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  • पंजाबः मोस्ट वांटेड गैंगस्टर 19 वर्षीय टाइगर साथियों सहित गिरफ्तार, देखें वीडियो

    गुरदासपुरः कस्बा धारीवाल में  28 दिसंबर को दो गुटों की पुरानी रंजिश को लेकर झगड़े का मामला सामने आया था। इस दौरान धारीवाल की मिल ग्राउंड में खड़े एक युवक शैली को मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने गोलियां मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। इस मामले में धारीवाल पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब इस मामले में गुरदासपुर पुलिस ने मोस्ट वांटेड गैंगस्टर नवदीप सिंह उर्फ टाईगर उम्र 19 साल समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इनका एक दिल्ली का साथी अभी भी फरार बताया जा रहा है।

    जिसे पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है। आरोपियों की पहचान नवदीप सिंह उर्फ टाइगर पुत्र गोपाल सिंह वासी रंगीलपुर,करण पुत्र सुखदेव सिंह वासी खुंडा, मुनीश कुमार पुत्र सुधीर कुमार वासी मॉडल टाउन धारीवाल,मनदीप मसीह उर्फ एमपी पुत्र प्रेम मसीह वासी सुजानपुर, मनप्रीत मसीह उर्फ मंगू पुत्र सूखा मसीह वासी तेजा कला, चरनजीत सिंह उर्फ महेंद्र पुत्र परमजीत सिंह दिल्ली के रूप में हुई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एसएसपी गुरदासपुर हरीश कुमार दयामा ने बताया कि गैंगस्टर नवदीप सिंह उर्फ 19 वर्षीय टाईगर पर 20 के क़रीब अपराधिक मामले दर्ज है।

    गैंगस्टर हैपी जट्ट के संपर्क में था और उससे हथियार मंगवाए थे। उसने यह हथियार गैंगस्टर हैपी जट्ट से मंगवाए थे और जेल में ही वह इस गैंगस्टर के संपर्क में आया था। पुलिस ने 2 पिस्टल, कारतूस, एक गाड़ी और एक मोटरसाइकल बरामद किया है। इनका एक साथी चरणजीत सिंह अभी फरार बताया जा रहा है जो कि दिल्ली का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि उसने नवदीप सिंह उर्फ टाइगर को अपने घर में छुपा कर रखा था, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। एसएसपी गुरदासपुर ने बताया कि यह युवक छोटी उम्र में ही जुर्म की दुनिया में दाखिल हो गया था। इसने ही 2 पिस्टलों के साथ नौजवान पर फायरिंग की थी। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर इनसे आगे की पूछताछ की जाएगी।

  • शराब तस्करी पर नकेल की तैयारी, लागू होगा ‘ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम’

    चंडीगढ़ः शराब तस्करी के मामले चंडीगढ़ से लगातार बढ़ रहे है। हाल ही में पंजाब की तरफ से आरोप लगाए गए थे कि चंडीगढ़ से शराब तस्करी ज्यादा हो रही है, लेकिन उसे रोकने के लिए सही इंतजाम नहीं किए जा रहे। इसके चलते अब इसी साल से शराब के लिए ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ सिस्टम को प्रशासन लागू करने जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन ने आईटी डिपार्टमेंट और एनआईसी के साथ ​मिलकर ये सिस्टम डेवलप करवा लिया है। अफसरों के मुताबिक 15 फरवरी के आसपास इस सिस्टम को शुरू करवा दिया जाएगा। अगले साल के लिए तैयार की जा रही एक्साइज पॉलिसी में भी इसका प्रावधान रहेगा। सिस्टम से शराब की हर बोतल को को रीयल टाइम पर ट्रैक करना आसान हो जाएगा।

    चंडीगढ़ से पहले पंजाब और दिल्ली में भी इसी तरह के सिस्टम लागू किए जा चुके हैं। चंडीगढ़ की जनसंख्या करीब 12.50 लाख है, लेकिन यहां शराब का कोटा हर फाइनेंशियल ईयर के लिए काफी ज्यादा रखा जाता है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर का इंडियन मेड फॉरेन लिकर, इंपॉर्टेड शराब और देसी शराब का कोटा मिलाकर 2.71 करोड़ बोतलों का है। इसके अलावा करीब 70 लाख से ज्यादा बोतलें बीयर की सेल यहां रहती है।

    चंडीगढ़ में शराब साथ लगते राज्यों के मुकाबले सस्ती रहती है, जिसके चलते ज्यादा तस्करी के मामले हिमाचल, पंजाब, हरियाणा से सामने आते हैं। ऐसे में हर बोतल पर बार कोडिंग के साथ बैच नंबर भी लिखे होंगे। इससे किस ठेके से कितनी शराब सप्लाई हो रही है, इसे ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा। होल सेलर के पास से शराब ठेकेदार और अगर कहीं पर इसकी तस्करी होती है तो उसके पूरे चैनल का पता चल जाएगा। चंडीगढ़ के शराब ठेकों में करीब 1500 से ज्यादा बोतलें एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने जब्त की हैं, जिनमें से लेबल तक मंजूर नहीं थे, यानी इन ब्रांड की शराब को चंडीगढ़ में बेचा ही नहीं जा सकता।

  • आग लगे तो डायल करें 101 नंबर

    चढ़तगढ़ के स्टूडेंट्स ने सीखा आग से लड़ने का गुन
    ऊना/सुशील पंडित : ऊना के अग्निशमन केंद्र में विजिट करके स्कूली छात्रों ने आग बुझाने के गुन सीखे। जागरूकता अभियान की मुहिम में मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल चढ़तगढ़ के स्टूडेंट्स सहित स्टाफ ने केंद्र में विजिट किया। और आग के बारे मे विस्तार से जानकारी हासिल की । मॉक ड्रिल में आग के प्रकार व प्रयोग होने वाले अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग करने के तरीके वताए गए । घायलों के एक स्थान से सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रैक्टिकल करवाया गया । वताया गया की आग की घटना घटित होने पर टोल फ्री नंबर 101 डायल करें।ओर अग्निशमन विभाग की सेवाए लें। इस दौरान ये भी बताया कि आग आपदा के समय अपना बचाव करते हुए अन्य लोगों की अनमोल जानों को बचाने का जिम्मा हम सभी का होता है। ऐसी स्थिति में हमें अपनी आत्मरक्षा करने व जान माल को बचाने का हूनर होना सबके लिए जरूरी है। केंद्र के अग्निशमन अधिकारी नितिन धीमान ने आग के बर्गीकरण के अनुसार आग को बुझाने के तरीके विस्तार से बताएं । प्रेक्टिकल करके दिखाए गए । उन्होंने  स्टूडेंट्स से आग के प्रति जागरूकता को जन जन तक पहुंचाने का आवाहन किया । इस मौके पर स्टाफ में वोकेशनल टीचर आरती भी उपस्थित रही।
  • अवैध माइनिंग मामले में ED ने दी दबिश

    हरियाणा :  यमुनानगर जिले में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED)की टीम ने दस्तक दी है। ईडी की टीम ने खनन कारोबारी गुरप्रीत सबरवाल के निवास स्थान पर रेड की है। टीम आज सुबह खनन कारोबारी के सेक्टर 17 की कोठी नंबर 1049 में पहुंची। यह रेड जठलाना के घाट नंबर 14 से जारी हुए फर्जी ई-रवाना से जोड़कर देखी जा रही है। गुरप्रीत सबरवाल मूल रूप से झारखंड के रहने वाले हैं। मगर लंबे समय से यमुनानगर में ही रह रहे हैं। गुरप्रीत सरबवाल का नाम जाने माने खनन कारोबारियों में शामिल हैं।

    छापेमारी खत्म होने के बाद ईडी ने दिलबाग सिंह और इसके सहयोगी को गिरफ्तार किया गया। दिलबाग के घर ईडी की टीम ने 100 घंटे से ज्यादा समय तक प्रॉपर्टी और बैंक डिटेल्स की पड़ताल की। दिलबाग और उनके सहयोगियों पर छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने विदेशी हथियार, 300 कारतूस, 5 करोड़ नकद और 100 से ज्यादा शराब की बोतलें बरामद की थी। यमुनानगर में उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट और एक्साइज एक्ट में 2 केस दर्ज किए गए थे।

    अवैध माइनिंग मामले में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय ने पंचकूला में दबिश दी। माइनिंग कॉन्ट्रैक्टर के घर पर सुबह से रेड चल रही है। ईडी टीम माइनिंग कॉन्ट्रैक्टर के सेक्टर 4 स्थित घर और माइनिंग साइट दोनों जगह टीम सुबह-सुबह पहुंच गई थी।

  • प्रदेश सरकार के सहयोग से बसाल में स्थापित हुआ टफंड ग्लास उद्योग, लगभग 40 लोगों को मिला रोजगार

    ऊना/ सुशील पंडित : हिमाचल प्रदेश सरकार तथा उद्योग विभाग के सहयोग व मार्गदर्शन से जिला ऊना के तीन युवा उद्यमियों ने गांव बसाल में एक टफंड ग्लास का उद्योग स्थापित किया है। देवभूमि ग्लास प्राइवेट लिमिटेड के नाम से लगभग 15 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित इस उद्योग में लगभग 40 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 80 प्रतिशत कर्मचारी मूलतः हिमाचलवासी हैं। युवा उद्यमियों में से एक युवक तनवीर ठाकुर ने बताया कि इससे पूर्व वह निजी क्षेत्र में सिविल इंजीनियर के रूप में नौकरी करता था।  फिर उन्हें एक दिन कुछ ऐसा करने का ख्याल आया, जिसकी बदौलत वे कुछ अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। इसके पश्चात् उन्होंने अपने दो युवा उद्यमी मित्रों राहुल सैनी तथा सुखबिंदर सिंह के साथ मिलकर जिला ऊना के गांव बसाल में टफंड ग्लास की उत्पादन इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया। तनवीर ठाकुर ने बताया कि औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए उद्योग विभाग द्वारा दिए गए 1000 वर्ग मीटर के औद्योगिक प्लॉट पर प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें लगभग 7 लाख 50 हजार रुपए की अनुदान राशि दी गई। उन्होंने बताया कि उद्योग में उत्पादन आरंभ हुए अभी केवल 2 महीने हुए हैं तथा इस दौरान उत्पादन अपेक्षा के अनुरूप बेहतर है।


    देवभूमि ग्लास प्राइवेट लिमिटेड के संबंध में अधिक जानकारी देते हुए जिला उद्योग केंद्र ऊना के संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान ने बताया कि उद्योग विभाग के औद्योगिक क्षेत्र बसाल में जिला के तीन युवा उद्यमियों द्वारा टफंड ग्लास के उत्पादन की इकाई स्थापित की गई है, जिसमें आधुनिक प्रौद्योगिकी की मशीनरी व उपकरण स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस इकाई की स्थापना के लिए उद्योग विभाग द्वारा लगभग 1000 वर्ग मीटर का औद्योगिक प्लॉट उद्योग विभाग द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान पर दिया गया है, जिसमें उन्हें लगभग साढे सात लाख रुपए की बचत हुई है। इसके अलावा उद्योग विभाग द्वारा देवभूमि ग्लास प्राइवेट लिमिटेड को प्रदेश सरकार की ओर से रियायती दरों पर बिजली, इकाई द्वारा सरकार को दिए गए वस्तु एवं सेवा कर के 80 प्रतिशत हिस्से की वापसी के साथ-साथ अन्य प्रोत्साहन भी समय-समय पर प्रदान किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस इकाई में उत्पादन शुरू हो चुका है तथा यहां पर अति उत्तम गुणवत्ता का टफंड ग्लास निर्मित किया जा रहा है। अंशुल धीमान ने क्षेत्र के शिक्षित व रोजगार युवाओं का आह्वान किया है कि वे उद्योग विभाग के माध्यम से अपना उद्योग स्थापित करने के लिए आगे आएं तथा आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार सृजन का माध्यम बनें, जिसके लिए विभाग की ओर से कई प्रकार की योजनाओं के माध्यम से सहायता भी दी जा रही है।  


    उद्योग में कार्यरत स्थानीय लालसिंगी निवासी नरेश कुमार, तलवाड़ा निवासी विवेक शर्मा तथा प्रागपुर निवासी प्रदीप राणा ने प्रसन्नतापूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि इस उद्योग के खुलने से उनके जैसे अनेक हिमाचलियों को अपने घर के समीप तथा प्रदेश के भीतर रोजगार प्राप्त हुआ है।


    लालसिंगी निवासी नरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है तथा इससे पूर्व वह दिल्ली में एक उद्योग में नौकरी करता था। दिल्ली में नौकरी के दौरान वेतन कम मिलता था जिसका अधिकतर हिस्सा वहां पर रहने तथा घर आने-जाने में ही खर्च हो जाता था। इसके अलावा आर्थिक तंगी के साथ-साथ समय का भी अभाव रहता था क्योंकि दिल्ली से घर आने-जाने में ही 2 दिन लग जाते थे। उन्होंने बताया कि स्थानीय युवाओं के प्रयासों व प्रदेश सरकार के सहयोग से उन्हें घर के नजदीक ही अच्छे वेतन के साथ रोजगार हासिल हुआ है जिसके लिए वह प्रदेश सरकार तथा उद्योग विभाग का धन्यवाद करते हैं।


    तलवाड़ा निवासी विवेक शर्मा ने बताया कि वह पिछले 13 वर्षों से गलास इंडस्ट्रीज में नौकरी कर रहा है। इससे पहले वह जालंधर में नौकरी करता था। उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले ही उन्हें देवभूमि ग्लास प्राइवेट लिमिटेड में रोजगार हासिल हुआ है और घर के समीप निजी रोजगार प्राप्त कर बेहद प्रसन्नता हो रही है। इसके लिए वह प्रदेश सरकार के आभारी हैं।


    जिला कांगड़ा के प्रागपुर निवासी प्रदीप राणा ने बताया कि देवभूमि ग्लास प्राइवेट लिमिटेड में काम करने से पहले वह जालंधर में एक निजी संस्था में नौकरी करते थे जहां उन्हें 17 हजार रुपए मासिक पगार मिलती थी। उन्होंने बताया कि इस नए रोजगार में उन्हें 20 हजार रूपये प्रतिमाह तनख्वाह मिल रही है तथा जालन्धर की तुलना में यहां उसका खर्च भी कम हो रहा है।

  • पंजाबः Bal Bharati Public School में शिक्षा विभाग और पुलिस की दबिश, देखें वीडियो

    लुधियानाः पंजाब में एक तरह कोहरे और ठंड के चलते सरकार ने 14 तक स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। दूसरी ओर कुछ स्कूल अभी भी मनमर्जी करने से नहीं रूक रहे है। आज ही हलका दक्षिणी इलाके में स्कूल खुलने की सूचना विधायक राजिंदर कौर छीना को मिली और उन्होंने स्कूल में दबिश देकर उसे बंद करवाया था। वहीं अब एक ओर स्कूल खुलने का मामला सामने आया है। यह मामला बाल भारती पब्लिक स्कूल का है।

    दरअसल, पुलिस और शिक्षा विभाग को बाल भारती पब्लिक स्कूल के खुलने की सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस और शिक्षा विभाग ने स्कूल में दबिश दी। इस दौरान देखा गया कि सरकार के छुट्टियों के आदेश के बावजूद प्रबंधक द्वारा स्कूल खोला गया था। बताया जा रहा है कि विधायक कुलवंत सिद्धू को बच्चों के पेरेंट्स ने स्कूल खुले होने की शिकायत दी थी। जिसके चलते स्कूल में पुलिस और शिक्षा विभाग की ओर से दबिश दी गई। इस दौरान वहां पर काफी हंगामा देखा गया। हंगामे के बाद स्कूल के प्रिंसीपल का कहना था कि स्कूल में होने वाले प्रोग्राम को लेकर बच्चों को बुलाया गया। इस दौरान मौके पर पहुंचे स्कूल के लीगल एडवाइजर हरीश राय ने विधायक पर धमकियां देने के आरोप लगाए।

    बता देंकि बढ़ी रही ठंड को लेकर सीएम भगंवत की ओर से 14 जनवरी तक स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया गया है, लेकिन उसके बावजूद कई जगहों पर स्कूल अपनी मनमर्जी कर रहे है और स्कूल में बच्चों को बुला रहे है। जब विभाग द्वारा दबिश दी जाती है तो स्कूल प्रबंधक द्वारा होमवर्क देने या प्रोग्राम को लेकर बच्चों को बुलाने का कहा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर अमृतसर में कुछ दिन पहले ठंड लगने से बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं आज कोहरे के कारण सड़क हादसे में 12वीं कक्षा के छात्र की मौत हो गई है। 

  • टायर फटने से हुआ हादसा, 4 की मौ’त, 5 घायल

    नई दिल्ली : ऋषिकेश में एक सड़क दुर्घटना में राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की चीला रेज में इंटरसेप्टर के वाहन का टायर फटने से पार्क प्रशासन के दो अधिकारियों सहित 4 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने ऋषिकेश में चिल्ला नहर के पास एक वाहन के पेड़ से टकरा जाने से दो वन अधिकारियों सहित 4 लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति लापता हो गया। थाना प्रभारी रवि कुमार सैनी ने कहा कि पीड़ितों में वन रेंजर शैलेश घिल्डियाल और प्रमोद ध्यानी शामिल हैं, जबकि राजाजी टाइगर रिजर्व की वन्यजीव वार्डन आलोकी देवी नहर में गिर गईं और लापता हैं। इस घटना में 5 अन्य लोग भी घायल हुए थे जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। मृतकों की सूची में PMO में तैनात एक वरिष्ठ अफसर के भाई भी शामिल है।

    पुलिस जानकारी के मुताबिक चीला रेंज में हुए इस दुर्घटना में 10 लोग इंटरसेप्टर वाहन सवार थे। सैनी ने कहा कि चिल्ला वन कॉलोनी के ड्राइवर सैफ अली खान और एक अन्य व्यक्ति, कुलराज सिंह, अन्य दो लोग थे जिनकी इस घटना में मृत्यु हो गई। उन्होंने आगे कहा, SDRF, अग्निशमन सेवाएं, जल पुलिस और स्थानीय लोग आलोकी देवी की तलाश में नावों पर नहर की खाक छान रहे हैं। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में चार लोग घायल हो गए और  अस्पताल में ले जाया गया। 

  • इंसानियत शर्मसार! 4 साल के बेटे की हत्या कर बैग में लेकर घूम रही महिला गिरफ़्तार 

    बेंगलुरु: एक स्टार्ट-अप कंपनी की सीईओ ने अपने चार साल के बच्चे की हत्या कर दी। यह मामला काफी हैरान कर देने वाला है। जानकारी के मुताबिक, एक 39 वर्षीय महिला सीईओ के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। महिला ने नॉर्थ गोवा में अपने बेटे की हत्या की और फिर बैग में शव डालकर कर्नाटक लेकर वापस आ गई। हालांकि, हत्या का मकसद अभी पता नहीं चला है

    जानकारी के मुताबिक, महिला की पहचान सूचना सेठ के रूप में की गई है। सूचना सेठ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्ट-अप माइंडफुल एआई लैब की सीईओ हैं। उन्हें सोमवार को कर्नाटक के चित्रदुर्ग में एक बैग में उनके बेटे के शव के साथ गिरफ्तार किया गया था। सूचना सेठ ने बैग में रखे शव को कर्नाटक ले जाने के लिए एक टैक्सी किराए पर ली। फिलहाल इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर हत्या का आरोप लगाया गया है। महिला कर्नाटक के चित्रदुर्ग पहुंच चुकी थी।

    इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब महिला ने रूम से चेकआउट किया तो साफ-सफाई करने आए कर्मचारी ने खून का धब्बा देखा,  सोमवार, 8 जनवरी की सुबह सूचना सेठ अपना बैग लेकर जिस रूम से वापस जाने के लिए निकली थीं, उस रूम में खून के धब्बे मिले थे। सेठ सोमवार को अकेले कमरे से बाहर निकली और होटल के कर्मचारियों से बेंगलुरु के लिए टैक्सी बुक करने को कहा। स्टाफ ने फ्लाइट लेने की सलाह दी मगर सूचना सेठ ने टैक्सी के लिए कहा। स्टाफ ने बताया कि बार-बार सूचना टैक्सी बुक करने पर जोर दे रही थी। स्टाफ ने गौर किया कि उसका बेटा गायब है। उनके जाने के बाद हाउसकीपिंग स्टाफ ने उनके अपार्टमेंट में खून के धब्बे भी देखे थे।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सूचना सेठ ने पुलिस को बताया कि उसने अपने बेटे की हत्या की, क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि बेटा अपने पिता से मिले। उसका पति के साथ विवाद चल रहा है। केस कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन पति ने बेटे से मिलने की इच्छा जाहिर की तो कोर्ट ने उसे परमिशन दे दी। हालांकि उसने विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने उसकी बात नहीं सुनी, जबकि उसे कतई मंजूर नहीं था कि बेटा अपने पिता से मिले। इसलिए वह उसे अपने साथ गोवा ले गई। उसने चैकआउट करने से एक दिन पहले शनिवार रात को ही बेटे को मार दिया था। 

  • पंजाब: प्यार में रोड़ा बन रहे व्यक्ति को दी खौफनाक सजा, देखें वीडियो

    श्री मुक्तसर साहिब : पुलिस ने 24 घंटे में अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाया। इस मामले में कत्ल के 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। भागीरथ सिंह मीना एसएसपी श्री मुक्तसर साहिब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि श्री मुक्तसर साहिब पुलिस ने 24 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है और 1 महिला और 1 व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार 8 जनवरी को जलालाबाद रोड के पास लिंक रोड पर खेतों में एक व्यक्ति का शव मिला था। जिस पर तेजधार हथियारों के निशान थे। मृतक सिंह पुत्र किकर सिंह निवासी लाधुआना जिला फाजिल्का का शव मिला था। पुलिस ने मृतक की पत्नी के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई।

    जांच के दौरान पुलिस ने आधुनिक तरीकों से मामले में कथित आरोपियों का पता लगाया और आरोपी बेअंत सिंह पुत्र धर्म सिंह निवासी सोहनेवाला और सुखविंदर कौर पत्नी बलबीर सिंह निवासी बस्ती बोरियावाली श्री मुक्तसर साहिब को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने बताया कि मृतक सोहन सिंह कथित आरोपी सुखविंदर कौर का रिश्तेदार है। मृतक सोहन सिंह जो सुखविंदर कौर को उसके प्रेमी बेअंत सिंह से मिलने से रोकता था। इसलिए, बेअंत सिंह और सुखविंदर कौर ने अपने रास्ते में हटाने के लिए सोहन सिंह की हत्या कर दी। उपरोक्त मामले में दोनों आरोपियों को नामजद कर पुलिस ने गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश कर रिमांड हासिल किया गया है।पुलिस ने बताया कि इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।

  • जालंधरः फर्जी जमानत बांड को लेकर पुलिस कमिश्नर की कार्रवाई, 7 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: कमिश्नरेट पुलिस ने मंगलवार को आपराधिक मामलों में आरोपियों की फर्जी जमानत बांड देने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त स्वपन शर्मा ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राज्य में एक हाईप्रोफाइल गिरोह सक्रिय है, जोकि आपराधिक मामलों में झूठी जमानत देकर आरोपियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस स्टेशन भार्गव कैंप जालंधर में एफआईआर नंबर 01 दिनांक 05.01.2024 को आईपीसी की धारा 419, 420, 465, 467, 468, 47, 120बी के तहत दर्ज किया गया था। स्वपन शर्मा ने बताया कि यह गिरोह न्यायालयों में फर्जी सिक्योरिटी के रूप में आईडी कार्ड, आधार कार्ड, स्टाम्प जैसे झूठे/फर्जी दस्तावेज जमा करता था। 

    पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गहन जांच के बाद पुलिस ने जगजीत सिंह उर्फ ​​जग्गी पुत्र तरलोक सिंह निवासी फत्तू ढींगा जिला कपूरथला, रवि कुमार पुत्र अशोक कुमार निवासी गाखला कॉलोनी जालंधर, पंकज राम उर्फ ​​गंजू पुत्र स्व. गुरनाम दास निवासी चेराटा अमृतसर, गुरुमीत सिंह पुत्र इंदर सिंह निवासी चेराटा अमृतसर, सुखदेव कुमार पुत्र मोहन लाल शर्मा निवासी गाखला कॉलोनी जालंधर, राकेश कुमार पुत्र महेंद्र राम निवासी गाखला जालंधर और  जालंधर निवासी जोधा को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि इन आरोपियों के पास से 122 फर्जी आधार कार्ड, 41 फर्जी जिला कलेक्टर कार्ड/नंबरदार कार्ड, 15 तहसीलदार और नंबरदार की फर्जी मोहरें और 35 फर्द, एक कंप्यूटर, एक प्रिंटर और सात स्टाम्प पैड सहित बड़ी संख्या में जाली/जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

    स्वपन शर्मा ने कहा कि दोनों आरोपियों सुखदेव कुमार और राकेश कुमार का आपराधिक रिकॉर्ड है क्योंकि उनके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सुखदेव कुमार के खिलाफ पहले से ही सात एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि राकेश कुमार के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है और जल्द ही अधिक जानकारी साझा की जाएगी। स्वपन शर्मा ने अपराध को रोकने और शहर में हर तरह से कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमिश्नरेट पुलिस की मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई।