ऊना: चंडीगढ़ शिमला नेशनल हाईवे 5 पर चक्की मोड़ के पास देर रात से हो रही बारिश के कारण एक बार फिर पहाड़ी से मलबा गिर रहा है, जिस कारण करीब डेढ़ घंटा तक दोनों और से ट्रैफिक बंद रहा। मलबे को हटाने के बाद प्रशासन द्वारा वन वे ट्रैफिक को शुरू किया गया है। एक समय में एक तरफ के वाहनों को ही निकाला जा रहा है। जिसके कारण वहां पर लंबा जाम लगा हुआ है। चक्की मोड को क्रॉस करने में करीब डेढ़ से 2 घंटे लग रहे हैं। कल भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई थी। NHAI की कथित लापरवाही की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है।
वर्ष 2023 में हुए भूस्खलन के बाद NHAI चक्की मोड़ के हालात सुधरने में नाकाम साबित हुआ है। मानसून की पहली बरसात में ही चक्की मोड में हालत बिगड़ गए। वहीं एसपी सोलन गौरव सिंह ने कहा, “पुलिस कर्मचारियों की तैनाती मौके पर कर दी गई है। वहीं, NHAI के कर्मचारियों को भी मौके पर जेसीबी मशीनरी के साथ तैनात रखा गया है।” बता दें कि भारी बारिश होने के कारण जहां पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ रहा है।, वहीं दूसरी तरफ सड़क के नीचे की ओर मलबा और मिट्टी आने से डंगे को भी खतरा पैदा हो गया है।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बीती देर रात से लगातार बारिश हो रही है। करीब 6 से 7 घंटे लगातार हुए बारिश के चलते सोलन के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के झाड़माजरी में भी बालद नदी ने रौद्र रूप अपना लिया। बालद नदी का जलस्तर बढ़ चुका है, जिससे आसपास के क्षेत्र में नुकसान होने का डर सताने लगा है। वहीं, दूसरी तरफ शिवालिक नगर झाड़माजरी में एसबीआई बैंक के सामने करीब 2 दर्जन घरों में 4 फीट तक पानी घुस गया है। समुचित निकासी न होने के कारण यह समस्या हर बार थोड़ी सी बरसात में आ जाती है। फिलहाल प्रशासन को इसकी सूचना दी गई है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वह नदी नालों से दूर रहे।



स्कूल की प्रिंसिपल बलबीर कौर ने अचानक मिले नोटिस पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि यह पत्र अचानक आया और हमने तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) को सूचित किया। उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन इस मुद्दे को सुलझाने के लिए विभाग के साथ चर्चा चल रही है। बलबीर कौर ने यह भी पुष्टि की कि डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन को जानकारी दे दी गई है और स्कूल को बस स्टैंड के पास शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई है, हालांकि कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
स्कूल वर्तमान में लगभग 350 छात्रों को समायोजित करने के लिए 2 शिफ्टों में संचालित होता है, जिसमें प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों वर्गों के लिए कक्षाएं चलती हैं। इस फैसले से बच्चों की पढ़ाई पर सकंट के बादल छा गए है। उन्होंने कहा कि केवल 3 स्थायी कक्षाओं के साथ, कई कक्षाएं बरामदे को परिवर्तित करके बनाई गई जगहों पर आयोजित की जाती हैं, जो स्कूल की गंभीर बुनियादी ढांचे की स्थिति को उजागर करती हैं। शिक्षकों को चिंता है कि स्कूल को उसके वर्तमान स्थान से दूर स्थानांतरित करने से आस-पास रहने वाले छात्रों पर गंभीर असर पड़ेगा, क्योंकि उनके लिए आवागमन चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
रेलवे अधिकारी सुभाष चंद्र ने विवाद की जड़ को समझाते हुए कहा कि शिक्षा विभाग ने अभी तक भूमि के लिए आवश्यक शुल्क का भुगतान करके समझौते को नवीनीकृत नहीं किया है, जो कि सही मायने में रेलवे का है। उन्होंने कहा कि इस देरी के कारण बेदखली का नोटिस जारी किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) डिंपल मदान ने आश्वासन दिया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने नोटिस मिलने के तुरंत बाद लोक शिक्षण निदेशालय (माध्यमिक) को सूचित किया। रेलवे विभाग के साथ सोमवार को एक बैठक निर्धारित है, जहां हमें समाधान मिलने की उम्मीद है। अभी, योजना समझौते को नवीनीकृत करने और स्कूल की जगह सुरक्षित करने की है।






