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  • Punjab News: श्मशानघाट में करवाई गई लावारिस लाशों की याद में अरदास, देखें वीडियो

    Punjab News: श्मशानघाट में करवाई गई लावारिस लाशों की याद में अरदास, देखें वीडियो

    अमृतसरः जिले में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) द्वारा श्मशानघाट में हर साल की तरह इस बार भी उन लावारिस लाशों की याद में अरदास की गई, जिन्हें पार्टी ने 1980-90 के दशक के दौरान कथित तौर पर लावारिस बताकर दाह संस्कार किए जाने का दावा किया। इस मौके पर पार्टी नेताओं ने भाई जसवंत सिंह खालड़ा के काम को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा इस मामले संबंधी एकत्रित किए गए विवरण इतिहास का अहम हिस्सा हैं और पीड़ित परिवारों को आज तक न्याय नहीं मिला।

    शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के कार्यकारी प्रधान इमान सिंह मान ने दावा किया कि यह मामला कथित स्टेट-स्पॉन्सर्ड एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ निचले स्तर के पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई, पर उच्च अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई। उन्होंने अपने बयान में केंद्र सरकार, सुरक्षा एजेंसियों और कुछ पूर्व अधिकारियों के बारे में भी कई आरोप लगाए और कहा कि पंजाब से संबंधित कई मसलों का हल सिखों के आत्मनिर्णय के अधिकार में है। वहीं पार्टी के नेता हरपाल सिंह भुल्लर ने कहा कि उनकी पार्टी हर साल श्मशानघाट में पहुंचकर उन लोगों को श्रद्धांजलि देती है, जिन्हें वे लावारिस करार देकर दाह संस्कार किए जाने का दावा करते हैं।

    उन्होंने कहा कि भाई जसवंत सिंह खालड़ा द्वारा सामने लाए गए तथ्यों को आज भी भुलाया नहीं जा सकता और बहुत से परिवार अपने लापता परिजनों के लिए अभी भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। भुल्लर ने दावा किया कि पार्टी दरबार साहिब में भी अरदास करना चाहती थी, लेकिन उन्हें मंजूरी नहीं मिली। उन्होंने विभिन्न कानूनों, पंजाब के मसलों, विदेश में सिखों से जुड़ी घटनाओं और पंथक एकता बारे भी अपने विचार व्यक्त किए। इसके साथ ही उन्होंने सभी पंथक धड़ों को एक मंच पर एकत्रित होकर मीरी-पीरी के सिद्धांतों के अनुसार राजनीति करने की अपील की।

  • मुख्यमंत्री मांवां-धियां सत्कार योजना’ ने पंजाब की महिलाओं में जगाई उम्मीद, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई किरण

    मुख्यमंत्री मांवां-धियां सत्कार योजना’ ने पंजाब की महिलाओं में जगाई उम्मीद, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई किरण

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री माँवां-धियां सत्कार योजना’ ने पूरे राज्य की महिलाओं में उत्साह की नई लहर पैदा कर दी है। अनेक महिलाओं के बैंक ख़ातों में योजना की राशि पहुँच चुकी है, जबकि अन्य महिलाएँ भी राशि मिलने का इंतजार कर रही हैं। पंजाब की हज़ारों महिलाओं के लिए यह पहली राशि ,आर्थिक सहायता से कहीं बढ़कर है। वर्षों से टलती आ रही इच्छाओं को पूरा करने, बच्चों की शिक्षा में सहयोग देने, अपने स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रखने और सबसे बढ़कर अपने ही बैंक ख़ाते में सीधे पैसे आने से मिलने वाले सम्मान का अनुभव करने का अवसर है।

    गांव अदालतपुर की 40 वर्षीय गगनदीप कौर अपने ख़ाते में राशि आने से बेहद ख़ुश हैं। उन्होंने कहा, “मेरे खाते में ₹3,000 आए हैं। मैंने अभी तक यह राशि ख़र्च नहीं की है क्योंकि मैं इसे केवल अपने बेटे पर ख़र्च करना चाहती हूँ। वह जो भी माँगेगा, मैं अपने पैसों से उसे दिलाऊँगी। जब मेरा बच्चा खुश होता है तो मुझे भी ख़ुशी मिलती है। आगे मिलने वाली हर राशि मैं उसी पर ख़र्च करूँगी।”उन्होंने मुस्कुराते हुए आगे पंजाबी में कहा, “जो ओह मंगूगा, ओही ले के दवांगी।” (वह जो भी माँगेगा, मैं उसे वही ख़रीदकर दूँगी)

    इच्छेवाला गाँव की घरेलू कामगार सोमा के लिए ₹4,500 जमा होने का संदेश राहत और ख़ुशी दोनों लेकर आया। उन्होंने कहा, “मैं बहुत गरीब हूँ, लेकिन इस सरकार ने महिलाओं के ख़ातों में सीधे पैसे भेजकर बहुत अच्छा काम किया है। इससे हमें सुरक्षा और आत्मसम्मान मिलता है। अगर नकद पैसे दिए जाते तो परिवार के दूसरे सदस्य उन्हें ले सकते थे, लेकिन अपने बैंक ख़ाते में पैसा होने से आर्थिक सुरक्षा भी मिलती है।”

    कम हीमोग्लोबिन और ख़राब स्वास्थ्य से जूझ रही सोमा ने पहले से तय कर रखा है कि वे इस राशि का उपयोग कैसे करेंगी। उन्होंने कहा, “मैं पौष्टिक भोजन ख़रीदूँगी। डॉक्टरों ने हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए चुकंदर और मेवे खाने की सलाह दी है। मैं ड्रैगन फ्रूट भी ख़रीदूँगी। यह फल मैंने पहली बार ‘द कपिल शर्मा शो’ में देखा था। तब तक मुझे लगता था कि इसे केवल अमीर लोग ही खाते हैं। अब मैं ख़ुद भी इसका स्वाद चखूँगी।” यह कहते हुए वे हँस पड़ीं।

    सोमा की बेटी, जिसने हाल ही में बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण की है और अब कॉलेज में प्रवेश ले रही है,ने भी इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है। सोमा ने कहा, “हम दोनों को मिलाकर हर तीन महीने में कुल ₹6,000 मिलेंगे। मेरी बेटी काफ़ी समय से कॉलेज के लिए नए कपड़े, एक अच्छी सलवार-कमीज़ और सैंडल की माँग कर रही थी। मेरे पति बेरोज़गार हैं, इसलिए हमारे घर में हमेशा पैसों की तंगी रहती है। मैं इसे हर बार टालती रही। अब मैं उसकी यह इच्छा पूरी कर सकूँगी और उसकी किताबों के लिए भी हम कुछ पैसे बचा पाएँगे।” सोमा की छह बेटियाँ हैं।

    जब सोमा और उनकी दो देवरानियों रीतु और ज़ीना के मोबाइल फ़ोन पर पैसे जमा होने का संदेश आया तो तीनों ख़ुशी से झूम उठीं और नाचने लगीं। संयुक्त परिवार में रहने वाली इन तीनों महिलाओं को मिलाकर कुल ₹13,500 की सहायता राशि प्राप्त हुई , जिससे परिवार की कई तत्काल ज़रूरतें पूरी हो सकेंगी। सुनाम की 53 वर्षीय गृहिणी रेणु के लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हम ख़ुद कमाते नहीं हैं। घर के छोटे-छोटे ख़र्चों के लिए भी हमें अपने पति या बेटों पर निर्भर रहना पड़ता है। मेरी दो बेटियाँ शादीशुदा हैं। इस पैसे से मैं मिठाई, स्नैक्स और फल खरीदकर दोनों बेटियों को घर बुलाना चाहती हूँ। इस बार मेहमाननवाज़ी मैं अपने पैसों से करूँगी।”

    47 वर्षीय सविता इस सहायता राशि को बचत शुरू करने के एक अवसर के रूप में देखती हैं। उनके पति दो वर्ष पहले गंभीर हृदय रोग से पीड़ित होने के बाद से काम करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी भी इस योजना के लिए पात्र है, इसलिए हम दोनों को मिलाकर कुल ₹6,000 मिलेंगे। मेरी योजना है कि मैं हर महीने ₹1,000 डाकघर की बचत योजना में जमा करूँगी, जबकि मेरी बेटी अपने हिस्से की राशि उन छोटी-छोटी व्यक्तिगत ज़रूरतों को पूरा करने में ख़र्च कर सकेगी, जिन्हें वह अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।”

    बठिंडा में तीन घरों में घरेलू काम करने वाली जसबीर कौर के लिए यह योजना उनकी बेटी की उच्च शिक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा, “मैं अनुसूचित जाति वर्ग से हूँ, इसलिए मुझे ₹1,500 प्रति माह मिलने चाहिए थे, लेकिन मैं आवेदन के समय जाति प्रमाण पत्र अपलोड नहीं कर सकी क्योंकि मैंने अभी तक प्रमाण पत्र बनवाया ही नहीं था। अब मैं प्रमाण पत्र बनवाकर सरकार से अपनी श्रेणी अपडेट करने का अनुरोध करूँगी। ₹1,000 प्रति माह भी बहुत मायने रखते हैं। मेरी बेटी बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश ले रही है और मैं यह राशि उसकी एडमिशन पर ख़र्च करूँगी।”

    गुरदासपुर की 55 वर्षीय राज ने अपनी प्राप्त राशि में से कुछ पैसे पहले ही निकाल लिए हैं। उन्होंने कहा, “मेरे ख़ाते में ₹3,000 आए हैं, लेकिन अभी मैंने केवल ₹1,000 निकाले हैं। यह पूरा पैसा मेरी दवाइयों पर ख़र्च होगा। मैं अक्सर बीमार रहती हूँ और इलाज पर काफ़ी ख़र्च आता है। अब कम-से-कम दवाइयाँ ख़रीदने के लिए मुझे किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा।” वह शेष राशि को बाद में अपनी दवाइयों और इलाज से जुड़ी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए रखना चाहती हैं, क्योंकि वे लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही हैं। उन्होंने कहा, “मेरी टाँगों में बहुत दर्द रहता है और मैं ठीक से चल भी नहीं पाती। अब यह पैसा मैं अपनी दवाइयों और विटामिन पर ख़र्च करूँगी।”

    यह योजना आम आदमी पार्टी के प्रमुख चुनावी वादों में से एक को पूरा करती है। नवंबर 2021 में मोगा में आयोजित एक जनसभा के दौरान तत्कालीन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वादा किया था कि यदि पंजाब में उनकी सरकार बनी तो महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। पंजाब के गाँवों और शहरों से सामने आ रही कहानियाँ बताती हैं कि यह राशि भले ही बहुत बड़ी न हो, लेकिन इसका महत्त्व केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। किसी के लिए यह बच्चों की शिक्षा का सहारा है, तो किसी के लिए बेहतर स्वास्थ्य, बचत, पारिवारिक ख़ुशियों और आयोजनों का माध्यम। कई महिलाओं के लिए यह अपने नाम के बैंक ख़ाते से अपनी ज़रूरतों पर ख़र्च करने की संतुष्टि का अनुभव है।

     

  • Punjab News: दो गुटों में हुई खूनी झड़प, घरों में तोड़फोड़, कई घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: दो गुटों में हुई खूनी झड़प, घरों में तोड़फोड़, कई घायल, देखें वीडियो

    अमृतसरः जिले के अधीन आते गांव नाग खुर्द में 2 गुटों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर घरों में घुसकर हमला करने, तोड़फोड़ करने और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना में दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पीड़ित पक्ष के बयानों के अनुसार, 4 दिन पहले मोटरसाइकिल की मामूली टक्कर से विवाद शुरू हुआ था, जिसे उस समय बुजुर्गों ने आपसी सहमति से शांत करवा दिया था।

    लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि बाद में दूसरे पक्ष कथित तौर पर कई व्यक्तियों को साथ लेकर उनके घर पहुंचा और घर में तोड़फोड़ करते हुए एलसीडी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, बेड और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। इसके साथ ही परिवार के बुजुर्ग के साथ मारपीट करने और हवाई फायरिंग करने के भी आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित परिवार ने इंसाफ की मांग की है।

    वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि यह दोनों पक्षों का आपसी झगड़ा है और घटना के दौरान दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट (MLR) आने के बाद अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि फायरिंग के आरोपों की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है और मामले की हर पहलू से बारीकी से तफ्तीश जारी है। दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

     

  • Punjab News: 13 लाख के कर्ज में डूबे किसान की लॉटरी से चमकी किस्मत, बना लखपति, देखें वीडियो

    Punjab News: 13 लाख के कर्ज में डूबे किसान की लॉटरी से चमकी किस्मत, बना लखपति, देखें वीडियो

    मोगाः जिले की मथुरापुरी में रहने वाले मध्यवर्गीय किसान की पंजाब स्टेट डियर लॉटरी बंपर से किस्मत चमक गई। मिली जानकारी के अनुसार किसान चरणजीत सिंह 13 लाख के कर्ज़ से दबा हुआ है। वहीं किसान ने एक ही दिन में दो लॉटरी जीतकर अपनी ज़िंदगी बदल ली। दअरसल, किसान चरणजीत सिंह ने प्रताप रोड स्थित गली लॉटरी स्टाल से पंजाब स्टेट डियर लॉटरी बंपर खरीदा गया था। आज लॉटरी का ईनाम घोषित करते ही किसान चरणजीत सिंह लखपति बन गया और उसकी किस्मत चमक गई। दऱअसल, आज लॉटरी निकलने के दौरान चरणजीत सिंह द्वारा प्रताप रोड स्थित गोली लाटरी स्टाल पर लड्डू और ढोल नगरों के साथ खुशी मनाई गई।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए चरणजीत सिंह ने बताया कि उसने रविवार को प्रताप रोड स्थित गोली लाटरी स्टाल से हजार रुपए में पंजाबी स्टेटस की लॉटरी खरीदी थी। लॉटरी निकलने का उसे उस समय पता चला जब वह सोमवार को सुबह लाटरी स्टाल पर अपनी टिकट को चेक करवाने के लिए पहुंचा। इस दौरान लाटरी स्टाल के संचालक ने बताया कि उसका ₹50 लाख का इनाम निकला है। जिसको लेकर लाटरी स्टाल के संचालक प्रदीप कुमार गोली समेत अन्य लोगों ने ढोल की ताल पर नाचते हुए, खुशी का इजहार किया। इस दौरान एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर मुंह मीठा करवाते हुए किसान चरणजीत सिंह को बधाई दी गई।

    चरणजीत सिंह ने कहा कि उसकी ओर से समय-समय पर अपनी किस्मत आजमाने के लिए लॉटरी डाली जाती रही है लेकिन पहली बार वाहेगुरु की मेहर से उसकी किस्मत चमकी है। चरणजीत सिंह बताया कि उक्त पैसों से वह समाज सेवा के काम करने समेत अपनी जरूरत के अनुसार कामकाज को पूरा करेगा। प्रदीप कुमार गोली ने बताया कि उसने अपने लॉटरी स्टॉकिस्ट भनोट एंटरप्राइज लुधियाना से शिवम एजेंसी द्वारा टिकट खरीदा था जो आगे चरणजीत सिंह को बेचा गया था। प्रदीप कुमार गोली ने बताया कि यह लॉटरी किसी अन्य के लिए रखी की थी, लेकिन वह व्यक्ति लेने के लिए नहीं आया और वह लॉटरी चरणजीत सिंह को दे दी गई थी।

    लॉटरी टिकट की वजह से ‘लखपति’ बने चरणजीत सिंह के परिवार में खुशी का माहौल हैं। उनका कहना है कि 17 साल के लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार किस्मत उन पर मेहरबान हुई है। उन्हें अब उम्मीद है कि वे अपना कर्ज़ चुका पाएंगे और बेहतर ज़िंदगी जी सकेंगे। चरणजीत सिंह के चचेरे भाई, शमशेर सिंह मट्टू जोहल ने बताया कि उनके भाई को बचपन से ही बोलने में तकलीफ़ है। इसके बावजूद, चरणजीत सिंह बहुत ईमानदार और नेक इंसान हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं, और वे खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का गुज़ारा कर रहे है।

     

     

  • 435 करोड़ के 2 प्रोजेक्टों के उद्घाटन को लेकर PGI निदेशक का आया बयान, देखें वीडियो

    435 करोड़ के 2 प्रोजेक्टों के उद्घाटन को लेकर PGI निदेशक का आया बयान, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को चंडीगढ़ के पीजीआई में ₹435 करोड़ की लागत से तैयार एडवांस मदर एंड चाइल्ड सेंटर और एडवांस न्यूरोसाइंस सेंटर का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पीजीआई प्रशासन और इंजीनियरिंग विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों के लिए इंजीनियरिंग विभाग ने ₹2,02,31,318 का टेंडर जारी किया है। पीजीआई चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर सहित पूरे उत्तर भारत से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। नए मदर एंड चाइल्ड सेंटर और एडवांस न्यूरोसाइंस सेंटर के शुरू होने से मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। फिलहाल इन सेंटरों में ओपीडी सेवाएं संचालित हो रही हैं।

    नया मदर एंड चाइल्ड सेंटर शुरू होने से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों को एक ही परिसर में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। अभी तक इन सेवाओं के लिए मरीजों और उनके परिजनों को अलग-अलग ब्लॉकों में जाना पड़ता था। सेंटर में गंभीर मरीजों के लिए अत्याधुनिक आईसीयू, वेंटिलेटर और अन्य आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वहीं एडवांस न्यूरोसाइंस सेंटर शुरू होने से स्ट्रोक, मिर्गी, ब्रेन ट्यूमर और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी जटिल बीमारियों के इलाज और रिसर्च को भी नई गति मिलेगी।

    इस अवसर पर पीजीआई की उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री भी प्रधानमंत्री को दिखाई जाएगी। वहीं इस मामले को लेकर पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रोफेसर विवेक लाल ने आज पीजीआई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी चंडीगढ़ यात्रा से जुड़ी अहम जानकारी दी। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कैरों ब्लॉक स्थित बोर्ड रूम में आयोजित की गई। इस दौरान प्रोफेसर विवेक लाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को पीजीआईएमईआर पहुंचकर स्वास्थ्य क्षेत्र की दो बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर तथा एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर का उद्घाटन शामिल है।

    इसके अलावा प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत बनने वाले 150 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास भी करेंगे। निदेशक प्रोफेसर विवेक लाल ने कहा कि यह अवसर पीजीआईएमईआर के लिए ऐतिहासिक होगा, क्योंकि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और संस्थान की स्वास्थ्य सेवा क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार होगा। उन्होंने संस्थान की तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर भी विस्तार से जानकारी साझा की। इस अवसर पर पीजीआईएमईआर के जनसंपर्क कार्यालय की ओर से मीडियाकर्मियों का आभार व्यक्त किया गया और आगामी कार्यक्रम की व्यापक कवरेज की अपेक्षा जताई गई।

  • Punjab News: SGPC प्रधान धामी के खिलाफ सिख जत्थेबंदियों ने किया प्रदर्शन, फूंका पुतला, देखें वीडियो

    Punjab News: SGPC प्रधान धामी के खिलाफ सिख जत्थेबंदियों ने किया प्रदर्शन, फूंका पुतला, देखें वीडियो

    अमृतसरः गोल्डन गेट पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी जत्था सिरहाला तथा अन्य सिख जत्थेबंदियों ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने धामी का पुतला फूंककर नारेबाजी की और एसजीपीसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

    प्रदर्शन के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी के नेता बलबीर सिंह मुच्छल ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरुपों को कथित तौर पर कंटेनर के माध्यम से कनाडा भेजा गया, जो सिख मर्यादा के विपरीत है। उनका कहना था कि ऐसे मामले में पहले श्री अकाल तख्त साहिब से अनुमति लेना अनिवार्य होता है और पूरी मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि एसजीपीसी ने पहले भी कई मामलों में पारदर्शिता नहीं दिखाई है।

    उन्होंने सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मांग की कि इस मामले की तह तक जांच की जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मौके पर सिख जत्थेबंदियों ने ऐलान किया कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में पंजाब भर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे और प्रशासन को मांगपत्र भी सौंपा जाएगा।

     

  • लोगों का Diet Coach बन रहा Chatgpt, आप भी कर रहे हैं इस्तेमाल तो बरतें सावधानी

    लोगों का Diet Coach बन रहा Chatgpt, आप भी कर रहे हैं इस्तेमाल तो बरतें सावधानी

    सेहत: एआई टूल्स अब सिर्फ फैक्ट्रियों और ऑफिस तक ही नहीं रहे हैं। अब इनका इस्तेमाल किचन में भी हो रहा है। खाने की रेसिपी के साथ-साथ वजन कम करने के लिए यह पर्सनलाइज्ड मील का भी प्लान बना रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग चैटजीपीटी जैसे एआई चैटबॉट्स का डाइट कोच के तौर पर ट्रीट कर रहे हैं। उनसे अपने लिए मील प्लान बनवा रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी ऐसा कुछ करने की सोच रहे हैं तो थोड़ा संभल जाएं। थेरेपिस्ट का कहना है कि इससे चुनौतियां बढ़ जाएगी। यह फायदे की जगह आफत बन सकता है।

    एआई बनेगा लोगों का डाइटिशियन

    रिपोर्ट्स के अनुसार, एआई चैटबॉट्स पर कई लोग अपनी तस्वीरें शेयर करके वजन कम करने और मसल्स गेन करने की टिप्स मांग रहे हैं। इसी तरह से कुछ लोग अपने खाने की फोटो शेयर करके उसका हेल्दी ऑप्शन पूछते हैं। ऐसी कई रिक्वेस्ट्स के जवाब में ये चैटबॉट लोगों को कार्बोहाइड्रेट कम करने, फास्ट रखने और बहुत ही कम कैलोरी वाला खाना की सलाह दे रहे हैं। मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसी सामान्य सलाह खतरनाक हो सकती है। इससे लोगों को अनहेल्दी आदतें लगती है। एआई को यूजर की मेडिकल हिस्ट्री और मेंटल हेल्थ कंडीशन की जानकारी नहीं होती है। इसका कारण यह भी खाने से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को और मुश्किलों में डाल सकती है।

    इटिंग डिसऑर्डर बना मुश्किल

    रिपोर्ट में यह बताया गया है कि भले ही लोग एआई चैटबॉट्स को एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि परंतु यह जरुरी है कि चीजों में अंतर नहीं कर पाता। किसी एआई चैटबॉट के लिए फिटनेस रुटीन फॉलो करने वाले इटिंग डिसऑर्डर से जूझ रहे लोगों में अंतर कर पाना बहुत मुश्किल है।

    रिकवरी के लिए रहें एआई पर निर्भर

    एआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए थेरेपिस्ट का कहना है कि लोगों को एक जरुरी चीज याद रखनी चाहिए। एआई चेटबॉट आपके कई सवालों का जवाब दे सकता है परंतु यह जटिल इमोशन, मेडिकल हिस्ट्री और ईटिंग डिसऑर्डर के पीछे के स्ट्रगल को नहीं समझ सकता है इसलिए इटिंग डिसऑर्डर से जूझ रहे लोगों के लिए इंसानी केयर और एक्सपर्ट्स ट्रीटमेंट जरुरी है। सिर्फ एआई के सहारे रिकवरी नहीं हो सकती है। यह फायदे से ज्यादा नुकसान का कारण भी बन सकती है।  
  • Punjab News: दुकानदार से बल्ब मांगने के बहाने नगदी और पत्नी की अंगूठी लेकर बाइक सवार फरार, देखें वीडियो

    Punjab News: दुकानदार से बल्ब मांगने के बहाने नगदी और पत्नी की अंगूठी लेकर बाइक सवार फरार, देखें वीडियो

    फगवाड़ाः शहर में चोरी और लूटपाट की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला हदियाबाद स्थित गंडवा रोड में बदमाशों ने एक दुकानदार और उसकी पत्नी को निशाना बनाकर नकदी और सोने की अंगूठी लूट ली। पीड़ित दुकानदार राजिंद्र कपूर ने बताया कि वह अपनी दुकान पर बैठे हुए थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार 2 युवक उनकी दुकान पर पहुंचे और बिजली के बल्ब मांगे।

    कुछ ही देर बाद एक कार में सवार तीन अन्य व्यक्ति भी वहां आ गए और उन्होंने बिजली का सामान दिखाने के लिए कहा। राजिंद्र कपूर के अनुसार मोटरसाइकिल और कार में आए सभी लोग आपस में बातचीत करने लगे। जब उन्होंने देखा कि दुकान के आसपास कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं है तो उन्होंने अचानक दुकानदार को धमकाते हुए कहा कि जितने भी पैसे हैं उन्हें तुरंत उनके हवाले कर दो। डर के कारण राजिंद्र कपूर ने अपने पास रखे करीब 2,000 रुपए उन्हें दे दिए। इसके बाद बदमाशों की नजर दुकानदार की पत्नी रजनी कपूर के हाथ में पहनी सोने की अंगूठी पर पड़ी।

    आरोपियों ने धमकाकर उनसे अंगूठी भी उतरवा ली और नकदी व जेवर लेकर मौके से फरार हो गए। घटना के दौरान आरोपी आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए हैं। पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ितों के बयान दर्ज कर लिए हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने शहर में लगातार बढ़ रही लूट और चोरी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

  • Jalandhar News: विवादित मामले में Singer Ritu Nooran ने कुल्ले वाली सरकार से मांगी माफी, देखें वीडियो

    Jalandhar News: विवादित मामले में Singer Ritu Nooran ने कुल्ले वाली सरकार से मांगी माफी, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: लसूड़ी मोहल्ले में रहने वाला सूफी गायक नूरां सिस्टर्स का परिवार लगातार चर्चाओं में बना रहता है। दरअसल, अब कुल्ले वाली सरकार को लेकर दिए गए बयान को लेकर रितु नूरां सुर्खियों में है। वहीं इस मामले को लेकर आखिरकार रितु नूरां बैकफुट पर आ गई और उसने फगवाड़ा में स्थित कुल्ले वाली सरकार के बाबा (सोमनाथ जी) के दरबार में जाकर उनसे माफी मांग ली है। इस दौरान दरबार में भारी संख्या में संगत और एसएसपी माधवी शर्मा सहित पुलिस फोर्स तैनात रही।

    वीडियो में देखा जा सकता है कि रितु नूरां ने कहा कि जाने-अनजाने में तो शब्द उससे कहे गए वह उसके लिए सभी फकीर फकरों से माफी मांगती है। इस दौरान मंगी खान भी रितु के साथ मौजूद रहे। इस दौरान बाबा सोमनाथ जी ने कहा कि उन्होंने कोई गलत शब्द नहीं कहे थे। वहीं मंगी खान ने कहा कि उनका काम गाने का है और वह गाना जारी रखेंगे। वहीं बाबा सोमनाथ जी ने रितु नूरां से कहा कि उसके साथ उनका कोई विवाद नहीं था। वहीं रितु नूरां ने कहा कि उनके साथ उनका भी कोई विवाद नहीं है और वह काफी समय से कलाम को लेकर मेहनत कर रहे है। रितु नूरां ने कहा कि उन्हें आपके नाम के बारे में नहीं पता था और उसने यह कहा था कि जो सुनना चाहते है वह सुन सकता है और जो नहीं सुनना चाहता वह जा सकता है और गेट खुला है।

    इस दौरान एसएसपी के सामने रितु नूरां और मंगी खान ने कुल्ले वाली सरकार के बाबा सोमनाथ जी से माफी मांगी और विवाद को खत्म करने की अपील की। वहीं बाबा सोमनाथ जी के द्वारा भी दोनों को माफ करके विवाद को खत्म किया गया। बता दें कि मामला उस समय ज्यादा बिगड़ गया जब स्थानीय लोग रितु नूरां और मंगी खान द्वारा की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताने और उनसे माफी की मांग करने अनू सिद्धू संगत सहित उनके घर पहुंची। इस दौरान अनू ने बताया कि ‘कुल्ले वाली सरकार’ के बाबा जी (सोमनाथ जी) पर रितु नूरां और मंगी खान द्वारा कथित रूप से गलत टिप्पणी की गई। विवादित बयान को लेकर लोगों और श्रद्धालुओं में भारी रोष पाया गया था। माफी ना मांगने को लेकर मामला काफी दिनों से गरमाया हुआ था, लेकिन अब माफी मांगने के बाद मामला शांत हो गया है।

     

  • Jalandhar News: पूर्व मंत्री कालिया का बयान, नहीं बननी चाहिए थी ‘Satluj’ Movie, देखें वीडियो

    Jalandhar News: पूर्व मंत्री कालिया का बयान, नहीं बननी चाहिए थी ‘Satluj’ Movie, देखें वीडियो

    रेलवे स्टेशनों को मिली धमकी को लेकर कही ये बात

    जालंधर, ENS: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से पहले ई-मेल के जरिए रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री मनोरजंन कालिया ने कालिया ने कहाकि पीएम नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ और जालंधर रेलवे स्टेशन का उद्धाघाटन करने के लिए 17 जुलाई को कर रहे है। लेकिन दोनों रेलवे स्टेशन को लेकर ई-मेल के जरिए धमकी मिली है कि वह दोनों रेलवे स्टेशन को बम से उड़ा देंगे, जोकि निंदनीय घटना है। उन्होंने कहा कि पंजाब आज अमन शांति की राह पर मजबूती से चल रहा है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा फिर से अशांति फैलाने का काम किया जा रहा है। पंजाब में पंजाबी विरसा और आपसी भाईचारा इसे कभी बर्दाश नहीं करेंगा। काले दौर के समय भी पंजाबियों ने कुर्बानियां दी थी, ऐसे में उस दौर से फिर पंजाबियों को सबक लेना चाहिए। क्योंकि उस समय जो काला दौर आया था, वह अब दोबारा ना आ सके और इस पर पहरा देने की जरूरत है। पंजाबी भाईचारे को एकत्रित को मुकाबला करने की जरूरत है। वहीं धमकी भरे ई-मेल को लेकर कहा कि डिप्टी कमिशनर और पुलिस कमिशनर घटना का जायजा ले रहे है। सतलुज फिल्म को लेकर कालिया ने कहाकि पिक्चर के जरिए जख्मों को खुरेदने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी इंसाफ दिया है। इस घटना को अंजाम देने वाले आज कैद काट रहे है। ऐसे में आज उन जख्मों को नहीं खुरेदना चाहिए और ना यह देखना चाहिए कि उस समय कौन गलत था और कौन सही था। उस समय से हमें सिर्फ सबक लेने की जरूरत है कि हम उस घटनाओं, कारण को ना दोहराए और पंजाब में अमन शांति भाईचारे को मजबूत करें। इस घटना को लेकर 30 साल हो गए है और तीन जनरेशन आ चुकी है और आज की युवा पीढ़ी को इतिहास के बारे में नहीं पता है। एक फिल्म पूरा इतिहास नहीं दिखा सकती। कालिया ने कहा कि वह चाहते थे कि फिल्म बननी नहीं चाहिए थी।