घटना के दौरान यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। लोगों ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल हरिद्वार भिजवाया। बस में सवार सभी 45 से ज्यादा श्रद्धालु राजस्थान के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार हादसा शांतिकुंज के पास हाईवे पर हुआ। राजस्थान से आए श्रद्धालुओं का दल गंगा स्नान के बाद वापस लौटने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे खड़ी बस को बैक किया जा रहा था। अचानक चालक बस से नियंत्रण खो बैठा और बस सड़क पर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस को पलटता देख सामने से आ रहे डंपर चालक ने टक्कर से बचने का प्रयास किया, लेकिन वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक ढाबे में घुस गया। इस दौरान वहां खड़ी एक बुलेरो भी उसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने 50 वर्षीय पुष्पकवर पत्नी भंवर सिंह निवासी नागौर, राजस्थान को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का उपचार जारी है। कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को निगरानी में रखा गया है। वहीं एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि आपदा परिचालन केंद्र से बस दुर्घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बस में कुल 45 यात्री सवार थे, जिनमें 26 लोग घायल हुए हैं। हादसे के कारणों की जांच कराई जा रही है। उधर, शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस को हटाने की कार्रवाई की गई ताकि यातायात सामान्य हो सके। प्रारंभिक जांच में बस को बैक करते समय संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है।