जानकारी देते जगदीश सिंह ने बताया कि वह ऑटो चलाता है और घर में किराना की दुकान है। रात को ऑटो चलाकर आया तो दुकान पर बैठा था। रात लगभग 8 बजे बहू ने छत पर बने कमरे में मंदिर के अंदर दीपक जलाया। इसके बाद वो नीचे आ गई। कुछ देर बाद कमरे में आग लग गई। यहां दो गैस सिलेंडर रखे थे। इसमें एक सिलेंडर भरा था। आग की वजह से भरा हुआ सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। इससे कमरे की सीमेंट शेड वाली छत उड़ गई। क्षेत्र में दहशत का माहौल हो गया और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। धमाका सुनकर घर के बाहर निकला तो देखा कि ऊपर वाले कमरे में आग लगी थी। मैंने कमरे में जाने की कोशिश की, लेकिन लपटें निकल रही थी। आग इतनी तेज थी कि सीढ़ियों पर भी नहीं चढ़ पा रहा था। तब तक नैनागढ़ चौकी से पुलिस आ गई। सभी ने फायर बिग्रेड को फोन किया। तब तक पूरे कमरे में आग लग चुकी थी। घर में दो सिलेंडर और रखे थे, उनको बाहर निकाला। मोहल्ले में अफरा तफरी का माहौल हो गया। दूसरे कमरे में आग पहुंचती, उससे पहले ही फायर बिग्रेड की एक गाड़ी आ गई। आग से दो फोन, पैसा, फ्रिज, वॉसिंग मशीन सबकुछ जल गया। लगभग एक लाख रुपए का सामान जल गया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने मुआवजे की मांग की है।View this post on Instagram