ऊना/सुशील पंडित: उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि जिले की सभी 245 पंचायतों में नशा निवारण समितियों का गठन किया जाएगा। इस संदर्भ में विभिन्न विभागों को निर्देश जारी करते हुए उन्होंने कहा कि वे दो दिन के भीतर अपने-अपने विभाग से संबंधित सदस्यों के नाम प्रस्तावित कर पंचायतवार सूची उपलब्ध करवाएं, ताकि समितियों को औपचारिक रूप से नोटिफाई किया जा सके।
उपायुक्त मंगलवार को डीआरडीए बैठक कक्ष में इस मुद्दे पर आयोजित विभागीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक पंचायत में गठित होने वाली समिति का अध्यक्ष स्थानीय विद्यालय का प्रधानाचार्य होगा। समिति में पंचायत सचिव, पटवारी, आशा वर्कर, महिला मंडल प्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक/समाजसेवी, स्वयंसेवी तथा पुलिस कांस्टेबल को शामिल किया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का राज्य में नशा निवारण और एंटी-चिट्टा अभियान पर विशेष फोकस है। सरकार नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के साथ-साथ जन-जागरूकता को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है। पंचायत स्तर पर बनने वाली मजबूत समितियां जागरूकता, पारिवारिक व्यवहार परिवर्तन और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रधानाचार्यों को समिति का अध्यक्ष बनाने का उद्देश्य यह है कि वे बच्चों और अभिभावकों से सीधे जुड़कर प्रभावी जागरूकता अभियान चला सकें तथा स्कूल परिसर या आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देकर कार्रवाई सुनिश्चित कर सकें।
उपायुक्त ने एसडीएम को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक माह इन समितियों के कार्यों की समीक्षा करें।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव भाटिया, सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, एसडीएम गगरेट सौमिल गौतम, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. के. वर्मा, जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार, शिक्षा विभाग के उपनिदेशक अनिल कुमार और सोहन लाल सहित विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख उपस्थित रहे।


दावा किया कि मृतक “एंटी जग्गू” का खास था और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े मनदीप तूफान और मनी बुल्लड़ को पनाह देता था तथा उनके हथियार भी संभालता था। ग्रुप ने कहा कि यह कत्ल उनके वीर धर्मे और सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला है। आरोप लगाया कि कई लोगों ने इसमें गाड़ियां उपलब्ध कराईं और चेतावनी दी कि वे भी तैयार रहें, क्योंकि “जग्गू के नाजायज कामों” का पूरा हिसाब लिया जाएगा। इस दौरान गैंग ने कहा कि वे इतनी नीचे स्तर पर नहीं गिर सकते कि उनकी कार्रवाई की जिम्मेदारी कोई और ले।
दावा किया कि “मुक्खा मरड़ वाला” जो बच गया, वह भी अब नहीं बचेगा। संदेश में गोली घनश्यामपुरिया गैंग, दविंदर बंबिहा ग्रुप, मन घनश्यामपुर, पवन शकीन, आजाद बंबीहा, अफरीदी टोट, मनजोत सिद्धू HR और राणा कंदोवालिया के नाम भी सामने आए। बता देंकि आज सुबह इस घटना में पुलिस ने मौके से 6 गोलियों के खोल बरामद किए और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें 3 व्यक्तियों द्वारा घटना को अंजाम दिया गया। हालांकि पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि झगड़ा यात्रियों को पहले लेने को लेकर हुआ था। आरोपी मुलाजिम फायरिंग के बाद फरार हो गया और उसकी तलाश तेज कर दी गई है। वहीं अब बंबीहा गैंग द्वारा जिम्मेदारी लेने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को हाई-प्रायोरिटी पर ले लिया है।







