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  • हरोली के स्वास्थ्य क्षेत्र को 8.42 करोड़ की बड़ी सौगात

    हरोली के स्वास्थ्य क्षेत्र को 8.42 करोड़ की बड़ी सौगात

    उपमुख्यमंत्री ने सिविल अस्पताल हरोली में अतिरिक्त 50 बिस्तरों वाले भवन की रखी आधारशिला

    ऊना, सुशील पंडित: हरोली के स्वास्थ्य क्षेत्र को एक और बड़ी सौगात देते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज सिविल अस्पताल हरोली में अतिरिक्त 50 बिस्तरों वाले भवन की आधारशिला रखी। लगभग 8.42 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन अस्पताल की स्वास्थ्य अधोसंरचना को और सुदृढ़ करेगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भवन का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिससे हरोली सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर, आधुनिक एवं अधिक सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सिविल अस्पताल हरोली को 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है और उसी के अनुरूप अतिरिक्त 50 बिस्तरों के लिए इस भवन का निर्माण किया जा रहा है। भवन तैयार होने के बाद अस्पताल में मरीजों को अधिक व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी तथा बढ़ती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।

    स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा और विस्तार
    उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सिविल अस्पताल हरोली में वर्तमान में 11 चिकित्सक कार्यरत हैं तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र का कोई भी स्वास्थ्य संस्थान चिकित्सकों के बिना नहीं है। क्षेत्र में ईएसआई अस्पताल खोलने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को और अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

    डॉक्टरों के आवास और आधुनिक एंबुलेंस की सौगात
    उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के लिए आवासों का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा सिविल अस्पताल हरोली को शीघ्र ही लगभग 25 लाख रुपये की लागत वाली पूर्णतः सुसज्जित आधुनिक एंबुलेंस उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और अधिक प्रभावी बनेंगी।

    बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की प्राथमिकता
    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को उसके घर के निकट बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी सोच के अनुरूप प्रदेशभर में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

    इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रंजीत राणा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संदीप अग्निहोत्री, जल प्रबंधन बोर्ड के सदस्य पवन ठाकुर, परिवहन निगम सदस्य अशोक ठाकुर, जिला परिषद सदस्य केवल सिंह, सुलिंदर कौर एवं ज्योति बाला, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन ठाकुर, जिला कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र मनकोटिया, युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत राय, सतीश बिट्टू, विनोद बिट्टू, अतिरिक्त उपायुक्त ईशांत जसवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया, हिमकैप्स के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह, प्रमोद कुमार, धर्म सिंह चौधरी, जसपाल जस्सा, मेहताब ठाकुर, सुभद्रा चौधरी, रमन कुमारी, सुरेखा राणा, मधु धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

     

  • हेपेटाइटिस ‘ए’ का कहरः अस्पताल में 10 बच्चे भर्ती, लोगों का फूटा गुस्सा, देखें वीडियो

    हेपेटाइटिस ‘ए’ का कहरः अस्पताल में 10 बच्चे भर्ती, लोगों का फूटा गुस्सा, देखें वीडियो

    ‎कलायतः हरियाणा के कलायत के सजुमा गांव में पिछले दो सप्ताह से फैले हेपेटाइटिस ‘ए’ के प्रकोप के बाद सोमवार को जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी वाटर वर्क्स पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जन स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर टी.आर. पवार ने मौके का जायजा लिया और कर्मचारियों को तुरंत स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। इस दौरान मौके पर पहुंचे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उनकी अधिकारियों के साथ तीखी नोक-झोंक हुई।

    ग्रामीणों ने सीधे तौर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय रहते कदम उठाए गए होते, तो आज गांव के बच्चे इस बीमारी का शिकार न होते। ‎ग्रामीणों ने उठाई पेयजल संकट की मांग, मिला सख्त कार्रवाई का आश्वासन ‎ग्रामीणों ने अधिकारियों और भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी को अवगत कराया कि वाटर टैंक में पानी की आवक बेहद कम है। उन्होंने मांग की कि गांव के वाटर वर्क्स को भाखड़ा नहर से कनेक्शन दिया जाए और वर्तमान कनेक्शन का साइज बड़ा किया जाए। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे इस गंभीर समस्या और उनकी मांगों को सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष उठाकर इसका स्थाई समाधान करवाएंगी। ‎अब तक 10 बच्चे अस्पताल में भर्ती, स्वास्थ्य विभाग ने लिए 29 सैंपल ‎दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव में लगातार नजर बनाए हुए है। कैथल की सीएमओएस एम ओ डॉ. किरण संधू ने बताया कि सोमवार को प्रभावित इलाके से 29 नए सैंपल लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हेपेटाइटिस से पीड़ित 6 बच्चों का इलाज सरकारी अस्पताल कैथल और 4 बच्चों का निजी अस्पतालों में चल रहा है, जबकि कुछ बच्चे घर पर ही उपचाराधीन हैं। फिलहाल जन स्वास्थ्य और स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस गांव में स्थिति को नियंत्रित करने पर टिका है।

  • मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से फोन पर बात की, अधिकारों के लिए मांगा सहयोग

    मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से फोन पर बात की, अधिकारों के लिए मांगा सहयोग

    शिमला: किशाऊ बाँध पर बड़ी जीत के बाद सुक्खू सरकार ने बीबीएमबी एरियर को वापिस लेने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से हिमाचल प्रदेश के लंबित वित्तीय अधिकारों और बकाया राशि की वसूली के मुद्दे पर केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से फोन पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार से इस मामले में सक्रिय सहयोग का आग्रह करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश लंबे समय से अपने वैधानिक अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहा है और अब राज्य सरकार इन अधिकारों को हर हाल में सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना पर हिमाचल प्रदेश तभी आगे बढ़ेगा, जब हरियाणा सरकार बीबीएमबी से संबंधित अपने हिस्से के बकाया भुगतान के संबंध में स्पष्ट सहमति व्यक्त करेगी तथा सर्वोच्च न्यायालय में इस आशय का शपथ-पत्र दायर करेगी। हिमाचल प्रदेश के हितों की अनदेखी कर राज्य से किसी नए परियोजना पर सहयोग की अपेक्षा करना उचित नहीं होगा। बार-बार आग्रह करने के बावजूद पंजाब और हरियाणा ने हिमाचल प्रदेश को उसके अधिकार से वंचित रखा है। मुख्यमंत्री के आग्रह पर केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आश्वासन् दिया कि वह इस विषय पर हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे तथा हिमाचल प्रदेश के वैधानिक अधिकारों के संरक्षण और समाधान के लिए आवश्यक पहल करेंगे।

    लगभग 15 वर्ष पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेशों में स्पष्ट रूप से हिमाचल प्रदेश को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की परियोजनाओं एवं उनसे प्राप्त होने वाले लाभों में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिकार स्वीकार किया है। इसके बावजूद हिमाचल प्रदेश पिछले एक दशक से अधिक समय से अपने हिस्से की 13,066 मिलियन यूनिट बिजली तथा उससे जुड़े वित्तीय लाभों से वंचित है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद अब प्रदेश सरकार बीबीएमबी से अपने हिस्से के लगभग 4,200 करोड़ रुपये के बकाया की वसूली के लिए सभी आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक कदम उठा रही है। यह राशि हिमाचल प्रदेश के लोगों का वैधानिक अधिकार है और राज्य सरकार इसे प्राप्त करने के लिए पूरी दृढ़ता से प्रयासरत है।

    422 मेगावाट की किशाऊ बाँध परियोजना पर वर्ष 2023 में पुराने समझौते को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अस्वीकार कर दिया था, जिसके तहत हिमाचल को बिजली उत्पादन की लागत का एक बड़ा हिस्सा वहन करना पड़ता। लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खू के कड़े रुख के बाद अब राज्य को बिना एक भी पैसा लगाए सालाना 600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा, जो हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की एक बड़ी जीत है।

  • नीट पेपर लीक से लाखों युवाओं के सपने हुए चकनाचूरः मुख्यमंत्री

    नीट पेपर लीक से लाखों युवाओं के सपने हुए चकनाचूरः मुख्यमंत्री

    शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल को बनाएंगे देश का नंबर वनः मुख्यमंत्री

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में केन्द्र सरकार के कार्यकाल में हुए नीट पेपर लीक ने लाखों विद्यार्थियों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। शिमला स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में यूथ कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के तहत संगठन प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन कर विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। केन्द्र सरकार द्वारा लागू की गई अग्निवीर योजना ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होते थे, लेकिन अब चार वर्ष की अल्पकालिक सेवा वाली व्यवस्था के कारण युवाओं का रुझान प्रभावित हुआ है। कांग्रेस सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए पुलिस सहित विभिन्न विभागों में पारदर्शी तरीके से नियमित भर्ती कर रही है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती और अधीनस्थ चयन आयोग की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए। जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे गए। वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य चयन आयोग का गठन किया है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर केन्द्र सरकार के कार्यकाल में नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जिससे देशभर के लाखों युवाओं के सपने हुए चकनाचूर हुए। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान पर पहुंच गया था, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश अब पांचवें स्थान पर आ गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश का नंबर एक राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक सुविधाओं से युक्त सीबीएसई स्कूल स्थापित कर रही है तथा उनमें शिक्षकों की नियुक्तियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को यहां की शिक्षा व्यवस्था पर गर्व होगा। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ बना रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में प्रदेश के लोग हर वर्ष उपचार के लिए राज्य से बाहर लगभग एक हजार करोड़ रुपये खर्च करते हैं। इसे देखते हुए सरकार प्रदेश में एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक मशीनें और उपकरण उपलब्ध करा रही है। सभी मेडिकल कॉलेजों में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं तथा रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू की जा चुकी है, जिससे सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार गाय का दूध 61 रुपये तथा भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद रही है। सामाजिक सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के लगभग 6,000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाकर उनके समग्र विकास की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने उठाई है। कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। केन्द्र की भाजपा सरकार ने राज्य के आरडीजी का अधिकार छीना और भाजपा सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को भी बंद करने की बात कहती है। फिर लोग भाजपा को वोट क्यों देंगे? उन्होंने कहा कि 2027 में इतिहास बदलेगा। उनका राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ और कांग्रेस पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया। कांग्रेस की विचारधारा ने देश को आजादी दिलवाने के साथ-साथ विकास की मजबूत नींव रखी। पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत हुई, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना हुई तथा देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए। उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि जहां राहुल गांधी देशभर में छात्रों की आवाज बुलंद कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू छात्र राजनीति से आगे बढ़कर आज प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं। आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में देशभर में अनेक पेपर लीक हुए, जबकि हिमाचल में वर्तमान सरकार ने पेपर लीक मामलों के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की है। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी ज्योतिष एच.एम. ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन आयोजित कर विद्यार्थियों और आम जनता को नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों के प्रति जागरूक किया जाएगा। युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में सभी सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं। इस अवसर पर नीट पेपर के लीक होने के कारण उत्पन्न स्थितियों से 21 मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा।  
  • डंकी रूट से विदेश के नाम पर ठगे 20.75 लाख, बॉर्डर पर खोदी दीवार, 11 माह काटी जेल, देखें वीडियो

    डंकी रूट से विदेश के नाम पर ठगे 20.75 लाख, बॉर्डर पर खोदी दीवार, 11 माह काटी जेल, देखें वीडियो

    जंगलों में भूखा मारकर फेंकने की दी धमकी, एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज

    पानीपतः जिले में अमेरिका भेजने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी मारने और युवक की जान जोखिम में डालने का मामला सामने आया है। जहां दोषी ट्रैवल एजेंट ने सीधे हवाई जहाज से अमेरिका भेजने का झांसा देकर पीड़ित परिवार से कुल 20 लाख 75 हजार रुपए ऐंठ लिए, लेकिन युवक को अवैध डंकी रूट से जंगलों और पहाड़ों के रास्ते पैदल चलने पर मजबूर किया। पीड़ित को 11 महीने अमेरिका की जेल में काटना पड़ा, जिसके बाद उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया। एसपी के आदेश पर आरोपी एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को दी गई शिकायत में समालखा के गांव मनाना निवासी निशांत ने बताया कि एक रिश्तेदार के माध्यम से उसकी मुलाकात पानीपत के सेक्टर-18 निवासी कथित एजेंट नरेश कुमार से हुई थी। नरेश ने निशांत को ऊंचे सपने दिखाए और दावा किया कि वह कोई ऐरा-गैरा एजेंट नहीं है और जंगलों के रास्ते नहीं, बल्कि सीधे 10 दिन के भीतर हवाई जहाज से उसे अमेरिका भेजकर वहां नौकरी, पीआर और लाखों की सैलरी दिलवाएगा। रास्ते में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, पैसे छीन लिए गए और विरोध करने पर जंगलों में भूखा मारकर फेंकने की धमकी दी गई। 25 अगस्त 2024 को आरोपी के गुर्गों ने सबूत मिटाने के लिए निशांत का फोन छीन लिया और मेक्सिको-अमेरिका बॉर्डर पर दीवार कुदाकर उसे जबरन अमेरिका में घुसा दिया। वहां घुसते ही अमेरिकी पुलिस ने उसे अवैध घुसपैठ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। टॉर्चर करने के बाद उसे 11 महीने जेल में रखा गया। इस दौरान भी आरोपी एजेंट ने युवक को जेल से छुड़ाने के नाम पर परिजनों से ₹1.15 लाख और ऐंठ लिए। 5 जुलाई 2025 को अमेरिकी सरकार ने निशांत को डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया। भारत लौटने के बाद जब पीड़ित परिवार ने आरोपी नरेश कुमार से अपने पैसे वापस मांगे, तो उसने टालमटोल शुरू कर दी। अब आरोपी पीड़ित और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है। आरोपी का कहना है कि वह कई लोगों को रास्ते में ही मरवा चुका है और उसकी पहुंच बहुत ऊपर तक है। आरोपी ने पीड़ित के घर बदमाश किस्म के युवकों को भेजकर उल्टा 12 लाख रुपए और देने का दबाव बनाया। पीड़ित ने पुलिस को शिकायत के साथ बैंक ट्रांजैक्शन के विवरण और एक पेन ड्राइव (पेन ड्राइव में मौजूद रिकॉर्डिंग्स) सौंपी है। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।  
  • चिंतपूर्णी में 12 बोतल अवैध देसी शराब के साथ युवक गिरफ्तार

    चिंतपूर्णी में 12 बोतल अवैध देसी शराब के साथ युवक गिरफ्तार

    ऊना, सुशील पंडित: जिला ऊना के पुलिस थाना चिंतपूर्णी की पुलिस ने गश्त के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 12 बोतल अवैध देसी शराब के साथ पकड़ा है।
    पुलिस के अनुसार, SI राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जौड़वड़ स्थित एक मैरिज हॉल के समीप सड़क किनारे खड़े स्वरूप सिंह निवासी गांव कोटला, डाकघर बेहड़ भटेड़, तहसील जसवां, जिला कांगड़ा के कब्जे से बिना लाइसेंस एवं परमिट के 12 बोतल देशी शराब (शाही सौंफी) बरामद कीं।
    आरोपी के विरुद्ध हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
     
  • अस्पताल के बाहर हुआ खूनी खेल, कत्ल का बदला कत्ल, देखें वीडियो

    अस्पताल के बाहर हुआ खूनी खेल, कत्ल का बदला कत्ल, देखें वीडियो

    भिवानीः हरियाणा के के बवानीखेड़ा कस्बे में अस्पताल के बाहर खूनी झड़प हो गई। जहां देर रात पुरानी रंजिश के चलते व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 32 वर्षीय बलजीत निवासी वार्ड नंबर 10 के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार मृतक बलजीत बीमार भाभी से अस्पताल में मिलने आया था। घटना के दौरान उसका साथी मोनू भी मौनू भी मौजूद था। इस दौरान दूसरे पक्ष के 4 से 5 नौजवानों ने बलजीत और मोनू पर जानलेवा हमला कर दिया। नौजवानों ने दोनों पर लाठी, डंडों, छुरी व राड़ से हमला किया। घटना में बलजीत की मौक़े पर मौत हो गई और मोनू गंभीर रूप से घायल हो गया।

    बताया जाता है कि ये पुरानी रंजिश थी और बलजीत व मोनू ने 2020 में दूसरे पक्ष की एक महिला व पुरुष की हत्या की थी। हमलावार पहले से ही घात लगाए बैठे हुए थे। परिजनों का आरोप है कि इस खूनी वारदात के समय पुलिस व लोग खड़े देखते रहे। किसी ने कोई मदद नहीं की। वो खुद उन्हें भिवानी अस्पताल लेकर आए। मामले की जानकाीर देते हुए भतीजे राहुल नामक युवक ने बताया कि मामला पुराना है और आपसी रंजीश का है। लेकिन अब आपस में सहमती होने के बाद भी ये हमला किया गया है।

    वहीं डीएसपी दलीप सिंह ने कहा कि 4 से 5 नामज़द लोगों ने मारपीट कर बलजीत की हत्या कर दी और मोनू को गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्होंने कहा कि बलजीत व मोनू साल 2020 में होली के दिन एक महिला व एक पुरूष की हत्या के आरोप में 20-20 साल की सजा काट रहे है। वो जेल से बैल पर आए थे। इब जिन पर हत्या का आरोप लगा है, पहले इन्हीं के पक्ष की बलजीत व मोनू ने हत्या की थी। डीएसपी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार किया जाएगा। हत्या के बदले हत्या की इस वारदात से आमजन ख़ौफ़ज़दा है और क़ानून पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि क्या आरोपियों कि गिरफ़्तारी के बाद ये हत्या का सिलसिला रूकता है या नहीं।

  • Punjab News: दिन दहाड़े महिला का कत्ल, दरवाजा खोलते पति के उड़े होश, देखें वीडियो

    Punjab News: दिन दहाड़े महिला का कत्ल, दरवाजा खोलते पति के उड़े होश, देखें वीडियो

    फरीदकोटः शहर के भीड़भाड़ वाले मोहल्ला जानियां में दिव्यांग महिला की घर के घुसकर बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान 43 वर्षीय नीतू के रूप में हुई है। नीतू के पति प्रदीप कालड़ा सरकारी टीचर हैं। वह प्रतिदिन की तरह सोमवार सुबह अपने काम पर चले गए थे। उनके साथ उनकी 17 वर्षीय बेटी और 10 वर्षीय बेटा भी स्कूल गए थे। घटना के दौरान घर पर केवल नीतू ही मौजूद थीं। घटना के बाद ड्यूटी से लौटे नीतू के पति से जब दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोस की महिला की मदद से घर का दरवाजा खोला गया। इस दौरान वह कमरे का दृश्य देखकर हैरान रह गए।

    महिला का शव खून से लथपथ हालत में कमरे में पड़ा था। परिवार द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। प्रदीप ने बताया कि उसने पड़ोसियों की मदद से घर का दरवाजा खोला और अंदर जाकर देखा तो नीतू का शव फर्श पर खून से लथपथ पड़ा था। उसके गले और हाथों पर तेजधार हथियार के गहरे घाव थे। शव के निचले हिस्से पर कोई कपड़ा भी नहीं था।

    घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल बन गया। परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और न ही घर से किसी सामान के चोरी होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में हत्या की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार घटना दोपहर के बीच हुई प्रतीत होती है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है ताकि संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

     

     

  • फोटोग्राफर से कृषि-उद्यमी तक का सफर: मंत्री मोहिंदर भगत के निर्देशों पर बागवानी विभाग ने एआईएफ योजना के तहत युवा को दिलाई नई पहचान

    फोटोग्राफर से कृषि-उद्यमी तक का सफर: मंत्री मोहिंदर भगत के निर्देशों पर बागवानी विभाग ने एआईएफ योजना के तहत युवा को दिलाई नई पहचान

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का बागवानी विभाग, जो राज्य में एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) योजना को लागू करने वाली नोडल एजेंसी है, बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत के निर्देशों के तहत सरकार की किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से युवाओं को सफल उद्यमी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    इस योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) योजना कृषि से जुड़े आधुनिक बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर युवाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। यह योजना युवाओं को कृषि-आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित कर रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

    उन्होंने एक सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि एस.ए.एस. नगर के युवा सरबजीत सिंह को एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) योजना के तहत मात्र 6 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध हुआ। इससे उन्हें कम वित्तीय बोझ के साथ अपना उद्योग स्थापित करने में सहायता मिली। आज वह उच्च गुणवत्ता वाला आटा और मसाले तैयार कर न केवल अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।

    अपने अनुभव साझा करते हुए सरबजीत सिंह ने बताया कि पहले वे फोटोग्राफर के रूप में कार्य करते थे, लेकिन एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) योजना की सहायता से आज वे एक सफल कृषि-उद्यमी बन चुके हैं। इस योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है।

    बागवानी मंत्री ने प्रदेश के युवाओं से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि एआईएफ योजना कृषि-आधारित उद्योग स्थापित कर रोजगार सृजन करने तथा पंजाब की अर्थव्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती है।

  • Jalandhar News: फर्जी IPS अधिकारी पत्नी सहित गिरफ्तार, दस्तावेज बरामद

    Jalandhar News: फर्जी IPS अधिकारी पत्नी सहित गिरफ्तार, दस्तावेज बरामद

    DSP, Inspector, Head Constable की भर्ती के नाम पर 31.50 लाख की ठगी

    जालंधर, ENS: देहात पुलिस ने फर्जी आईपीएस अधिकारी और उसकी पत्नी को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए शाहकोट के डीएसपी सर्वण सिंह बल और थाना प्रभारी अमन सैनी ने बताया कि 17 जुलाई 2025 को रवीन कौर पुत्री बलवीर सिंह निवासी बाउपुर बेट थाना शाहकोट की शिकायत पर अनमोल रतन पुत्र बलजीत सिंह निवासी गांव कोटला सुलेमान थाना सरहिंद जिला फतेहगढ़ साहिब हाल निवासी पुरानी सरहिंद दलीची मोहल्ला सरहिंद के खिलाफ मुकदमा नंबर 164 दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बयान में बताया गया कि उसे (रवीन कौर पुत्री बलवीर सिंह निवासी बाउपुर बेट थाना शाहकोट) पुलिस महकमे में डीएसपी, भतीजी संदीप कौर को इंस्पेक्टर और उसके भाई हरदीप सिंह को हवलदार भर्ती कराने का झांसा देकर 31 लाख 50 हजार रुपये की ठगी मारी गई थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद अनमोल रतन फरार हो गया था। डीएसपी एस बल ने बताया कि अनमोल रतन के पिता बलजीत सिंह पुत्र गुरदेव सिंह निवासी गुरदेव नगर सरहिंद जिला फतेहगढ़ साहिब के खाते में अनमोल रतन द्वारा 3 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने के कारण उसे 23 जून 2026 को गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल कपूरथला में बंद करवाया गया था। उन्होंने बताया कि आरोपी अनमोल रतन एक शातिर व्यक्ति होने के कारण अपनी पक्की ठिकाना नहीं बनाता था और कुछ समय बाद ही अपनी रिहायश और मोबाइल नंबर बदल लेता था। उन्होंने कहा कि अनमोल रतन को गिरफ्तार करने के लिए थाना शाहकोट और सीआईए स्टाफ की अलग-अलग पुलिस पार्टियां बनाई गईं और टेक्निकल सेल के स्टाफ से तकनीकी सहायता प्राप्त करके अनमोल रतन और उसकी पत्नी मनदीप कौर को 8 जुलाई को गिरफ्तार कर 5 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान अनमोल रतन ने बताया कि उसने आईपीएस अधिकारी होने के नकली दस्तावेज तैयार किए थे और रवीन कौर और उसके भाई हरदीप सिंह को पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 31 लाख 50 हजार रुपये वसूले थे। पूछताछ के दौरान उसने अन्य लोगों से भी ठगी मारना कबूल किया है। डीएसपी बल ने कहा कि आरोपी अनमोल रतन के पास से एक लैपटॉप, एक मोबाइल फोन, नकली आईडी कार्ड और अन्य नकली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इनसे गहराई से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी द्वारा ठगी गई रकम कहां-कहां इस्तेमाल की गई, इस संबंध में पूछताछ में पता लगा कि उसके द्वारा शाहकोट में ठाठ-बाठ रेडीमेड कपड़ों की दुकान, जिसे उसका करीबी रिश्तेदार चलाता है, उसमें 17 लाख रुपये निवेश किए गए। इसके अलावा अनमोल रतन द्वारा सियाज़ कार खरीदने के समय 1 लाख 10 हजार रुपये दिए गए और नकोदर में कोठी खरीदने के लिए 10 लाख रुपये भी अदा किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन कथित आरोपियों से गहन पूछताछ करने के उपरांत इनके द्वारा की गई अन्य ठगियों के बारे में खुलासा होने की संभावना है।