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  • Punjab News: 510 ग्राम हेरोइन सहित आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: 510 ग्राम हेरोइन सहित आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    मोगाः नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत पुलिस ने हेरोइन सहित तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 510 ग्राम हेरोइन बरामद की है। थाना समालसर के प्रभारी एसआई कमलजीत सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि अर्शदीप सिंह उर्फ़ अर्शी पुत्र हीरा सिंह निवासी पट्टी, जिला तरनतारन मोटरसाइकिल स्प्लेंडर (नंबर PB-38-E-3846, रंग काला) पर पुल कसी, गुरुद्वारा गुरुसर रोड समालसर पर बैठकर ग्राहकों का इंतजार कर रहा है और वह हेरोइन बेचने की फिराक में है।

    ऐसे में अगर उक्त जगह पर रेड की जाए तो आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में हेरोइन की खेप बरामद की जा सकती है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तुरंत रेड की और मौके से अर्शदीप सिंह की तालाशी के दौरान उसके कब्जे से 510 ग्राम हेरोइन बरामद की। वहीं आरोपी को घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल समेत गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ थाना समालसर में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

  • 6.9 की तीव्रता से लगे भूकंप के झटकों से 72 की मौत, 200 से अधिक घायल, देखें वीडियो

    6.9 की तीव्रता से लगे भूकंप के झटकों से 72 की मौत, 200 से अधिक घायल, देखें वीडियो

    नई दिल्ली: मध्य फिलीपींस में आए विनाशकारी भूकंप के बाद बचाव अभियान जारी है। बचाव कर्मियों ने ढहे मकानों और अन्य क्षतिग्रस्त इमारतों में खुदाई करने वाले वाली मशीनों और खोजी कुत्तों की मदद से जीवित लोगों की तलाश शुरू की है। फिलीपींस में आए शक्तिशाली भूकंप के कारण अब तक कम से कम 72 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

    अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार की रात लगभग 10 बजे 6.9 तीव्रता का भूकंप आया जिससे सेबू प्रांत के बोगो शहर और आसपास के गांवों में कई मकान, नाइट क्लब और व्यापारिक इमारतें ढह गईं। इनके मलबे में कई लोग फंस गए हैं। इस भूकंप के कारण मारे गए लोगों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। छिटपुट बारिश और क्षतिग्रस्त पुलों एवं सड़कों के कारण बचाव अभियान में बाधा पैदा हुई है।

    भूकंप का केंद्र बोगो से लगभग 19 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में 5 किलोमीटर की गहराई में था। बोगो सेबू प्रांत का एक तटीय शहर है और इसकी आबादी लगभग 90,000 है। बोगो शहर में आपदा कार्यों से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि कई इलाकों में बचाव अभियान चलाना कठिन है क्योंकि यहां खतरनाक स्थितियां हैं। उन्होंने बताया कि कुछ जीवित लोगों को पहाड़ी गांव से अस्पताल लाया गया है।

  • Jalandhar News: साल में एक बार आज के दिन खुलते हैं महिलाओं और बच्चों के लिए मंदिर के कपाट, उमड़ी भीड़, देखें वीडियो

    Jalandhar News: साल में एक बार आज के दिन खुलते हैं महिलाओं और बच्चों के लिए मंदिर के कपाट, उमड़ी भीड़, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर परिसर के काली माता मंदिर के कपाट खुल गए है। इस मंदिर के कपाट साल में एक बार दशहरा पर्व पर ही खुलते है। मां यह मंदिर साल में एक बार ही महिलाओं और बच्चों के लिए खोला जाता है। इस मंदिर के निर्माण को लेकर कई धार्मिक ग्रंथों में भी जिक्र किया गया है। बताया जाता है कि महाराजा रणजीत सिंह भी मां महाकाली की उपासना के लिए यहां पर आए थे। वह बताते हैं कि इस मंदिर के कपाट पुरुषों के लिए वर्ष भर खुले रहते हैं। लेकिन महिलाएं तथा बच्चे यहां पर केवल दशहरे वाले दिन ही आकर नतमस्तक हो सकते हैं।

    दशहरे पर खुले काली माता मंदिर में माथा टेकने के लिए लगी महिलाओं की लंबी लाइन लगना शुरू हो गई है। प्राचीन ट्रस्ट महाकाली मंदिर सदियों पुरानी और रहस्यमय परंपरा के कारण चर्चा का विषय रहता है। इस अनूठी परंपरा के पीछे एक तपस्वी मोहनी बाबा की कठोर तपस्या और उनके द्वारा स्थापित नियम को कारण बताया जाता है। बताया जाता है कि हजारों साल पहले श्री देवी तालाब परिसर में मोहनी बाबा ने तपस्या की थी। इस स्थान पर आज मां महाकाली का मंदिर स्थापित है।

    मंदिर के इतिहास में बताया गया है कि बाबा की तपस्या में कोई विघ्न न पड़े इसलिए बाबा ने यहां आने पर रोक लगा दी थी, खासकर महिलाओं के लिए तपस्या में लीन बाबा के दर्शनों की मनाही थी। बाबा की तपस्या पूरी होने के बाद और यहां मंदिर स्थापित होने पर इसे साल में एक बार महिलाओं के लिए खोलने की परंपरा बनी। आज दशहरा पर्व पर मां महाकाली मंदिर के चौथे फ्लोर पर बने पुराने मंदिर के कपाट सुबह 5 बजे से खोल दिए गए हैं। महिलाएं और बच्चे रात 8 बजे के बाद तक मंदिर में माथा टेक सकते हैं। इसके बाद मां की आरती के साथ फिर से कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

  • Punjab News: इस इलाके में Bioremediation Plant लगाने का काम शुरू, देखें वीडियो

    Punjab News: इस इलाके में Bioremediation Plant लगाने का काम शुरू, देखें वीडियो

    11 लाख टन कूड़े का होगा पुनः उपयोग

    अमृतसरः कूड़ाघर क्षेत्र से सटे निवासियों की वर्षों पुरानी समस्या अब दूर होने वाली है। शहर के सबसे बड़े कूड़ाघर भागावाला में बायोरेमेडिएशन प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है। शहर के मेयर जतिंदर सिंह भाटिया ने मशीनों को हरी झंडी देकर इस परियोजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अमृतसर सेंटर से विधायक डा. अजय गुप्ता और दक्षिण से विधायक इंदरबीर सिंह निजर भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

    जानकारी देते विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने बताया कि भगतावाला कूड़ाघर पिछले कई दशकों से शहरवासियों के लिए एक बड़ी समस्या बना हुआ था। गर्मियों में यहां से निकलने वाली जहरीली गैस आग का कारण बनती थी और इलाके में बीमारियां फैलाती थी। पिछली सरकारों ने वादे तो किए, लेकिन उन पर अमल नहीं किया। आम आदमी पार्टी सरकार ने लंबे प्रयासों के बाद इस बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग 11 लाख टन कचरा हटाया जाएगा, जिस पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अधिकारियों के अनुसार, कूड़े के ढेर से निकलने वाली मिट्टी, रेत और बड़े पत्थरों का इस्तेमाल हाईवे कंपनियां सड़क निर्माण में करेंगी। वहीं, प्लास्टिक को रिसाइकल करके आरडीएफ (रिफ्यूज डेराइव्ड फ्यूल) बनाया जाएगा, जिसका इस्तेमाल बड़े सीमेंट और थर्मल प्लांट में किया जाएगा।

    मेयर जतिंदर सिंह भाटिया ने कहा कि इस कचरे को खत्म करना न केवल एक चुनौती थी, बल्कि हमारी सरकार का वादा भी था। अब लोगों को जहरीली हवा, दुर्गंध और बीमारियों से राहत मिलेगी। यह जमीन, जो वर्तमान में लगभग 20 एकड़ है, साफ होने के बाद जनकल्याण के लिए इस्तेमाल की जाएगी और यहां एक नई विकास परियोजना बनाई जाएगी। इस अवसर पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त बनाना है। इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगभग डेढ़ साल का समय लगेगा और इस दौरान इसकी निरंतर निगरानी की जाएगी। स्थानीय निवासियों ने भी सरकार के इस फैसले की सराहना की है। उन्होंने बताया कि इस इलाके के लोग दशकों से कूड़े के ढेर से परेशान थे। सर्दियों में तो हालात और भी बदतर हो जाते थे, क्योंकि धुएं और बदबू के कारण सांस लेना मुश्किल हो जाता था। अब लोग राहत की सांस लेंगे।

    आम आदमी पार्टी ने लक्ष्य रखा है कि 2026 में जब स्वच्छ भारत सर्वेक्षण होगा, तो अमृतसर देश के पहले 10 स्वच्छ शहरों में शामिल हो। इस परियोजना को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत, 7 लोग घायल, गाड़ी की उड़ी छत, देखें वीडियो

    दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत, 7 लोग घायल, गाड़ी की उड़ी छत, देखें वीडियो

    कैमूर: बिहार के कैमूर जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र में छज्जूपुर पोखरे के पास नेशनल हाईवे-19 पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे खड़े कंटेनर में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि इस हादसे में महिला सहित 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहींस्कॉर्पियो में सवार 7 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

    मृतकों में पहला मुस्लिम अंसारी (45 वर्ष), झारखंड के निवासी शामिल हैं, जबकि मुन्ना अंसारी (45 वर्ष) और रजिया खातून (60 वर्ष) दोनों रोहतास जिले के रहने वाले थे। रजिया खातून एक बुजुर्ग महिला थीं। वहीं घायलों की संख्या 7 बताई जा रही है, जिनमें उमर अंसारी (70 वर्ष), फातिमा (15 वर्ष), हाजरा खातून (40 वर्ष), अशरफ अंसारी (30 वर्ष), अमीर अंसारी (12 वर्ष), नसीम अंसारी (45 वर्ष) और मुस्कान परवीन (42 वर्ष) शामिल हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी हैं, जो परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। सभी की हालत नाजुक बताई जा रही है।

    मिली जानकारी के अनुसार सभी चालक सासाराम के तिरकुलिया क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, जो प्रयागराज से लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक को झपकी आ गई थी, जिससे वह गाड़ी पर नियंत्रण खो बैठा। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और यातायात कुछ देर के लिए ठप हो गया। एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही दुर्गावती पुलिस, एनएचएआई पेट्रोलिंग टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे।

    सभी घायलों को पहले दुर्गावती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टर निकाईल अंसारी ने बताया कि कुल 8 लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिसमें से दो को मोहनिया अनुमंडल अस्पताल रेफर किया गया। सब-इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार पंडित ने बताया कि दुर्गावती थाने के सब-इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार पंडित ने बताया कि हादसा छज्जूपुर पोखरे के पास हुआ, जहां स्कॉर्पियो ने कंटेनर में टक्कर मार दी। हादसे में 3 की मौत हो गई और 7 लोग घायल हो गए। फिलहाल परिजनों का इंतजार किया जा रहा है।

  • Punjab News: हथियारों सहित 5 आरोपी गिरफ्तार, पाक से जुड़े तार

    Punjab News: हथियारों सहित 5 आरोपी गिरफ्तार, पाक से जुड़े तार

    अमृतसरः हथियार और नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 पिस्तौल (.30 बोर) और 1.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के तार पाकिस्तान से जुड़े है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी जोबन सिंह और जशनप्रीत सिंह सीधे पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे।

    वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए उनसे बातचीत करते थे और भारत में भेजे गए हथियार और नशे की खेप को आगे सप्लाई करने का काम करते थे। यह खेप पंजाब में सक्रिय विभिन्न गैंगों के बीच प्रतिद्वंद्विता को हवा देने और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ाने के इरादे से भेजी गई थी। थाना गेट हकीमा, अमृतसर में शस्त्र अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

    पुलिस का कहना है कि नेटवर्क के पीछे और आगे की कड़ियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। पंजाब पुलिस ने दोहराया कि संगठित अपराध, हथियारों और नशे के नेटवर्क को खत्म करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस का कहना है कि वह पंजाब को सुरक्षित, अपराध मुक्त और नशामुक्त बनाने के अपने संकल्प पर पूरी तरह डटी हुई है।

  • पद्मविभूषण से सम्मानित और महान अर्ध-शास्त्रीय गायक का हुआ निधन

    पद्मविभूषण से सम्मानित और महान अर्ध-शास्त्रीय गायक का हुआ निधन

    नई दिल्लीः पद्मविभूषण से सम्मानित और महान अर्ध-शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का 2 अक्टूबर को तड़के निधन हो गया। उन्होंने सुबह करीब 4:30 बजे मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वे 89 वर्ष के थे। वह पिछले कुछ समय से बीमार थे। उनका बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइस में इलाज चल रहा था। कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनकी छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा ने बताया कि मिश्र की तबीयत बुधवार देर रात बिगड़ गई थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने सुबह करीब 4:30 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    Read in English:

    https://encounternews.in/entertainment/legendary-classical-maestro-pandit-chhannulal-mishra-passes-away-at-89/

    पंडित छन्नूलाल मिश्र का अंतिम संस्कार काशी में होगा और उनके पार्थिव शरीर को वाराणसी लाने की तैयारी चल रही है। उनके इकलौते पुत्र, तबला वादक पंडित रामकुमार मिश्र छन्नूलाल का अंतिम संस्कार करेंगे। उनका अंतिम संस्कार आज वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। पंडित छन्नूलाल मिश्र का जन्म 3 अगस्त 1936 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के हरिहरपुर में हुआ था। उन्होंने शुरुआत में अपने पिता बदरी प्रसाद मिश्र से संगीत में ज्ञान लिया था। इसके बाद छन्नूलाल मिश्र ने उस्ताद अब्दुल गनी खान से भारतीय शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली। बता दें कि वह पंडित अनोखेलाल मिश्र के दामाद भी थे जो प्रसिद्ध तबला वादक थे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने भारतीय संगीत परंपराओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में अमूल्य योगदान दिया। एक्स पर पोस्ट किए गए एक शोक संदेश में उन्होंने लिखा, ‘सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वे जीवनपर्यंत भारतीय कला और संस्कृति की समृद्धि के लिए समर्पित रहे। उन्होंने शास्त्रीय संगीत को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही भारतीय परंपरा को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने में भी अपना अमूल्य योगदान दिया। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे सदैव उनका स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा। साल 2014 में वे वाराणसी सीट से मेरे प्रस्तावक भी रहे थे। शोक की इस घड़ी में मैं उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। ओम शांति!’

     

  • Haryana News: नागरिक अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही, Operation के बाद खून की थैली की जगह लगाया गल्वस, देखें वीडियो

    Haryana News: नागरिक अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही, Operation के बाद खून की थैली की जगह लगाया गल्वस, देखें वीडियो

    पलवलः जिले के नागरिक अस्पताल में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है जहां, अस्पताल में शरीर पर गांठ का ऑपरेशन कराने पहुंची महिला का डॉक्टर ने ऑपरेशन तो कर दिया, लेकिन शरीर से निकलने वाले गंदे खून के लिए जो पाइप में एक बैग लगाया जाना था, उसकी जगह हाथ का ग्लव्स ही लगा दिया। इस मामले में अब सीएमओ पलवल ने जांच कमेटी गठित कर मामले को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।

    जानकारी मुताबिक, पलवल के गांव अलावलपुर की रहने वाली 51 वर्षीय प्रेमवती के शरीर पर एक गांठ थी, जिसकी वजह से वह काफी समय से परेशान थी। इलाज करवाने के लिए वह पलवल के सरकारी अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टर ने उसकी गांठ को देख ऑपेरशन के लिए बोल दिया। डॉक्टर द्वारा महिला का ऑपरेशन करके उस गांठ को भी निकाल दिया और ऑपरेशन के बाद शरीर से निकलने वाले गंदे खून के लिए जो पाइप में एक बैग लगाया जाना था, उसकी जगह डॉक्टर ने हाथ का ग्लव्स ही लगा दिया, जिसका वीडियो भी सोशल मिडिया पर खूब वायरल हुआ।

    वीडियो पर संज्ञान लेते हुए सीएमओ पलवल डा. सतिंदर वशिष्ठ ने इस मामले में एक जांच कमेटी गठित करने के आदेश अधिकारियों को दिए है। कमेटी जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सीएमओ पलवल को सौंपेगी। सीएमओ पलवल डा. सतिंदर वशिष्ठ के मुताबिक कमेटी मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • आकाशीय बिजली गिरने से 2 युवकों की मौत, 1 गंभीर रूप से झुलसा

    आकाशीय बिजली गिरने से 2 युवकों की मौत, 1 गंभीर रूप से झुलसा

    रायगढ़ः जिले में आकाशीय बिजली गिरने से 2 युवकों की मौत का मामला सामने आया है। वहीं एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना छाल थाना और घरघोड़ा थाना क्षेत्र की है।

    पहली घटना छाल थाना क्षेत्र के मुनुंद की है। जानकारी के मुताबिक, खातिर राम राठिया (26) बुधवार दोपहर को खेत में काम करने के लिए गया था। शाम को जब वह लौट रहा था, इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। तभी वह आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। देर शाम जब अन्य ग्रामीणों ने उसे देखा तो अस्पताल ले गए और मामले की सूचना पुलिस को दी गई। फिलहाल, पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

    वहीं दूसरा मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। वार्ड क्रमांक 4 में रहने वाला संजय भारद्वाज (30) और अनिप उरांव (24) बुधवार को मछली मारने के लिए तालाब गए थे। शाम करीब 5-6 बजे अचानक तेज बारिश के साथ बिजली गिर गई जिससे उसकी चपेट में आने से दोनों युवक गंभीर रूप से झुलस गए। जब इसकी जानकारी आसपास के लोगों को लगी, तो वे दोनों को तत्काल अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद संजय भारद्वाज को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल अनिप उरांव का इलाज जारी है। घटना की सूचना पर घरघोड़ा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

  • इस जगह होती है Ravana की पूजा, वंशज मनाएंगे शोक, जानें इस प्रथा का इतिहास

    इस जगह होती है Ravana की पूजा, वंशज मनाएंगे शोक, जानें इस प्रथा का इतिहास

    धर्मः आज जहां देश भर में लोगों द्वारा दशहरा पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा और भगवान राम की ओर से रावण वध के अवसर पर लोग राम नाम के जयकारें लगाएंगे, लेकिन देश का एक ऐसा भी इलाका है जहां, दशहरा आम तरीके से नहीं मनाया जाएगा और वहां रावण की पूजा होगी। यह जगह है जोधपुर। वहां रावण के पुतलों का दहन होगा, लेकिन जब जोधपुर में दहन होगा तो रावण के चबूतरे से करीब 5 किमी दूर चांदपोल के पास कुछ लोग शोक मना रहे होंगे। यह लोग श्रीमाली ब्राह्मण के दवे गोधा ब्राह्मण, यही गोत्र रावण का है। यह रावण के वंशज के रूप में जाने जाते हैं, इसलिए वे दशहरे के दिन शोक रखते हैं। किला रोड पर रावण का मंदिर बना है। दशहरे के दिन रावण के मंदिर में पूजा-अर्चना भी होती है। इस मंदिर में रावण और मंदोदरी की मूर्ति लगी है। इस मंदिर का निर्माण भी गोधा गौत्र के श्रीमाली ब्राह्मणों की ओर से करवाया गया है। वहीं दहन के बाद स्नान कर अपनी अपनी जनेऊ भी बदलते हैं। जानकारी देते पंडित ने बताया कि हम रावण के वंशज दवे गौधा गोत्र के लोग कभी उनका दहन नहीं देखते हैं, क्योंकि वो हमारे पूर्वज हैं। अश्वनी मास की दशमी को श्री राम ने रावण का वध किया था। इस दिन हम शोक रखते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में दहन नहीं हुआ था तब भी शोक का क्रम जारी था। हम रावण के गुणों की पूजा करते हैं, रावण बहुत ज्ञानी और कई कलाओं में निपुण और महान शिव भक्त था, इसलिए इनके दर्शन से व्यक्ति की बुद्धि में तीव्रता आती है।

    ये है मान्यता

    मान्यता है कि मायासुर ने ब्रह्मा के आशीर्वाद से अपसरा हेमा के लिए मंडोर शहर का निर्माण किया था। दोनों की संतान का नाम मंदोदरी रखा। पौराणिक कथाओं के अनुसार मंडोर का नाम मंदोदरी के नाम पर रखा गया है। मंदोदरी बहुत सुंदर थी, लेकिन मंदोदरी के योग्य वर नहीं मिला तो अंत में रावण पर मायासुर की खोज समाप्त हुई. लंका के राजा, लंकाधिपति रावण जो स्वयं एक प्रतापी राजा होने के साथ-साथ एक गुणी विद्वान भी था, जिसके साथ मंदोदरी का विवाह हुआ। कहा जाता है कि जब विवाह हुआ था तब लंका से बाराती बन आए दवे गोधा गोत्र के कुछ लोग यहीं रह गए थे, जिनकी पढ़ियां वर्तमान में वंशज के रूप में जानी जाती हैं।

    इस तरीके से होती है पूजा

    पंडित के अनुसार जब पुतला जलाया जाता है, तो दहन के बाद स्नान करना अनिवार्य होता है। पूर्व में जलाशय होते थे तो हम सभी वहां स्नान करते थे, लेकिन आजकल घरों के बाहर स्नान किया जाता है। जनेऊ बदला जाता है। इसके बाद मंदिर में रावण व शिव की पूजा की जाती है। इस दौरान मंदोदरी की भी पूजा होती है। इसके बाद प्रसाद ग्रहण किया जाता है। उनके अनुसार गोधा गोत्र वाले रावण का दहन कभी नहीं देखते हैं। शोक की प्रथा लंबे समय से चली आ रही है।