आज आर्द्रा नक्षत्र की तूफानी ऊर्जा हर राशि के जातकों के जीवन में कुछ न कुछ अप्रत्याशित घटनाएं लेकर आई है। मन में उथल-पुथल हो तो घबराएं नहीं, यह सफाई का दौर है। गुरू पुष्यामृत योग का दिव्य साथ इस तूफान में एक स्थिर और शुभ आधार दे रहा है। जो पुराना हिसाब-किताब साफ होना है, छूटना है, छोड़ना है, जाना है, उसे होने दें। वृषभ, मकर और मीन राशि के जातक सेहत पर ध्यान दें। कन्या और तुला राशि के करियर में आएंगे बदलाव। ग्रहों और सितारों के गोचर के आधार पर आइए विस्तार से जानते हैं आपका आज का राशिफल।
मेष राशि : मेष राशि वालों के लिए आज का दिन बातचीत और यात्रा के मामले में उलझन भरा हो सकता है। भाई-बहन से आज कोई ऐसी बात अचानक सामने आ सकती है, जो पहले सोची नहीं थी। अगर छोटी यात्रा पर जाने का प्लान हो तो सावधानी रखें, रास्ते में कुछ अप्रत्याशित हो सकता है। कंधों में दर्द या थकान हो सकती है। बातचीत में आज शब्दों को सोचकर बोलें, जल्दबाजी में कही बात पछतावा करा सकती है। पैसों में गुरु का शुभ साथ है इसलिए आर्थिक मामले उलझने के बावजूद अंत में ठीक रहेंगे। करियर में पुराने काम पर ध्यान दें। शाम को जीवनसाथी के साथ शांति से वक्त बिताएं।
वृषभ राशि : वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन धन और परिवार के मामले में कुछ उथल-पुथल वाला है। खान-पान का आज खास ध्यान रखें, बाहर का खाना टालें और हल्का भोजन करें। पाचन थोड़ा कमजोर हो सकता है। परिवार में आज कोई अचानक बात सामने आ सकती है, जो माहौल को थोड़ा तनावपूर्ण बनाए, शांति रखें और जल्दी में कुछ न बोलें। आंखों में थकान हो सकती है, ज्यादा देर स्क्रीन पर न देखें। आवाज का ध्यान रखें। पैसों का कोई बड़ा फैसला आज टालें। व्यक्तित्व में एक स्थिर और जोशीली ऊर्जा महसूस हो सकती है। करियर में पुराने काम पर ध्यान दें।
मिथुन राशि : मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन बेहद गहरा और बदलाव लाने वाला है। मन में एक तेज बेचैनी है, जो पुरानी बातें तेजी से दोबारा आपके सामने ला रही है। सिर में भारीपन हो सकता है, थोड़ा आराम करें। आज खुद को समय दें और जल्दी में कोई भी बड़ा फैसला न लें। जो पुरानी बात मन में उठ रही है उसे एक नए नजरिए से देखने की कोशिश करें। खान-पान हल्का रखें। आंखों को आराम दें। पैसों में गुरु का शुभ साथ है इसलिए वित्तीय मामले ठीक रहेंगे। परिवार का साथ आज बेहद जरूरी है, उनके करीब रहें।
कर्क राशि : कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन एकांत और आत्मचिंतन का है। एकांत में बैठकर कोई पुरानी और परेशान करने वाली बात आज मन से निकाल देने का सही वक्त है। मन में अचानक कुछ ऐसी भावनाएं उठ सकती हैं, जो लंबे समय से दबी हुई थीं, उसे होने दें। खर्चों पर आज नजर रखें, अचानक कोई फिजूल खर्च हो सकता है। नींद थोड़ी में परेशानी हो सकती है। विदेश से कोई अप्रत्याशित खबर आ सकती है। व्यक्तित्व में भीतर से स्थिरता महसूस होगी। करियर में लाभ में एक जोशीली एनर्जी है। जीवनसाथी के साथ शांति से समय बिताएं।
सिंह राशि : सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन लाभ और मित्रों के मामले में उलझन भरा हो सकता है। नेटवर्किंग में आज कुछ अचानक और अप्रत्याशित हो सकता है। किसी पुराने मित्र की कोई बात आज आपको परेशान कर सकती है, लिहाजा सोच-समझकर प्रतिक्रिया दें। बड़े भाई-बहन से कोई अटकी बात फिर उठ सकती है। पिंडलियों में दर्द हो सकता है। लेकिन शुक्रदेव व्यक्तित्व पर एक गरिमामय और आकर्षक एनर्जी दे रहे हैं। करियर में आज एक मजबूत कदम आगे बढ़ाने का मौका है। जीवनसाथी के साथ शाम को कुछ खास करें। नई बड़ी योजना में पैसा लगाने से पहले 24 जुलाई तक यदि हो सके तो इंतजार करें।
कन्या राशि : कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन करियर के मामले में उलझन भरा और गहरा है। काम में आज कुछ अचानक और अप्रत्याशित हो सकता है। बॉस या किसी वरिष्ठ की बात आज बेहद ध्यान से सुनें, जल्दी में जवाब देने से बचें। सरकारी काम में देरी हो सकती है। लग्नेश की एनर्जी पुराने काम को दोबारा आपके सामने ला रही है। लाभ में किस्मत का साथ मिलने से कमाई में एक स्थिरता बनी रहेगी। जीवनसाथी के साथ रिश्ते में गहराई महसूस होगी। सेहत का ध्यान रखें, पेट की तकलीफ हो सकती है। करियर से जुड़ा नया बड़ा फैसला अच्छी तरह से सोच-विचार के बाद करें।
तुला राशि : तुला राशि वालों के लिए आज का दिन भाग्य के मामले में थोड़ा उलझन भरा है। किस्मत में आज कुछ ऐसा अचानक हो सकता है, जो पहले सोचा नहीं था। किसी गुरु या बड़े का साथ आज बेहद जरूरी है, उनसे मिलें या बात करें। कोई समस्या हो, तो जिसे भी आप अपना हितैषी मानते हैं, उससे सलाह लें। लंबी यात्रा के प्लान में कोई अचानक बदलाव आ सकता है। जांघों में दर्द हो सकता है। लग्नेश शुक्रदेव लाभ में एक गरिमामय और प्रैक्टिल एनर्जी दे रहे हैं, जो हर परिस्थिति में आपको आगे बनाए रखेगी। करियर में भी गुरू का शुभ साथ है। जीवनसाथी के साथ शांति बनाए रखें।
वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन छुपे मामलों के लिहाज से गहरा है। बीमा, आयकर या कोई पुराना दस्तावेज आज अचानक सामने आ सकता है। कोई रहस्यमय बात उजागर हो सकती है, घबराएं नहीं बल्कि शांति से सोचें। लग्नेश मंगलदेव साझेदारी में एक स्थिर एनर्जी दे रहे हैं, जिससे जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। भाग्य का साथ मिलने से मुश्किलें आसान हो जाएंगी। सेहत का ध्यान रखें। किसी पुराने कर्ज का मामला आज सामने आ सकता है, उसे शांति से निपटाएं। करियर में आज सोच-समझकर काम करें।
धनु राशि : धनु राशि वालों के लिए आज का दिन जीवनसाथी और साझेदारी के मामले में उलझनभरा हो सकता है। जीवनसाथी या किसी करीबी साझेदार के साथ कोई पुरानी बात आज अचानक और तेज होकर सामने आ सकती है। इस वक्त संयम सबसे बड़ा हथियार है, बात सुनें और ठंडे दिमाग से जवाब दें। पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है, पानी खूब पिएं। लग्नेश बृहस्पतिदेव छुपे मामलों में एक दिव्य और गहरी एनर्जी दे रहे हैं जो भीतर से संभाले रखेगी। सेहत स्थिर रहेगी। बातचीत में शब्दों का चयन सोच-समझकर और सही तरीके से करें।
मकर राशि : मकर राशि वालों के लिए आज का दिन सेहत और नौकरी के मामले में उलझन भरा हो सकता है। सेहत का आज खास ध्यान रखें, पेट या पाचन से जुड़ी कोई तकलीफ अचानक परेशान कर सकती है। नौकरी में कोई अप्रत्याशित काम या जिम्मेदारी अचानक आ सकती है, धैर्य से निपटाएं। दिनचर्या में आज लापरवाही भारी पड़ सकती है। पालतू जानवर हो तो उसका ध्यान रखें। लग्नेश शनिदेव की बातचीत में एक कार्मिक और गहरी एनर्जी है। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। प्रेम में एक दूसरे का ख्याल रखेंगे।
कुंभ राशि : कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन प्रेम, रचनात्मकता और संतान के मामले में उलझन भरा हो सकता है। बच्चों के मामले में आज कुछ अचानक हो सकता है, शांत रहें। प्रेम संबंध में आज एक गहरा और बदलाव लाने वाला एनर्जी है, जो पुरानी बातें उठा सकती है, संयम रखें। रचनात्मक काम में आज मन नहीं लगेगा, जबरदस्ती न करें। बैठने का पॉश्चर सही रखें, वर्ना पीठ में दर्द हो सकता है। लग्नेश शनिदेव धन में एक कार्मिक और अनुशासन की ऊर्जा दे रहे हैं। करियर में भी एक अचानक बदलाव संभव है। जीवनसाथी का सहयोग आज जरूरी है।
मीन राशि : मीन राशि वालों के लिए आज का दिन घर और परिवार के मामले में उलझन भरा हो सकता है। घर में आज कुछ ऐसा अचानक हो सकता है, जो पहले सोचा नहीं था। मां या घर के किसी बड़े के साथ किसी पुरानी बात को लेकर विवाद हो सकता है, शांति से सुनें और धैर्य रखें। जमीन या संपत्ति का कोई मामला आज उलझ सकता है। वाहन चलाने में सावधानी बरतें। लग्नेश बृहस्पतिदेव रचनात्मकता और प्रेम में गहरी एनर्जी दे रहे हैं जो भीतर से संभाले रखेगी। करियर में आज ताजगी रहेगी और सकारात्मक हलचल महसूस होगी। अपनी नींद का ध्यान रखें।




मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार में आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने 7 करोड़ 58 लाख रुपए के उदघाटन एवं शिलान्यास किए, इनमें 6 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले कन्या छात्रावास का शिलान्यास, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में 1.40 करोड़ रुपए से बने नर्सिंग विभाग के भवन का उद्घाटन तथा 18 लाख रुपए की लागत से बने खेजड़ली महाबलिदान स्मृति शिल्प एवं माता अमृता देवी सर्कल का लोकार्पण किया। उन्होंने नर्सिंग ब्लॉक का नाम चौधरी भजनलाल के नाम पर रखने की घोषणा की।
युवा इस विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों से बड़ी अपेक्षाएं रखते हैं। ये संस्थान अनुसंधान और नवाचार के ऐसे केंद्र बनें, जो स्थानीय उद्योगों और वैश्विक तकनीक के बीच एक सेतु का काम करें,तभी हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम को आगे बढाएं जो रास्ता माता अमृता देवी एवं गुरू जंभेश्वर महाराज ने हमें दिया हैं तभी पूर्वजों के पर्यावरण के प्रति सपनों को साकार किया जा सकेगा।
गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं के अनुरूप राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल उपाधियां या डिग्रियां बांटना नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसे चरित्रवान, संवेदनशील और जागरूक समाज का निर्माण करना है, जो तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ अपनी संस्कृति और प्रकृति के प्रति भी पूरी तरह सजग हों।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु जंभेश्वर महाराज के द्वारा प्रतिपादित 29 नियम केवल किसी धार्मिक पंथ के अनुशासन नहीं हैं। ये नियम मानव जीवन, पर्यावरण संतुलन, सामाजिक समरसता, जैव विविधता, पशु-करुणा, जल संरक्षण, स्वच्छता, संयम और नैतिक जीवन के अमूल्य सिद्धांत हैं। ये नियम आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पांच सौ वर्ष पहले थे।
मानव पूंजी के विकास के लिए स्किल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार का मुख्य ध्येय है। इसी के अनुरूप, हरियाणा अपने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हरित प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स तथा रोबोटिक्स जैसे भविष्य के उभरते क्षेत्रों के लिए तैयार कर रहा है।
प्रदेश के युवाओं को विश्व स्तरीय शिक्षा और बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसलिए हमने स्टार्टअप नीति और कौशल विकास योजनाएं बनाई हैं। उच्चतर शिक्षा की आत्मा अनुसंधान एवं शोध कार्य में बसती है। इसलिए गत वर्ष हरियाणा में 20 करोड़ रुपये का हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष बनाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में राज्यभर के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से 350 से अधिक अनुसंधान प्रस्ताव प्राप्त हुए। लगभग 90 शोध प्रस्तावों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इसलिए हमने इस वित्त वर्ष में भी 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि इस कोष को देने का प्रावधान किया है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा को उच्चतर शिक्षा का एक वैश्विक अध्ययन गंतव्य बनाने के लिए राजकीय महाविद्यालयों को मॉडल संस्कृत महाविद्यालयों के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। अब तक 22 मॉडल संस्कृति महाविद्यालय बनाए जा चुके हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर युवा को उसके घर के आसपास ही उच्चतर शिक्षा मिले।
इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक सावित्री जिन्दल, रणधीर पणिहार, विनोद भयाना, मेयर प्रवीन पोपली, पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, पूर्व विधायक दुड़ाराम, स्वामी सचिदानन्द आचार्य, आशा खेदड, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ नरसी राम बिश्नोई, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ बी आर कम्बोज सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।





देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय शहरी आवास मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, जस्टिस विक्रम नाथ, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी, अध्यक्ष बिल्डिंग कमेटी, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक सिब्बल व जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की गरिमामयी उपस्थिति में ‘टावर ऑफ जस्टिस’ न्यायिक परिसर का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने गुरुग्राम लोकार्पण समारोह से ही वर्चुअल माध्यम से नूंह जिला के तावडू व पुन्हाना न्यायिक परिसर का शिलान्यास भी किया।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित अन्य गणमान्य ने टॉवर ऑफ जस्टिस निर्माण में अपना योगदान देने वाले श्रमिकों को स्मृति चिह्न भेंटकर उनका सम्मान किया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि आज का अवसर मेरे लिए विशेष है। जनवरी 2017 में, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में न्यायाधीश रहते हुए, मुझे इस न्यायिक परिसर का भूमि-पूजन करने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, जो कभी मुख्यतः कृषि के लिए जाना जाता था, वह आज उद्योग, नवाचार और निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
आज फार्च्यून 500 की आधे से अधिक कंपनियों के क्षेत्रीय कार्यालय, 1500 से अधिक भारतीय कंपनियाँ और स्टार्ट-अप्स यहाँ कार्यरत हैं। व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ संपत्ति, तकनीक, अनुबंध और रोजगार से जुड़े विवाद भी बढ़े हैं। आज गुरुग्राम की अदालतों में 24,000 से अधिक सिविल डिस्प्यूट , लगभग 1,000 कमर्शियल डिस्प्यूट तथा नेगोशियबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के एक लाख से अधिक मामले लंबित हैं। ये आँकड़े न्याय व्यवस्था पर बढ़ते दायित्व का संकेत हैं। ऐसे समय में यह टॉवर ऑफ जस्टिस केवल एक आधुनिक भवन नहीं है, बल्कि न्याय तक पहुँच को और अधिक प्रभावी बनाने का माध्यम है। न्यायालयों का वास्तविक महत्व उनकी भव्यता में नहीं, बल्कि इस बात में है कि वे नागरिक और न्याय के बीच की दूरी को कितना कम करते हैं। यह परिसर उसी सोच का प्रतीक है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अतिरिक्त न्यायालयों के निर्माण के माध्यम से अधिक मामलों की सुनवाई संभव होगी, लंबित मामलों के निस्तारण में गति आएगी और विशेष रूप से कमर्शियल डिस्प्यूट तथा नेगोशियबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट से जुड़े मामलों के लिए अधिक न्यायिक क्षमता उपलब्ध होगी। हमारी प्राथमिकता सदैव ऐसी न्याय व्यवस्था का निर्माण होनी चाहिए जो दक्ष भी हो और निष्पक्ष भी। न्याय में गति आवश्यक है, परन्तु वह कभी भी संवैधानिक मूल्यों की कीमत पर प्राप्त नहीं की जा सकती। इस परिसर में आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा सुव्यवस्थित ज्यूडिशियल मालखाना जैसी सुविधाएँ भी विकसित की गई हैं। इस परियोजना की एक अन्य महत्त्वपूर्ण विशेषता प्रस्तावित इंटरनेशनल आर्बिटेशन सेंटर है जो उच्च न्यायालय के संरक्षण में संचालित होगा।
हमारा लक्ष्य ऐसी न्यायपालिका का निर्माण है जो आधुनिक हो, किन्तु मानवीय भी हो, तकनीकी रूप से उन्नत हो, किन्तु संविधान के मूल्यों में दृढ़ता से निहित भी और प्रत्येक वाद के पीछे छिपे मानवीय जीवन को समझने वाली संवेदनशील संस्था भी बनी रहे। हमारा उद्देश्य मामलों का शीघ्र निस्तारण करना तो है ही उसके साथ, हमारा प्रयास यह भी होना चाहिए कि कोई भी नागरिक आर्थिक, सामाजिक अथवा प्रक्रियागत कठिनाइयों के कारण स्वयं को न्याय से वंचित न महसूस करे। टावर ऑफ जस्टिस केवल एक भव्य इमारत न रहे, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए निष्पक्ष, प्रभावी और संवेदनशील न्याय का प्रतीक बनेगा।
सैनी ने महाभारत के युधिष्ठिर एवं यक्ष संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय न्याय परंपरा का मूल आधार निष्पक्षता, धर्म और सिद्धांत हैं। विश्वास व्यक्त किया कि गुरु द्रोणाचार्य और माता शीतला देवी की पावन भूमि पर स्थापित यह न्यायिक परिसर आने वाले वर्षों में न्याय, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ करेगा। टॉवर ऑफ जस्टिस का जिक्र करते हुए कहा कि दो टावरों में विकसित यह परिसर उत्तर भारत के सबसे बड़े न्यायिक परिसरों में शामिल है। पुराने परिसर की 45 अदालतों की तुलना में यहां 55 आधुनिक अदालत कक्ष स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त परिसर में बैंक, डाकघर, बार लाइब्रेरी, मध्यस्थता केंद्र तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे न्यायिक कार्यप्रणाली अधिक दक्ष, प्रभावी एवं जनहितकारी बनेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पुराने न्यायालय परिसर के एक हिस्से को अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर्स के निर्माण हेतु समर्पित किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर और पर्याप्त कार्यस्थल की सुविधा उपलब्ध हो सके।
यह भवन केवल आधुनिक अधोसंरचना का उदाहरण नहीं, बल्कि न्याय को अधिक सम्मानजनक और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आज सबसे अधिक विवाद भूमि, पारिवारिक और अन्य सामाजिक मामलों से जुड़े हैं, जिससे न्यायालयों पर लगातार भार बढ़ रहा है। ऐसे में केवल न्यायालयों का विस्तार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनावश्यक मुकदमों को कम करने, वैकल्पिक विवाद समाधान, मध्यस्थता और लोक अदालतों जैसी व्यवस्थाओं को भी मजबूत करना होगा। सरकार ने प्रशासन में पारदर्शिता, डिजिटलीकरण और नागरिक हितों को केंद्र में रखकर अनेक सुधार किए हैं, फिर भी यदि न्यायालयों के निर्णयों से नीतियों में सुधार की आवश्यकता सामने आती है तो सरकार सकारात्मक सुझावों का स्वागत करेगी। न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और अधिवक्ता समुदाय से समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि न्याय सुलभ, किफायती और समयबद्ध होना चाहिए। इससे आम नागरिक का न्यायपालिका पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
केंद्र सरकार न्यायिक सुधारों को गति देने के लिए अधीनस्थ न्यायालयों के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। ई-कोर्ट्स, ई-फाइलिंग, ई-प्रोसिक्यूशन, ई-प्रिज़न्स, ई-फोरेंसिक, ई-सेवा केंद्र, डिजिटल भुगतान तथा राष्ट्रीय न्यायिक डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, सुरक्षित और त्वरित बनाया जा रहा है। विश्वास व्यक्त किया कि यह परिसर विकसित, समावेशी और न्यायपूर्ण भारत के संकल्प का सशक्त प्रतीक बनेगा।
इस उपलब्धि के पीछे केवल अधिकारियों और संस्थानों का ही नहीं, बल्कि हजारों निर्माण श्रमिकों, राजमिस्त्रियों, अभियंताओं तथा सहयोगी कर्मचारियों का अथक परिश्रम भी शामिल है, जिनके समर्पण ने इस स्वप्न को वास्तविकता में बदला। साथ ही उन्होंने स्थानीय न्यायिक अधिकारियों, न्यायालय कर्मचारियों, अधिवक्ताओं तथा न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिनकी निष्ठा और निरंतर सेवा के कारण न्यायिक कार्य सुचारु रूप से संचालित होता रहा। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी, अध्यक्ष बिल्डिंग कमेटी, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सभी अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त किया।
