

नई दिल्लीः कर्नाटक सरकार ने ईंधन की कीमतों को बढ़ाने का फैसला लिया है। कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार ने पेट्रोल के दाम तीन और डीजल की कीमतों को लगभग 3.05 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला लिया है। कांग्रेस सरकार के इस फैसले के मुताबिक कांग्रेस सरकार ने पेट्रोल का सेल्स टैक्स 29.84 फीसदी, जबकि डीजल का बिक्री कर 18.44 फीसदी बढ़ाने का फैसला लिया है। इस फैसले के असर के बारे में पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने बताया कि कर्नाटक में तत्काल प्रभाव से पेट्रोल की कीमत लगभग तीन रुपये जबकि डीजल की कीमत 3.05 रुपये बढ़ जाएगी।

इस फैसले का असर उपभोक्ताओं के आम इस्तेमाल वाली चीजों पर भी पड़ने की आशंका है। रोजमर्रा में इस्तेमाल की जाने वाली चीजों की कीमतों में उछाल आ सकती है। दैनिक आवाजाही के लिए लोग वाहनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी ईंधन की कीमतों को बढ़ने के बाद टिकट की दरें बदल सकती हैं। बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव 2024 के ठीक बाद देश की प्रमुख दूध कंपनियों ने कीमतों को बढ़ाने का एलान किया था। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने के फैसले से जनता पर और बोझ बढ़ने की आशंका है।
गौरतलब है कि कर्नाटक से पहले पंजाब की कांग्रेस सरकार ने बिजली की दरों को बढ़ाने का फैसला लिया था। खबरों के मुताबिक पंजाब में शुक्रवार को घरेलू और औद्योगिक बिजली के दाम बढ़ाने की घोषणा की गई। नए दाम 16 जून से लागू हो जाएंगे, लेकिन सरकार ने जनता को बड़ी राहत दी है। सरकार ने सिर्फ उन 300 यूनिट को 10-12 पैसे प्रति यूनिट महंगा किया है जो सरकार जनता को मुफ्त दे रही है। यानी जनता पर इसका बोझ नहीं पड़ेगा। इस बोझ को राज्य सरकार खुद वहन करेगी।

लुधियानाः जिले में देर रात ऑटो चालक विक्रम ने पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए है। ऑटो चालक का कहना हैकि वह सवारियां छोड़ने के लिए देर रात जा रहा था कि पुलिस कर्मियों ने डंडों से उसकी पिटाई कर दी। अस्पताल में मैडिकल करवाने पहुंचे विक्रम ने कहाकि उसकी पीठ पर भी डंडों से की गई पिटाई के निशान है। पीड़ित विक्रम ने कहा कि वह जमालपुर 33 फूट रोड का रहने वाला है और वह इंजीनियर है। पीड़ित ने कहा कि नौकरी ना मिलने के कारण वह ऑटो चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है। विक्रम ने कहा कि देर रात वह करीब 11 बजे सवारी लेने के लिए रेलवे स्टेशन पर गया। जहां उसने 3 सवारियां ऑटो में बैठाई।
उक्त सवारियों को उसने बाबा थान सिंह चौक, 3 नंबर डिवीजन और ताजपुर धर्म कांटा छोड़ना था। इस दौरान 2 सवारियां उतारने के बाद जैसे ही वह समराला चौक पहुंचा तो एक महिला और एक व्यक्ति ने उसे सवारी बनकर रुकने का इशारा किया। विक्रम ने कहा कि उन लोगों ने उसे ताजपुर रोड धर्म कांटा के पास उतारने के लिए कहा। विक्रम मुताबिक उसने उन्हें ऑटो में बैठा लिया। कुछ दूरी पर जाकर महिला ने कहा कि ऑटो रोकने मुझे बाथरुम जाना है। विक्रम के मुताबिक महिला के कहने पर उसने ऑटो रोक लिया। महिला और उसके साथ का व्यक्ति ऑटो से उतर गए। इतने में पीछे से एक व्यक्ति बुलेट मोटरसाइकिल पर आया और बीड़ी मांगने लगा।
जैसे ही उसने उसे बीड़ी दी तो इतने में पुलिस की गाड़ी उसके पास आ गई। काफी दूर तक पुलिस वालों ने उस बाइक वाले का पीछा किया। लेकिन कुछ देर बाद वापस लौट रही पुलिस की गाड़ी ने उसका ऑटो रोक लिया। विक्रम के मुताबिक गाड़ी में 3 पुलिस कर्मी बैठे थे। जिसमें 1 अधिकारी था और 2 बिना वर्दी के थे। विक्रम ने कहा कि ड्राइवर के साथ एक कांस्टेबल था। कांस्टेबल ने ऑटो पर पहले डंडे मारे और उसे रोककर डंडों से मारपीट करनी शुरू कर दी। विक्रम का आरोप है कि पुलिस कर्मचारियों ने सिर पर डंडे मार कर मां-बहन की गालियां दी। विक्रम मुताबिक शनि मंदिर के बाहर पुलिस कर्मचारियों ने उससे मारपीट की। इस मामले संबंधी थाना डिवीजन नंबर 7 के SHO भूपिंदर सिंह ने कहा कि मामले की जांच करवाई जा रही है।

दिल्ली: चांदनी चौक में गुरुवार को आग लग गई। करीब 120 दुकानें जलकर राख हो गयी। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा के तहत मामला दर्ज किया है। 285/337 पीईसी। आग बुझाने के दौरान एक दमकलकर्मी भी घायल हो गया।
एक दिन पहले गुरुवार शाम करीब 5 बजे PCR से कटरा मारवाड़ी, न्यू रोड, चांदनी चौक में आग लगने की कॉल मिली, जिस पर पुलिस और फायर ब्रिगेड ने तुरंत कार्रवाई की। आसपास के व्यवसायों को खाली करा लिया गया और अग्निशामकों को आग बुझाने के लिए आवश्यक सहायता दी गई।
आग कैटरा के स्टोर तक फैल गई। फिलहाल, आग लगभग बुझ चुकी है। लगभग 110-120 दुकानें पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। आग बुझाने का काम जारी है। इस संबंध में कोतवाली थाने में धारा 285/337 के तहत FIR दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
आग बुझाने के दौरान एक फायर फाइटर झुलस गया। आग किस कारण लगी इसकी जांच की जा रही है। गुरुवार को उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजय तोमर ने बताया कि आग काफी गंभीर है और हमारी 40 से ज्यादा गाड़ियां फिलहाल मौके पर हैं। उनके मुताबिक, जिस इमारत में आग लगी वह ढह गई है।

मोगाः जिले के सरकारी अस्पताल में अल्ट्रा साउंड स्कैन को लेकर हंगामा होने का मामला सामने आया है। जहां मरीजों ने डॉक्टरों और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मरीज के परिजनों द्वारा आरोप लगाए गए है कि अल्ट्रा साउंड स्कैन के दौरान अस्पताल के डाक्टर ने मीटिंग जाने की बात की। इस दौरान मरीजों में रोष पाया गया और मरीजों ने डॉक्टरों और पंजाब सरकार के खिलाफ नारे बाजी शुरू कर दी।
वहीं जानकारी देते हुए मरीजों ने कहा कि आज सुबह से अल्ट्रा साउंड करवाने के लिए बैठे हुए है और डाक्टर साहिब मीटिंग जाने की बात कर रहे है। ऐसे में तब तक मरीजों की स्कैन नहीं होगी। मरीजों ने कहाकि जब तक स्कैन नहीं होगी तब तक इलाज शुरू नहीं होगा। मरीजों का आरोप है कि क्या मरीजों की जिंदगी से ज्यादा मीटिंग को डॉक्टरों द्वारा त्वज्जों दी जा रही है। इस हंगामे के दौरान डाक्टर और मरीजों की बहस भी हुई। मरीजनों ने कहा कि वह पंजाब सरकार से मांग करते है कि जो सेहत सुविधा को लेकर वादे किए थे वह कहां गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पूरे डाक्टर भी मौजूद नहीं रहते है।
वही जानकारी देते हुए एसएमओ सुखप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि जो अल्ट्रा साउंड वाले डॉक्टर है उनमें से एक डॉक्टर की प्रमोशन होकर एसएमओ बधनी कलां की बदली हो गई। उन्होंने कहा कि आज डाक्टर की डिप्टी कमिश्नर के साथ मीटिंग थी जिसके चलते उन्हें मीटिंग में जाना था। उन्होंने कहा कि यह बात सुनकर मरीजों ने हंगामा शुरू कर दिया। परंतु फिर भी डाक्टर की ओर से सभी मरीजों की अल्ट्रा साउंड किए गए उसके बाद ही वह मीटिंग में गए। वहीं उन्होंने कहा के अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है हम सरकार से भी मांग करते है जल्द से जल्द खाली पड़ी सीटों को भरा जाए।