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  • Jalandhar के नौजवान की विदेश में मौत, परिवार शव भारत लाने के लिए जुटा रहा Fund, देखें वीडियो

    Jalandhar के नौजवान की विदेश में मौत, परिवार शव भारत लाने के लिए जुटा रहा Fund, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: विदेशों में पंजाबी नौजवानों की मौत की घटनाओं का आकंड़ा लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ समय से कनाडा में हार्ट अटैक से कई पंजाबियों की मौत हो चुकी है। वहीं पढ़ाई के लिए गए 2023 में स्टडी वीजा पर गए जालंधर के नौजवान की हार्ट अटैक से 7 अप्रैल को मौत हो गई। मृतक की पहचान आकाशदीप सिंह के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार आकाशदीप सिंह कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर में रहा था। बताया जा रहा है कि दोस्तों ने देखा कि आकाशदीप फर्श पर गिरा पड़ा था। जिसके बाद दोस्त उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने आकाशदीप को मृतक घोषित कर दिया। आकाशदीप की मौत के बाद से वहां के भारतीय समुदाय और पंजाब में उनके पैतृक गांव में शोक की लहर है। आकाशदीप की मौत की खबर मिलते ही उसकी बहन और जीजा सस्काटून से मॉन्ट्रियल पहुंचे। वहां का मंजर देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

    आकाशदीप की बहन नवजोत कौर का भाई का कपड़ों से भरा सूटकेस देख फूट-फूटकर बुरा हाल हो रहा। नवजोत ने बताया कि परिवार ने अभी कुछ समय पहले ही आकाशदीप को कपड़े भेजे थे। अभी उसके सूटकेस भी पैक हैं और कपड़ों से टैग तक नहीं उतरे थे कि भाई की मौत की सूचना आई। बहन ने बताया कि आकाशदीप 7 अप्रैल को रूटीन की तरह कॉलेज गया था। वहां से आने के बाद वह अपने कमरे में आराम कर रहा था कि उसे हार्ट अटैक आ गया। जैसे ही उसके रूममेट को पता चला तो वह तुरंत उसे अस्पताल लेकर गए जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

    बहन ने बताया कि आकाशदीप का संस्कार नहीं किया गया है। उसके शव को भारत लेकर जाने के लिए पैसों की जरूरत है और वह आनइलान फंड जुटा रहे हैं। गो फंडिंग के जरिए भारतीय और पंजाबी कम्युनिटी के लोग फंडिंग कर रहे हैं और 5 हजार डालर के करीब फंडिंग मिल चुकी है। बहन ने कहा कि जिस बेटे के स्वागत की मां भारत में राह देख रही थी, अब उसी बेटे की अस्थियां वहां पहुंचेंगी। आकाशदीप के परिवार की स्थिति काफी नाजुक बताई जा रही है। बेटे को विदेश भेजने के लिए परिवार ने भारी ‘स्टडी लोन’ लिया था। अब न केवल परिवार ने अपना बेटा खो दिया है, बल्कि उन पर कर्ज का बड़ा आर्थिक बोझ भी है।

     

     

  • आईएमसी हिसार परियोजना ने पकड़ी गति, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की प्रगति की समीक्षा

    आईएमसी हिसार परियोजना ने पकड़ी गति, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की प्रगति की समीक्षा

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में महत्वाकांक्षी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) हिसार परियोजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों को शीघ्रता से लागू करने के निर्देश दिए।

    बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और इसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    नागरिक उड्डयन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुपमा ने बताया कि परियोजना विभिन्न मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना निर्माण, बुनियादी ढांचा विकास तथा नियामकीय स्वीकृतियों पर समानांतर रूप से कार्य किया जा रहा है।

    अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत विकसित की जा रही यह परियोजना हिसार को आधुनिक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 1,605 एकड़ क्षेत्र में फैली इस परियोजना के बड़े हिस्से को पर्यावरण सम्बन्धी मंजूरी मिल चुकी है, जबकि शेष क्षेत्र के लिए स्वीकृतियां अंतिम चरण में हैं। इस क्लस्टर में बड़े पैमाने पर विनिर्माण निवेश आकर्षित करने और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की क्षमता है।

    बैठक में नागरिक उड्डयन, सिंचाई एवं जल संसाधन, बिजली वितरण कंपनियों और परियोजना से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

  • Punjab News: Jalandhar-Moga Road पर चली गोलियां, स्कॉर्पियों में मिला व्यापारी का शव, देखें वीडियो

    Punjab News: Jalandhar-Moga Road पर चली गोलियां, स्कॉर्पियों में मिला व्यापारी का शव, देखें वीडियो

    मोगाः जालंधर-मोगा रोड पर गांव चौधरीवाला के पास एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक गारमेंट दुकान के मालिक की गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 29 वर्षीय गुरप्रीत सिंह उर्फ गैरी पुत्र कुलवंत सिंह के रूप में हुई है। मृतक गैरी धर्मकोट में रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाता था। मिली जानकारी के अनुसार गैरी स्कॉर्पियो एन गाड़ी सर्विस करवाने के लिए जालंधर हाईवे पर बने सर्विस स्टेशन गया था। इसी दौरान उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई है। युवक के सिर पर गोली लगी। घटना का पता उसे समय लगा जब मृतक के छोटे भाई को गाड़ी की लोकेशन ट्रेस हुई और मौके पर दुकान पर लगे कर्मचारियों को भेज कर पता किया गया।

    घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस टीम पहुंची। घटना को लेकर परिवार का रो-रो-कर बुरा हाल हो रहा है। परिवार के लोग उसे लहूलूहान अवस्था में मोगा के निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे जहां से उसको सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहां डॉक्टर जांच के दौरान गुरप्रीत सिंह गेरी को मृत घोषित कर दिया गया बताया जा रहा है गुरप्रीत सिंह को पिछले समय धमकी बाद फोन आया था इसके बाद पुलिस ने गुरप्रीत सिंह को एक सुरक्षा कर्मी तैनात किया था लेकिन घटनाक्रम के दौरान गुरप्रीत सिंह के पास कोई भी सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं था।

    वहीं मामले की जानकारी देते हुए थाना धर्मकोट के मुख्य अधिकारी लक्षमण सिंह का कहना है कि मृतक के भाई ने बताया कि गैरी कुछ समय से डिप्रेशन में था और आज वह अपनी गाड़ी लेकर घर से निकला था। जीपीआरएस सिस्टम के जरिए जब उन्होंने गाड़ी एक स्थान पर खड़ी देखी, तो तुरंत गाड़ी का पीछा किया। जब जाकर देखा तो गैरी खून से लथपथ पड़ा हुआ था और उसकी मौत हो चुकी थी। थाना मुखी लसन सिंह ने बताया कि मृतक व्यक्ति के पास से 45 बोर का लाइसेंस रिवॉल्वर भी बरामद कर लिया गया है। इस मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। मृतक की लाश को कब्जे में लेकर पुलिस द्वारा अगली कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। मृतक की शव को सिविल अस्पताल के शव ग्रह में रखवा दिया गया है।

    वहीं एसएसपी अजय गांधी ने कहा कि आज स्कार्पियों में गुरप्रीत सिंह ने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अब तक की जांच में सामने आया है कि गुरप्रीत द्वारा सुसाइड किया गया है और वह कुछ समय से डिप्रैशन में चल रहे थे। सोशल मीडिया पर गलत खबरें चल रही है कि गुरप्रीत का मर्डर हुआ है, लेकिन मर्डर जैसा कोई मामला सामने नहीं आया है।

     

     

  • शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने ऊना में फहराया राष्ट्रीय ध्वज, हिमाचल दिवस पर दी शुभकामनाएं

    शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने ऊना में फहराया राष्ट्रीय ध्वज, हिमाचल दिवस पर दी शुभकामनाएं

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल दिवस के अवसर पर ऊना में जिला स्तरीय कार्यक्रम पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) के मैदान में आयोजित समारोह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने ऊना जिलावासियों को हिमाचल दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और हिमाचल प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति तथा विकास यात्रा का उल्लेख किया।

    उन्होंने हिमाचल प्रदेश के निर्माता डॉ. वाई.एस. परमार को नमन करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों एवं महानायकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश केवल देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि के रूप में भी देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

    शिक्षा क्षेत्र में हिमाचल अग्रणी राज्य, साक्षरता दर में सर्वोपरि, शिक्षा में तेजी से आगे बढ़ा हिमाचल

    रोहित ठाकुर ने कहा कि जब हिमाचल अस्तित्व में आया था उस समय यहां साक्षरता दर बहुत कम थी, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। अब प्रदेश की साक्षरता दर करीब 99.30 प्रतिशत है और देश में अग्रणी हैं।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा में लगातार काम किया जा रहा है। इसके सुखद परिणाम भी प्राप्त होने लगे हैं। हाल ही में राष्ट्रीय स्तर के एक सर्वे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल पहले के 21वें स्थान से अब 5वें स्थान पर पहुंच गया है। यह प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है।

    सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर फोकस

    ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ और रिक्तियों की भर्ती सुनिश्चित की गई है।

    लंबे समय से रिक्त पड़े लगभग 90 प्रतिशत स्कूली और महाविद्यालयों प्रधानाचार्यों के पदों को भरा गया है। इसी कड़ी में करीबन 850 प्रधानाचार्यों को पदोन्नत किया गया। वहीं महाविद्यालयों में 500 लेक्चरर, 484 सहायक प्रोफेसर सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। साथ ही, स्कूलों में जेबीटी और टीजीटी के रिक्त पद भी भरे गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके।

    विकट परिस्थितियों में भी नहीं थमने दिया विकास का पहिया

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की कमान संभाली, तब पिछली सरकार राज्य पर 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण छोड़कर गई थी और आर्थिक व्यवस्था चरमराई हुई थी। इसके साथ ही वर्तमान सरकार को प्राकृतिक आपदाओं की गंभीर चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। वर्ष 2023 में प्रदेश को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के आधारभूत ढांचे का नुकसान हुआ, जबकि वर्ष 2025 में भी प्राकृतिक आपदाओं से करीब 9 हजार करोड़ रुपये की क्षति हुई।

    उन्होंने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी एवं सक्षम नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विकास की रफ्तार को रुकने नहीं दिया। व्यावहारिक और सख्त निर्णय लेकर आय के नए स्रोत विकसित किए गए, जिससे विकास कार्यों को नई गति मिली।

    कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) जारी कर राहत प्रदान की है तथा पुरानी पेंशन योजना लागू कर कर्मचारियों के हितों की रक्षा की है।
    किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऊना जिला प्रदेश का प्रवेश द्वार है और यहां आलू उत्पादन बड़े स्तर पर होता है। किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यहां 20 करोड़ रुपये की लागत से आलू प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो, गेहूं का 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो तथा हल्दी का 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो किया गया है।

    इसके अतिरिक्त, गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का 61 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है, ताकि अधिक से अधिक युवा डेयरी व्यवसाय से जुड़ सकें।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार

    मुख्यातिथि ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में आधुनिक मशीनरी एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 3 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।                         
    कांगड़ा बनेगा पर्यटन राजधानी

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिला को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए उसे टूरिज्म कैपिटल के रूप में विकसित करने की नीति बनाई है। साथ ही गगल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया गया है, जिससे पर्यटन और रोजगार को नया आयाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के समग्र, संतुलित और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा हर वर्ग के कल्याण हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।

    समारोह के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक योजनाओं, जनहितकारी कार्यक्रमों और सरकारी उपलब्धियों को प्रदर्शित करती आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके साथ ही समारोह में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। समारोह स्थल पर विभिन्न विभागों ने विकास प्रदर्शनी भी लगाई थी। शिक्षा मंत्री ने उसका भी अवलोकन किया।

    इन्हें किया सम्मानित

    जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को शिक्षा मंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया। इनमें अपने दायित्वों को पूरी कर्तव्यनिष्ठा, जनसुरक्षा के प्रति समर्पण भाव के साथ-साथ कानून व्यवस्था तथा समाज में शांति एवं सुरक्षा स्थापित को लेकर किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना संजीव भाटिया, डीएसपी अंब अनिल पटियाल, डीएसपी हरोली मोहन रावत, एसएचओ पीएस चिंतपूर्णी निरीक्षक जय राम कुमार, एसएचओ महिला पुलिस थाना ऊना सुमन वालस, एसएचओ पीएस अंब निरीक्षक रूप सिंह, पुलिस अधीक्षक कार्यालय ऊना से निरीक्षक सुमन वालस, सहायक पुलिस निरीक्षक परम देव, टाहलीवाल थाना से दविंदर सिंह, कांस्टेबल राकेश कुमार और पीएस सदर ऊना से होमगार्ड रोहित कुमार को सम्मानित किया गया।

    वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोनिया शर्मा, चिंतपूर्णी सिक्योरिटी से वरिष्ठ प्लाटून कमांडर सोम दत्त शर्मा, हवलदार जनकराज, एसडीओ एमसी ऊना अंकुश राणा और डीसी कार्यालय ऊना से साक्षी सैणी को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा मार्च पास्ट में पुरूष व महिला पुलिस, होमगोर्ड, एनसीसी, भारत स्काउट एंड गाइड, आपदा मित्र सहित होमगार्ड बैंड को भी सम्मानित किया गया। इससे पहले, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने एमसी पार्क स्थित शहीद स्मारक में जाकर अमर बलिदानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

    ये रहे उपस्थित

    समारोह में गगरेट के विधायक राकेश कालिया, कुटलैहड के विधायक विवेक शर्मा, पूर्व मंत्री एवं हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान, ऊना के पूर्व विधायक सतपाल  रायजादा, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव रणजीत राणा, जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी देशराज गौतम, हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा और दिग्विजय मल्होत्रा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक नेता, जगत राम शर्मा, उपायुक्त ऊना जतिन लाल, एएसपी ऊना संजीव भाटिया और सुरिंदर शर्मा तथा एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल सहित अन्य उपस्थित रहे।

     

  • Punjab News: टांडा में ₹150 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट लॉन्च, कंडी क्षेत्र की 70 साल की अनदेखी खत्म; CM भगवंत मान

    Punjab News: टांडा में ₹150 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट लॉन्च, कंडी क्षेत्र की 70 साल की अनदेखी खत्म; CM भगवंत मान

    टांडा (होशियारपुर), 15 अप्रैल 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लंबे समय से विकास से वंचित कंडी क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए टांडा उरमुर में ₹150 करोड़ की लागत वाले व्यापक विकास प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं है, बल्कि पिछले करीब 70 वर्षों से चली आ रही उपेक्षा और राजनीतिक भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से दूर रखा, जिसके कारण यहां के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। अब राज्य सरकार इस क्षेत्र को समग्र विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    सड़क, पुल, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा निवेश

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि ₹141.88 करोड़ की लागत से लिंक सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन के प्रोजेक्ट्स लोगों को समर्पित किए गए हैं। इससे ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और व्यापार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी, उन्होंने बताया कि गurdwara रामपुर खेड़ा साहिब जाने वाली संगत की सुविधा के लिए ₹2.39 करोड़ की लागत से हाई-लेवल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा, जिससे हर मौसम में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा।

    स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कंधाला शेखां, राजपुर, धुग्गा कलां, प्रेमपुर, गिलजियां और जहूरा गांवों में आधुनिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा गढ़दीवाला में ₹1.35 करोड़ की लागत से अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर बनाया जा रहा है, जिससे शहरी क्षेत्र के लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी।

    तलवंडी डड्डियां गांव में ₹1.54 करोड़ की लागत से पेयजल आपूर्ति परियोजना भी शुरू की गई है, जो स्वच्छ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने में मदद करेगी।

    शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2024 में देश में पहला स्थान हासिल किया है, जो शिक्षा व्यवस्था में सुधार का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में 740 छात्रों ने JEE और 1284 छात्रों ने NEET जैसी कठिन परीक्षाएं पास की हैं। राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले ही शुरू हो चुके हैं। इन स्कूलों का उद्देश्य छात्रों को उनकी क्षमता और रुचि के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में 990 आम आदमी क्लीनिक पहले से संचालित हैं, जहां 107 दवाइयां और 47 प्रकार के टेस्ट मुफ्त उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जल्द ही 400 और क्लीनिक खोले जाएंगे ताकि हर नागरिक को उसके घर के पास ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लगभग 65 लाख परिवारों को हेल्थ कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिससे प्रत्येक परिवार को ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल रहा है। अब तक लाखों लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।

    किसानों को राहत और सिंचाई व्यवस्था में सुधार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य में किसानों को दिन के समय बिजली दी जा रही है, जिससे उनकी कार्यक्षमता और जीवन स्तर में सुधार आया है। उन्होंने बताया कि सिंचाई के लिए नहरों के पानी का उपयोग पहले 22 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 71 प्रतिशत हो गया है और इसे जल्द ही 90 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। इससे भूजल पर निर्भरता कम होगी और कृषि अधिक टिकाऊ बनेगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, खेल मैदानों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास पर भी लगातार काम कर रही है।

    विपक्ष पर हमला

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाली दल और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों ने वर्षों तक केवल अपने राजनीतिक और पारिवारिक हितों को प्राथमिकता दी और जनता के विकास को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि अब पंजाब के लोग जागरूक हो चुके हैं और वे विकास आधारित राजनीति को समर्थन दे रहे हैं, न कि केवल वादों और प्रचार को।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पंजाब के हर क्षेत्र का संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स का पैसा पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों में लगाया जा रहा है और यह सीधे लोगों की भलाई में इस्तेमाल हो रहा है।

    उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पंजाब एक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में उभरेगा, जहां हर नागरिक को बेहतर जीवन स्तर और सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

  • Punjab News: किसानों ने किया ट्रेने रोकने का ऐलान, केंद्र को दी सख्त चेतावनी, देखें वीडियो

    Punjab News: किसानों ने किया ट्रेने रोकने का ऐलान, केंद्र को दी सख्त चेतावनी, देखें वीडियो

    अमृतसरः पंजाब में किसानों ने गेहूं की खरीद में हो रही देरी के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से 17 अप्रैल को दोपहर 12 से 3 बजे तक पूरे राज्य में रेल रोको कार्यक्रम करने का निर्णय लिया है। यह फैसला संयुक्त किसान मोर्चा, किसान मजदूर मोर्चा (पंजाब चैप्टर) और आजाद किसान मोर्चा से जुड़े संगठनों की चंडीगढ़ में हुई बैठक में लिया गया। किसान नेताओं ने केंद्र को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने पंजाब के लोगों और अन्य संगठनों से भी इस संघर्ष में साथ देने की अपील की है। किसानों का कहना है कि यह कदम उनकी मजबूरी है, क्योंकि वे अपनी मेहनत की फसल को बर्बाद होते नहीं देख सकते।

    किसानों का कहना है कि हाल ही में हुई बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसके बावजूद सरकार ने अभी तक गेहूं की खरीद प्रक्रिया सही तरीके से शुरू नहीं की है। मंडियों में किसानों की फसल पड़ी हुई है और उन्हें उचित दाम नहीं मिल रहे। इस मौके पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि लगातार प्राकृतिक आपदाओं के कारण पहले ही किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन सरकारें इस संकट के प्रति गंभीर नहीं हैं। मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू न होने से किसान परेशान हैं और उनकी फसल खुले में पड़ी खराब हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस स्थिति का फायदा उठाकर व्यापारियों द्वारा गेहूं के रेट में कटौती की जा रही है।

    इस संयुक्त आंदोलन को कई प्रमुख किसान संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें किसान मजदूर संघर्ष समिति, बीकेयू एकता आजाद, बीकेयू क्रांतिकारी, बीकेयू दोआबा सहित अन्य संगठन शामिल हैं। वहीं आजाद किसान मोर्चा ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है। किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तुरंत खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की और नियमों में ढील नहीं दी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों का आरोप है कि उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर व्यापारी फसल के रेट कम कर रहे हैं। किसान संगठनों ने मांग की है कि गेहूं की खरीद तुरंत शुरू की जाए और गुणवत्ता से जुड़े नियमों में ढील दी जाए ताकि नुकसान झेल चुके किसानों को राहत मिल सके। इसके अलावा मंडियों में बोरियों की कमी, छांव, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।

  • Haryana News: 4 ट्रैक्टर व 1 ट्रॉली सहित Punjab का आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Haryana News: 4 ट्रैक्टर व 1 ट्रॉली सहित Punjab का आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    पंचकूलाः हरियाणा की पंचकूला पुलिस के डिटेक्टिव स्टाफ ने इंस्पेक्टर निर्मल सिंह के नेतृत्व में ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार करके उसके कब्जे से चोरी की गई 4 ट्रैक्टर व 1 ट्रॉली बरामद की हैं। यह मामला थाना पिंजौर में दर्ज किया गया था, जिसमें शिकायतकर्ता राम करण ने बताया कि उसका ट्रैक्टर-ट्रॉली इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास से अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    प्रारंभिक जांच में कोई सुराग नहीं मिलने पर मामले को डिटेक्टिव स्टाफ पंचकूला को सौंपा गया। डिटेक्टिव स्टाफ की टीम ने लगभग 300 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तथा गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 11 अप्रैल 2026 को आरोपी जगतार सिंह उर्फ गोरा निवासी जिला पटियाला (पंजाब) को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी से चोरीशुदा ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद की। आगे की पूछताछ में आरोपी ने अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा किया, जिसके आधार पर पुलिस ने कुल 4 ट्रैक्टर व 1 ट्रॉली बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30-40 लाख रुपये है।

    इसके अलावा आरोपी के खिलाफ पंजाब में पहले से ही दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। बरामद किए गए वाहनों में स्वराज और सोनालिका कंपनियों के ट्रैक्टर शामिल हैं, जिन्हें पंचकूला के अलग-अलग स्थानों से चोरी किया गया था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है तथा मामले में आगे की जांच जारी है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।

    एसीपी क्राइम अरविंद कम्बोज ने कहा कि, “पंचकूला पुलिस अपराध पर अंकुश लगाने के लिए लगातार सक्रिय है। इस मामले में टीम ने प्रोफेशनल तरीके से काम करते हुए चोरी के गिरोह का पर्दाफाश किया है। आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।” वहीं डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने कहा कि, “वाहन चोरी जैसे अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार किया गया। आमजन से अपील है कि अपने वाहनों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।”

  • Punjab News: 5 वर्षीय पोती के साथ की क्रूरता, ASI सस्पेंड

    Punjab News: 5 वर्षीय पोती के साथ की क्रूरता, ASI सस्पेंड

    फरीदकोटः जिले के डोगर बस्ती इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक महिला एएसआई ने अपनी 5 साल की पोती के साथ दरिंदगी की हद पार कर दी। बताया जा रहा है कि महिला ने बच्चे के हाथ-पैर बांधकर उसे घर के बाहर गेट से जुड़ी जगह पर कई घंटों तक धूप में बंद करके रखा। यह लेडी एएसआई सर्वजीत कौर, थाना सदर में तैनात बताई जा रही है। घटना की वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसएसपी फरीदकोट डॉ. प्रज्ञा जैन ने गंभीर नोटिस लेते हुए उक्त लेडी एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।

    मिली जानकारी के अनुसार, जब पड़ोसियों को इस घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने घर का दरवाजा खटखटाया, पर अंदर से किसी ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद मोहल्लेवालों ने खुद बच्ची को छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन महिला बाहर आकर बच्ची को उठा कर अंदर ले गई। इस मामले को लेकर इलाके के लोग गुस्से में हैं और वे सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उधर, लेडी एएसआई सरबजीत कौर का पक्ष भी सामने आया है। एएसआई के मुताबिक उनके पति को ब्रेन स्ट्रोक है, जिससे वह पहले से ही काफी परेशान रहती हैं। उनकी पोती अक्सर घर से बाहर खेलने निकल जाती है।

    उनके घर के आसपास काफी प्रवासी लोग रहते हैं, जिसके चलते उन्होंने बच्ची को डराने के लिए ऐसा किया। उनका कहना है कि अब उन्हें गलती महसूस हो चुकी है। डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि बच्ची के माता-पिता पुर्तगाल गए हुए हैं। वो वहीं सेटल हो रखे हैं। लेडी एएसआई ही उसकी देखभाल कर रही थी। मंगलवार को बच्ची इधर-उधर घूमकर शरारत कर रही थी। जैसे ही दादी ने उसे ऐसा करने से रोका तो वो नहीं मानी। इससे नाराज एएसआई सरबजीत कौर बच्ची को गेट से बांध दिया और काफी देर धूप में तड़पता छोड़ दिया। लेडी एएसआई सरबजीत कौर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चे के साथ इस तरह की घटना बिल्कुल अस्वीकार्य है और पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए मामला बाल कल्याण समिति को भेज दिया है।

  • आनंद और उत्साह के शिखर पर सम्पन्न हुआ हरोली उत्सव–2026

    आनंद और उत्साह के शिखर पर सम्पन्न हुआ हरोली उत्सव–2026

    ऊना/सुशील पंडित: बैसाखी की उमंग और लोक संस्कृति के रंगों से सजा राज्यस्तरीय हरोली उत्सव 14 अप्रैल को आनंद और उत्साह के शिखर पर पहुंचकर भव्य समापन के साथ सम्पन्न हुआ। इस बार 11 से 14 अप्रैल तकसोनभद्र के तट पर हरोली मैदान रोड़ा में मनाया गया यह उत्सव अपार जनसमर्थन से जनमन का उत्सव बन गया।उत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में  रिकॉर्ड तोड़ जनसैलाब उमड़ा। इस दौरान जन-उत्साह अपने चरम पर नजर आया।
    समापन समारोह में पूर्व सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल मुख्य अतिथि रहीं, जबकि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को सम्मानित किया। मुख्य अतिथि रजनी पाटिल ने हरोली उत्सव के भव्य आयोजन पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री एवं समस्त क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने महानगरों में अनेक बड़े आयोजन देखे हैं, लेकिन हरोली की भव्यता और जनभागीदारी ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने उत्सव में महिलाओं और युवतियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन सामाजिक सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने भविष्य में भी इस उत्सव में शामिल होने की इच्छा जताई और कहा कि यह इतना भव्य आयोजन कि प्रयास रहेगा कि इसमें कभी अपने राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी को भी ज़रूर लाया जाए। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सभी को उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुकेश अग्निहोत्री की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व ने हरोली को विकास के नए आयाम दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध प्रयासों से हरोली ने शून्य से शिखर तक का प्रेरक सफर तय किया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने उत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों, अधिकारियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मेला यूं ही मनाया जाता रहेगा।  जनता का अपार समर्थन ही इस उत्सव की सबसे बड़ी ताकत है और आने वाले वर्षों में इसे और अधिक भव्यता एवं नवीनता के साथ आयोजित किया जाएगा।
    ‘सिया’ के सौजन्य से फैशन शो बना आकर्षण का केंद्र
    हरोली उत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय युवा उद्यमिता की झलक भी देखने को मिली। ऊना जिले के युवा उद्यमी अंकुश बड़जाता द्वारा स्थापित क्लोदिंग ब्रांड ‘सिया’ के सौजन्य से आयोजित फैशन शो ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस फैशन शो में साड़ी, लहंगा और सूट श्रेणियों में परिधानों की आकर्षक प्रस्तुति दी गई, जिसने पारंपरिक और आधुनिक फैशन का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। शो की विशेष आकर्षण रही मिस यूनिवर्स फाइनलिस्ट डॉ. रिजुल, जिनके साथ अन्य पेशेवर मॉडलों ने भी आत्मविश्वास और सौंदर्य से भरपूर रैंप वॉक कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
    अंकुश बड़जाता का ‘सिया’ ब्रांड आज स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर ऊना और अंब सहित आठ स्थानों पर अपने आउटलेट स्थापित कर चुका है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने अपने नवाचारपूर्ण बिजनेस मॉडल के साथ शार्क टैंक इंडिया में भी भाग लेकर सराहना प्राप्त की है। यह आयोजन क्षेत्रीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और युवाओं को फैशन इंडस्ट्री में अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।
    संगीतमय समापन ने बांधा समां
    अंतिम सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी संगीत जगत के लोकप्रिय कलाकार एमी विर्क और गुरलेज़ अख्तर ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से हरोली मैदान, रोड़ा में उमड़े जनसैलाब को झूमने पर मजबूर कर दिया। सुरों और उत्साह के इस संगम ने उत्सव के समापन को यादगार बना दिया।
    इस अवसर पर गगरेट के विधायक राकेश कालिया, बद्दी के विधायक राम कुमार, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा, हिमफैड के अध्यक्ष महेश्वर चौहान, हिमकोफेड के अध्यक्ष विक्रम शर्मा, प्रदेश कांग्रेस महासचिव रणजीत राणा, विनोद जिंटा, धर्मेंद्र धामी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, अशोक ठाकुर, पवन ठाकुर, सतीश बिट्टू, विनोद बिट्टू, मेहताब ठाकुर, सुभद्रा चौधरी, सुरेखा राणा, प्रशांत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
  • राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

    राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

    शिमला: तरांडा टनल के लिए 8 करोड़ रुपये, पॉलिटेक्निक कॉलेज को रोहड़ू से उरनी स्थानांतरित करने की घोषणा श्रेणी-1 व श्रेणी-2 के अधिकारियों के 3 प्रतिशत वेतन स्थगन को वापस लेने की घोषणा गैर-राजपत्रित पुलिस कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर एक रैंक उच्च पद देने की घोषणा हिमाचल प्रदेश ने आज 79वां हिमाचल दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर सम्पूर्ण राज्य में कार्यक्रम आयोजित किए गए। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह किन्नौर जिले के रिकांग पियो में आयोजित किया गया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। परेड का नेतृत्व डीएसपी उमेश्वर राणा ने किया, जिसमें 6वीं भारतीय रिजर्व बटालियन, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, जिला पुलिस किन्नौर, दूसरी भारतीय रिजर्व बटालियन (महिला), होमगार्ड, ट्रैफिक पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रिकांग पियो की एनसीसी इकाई, जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांग पियो, होमगार्ड बैंड तथा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोठी के बैंड दल ने भाग लिया।

    जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की बधाई दी और हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार तथा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को राज्य के गठन में उनके योगदान के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने किन्नौर जिले की सभी पात्र महिलाओं को ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि’ योजना के तहत 1500 रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने रिकांग पियो के सभी सरकारी संस्थानों, स्कूलों और घरों को भू-तापीय ऊर्जा आधारित केंद्रीय हीटिंग प्रणाली से जोड़ने की भी घोषणा की।

    इसके अतिरिक्त, तरांडा गांव को यातायात सुरंग के माध्यम से जोड़ने के लिए 8 करोड़ रुपये, छोल्टू उच्च पाठशाला को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्तरोन्नत करने तथा उसमें सीबीएससी पाठ्यक्रम लागू करने की घोषणा की गई। किन्नौर जिले का पॉलिटेक्निक कॉलेज, जो वर्तमान में रोहड़ू में संचालित हो रहा है, उसे जल्द ही उरनी में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने रिकांग पियो में निर्माणाधीन राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का कार्य छह महीने के भीतर पूरा करने की प्रतिबद्धता की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 4 किमी लंबी निगुलसरी-भावानगर सड़क को यातायात के लिए पास किया जा चुका है, जिससे किन्नौर और स्पीति के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि रिकांग पियो और शिमला के बीच हेली-टैक्सी सेवा शुरू की गई है। राज्य सरकार 415 करोड़ रुपये लागत की 125 किमी लंबी और 495 टावर वाली 66 केवी क्षमता की पूह-काजा ट्रांसमिशन लाइन परियोजना आरम्भ करने जा रही है, जिससे किन्नौर और स्पीति के लगभग 17,500 लोगों लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अन्तर्गत 45 किमी के सुमदो-काजा लाइन का सर्वे पूर्ण किया जा चुका है।

    राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप शिपकी-ला के माध्यम से चीन के साथ सीमा व्यापार 1 जून से दोबारा शुरू होने जा रहा है जो प्रदेश सरकार की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी शिपकी-ला के माध्यम से शुरू करने का मामला केन्द्र सरकार के समक्ष उठाया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अपेक्षित हैं। उन्होंने श्रेणी-1 और श्रेणी-2 अधिकारियों के 3 प्रतिशत वेतन स्थगन के निर्णय को वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लंबित ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण का भुगतान मई तक कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री, मंत्रिगण, विधायकों, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में 30 प्रतिशत और 20 प्रतिशत की कटौती फिलहाल जारी रहेगी।

    उन्होंने राज्य पुलिस के सभी पात्र गैर-राजपत्रित अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के दिन एक मानद उच्च पद प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य कर रहे पुलिस कर्मियों का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुझे आशा है कि इस पहल से पुलिस बल में नई ऊर्जा का प्रवाह होगा।’’

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद करने से राज्य को प्रति वर्ष 8 हजार से 10 हजार करोड़ रुपये और अगले पांच वर्षों में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के परिणामस्वरूप सरकार को वित्तीय अनुशासन अपनाना पड़ा है और गत वर्ष की तुलना में इसे वित्तीय वर्ष के बजट में तीन हजार करोड़ रुपये की कमी की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन चुनौतियों का सामना करेंगे और प्रदेश को विकास और उन्नति के पथ पर अग्रसर करने के लिए आय के नए स्रोत पैदा करेंगे। इस वित्तीय वर्ष के लिए पेश किए गए बजट में आम आदमी पर किसी प्रकार का बोझ नहीं डाला गया है। इस बजट में सरकार ने किसानों, बागवानों, पशुपालकों और मछुआरों को प्राथमिकता दी है।’’

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। गत तीन वर्षों में गाय के दूध पर समर्थन मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये और भैंस के दूध पर समर्थन मूल्य 47 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये किया गया है। हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं, मक्की और हल्दी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है। गेहूं पर समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रतिकिलो, मक्की पर 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये और कच्ची हल्दी पर 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये किया गया है। चंबा जिला के पांगी घाटी में प्राकृतिक रूप से उगाए गए जौ को पहले 60 रुपये प्रतिकिलो की दर से खरीद की जाती थीए जिसे अब 80 रुपये प्रतिकिलों की दर से खरीदा जाएगा। इसके अतिरिक्त अदरक को 30 रुपये प्रतिकिलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जलाशयों में मछली पालन करने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का निर्णय लिया है। मानसून के दौरान मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के समय मछुआरा परिवारों को साल में एक बार 3500 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। जलाशयों में पकड़ी जाने वाली मछलियों पर रॉयल्टी दर को 15 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में देश की पहली बागवानी नीति लागू की जा रही है, जिससे लगभग 82,200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। सेब के लिए यूनिवर्सल कॉर्टन की अनिवार्यता से हजारों बागवानों को बेहतर दाम सुनिश्चित हो रहे हैं।

    सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार किए हैं। प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी आरम्भ की गई है जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। आईजीएमसी शिमला में पैट स्कैन की सुविधा आरम्भ की गई है और जल्द ही टांडा मेडिकल कॉलेज में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी, इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के परीक्षण के लिए मरीजों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कुल्लू, ऊना, चम्बा, नाहन, बिलासपुर और धर्मशाला के अस्पतालों में एमआरआई मशीनें लगाई जाएंगी जबकि चम्बा, नाहन और बिलासपुर में मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस वर्ष 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से सम्बद्ध किया गया गया है, जिससे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में आशातीत वृद्धि हो रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक, साहसिक, आध्यात्मिक और वैलनेस पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही है। ज्वालामुखी और नैनादेवी में आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए 150-150 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

    इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सुनाम में 8.72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली मल निकासी योजना और ग्राम पंचायत काफनू में 21 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण योजना की आधारशिला रखी। इसके अतिरिक्त 4.88 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सोल्डिंग चौरा सड़क का लोकार्पण किया।

    राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, हिमाचल प्रदेश वन विकास कार्पोरेशन के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, मिल्क फेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, हिमकॉन के अध्यक्ष विकास चौहान, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, मुख्यमंत्री के सचिव आषीश सिंहमार, उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सहित कांग्रेस प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।