ऊना,सुशील पंडित: कुटलैहड़ के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हटली में गुरुवार को ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के अंतर्गत चित्रकला प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता, रचनात्मक सोच और कलात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था। प्रतियोगिता में विद्यालय के लगभग 60 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी कल्पनाशीलता और कला कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता तथा देशभक्ति जैसे विभिन्न विषयों पर आकर्षक चित्र बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिससे विद्यालय परिसर में रचनात्मक वातावरण देखने को मिला। प्रतियोगिता के परिणामों में याशिका और जसमीत ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं कुहक शर्मा ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि नैंसी और पंशुल ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी उत्कृष्ट कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विजेता विद्यार्थियों को विद्यालय परिवार की ओर से बधाई दी गई तथा भविष्य में भी इसी प्रकार अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक सुनील शर्मा (प्रवक्ता जीव विज्ञान), सोमलता (प्रवक्ता), विवेकशील शर्मा, यशवंत परमार (डीपी) तथा अनुपमा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी रचनात्मक क्षमता को नई दिशा मिलती है। विद्यालय के प्रिंसीपल राजपाल सरोही ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कला, साहित्य और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियां भी समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय में समय-समय पर ऐसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है ताकि विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभाओं को उचित मंच मिल सके और वे भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकें।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई तथा विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया गया, विद्यालय परिवार ने विश्वास जताया कि विद्यार्थी आने वाले समय में भी शिक्षा, कला, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में विद्यालय का नाम रोशन करेंगे।








मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय संस्कृति के गौरव का प्रतीक है। गीता की भूमि कुरुक्षेत्र से पूरे विश्व को जीवन जीने की कला मिली है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज पिछले कई दशकों से गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनका जीवन और कार्य हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय गीता नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। ब्रह्मसरोवर, ज्योतिसर और गीता ज्ञान संस्थान जैसे केंद्रों के माध्यम से हम पूरे विश्व में गीता का संदेश पहुंचाना चाहते हैं। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव आज विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में से एक बन गया है। यह सब गीता मनीषी जैसे संतों के आशीर्वाद से ही संभव हुआ है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा हमें यह सिखाती है कि हम अपने गुरु, माता-पिता और समाज के प्रति कृतज्ञ रहें। हरियाणा सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर काम कर रही है। गरीब, किसान, महिला और युवा सभी के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। गीता हमें निष्काम कर्म की प्रेरणा देती है। इसी भाव से हम 2047 तक विकसित भारत और विकसित हरियाणा के लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक कर्मयोगी हैं। उन्होंने बहुत कम समय में प्रदेश की ज्यादा सेवा की है और आगे भी ऐसे ही करते रहेंगे। सरकार जिस प्रकार से गीता को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रही है, वह सराहनीय है। गीता से व्यक्ति में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत होता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की सरकार ने गीता के प्रचार-प्रसार के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मण्येवाधिकारस्ते का संदेश ही आज के प्रशासन और युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, संपूर्णानंद महाराज, चेयरमैन गुरनाम सैनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति व श्रद्धालुगण मौजूद रहे।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जन-संवाद कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से चिन्हित अति निर्धन परिवारों को आमंत्रित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में इन अति निर्धन परिवारों के विकास और कल्याण के लिए जरूरी विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की व्यापक स्तर पर चर्चा की जाएगी। इस चर्चा के फीडबैक के आधार पर प्रदेश सरकार द्वारा योजनाएं बनाई जाएंगी और उन्हें धरातल पर कार्यान्वित किया जाएगा।
ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से लगभग 1.78 लाख अति निर्धन परिवार चिन्हित किए गए हैं। यह प्रक्रिया आठ चरणों के दौरान पूर्ण की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य उस हर परिवार को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना है जो अभी तक अपने हक से वंचित रहे हैं। अभी तक प्रदेश में 85 हजार परिवार ऐसे हैं जो अति निर्धन हैं लेकिन उन्हें कभी बीपीएल परिवार में शामिल ही नहीं किया गया और न ही उन्हें प्रदेश सरकार की किसी योजना का लाभ मिला।
इस वित्त वर्ष के बजट में अपना परिवार सुखी परिवार योजना की घोषणा की गई थी, जिसे उद्देश्यों के अनुरूप अब कार्यान्वित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार चिन्हित किए गए इन अति निर्धन परिवारों का सहारा बनेंगी। इनकी आर्थिक स्थिति में परिवर्तन लाकर हम अर्थव्यवस्था में समृद्धि के साथ प्रदेश की समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। प्रदेश सरकार ने अति निर्धन परिवारों के चयन के सर्वेक्षण की प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता और ईमानदारी से पूरा किया है। सम्बन्धित अधिकारियों को इस बारे में जवाबदेह बनाया गया है।
बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सी. पालरासु, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक राघव शर्मा, निदेशक डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस डॉ. निपुण जिंदल और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
