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  • Punjab News: स्कूल के पास खाली प्लॉट से व्यक्ति का शव बरामद

    Punjab News: स्कूल के पास खाली प्लॉट से व्यक्ति का शव बरामद

    कपूरथलाः सुभानपुर रोड पर एक स्कूल के पास खाली प्लॉट में एक अज्ञात व्यक्ति की लाश बरामद होने की सूचना मिली है। इस संबंध में जानकारी देते हुए थाना कोतवाली के एएसआई संतोक सिंह और कॉन्स्टेबल हरकीरत सिंह ने बताया कि उन्हें देर शाम सूचना मिली कि सुभानपुर रोड पर स्कूल के पीछे खाली प्लॉट में एक व्यक्ति की लाश पड़ी हुई है।

    जिस पर वे पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे और लाश को कब्जे में लेकर उसकी पहचान करने का प्रयास किया गया। लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी। दिखाई देने पर व्यक्ति की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष प्रतीत होती है। उन्होंने लाश को पहचान हेतु सिविल अस्पताल कपूरथला के मर्ग रूम में 72 घंटे के लिए रखवा दिया है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • Jalandhar News: पुलिस ने बदमाशों का किया Encounter, देखें वीडियो

    Jalandhar News: पुलिस ने बदमाशों का किया Encounter, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: नकोदर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए विदेशी गैंगस्टरों के इशारे पर चल रहे जबरन वसूली और फायरिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान अंकित कुमार उर्फ अंकित (निवासी सीतामढ़ी, बिहार; हाल निवासी लुधियाना) और हरिंदर गुप्ता उर्फ हरिंदर (निवासी गोरखपुर, उत्तर प्रदेश; हाल निवासी लुधियाना) के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी शहर के एक प्रमुख व्यवसायी को दोबारा निशाना बनाने की फिराक में थे।

    ​नकोदर के प्रमुख व्यवसायी मनीष बख्शी उर्फ ​​मन्नू, जो ‘बख्शी ट्रैवल कंपनी’ और ‘बी.बी. स्कूल ऑफ आइलेट्स’ के मालिक हैं, को 11 नवंबर 2025 को विदेशी नंबरों से धमकी भरे कॉल आए थे। फोन करने वालों ने खुद को गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बताकर 5 करोड़ रुपये की मांग की थी। फिरौती न देने पर 16-17 जनवरी की रात को आरोपियों ने मनीष के दफ्तर के बाहर फायरिंग की थी, जिसके संबंध में थाना सिटी नकोदर में पहले ही मामला दर्ज था।

    ​एसएसपी जालंधर ग्रामीण, हरविंदर सिंह विर्क के निर्देशों पर गठित विशेष टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी एक और वारदात को अंजाम देने के लिए क्षेत्र में घूम रहे हैं। नूरमहल रोड पर गांव बीर फाटक के पास जब पुलिस ने बाइक सवार संदिग्धों को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अंकित कुमार के पैर में गोली लगी, जबकि भागने की कोशिश में हरिंदर गुप्ता का पैर फ्रैक्चर हो गया।

    ​पुलिस ने इन दोनों को काबू कर अस्पताल पहुंचाया और उनके कब्जे से एक .30 बोर का पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी फिरौती न मिलने के कारण शिकायतकर्ता पर दोबारा हमला करने आए थे। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।

     

     

  • आज का राशिफल, 4 फरवरी 2026

    आज का राशिफल, 4 फरवरी 2026

    आज 4 फरवरी 2026 को सितारों की बीच ‘कर्म और कौशल’ का एक अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ऊर्जा के स्वामी मंगल देव मकर राशि में उच्च के होकर हमें मजबूत इरादे दे रहे हैं। वहीं, बुध और राहु की युति कुंभ राशि में कुछ क्रांतिकारी और ‘लीक से हटकर’ सोचने की प्रेरणा दे रही है। यह समय केवल योजनाएं बनाने का नहीं, बल्कि उन पर अमल करने का है।

    आज का मुख्य मंत्र है—”सटीक रणनीति और शांत मन।” ग्रहों की चाल स्पष्ट कर रही है कि जो लोग आज अपनी भावनाओं को अनुशासन के सांचे में ढालेंगे, वे न केवल अपने लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे, बल्कि समाज में अपनी एक नई पहचान भी बनाएंगे।

    मेष राशिफल: आज किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह पाकर आप उस समस्या का समाधान खोजने में भी सफल साबित हो सकते हैं। चल अचल संपत्ति में इजाफा हो सकता है। स्वजनों के साथ किसी समारोह में हिस्सा ले सकते हैं।

    वृषभ राशिफल: आज राजनीतिक विषय को लेकर किसी से वाद-विवाद हो सकता है, लेकिन आप अपने तर्कों से सामने वाले व्यक्ति को मात देने में सफल होंगे। बड़े-बुजुर्गों तथा स्नेही जनों का संपर्क होगा और उनके साथ व्यवहार भी बढ़ेगा।

    मिथुन राशिफल: आज भिन्न-भिन्न माध्यमों से आपके पास धन आ सकता है। यदि आज किसी कोई आर्थिक निवेश करेंगे तो उसमें लाभ की संभावना है। घर में सुख-शांति का वातावरण देखने को मिल सकता है। पदोन्नति से आर्थिक लाभ हो सकता है।

    कर्क राशिफल: आज निर्णय लेने में आप पूरी तरह से संतुष्ट नहीं दिखाई देंगे। जहां तक निजी जीवन का सवाल है तो उसमें आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। ऑफिस में बॉस आपके कार्य से खुश हो सकता है।

    सिंह राशिफल: आज खासकर आर्थिक फैसले लेते समय सावधानी बरतें। आज धन उधार देने से बचें। खर्चों की अधिकता रहेगी। सहपरिवार आप किसी वैवाहिक समारोह में शिरकत कर सकते हैं।

    कन्या राशिफल: आज शासन-सत्ता का लाभ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में किसी तरह की उपलब्धि प्राप्त कर सकते हैं। सामाजिक जीवन में सफलता मिलेगी। व्यापार के लिए दिन अच्छा है। नई नौकरी मिलने की संभावना है।

    तुला राशिफल: आज कामकाज को लेकर थोड़े दबाव में दिखाई पड़ सकते हैं। हालांकि आपको अपने सीनियर अफसरों का सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक रूप से लाभ होगा एवं यश भी मिलेगा। हर संभव मित्रों की मदद मिलेगी।

    वृश्चिक राशिफल: आज भाग्य के भरोसे नहीं बैठें, बल्कि अपनी मेहनत पर भरोसा रखें। राजनैतिक विषयों को लेकर किसी से बहसबाजी हो सकती है। किंतु इस मसले को ज्यादा लंबा न खींचे, अन्यथा मतभेद होने की संभावना है।

    धनु राशिफल: आज ससुराल पक्ष से किसी बात को लेकर कहासुनी हो सकती है। शारीरिक रूप से अशक्त होने और आलस्य के कारण कार्य में उत्साह नहीं रहेगा। पेट के दर्द से परेशानी होगी। धन का अपव्यय होगा।

    मकर राशिफल: आज धन आपके पास ज्यादा देर तक टिकेगा नहीं, बल्कि खर्च हो जाएगा। कार्य सफलता एवं प्रतिस्पर्धियों से होड़ में विजय मिलेगी। किसी यात्रा पर जाना संभव हो सकता है। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहेंगे।

    कुंभ राशिफल: आज आप अपनी बातों को स्पष्ट तरीके से समझाने में सफल हो सकते हैं। गृहिणियों को किसी कारणवश मानसिक असंतोष रहेगा। विद्यार्थियों को अधिक परिश्रम करना पड़ेगा।

    मीन राशिफल: आज व्यापार में कोई नई डील फाइनल हो सकती है। मित्रों के साथ सैर-सपाटे पर जा सकते है। आध्यात्मिकता एवं चिंतनशक्ति अच्छी रहेगी। मित्रों एवं स्वजनों की तरफ से उपहार मिलने की संभावनाएं हैं।

  • युमनाम खेमचंद सिंह होंगे मणिपुर के नए मुख्यमंत्री,  इस तारीख को खत्म हो रहा राष्ट्रपति शासन

    युमनाम खेमचंद सिंह होंगे मणिपुर के नए मुख्यमंत्री, इस तारीख को खत्म हो रहा राष्ट्रपति शासन

    नई दिल्ली। दिल्ली में मणिपुर बीजेपी लेजिस्लेटिव पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में बीजेपी नेता युमनाम खेमचंद सिंह को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। बैठक के बाद यह साफ हो गया कि अब वही मणिपुर के नए मुख्यमंत्री होंगे।

    युमनाम खेमचंद सिंह बनेंगे मणिपुर के नए मुख्यमंत्री
    62 साल के युमनाम खेमचंद सिंह जल्द ही मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे इस उत्तर-पूर्वी राज्य में बीजेपी के दूसरे मुख्यमंत्री होंगे। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद उनके नाम पर मुहर लगी।

    मेइतेई समुदाय से आते हैं खेमचंद सिंह
    युमनाम खेमचंद सिंह बहुसंख्यक मेइतेई समुदाय से संबंध रखते हैं। वे सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक हैं और राज्य की राजनीति में एक अनुभवी चेहरा माने जाते हैं।

    पहले भी निभा चुके हैं मंत्री की जिम्मेदारी
    खेमचंद सिंह इससे पहले मणिपुर सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने 2017 और 2022 विधानसभा चुनाव दोनों में बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर सिंगजामेई सीट से जीत हासिल की थी।

    जातीय हिंसा के बाद पहाड़ी जिलों का दौरा
    मई 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद युमनाम खेमचंद सिंह ने आदिवासी बहुल पहाड़ी जिलों उखरुल और कामजोंग का दौरा किया था। यह दौरा इसलिए भी खास माना गया क्योंकि इन इलाकों में किसी मेइतेई नेता की यह पहली यात्रा थी।

    लंबी चर्चा के बाद हुआ नेता का चयन
    बीजेपी विधायकों का एक बड़ा समूह इस हफ्ते की शुरुआत में दिल्ली पहुंचा था। यहां पार्टी नेतृत्व के साथ लंबी बातचीत और मंथन के बाद युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया।

    केंद्रीय पर्यवेक्षक की नियुक्ति
    बीजेपी के संसदीय बोर्ड ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को मणिपुर में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। उन्हीं की देखरेख में पूरी प्रक्रिया पूरी हुई।

     

     

  • कुठार कलां-रक्कड़ मार्ग पर 40 दिनों तक यातायात प्रतिबंधित

    कुठार कलां-रक्कड़ मार्ग पर 40 दिनों तक यातायात प्रतिबंधित

    ऊना/सुशील पंडित: उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी ऊना जतिन लाल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत चल रहे सड़क उन्नयन कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के उद्देश्य से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुठार कलां से रक्कड़ मार्ग पर यातायात को अस्थायी तौर पर पूर्ण रूप से बंद करने की अनुमति प्रदान की है।

    यह स्ट्रेच सिंगल रोड़ है और मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान वाहनों की आवाजाही से कार्य में बाधा उत्पन्न होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर 4 फरवरी से 16 मार्च तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

     

  • SGST वसूली में ऐतिहासिक वृद्धि, Punjab बना देश का अग्रणी राज्य

    SGST वसूली में ऐतिहासिक वृद्धि, Punjab बना देश का अग्रणी राज्य

    चंडीगढ़: भारत सरकार द्वारा जीएसटी 2.0 दरों के तर्कसंगतकरण से उत्पन्न राजस्व चुनौतियों के बावजूद पंजाब ने जनवरी 2026 में जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि जनवरी 2026 के दौरान राज्य में कुल 2,452.66 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ, जबकि शुद्ध जीएसटी वसूली में जनवरी 2025 की तुलना में 15.7 प्रतिशत की दर से 315 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि दरों में कटौती के कारण राज्य को प्रतिमाह करीब 250 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ा, फिर भी पंजाब राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहा।

    मंत्री ने बताया कि जनवरी 2026 तक वर्ष-दर-वर्ष आधार पर शुद्ध जीएसटी वसूली 13.4 प्रतिशत बढ़कर 19,415 करोड़ रुपये से 22,014 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि कुल जीएसटी संग्रह में भी 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जनवरी महीने में एसजीएसटी नकद वसूली में 14.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो देश में सबसे अधिक है और राष्ट्रीय औसत करीब 6 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है। साथ ही राज्य सरकार ने करदाताओं की सुविधा पर जोर देते हुए जनवरी में 129 करोड़ रुपये के एसजीएसटी रिफंड जारी किए, जबकि कुल जीएसटी रिफंड लगभग 300 करोड़ रुपये रहा।

    हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि प्रवर्तन कार्रवाइयों से भी मजबूत नतीजे सामने आए हैं। जनवरी 2026 में स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स ने आईटीसी चोरी और जाली बिलिंग पर कार्रवाई कर 200 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की, जिससे मौजूदा वित्तीय वर्ष में कुल प्रवर्तन वसूली लगभग 1,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है। केंद्र द्वारा आईजीएसटी निपटान में कटौती के बावजूद पंजाब ने अपने राजस्व आधार को सुरक्षित रखा है। मंत्री ने दोहराया कि कर विभाग पारदर्शी, तकनीक-आधारित और करदाता-अनुकूल व्यवस्था के जरिए राज्य में राजस्व वृद्धि और व्यापार सुगमता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

     

  • अध्यात्मिक चेतना से सराबोर हुई भागवत कथा: जड़ भरत चरित्र और नृसिंह अवतार का हुआ भव्य वर्णन

    अध्यात्मिक चेतना से सराबोर हुई भागवत कथा: जड़ भरत चरित्र और नृसिंह अवतार का हुआ भव्य वर्णन

    ऊना /सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के अंतर्गत आती ग्राम पंचायत लठियाणी के गांव  नलूट में श्रीमद्भभागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालु भक्ति के सागर में गोते लगाते नजर आए। प्रख्यात कथा व्यास आचार्य पंकज शास्त्री जी ने अपनी ओजस्वी वाणी से भगवान के विभिन्न स्वरूपों और उनके भक्तों की अनन्य निष्ठा का सजीव चित्रण किया।

    ​मोह का त्याग और जड़ भरत चरित्र

    ​कथा की शुरुआत करते हुए आचार्य जी ने ‘जड़ भरत’ के प्रसंग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे राजा भरत, जो सर्वगुण संपन्न थे, एक हिरण के मोह के कारण अपने पथ से विचलित हो गए और उन्हें अगला जन्म हिरण का लेना पड़ा।

    ​आचार्य जी ने समझाया कि “अंतिम मति सो गति”। जीवन के अंतिम क्षणों में हमारा मन जहाँ अटका होता है, वैसी ही गति जीव को प्राप्त होती है। इसलिए सदैव परमात्मा का सिमरन करना चाहिए। जड़ भरत का जीवन हमें सिखाता है कि मोह बंधन का कारण है और ज्ञान ही मुक्ति का मार्ग।

    ​भक्त प्रह्लाद की रक्षा और नृसिंह अवतार

    ​कथा के उत्तरार्ध में भगवान नृसिंह के प्राकट्य का प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनकर पांडाल ‘नरसिंह भगवान की जय’ के जयकारों से गूँज उठा। आचार्य पंकज शास्त्री ने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है और भक्तों पर संकट आता है, तब-तब प्रभु किसी न किसी रूप में अवतरित होते हैं।

    ​प्रह्लाद की भक्ति: हिरण्यकश्यप के अहंकार और प्रह्लाद की अटूट श्रद्धा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान खंभे में भी हैं और कण-कण में भी। ​नृसिंह रूप: हिरण्यकश्यप के वध और प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान ने आधा नर और आधा सिंह का अवतार लेकर अधर्म का नाश किया।

    ​भक्ति और संस्कार पर जोर

    ​आचार्य जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को प्रह्लाद जैसे संस्कारों की आवश्यकता है। भक्ति केवल वृद्धवस्था के लिए नहीं, बल्कि बचपन से ही आत्मसात करने की कला है। ​कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने लगे। मुख्य यजमान [यजमान का नाम] द्वारा आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर कथा आयोजक  कांता देवी, अनीता देवी बेबी सोनू,राजेश, मिंटू सोनू के अलावा सदस्य और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • स्वदेशी जागरण मंच ने आत्मनिर्भर भारत की भावना से जोड़ने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया 

    स्वदेशी जागरण मंच ने आत्मनिर्भर भारत की भावना से जोड़ने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया 

    ऊना/सुशील पंडित: स्वदेशी जागरण मंच, जिला ऊना की ओर से युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार, स्वावलंबन और आत्मनिर्भर भारत की भावना से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्वदेशी विचारधारा को व्यवहार में उतारते हुए समाज के विभिन्न वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का संदेश दिया गया। यह जानकारी स्वदेशी जागरण मंच जिला पूर्णकालिक सत्य देव शर्मा सहोड़ ने दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रथम आयोजन जिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), ऊना में किया गया, जहां स्वरोजगार, स्वावलंबन एवं आत्मनिर्भर बनने विषय पर एक विस्तृत कार्यशाला आयोजित हुई। इस कार्यशाला में आईटीआई के लगभग 70 प्रशिक्षु विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री विनय शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

    मुख्य वक्ता विनय शर्मा ने अपने संबोधन में युवाओं को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ उद्यमिता, स्टार्टअप संस्कृति, लघु एवं कुटीर उद्योगों तथा स्वरोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने की सोच विकसित करनी चाहिए। स्वदेशी उत्पादों के निर्माण और उपयोग से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र — तीनों स्तरों पर आत्मनिर्भरता सशक्त होती है। उन्होंने युवाओं से स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग स्थापित करने और स्वदेशी को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

    इसी क्रम में दूसरा कार्यक्रम महिला मंडल बहडाला में आयोजित महिला संगोष्ठी के रूप में संपन्न हुआ। इस संगोष्ठी में करीब 42 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यहां भी क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री विनय शर्मा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए स्वयं सहायता समूहों की भूमिका, आर्थिक स्वावलंबन, घरेलू एवं कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण तथा स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

    उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं, तो पूरा परिवार और समाज सशक्त होता है। महिलाओं से आग्रह किया गया कि वे अपने कौशल को पहचानें, संगठित होकर स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़ें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

    दोनों कार्यक्रमों में उपस्थित प्रतिभागियों ने विषयवस्तु को अत्यंत प्रेरणादायी, मार्गदर्शक एवं समयानुकूल बताया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    स्वदेशी जागरण मंच, जिला ऊना ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार के जागरूकता, प्रशिक्षण एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को स्वदेशी एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ा जा सके। इस दौरान आईटीआई के प्रिंसिपल अंशुल भारद्वाज, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष बलबीर बग्गा, महिला मंडल वहडाला की प्रधान प्रवीण राणा, संध्या देवी, पूर्व पंचायत प्रधान उप प्रधान सुरेश कुमार व शिल्पी सोनी सुमित अनेक महिलाएं उपस्थिति रही।

  • Haryana News: तहसीलदार सिंगला को कोर्ट में किया गया पेश, इतना दिन का मिला रिमांड, देखें वीडियो

    Haryana News: तहसीलदार सिंगला को कोर्ट में किया गया पेश, इतना दिन का मिला रिमांड, देखें वीडियो

    पंचकूला। पर्ल ग्रुप से जुड़ी 17 एकड़ जमीन पर लगे स्टे को अवैध रूप से हटाकर रजिस्ट्री कराने के मामले में रायपुररानी के गिरफ्तार तहसीलदार विक्रम सिंगला को कोर्ट में पेश किया गया।जिसके बाद दो दिन का और रिमांड है। इससे पहले 31 तारीख को तहसीलदार साहब को इसमें पेश किया गया था। जिसके अंदर पुलिस ने 7 दिन का पुलिस रिमांड मांगा था। उसके साथ ही कोर्ट ने 7 दिन की जगह तीन दिन का रिमांड दिया था। आज फिर से जब पुलिस ने उनको दोबारा पेश किया तो पुलिस ने इसके अंदर और सेक्शन जो है।

    वह ऐड किए हैं और 7 दिन का दोबारा पुलिस ने रिमांड मांगा था। जिसको हमने पोस्ट किया की तीन दिन के अंदर पुलिस कोई ऐसी खास और ठोस इन्वेस्टिगेशन नहीं कर पाई। जिससे उनके आगे 7 दिन का रिमांड दिया जाए और दूसरा यह है कि जो पूरा कैस हैं। डॉक्युमेंट्री एविडेंस पर आधारित है क्योंकि कोई भी कंप्लेंट नहीं है। बनता नहीं है क्योंकि कोई भी कंप्लेंट नहीं है कोई भी आदमी ऐसा नहीं है जिसने पैसे सभी बातों को लेकर हमने दलील रखी थी जिसको लेकर मान्य अदालत ने आज 7 दिन की वजह उनका दो दिन का रिमाड दिया। 5 तारीख को पेश करने के लिए निर्देश दिये।

    रायपुररानी के शाहपुर क्षेत्र की करीब 18 एकड़ जमीन को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। 16 अक्टूबर 2025 को जिस व्यक्ति ने यह जमीन खरीदी, उसने सिर्फ 21 दिन बाद ही इसे चार अलग-अलग लोगों को बेच दिया। यह जमीन 4.42 से 4.44 एकड़ के चार हिस्सों में बेची गई। बताया जा रहा है कि यह जमीन पहले पर्ल ग्रुप से जुड़ी हुई थी और इस पर स्टे लगा हुआ था। आरोप है कि नियमों को दरकिनार करते हुए गलत तरीके से स्टे हटाया गया और रजिस्ट्री कर दी गई।

     

     

     

  • डीसी की क्यारी में उगा प्राकृतिक खेती का संदेश

    डीसी की क्यारी में उगा प्राकृतिक खेती का संदेश

    ऊना/सुशील पंडित: ऊना के डीसी जतिन लाल के सरकारी आवास की क्यारी में प्राकृतिक खेती से उगी सब्जियों के साथ एक सशक्त संदेश भी अंकुरित हुआ है। यह संदेश है…नीतियों को काग़ज़ से निकालकर ज़मीन तक पहुंचाने का और बदलाव की शुरुआत स्वयं से करने का। जतिन लाल ने अपने निजी उदाहरण से हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सोच को केवल अमल में ही नहीं उतारा बल्कि उसे अपने घर की मिट्टी में बोकर एक सजीव मिसाल में बदल दिया है।

    उपायुक्त ने अपने आवास परिसर में गोबी, चुकंदर, टमाटर, मूली, प्याज़, शलगम, लहसुन, हरा धनिया, आलू सहित अनेक सब्जियां पूरी तरह प्राकृतिक विधि से उगाई हैं। यहां मिट्टी में बसी ताजगी और क्यारियों से उठती सौंधी खुशबू यह एहसास दिलाती है कि यह पहल केवल व्यक्तिगत प्रयोग भर नहीं है बल्कि प्रशासनिक नेतृत्व के माध्यम से समाज को दिशा देने का एक प्रेरक प्रयास भी है।

    जतिन लाल का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली की असली शुरुआत थाली से होती है और ज़हर-मुक्त खेती इसका सबसे बेहतर विकल्प है। प्राकृतिक खेती से उगा भोजन स्वास्थ्य के लिए बेहतर होने के साथ स्वाद में भी कहीं अधिक समृद्ध होता है और यही इसकी सबसे बड़ी ताक़त है। आज इस खेती पद्धति को जीवनशैली की तरह अपनाने और एक जनआंदोलन की तरह बढ़ाने की ज़रूरत है। एक क्यारी से उठी यह कहानी, हाल के वर्षों में किसानों के अपने खेतों को ज़हरमुक्त बनाने की कोशिशों से जुड़ती चली जाती है।

    प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हिमाचल
    उल्लेखनीय है कि बीते कुछ वर्षों में ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान और बागवान रसायन-मुक्त खेती की ओर आकर्षित हुए हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए दूरदर्शी निर्णयों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं। राज्य सरकार ने किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर, उपज के वाजिब दाम, गुणवत्तापूर्ण बीज, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल बीमा, प्रशिक्षण और अनुसंधान जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया है।

    प्राकृतिक खेती का मजबूत मॉडल बनकर उभर रहा ऊना जिला, 14,240 ने अपनाई प्राकृतिक खेती
    आत्मा परियोजना निदेशक, ऊना प्यारो देवी ने बताया कि ऊना जिला में 1907 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। जिले के 48,006 किसानों में से 14,240 किसान प्रशिक्षण लेकर इस पद्धति से जुड़ चुके हैं और अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उन्हें विभिन्न प्रकार के अनुदान भी दे रही है। प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को गौशाला का फर्श पक्का करने और गौमूत्र हेतू गड्ढा बनाने के लिए 8 हजार रुपये तथा ड्रम खरीद पर 750 रुपये प्रति ड्रम के तौर पर अधिकतम 2250 रुपये अनुदान का प्रावधान है। इसके साथ ही, भारतीय नस्ल की गाय की खरीद पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 25000 रुपये अनुदान दिया जा रहा है। गाय के परिवहन के लिए 5 हजार रुपये की अतिरिक्त धनराशि का भी प्रावधान है।

    गेहूं, मक्की और हल्दी फसलों के एमएसपी निर्धारण के निर्णायक फैसले
    प्यारो देवी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती से उगाई गई फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करके किसानों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाया है। सरकार ने प्राकृतिक गेहूं का 60 रुपये प्रति किलो और मक्की 40 रुपये प्रति किलो का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। साथ ही किसानों को 2 रुपये प्रति किलो के हिसाब से परिवहन भत्ता भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिम भोग ब्रांड के तहत प्राकृतिक मक्की का आटा बाजार में उतारकर उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे किसानों को सुनिश्चित बाजार और उपभोक्ताओं को स्वास्थ्यवर्धक खाद्य विकल्प मिल रहे हैं।

    इसके अलावा किसानों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से प्रेरित होकर सरकार ने प्राकृतिक खेती से उगाई गई कच्ची हल्दी पर भी समर्थन मूल्य तय किया है। इस वित्त वर्ष से प्राकृतिक कच्ची हल्दी पर 90 रुपये प्रति किलो का एमएसपी प्रदान किया जा रहा है, जिसे ‘हिमाचल हल्दी’ ब्रांड के नाम से बाजार में उतारा जाएगा।

    उपायुक्त जतिन लाल ने हुए कहा कि ज़िला प्रशासन मुख्यमंत्री  सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार किसानों को प्राकृतिक खेती को लेकर तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध करवा रहा है। इस खेती की सबसे बड़ी विशेषता इसका शून्य लागत मॉडल है, जिससे आय में वृद्धि के साथ-साथ भूमि की उर्वरता भी बनी रहती। उन्होंने लोगों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।