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Nepotism को लेकर भड़के Imitiaz Ali, Alia-Ranbir का लिया Stand, बोले – उन्हें भी करनी पड़ती है मेहनत
मनोरंजन: बॉलीवुड इंडस्ट्री में अक्सर नेपोटिज्म पर तीखी बहस छिड़ी रहती है। स्टार किड्स को आमतौर पर लोगों की नफरत का सामना करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर जो बाहर से आया एक्टर या एक्ट्रेस है उसे लोगों की सहानुभूति मिलती है। अब लोग ऐसा क्यों नहीं करते हैं। ये तो फिलहाल वही जाने मगर इस बीच डायरेक्टर इम्तियाज अली ने नेपोटिज्म पर एक बयान दे डाला है। इसको सुनकर स्टार किड्स से नफरत करने वालों को झटका लग सकता है। इम्तियाज अली ने अपने हालिया इंटरव्यू में कहा है कि बॉलीवुड में नेपो किड्स को बाहर से आने वाले कलाकारों के मुकाबले ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। उनके अनुसार, उन एक्टर्स पर अपनी लिगेसी को आगे बढ़ाने का बोझ रहता है। उनके जैसे आउटसाइडर्स के ऊपर कोई दबाव नहीं रहता है। -

Jalandhar News: पैदल जा रही महिलाओं को THAR ने मारी टक्कर, एक की मौत, दो गंभीर घायल, देखें वीडियो
जालंधरः जिले के नूर महल कस्बे से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जहां, 30 मई की रात को पैदल जा रही तीन महिलाओं को एक थार चालक ने जोरदार टक्कर मार दी। जिसकी CCTV सामने आई है। जिसमें देखा रहा है कि एक थार गाड़ी तेज़ रफ़्तार से आ रही थी और उसके ड्राइवर ने तीन महिलाओं को टक्कर देती है। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि एक महिला की मौत हो गई।
वह सात महीने की गर्भवती भी थी। टक्कर के बाद थार चालक मौके से भाग गया। जब परिवार वालों को इस हादसे के बारे में पता चला, तो उन्होंने महिलाओं को आनन-फानन में अस्पताल में इलाज के लिये भर्ती कराया। जहां एक महिला की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल बताई जा रही है।
मृतक महिला की का सात साल का बच्चा है जो 14 साल बाद हुआ था। उसके पति ने बताया कि वह दिल के मरीज़ हैं और उनकी पत्नी ही उनका एकमात्र सहारा थीं। डॉक्टरों ने उन्हें काम करने से मना कर रखा था और उनकी पत्नी सिलाई-बुनाई करके घर चलाती थीं।
परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ़्तार तो किया और ज़मानत भी मिल गई, लेकिन पुलिस उस व्यक्ति के ख़िलाफ़ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। परिवार वालों ने कहा कि आरोपी के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई होनी चाहिए और हमें न्याय मिलना चाहिए ताकि हमारे जख्म भर सकें।
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पंजाब के मजदूरों के लिए राहत भरी खबर, मुफ्त पंजीकरण से मिलेंगी कई सरकारी सुविधाएं
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पूरे पंजाब में 10 लाख निर्माण मजदूरों के मुफ्त पंजीकरण और पुराने पंजीकरण को नवीनीकृत करने के लिए बड़ी मुहिम का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों और शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर कल्याण योजनाओं का लाभ सीधे मजदूरों तक पहुंचाया जाए। पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हर निर्माण मजदूर को सामाजिक सुरक्षा लाभ, कल्याण सहायता और कौशल विकास के अवसर प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन निर्माण मजदूरों के पंजीकरण, वित्तीय सहायता और कल्याण योजनाओं के माध्यम से उनकी भलाई, सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आवश्यक धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद लंबे प्रोसेसिंग समय के कारण मजदूरों के लिए कल्याण योजनाएं आवश्यक सफलता हासिल नहीं कर सकीं।”

कल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस समय बी.ओ.सी.डब्ल्यू. वेलफेयर बोर्ड के पास 2.21 लाख मजदूर पंजीकृत हैं, जो पंजाब भर में चल रही बड़े पैमाने की निर्माण गतिविधियों और शहरीकरण को देखते हुए काफी कम है। पंजीकरण में सुधार के लिए राज्य भर में और पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे।”
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पंजाब सरकार इस विशेष मुहिम के दौरान मजदूरों पर पंजीकरण शुल्क का बोझ खत्म करेगी ताकि अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह देखा गया है कि मजदूर अक्सर पंजीकरण कराने में हिचकते हैं क्योंकि उन्हें पंजीकरण शुल्क के रूप में 145 रुपये जमा कराने होते हैं। पंजीकरण कराने और नवीनीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए इस विशाल पंजीकरण मुहिम के दौरान आवेदकों को यह शुल्क जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इस मुहिम के दौरान लगभग 10 लाख मजदूरों को पंजीकृत किया जाएगा और पंजाब सरकार इसके लगभग 15 करोड़ रुपये के वित्तीय खर्च को खुद सहन करेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार पंजीकरण के बाद भी मजदूरों की मदद करना जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार उन सभी मजदूरों का पंजीकरण शुल्क का खर्च उठाएगी, जो एक साल के अंदर किसी भी लाभ का फायदा नहीं उठाते। श्रम विभाग को गांवों में शाम के समय विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं क्योंकि मजदूर उस समय काम से लौटते हैं और इससे अधिक से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को लेबर चौकों पर मजदूरों के लिए उपलब्ध सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा, “लेबर चौकों पर शेड बनाए जाने चाहिए और पीने के पानी की सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए ताकि मजदूरों को काम की प्रतीक्षा करते समय किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने आवेदनों के निपटान में होने वाली देरी को कम करके कल्याण योजनाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए पहले ही महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वित्तीय वर्ष 2022-23 में मजदूरों के लिए कल्याण योजनाओं का प्रोसेसिंग समय 203 दिन था। पंजाब सरकार ने अब इसे घटाकर 73 दिन कर दिया है। लंबा प्रोसेसिंग समय मजदूरों के लिए कल्याण योजनाओं का लाभ लेने में बड़ी बाधा थी, इसलिए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।”
कौशल विकास के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बोर्ड को 50,000 पंजीकृत निर्माण मजदूरों का विवरण ‘पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन’ के साथ साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “बोर्ड को कौशल प्रशिक्षण के लिए 50,000 पंजीकृत निर्माण मजदूरों का डेटा पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन को उपलब्ध कराना चाहिए। यह प्रशिक्षण केवल निर्माण स्थलों, पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन के प्रशिक्षण केंद्रों और बी.ओ.सी.डब्ल्यू. वेलफेयर बोर्ड द्वारा लगाए गए शिविरों में ही दी जानी चाहिए।”
मजदूरों को ऐसे विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, जो उनके कौशल और कमाई की क्षमता को बढ़ा सकें। उन्होंने कहा, “राजगीरी (मेसनरी), बार बेंडिंग एंड फिक्सिंग, शटरिंग कारपेंटरी, स्कैफोल्डिंग (पैड़ बांधना), क्वालिटी एशोरेंस, कंस्ट्रक्शन पेंटिंग, कंस्ट्रक्शन इलेक्ट्रिकल वर्क्स, सर्वेक्षण, सड़कों और रनवे का निर्माण, आंतरिक और बाहरी फिनिशिंग, फैब्रिकेशन, ड्राफ्टिंग, शटरिंग कारपेंटरी और अन्य संबंधित क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए कि महिला मजदूरों को पंजाब सरकार की प्रमुख कल्याण योजनाओं का लाभ मिले। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बोर्ड को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिला मजदूरों को ‘मांवा-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता भी मिले।”
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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Bigg Boss 10 Tamil का प्रोमो हुआ Release, आम आदमी की हो सकती है Entry
मनोरंजन: कई हफ्तों की अटकलों के बाद 1 जून 2026 को बिग बॉस तमिल सीजन-10 का पहला प्रोमो रिलीज हो चुका है। इसमें होस्ट विजय सेतुपति नजर आए है। इस प्रोमो में एक नया कॉन्सेप्ट कॉमन मैन पेश किया गया है। इसके अंतर्गत आम लोगों को तमिल टीवी के सबसे बड़े रिएलिटी शो में हिस्सा है। कई हफ्तों की अटकलों के बाद 1 जून 2026 को बिग बॉस तमिल सीजन-10 का पहला प्रोमो रिलीज हो चुका है। इसमें होस्ट विजय सेतुपति नजर आए। इस प्रोमो में एक नया कॉन्सेप्ट कॉमन मैन पेश किया गया है। इसके अंतर्गत आम लोगों को तमिल टीवी के सबसे बड़े रिएलिटी शो में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। इसका मतलब है कि आने वाला सीजन पुराने फॉर्मेट से अलग होगा क्योंकि पहले के सीजन में ज्यादातर सेलिब्रिटीज ही दिखे हैं। नए प्रोमो में विजय सेतुपति अपने खास अंदाज में एंट्री लेते दिखते हैं और बताते हैं कि इस बार दर्शकों के लिए कुछ अलग होगा। प्रोमो इस बात पर फोकस्ड था कि आम लोगों को बिग बॉस हाउस में जाकर अपनी असल शख्सियत दिखाने का मौका मिलेगा।बिग बॉस प्रोमो
बिग बॉस तमिल सीजन 10 का प्रोमो सामने आते ही दर्शक। ये देखने के लिए बेकरार है कि कॉमन मैन टैग पर बनाया गया है शो कैसा होना वाला है। सोशल मीडिया पर लोग चर्चा करने लगे हैं कि किस तरह के लोग शो में जाएंगे और किस तरह की कहानी दिखेगी। कुछ दर्शक चाहते हैं कि इसमें साधारण परिवारों के सदस्य हिस्सा लें तो कुछ लोग ऐसे हैं जो समाज में बदलाव लाने वाले लोगों को देखना चाहेंगे।शो का 9वां सीजन
इस शो का 9वां सीजन टेलीविजन एक्ट्रेस दिव्या गणेशन ने जीता था। शो का विनर बनने के लिए उन्हें ट्रॉफी के साथ 50 लाख रुपये का पुरस्कार मिला था। दूसरे और रनर-अप विक्रम और ऑरोरो सिंक्लेयर रहे जबकि गाना विनोथ 18 लाख रुपये कैश से भरा बैग लाकर बाहर निकाल गए थे। काम की बात करें तो सेतुपति आखिरी बार जनवरी 2026 में रिलीज फिल्म गांधी टॉक्स में नजर आए थे। इस साइलेंट फिल्म में अदिति रॉव हैदरी और अरविंद स्वामी ने भी मुख्य भूमिका निभाई थी। -

Jalandhar News: 5 लाख में बच्चा बेचने के मामले में आया नया मोड़, व्यक्ति ने किया खुलासा, देखें वीडियो
जालंधर, ENS: जिले में व्यक्ति पर तलाकशुदा पत्नी का 16 दिन का बच्चा 5 लाख में बेचने के आरोप लगे थे। महिला ने आरोप लगाए थे कि उसके बच्चे को व्यक्ति ने 5 लाख रुपए में अमृतसर की किसी महिला को बेच दिया। वहीं इस मामले को लेकर व्यक्ति शिवा मीडिया के सामने आया। शिवा ने बताया कि उसे भी आज सुबह ही घटना के बारे में पता चला कि उसने 5 लाख में बच्चा बेच दिया, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। शिवा ने कहाकि पीड़ित महिला शिवानी उसकी पहली पत्नी है और उसकी 2014 में शादी हुई थी। शिवा ने कहा कि पत्नी के साथ उसकी अनबन हो गई थी। व्यक्ति ने कहाकि पत्नी के पास बच्चा बेचने का कोई सबूत नहीं है।
शिवा ने कहाकि दोनों पति-पत्नी में अनबन हो गई और वह दोनों अलग रहने लग गए।दोनों के 12 साल का बेटा और 8 साल की लड़की है। आरोप है कि बिना तालाक के पत्नी किसी अन्य व्यक्ति के साथ रह रही है। ऐसे में उस पर इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। शिवा के अनुसार 2021 में पत्नी छोड़कर चली गई, लेकिन उसका तालाक नहीं हुआ है। जिसके बाद जोगा मलविंदर नामक व्यक्ति के साथ पत्नी रहने लग गई और वह भी उनके रिश्तेदारी में है। शिवा ने कहाकि बच्चे को सिविल अस्पताल से छुट्टी करवाकर पत्नी खुद घर लेकर गई। हालांकि घटना के दौरान वह खुद बच्चे को पत्नी के घर छोड़कर आया। शिवा ने कहाकि पत्नी ने खुद बच्चे को बेचा है और उसके बाद पत्नी के पैसे गिनते के सबूत भी मौजूद है।
पीड़ित के अनुसार बच्चा बेचे जाने में उसके परिवार का कोई हाथ नहीं है। शिवा ने कहा कि बच्चे के पैदा होने के बाद उसकी माता के खाते में 23 तारीख को पैसे ट्रांसफर हुए थे और उसकी जांच के दौरान सच सामने आ जाएगा। शिवा ने कहा कि उसने दूसरी शादी करवाई है और 3 साल का बच्चा हुआ है जिसका पालन-पोषण वह कर रहा है वहीं पहली शादी के दोनों बच्चों का भी वह खुद ही पालन-पोषण कर रहा है। शिवा का आरोप है कि बच्चा किसी ओर का है और वह उसे अपने घर में नहीं रखना चाहता। आरोप है कि पत्नी कुछ समय पहले घर पर आई और उसे कहाकि पति जोगा उसके साथ मारपीट करता है। ऐसे में वह गर्भवती है और उसे बच्चे की जान को खतरा है। शिवा ने कहा कि जिसके बाद माता ने उसे घर में जगह दी और बच्चे की डिलीवरी करवाई। आरोप है कि महिला ने कहा कि वह बच्चे को जन्म देकर किसी को दान कर देगी। शिवा ने कहाकि उसके बाद पैसे बेचने और पैसे गिनने के सारे सबूत है। आरोप है कि महिला की नूरपूर में दीपू नामक परिवार के साथ एक लाख रुपए में डील हुई थी और एक से दो हजार रुपए एडवांस लिए थे। शिवा ने कहाकि अगर वह खुद गलत है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन अगर शिवानी गलत है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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प्रशासन के इतने परिश्रम के बाद भी लचर न्याय प्रणाली के कारण नहीं मिला प्राची राणा बेटी को इंसाफ
ऊना सुशील पंडित : आज भारत की न्याय व्यवस्था इतनी लाचार हो गई है कि भारत की बच्चियां इस्लामिक जिहादियों का शिकार हो रही है और लचर न्याय व्यवस्था के कारण बच्चियों को न्याय नहीं मिल रहा। आज ऊना में अखिल भारतीय संत परिषद के हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के प्रभारी तथा महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज जी के परम शिष्य यति सत्यदेवानंद सरस्वती महाराज जी ने प्रेस वार्ता करके अपनी आपति दर्ज करवाई है। उन्होंने कहा कि ऊना के अंब तहसील में 5 अप्रैल 2022 में एक बहु चर्चित नाबालिक 10वीं की छात्रा हिंदू बच्ची की एक मुस्लिम युवक द्वारा हिंदुओं की नवरात्रि और मुस्लिम के रमजान के दिन में दुराचार की कोशिश के बाद कामयाब न होने के कारण कलमा पढ़ कर बच्ची को जिव्हा (हलाल) कर दिया था। जिस केस को पुलिस प्रशासन ने परिश्रम करके सुलझाया था। उस मुस्लिम युवक को दोषी करार दिया गया था। परन्तु देश की लचर न्याय व्यवस्था के कारण दोष साबित होने के बाद भी बच्ची को न्याय नहीं मिला। यह देश और समाज के लिए बहुत बड़ा खतरा है। इससे इन इस्लामिक जिहादियों तथा गलत करने बालों के मन से भय समाप्त होगा और यहां गुनाह और बढ़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि वैसे अगर धर्म की बात करें तो धर्म की यही कहता है कि स्वार्थी समाज की बच्चियों का यही भविष्य है कि जिहादियों के हाथों बर्बाद हो और न्याय भी न मिले। उन्होंने समाज से भी कहा कि अपने पुरुषार्थ को जगाये और बच्चियों के न्याय की आस भारत न्यायपालिका के भरोसे मत बैठे बच्चियां आपकी है और इनका बदला लेने की जिम्मेदारी भी आपकी है। इस वक्त उनके साथ ब्रह्मचारी श्याम चेतन जी उपस्थित रहे। -

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग कारणों से पहले अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति के मामलों पर पुनर्विचार करने को मंजूरी दी। एकमुश्त विशेष उपाय के रूप में सबसे वाजिब अस्वीकृत मामलों की दोबारा जांच की जाएगी तथा आवश्यक छूट प्रदान की जाएगी।
मंत्रिमंडल ने सरकारी भूमि पर कुछ अतिक्रमणों के लिए नियमितीकरण नीति-2026 ( पॉलिसी फॉर रेगुलराईजेशन ऑफ सर्टेन एनक्रोचमेंट ऑन गर्वंमेंट लैंड-2026) को मंजूरी दी। यह नीति उन भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों के मानवीय सरोकार को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जो आवासीय, कृषि एवं बागवानी उद्देश्यों के लिए सरकारी भूमि पर कब्जे में हैं। यह नीति सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है तथा इसे मंजूरी के लिए भारत सरकार को भेजा गया है।
मंत्रिमंडल ने उन किसानों के लिए कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया, जिनकी भूमि नीलामी के खतरे में है। इसके तहत राज्य सरकार पात्र किसानों के 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज देनदारी का 50 प्रतिशत वहन करेगी। इससे प्रदेश के 6,356 किसानों को लाभ मिलेगा। मंत्रिमंडल ने भर्ती निदेशालय के अंतर्गत वर्क इंस्पेक्टर के 400 पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की।

बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 300 तथा चतुर्थ श्रेणी/मल्टी टास्क वर्करों के 250 पद भरने की स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 200 स्टाफ नर्सों की भर्ती को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 162 पद भरने का निर्णय लिया, जिनमें 76 ऑपरेशन थिएटर सहायक, 36 रेडियोग्राफर तथा 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-2 के पद शामिल हैं।
राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न विभागों के 75 सहायक प्रोफेसरों के पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई। मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के कार्डियोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के दो और वरिष्ठ रेजिडेंट के दो पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के छः नामित प्रोफेसरों को पात्रता प्राप्त करने के लिए आवश्यक अवधि से 6 से 20 दिन कम होने के कारण एकमुश्त विशेष छूट देने का निर्णय लिया।
कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल देहरा में विभिन्न श्रेणियों के 12 पद तथा ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय देहरा में 3 पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में विभिन्न विभागों में सहायक प्रोफेसरों के 17 पद भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का निर्णय लिया। जिन कर्मचारियों ने पहले अध्ययन अवकाश लिया था, उन्हें भी बकाया वेतन राशि का भुगतान किया जाएगा। 31 मार्च, 2026 तक लगातार सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाने को मंजूरी दी गई। जॉब ट्रेनीज़ को 15 दिन का पितृत्व अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया गया। हमीरपुर जिले के नेरी स्थित बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय में विभिन्न श्रेणियों के तीन पद सृजित कर भरने की मंजूरी दी गई।

मण्डलायुक्त कार्यालय मंडी में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के दो पद सृजित करने का निर्णय भी लिया गया। होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में एक जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित एक मल्टी टास्क वर्कर का पद भरा जाएगा। कांगड़ा जिले के बैजनाथ और बीड़ उप-मंडलों के पुनर्गठन के माध्यम से चढ़ि़यार में लोक निर्माण विभाग का नया उप-मंडल स्थापित किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के तीन पद भरने का निर्णय लिया। पूर्ववर्ती हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा जारी 80 पोस्ट कोडों के विज्ञापन वापस लेने तथा संबंधित अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क वापस करने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का चौथा चरण आरम्भ करने की मंजूरी दी। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत तथा डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं मजबूत होंगी।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम, 1989 में संशोधन को मंजूरी दी ताकि चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण, निर्माण, भंडारण और परिवहन को विनियमित किया जा सके। शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्रों के 15 अग्नि प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रति परिवार 7 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। कुल 84.70 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जाएगी।
बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो विभिन्न विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को केन्द्रीकृत एवं सुव्यवस्थित करने पर विचार करेगी। मंत्रिमंडल ने घरेलू उपयोग के लिए खनिज परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों की कम्पाउंडिंग फीस 4,500 रुपये से घटाकर 500 रुपये करने को मंजूरी दी। इससे ट्रैक्टर संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी और अनावश्यक दंड से बचाव होगा।
मंत्रिमंडल ने ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत वन विभाग और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेंगे। इससे पशुपालकों को रियल-टाइम परमिट उपलब्ध होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बैठक में हिम केयर योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा कवरेज को बीमा मॉडल के अंतर्गत संचालित करने का निर्णय लिया गया। संशोधित व्यवस्था के अनुसार पात्र लाभार्थियों को अब 5 लाख रुपये के स्थान पर 7 लाख रुपये तथा 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति को भी मंजूरी दी। इस नीति का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्ट-अप के उभरते केंद्रों के रूप मे विकसित करना है। इस नीति के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026 से 2028 तक 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बैठक में कांगड़ा जिला के पटोला में 132/33 केवी सब-स्टेशन तथा कंगैहण में 220 केवी स्विचिंग सब-स्टेशन के निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश पावर ट्रासमिशन कॉर्पाेरेशन लिमिटिड के पक्ष में 40 वर्षों की पट्टा (लीज) प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के नागरिक अस्पताल सरकाघाट की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 150 बिस्तर करने तथा इसके लिए आवश्यक पदों को सृजित कर भरने को स्वीकृति दी।
बैठक में नागरिक अस्पताल बद्दी को 200 बिस्तरों वाले अस्पताल में स्तरोन्नत करने तथा सोलन जिला के मानपुरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने तथा इसके संचालन के लिए आवश्यक पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिला के मझेली में प्राथमिक स्वास्थ्य उप-केंद्र खोलने तथा इसके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों का सृजन कर भरने को स्वीकृति दी।
बैठक में सोलन जिला के राज्य स्तरीय शूलिनी मेले को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा प्रदान करने तथा चंबा जिला के छतराड़ी स्थित मां शिव शक्ति जातर मेले तथा कांगड़ा जिला के इंदौरा स्थित शिवरात्री मेले काठगढ़ को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा देने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के मेले नेरटी रैत, सोलन जिला के अर्की तहसील के बाड़ीधार मेले सरयांज, चंबा जिला के छिंज मेले गरनोटा तथा मंडी जिला के करसोग तहसील के नाहवीधार मेले को जिला स्तरीय मेले का दर्जा देने को मंजूरी दी।
बैठक में शिमला जिले के जुब्बल स्थित ठाकुर रामलाल कन्या खेल छात्रावास को ठाकुर रामलाल राजकीय बालिका खेल विद्यालय, जुब्बल में स्तरोन्नत करने तथा विभिन्न श्रेणियों के 23 पद सृजित कर भरने को स्वीकृति दी गई। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री सहारा योजना का सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंजूरी दी। शिक्षा सचिव ने मंत्रिमंडल केे समक्ष सीबीएसई विद्यालयों से संबंधित एक प्रस्तुति भी दी।
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शिशु मृत्यु दर में हरियाणा राष्ट्रीय औसत के बराबर, पंजाब से अधिक तेज सुधार दर्ज
चंडीगढ़: सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) रिपोर्ट 2024 के अनुसार, हरियाणा ने बाल स्वास्थ्य परिणामों में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है, जिसमें राज्य की शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) घटकर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 24 मृत्यु रह गई है। यह उपलब्धि हरियाणा को राष्ट्रीय औसत के बराबर स्थापित करती है और राज्यभर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में हुए निरंतर सुधार को दर्शाती है। यह जानकारी साझा करते हुए हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि राज्य मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं में केंद्रित हस्तक्षेपों के माध्यम से प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में लगातार सुधार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का प्रदर्शन स्वास्थ्य अवसंरचना और सामुदायिक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर निवेश की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करता है।
नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले पांच वर्षों में हरियाणा की शिशु मृत्यु दर 28 से घटकर 24 हो गई है, जो लगभग 14 प्रतिशत की कमी को दर्शाती है। इसी अवधि में पंजाब की शिशु मृत्यु दर 18 से घटकर 16 हुई है, जो लगभग 11 प्रतिशत सुधार है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि अधिक और सघन आबादी को सेवाएं प्रदान करने से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद हरियाणा ने कमी की अधिक तेज गति हासिल की है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा अब शिशु मृत्यु दर के मामले में राष्ट्रीय औसत तक पहुंच गया है और शिशु मृत्यु में कमी लाने की दिशा में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि यद्यपि अक्सर छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ तुलना की जाती है, फिर भी राज्य के आकार, जनसंख्या घनत्व और स्वास्थ्य सेवा वितरण से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए हरियाणा की उपलब्धियां महत्वपूर्ण हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा का प्रदर्शन कई बड़े राज्यों की तुलना में अनुकूल है, जहां शिशु मृत्यु दर अभी भी काफी अधिक है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में शिशु मृत्यु दर लगभग 35 है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह दर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर लगभग 36 है। इस सुधार का श्रेय हरियाणा सरकार द्वारा नवजात एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए अनेक कदमों को दिया गया है। इनमें स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट्स (एसएनसीयू), न्यूबॉर्न स्टेबिलाइजेशन यूनिट्स (एनबीएसयू), न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर्स (एनआरसी), न्यूबॉर्न बेबी केयर कॉर्नर्स (एनबीसीसी), कंगारू मदर केयर (केएमसी) सुविधाएं, हाइब्रिड एचडीयू-आईसीयू यूनिट्स, कॉम्प्रिहेंसिव लैक्टेशन मैनेजमेंट सेंटर्स (सीएलएमसी), लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट्स (एलएमयू), जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम तथा होम-बेस्ड न्यूबॉर्न केयर सेवाओं का विस्तार शामिल है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि संस्थागत प्रसव में सुधार, बेहतर नवजात देखभाल और सुदृढ़ स्वास्थ्य अवसंरचना के कारण राज्य में नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं में और सुधार, सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने तथा सरकारी अस्पतालों में नवजात गहन चिकित्सा सुविधाओं के उन्नयन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
प्रगति को और गति देने के लिए हरियाणा राज्यभर में अतिरिक्त एसएनसीयू, एनबीएसयू, एनआरसी और लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट्स स्थापित करने की योजना बना रहा है। मौजूदा एसएनसीयू को भी मातृ एवं नवजात देखभाल इकाइयों (एमएनसीयू) में उन्नत किया जा रहा है, ताकि माताओं और नवजात शिशुओं को एक ही छत के नीचे एकीकृत देखभाल प्रदान की जा सके। हालांकि कुछ ग्रामीण क्षेत्रों और पूर्वी हरियाणा के कुछ हिस्सों में शिशु मृत्यु दर अब भी चुनौती बनी हुई है, डॉ. मिश्रा ने कहा कि राज्य की दीर्घकालिक प्रगति की दिशा उत्साहजनक बनी हुई है।
पिछले एक दशक में हरियाणा ने अपनी शिशु मृत्यु दर को प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 41 से घटाकर 24 कर लिया है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच में हुए निरंतर सुधार को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ करने तथा जमीनी स्तर पर केंद्रित क्रियान्वयन के माध्यम से हरियाणा आने वाले वर्षों में और बेहतर परिणाम हासिल करेगा तथा यह सुनिश्चित करेगा कि अधिक से अधिक बच्चे जीवित रहें और अपना पहला जन्मदिन मना सकें।
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अचानक कार का गेट खुलने पर हुआ हादसा, एक की मौत, देखें CCTV
फिरोजाबादः थाना उत्तर क्षेत्र के गोपाल आश्रम के पास अचानक खड़ी कार का दरवाजा अचानक खोलने के दौरान भीषण हादसा हो गया। दरअसल, नौजवान द्वारा गाड़ी का अचानक दरवाजा खोला गया और पीछे से आ रही बाइक की टक्कर हो गई। इससे सिलिंडर लेकर जा रहे बाइक सवार ससुर और दामाद सड़क गिर गए। घटना में घायल दोनों को सरकारी ट्रामा सेंटर ले जाया गया। आगरा में उपचार के दौरान ससुर की मृत्यु हो गई, जबकि उनका दामाद जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।शिकोहाबाद क्षेत्र के गांव नगला बिलौटिया, असुआ निवासी 57 वर्षीय हुकुम सिंह गुरुवार सुबह बेटी के घर आए थे। वहां से वह दामाद 30 वर्षीय प्रदीप कुमार निवासी हसनपुर, मटसेना के साथ उत्तर क्षेत्र में जलेसर रोड स्थित गैस एजेंसी पर सिलिंडर लेने आए थे। ससुर-दामाद उसे लेकर बाइक से घर लौट रहे थे। बाइक प्रदीप कुमार चला रहे थे। हुकुम सिंह सिलिंडर लेकर पीछे बैठे थे। गोपाल आश्रम के पास सड़क के किनारे खड़ी कार का दरवाजा अचानक से खुल गया। दरवाजा बाइक से टकराया। इससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे मिट्टी के ढेर में गिर गई। घटना में दोनों घायल हो गए। प्रदीप हेलमेट पहने थे। उत्तर पुलिस ने घायलों को सरकारी ट्रामा सेंटर भेजा। वहां से दोनों आगरा रेफर कर दिए गए। हुकुम सिंह की मृत्यु हो गई। बेटे प्रमोद कुमार ने बताया कि वह कारखाने में मजदूरी करते थे। इंस्पेक्टर क्राइम राकेश कुमार ने बताया कि कार को कब्जे में लिया गया है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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हरियाणा के CM Nayab Singh Saini के कुरुक्षेत्र आवास पर कांग्रेस ने इस वजह से किया प्रदर्शन, देखें वीडियो
कुरुक्षेत्र: सेक्टर-3 मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के घर घेराव को लेकर रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष भानु चिब, यूथ कांग्रेस के हरियाणा अध्यक्ष नीतीश कटारिया पर वाटर कैनन की बौछार की गई। इस दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब, हरियाणा युवा कांग्रेस अध्यक्ष नीतीश कटारिया, कुरक्षेत्र थानेसर से विधायक अशोक अरोड़ा शाहाबाद से विधायक रामकरण काला सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को डिटेन किया गया है।
आधे घंटे बाद डिटेन किए गए सभी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को छोड़ा गया है। सीएम आवास को जाने वाली सड़क पर बैठ गए थे। सभी कार्यकर्ता ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने कार्यकर्ताओं के बीच में आकर घोषणा की की सभी कार्यकर्ताओं को छोड़ा जा रहा है। रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि देश के युवाओं के साथ छल किया जा रहा है।
12 साल से बीजेपी की सरकार है और लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। कोई जवाब देने वाला नहीं है। आज हम खर्चा-पर्चा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। खर्चा-पर्चा सरकार का मतलब है खर्चा करो और पर्चा आउट कराओ। ऐसी सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हम यहां पर आए हैं। प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने 500-500 के नकली नोट भी फेंके।
कुरक्षेत्र में सीएम नायब सिंह सैनी के आवास के घेराव को लेकर माहौल उस समय खराब हो गया जब युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई नेताओं को हिरासत में लिया है।
कुरुक्षेत्र के सेक्टर-3 स्थित सीएम नायब सिंह सैनी के आवास की ओर कूच कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया है। युवा कांग्रेस NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी। मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की मांग कर रही थी। प्रदर्शन में रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिहं हुड्डा, भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु चिब और हरियाणा युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष नीतीश कटारिया समेत कई सीनियर नेता भी मौजूद रहे।
जैसे ही प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है। वाटर कैनन की तेज बौछारों के बीच प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।
कांग्रेस नेताओं ने यह आरोप लगाया है कि NEET और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है हालांकि कुछ समय के बाद हिरासत में लिए गए सासंद दीपेंद्र हुड्डा, भानु चिब, नीतीश कटारिया सहित अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि इस मुद्दे को सांसद में भी उठाया जाएगा। पानीपत में भी 12 जून को भी पेपर लीक के मुद्दे को लेकर युवा कांग्रेस की ओर से जोरदार प्रदर्शन किया जाएग जब तक खुद शिक्षा मंंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते तब तक देश भर में ऐसे ही प्रदर्शन जारी रहेगा।