Blog

  • पंजाबः कांग्रेस के पूर्व मंत्री के अयोग्य उम्मीदवार का लेटर हुआ वायरल, नेता का आया बयान, देखें वीडियो

    लुधियानाः कांग्रेस पार्टी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, पार्टी के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को अयोग्य उम्मीदवार घोषित करने की पार्टी की एक लैटर काफी वायरल हो रही है। जिसको लेकर पार्टी में हड़कंप मच गया। वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता सजंय तलवाड़ का बयान सामने आया है। जहां उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस का जारी किया गया लैटर जाली है और उस पर संजय तलवाड़ ने बताया कि उनके, डाबर और पांडे सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर भी जाली है। सजंय ने इस मामले में कहा कि शरारती अनंसरों ने यह फर्जी लैटर वायरल किया है। उन्होंने कहाकि वह पार्टी में फूट डालने के लिए लैटर को वायरल कर रहे है। संजय ने कहा कि इस मामले को लेकर साइबर क्राइम और पुलिस कमिशनर को शिकायत दी है। उन्होंने कहाकि इस मामले को लेकर जल्द खुलासे किए जाएंगे।

    बताया जा रहा है कि इस लैटर को वायरल करने का शरारती अनंसरों का मकसद था कि नगर निगम के चुनावों में खलल डालने का था। उन्होंने कहाकि इस वायरल लैटर को लेकर जब भाजपा इस लैटर को वायरल करने लगे तो उन्हें पता चला कि भाजपा उनकी छवि को खराब करने की कोशिश कर रही है। दरअसल, किसी ओर पार्टी ने सोशल मीडिया पर इसे वायरल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव की टिकट एक बार घोषणा हो जाए उसके बाद कांग्रेस के सभी नेता एक मंच पर दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने पार्टी छोड़कर जाना वह चले ही जाएंगे, लेकिन जिन्हें नहीं जाना वह पार्टी में ही रहेंगे, चाहे उम्मीदवार पहले घोषित किए जाए या बाद में किए जाए। 

  • बेबी फूड में की जा रही मिलावट, रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

    नई दिल्ली : विश्व प्रसिद्ध फूड कंपनी नेस्ले इन दिनों एक विवाद में घिरती नजर आ रही है। कंपनी पर अपने प्रोडक्ट्स में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया जा रहा है। अगर आप भी अपने शिशुओं को दूध और खाने के लिए Nestle के प्रोडक्ट्स यूज कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं! चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। ऐसा पता लगा है कि Nestle भारत, अन्य एशियाई और अफ्रीकी देशों में बच्चों को दिए जाने वाले दूध और सेरेलेक में मिलावट करता है, जबकि यूरोप और ब्रिटेन के बाजारों में वह शुद्ध और बिना मिलावट का सेरेलेक उपलब्ध करा रहा है।

    स्विट्जरलैंड के एक गैर-सरकारी संगठन की रिपोर्ट में ये आरोप लगाया गया है कि भारत में बिकने वाले सेरेलक में ज्यादा मात्रा में चीनी और शुगर कंटेंट्स का इस्तेमाल करता है। जबकि यूरोप में यही सेरेलक बहुत कम शुगर या शुगर फ्री बेचा जा रहा है।  रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के अलावा अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कई देशों में ये मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट में नेस्ले रे करीब 150 प्रोडक्ट्स का विश्लेषण किया गया है।रिपोर्ट में हाई शुगर कंटेंट होने के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बच्चों के खाने में चीनी नहीं मिलाने की सलाह दी है क्योंकि इससे बचपन में मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है।

    हेल्थ एक्सपर्ट्स बच्चों को बचपन से मीठी चीजें खिलाने से मना करते हैं। शिशु को सॉल्ट और शुगर केंटेंट नहीं देना चाहिए। ज्यादा शुगर वाली चीजें खिलाने से बच्चों में मोटापा, दांतों में सड़न और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। जांच में पाया गया कि भारत में बिकने वाले सेरेलैक के सभी वेरिएंट में प्रति सर्विंग में औसतन लगभग 3 ग्राम ज्यादा चीनी होती है। वहीं अफ्रीका के इथियोपिया और एशिया के थाईलैंड जैसे देशों में प्रति सर्विंग में औसतन 4 से 6 ग्राम तक चीनी पाई गई है। हालांकि जर्मनी और लंदन जैसे विकसित देशों में बेचे जाने वाले प्रोडक्ट्स में चीनी की मात्रा बिल्कुल नहीं पाई गई। ये बच्चों के स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि नेस्ले ने भारतीय बाजार में साल 2022 में $250 मिलियन से अधिक की बिक्री के टारगेट को हासिल करने के लिए ऐसा किया है।  हालांकि नेस्ले कंपनी की ओर से इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि कंपनी ने पिछले कुछ सालों में नेस्ले के बेबी फूड प्रोडक्ट्स में शुगर की मात्रा में करीब 11 प्रतिशत की कटौती की है। कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि नेस्ले के सभी प्रोडक्ट्स पर साफ तौर से टोटल शुगर कंटेंट लिखा होता है। कई बार थोड़ी बहुत ज्यादा मात्रा नियामक आवश्यकताओं, लोकल इनग्रीडिएंट्स और रेसिपीज की वजह से हो सकती है।

  • जालंधरः महिला का आरोप, सास ने पिलाई जहरीली वस्तु, बिगड़ी हालत, देखें Live

    जालंधर, ENS: सिविल अस्पताल से बड़ी खबर सामने आई है। जहां महिला को जहरीली वस्तु पिलाने के सास पर आरोप लगे है। इस घटना में महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। पीड़ित परिवार ने बताया कि पूजा की एक साल पहले जंडियाला के पंढौरी में शादी हुई थी। जहां उनका अक्सर घरेलु विवाद रहता था। परिवार का आरोप है कि आज उसकी सास ने उसे जहरीली वस्तु पिला दी, जिसके चलते उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल में लेकर आए है, जहां डॉक्टरों द्वारा महिला का उपचार किया जा रहा है।

    वहीं इस मामले को लेकर पीड़ित महिला का पति मीडिया के सामने आया है। जिसका नाम जसपाल सिंह है और वह पुलिस कांस्टेबल मोहाली में तैनात है। जसपाल का आरोप है कि पत्नी उसे परिवार के साथ ना रहने के लिए अक्सर कहती रहती है। जसपाल ने कहा कि पत्नी और मां दोनों की आपस में काफी समय ने नहीं बन रही। उन्होंने कहा कि आज दोपहर 12 बजे उसकी पत्नी ने खुद फरनैल पी थी और अंदर से दरवाजा बंद कर उन्हें बाहर कर दिया था। जिसके बाद जसपाल ने कहा कि उसने दरवाजा तोड़ उसे बाहर निकाला। 

    वहीं इस मामले को लेकर एसएमओ गीता का बयान सामने आया है। एसएमओ ने बताया कि उनके पास गंभीर हालत में महिला इमरजेंसी में आई थी। जिसने कोई जहरीली वस्तु निगल ली थी। डॉक्टर ने बताया कि अब उसकी हालत खतरे से बाहर है। डॉक्टर ने कहा कि घरेलू झगड़े का मामला है, इस मामले को लेकर उन्होंने पुलिस को सूचित कर दिया है। 

  • पंजाबः एक्शन में प्रशासन, DC-SSP ने की बसों की चेकिंग कर काटे चालान

    लुधियानाः हरियाणा के महेंद्रगढ़ में स्कूल बस हादसे के बाद खन्ना में प्रशासन एक्शन मोड़ में आ गया है। जिसके चलते सेफ स्कूल वाहन पालिसी का पालन कराने के लिए डीसी साक्षी साहनी तथा एसएसपी अमनीत कौंडल के दिशा निर्देशों पर पुलिस प्रशासन की तरफ से स्कूली बसों की चेकिंग तेज कर दी गई है। इसके तहत समराला चौक में स्पेशल नाका लगाकर डीएसपी करमजीत तूर ने खुद चेकिंग की। चेकिंग के दौरान स्कूल बसों की हालत, ड्राइविंग लाइसेंस, कागजात, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, बस का परमिट, मेडिकल किट, आग नियंत्रण यंत्र, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, पीने लायक पानी इत्यादि सुविधाएं आदि चेक की गई। उक्त यंत्र न होने पर स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाने की चेतावनी दी गई।

    इसके साथ ही स्कूलों में जाकर बस ड्राइवरों, कंडक्टरों, महिला सहायक, स्कूल प्रबंधकों व बच्चों के स्वजनों को पालिसी संबंधी जागरूक करने के लिए सेमिनार लगाने की बात भी कही गई। खन्ना में डीएसपी ट्रैफिक ने नाका लगाकर छुट्टी के समय बच्चों को छोड़ने जा रही बसों की चेकिंग की। 5 बसों के चालान काटे गए। सेफ स्कूल वाहन पालिसी की पालन न करने पर वाहन थाने में बंद करने की चेतावनी दी। डीएसपी ट्रैफिक करमजीत तूर ने बताया कि एसएसपी अमनीत कौंडल के निर्देशों पर बसों की चेकिंग की गई। जिन बसों में खामियां थीं उनके चालान काटे गए। बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएसपी ने कहा कि आने वाले दिनों में भी यह चेकिंग जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।

    बता दें कि, दो दिन पहले ही डीसी ने समूह एसडीएम, सचिव आरटीए, जिला बाल सुरक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग, ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों से बैठक की थी। जिसमें जिले के सभी स्कूलों के प्रिंसिपल भी शामिल हुए थे। डीसी ने निर्देश दिए थे कि पालिसी के तहत स्कूली वाहनों की चेकिंग कर बच्चों की सुरक्षा यकीनी बनाई जाए। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की हिदायत का पालन करते हुए पालिसी को लागू करने में ढील न की जाए।

  • पंजाब : तेजधार हथियारों से व्यक्ति का कत्ल, देखें वीडियो

    अमृतसर : एक तरफ जहां लोकसभा चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है, गश्त की जा रही है, वहीं लूट और हत्या की घटनाएं सामने आ रही है। फिर भी अराजक तत्वों द्वारा वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। जंडियाला के गांव धीर कोट में सुखदेव सिंह नाम के व्यक्ति की हत्या करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार सुखदेव सिंह धड़कसा सुबह मोटर चलाने बंबी पर गया हुआ था। जिसके बाद उसकी धीरकोट गांव के पास तेजधार हथियारों से हत्या कर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। इस मौके पर पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि मृतक का नाम सुखदेव सिंह है और उसकी उम्र करीब 47 साल है।

    वह सुबह 3 बजे मोटर चलाने बंबी पर गया था। उन्होंने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते इसकी हत्या की गई है। अधिकारी ने कहा कि इसकी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि तेजधार हथियार से सुखदेव की हत्या की है। सुखदेव का शव उसकी मोटर के ऊपर पड़ा हुआ था। हम जांच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, मृतक के परिजनों ने बताया कि वे सुबह साढ़े तीन बजे मोटर छोड़ने के लिए बंबी गया था। परिजनों ने बताया कि हमें करीब छह बजे सूचना मिली।

    जिसके बाद प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और कार्रवाई की जा रही है। मृतक का चेहरा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। मौके पर पुलिस प्रशासन को सूचना दे दी गयी है, वे जांच कर रहे है। वहीं शव देखने वाले लोगों ने बताया कि मृतक की पहचान कपड़ों से हुई है। उन्होंने बताया कि पास में एक हड्डी रेड़ी है। मृतक का सिर्फ कंकाल ही नजर आ रहा था, खोपड़ी साफ दिख रही थी, कपड़ों से ही उसकी शक्ल पहचान हुई है। लाश की हालत इतनी खराब थी और शव पर चोटों के निशान थे। शव की केवल हड्डियाँ ही दिखाई दे रही थीं, पास ही कुत्ते घूम रहे थे, कुत्तों ने शव बुरी तरह नोंचा हुआ था।

  • ਪੰਜਾਬ : ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਨੇ SSP ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਮੰਗ ਪੱਤਰ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ : ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਆਏ ਦਿਨ ਹੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਨਿਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀਆਂ ਨੂੰ ਧਮਕੀਆਂ ਮਿਲਣ ਦੀ ਘਟਨਾਵਾਂ ਘਟਣ ਦਾ ਨਾਂ ਨਹੀਂ ਲੈ ਰਹੀਆਂ। ਤਾਜਾ ਮਾਮਲਾ ਹੈ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਜੰਡਿਆਲਾ ਗੁਰੂ ਦਾ ਜਿੱਥੇ ਕਿ ਇੱਕ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਨੂੰ ਉਸਦੀ ਗੱਡੀ ਉੱਤੇ ਕਿਸੇ ਅਗਿਆਤ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਜਾਨੋ ਮਾਰ ਦੇ ਧਮਕੀ ਦੇ ਪੱਤਰ ਲਿਖਿਆ ਗਿਆ। ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਸ ਵੱਲੋਂ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਐਸਐਸਪੀ ਦੇ ਨਾਲ ਮੁਲਾਕਾਤ ਕਰ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਸਾਰੀ ਕਹਾਣੀ ਦੱਸੀ ਗਈ। ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਜੰਡਿਆਲਾ ਗੁਰੂ ਦੇ ਨਜ਼ਦੀਕ ਆਪਣੀ ਗੱਡੀ ਪਾਰ ਕਰਕੇ ਗਏ ਹੋਏ ਸਨ।

    ਲੇਕਿਨ ਜਦੋਂ ਵਾਪਸ ਆਏ ਤੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਗੱਡੀ ਦੇ ਉੱਤੇ ਧਮਕੀਆਂ ਭਰੇ ਪੱਤਰ ਮਿਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਐਸਐਸਪੀ ਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਸੀਂ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਹਾਂ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਹਾਂ। ਜਿਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕਈ ਸ਼ਰਾਰਤੀ ਅਨਸਰ ਹਨ, ਜਿਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਜਾਨੋ ਮਾਰਨ ਦੀ ਧਮਕੀ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਨਹੀਂ ਬਹੁਤ ਵਾਰ ਦੇ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ।

    ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਮਾਪਤ ਐਸਐਸਪੀ ਨਾਲ ਜਦੋਂ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤਾਂ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਆਸਵਾਸਨ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਜਾਣ ਮਾਲ ਦੀ ਰਾਖੀ ਉਹ ਜਰੂਰ ਕਰਨਗੇ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਸੀਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਸਲਾ ਲਾਇਸੰਸ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਇਜਾਜ਼ਤ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ। ਤਾਂ ਜੋ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੀ ਜਾਨ ਮਾਨ ਦੀ ਰਾਖੀ ਖੁਦ ਕਰ ਸਕਣ। ਇਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿਸ ਜਗਹਾ ਤੇ ਇਹ ਪਤਰ ਲਿਖਿਆ ਗਿਆ ਉਸ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ ਕੋਈ ਵੀ ਸੀਸੀਟੀਵੀ ਨਜ਼ਰ ਨਹੀਂ ਆ ਰਹੀ। ਲੇਕਿਨ ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਅਸੀਂ ਬਰੀਕੀ ਦੇ ਨਾਲ ਜਾਂਚ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ।

  • जालंधरः फगवाड़ा गेट में मोहल्ले में दुकानें बनाने को लेकर हुआ विरोध, नगर निगम के खिलाफ की नारेबाजी, देखें Live

    जालंधर, ENS: फगवाड़ा गेट में चड्डा मोबाइल हाउस के पास स्थित मोहल्ला निवासियों द्वारा नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। मोहल्ला निवासियों का आरोप है कि गली में अवैध रूप में दुकानें बनाई जा रही है। जिसको लेकर मोहल्ला निवासियों ने नगर निगम की मिल भुगत के आरोप लगाए है। इसी मामले के लेकर आज लोग इकट्ठे हुए है और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है। इस प्रदर्शऩ में भारी मात्रा में महिलाएं शामिल है। उनका कहना है कि वह इलाके में दुकानें नहीं बनने देंगे। लोगों का कहना है उनका रिहायशी एरिया है। यहां पर उक्त व्यक्ति ने कुछ समय पहले मकान खरीदा है। जिसके बाद वह अब यहां पर दुकाने बनाने में लगा हुआ है। 

    उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर मोहल्ला निवासियों ने प्रशासन को शिकायत दी हुई है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पहले यहां पर गैराज था। लोगों ने कहा कि कुछ दिन पहले निगम अधिकारी आया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। वहीं इस मामले को लेकर उन्होने कहा कि उक्त मकान मालिक को यहां पर दुकान बनाने के लिए मना किया तो वह कहने लगा कि वह उनका जवाबदेही नहीं है। लोगों का कहना है कि अगर यहां पर दुकाने बन गई तो उनकी गली का रास्ता बंद हो जाएगा।

    लोगों ने कहा कि 10 अप्रैल को शिकायत दी हुई है, लेकिन आज 18 अप्रैल हो गई है कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इस मामले को लेकर आज मोहल्ला निवासियों ने अधिकारियों को फोन भी किया, लेकिन कोई फोन हीं उठा रहे। उन्होंने कहा कि अजय नामक बिल्डिंग इंस्पेक्ट से वह कई बार शिकायत कर चुके है। वहीं शिकायत की कॉपी नगर कमिशनर को मेल के जरिए शिकायत दी जा चुकी है। लोगों का कहना हैकि अगर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं की जाती तो वह इसी तरह धरना लगाकर निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखेंगे।

  • तालाब में नहाने गए 5 दोस्त डूबे, 2 की मौ+त, देखें वीडियो

    पंचकूलाः मोरनी के समीप जंगल में स्थित तालाब में नहाने गए 5 दोस्तों में से दो की डूबने से मौत हो गई। जबकि एक युवक को उसके दोस्तों ने बचा लिया। सूचना पाकर चंडीमंदिर थाना पुलिस पहुंची और घटनास्थल की जांच की। अंधेरा होने के कारण शवों को वीरवार को सुबह निकाला जाएगा। मृतकों की पहचान इरफान (18) मनीमाजरा चंडीगढ़ और प्रिंस (18) रामगढ़ पंचकूला निवासी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अजय मनीमाजरा निवासी ने बताया कि वह अपने चार दोस्त अमन, इरफान, प्रिंस और गांधी के साथ बुधवार मोरनी स्थित निजी होटल से करीब 3 किलोमीटर दूर जंगल में बने तालाब में नहाने के लिए गए थे। वहीं पुलिस के अनुसार इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है।

    अजय ने बताया कि इरफान, प्रिंस और अमन नहाने के बाद तालाब के किनारे पर खड़े थे। अचानक पैर फिसलने के बाद तीनों तालाब में गिर गए। अजय और गांधी ने तुरंत अमन को बाहर निकाल लिया। लेकिन पानी अधिक होने के कारण वे इरफान और प्रिंस को बाहर नहीं निकाल पाए। जंगल में मोबाइल फोन का नेटवर्क न होने के कारण युवक जंगल से बाहर आए और चंडीमंदिर थाने में पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। सूचना पाते ही चंडीमंदिर थाना एसएचओ पृथ्वी सिंह व अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। इरफान अपने मामा की केमिस्ट की दुकान मनीमाजरा में काम करता था। आज सुबह शवों को बाहर निकाला गया। जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच अधिकारी एएसआई रविंदर राणा ने बताया कि दोनों का पोस्टमार्डम करवाकर शव परिवार को सौप दिये जाएंगे।

  • भगवां कपड़े पहनने को लेकर हुआ बवाल, स्कूल में की गई तोड़फोड़, प्रिंसिपल पर केस दर्ज 

    मंचेरियलः तेलंगाना के एक मिशनरी स्कूल को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां बच्चों के स्कूल में भगवां कपड़े पहनकर आने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने भगवां पहनकर स्कूल आए कुछ बच्चों को रोका था। घटना हैदराबाद से 250 किमी दूर मंचेरियल जिले के कन्नेपल्ली गांव का है। स्कूल का नाम ब्लेस्ड मदर टेरेसा स्कूल है। इस मामले को लेकर गुस्साई भीड़ ने स्कूल में तोड़फोड़ की। वहीं प्रिंसिपल और अन्य अधिकारियों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।

    डंडेपल्ली पुलिस के मुताबिक, छात्रों के पेरेंट्स की शिकायत के आधार पर IPC के सेक्शन 153 (A) (धर्म और जाति के आधार पर दो समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाना) और 295 (A) (धार्मिक भावनाओं को आहत करना) के मामले में केस दर्ज किया गया है। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, कुछ बच्चे यूनिफॉर्म की जगह भगवां वस्त्र पहनकर आए थे। प्रिंसिपल ने इन बच्चों से भगवां कपड़े पहनकर आने का कारण पूछा। बच्चों ने जवाब दिया कि उन्होंने हनुमान दीक्षा ली है, जिसका उन्हें 21 दिन तक पालन करना है। तब प्रिंसिपल ने उन्हें अपने पेरेंट्स को लाने को कहा। इस वाकये का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जिसमें दावा किया गया कि प्रिंसिपल बच्चों को स्कूल में भगवां कपड़े पहनकर आने से रोका है।

    इसके बाद भीड़ ने स्कूल पर हमला किर दिया। भगवा कपड़े पहने कुछ लोगों ने स्कूल की खिड़कियों पर पत्थर फेंके। इसके बाद बच्चों के पेरेंट्स ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रिंसिपल जैमॉन जोसेफ समेत स्कूल के दो स्टाफ मेंबर्स के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की। भीड़ ने स्कूल मैनेजमेंट से माफी मांगने को कहा। इसका फुटेज भी स्कूल प्रबंधन ने मुहैया करवाया है। कुछ रिपोर्ट्स में ये दावा भी किया गया है कि भीड़ ने प्रिंसिपल के साथ मारपीट की और उनके माथे पर जबरदस्ती तिलक भी लगाया।

  • पंजाबः 10 वीं का रिजल्ट आने पर स्कूल में जश्न का माहौल, अव्वल रही छात्रों के आए बयान, देखें वीडियो

    लुधियानाः पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 10 वीं के नतीजे आज घोषित किए गए। जिसमें इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी। वहीं लुधियाना की 2 छात्रा अदिती और अलीषा अव्वल रही। लुधियाना के तेजा सिंह स्वतंत्र मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की दो लड़कियों अदिति और अलीशा ने क्रमशः पहला और दूसरा स्थान प्राप्त किया, अदिति ने 650 में से 650 अंक प्राप्त किए और अलीशा ने 650 में से 645 अंक प्राप्त किए। दोनों छात्रों के अव्वल आने की खुशी में स्कूल में छात्राओं में जश्न मनाया गया।

    स्कूल में छात्रों ने जमकर भांगड़ा डाला। इस दौरान दोनों छात्राओं ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह काफी खुश है कि उनकी मेहनत रंग लाई। इस मौके पर दोनों बच्चों ने कहा कि वे इसके बाद आगे पढ़ाई करके डॉक्टर बनना चाहते हैं और इस बात से उनके माता-पिता भी काफी खुश हुए और स्कूल के टीचर्स भी इस बात से काफी गौरवान्वित दिखे। वहीं तेजा सिंह स्कूल के डायरेक्टर दानिश ने बताया कि उन्हें बहुत खुशी है कि उनके स्कूल के दो बच्चे अव्वल आए। 

    पंजाब में पहले स्थान पर रही अदिति के पिता अजय कुमार सिंह की न्यू शिमला पुरी में दुकान है। अदिति का कहना है कि उसने यह मुकाम सेल्फ स्टडीज करके ही हासिल किया है। वे दिन में 6 से 7 घंटे तक पढ़ती रही। साथ ही आज के काम को कल पर नहीं छोड़ा और खुद को अपडेट रखा। इसके अलावा अध्यापक ने स्कूल में जो भी पढ़ाया उसे अच्छी तरह से याद कर लिया। वह जीवन में डाक्टर बनना चाहती हैं। आगे वे मेडिकल की शिक्षा हासिल करेंगी। इस उपलब्धि में उनके परिवार एवं अध्यापकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

    जबकि पंजाब में दूसरे स्थान पर रही अलिशा शर्मा का कहना है कि उसके पिता पुरोहित हैं। वह कॉर्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती है। इसलिए वह आगे मेडिकल की शिक्षा हासिल करेगी। अलिशा कहती है कि उसने खुद ही मेहनत की है और दिन में चार से पांच घंटे तक पढ़ती रही। इस उपलब्धि में उनके परिवार एवं अध्यापकों का अहम योगदान रहा। अध्यापकों ने उनको खूब मेहनत कराई।