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रामपुरः स्कूटर की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार की मौत
ऊना/ सुशील पंडित: ऊना से सटे रामपुर गांव में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सदर थाने में ऊना के वाल्मिकी मुहल्ला वासी कमलदेव पुत्र चरंजी लाल ने शिकायत दर्ज करवाई है कि वीरवर को मोटरसाइकिल पर सवार राम किशन नाम का व्यक्ति रामपुर-हरोली चौक पर सड़क पार कर रहा था। उसी समय झलेड़ा के रहने वाले अनुज कुमार पुत्र सुरजीत सिंह ने रामकिशन की मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर से घायल रामकिशन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सदर पुलिस ने आरोपी अनुज के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। -
पंजाबः 3 गैंगस्टर हथियारों सहित गिरफ्तार
पटियालाः जिले की पुलिस ने गैंगस्टर गुरविंदर सिंह सिद्धू के 3 साथियों को हथियारों सहित गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि यूएसए में बैठकर पंजाब में गैंगस्टर ग्रुप चलने वाले गैंगस्टर गुरविंदर के साथियों ने गोल्डी बराड़ के साथियों पर हमला करने की प्लानिंग बनाई हुई थी, जिसे पुलिस ने नाकाम कर आरोपियों को राजपुरा से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान शमशेर सिंह उर्फ शेरा निवासी गांव सराय अमानत खां, तरनतारन, रोहित कुमार उर्फ रोहित और गुलशन कुमार उर्फ गुल्लू राजपुरा के रूप में हुई है।
एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इन तीनों को राजपुरा इलाके से स्पेशल सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर हैरी बोपाराय और उनकी टीम ने अरेस्ट किया है। इन लोगों से तीन अवैध पिस्तौल 32 बोर और 8 कारतूस रिकवर हुए हैं। एसएसपी ने बताया कि राजपुरा स्पेशल सेल की टीम ने गांव उकसी सैणियां के अंडरपास में काले रंग की आईकॉन गाड़ी देखी थी, इस गाड़ी पर जाली नंबर प्लेट लगी हुई थी। पुलिस पार्टी ने शक होने पर कार सवार इन तीनों को काबू कर लिया। यह लोग किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए राजपुरा में रुके हुए थे।
इन लोगों को गुरविंदर सिंह सिद्धू ने हथियार मुहैया करवाए थे ताकि यह लोग ढिल्लों व गोल्डी बराड़ के साथियों पर हमला कर सकें। गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों भी विदेश में रहता है और वहीं से पंजाब में अपने गैंग को ऑपरेट करता है। गोल्डी ढिल्लों और गोल्डी बराड़ करीबी दोस्त हैं और पिछले दिनों चंडीगढ़ के सेक्टर 5 में गोल्डी ढिल्लों ने फायरिंग करवाई थी। इस तरह से सिद्धू और गोल्डी गैंग के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही है। गैंगस्टर गुरविंदर सिंह सिद्धू के कहने पर आरोपी रोहित ने जून 2023 में राजपुरा के कारोबारी पर फायरिंग की थी जिसमें उस पर केस भी दर्ज है।
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घनारीः भुक्की के साथ एक दबोचा
ऊना/ सुशील पंडित: गगरेट पुलिस ने वीरवर को घनारी के नजदीक भुक्की ले जा रही एक महिला को काबू किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक महिला भुक्की (चूरा पोस्त) के साथ घनारी में मौजूद है। पुलिस मौके पर गई और घनारी गांव के वार्ड नंबर एक की रहने वाली मीना कुमारी पत्नी बलदेव सिंह को 386 ग्राम भुक्की के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध मादक द्रव्य अधिनियम के तहत गगरेट थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। -
पंजाबः कॉटन फैक्ट्री में लगी आग, मजदूरों में मचा हड़कंप
अबोंहरः फाजिल्का रोड बुर्जमुहार के निकट स्थित बीआर कॉटन फैक्ट्री में आज दोपहर अचानक भयंकर आग लग गई, जिससे फैक्ट्री में चल रही बड़ी मशीनें जल गई और भारी मात्रा में नरमा भी जल गया। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की गाडियों ने इस आग पर काबू पाया। हालांकि काटन फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूर सतर्कता के चलते बाल बाल बच गए। इस बारे में जानकारी देते हुए फैक्ट्री मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि आज सुबह मशीनों में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण उनमें आग लग गई।
जिससे मशीनों में धुंआ उठने लगा तो उन्होंने भीतर काम कर रहे मजदूरों को तुरंत बाहर निकाला। इसकी सूचना दमकल विभाग को देते हुए खुद भी फैक्ट्री में मौजूद आग बुझाने वाले यंत्रों ओर पानी से आग बुझाने का प्रयास किया। वहीं सूचना मिलते ही दमकल गाडियां मौके पर पहुंच गई और मशीनरी में लगी आग को बुझाया। फिर भी लाखों रुपए का नुकसान हो गया।
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व्यक्ति से 35 लाख रूपए की हुई ठगी
ऊना/ सुशील पंडित: हिमाचल में 420 के मामलों में बढ़ौतरी जारी है। अब हरोली तहसील के कुठारवीत गांव के एक व्यक्ति से 35 लाख रूपए की ठगी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोम लाल पुत्र दलीप चंद ने पुलिस को दी शिकायत में दावा किया है कि पांच लोगों ने उसके जीवन की जमा पूंजि को धोखे से छीन लिया है। सोमलाल ने पुलिस को दी शिकायत में जिन लोगों पर ये आरोप लगाए हैं। उनमें सोनी राम पुत्र दलीप चन्द, सोनी राम की पत्नी उषा रानी, उसके पुत्र सुखविंदर सिंह और पुत्र वधु खुशी व राजेश कुमार के नाम शामिल हैं। हरोली पुलिस ने इन पांच आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 506 और 120-बी के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। -
हटली कल्ब में श्री राम कथा के तीसरे दिन हुआ श्री राम जन्म ,नाच उठा पंडाल
प्रभु सिमरन और निरंतर भक्ति ही Accept के लिए खोलेगी मोक्ष का द्वार:आचार्य डॉ सुमन शर्माऊना/ सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के श्री राम नाटक क्लब हटली में चल रही श्री राम कथा के तृतीय दिवस पर प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य डॉ सुमन शर्मा ने श्री राम जन्म प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा की जब धरती पर पाप बढ़ जाता है। तो निश्चय ही प्रभु इस धरती पर अवतार लेते है। कथा व्यास ने कहा कि जब रावण जैसे राक्षसों द्वारा अत्याचार और पाप का घड़ा भर गया और यह पापी राक्षस मानव के साथ देवताओं को प्रताड़ित करने लगे। तो सभी देवी देवता भगवान विष्णु के पास जाकर पापियों के पाप से मुक्त होने की गुहार लगाने लगे। तब भगवान विष्णु ने कहा कि पापी के पाप में ही उनके नाश का बीच छुपा रहता है।
बहुत जल्द मैं श्री अयोध्या के महाराजा दशरथ के घर श्री राम के रूप में अवतार लेकर पापियों का नाश करूंगा। कथा व्यास ने कहा कि उसके बाद किस प्रकार महाराजा दशरथ के घर भगवान विष्णु श्री राम जी के रूप में अवतरित हुए। और कैसे कितने यज्ञ पुत्र प्राप्ति के लिए महाराजा दशरथ ने करवाए थे। इस का विवरण श्री रामायण में भली प्रकार से दिया है। उन्होंने कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु और उसके बाद केवल श्री राम जी का नाम ही सहायता करता है। इसलिए तो कहा गया है। कि श्री राम से बड़ा राम का नाम है। जोकि पत्थर को भी पानी में तैरा देता है।
वहीं श्री राम कथा के तृतीय दिवस पर श्री राम जन्म उत्सव पर श्री राम भजनों से पूरा पंडाल खूब थिरका। और कथा विश्राम के बाद भंडारे का प्रसाद वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि श्री राम नाम ही मनुष्य को भाव सागर पार लगाता है। इसलिए हर प्राणी को श्री राम नाम का जाम करना चाहिए। तभी मुक्ति संभव है। ज्ञात रहे श्री राम नाटक क्लब हटली बीते 66 वर्षो से शुद्ध रामायण मंचन करता आ रहा है। और हर वर्ष नवरात्रों में श्री राम जी की मर्यादाओं का मंच से लीलाओं का बखान करता है। और हर वर्ष मार्च माह में श्री राम कथा का आयोजन करवाता है।
इस मौके पर क्लव के निदेशक बिपन साजन,प्रधान सुरेंद्र हटली, महिला बिग की अध्यक्ष ज्योति वर्जाता, हंसराज वर्जाता अंकुश बरजाता, कोषाध्यक्ष, सुरेश शर्मा, महासचिव, कमलदेव शास्त्री, मदन गोपाल, रिंकू रिवाड, पूर्ण सिंह राणा, विवेकशील शर्मा, किशन देव शर्मा, सुरेंद्र राणा, संजय सोनी के अलावा सभी सदस्य मौजूद रहे। -
पंजाबः डाक्टरों से रिश्वत लेता सेवा मुक्त Civil Surgeon गिरफ्तार
रूपनगरः पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने सिविल सर्जन ( सेवामुक्त), रूपनगर डाक्टर परमिंदर कुमार को अपने अधीन काम करने वाले डाक्टरों को नकद या किसी अन्य रूप में रिश्वत देने के लिए मजबूर करने के दोष में गिरफ्तार किया गया है। आज पंजाब विजीलैंस ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह केस डा. नरेश कुमार की ओर से मुख्यमंत्री भृष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर दर्ज करवाई गई शिकायत की पड़ताल उपरांत दर्ज किया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि इस शिकायत की जांच दौरान विजीलैंस ब्यूरो ने यह पाया कि उपरोक्त सिविल सर्जन अपने अधीन डाक्टरों से रिश्वत लेने के लिए उनको बेवजह कारण बताओ नोटिस जारी करके और डैपूटेशन के लिए अनअधिकारित आदेशों आदि के द्वारा तंग-परेशान करता था। पड़ताल दौरान यह भी पता लगा गया है कि मुलजिम ने 21.10.2021 तारीख़ को एक मीटिंग दौरान डाक्टरों से रिश्वत माँगी थी, जिस उपरांत डाक्टर तरसेम सिंह ने उसे 10,000 रुपए भी दिए थे।
इस के इलावा उपरोक्त मुलजिम ने डा. सतविंदर पाल और डा. विक्रांत सरोआ के ज़रिये 20-20 हज़ार रुपए रिश्वत भी ली और शिकायतकर्ता को उसके रिहायशी मकान का 2,764 रुपए का बिजली बिल भरने के लिए भी कहा। उपरोक्त के इलावा डा. परमिंदर कुमार के नियमित खर्च किए उसकी तनख़्वाह के साथ मेल नहीं खाते। इस संबंधी थाना विजीलैंस ब्यूरो रेंज लुधियाना में डा. परमिंदर कुमार के विरूद्ध भृष्टाचार रोकथाम कानून के अंतर्गत एफ.आई.आर. नंबर 14, तारीख़ 15.03.2024 के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है और मामले की आगे जांच जारी है।
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पंजाबः 2 मरले जमीन के लिए पूर्व सरपंच का क+त्ल
जलालाबादः ढाणी फूला सिंह में 2 मरले जमीन के लिए पूर्व सरपंच का कत्ल हो गया। यह कत्ल किसी और ने नहीं बल्कि पोते ने अपने दादा का किया है। मृतक की पहचान ढाणी फूला सिंह के पूर्व सरपंच कशमीर सिंह के रूप में हुई है। अभी तक आरोपी पोते की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार ढाणी फूला सिंह के पूर्व सरपंच कशमीर सिंह की उस समय हत्या कर दी गई।
जब वह 2 कनाल जमीन में पौधे लगा रहा था। रिश्ते में ही उसके पोते के साथ उसकी लड़ाई हो गई। जिसके बाद पोते ने कस्सी से कशमीर सिंह के सिर पर कई वार किए। जिससे वह घायल हो गया। परिजनों द्वारा कशमीर सिंह को इलाज के लिए जलालाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के शव को जलालाबाद के सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाते हुए जांच शुरू कर दी है।
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प्रयागराज से 14 मेडल जीतकर लौटी ट्रिपल आईटी की टीम
खेल जीवन की चुनौतियों से लड़ना भी सिखाते हैं- प्रो. कन्नौजियाऊना/ सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश के ट्रिपल आईटी संस्थान ने प्रयागराज में हुई राष्ट्रीय स्तरीय खेल प्रतियोगिता में पांचवा स्थान हासिल किया है। 9 से 12 मार्च तक चले इस टूर्नामेंट में देश भर के कुल 22 आईआईआईटी संस्थानों ने हिस्सा लिया था। ऊना जिला के सलोह गांव में स्थापित ट्रिपल आईटी के इंजीनियरिंग छात्रों ने इस टूर्नामेंट में कुल 14 मेडल जीते। जिसमें अतुल्य ने 400 मीटर दौड़, तीतिक्षा बंसल ने पावर लिफ्टिंग और 4 गुणा 400 रिले रेस में अतुल्य, प्रफुल्ल आनंद, आर्यन त्यागी और संकेत पाटिल ने गोल्ड मेडल जीते।
इसके अलावा ट्रिपल आईटी के खिलाड़ियों ने 4 गुणा 100 मीटर में रजत, 1500 मीटर में रजत, 800 मीटर व 5000 मीटर में कांस्य पदक जीते। महिलाओं की टेबल टेनिस टीम ने कांस्य पदक, बास्केट बॉल टीम ने रजत और पुरुषों की पावरलिफ्टिंग टीम ने कांस्य पदक जीता। संस्थान के स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर डॉ. अंकुर कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के कोने कोने से आए खिलाड़ियों को टक्कर देते हुए इस बार हम पहले पांच में शामिल हो चुके हैं। जिस तेजी से हमारे खिलाड़ी रोजाना प्रैक्टिस कर रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि अगली बार और अधिक मेडल जीतेंगे।
प्रयागराज में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के पूरे दल को डायरेक्टर प्रो. बिनोद कुमार कन्नौजिया ने शुभकामनाएं दीं। विजेताओं को सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा कि पेचीदा और तकनीकी पढ़ाई में यदि छात्र खेलकूद में हिस्सा लेते रहें तो उनका तनाव भी कम रहता है और इंजीनियरिंग सीखने में आनंद भी आता है। खेल जिस इंजीनियर के जीवन का हिस्सा होते हैं। वह देश दुनिया में कार्य करते हुए किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हो जाता है। अच्छी सेहत देने वाले खेल जीवन की चुनौतियों से लड़ना भी सिखाते हैं। छात्र जीवन में खेल को दिया गया समय भविष्य में जॉब और बिजनेस में भी निखार लेकर आता है। -
जालंधरः इस किसान के बच्चे करते है Cambridge International School में पढ़ाई, देखें वीडियो
जालंधर, ENS: भोगपुर ब्लॉक के एक छोटे से गांव रानी भट्टी में स्थित किसान नेता मुकेश चंद्र के बेटे जालंधर के सबसे प्रसिद्ध स्कूल कैम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई करते हैं। वह सुबह इस प्रसिद्ध स्कूल में पढ़ाई करते है और शाम को खेतों में ट्रैक्टर चलाते है। पेशे से किसानों के ये बच्चे वैसे तो बड़े-बड़े स्कूलों में पढ़ते हैं, लेकिन खेती पर उनका विशेष ध्यान रहता है। स्कूल से आकर खेतों में पानी डालना उनका शौंक ही नहीं बल्कि जुनून बन गया है। ये बच्चे न केवल खेतों में ट्रैक्टर चलाते हैं, बल्कि जानवरों के लिए पट्ठे काटकर उन्हें देना और अन्य कृषि के कार्य करते हैं। दोनों बच्चों युवनेश और युवराज का कहना है कि उनके पिता उन्हें शहर के सबसे अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे हैं।
लेकिन वे चाहते हैं कि वह पढ़ाई करके आगे बढ़कर अपने कृषि क्षेत्रों का विस्तार करें। अपने स्कूल के बारे में उनका कहना है कि उनके स्कूल में शहर के बड़े-बड़े बिजनेसमैन और अफसरों के बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन किसान होने के कारण उनके साथ कभी किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं हुआ। बल्कि उसके सभी दोस्त मिलकर उनके साथ पढ़ाई करते है। इतना ही नहीं, उन सभी को उनसे विशेष प्रेम है। वहीं पंजाब के युवाओं में विदेश के क्रेज को लेकर उनका कहना है कि वह नहीं चाहते कि वह पंजाब के उन लाखों युवाओं की तरह विदेश जाकर काम करें।
बच्चों का कहना है कि अगर इसी तरह पंजाब से युवा विदेश जाते रहे तो एक दिन पंजाब खाली हो जाएगा। उनके मुताबिक उनके परिवार का कोई भी बच्चा विदेश जाना नहीं चाहता। उनके मुताबिक, खेती उनके परिवार का व्यवसाय है और वह इस व्यवसाय को छोड़ना नहीं चाहते हैं। वे हाई स्कूल में पढ़ाई करने के बाद आगे कृषि की पढ़ाई करना चाहते हैं ताकि वे अपने खेत को बढ़ा सकें।उनके मुताबिक, वे देखते हैं कि किसानों के प्रति सरकार के रवैये के कारण आज उनके पिता अपने अन्य साथियों के साथ धरना-प्रदर्शन करने जाते हैं। वे चाहते हैं कि सरकार किसानों का समर्थन करें ताकि खेती को बचाया जा सके और किसानों के बच्चे बाहर जाकर काम करने के बजाय खेती का विकास कर सकें। क्योंकि अगर किसानों के बच्चे भी विदेश में रहेंगे तो पंजाब की खेती की देखभाल कौन करेगा।
दूसरी ओर, बच्चों के पिता मुकेश चंद्र और किसान नेता का कहना हैं कि गांव में उनकी करीब 40 किले खेती है, जबकि ठेके पर ली हुई खेती को मिलकर करीब 150 किले खेती पर काम करते हैं। उनके मुताबिक, उनके बच्चे अब खेती पर ध्यान दे रहे हैं। बच्चे यह नहीं चाहते कि वह विदेश में जाकर काम करें। उनका कहना है कि उनके बच्चे भी देखते है कि किसान अपनी मांगों को लेकर आए दिन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद बच्चों का कहना है कि वे विदेश जाकर अपनी खेती नहीं करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, अगर सरकार किसानों का साथ दे तो किसान अपने बच्चों को कभी विदेश नहीं भेजेंगे। बल्कि उनके बच्चों को भी पंजाब में खेती में उनकी मदद करनी चाहिए।