवसर पर पर्यावरण पर कार्य कर रहे अजीत जैन ने भी स्वामी विवेकानंद द्वारा युवाओं को दिखायें योग के मार्ग पर चलने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि योग करने वाला युवा कभी भी हताश, निराश उदास अथवा तनाव से ग्रसित हो ही नहीं सकता। योग करने वाला सदैव सजग, सचेत और जागृत रहता है और वह हमेशा नवाचार पर कार्य करने की योजना बना रहा होता है। जिससे न वह कभी बिमार पड़ता है और न कोई बिमारी उसे घेरती है।
    संध्याकालीन मातृ शक्ति योग कक्षा में शालिनी गुप्ता ने महिलाओं के कतर्व्य और अधिकारों पर बोलते हुए कहा कि हर नारी के अंदर रानी लक्ष्मी बाई, निवेदिता बैठी है हमें जरूरत है उस शक्ति को पहचानने की और महिलाओं को संगठित करने की। उन्होंने कहा कि जैसे हम एक घण्टा प्रतिदिन स्वयं से जुड़ने के लिए योग को निकालती हैं उसी प्रकार समाज को संस्कारित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए भी हमें ही संगठित होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एक महिला ही क्रियेटर भी होती है और यदि खत्म करने पर आ जाए तो वही डिस्ट्रायर भी बनती है। इसलिए हमें सबसे पहले अपने परिवार को पूर्ण सनातन संस्करों से पोषित करना है फिर उन्हे कुछ और सिखाने की जरूरत नहीं है क्योंकि सत्य सनातन संस्कृति अपने आप में इतनी सर्व श्रेष्ठ है कि मानव को महामानव बनाने की ओर अग्रसर करती है।
    इस अवसर पर अनुराधा, मंदीप कौर, सुनीता शर्मा चिन्तपूर्णी, ललित मोहन कालका, विजय शास्त्राी मंधाला, कमलेश कौर, अर्चना, सुनीता राठौर, अरूणा शर्मा, शलिनी गुप्ता, शशी संजीव, ओशीन बंसल, पूजा बंसल, भारती ढोले, रजनी शर्मा, गीता शर्मा, सोनिया गुप्ता, जशोदा देवी, अलका, सुनीता गुप्ता, शालिनी मित्तल, हर्षिता, मुस्कान, जीवन कुमारी, रंजना शर्मा, नितू पाल, मिनाक्षी शर्मा, पूजा कुमारी, सुनील मित्तल, तारा चंद, हंसानंद झा, श्रवण कुमार, लाला बाबू यादव, सोमनाथ पाल, सोनू बंसल, रमन कौशल, मान सिंह हाणा, अजीत जैन, सुनील दत्त शर्मा, नीरज गुप्ता, सुरेश मित्तल, राकेश जैन, मनोज जैन, अनिल कुमार, सजवंत सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
  • मीडिया ट्रायल को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आया बयान 

    मीडिया ट्रायल को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आया बयान 

    गृह मंत्रालय और सभी राज्यों के DGP को दिए निर्देश

    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मीडिया ट्रायल को लेकर नाराजगी जताई। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 3 महीने के अंदर मीडिया ब्रीफिंग पर गाइडलाइन बनाने को कहा। इसके साथ ही सभी राज्यों के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को भी एक महीने के भीतर इस मामले में गृह मंत्रालय को सुझाव देने का निर्देश दिया।

    सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी कहा कि केंद्र जल्द ही पुलिस द्वारा मीडिया ब्रीफिंग के संबंध में गाइडलाइन जारी करेगा। सुप्रीम कोर्ट 2017 से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर रहा था। अब इसकी अगली सुनवाई जनवरी 2024 के दूसरे हफ्ते में होगी। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि मीडिया ट्रायल से न्याय प्रभावित हो रहा है। इसलिए पुलिस में संवेदनशीलता लाना जरूरी है। किसी भी मामले में पुलिस को कितना खुलासा करना चाहिए, ये तय करने की जरूरत है। इसमें पीड़ितों और आरोपी का हित शामिल है। साथ ही जनता का हित भी शामिल है।

    CJI ने कहा कि किसी भी मामले में जांच के दौरान अहम सबूतों का खुलासा होने पर जांच प्रभावित हो सकती है। हमें आरोपी के अधिकार का भी ध्यान रखना है, क्योंकि वह भी पुलिस की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच का हकदार है। ऐसे में अगर आरोपी का मीडिया ट्रायल होता है तो जांच निष्पक्ष नहीं रह जाती। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि मीडिया ट्रायल से किसी पीड़ित या शिकायतकर्ता की गोपनीयता का उल्लंघन होता है। कभी-कभी तो मामले से नाबालिग का संबंध भी होता है। ऐसे में पीड़ित की निजता को प्रभावित नहीं किया जा सकता। हमें पीड़ित और आरोपी दोनों के अधिकारों का ख्याल रखना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पर अभद्र और अपमानजनक पोस्ट को लेकर एक याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस प्रशांत कुमार की बेंच ने कहा कि सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट करने वालों को सजा मिलनी जरूरी है।

  • 9 लाख करोड़ की इस कंपनी के CEO को ‘आशिकी’ पड़ी भारी

    9 लाख करोड़ की इस कंपनी के CEO को ‘आशिकी’ पड़ी भारी

    नई दिल्ली: ऑफिस में ‘आशिकी’ करना अक्सर भारी पड़ता है। 9 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू वाली इंटरनेशनल कंपनी ब्रिटिश पेट्रोलियम (BP) के मामले में भी ऐसा ही हुआ है। कंपनी के सीईओ बर्नार्ड लूनी को नौकरी से इस्तीफा देना पड़ा है। इसी के साथ उनका बीपी में बिताया 32 साल का पूरा करियर भी लगभग समाप्त हो गया है। बर्नार्ड लूनी ने 21 साल की उम्र में 1991 में बीपी को जॉइन किया था और करीब चार साल पहले 2020 में कंपनी के सीईओ की जिम्मेदारी संभाली थी। अब 53 साल के बर्नाड लूनी ने सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि वह अपनी कलीग्स के साथ अपने संबंधों की सही जानकारी कंपनी के बोर्ड को नहीं दे सके हैं। इस खबर का असर बीपी के मार्केट कैप पर भी देखा जा सकता है।

    बर्नार्ड लूनी ने मंगलवार देर रात अचानक बड़ा फैसला लेते हुए कंपनी के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद बीपी को तत्काल इसकी सूचना शेयर मार्केट को देनी पड़ी। बीपी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि बर्नार्ड लूनी ने कलीग्स के साथ अपने सभी रिश्तों के बारे में जानकारी नहीं दी है। साथ ही ये स्वीकार किया है कि  उन्हें अपने रिश्तों को लेकर और ज्यादा पारदर्शिता बरतनी थी।‌ बर्नार्ड लूनी के इस्तीफे के साथ ही कंपनी के सीएफओ मूरे ऑशिंक्लोस को कंपनी का अंतरिम सीईओ बना दिया गया है। दरअसल, मई 2022 में बीपी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को बर्नार्ड लूनी के खिलाफ एक शिकायत मिली थी। इसमें बर्नार्ड लूनी के अपने कलीग्स के साथ निजी संबंधों और व्यवहार को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद बोर्ड ने शिकायत की समीक्षा की और बर्नार्ड लूनी से अपने सभी संबंधों की जानकारी देने के लिए कहा।

    अब कंपनी के बोर्ड का कहना है, ” बर्नार्ड लूनी ने सीईओ बनने से पहले कलीग्स के साथ रहे अपने कुछ ही पुराने संबंधों की जानकारी दी है। हालांकि उनके व्यवहार में ऐसा कुछ नहीं पाया गया जो कंपनी की आचार संहिता का उल्लंघन करता हो।” उनके खिलाफ हाल में इसी तरह की एक और शिकायत मिली है, जिसकी कंपनी जांच कर रही हैं। लेकिन अब बर्नार्ड लूनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बर्नार्ड लूनी के इस्तीफे के पहले बीपी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 9,29,064.72 करोड़ रुपये था। लेकिन इस्तीफे के बाद जब मार्केट खुले तो बीपी के शेयर में बड़ी गिरावट देखी गई। इसके बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लोअर शेयर प्राइस पर 9,12,189.36 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह कंपनी को एक ही दिन में एमकैप के रूप में 16,875.36 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

  • जालंधरः केंद्रीय मंत्री का एलान, नए बन रहे हवाई अड्डे से 7 राज्यों के लिए मिल सकेंगी सीधी उड़ान

    जालंधरः केंद्रीय मंत्री का एलान, नए बन रहे हवाई अड्डे से 7 राज्यों के लिए मिल सकेंगी सीधी उड़ान

    जालंधर,ENS: आज केंद्रीय राज्य मंत्री उद्योग एवं वाणिज्य सोम प्रकाश ने आदमपुर के सैन्य हवाई अड्डे में बन रहे सिविल एयरपोर्ट के नई बन रहे टर्मिनल का निरीक्षण किया उनके साथ एयरपोर्ट के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रशासनिक अफसर मौजूद थेसोम प्रकाश ने बताया कि इस एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन नवंबर माह में कर दिया जाएगा, और इस हवाई अड्डे से देश के विभिन्न सात राज्यों के लिए सीधी उड़ान की सेवा उपलब्ध होगी जिससे कि दोआबा व पंजाब के लोगों को बहुत फायदा व लाभ मिलेगा

    सोमप्रकाश ने बताया कि इस नए बन रहे टर्मिनल में आने वाले सभी यात्रियों को सभी तरह की विश्व स्तरीय आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी और इसकी शुरुआत होते ही पंजाब के लोगों को देश के अन्य राज्यों में जाने के लिए बहुत ही आसानी हो जाएगीइस कार्यक्रम में उनके साथ मुख्य रूप से उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व निकाय मंत्री तीक्ष्ण सूद, भाजपा पंजाब प्रदेश के उपाध्यक्ष ,एवं जालंधर के पूर्व मेयर, राकेश राठौर, भाजपा जालंधर शहर के पूर्व अध्यक्ष रमन पब्बी, भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सनी शर्मा, भाजपा जिला सचिव, अमित भाटिया उपस्थित थे

  • पंजाब: भीषण सड़क हादसा: 2 टुकड़ों में बंटा कंटेनरों से लदा कैंटर 

    पंजाब: भीषण सड़क हादसा: 2 टुकड़ों में बंटा कंटेनरों से लदा कैंटर 

    फतेहगढ़ साहिब: नेशनल हाईवे पर सरहिंद फ्लोटिंग के पास हादसा हो गया। हादसा इतना भयानक था कि कैंटर दो हिस्सों में टूट गया था। गनीमत रही कि कई लोगों की जान बाल बाल बची। ड्राइवर बेअंत सिंह ने बताया कि वह लुधियाना की तरफ से राजपुरा की ओर जा रहा था। सरहिंद फ्लोटिंग के पास उसके आगे जा रहे कैंटर के ड्राइवर ने एकदम ब्रेक लगा दी। तभी उसने भी ब्रेक लगाकर ट्राला रोकने की कोशिश की। लेकिन ट्राले पर कंटेनर लदे होने कारण ट्राला नहीं रुका और बेकाबू होकर नाले के ऊपर से निकल सर्विस लेन पर पहुंच गया। 

    नाले से टकराने के चलते ट्राला और ड्राइवर कैबिन अलग हो गए। बेअंत सिंह ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे का समय था। नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक ज्यादा था। कैंटर के पीछे कई गाड़ियां आ रही थीं। अगर वे ब्रेक न लगाता तो ट्राले की टक्कर कैंटर से होनी थी। ट्राले के पीछे कई गाड़ियां टकरा जानी थी। बड़ा हादसा होना था।

  • पंजाब: पैडी स्ट्रॉ रीपर मशीन चलाने पर पूर्ण पाबंदी के निर्देश जारी 

    पंजाब: पैडी स्ट्रॉ रीपर मशीन चलाने पर पूर्ण पाबंदी के निर्देश जारी 

    पटियाला : जनता के हित को ध्यान में रखते हुए एडीसी जगजीत सिंह ने बुधवार को जिले में पैडी स्ट्रॉ रीपर मशीन चलाने पर पूर्ण पाबंदी के निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश 11 नवंबर 2023 तक लागू रहेंगे। जो किसान बेलर से गांठें बनाना चाहते हैं, वे संबंधित कृषि विकास अधिकारी / ब्लॉक कृषि अधिकारी से पहले मंजूरी लेकर ही रीपर का चला सकते हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि मुख्य कृषि अधिकारी, पटियाला ने इस बात पर ध्यान दिया है कि धान की कटाई के बाद किसानों द्वारा छोड़े गए धान के अवशेष को ट्रैक्टर से चलने वाले रीपर द्वारा काटा जाता है। उसके बाद नाड़ में आग लगा देते हैं, जिससे काफी प्रदूषण होता है। क्योंकि नाड़ गीला और सीला होता है। इस धुएं के कारण बहुत से एक्सीडेंट भी होते हैं और कीमती जानें चली जाती हैं। 

    इस धुएं से जहरीली गैस भी पैदा होती है जोकि कोविड-19 के साथ अन्य बीमारियों में बढ़ोतरी करती है। इतना ही नहीं छोटे बच्चों के दिमागी विकास पर बहुत बुरा असर पड़ता है। आग लगाने से भूमिगत तापमान बढ़ जाता है, जिससे जैविक पदार्थ जल जाते हैं। जमीन कठोर एवं शुष्क हो जाती है तथा उसकी पानी सोखने की क्षमता भी कम हो जाती है। तापमान बढ़ने से नाइट्रोजन, फास्फोरस, सल्फर, पोटाश जैसे आवश्यक तत्व नष्ट हो जाते हैं और मित्र कीड़े भी मर जाते हैं, जिससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है। इन सब कारणों को देखते हुए पता चलता है कि इतने धुएं- प्रदूषण का कारण पर ही है और सिर्फ उन किसानों को ही रीपर चलाने की आज्ञा दी जाएगी, जिन्होंने बेलर के साथ गाठें बनानी हैं।

  • ਪੰਜਾਬ : ਸੰਯੂਕਤ ਕਿਸਾਨ ਮੋਰਚਾ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਦੀਤੀ ਚੇਤਾਵਨੀ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਪੰਜਾਬ : ਸੰਯੂਕਤ ਕਿਸਾਨ ਮੋਰਚਾ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਦੀਤੀ ਚੇਤਾਵਨੀ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਕੋਟਕਪੂਰਾ : ਕਿਸਾਨ ਆਗੂ ਬਖਤੌਰ ਸਿੰਘ ਸਾਦਿਕ ਅਤੇ ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਫੌਜੀ ਅਨੁਸਾਰ ਇਸ ਧਰਨੇ ਦਾ ਅੱਜ ਤੀਜਾ ਤੇ ਅੰਤਿਮ ਦਿਨ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਦਿਨ ਰਾਤ ਚਲਦਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਹੜਾਂ ਦੇ ਕਾਰਨ ਫਸਲਾਂ ਦੇ ਖ਼ਰਾਬੇ ਦੇ ਮੁਆਇਜਾ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਇਹ ਧਰਨਾ ਦਿੱਤਾ ਹੋਇਆ ਸੀ। ਕਿਸਾਨ ਆਗੂਆ ਨੇ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਨਾਰੇਬਾਜੀ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਕਿਸੇ ਆਗੂ ਜਾਂ ਨੁਮਾਇੰਦੇ ਨੇ ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਕੋਈ ਗੱਲਬਾਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ।

    ਪਰ ਅਸੀਂ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦੇ ਕੇ ਉਠ ਰਹੇ ਹਾਂ 22 ਤਾਰੀਖ ਨੂੰ ਅਸੀਂ ਡੀ ਸੀ ਨੂੰ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਦੇਣੇ ਹਨ। ਜੇਕਰ ਫਿਰ ਵੀ ਕੋਈ ਹੱਲ ਨਹੀਂ ਨਿਕਲਿਆ ਤਾਂ ਸਾਡੀਆਂ ਟਰਾਲੀਆਂ ਤੀਆਰ ਹਨ ਰਾਸ਼ਨ ਪਾਣੀ ਪੈਕ ਕੀਤਾ ਪਿਆ ਹੈ। ਅਸੀਂ ਚੰਡੀਗ੍ਹੜ ਜਾ ਕੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਘੇਰਾਗੇ ਪਰ ਹੜਾਂ ਦੇ ਨੁਕਸਾਨੇ ਦਾ ਮੁਆਇਜਾ ਲੈ ਕੇ ਰਵਾਂਗੇ ।

  • नशा मुक्त ऊना अभियान के तहत पंचायत प्रतिनिधि व प्रशासन स्वयं देंगे हर घर दस्तक

    नशा मुक्त ऊना अभियान के तहत पंचायत प्रतिनिधि व प्रशासन स्वयं देंगे हर घर दस्तक

    हरोली/सुशील पंडित : नशा मुक्त ऊना अभियान के तहत हरोली ब्लॉक टास्क फोर्स की मीटिंग उपमंडल अधिकारी विशाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि हर घर दस्तक अभियान के तहत पंचायत के प्रतिनिधि हर घर में जाएंगे तथा लोगों को नशे के खिलाफ़ पंचायत स्तर पर पैदल मार्च, नुक्कड़ नाटक एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगे। उन्होंने बताया कि हर घर दस्तक को अलग-अलग चरणों में पंचायतों के अलग-अलग समूहों में आगे ले जाया जायेगा एवं अभियान के तहत रावमापा के अंतर्गत आने वाले स्कूलों के बच्चें अहम जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने बताया कि बच्चें लोगों को नाटक और प्रभात फेरी के जरिए मेंटर टीचर की अध्यक्षता में समाज को नशे के खिलाफ जागरूक करेंगे। इसके अलावा युवा क्लब और कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे भी अभियान का एहम हिस्सा होंगे। 
    नशा मुक्त ऊना अभियान के ऊपर अधिक से अधिक लोगों से बात करके पंचायत स्तर पर ही सीएचसी या पीएचसी के माध्यम से उपचार उपलब्ध करवाया जाएगा। शिक्षा विभाग के द्वारा स्कूलों को नुक्कड़ नाटक करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत पुलिस भी अपना पूरा सहयोग देगी।
  • अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय में टैलेंट हंट एकल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन 

    अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय में टैलेंट हंट एकल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन 

    ऊना/सुशील पंडित :  अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय बंगाणा द्वारा टैलेंट हंट के दूसरे दिन डिबेट, भाषण और एकल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सतिंदर कुमार शर्मा थे। डिबेट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान  विशाल सोनी और हेमलता ने द्वितीय स्थान रितिका और दीक्षा ने और तृतीय स्थान अंशु और निखिल ने प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दीक्षा ने,द्वितीय स्थान पलक व तृतीय स्थान कृति ने प्राप्त किया। एकल नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पायल सोनी और साक्षी ने ,द्वितीय स्थान कृति व रीमा और तृतीय स्थान सुमन और साक्षी ने प्राप्त किया। निर्णायक मंडल की भूमिका प्रोफेसर अनिल शर्मा डॉ. प्रोफेसर कृष्ण डॉ. किरण ठाकुर और प्रोफ़ेसर अरविंद रतन थे। इस अवसर पर प्रोफेसर रेखा शर्मा, कार्यक्रम के संयोजक अनु अत्री लखनपाल, एनएसएस प्रोगाम ऑफीसर प्रोफेसर सिकंदर नेगी, प्रोफ़ेसर रीना, प्रोफ़ेसर संजय शर्मा आदि मौजूद रहे।