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  • बारिश में डूबीं रेल पटरियां, बही गाड़ियां, देखें वीडियो

    बारिश में डूबीं रेल पटरियां, बही गाड़ियां, देखें वीडियो

    राजस्थानः पश्चिमी जिलों में मानसून मेहरबान रहा। जोधपुर, बीकानेर संभाग में देर शाम तेज बारिश हुई। जैसलमेर में सवारियों से भरी बस पानी में फंस गई। जोधपुर में कई कॉलोनियों में पानी सैलाब की तरह बहता नजर आया। इसमें आदमी से लेकर गाड़ियां तक बहती नजर आई। इन एरिया में 100MM से ज्यादा बरसात दर्ज हुई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राज्य में अगले कुछ दिन तक तेज बारिश होने का अनुमान है।

    पिछले 24 घंटे की रिपोर्ट देखें तो जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर, गंगानगर, चूरू समेत कई जिलों में 4 इंच या उससे ज्यादा बरसात हुई। बीकानेर के कोलायत में 118MM बारिश होने से जगह-जगह पानी भर गया। जैसलमेर में तेज बारिश के कारण रेलवे अंडरपास में भरे पानी में बस फंस गई। इसके बाद यात्रियों को 3 से 4 फीट तक के पानी से बाहर निकाला गया। बाड़मेर, जोधपुर में भी तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी सैलाब बनकर बहता दिखा। इससे रास्ते में खड़े दुपहिया वाहन बहने लगे। जैसलमेर के गुढामलानी, शिव, सेंधवा में भी भारी बारिश के कारण सड़कें नदियां बन गईं।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून की एक ट्रफ लाइन जैसलमेर, कोटा, गुना, रायपुर होते हुए पश्चिम बंगाल तक जा रही है। बंगाल की खाड़ी पर बना लो-प्रेशर सिस्टम ओडिशा से आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ तक आ चुका है। उत्तर भारत में सेंट्रल पाकिस्तान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इन सिस्टम के कारण राजस्थान में तेज बारिश देखने को मिल रही है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आगे 2-3 दिन राज्य में इसी तरह मानसून एक्टिव रहने की संभावना है।

  • पंजाबः सरकारी मुलाजिमों के वेतन को लेकर आदेश जारी 

    पंजाबः सरकारी मुलाजिमों के वेतन को लेकर आदेश जारी 

    चंडीगढ़ः पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में साढ़े छह लाख मुलाजिमों को अब तय समय पर ही वेतन मिलेगा। सरकार की तरफ से सभी विभागों के आहरण और संवितरण अधिकारी (डीडीओ) को हिदायत दी गई है कि वह हर महीने की 7 तारीख तक अपने बिल खजाना दफ्तर को भेजें ताकि मुलाजिमों को तय समय से वेतन बनाकर जारी किया जा सके। सरकार ने अपने पत्र में साफ किया है कि इसके बाद भी किसी डीडीओ की तरफ से कोताही की गई तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार के वित्त विभाग की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि मुलाजिमों को तय समय से वेतन देने के लिए पूरी कोशिश की जाती है। इसके लिए सारे फंड जुटाए जाते हैं लेकिन अकसर देखने में आता है डीडीओ की तरफ से अपने मुलाजिमों को वेतन दिलाने के लिए खजाना दफ्तर में बिल पेश नहीं किए जाते हैं।

    हालत यह है डीडीओ की तरफ से हर महीने 20 से 25 तारीख तक बिल लगाए जाते हैं। ऐसे में मुलाजिमों को समय से वेतन नहीं मिल पाता है। ऐसे में मुलाजिम व उनके परिवार परेशान होते है। वहीं, लोगों के बीच सरकार की छवि भी खराब होती है जबकि मुलाजिमों को लगता है कि वित्त विभाग की तरफ जानबूझकर उन्हें वेतन रिलीज नहीं किया जा रहा है। ऐसे में सभी डीडीओ को साफ किया गया है कि वह मुलाजिमों के वेतन संबंधी बिल हर महीने की सात तारीख तक विभाग को भेजें ताकि समय पर इस संबंधी कार्रवाई की जाएगी।

    सूबा सरकार के अधीन करीब साढ़े तीन लाख पक्के मुलाजिम काम करते हैं जबकि इतनी ही संख्या में अनुबंध पर मुलाजिम काम करते हैं। इन सभी को सरकार द्वार ही भुगतान किया जाता है। हर जिले में खजाना दफ्तर स्थापित किए गए है। जहां पर सारे बिल जमा करवाने होते हैं। इसे बाद मुलाजिमों की अदायगी की प्रक्रिया शुरू होती है। गत कुछ समय में कई जगह मुलाजिमों को वेतन मिलने में देरी की शिकायतें सामने आई थी। यहां तक की पंजाब रोडवेज के मुलाजिमों का आरोप था कि उन्हें आधा वेतन ही जारी किया गया है।

  • बड़ी खबरः चंबा पठानकोट नेशनल हाईवे के पास लैंडस्लाइड, देखें वीडियो

    बड़ी खबरः चंबा पठानकोट नेशनल हाईवे के पास लैंडस्लाइड, देखें वीडियो

    पठानकोट: NH – 154 चंबा पठानकोट नेशनल हाईवे पंजपुला के पास लैंडस्लाइड होने का मामला सामने आया है। जिसके बाद डलहौज़ी नेशनल हाईवे ओर चंबा से भरमार के सारे नेशनल हाईवे बंद हो गए है। पहाड़ों में हो रही बारिश से कहीं पहाड़ गिरने के मामले सामने आ रहे हैं तो कहीं पर सड़कें खिसकने के मामले सामने आ रहे है। वहीं एक वीडियो सामने आई है जिसमें डलहौज़ी नेशनल हाईवे पर पहाड़ टूट गिर गए। इसके कारण रास्ता बंद हो गया है।

    वीडियों में देखा जा सकता है कि पहाड़ गिरने के कारण कैसे सैंकड़ों वाहन फ़ंसें हुए है। वहीं चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर 6 मील के पास एक बार फिर से बड़ा हादसा होने से टल गया। चालक ने सुझबूझ दिखाई और तुरंत गाड़ी को रिवर्स गियर लगाकर उसे पीछे ले गया, अगर आगे जाने की जिद्द करता तो फिर बड़ा हादसा हो सकता था। आज सुबह ही 6 मील के पास भूस्खलन के कारण हाईवे बंद हो गया।

  • चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर टला हादसा, पहाड़ी से गिरे पत्थर, देखें वीडियो 

    चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर टला हादसा, पहाड़ी से गिरे पत्थर, देखें वीडियो 

    मंडी: चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर 6 मील के पास एक बार फिर से बड़ा हादसा होने से टल गया। चालक ने सुझबूझ दिखाई और तुरंत गाड़ी को रिवर्स गियर लगाकर उसे पीछे ले गया, अगर आगे जाने की जिद्द करता तो फिर बड़ा हादसा हो सकता था। आज सुबह ही 6 मील के पास भूस्खलन के कारण हाईवे बंद हो गया था। 


    बारिश के बीच मलबा हटाकर हाईवे यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। कुछ वाहन यहां से गुजरे भी। लेकिन एक छोटा मालवाहक जैसे ही गुजरने लगा तो पहाड़ी से पत्थर आ गिरे। चालक ने इन्हें देख लिया और तुरंत ब्रेक लगाकर गाड़ी को रिवर्स गियर लगाया और उसे पीछे ले गया। देखते ही देखते पहाड़ी से पत्थरों का सैलाब आ गया। अगर चालक आगे ही चला जाता तो फिर बड़ा हादसा हो सकता था। मिली जानकारी के अनुसार अभी हाईवे यातायात के लिए बंद है। हालांकि बारिश के बीच इसे बीच-बीच में खोला जा रहा है लेकिन यहां से सफर करना किसी खतरे को निमंत्रण देने जैसा ही है। 


    वहीं, जिला प्रशासन ने 25 जुलाई तक जिला में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और लोगों से अनावश्यक यात्राओं से बचने की अपील की है। सदर थाना प्रभारी सकीनी कपूर ने बताया कि मौसम के मिजाज को देखते हुए अभी हाईवे को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है और मौसम साफ होने पर ही इसे खोलने का निर्णय लिया जाएगा। चार मील और सात मील के पास पुलिस तैनात करके नाका लगा दिया गया है। छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है।

  • जालंधरः बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हिमाचल रवाना होंगे तेरा तेरा हट्टी के सेवादार, देखें वीडियो

    जालंधरः बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हिमाचल रवाना होंगे तेरा तेरा हट्टी के सेवादार, देखें वीडियो

    जालंधर,ENS: उत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों में मानसून के दौरान तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। वहीं पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सहित कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हजारों ही संस्थाएं और सरकार काम कर रही है। इसी कर्म में जालंधर की सामजिक संस्था तेरा तेरा हट्टी भी पंजाब के जिला जालंधर और कपूरथला में पिछले एक सप्ताह से बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद कर रही है। लेकिन अब पंजाब में देखा जा रहा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में काफी राहत सामग्री पहुंच चुकी है। जिसके बाद तेरा तेरा हट्टी के प्रबंधको ने फैसला लिया कि क्यों ना हमारे पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से हुई तबाही से प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुंचाई जाए।

    इसी सिलसिले में तेरा तेरा हड्डी के सदस्य तरविंदर सिंह रिंकू, गुरदीप सिंह कारवां, अमरप्रीत सिंह और अरविंदर सिंह ऊना में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिले और उनसे राहत सामग्री बांटने की बात की। जिसके बाद उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सभी बाढ़ प्रभावित इलाकों में सरकार द्वारा राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। फिर भी अगर आप सेवा करना ही चाहते है तो आप मंडी और कुल्लू-मनाली की तरफ जहां ज्यादा प्रभावित लोग हैं, वहां पर राहत सामग्री पहुंचा सकते है। इस मुलाकत के बाद तेरा तेरा हट्टी के सेवादार गुरदीप सिंह कारवां और अमरप्रीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से हुई मुलाकात के बाद हमने फैसला लिया है कि उनकी संस्था मंडी और कुल्लू-मनाली इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाएगी।

  • बादल फटने से भारी तबाही, दादा-दादी और पोता मलबे में दबे, देखें वीडियो

    बादल फटने से भारी तबाही, दादा-दादी और पोता मलबे में दबे, देखें वीडियो

    चिड़गांवः हिमाचल में मूसलाधार बारिश से जगह-जगह भारी नुकसान हो रहा है। शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल की चिड़गांव तहसील में बादल फटने से भारी तबाही हुई। चिड़गांव की उपतहसील जांगला डिसवाणी पंचायत के जगोटी में बादल फटने से स्थानीय लैला खड में बाढ़ आ गई। शुक्रवार की देर रात बादल फटने से एक भोजनालय ढ़ह गया। इसमें रह रहे तीन लोग मलबे में दबकर लापता हो गए हैं। इनमें दादा-दादी और पोता शामिल है। मलबे में दबे लोगों की पहचान रोशन लाल (62), उनकी पत्नी भागा देवी (57), और पोता (11) कार्तिक के रूप में हुई है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू कर दिया है। अभी तक लापता लोगों का सुराग नहीं लग पाया है। बादल फटने से इलाके में भारी नुकसान होने की आंशका है। इसका आकलन किया जा रहा है।

    चिड़गांव के नायब तहसीलदार सौरभ धीमान ने कहा कि ढाबे के ढह जाने से इसके मलबे में एक परिवार के तीन लोग लापता हो गए हैं। इनमें दादा, दादी और पोता शामिल हैं। इनकी तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की वजह से पांच गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। इलाके में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। बता दें कि राज्य में भूस्खलन से 600 से अधिक सड़कें बंद हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं और कई जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित चल रही हैं। दो दिन पहले ही चिड़गांव के खाबल में एक कार के खाई में गिरने तीन लोगों की मौत हुई थी।

  • नदी में फंसी यात्रियों से भरी बस, मची चीख पुकार

    नदी में फंसी यात्रियों से भरी बस, मची चीख पुकार

    नजीबाबाद: अचानक कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से रोडवेज की बस पानी के तेज बहाव में फंस गई। खतरे को देख यात्रियों में चीख पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि दर्जनों यात्री बस के अंदर मौजूद हैं। पुल के ऊपर क्रेन लगाकर बस को पलटने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने मौके पर जाकर राहत बचाव का कार्य शुरू कर दिया है।

  • पंजाबः बदला मौसम का मिजाज, तेज बारिश ने बढ़ाई लोगों की चिंता

    पंजाबः बदला मौसम का मिजाज, तेज बारिश ने बढ़ाई लोगों की चिंता

    चंडीगढः पंजाब में शनिवार को मौसम बदल गया। सुबह से जालंधर, अमृतसर, कपूरथला, मोगा समेत कई जिलों में तेज बरसात हो रही है। मौसम विभाग ने शनिवार को पंजाब के लिए येलो अलर्ट जारी किया था। बरसात से पारे में गिरावट आ गई है, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। वहीं दूसरी ओर बाढ़ से प्रभावित हल्कों में बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को मौसम शुष्क रहने के चलते तापमान में 0.4 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई, जो सामान्य से 2.7 डिग्री ऊपर रहा।

    सबसे अधिक 39.5 डिग्री का तापमान होशियारपुर का दर्ज किया गया। वहीं अन्य प्रमुख शहरों में अमृतसर का पारा 35.2 डिग्री, लुधियाना का 37.4 डिग्री, पटियाला का 37.5, पठानकोट का 37.0, बठिंडा का 38.2, गुरदासपुर का 34.0, फिरोजपुर का 37.0, जालंधर का 37.9, मोगा का 37.0 और रोप़ड़ का 37.0 डिग्री दर्ज किया गया। शनिवार को पंजाब के अधिकतर हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। केवल अमृतसर में 22.0 एमएम, फिरोजपुर में 2.5 व पठानकोट में 0.3 एमएम की बारिश पड़ी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में भी 0.2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान 26 डिग्री फिरोजपुर व बलाचौर का रहा।

  • जालंधरः बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बाहर पुलिस ने की नाकाबंदी, देखें वीडियो

    जालंधरः बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बाहर पुलिस ने की नाकाबंदी, देखें वीडियो

    आरोपः रोकी जा रही राहत सामग्री गाड़ियां, रखी ये शर्त 

    जालंधर,ENS: पंजाब में आई बाढ़ के कारण लोग पानी तक के लिए तरस गए हैं। हालांकि हालातों का जायजा सरकार द्वारा लिया जा रहा है। सीएम मान भी बाढ़ से प्रभावित हलकों में जाकर हालातों का जायजा ले रहे है। लेकिन इस दौरान कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा ने एक वीडियो शेयर की है। जिसमें उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। दरअसल, इस वीडियो में लड़की द्वारा बताया जा रहा है कि सरकार और प्रशासन लोगों तक राहत सामग्री लेकर जा रहे लोगों को रोक रहे हैं। जालंधर के उप-मंडल शाहकोट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बाहर पुलिस ने नाकाबंदी कर रखी है। नाकों पर राहत सामग्री लेकर आ रही संस्थाओं की गाड़ियों को रोका जा रहा है।

    उन्हें कहा जा रहा है कि वह सामान लेकर आगे नहीं जा सकते। उन्हें सामान ले जाने के लिए शर्त रखी जा रही है। शर्त यह है कि या तो पुलिस नाके पर सामान जमा करवाओ प्रशासन खुद सामान बांटेगा या फिर यदि जाना ही है तो गाड़ी के ऊपर मुख्यमंत्री की फोटो वाला पंजाब सरकार का फ्लड रिलीफ वाहन वाला स्टिकर लगाओ। राहत कार्यों में जुटी संस्थाओं का आरोप है कि सरकार तो अपने स्तर पर लोगों तक राहत पहुंचाने में फेल हो गई है और अब समाज सेवी संस्थाओं से जब्री सामान लेकर झूठी वाहवाही लूटने की फिराक में है।

    शाहकोट को लोहियां में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को जाते रास्तों पर लगाए गए पुलिस नाकों के वीडियो भी कुछ संस्थाओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वायरल किए हैं। दोआबा किसान यूनियन के नेता तरसेम सिंह ढिल्लों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव होकर कहा कि पुलिस मुलाजिम रोक रहे हैं और कह रहे हैं कि अधिकारियों के आदेश हैं, राहत सामग्री उनके पास जमा करवाओ। सीधे जाकर कोई नहीं बांटेगा।

    नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने राहत सामग्री ले जाने से रोकने के कृत्य की घोर निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर तंज कसा है कि बाढ़ भी सरकार के लिए आपदा में अवसर बनकर आई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान को टैग करते हुए लिखा है कि परेशानी के पानी भी मछलियां पकड़ी जा रही हैं। पुलिस ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सीमाओं पर नाके लगाए हैं, जहां सहायता प्रदाताओं (व्यक्तियों, संगठनों के सदस्यों) को या तो अपनी सामग्री जैसे पानी की बोतलें और अन्य सामान सरकार के पास जमा करने के लिए कहा जा रहा है या सीएम भगवंत की फोटो वाले स्टिकर लगाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

    आम आदमी पार्टी तो अपने ट्वीट में टैग करते हुए लिखा है सरकार लोगों की मदद की बजाय प्रचार चाहती है। लोगों की मदद करने के बजाय AAP नेता, विधायक और मंत्री सोशल मीडिया पोस्ट के लिए फोटो खिंचवाने में लगे हुए हैं। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने अंत में लिखा है कि उस पार्टी से हम क्या उम्मीद कर सकते हैं, जिसका मालिक खुद झूठ और ड्रामे रचकर लोगों को बेवकूफ बनाने में माहिर हो?

  • पंजाबः सतलुज दरिया के बांध में आई 100 फट लंबी दरार, गांवोंं में घुसा पानी

    पंजाबः सतलुज दरिया के बांध में आई 100 फट लंबी दरार, गांवोंं में घुसा पानी

    फिरोजपुर: पंजाब के कई जिलों में हो रही भारी के कारण मौसम विभाग ने 13 जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। उधर, फिरोजपुर में सीमांत गांव कमाले वाला और कालूवाला के पास से सतलुज दरिया का बांध टूट गया है। बांध में लगभग सौ फुट दरार पड़ी है। इससे छह गांव पानी की चपेट में आ गए है। सभी गांव की तकरीबन पांच सौ एकड़ जमीन में लगी फसल डूब गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बांध में जब पांच फुट दरार पड़ी थी तभी उन्होंने जिला प्रशासन को सूचित किया था। लेकिन प्रशासन ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया और रात सौ फुट दरार पड़ गई और गांवों में पानी भर गया।

    पानी दुलचीके बांध तक पहुंचा तो फिरोजपुर में बाढ़ आ सकती है, जैसे वर्ष 1988 में आई थी। क्योंकि पीछे से पानी छोड़ा जा रहा है। किसान प्रवीन धवन, रणजीत सिंह, बोहड़ सिंह ने कहा कि सारा पानी गांव किलचे, कामे वाला झुग्गे, निहाले वाला, झुग्गे लालू वाला, झुग्गे किशोर व झुग्गे हाकम वाला में पानी घुस गया है। यहां की लगभग पांच सौ एकड़ जमीन में लगी धान और अन्य फसल डूब गई है। कालू वाला में करीब दो सौ घर, किलचे वाला में तकरीबन 250 घर, निहाले वाला में लगभग 150 व बस्ती कामेवाला में करीब पचास घर हैं।

    इनके अलावा अन्य गांवों में 10 से 15 घर बने हैं, जो पानी की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीण मलकीत सिंह, कुनाल सिंह, काला सिंह, बाबा इकबाल सिंह, निछत्तर सिंह व गुरमीत सिंह ने बताया कि इस दरार की मरम्मत नहीं की गई तो दरिया का पानी दुलचीके बांध से टकराएगा, ऐेसा हुआ तो फिरोजपुर भी बाढ़ की चपेट में आ सकता है। 1988 में भी ऐसा हुआ था। अब फिरोजपुर में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पीछे से बांध से पानी काफी मात्रा में छोड़ा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब दरार पांच फुट थी तभी जिला प्रशासन इस पर नियंत्रण पा लेता तो ये नुकसान नहीं होना था।