जानकारी देते परिजनों ने बताया कि मंगलवार को ही सिलेंडर भरवाकर लाए थे। दोपहर के वक्त जब हादसा हुआ, उस समय घर में 2 बहनें लक्ष्मी और चांदनी मौजूद थीं। पिता अनिल वैष्णव भी घर में थे। वहीं अनिल वैष्णव की पत्नी, बेटा और एक बेटी घर के बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, बाहर मौजूद बेटी की डेढ़ साल की मासूम बच्ची घर के अंदर थी, जिसकी भी आग में जलकर मौत हो गई। हादसे के दौरान बेटा गौतम (17) अपने दोस्तों के साथ आग बुझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन आग तेजी से फैल गई। इसी बीच सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि खंभे में शॉर्ट सर्किट से मकान में आग लगी। आग छत के रास्ते फैलते हुए किचन तक पहुंच गई। इसके बाद आग की चपेट में सिलेंडर आ गया, जिससे जोरदार ब्लास्ट हुआ और चारों को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त सभी लोग घर में सो रहे थे। मौके से जले हुए शव बरामद किए गए हैं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया है। मामले में मुख्यमंत्री ने 5-5 लाख और जिला प्रशासन ने 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।