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सीआईएसएफ महानिदेशक ने चंडीगढ़ में की समीक्षा बैठक, ड्रोन-विरोधी प्रशिक्षण और हवाई अड्डों की सुरक्षा पुख्ता करने पर दिया जोर
चंडीगढ़: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक प्रवीर रंजन की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में एक उच्च स्तरीय परिचालन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, इसमें ड्रोन-विरोधी प्रशिक्षण और हवाई अड्डों की सुरक्षा पुख्ता करने पर मुख्य जोर दिया गया। रंजन ने बताया कि बैठक का उद्देश्य सीआईएसएफ के ‘उत्तर क्षेत्र’ और ‘हवाई अड्डा क्षेत्र’ की सुरक्षा तैयारियों, सामरिक रणनीतियों और परिचालन क्षमताओं का व्यापक मूल्यांकन करना था। संवेदनशील राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों और नागरिक उड्डयन क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने और अंतः एजेंसी समन्वय को मजबूत करने पर एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया। -

मंहगाई की मार! अब खाद्य-तेल की कीमतों में हुई बढ़ौतरी
चंडीगढ़ः वैश्विक तनाव का असर एलपीजी, डीजल-पेट्रोल के बाद अब खाद्य तेलों की कीमतों पर पड़ गया। पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों की वजह से परिवहन लागत में बढ़ोतरी हुई है, जिसकी वजह से अब सरसों तेल समेत अन्य खाद्य तेलों के दाम भी बढ़ गए हैं। बढ़ती कीमतों से आम आदमी की रसोई का बजट भी प्रभावित हो रहा है।बढ़ती कीमतों से गृहणियों की रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है तथा लोगों को खर्च में कटौती करनी पड़ रही है। बाजार में अभी तक 175 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला कंपनी पैक्ड सरसों तेल 185 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
पिछले सप्ताह की तुलना में खाद्य तेलों की कीमतों में 15 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई है। तेल के दाम बढ़ने से आम परिवारों की मासिक रसोई लागत बढ़ गई है। व्यापारियों के अनुसार परिवहन भाड़े में वृद्धि का असर खाद्य तेलों के दाम पर पड़ा है। व्यापारी संदेश गुप्ता ने बताया कि रिफाइंड तेल 130 रुपये से बढ़कर 140 रुपये प्रति लीटर तथा तिल का तेल 150 रुपये से बढ़कर 165 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। उनका कहना है कि लागत बढ़ने के कारण बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
खाद्य तेल महंगे होने के बाद गृहणियां अब तेल के उपयोग में किफायत बरतने लगी हैं। लोगों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। मिडिल-ईस्ट में तनाव और बढ़ते गैस-तेल संकट की वजह से देश के घरेलू बाजार में कई वस्तुओं के मूल्य में वृद्धि हुई है। परिवहन लागत बढ़ने की वजह से ड्राई फ्रूट्स, आटा, सरसों का तेल, रिफाइंड, डालडा, दाल, आटा, नमकीन, मसाले, खड़े मसाले सहित कई खाद्य-पदार्थों और खाना बनाने में जरूरी वस्तुओं का मूल्य बढ़ चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, महंगाई बढ़ने से एक परिवार का लगभग दो से पांच हजार का अतिरिक्त खर्चा बढ़ गया है।
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हरोली उपमंडल की 16 पंचायतों के नतीजे
ऊना/सुशील पंडित : हरोली उपमंडल की पंचायत लोअर पंजावर में प्रमोद कुमार प्रधान और राहुल कुमार उप प्रधान के लिए निर्वाचित हुए। खड्ड में उर्मिला देवी बने प्रधान। वहीं, अमित कुमार ने जीता उप प्रधानी का चुनाव। ईसुपर टांडा में निर्मला देवी ने जीता प्रधान पद का चुनाव। वहीं, अश्वनी कुमार बने उप प्रधान। भदसाली में प्रधान पद के लिए सुष्मा ने जीता चुनाव। वहीं कर्ण सिंह बने उप प्रधान। भदसाली हार में सुरम सिंह चुने गए प्रधान। वहीं, उप प्रधान के लिए जनक राज निर्वाचित हुए। धर्मपुर में सुभद्रा ने जीता प्रधानी का चुनाव। वहीं, दीपक कुुमार बने उप प्रधान। बालीवाल में प्रधान पद के लिए विजय कुमार और उप प्रधान पद के लिए दिलवारा सिंह चुने गए। सतीश कुमार प्रधान और सुरिन्द्र कुमार उप प्रधान बने। लोअर ललड़ी में अशोक कुमार ने जीती प्रधानी। वहीं, कुलदीप कुमार बने उप प्रधान। नंगल खुर्द में जसवंत सिंह ने जीती प्रधानी और अश्वनी कुमार बने उप प्रधान। सिंगा में अशोक कुमार प्रधान और तिलक राज ने जीता उप प्रधान का चुनाव। गोंदपुर जयचंद में प्रधान पद के लिए लखवीर सिंह जीते। वहीं, उप प्रधान पद पर प्रवीण चंद्र हुए निर्वाचित। दुलैहड़ में प्रधान का चुनाव मोनू और उप प्रधान का चुनाव महेंद्र सिंह ने जीता। मल्लूवाल में सीमा रानी ने जीता प्रधानी का चुनाव। वहीं उप प्रधान पद के लिए राम सिंह चुने गए हैं। कुठारबीत में कान्ता देवी ने प्रधानी और रवि कुमार ने उप प्रधानी का चुनाव जीता। हलेड़ा बिलना पंचायत में जतिन्द्र कौर प्रधान और सुरिन्द्र सिंह उप प्रधान पद के लिए चुने गए। -

NEET पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- जवाबदेही तय होनी चाहिए
नई दिल्लीः नीट पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने कहा कि इतनी सिफारिशों और निगरानी के बावजूद आखिर पेपर लीक कैसे हो गया, इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने उठाए बड़े सवाल
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष से पूछा कि जब पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही थी, तो फिर यह बड़ी चूक कैसे हुई। कोर्ट ने कहा कि अगर सभी सिफारिशें लागू कर दी गई थीं, तो फिर पेपर लीक जैसी घटना होना बेहद गंभीर मामला है।कोर्ट ने यह भी कहा कि या तो सिफारिशों में ही कोई कमी थी या फिर उनकी सही तरीके से निगरानी नहीं की गई। अदालत ने कहा कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह बहुत संवेदनशील मामला है और इसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
विशेषज्ञ समिति ने दिए थे 60 सुझाव
सुनवाई के दौरान डॉ. राधाकृष्णन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि समिति ने कुल 60 सुझाव दिए थे। इनमें से ज्यादातर सुझाव लागू किए जा चुके हैं, जबकि कुछ पर अभी काम चल रहा है।उन्होंने कहा कि साल 2025 की NEET UG परीक्षा संतोषजनक तरीके से कराई गई थी। कुछ परीक्षा केंद्रों पर बिजली जाने जैसी छोटी समस्याएं हुई थीं, लेकिन बाकी व्यवस्था ठीक रही। समिति ने एनटीए को और मजबूत बनाने की भी सिफारिश की थी।
री-नीट परीक्षा के लिए किए गए खास इंतजाम
डॉ. राधाकृष्णन ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि अगली री-नीट परीक्षा के लिए सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पेपर में गड़बड़ी रोकने के लिए कई नए कदम उठाए गए हैं और आने वाली परीक्षा में इन सभी बातों का खास ध्यान रखा जाएगा।जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, समस्या खत्म नहीं होगी
जस्टिस नरसिम्हा ने सुनवाई के दौरान कहा कि असली समस्या तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि सही जवाब तभी मिलेगा, जब जवाबदेही तय होगी।सुप्रीम कोर्ट ने UPSC का दिया उदाहरण
कार्रवाई के दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि यूपीएससी जैसी बड़ी परीक्षाओं में कभी ऐसी समस्या सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि यह समझना जरूरी है कि मजबूत व्यवस्था और सख्त निगरानी से ही ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।इस पर सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सरकार युवाओं से जुड़े मामलों को बेहद गंभीरता से ले रही है और परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए नए इंतजाम किए जा रहे हैं।
संस्था मजबूत होनी चाहिए, सिर्फ व्यक्ति नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश की कई संस्थाओं में सबसे बड़ी समस्या तदर्थ व्यवस्था यानी अस्थायी कामकाज की है। अदालत ने कहा कि किसी भी व्यवस्था की ताकत किसी एक व्यक्ति में नहीं बल्कि पूरी संस्था में होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अगर संस्थाएं मजबूत होंगी और प्रक्रियाएं पारदर्शी होंगी, तभी भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा। -

प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज पर दे रही ऋण सुविधा: मुख्यमंत्री
शिमला: पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र के 21 विद्यार्थियों ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिह सुक्खू से भेंट की और अपने शैक्षणिक अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योेजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस सुविधा का भरपूर लाभ उठाकर जीवन में अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न सुधार किए हैं ताकि विद्यार्थियों को उनके घरों के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 156 से अधिक स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू किया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को कला, विज्ञान और वाणिज्य संकायों में शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के व्यावहारिक प्रयासों के परिणामस्वरूप शिक्षा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है और हाल ही में किए गए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में हिमाचल प्रदेश 13वें स्थान से बढ़कर 6वें स्थान पर पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बेटियों की विवाह योग्य आयु को भी लड़कों के समान 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अनुसूचित जनजाति समुदाय की शिक्षा में भूमिका से लोगों को अवगत करवाने के लिए 10 मई से 9 जून, 2026 तक अनुसूचित जनजाति गरीमा उत्सव मनाया जा रहा है।
इस अवसर पर शिक्षा सचिव राकेश कंवर, उच्च शिक्षा निदेशक हरीश कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। -

जिला ऊना की 83 पंचायतों में चुनाव शांतिपूर्ण सम्पन्न, नतीजे घोषित
ऊना सुशील पंडित : जिला ऊना की 83 पंचायतों में वीरवार को चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई। सुबह 7 बजे से सायं 3 बजे तक कुल 83 पंचायतों के लिए मतदान हुआ, उसके उपरांत संबंधित निर्धारित स्थलों पर मतगणना की गई। इसके साथ ही चुनावों के नतीजे भी घोषित कर दिए गए। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने दी। ऊना जिला के दूसरे चरण में उपमंडल अंब की ग्राम पंचायत धर्मशाला महंता खास में सुनीता रानी बनी प्रधान। वहीं, विजय कुमार बने उप प्रधान। बधमाणा में राधा रानी ने जीता प्रधानी का चुनाव। वहीं, अशोक कुमार बने उप प्रधान। नारी चिंतपूर्णी में प्रवीन कुमारी बनी प्रधान। जबकि सुरेन्द्र सिंह बने उप प्रधान। डूहल भंगवालां में प्रधान पद के लिए मलकीत सिंह और उप प्रधान पद के लिए सतीश कुमार निर्वाचित हुए। भगड़ाह में प्रधान पद के लिए सुमन लता और उप प्रधान पद के लिए गुरदयाल सिंह चुने गए। अम्ब टिल्ला में प्रधान पद पर हंस राज और उप प्रधान के लिए प्रहलाद जसवाल चुने गए। चुरूडू में प्रधान बनी नीलम कुमारी और जगपाल सिंह बने उप प्रधान। पोलियां पुरोहितां में मंजू वाला ने प्रधान पद और आयुष शर्मा ने उप प्रधान पद का चुनाव जीता। घेवट बेहड़ पंचायत में सिमरन बनी प्रधान और रविन्द्र सिंह बने उप प्रधान। कुठियाड़ी में नवतेज कुमार प्रधान और मनीष कुमार उप प्रधान पद के लिए हुए निर्वाचित।इसी तरह, बंगाणा की ग्राम पंचायत धुंदला में प्रधान पद के लिए विधि चंद निर्वाचित हुए। जबकि उप प्रधान पद के लिए मदन लाल चुने गए। मलांगड़ में रेखा देवी बनी प्रधान। वहीं, संजय कुमार उप प्रधान पद के लिए निर्वाचित हुए। ग्राम पंचायत अरलूखास में लेखराज प्रधान पद पर निर्वाचित हुए। वहीं राकेश कुमार उप प्रधान बने। करमाली पंचायत में प्रधान पद के लिए दर्शना ठाकुर और उप प्रधान पद के लिए बलबीर सिंह चुने गए। ढियुंगली पंचायत में राज कुमार बने प्रधान। वहीं, राकेश कुमार उप प्रधान चुने गए। थानाकलां में राजपाल प्रधान पद और अजय कुमार उप प्रधान पद के लिए निर्वाचित हुए। घुघन ककराना में मधुवाला प्रधान और शशी पाल उप प्रधान पद पर निर्वाचित हुए। दोबड़ में बबिता प्रधान और संजीव कुमार उप प्रधान बने। प्रोइयां कलां में दिला राम ने प्रधान पद और प्रवीण कुमार ने उप प्रधान पद का चुनाव जीता। बुधान में छीनू देवी बनी प्रधान। जबकि रमन कुमार बने उप प्रधान। बैरियां में प्रधान पद के लिए अपूर्व ने चुनाव जीता। वहीं, उप प्रधान पद के लिए रस्ताक मुहम्मद चयनित हुए हैं। बोहरू में मीता देवी प्रधान और कमलदेव उप प्रधान बने। मोमन्यार में रमेश चंद बने प्रधान। वहीं सुरेश कुमार उप प्रधान पद के लिए निर्वाचित हुए। बौल में रेखा देवी ने जीती प्रधानी। वहीं इकबाल सिंह बने उप प्रधान। रायपुर मैदान में मोहिन्द्र सिंह बने प्रधान। वहीं, मोहित ढिल्लों उप प्रधान पद के लिए निर्वाचित हुए। सोहारी में सुषमा देवी ने प्रधानी का चुनाव जीता। वहीं, बलवान सिंह बने उप प्रधान। वहीं, उपमंडल गगरेट की ग्राम पंचायत ब्रह्म्पुर में प्रधान पद का चुनाव रितु शर्मा ने जीता। जबकि उप प्रधान के रूप में जरनैल सिंह चुने गए हैं। बढे़ड़ा राजपूतां में सत्या देवी बनी प्रधान और जीवन कुमार बने उप प्रधान। रामनगर में प्रेम चंद ने जीती प्रधानी। वहीं, गुरपाल सिंह उप प्रधान के लिए चुने गए। गणु मंदवाड़ा में कमलेश देवी ने प्रधान पद और सुखदेव सिंह ने उप प्रधान का चुनाव जीता। डंगोह खुर्द में सुनीता शर्मा ने जीती प्रधानी। जबकि राजेश कुमार बने उप प्रधान। लोहारली में सुदेश कुमारी ने प्रधान और रणजीत कुमार ने उप प्रधान का चुनाव जीता। टटेहड़ा में नसीबो देवी ने प्रधान पद के लिए निर्वाचित हुए। वहीं, उप प्रधान के लिए रामपाल चुने गए। ग्राम पंचायत गगरेट अप्पर में नीलम रानी बने प्रधान। वहीं, आशीष शर्मा बने उप प्रधान। मवा कोहलां में अशोक कुमार ने जीती प्रधानी। वहीं, नरेन्द्र कुमार बने उप प्रधान। चतेहड़ पंचायत में नीना देवी ने जीता प्रधानी का चुनाव। जबकि होशियार सिंह उप प्रधान चुने गए। रायुपर में पूर्ण चंद प्रधान पद के लिए निर्वाचित हुए। वहीं, नवल राणा बने उप प्रधान। संघनेई में करतार चंद ने प्रधानी का चुनाव जीता। वहीं, संदीप शर्मा बने उप प्रधान। डंगोह खास में प्रधान पद के लिए हरपाल सिंह और उप प्रधान पद के लिए भगवान सिंह जीते। ग्राम पंचायत नकडोह में ओमापति प्रधान और अश्वनी कुमार उप प्रधान बने। उपमंडल ऊना में ग्राम पंचायत देहलां लोअर में प्रधान पद के लिए रीना और उप प्रधान पद के लिए राजेश कुमार निर्वाचित हुए। भटोली में प्रधान पद के लिए सतीश कुमार और अंकुश सहोड़ उप प्रधान पद के लिए निर्वाचित हुए। नारी में स्नेह लता प्रधान पद के लिए निर्वाचित। वहीं, हरीश कुमार बने उप प्रधान। मजारा में प्रधान पद पर अमरिन्द्र सिंह निर्वाचित हुए। जबकि उप प्रधान पद के लिए गुरमीत सिंह निर्वाचित हुए। बहडाला लोअर में सुमन लता बनी प्रधान। वहीं, नरेश उप प्रधान निर्वाचित। झुडोवाल में सुमन कुमारी बने प्रधान। वहीं, विक्रम सिंह बने उपप्रधान। बसोली में प्रधान पद के लिए सतनाम सिंह और उप प्रधान पद के लिए नरेन्द्र पाल निर्वाचित हुए। बदोली में प्रधान पद के लिए रजत कुमार और उप प्रधान पद पर सत प्रकाश शर्मा ने चुनाव जीता। बडसाला में मधु वाला ने प्रधान और नितिन भारद्वाज ने उप प्रधान का चुनाव जीता। धमांदरी में सुदेश कुमारी ने प्रधानी और बलबीर सिंह ने उप प्रधानी का चुनाव जीता। मदनपुर में श्रीमति रमन ठाकुर ने जीता प्रधानी का चुनाव। वहीं, रमेश चंद उप प्रधान पद के लिए निर्वाचित हुए हैं। कुरियाला में रजनी वाला ने प्रधानी का चुनाव जीता। वहीं, प्रवीण कुमार उप प्रधान बने। मैहतपुर में राम अवतार प्रधान और नीरज चौधरी उप प्रधान बने। भडोलियां कलां में शुभलता ने प्रधानी का चुनाव जीता। वहीं उप प्रधान पद के लिए विनय कुमार निर्वाचित हुए। मलूकपुर में प्रधान पद के लिए बलविन्द्र सिंह चुने गए हैं। जबकि मलकीयत सिंह उप प्रधान बने। अप्पर बहडाला में सुमन लता प्रधान और विनोद कुमार उप प्रधान चुने गए। बडैहर में सुरेश कुमारी ने जीती प्रधानी। वहीं, संदीप कुमार बने उप प्रधान। डठवाड़ा पंचायत में प्रधान पद पर चनन सिंह और उप प्रधान पद पर गुरजीत सिंह निर्वाचित हुए। हरोली उपमंडल की पंचायत लोअर पंजावर में प्रमोद कुमार प्रधान और राहुल कुमार उप प्रधान के लिए निर्वाचित हुए। खड्ड में उर्मिला देवी बने प्रधान। वहीं, अमित कुमार ने जीता उप प्रधानी का चुनाव। ईसुपर टांडा में निर्मला देवी ने जीता प्रधान पद का चुनाव। वहीं, अश्वनी कुमार बने उप प्रधान। भदसाली में प्रधान पद के लिए सुष्मा ने जीता चुनाव। वहीं कर्ण सिंह बने उप प्रधान। भदसाली हार में सुरम सिंह चुने गए प्रधान। वहीं, उप प्रधान के लिए जनक राज निर्वाचित हुए। धर्मपुर में सुभद्रा ने जीता प्रधानी का चुनाव। वहीं, दीपक कुुमार बने उप प्रधान। बालीवाल में प्रधान पद के लिए विजय कुमार और उप प्रधान पद के लिए दिलवारा सिंह चुने गए। सतीश कुमार प्रधान और सुरिन्द्र कुमार उप प्रधान बने। लोअर ललड़ी में अशोक कुमार ने जीती प्रधानी। वहीं, कुलदीप कुमार बने उप प्रधान। नंगल खुर्द में जसवंत सिंह ने जीती प्रधानी और अश्वनी कुमार बने उप प्रधान। सिंगा में अशोक कुमार प्रधान और तिलक राज ने जीता उप प्रधान का चुनाव। गोंदपुर जयचंद में प्रधान पद के लिए लखवीर सिंह जीते। वहीं, उप प्रधान पद पर प्रवीण चंद्र हुए निर्वाचित। दुलैहड़ में प्रधान का चुनाव मोनू और उप प्रधान का चुनाव महेंद्र सिंह ने जीता। मल्लूवाल में सीमा रानी ने जीता प्रधानी का चुनाव। वहीं उप प्रधान पद के लिए राम सिंह चुने गए हैं। कुठारबीत में कान्ता देवी ने प्रधानी और रवि कुमार ने उप प्रधानी का चुनाव जीता। हलेड़ा बिलना पंचायत में जतिन्द्र कौर प्रधान और सुरिन्द्र सिंह उप प्रधान पद के लिए चुने गए। -

भाजपा कार्यालय बंगाणा में नव निर्वाचित प्रतिनिधियों का सम्मान
ऊना /सुशील पंडित : कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोमानयार और बॉल पंचायत के नव निर्वाचित प्रधान, उपप्रधान एवं वार्ड पंचों ने भारतीय जनता पार्टी कार्यालय बंगाणा पहुंचकर कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो से शिष्टाचार भेंट की।इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने नव निर्वाचित प्रतिनिधियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया तथा उन्हें सम्मानित भी किया गया। भाजपा कार्यालय का माहौल उत्साह और जोश से भरा दिखाई दिया, जहां समर्थकों ने एक-दूसरे को जीत की बधाई दी। इस अवसर पर नव निर्वाचित प्रतिनिधियों ने कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से जुड़े हुए हैं और पार्टी के सच्चे सिपाही बनकर क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक भुट्टो का मार्गदर्शन और सहयोग उन्हें लगातार मिलता रहा है तथा भविष्य में भी मिलता रहेगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायत स्तर पर जनता ने जो विश्वास जताया है, उस पर वे पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। भाजपा कार्यालय बंगाणा में आयोजित इस सम्मान समारोह में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं की भी बड़ी उपस्थिति रही। कार्यकर्ताओं ने फूलमालाओं और मिठाइयों के साथ निर्वाचित प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद और दविंदर भुट्टो जिंदाबाद के नारों से पूरा कार्यालय गूंज उठा।इस मौके पर पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो ने नव निर्वाचित प्रधान, उपप्रधान और वार्ड पंचों को जीत की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी अब पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि जनता ने विकास और विश्वास के आधार पर उन्हें चुनकर पंचायतों की कमान सौंपी है, इसलिए सभी प्रतिनिधियों को निष्पक्ष होकर गांवों के विकास के लिए कार्य करना चाहिए। दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा गांव, गरीब और किसान की राजनीति करती आई है। उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की रीढ़ होती हैं और यदि पंचायतें मजबूत होंगी तो गांव भी मजबूत होंगे। उन्होंने नव निर्वाचित प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे पंचायतों में स्वच्छता, पेयजल, सड़क, शिक्षा और युवाओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में प्राथमिकता के आधार पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि मोमानयार और बॉल पंचायत के प्रतिनिधियों ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे भाजपा परिवार का हिस्सा हैं और पार्टी की नीतियों पर विश्वास रखते हैं। दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता हमेशा जनता के बीच रहकर सेवा करते हैं और यही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है।नव निर्वाचित प्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर कहा कि वह पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो के समर्थक हैं तथा उनके नेतृत्व में पंचायतों के विकास को नई दिशा देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन ने हमेशा उन्हें सम्मान और सहयोग दिया है, जिसके लिए वे पार्टी नेतृत्व के आभारी हैं। -

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने फिल्म देखी ‘नालंदा महाविहार’ की विशेष स्क्रीनिंग
चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने शुक्रवार को यहाँ लोक भवन में फिल्म ‘नालंदा महाविहार’ की विशेष स्क्रीनिंग देखी। हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने इस फिल्म को सिनेमा के सशक्त माध्यम से देश की समृद्ध विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने का एक ईमानदार और सराहनीय प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि नालंदा केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं था, बल्कि ज्ञान का एक वैश्विक केंद्र था जिसने विश्वभर से हजारों विद्वानों, भिक्षुओं और ज्ञान के जिज्ञासुओं को अपनी ओर आकर्षित किया। यह भारत की बौद्धिक एवं सांस्कृतिक श्रेष्ठता का एक शाश्वत प्रतीक रहा है।
इस फिल्म का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता उत्पन्न करना तथा लोगों को उन शाश्वत मूल्यों पर चिंतन के लिए प्रेरित करना है, जो एक बेहतर, अधिक जिम्मेदार और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि ‘नालंदा महाविहार’ मनोरंजन के साथ-साथ एक सशक्त सामाजिक संदेश भी प्रस्तुत करती है, जो इसे सांस्कृतिक महत्व एवं समकालीन प्रासंगिकता की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण फिल्म बनाती है।
इस फिल्म के प्रोड्यूसर दीपक दीवान है, जबकि इसका निर्देशन अरविंद गुप्ता ने किया है। इस अवसर पर हरियाणा की पूर्व मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा, राज्यपाल के सचिव विजयकुमार भाविकट्टी, राज्यपाल के एडीसी धीरज सेतिया तथा फिल्म की कास्ट एवं क्रू के सदस्य भी उपस्थित रहे।
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तेज रफ्तार कार का कहरः प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में घुसी ब्रेजा कार, युवक घायल, देखें वीडियो
पलवलः हरियाणा के पलवल में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। दरअसल, एक बेकाबू ब्रेजा कार सीधे प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में घुस गई। इस घटना में एक युवक घायल हो गया। घटना के दौरान ऑफिस में लोग बातचीत कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार दफ्तर में घुस गई। जिसके बाद दफ्तर में मौजूद लोग घबरा गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार चालक नशे की हालत में बताया जा रहा है और वह काफी तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। बताया जा रहा है कि अचानक चालक कार से नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद गाड़ी सीधे ऑफिस के अंदर जा घुसी। हादसे के समय ऑफिस में काम चल रहा था और लोग अपनी सीटों पर मौजूद थे। अचानक हुई इस घटना से लोग घबरा गए और तुरंत बाहर की ओर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई।सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि ऑफिस के अंदर लोग सामान्य तरीके से काम कर रहे थे। तभी अचानक तेज रफ्तार कार बाहर से आती है और सीधे ऑफिस के अंदर घुस जाती है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑफिस के सामान को भी नुकसान पहुंचा। हादसे के दौरान वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। वीडियो में एक युवक कार की चपेट में आता भी दिखाई दे रहा है, जिसे चोटें आई हैं। घटना के बाद कुछ लोग तुरंत घायल युवक की मदद के लिए पहुंचे। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ऑफिस के बाहर खड़ी भीड़ और लोगों की घबराहट का माहौल काफी देर तक बना रहा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखकर लोग भी हैरानी जता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार चालक नशे में लग रहा था। हालांकि पुलिस अभी इस मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि चालक की मेडिकल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले लिया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हादसे के समय कार की स्पीड कितनी थी और चालक ने अचानक नियंत्रण कैसे खोया। फिलहाल घायल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ कर रही है। इस घटना के बाद एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई लोग तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखकर लोग सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील भी कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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Cockroach Janta Party को मिला बड़ा झटका, Delhi Highcourt ने तुरंत बहाल करने से किया इंकार
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने शुक्रवार को अभिजीत दीपके की अगुवाई वाली कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया एक्स अकाउंट को फौरन बहाल करने का निर्देश देने से मना कर दिया है। दीपके की याचिका पर जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने सुनवाई की है। कोर्ट ने सीजेपी के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की गई कुछ चीजों को आपत्तिजनक पाया और संस्थापक दीपके की याचिका पर तत्काल राहत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर सभी पहलुओं पर विचार करना जरुरी है और सरकार और एक्स प्लेटफॉर्म की दलील सुनने के बाद ही कोई आदेश जारी रहेगी।हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया नोटिस
सीजीपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में केंद्र सरकार की ओर से पार्टी के एक्स हैंडल को बैन करने के आदेश को चुनौती दी गई है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए ट्विटर अकाउंट को भारत में बैन कर दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्स हैंडल पर तत्काल बैन हटाने को लेकर कोई आदेश जारी नहीं जारी किया है।21 मई को ब्लॉक हुआ था
एक्स पर कॉकरोच जनता पार्टी का हैंडल 21 मई को भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद कॉकरोच इज बैक नाम से नए हैंडल बनाया गया था जिसके मौजूदा समय में 2.27 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। पूर्व में आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे दीपके ने 15 मई को एक वकील के सीनियर पद से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत की कॉकरोच और परजीवी टिप्णणियों पर विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत की थी।16 मई को हुई सीजेपी की शुरुआत
16 मई को शुरु हुई सीजेपी का दावा है कि उसका मकसद युवाओं की आवाज को मजबूत करने और सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए युवाओं के लिए स्वतंत्र आंदोलन खड़ा करना है। हाल ही में इसने शिक्षा क्षेत्र में कथित सिस्टम को नाकामी और नीट यूजी 2026 पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक अभियान शुरु किया है। 16 मई को चीफ जस्टिस ने अपनी टिप्पणी को लेकर कड़े शब्दों में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि वह उन खबरों से आहत हैं जिनमें यह संकेत दिया गया था कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि उनकी टिप्पणियों खास तौर से उन लोगों के खिलाफ थी। फर्जी और अवैध डिग्रियों के जरिए कानूनी पेशे में प्रवेश कर रहे हैं और मीडिया के एक वर्ग ने उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया है।