चंडीगढ़: हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित हरियाणा दौरे एवं जींद में आयोजित होने वाली विशाल जनसभा की तैयारियों को लेकर बुधवार को नरवाना में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में रैली की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गयी। उन्होंने कार्यक्रम को पूरी भव्यता और अनुशासन के साथ सफल बनाने का आह्वान किया।
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 17 जुलाई का दिन हरियाणा के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह केवल रेलवे के इतिहास का ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत की एक बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देशवासियों को प्रदूषण मुक्त भारत और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का संदेश देने का कार्य कर रहे हैं तथा हाइड्रोजन तकनीक भविष्य के भारत की पहचान बनेगी।
यह कार्यक्रम दोहरी ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बनेगा। एक और देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ होगा तो दूसरी ओर अमृत भारत योजना के अंतर्गत आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित जींद और नरवाना रेलवे स्टेशनों का भी लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। इससे क्षेत्र के लाखों रेल यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा तथा रेलवे संरचना को नई पहचान मिलेगी।
हरियाणा के लोग इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर बेहद उत्साहित हैं तथा नरवाना में भी प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर भारी जोश है। जींद में होने वाली यह जनसभा पूर्णतया इको फ्रेंडली होगी। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा दौरा केवल रेलवे परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश को अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात भी मिलेगी। कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर सिख गुरुओं के अद्वितीय बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को चिरस्थाई बनाने के उद्देश्य से लगभग 150 एकड़ भूमि पर एक भव्य सिख संग्रहालय विकसित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने तथा इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने का आह्वान भी किया।



गुप्ता ने कहा कि न्यूज़ीलैंड ने वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप मनुका पौधे का बाजार विकसित किया है, दक्षिण कोरिया ने जिनसेंग को एक महत्वपूर्ण आर्थिक संसाधन में परिवर्तित किया है, जबकि लैवेंडर की खेती से जम्मू-कश्मीर के लोगों के जीवन में उल्लेखनीय सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन आया है। हिमाचल प्रदेश में औषधीय जड़ी-बूटियों, सुगंधित पौधों तथा अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों का समृद्ध भंडार है। वैज्ञानिक खेती, मूल्य संवर्धन और नवाचार के माध्यम से इस भंडार का सर्वोत्तम उपयोग कर हजारों युवाओं के लिए सतत् आजीविका के अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
यदि हमारे युवा नवाचार को प्रदेश के समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों के साथ जोड़ें, तो हिमाचल प्रदेश भारत के बागवानी केन्द्र के साथ-साथ हरित उद्यमिता की राजधानी के रूप में भी उभर सकता है। शिक्षा के महत्व को इंगित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है बल्कि यह चरित्र निर्माण, नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं को समाज तथा राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए सक्षम बनाने का माध्यम है।
उन्होंने मेधावियों को देश के स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों के अनुरूप सशक्त, प्रगतिशील और नैतिक मूल्य आधारित भारत का प्रतिनिधि बताया। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियां उनकी कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और ज्ञान प्राप्त करने की अटूट जिज्ञासा का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम एवं अन्य गतिविधियों में उनकी उत्कृष्टता की भी सराहना की। वास्तविक शिक्षा केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं होती।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से नशे की बुराई के प्रति सचेत रहने का आह्वान करते हुए कहा कि मादक पदार्थों का दुरुपयोग समाज के लिए एक बड़े खतरे के रूप में उभर रहा है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अपने मित्रों और सहपाठियों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। नशामुक्त हिमाचल ही सशक्त और समृद्ध हिमाचल की आधारशिला है। इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यापीठ संस्थान द्वारा शुरू की गई ‘कलम ऑफ हिमाचल’ पहल का भी शुभारंभ किया।
इससे पूर्व आयोजनकर्ता समाचार पत्र समूह के राज्य ब्यूरो प्रमुख राजेश मंढोतरा ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। राज्यपाल का स्वागत करते हुए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी है और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करना चाहिए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं और अवसर प्रदान किए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित किए गए पांच नए शैक्षणिक केन्द्रों तथा परिसर में प्रस्तावित सौर पैनल निर्माण इकाई की जानकारी देते हुए कहा कि इन पहलों से विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
विद्यापीठ संस्थान के निदेशक रमेश शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। निदेशक रविन्द्र अवस्थी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, अभिभावक, शिक्षक, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।






