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  • 4 साल बाद प्रदेश को मिला स्थायी DGP,  सरकार ने दी मंजूरी, जानें उनके बारे में

    4 साल बाद प्रदेश को मिला स्थायी DGP, सरकार ने दी मंजूरी, जानें उनके बारे में

    लखनऊः उत्तर प्रदेश को करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अपना स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल गया है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को उत्तर प्रदेश पुलिस का स्थायी डीजीपी नियुक्त कर दिया है। इससे पहले वह कार्यवाहक डीजीपी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी मंजूरी
    संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा भेजे गए अधिकारियों के पैनल पर विचार करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजीव कृष्ण के नाम को मंजूरी दी। इसके बाद उनकी नियुक्ति का आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली पसंद भी राजीव कृष्ण ही थे। इसी वजह से उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    UPSC ने भेजा था तीन अधिकारियों का पैनल
    बताया जा रहा है कि 26 मई को हुई बैठक के बाद UPSC ने राज्य सरकार को तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों का पैनल भेजा था। इसमें 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा तथा 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नाम शामिल थे। इन तीनों अधिकारियों में राजीव कृष्ण को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था। आखिरकार राज्य सरकार ने उन्हीं के नाम पर मुहर लगा दी।

    एक साल से कार्यवाहक DGP के रूप में संभाल रहे थे जिम्मेदारी
    राजीव कृष्ण 1 जून 2025 से उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कार्य कर रहे थे। वह 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और पुलिस विभाग में अपने लंबे अनुभव तथा बेहतर प्रशासनिक क्षमता के लिए जाने जाते हैं।

    अपने करियर के दौरान उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और पुलिस जोनों में अहम पदों पर काम किया है। कार्यवाहक डीजीपी रहते हुए उन्होंने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर भी उनकी कार्यशैली की काफी चर्चा रही।

    2022 से नहीं था प्रदेश में स्थायी DGP
    उत्तर प्रदेश में मई 2022 से स्थायी डीजीपी का पद खाली था। 11 मई 2022 को तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल को पद से हटाए जाने के बाद से राज्य में लगातार कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किए जाते रहे।

    इस दौरान डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार, प्रशांत कुमार और राजीव कृष्ण ने कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाली। राजीव कृष्ण पिछले चार वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस के पांचवें कार्यवाहक डीजीपी रहे हैं। अब उनकी स्थायी नियुक्ति के साथ यह लंबा इंतजार खत्म हो गया है।

    कितना होगा कार्यकाल?
    सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और UPSC के नियमों के अनुसार किसी भी स्थायी डीजीपी का न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष का होता है। ऐसे में राजीव कृष्ण वर्ष 2028 तक इस पद पर बने रह सकते हैं।

    2027 विधानसभा चुनाव होगी सबसे बड़ी चुनौती
    राजीव कृष्ण के सामने सबसे बड़ी चुनौती वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होंगे। चुनाव के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा। इसके अलावा अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों पर लगाम और पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना भी उनके सामने अहम लक्ष्य होंगे।

     

  • Ebola का नया Strain Global Emergency घोषित, भारत के लिए कितना होगा खतरनाक?

    Ebola का नया Strain Global Emergency घोषित, भारत के लिए कितना होगा खतरनाक?

    सेहत: दुनिया एक बार फिर इबोला वायरस को लेकर एक्टिव हो गई है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला के नए प्रकोप की पुष्टि हुई है। शुरुआती जेनेटिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह वायरस कई हफ्तों में संभव है। कई महीनों से चुपचाप फैल रहा था। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस नए स्ट्रेन के व्यवहार और इसकी क्षमता को लेकर अभी भी कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। ऐसे में दुनिया के कई देशों की तरह भारत में भी यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस वायरस ने डरने की जरुरत है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इबोला उन वायरसों 1976 में पहली बार इबोला पर स्टडी किया था। बताते हैं कि यह वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में मुख्य रुप से शारीरिक लिक्यूड के जरिए फैलता है। यही कारण है कि मरीजों की देखभाल करने वाले स्वास्थ्यकर्मी और परिवार के सदस्य सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं।

    शरीर में कैसे फैलता है

    वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद सीधे इम्यून सिस्टम पर हमला करता है। जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ मेंज के वायरोलॉजी प्रोफेसर डॉ. बोडो प्लाख्टर के अनुसार, वायरस के पहले लसीका ग्लैंड में अपनी संख्या बढ़ाता है और फिर खून के जरिए शरीर के अलग-अलग अंगों तक पहुंच जाता है। यह उन सेल्स को निशाना बनाता है जो सामान्य परिस्थितियों में शरीर को इंफेक्शन से बचाती है। जब यह इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है तो वायरस तेजी से पूरी शरीर में फैलने लगता है।

    पहचानना क्यों होती है मुश्किल

    इबोला की सबसे बड़ी चुनौती इसके शुरुआत लक्षण हैं। शुरुआत में मरीज को सामान्य बुखार, सर्दी, इंफेक्शन या मलेरिया जैसी परेशानी महसूस हो सकती है। कई बार मरीज को कुछ समय के लिए भी राहत भी महसूस होती है लेकिन इसके बाद गंभीर रुप ले सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, बाद के चरण में शरीर के विभिन्न हिस्सों में ब्लड निकलने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। यही वह समय होती है जब मरीज सबसे ज्यादा संक्रामक होता है और इंफेक्शन फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

    भारत में क्या स्थिति है?

    भारत को कितना डरना चाहिए। मई 2026 तक भारत में इबोला का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट क्लिनिक के एक्सपर्ट्स के आकलन के अनुसार, भारतीय आबादी के लिए फिलहाल सीधा खतरा कम है। देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर निगरानी व्यवस्था, स्वास्थ्य जांच बड़े अस्पतालों में त्वरित जांच सुविधाएं और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की चेतावनी सिस्टम संभावित मामलों की पहचान में मदद कर रही है हालांकि अफ्रीकी देशों के साथ यात्रा और व्यापारिक संबंधों को देखते हुए सतर्कता बनाए रखना जरुरी माना जा रहा है।
  • Health Tips: जानें सुबह खाली पेट कच्चा पपीता खाने के फायदे, सेहत को मिलते हैं कई बड़े लाभ

    Health Tips: जानें सुबह खाली पेट कच्चा पपीता खाने के फायदे, सेहत को मिलते हैं कई बड़े लाभ

    Health Tips: अगर दिन की शुरुआत पौष्टिक और हेल्दी भोजन से की जाए, तो शरीर पूरे दिन ऊर्जावान महसूस करता है। ज्यादातर लोग सुबह खाली पेट फल खाना पसंद करते हैं, लेकिन कच्चा पपीता एक ऐसा सुपरफूड है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। कच्चे पपीते में कई ऐसे पोषक तत्व और एंजाइम पाए जाते हैं जो शरीर को अंदर से स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं कि सुबह खाली पेट कच्चा पपीता खाने से शरीर को कौन-कौन से फायदे मिल सकते हैं।
    1. पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है
    कच्चे पपीते में पेपेन (Papain) और काइमोपेपेन (Chymopapain) नामक एंजाइम पाए जाते हैं, जो भोजन को आसानी से पचाने में मदद करते हैं। सुबह खाली पेट कच्चा पपीता खाने से पेट साफ रहता है और पाचन क्रिया बेहतर होती है। जो लोग कब्ज, गैस, एसिडिटी या अपच जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं, उनके लिए कच्चा पपीता काफी लाभदायक साबित हो सकता है। यह आंतों की सफाई करने और पेट को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
    1. वजन कम करने में करता है मदद
    आजकल बढ़ता वजन एक बड़ी समस्या बन चुका है। ऐसे में कच्चा पपीता वजन घटाने वालों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें कैलोरी कम होती है, जबकि फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। साथ ही यह मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी कम करने में सहायता मिल सकती है।
    1. ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक
    कच्चा पपीता डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसका सेवन ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह शरीर में इंसुलिन के बेहतर उपयोग में भी सहायक माना जाता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट में कोई भी बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
    1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
    कच्चे पपीते में विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन ई जैसे कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ये शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर को संक्रमणों से लड़ने की ताकत मिलती है और सर्दी, खांसी, फ्लू जैसी मौसमी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।
    1. त्वचा को बनाता है स्वस्थ और चमकदार
    कच्चा पपीता शरीर से विषैले तत्वों (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालने में मदद करता है। जब शरीर अंदर से साफ रहता है, तो इसका सकारात्मक असर त्वचा पर भी दिखाई देता है। इसके सेवन से मुंहासे, दाग-धब्बे और त्वचा संबंधी कुछ समस्याओं में राहत मिल सकती है। साथ ही त्वचा में प्राकृतिक निखार और चमक आने में भी मदद मिलती है।
    1. शरीर को करता है डिटॉक्स
    कच्चा पपीता शरीर की सफाई करने वाले प्राकृतिक खाद्य पदार्थों में शामिल माना जाता है। यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाकर शरीर में जमा हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में सहायता करता है। इससे शरीर हल्का और तरोताजा महसूस करता है। ध्यान रखने वाली बातें
    • कच्चे पपीते का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।
    • गर्भवती महिलाओं को कच्चा पपीता खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
    • यदि किसी प्रकार की एलर्जी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो, तो विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
       
  • पंजाब सरकार द्वारा बाढ़-रोधी कार्यों और आपदा प्रबंधन के लिए अग्रिम 146 करोड़ रुपये जारी किए

    पंजाब सरकार द्वारा बाढ़-रोधी कार्यों और आपदा प्रबंधन के लिए अग्रिम 146 करोड़ रुपये जारी किए

    चंडीगढ़ : पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियाँ ने आज बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने बाढ़-रोधी कार्यों तथा राज्यभर में किसी भी प्राकृतिक आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अग्रिम रूप से 146 करोड़ रुपये जारी किए हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आगामी मानसून सीज़न को ध्यान में रखते हुए तथा बाढ़ जैसी किसी भी संभावित आपदा की स्थिति से तुरंत निपटने के लिए सरकार ने अग्रिम योजना बनाई है। ज़िला प्रशासनों को आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि वे आपदा प्रबंधन के साथ-साथ संभावित बाढ़ से होने वाले नुकसान को समय रहते कम कर सकें।

    उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पंजाब के सभी ज़िलों को 100 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है ताकि ज़िला प्रशासन किसी भी संभावित प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न परिस्थितियों का बिना किसी देरी के प्रभावी ढंग से सामना कर सके। उन्होंने आगे बताया कि इसके अतिरिक्त बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए नावों, बाढ़-रोधी सामग्री तथा अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 46 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी जारी की गई है। इसके तहत प्रत्येक ज़िले को 2 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। आपदा प्रबंधन मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा सभी ज़िलों की तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है तथा संबंधित अधिकारियों को मानसून सीज़न से पहले सभी आवश्यक प्रबंध पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि समय पर धनराशि जारी होने से ज़िला प्रशासनों की आपदाओं से निपटने की क्षमता और अधिक मज़बूत होगी।

  • Surya Chauhan हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का पुलिस ने किया एनकाउंटर

    Surya Chauhan हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का पुलिस ने किया एनकाउंटर

    गाजियाबादः उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में बकरीद के दिन 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था, लेकिन गोली लगने के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना
    पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी असद अपने एक दोस्त से पैसे लेने के लिए खोड़ा आने वाला है। जानकारी के अनुसार, पैसे लेने के बाद वह शहर छोड़कर फरार होने की तैयारी में था। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई।

    बाइक पर पहुंचा आरोपी, पुलिस ने घेरा
    देर रात असद अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचा। पुलिस टीम पहले से ही मौके पर मौजूद थी। पुलिस ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने रुकने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।

    जवाबी कार्रवाई में लगी गोली
    पुलिस के मुताबिक, आत्मरक्षा में पुलिसकर्मियों ने भी जवाबी फायरिंग की। इस दौरान असद को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ है।

    हथियार और बाइक बरामद
    घटनास्थल से पुलिस ने आरोपी की मोटरसाइकिल और एक देसी पिस्तौल बरामद की है। पुलिस का कहना है कि इसी हथियार से असद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। हालांकि, उसके साथ बाइक पर मौजूद दूसरा युवक मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

    सीसीटीवी में कैद हुई थी सूर्या की हत्या
    सूर्या चौहान की हत्या का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में कुछ युवक सूर्या पर चाकू से हमला करते दिखाई दिए थे। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी थी।

    पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं तीन आरोपी
    पुलिस ने इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं दो आरोपी फरार चल रहे थे। असद इस हत्याकांड का चौथा और मुख्य आरोपी था, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

    अब पांचवें आरोपी की तलाश जारी
    मुख्य आरोपी असद की मौत के बाद पुलिस अब मामले के पांचवें और आखिरी फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

     

  • आज होगा GTVsRCB का फाइनल मैच,  Playing-11 में खेलेंगे ये Player

    आज होगा GTVsRCB का फाइनल मैच, Playing-11 में खेलेंगे ये Player

    खेल: इंडियन प्रीमियर लीग का सफर अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटन्स और रॉयल बैंगलुरु के बीच फाइनल है। दोनों टीमें दूसरी बार आईएपीएल के चैम्पियन बनने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। गुजरात ने 2022 में अपना पहला खिताब जीता था जबकि आरसीबी ने पिछले सीजन ट्रॉफी का सूखा खत्म करते हुए पहला आइपीएल खिताब अपने नाम किया था। नरेंद्र मोदी स्टेडियम अपनी विशालाता के साथ-साथ पिचों के लिए मौजूद है। फाइनल के लिए मिक्सड सॉइल की पिच नंबर-6 चुनी गई है जिसने इस साल टी-20 वर्ल्ड कप फाइल में 255 रन देखें थे। ऐसे में एक और हाई स्कोरिंग मुकाबले की पूरी संभावना है। दिलचस्प बात यह है कि इसी पिच पर इस सीजन गुजरात टाइन्स ने आरसीबी को हराया था हालांकि आरसीबी के लिए यह मैदान खास यादें भी समेटे हुए हैं क्योंकि पिछले साल इसी दौरान पर टीम ने अपना पहला आईपीएल खिताब जीतकर इतिहास रचा था।

    खराब शुरुआत से फाइनल तक

    गुजरात टाइटन्स का अभियान उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम ने शुरुआती छह मुकाबलों में तीन जीत और तीन हार दर्ज की थी लेकिन इसके बाद गुजरात ने जबरदस्त वापसी की और अगले 10 मैचों में सात जीत हासिल कर टॉप-2 में जगह बनाई है। क्वालिफायर-1 में हार के बावजूद टॉप-2 में रहने का फायदा टीम को मिला और उसने क्वालिफायर-2 जीतकर फाइनल में जगह बनाई। गुजरात की वापसी में जेसन होल्डर की एंट्री बेहद अहम रही। ग्लेन फिलिप्स की जगह शामिल किए गए होल्डर ने बल्ले से भले 58 रन बनाए हो लेकिन गेंद से 10 मैचों में 17 विकेट लेकर टीम को किस्मत बदल दी।

    गुजरात टाइटन्स

    साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, वॉशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद खान, राहुल तेवतिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, अरशद खान/आर साई किशोर।

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु

    वेंकटेश अय्यर, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेशवर कुमार, जैकब डफी, जोश हेजलवुड, रसिख, सलाम डार, रोमारियो शेफर्ड, सुयश शर्मा, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, जॉर्डन कॉक्स, फिल सॉल्ट, रिचर्ड ग्लीसन, स्वप्रिन सिंह, विक्की ओस्टवाल, विहान, मल्होत्रा, मंगेश यादव, सात्विक देसवाल।

    गुजरात टाइटन्स स्कवॉड

    साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, आर साई किशोर, कगिसो रबाड़ा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, ग्लेन फिलिप्स, अनुज रावत, कुमार कुशाग्र, अर्शद खान, ल्यूक वुड, कॉनर एस्टरहुईजन, ईशांत शर्मा, जयंत यादव, शाहरुख खान, कुलवंत खेजरोलिया, मानव सुधार, गूरनूर बरार और अशोक शर्मा।    
  • कंटेंट क्रिएटर Sayoni Chakraborty का फंदे से लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

    कंटेंट क्रिएटर Sayoni Chakraborty का फंदे से लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

    Sayoni Chakraborty News: सोशल मीडिया पर अपने गांव की जिंदगी और जानवरों से जुड़े वीडियो के लिए मशहूर कंटेंट क्रिएटर सयानी चक्रवर्ती का निधन हो गया है। उनके गांव में उनका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस आत्महत्या के साथ ही दूसरे पहलुओं पर भी जांच कर रही है। वहीं, उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार, दोस्त और लाखों फॉलोअर्स गहरे सदमे में हैं। ये दुखद घटना पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की है।

    कमरे में मिला शव, जांच में जुटी पुलिस
    जानकारी के अनुसार पुलिस को सयानी चक्रवर्ती का शव उनके कमरे के अंदर फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चिनसुराह इमामबाड़ा अस्पताल भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

    23 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
    पुलिस और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, सयानी चक्रवर्ती की उम्र केवल 23 साल थी। इतनी कम उम्र में उनकी मौत की खबर ने सभी को हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स लगातार उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और दुख व्यक्त कर रहे हैं।

    पुलिस को नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन मौत की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।

    घटना से एक दिन पहले सोशल मीडिया पर थीं सक्रिय
    हैरानी की बात यह है कि इस दुखद घटना से ठीक एक दिन पहले सयानी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मुस्कुराते हुए तस्वीरें और वीडियो साझा किए थे। उन्होंने हाल ही में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की थी और इस खुशी को भी अपने फॉलोअर्स के साथ साझा किया था।

    परिवार ने बताया, काफी समय से थीं परेशान
    परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि सयानी पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रही थीं। हालांकि उनकी परेशानी की असली वजह क्या थी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

    फैंस दे रहे श्रद्धांजलि
    सयानी की मौत की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर शोक की लहर है। उनके फैंस और शुभचिंतक उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

     

     

  • हेरिटेज एंड सिटी वॉक 2026 : हरियाणा की विरासत से जुड़ने का बना सशक्त माध्यम

    हेरिटेज एंड सिटी वॉक 2026 : हरियाणा की विरासत से जुड़ने का बना सशक्त माध्यम

    चंडीगढ़ : हरियाणा पर्यटन निगम द्वारा ‘आओ चलें अपनी विरासत के साथ’ मुहिम के तहत गत 30 मई को राज्य के सात प्रमुख विरासत स्थलों पर हेरिटेज एंड सिटी वॉक 2026 का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य युवा पीढ़ी और आधुनिक समाज को हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं स्थापत्य विरासत से जोड़ना था। इस विशेष आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों को उन ऐतिहासिक स्थलों, परंपराओं, स्मारकों और विरासतों को निकट से जानने और समझने का अवसर मिला, जो हरियाणा की पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आयोजित इन वॉक्स के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न स्थलों के इतिहास, महत्व और उनसे जुड़ी रोचक कहानियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

    हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा राई, सोनीपत में एथनिक इंडिया राई से बड़खालसा स्मारक तक आयोजित हेरिटेज वॉक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण एवं संवर्धन आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में अपनी संस्कृति और इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    हरियाणा पर्यटन निगम के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि निगम द्वारा हेरिटेज एंड सिटी वॉक का आयोजन सूरजकुंड, फरीदाबाद (सूरजकुंड जलाशय से असोला-भाटी वन्यजीव अभयारण्य तक), रेवाड़ी (सैंडपाइपर टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स से बड़ा तालाब तक), पिंजौर, पंचकूला (गुरुद्वारा मंजी साहिब, धारा मंडल पिंजौर, प्राकृतिक बावड़ी, भीमा देवी मंदिर स्थल संग्रहालय एवं यादविंद्रा गार्डन), मोरनी हिल्स (ऐतिहासिक मोरनी किले का विशेष भ्रमण), कुरुक्षेत्र (ज्योतिसर तीर्थ स्थल एवं सरोवर, विराट स्वरूप तथा महाभारत अनुभव केंद्र संग्रहालय) तथा बल्लभगढ़ (राजा नाहर सिंह महल से रानी की छतरी तक) में भी किया गया।

    रेवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने शिरकत की। इस आयोजन में विद्यार्थियों, स्थानीय निवासियों, पर्यटकों, विरासत प्रेमियों तथा प्रकृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया, स्थानीय परंपराओं को जाना और हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर के प्रति अपनी समझ एवं सराहना को और गहरा किया।हेरिटेज एंड सिटी वॉक 2026 के माध्यम से हरियाणा पर्यटन ने विरासत संरक्षण, सांस्कृतिक संवर्धन और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया है। यह पहल आधुनिक पीढ़ी और राज्य की अमूल्य विरासत के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुई। प्रवक्ता ने इस सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों, स्थानीय प्रशासन, विरासत विशेषज्ञों तथा अन्य हितधारकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह सार्थक पहल सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उल्लेखनीय है कि निगम द्वारा पहली बार 27 सितंबर 2024 को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया था, जिसे लोगों का उत्साहजनक समर्थन मिला। इसी सफलता को देखते हुए अब दूसरी हैरिटेज एंड सिटी वॉक आयोजित की गई।

  • शहीदों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता

    शहीदों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता

    चण्डीगढ़ : केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय तथा  संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने रविवार को रेवाड़ी जिला के गांव खण्डोडा में अमर शहीद अरुण कुमार यादव की प्रतिमा का अनावरण किया। शहीद अरुण कुमार यादव सिक्किम में डयूटी के दौरान आई प्राकृतिक आपदा में आमजन और अपने साथियों को बचाने के प्रयास में अपने शौर्य और वीरता का परिचय देते हुए 4 अक्तूबर,2023 को देश सेवा करते हुए शहीद हो गए। इस अवसर पर विशेष रूप से बावल के विधायक  डॉ. कृष्ण कुमार  , कोसली के विधायक अनिल यादव व भाजपा जिला अध्यक्ष वंदना पोपली विशेष रूप से मौजूद रही। केंद्रीय मंत्री ने गांवों के विकास के लिए 21 लाख रुपए देने की घोषणा भी की।

    राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि शहीद अरुण कुमार यादव ने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वस्व समर्पित कर युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनको अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए सेना द्वारा 8 मेडल भी प्रदान किए गए जो इनके अदम्य साहस को दर्शाते है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल के तहत लेबनान देश में एक साल साहस और वीरता के साथ अपनी सेवाएं भी दी। देशवासी उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखेंगे और आने वाली पीढिय़ां उनसे राष्ट्रभक्ति एवं कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा प्राप्त करती रहेंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमेशा से ही दक्षिण हरियाणा के युवा सेना में भर्ती होकर देश की हिफाजत के लिए आगे रहे हैं। उन्होंने उन माताओं-बहनों की भी सराहना की जिन्होंने अपने बच्चों और भाइयों को सेना में भर्ती कर देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात किया है।

    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने शहीद अरुण कुमार यादव की माता, पत्नी और बच्चों को भी विश्वास दिलाया कि सरकार उनके साथ हर कदम पर खड़ी है। समारोह के दौरान ग्रामीणों द्वारा राजकीय विद्यालय का नामकरण शहीद अरुण कुमार यादव के नाम पर करने, गांव के जोहड़ों को नहरी पानी से जोडऩे तथा अन्य विकासात्मक मांगों का ज्ञापन भी प्रस्तुत किया गया। केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विषयों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन  दिया।

  • देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज, राष्ट्र व संस्कृति के लिए किया समर्पित 

    देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज, राष्ट्र व संस्कृति के लिए किया समर्पित 

    चण्डीगढ़ : हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने आज देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर जिला करनाल के गांव सदरपुर, रसूलपुर कलां और घरौंडा में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने देवी अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

    अहिल्याबाई होलकर – संघर्ष और सशक्तिकरण की मिसाल

    हरविंदर कल्याण ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज, राष्ट्र व संस्कृति के लिए समर्पित किया। उन्होंने बेहद कठिन समय में, जब देश बाहरी आक्रमणों और कुरीतियों से जूझ रहा था, समाज और संस्कृति को बचाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने सती प्रथा जैसी कुरीतियों को त्यागकर शिक्षा और शासन की जिम्मेदारी संभाली और सोमनाथ मंदिर जैसी सांस्कृतिक विरासत का पुनरुद्धार कर राष्ट्र की संस्कृति को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि भारत सोने की चिडिय़ा थी। पहले मुगलों और अंग्रेजों ने भारत को खूब लूटा व इतिहास से महापुरूषों का नाम हटाकर संस्कृति को खत्म करने का काम किया।

    महापुरुष किसी एक जाति के नहीं, पूरे समाज के होते हैं

    हरविंदर कल्याण ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सभी महापुरुषों की जयंतियां सरकारी स्तर पर मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज को जातियों के बंधन से ऊपर उठाकर एक सूत्र में पिरोना है। उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी एक विशेष वर्ग या जाति के नहीं होते, बल्कि उनके विचार पूरी मानवता की धरोहर होते हैं। जब 36 बिरादरी मिलकर ऐसे कार्यक्रम मनाती है तो समाज की एकता और अधिक मजबूत होती है।

    युवाओं को सेवा भाव और मेहनत का दिया संदेश

    विधानसभा अध्यक्ष ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी और बच्चों को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारी तरक्की केवल खुद तक सीमित नहीं होनी चाहिए। हमें अपने आसपास कमजोर या गरीब को भी देखना चाहिए और उनके हित के कार्य करना चाहिए। उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे साधारण और गरीब परिवारों से निकलकर इन विभूतियों ने मेहनत और ईमानदारी के बल पर देश के सर्वोच्च पदों को सुशोभित किया।