Home National Tamilnadu Election Result: आखिर क्या नई सरकार खत्म करवाएगी NEET? इस वजह से हो रही है Controversy

Tamilnadu Election Result: आखिर क्या नई सरकार खत्म करवाएगी NEET? इस वजह से हो रही है Controversy

0
Tamilnadu Election Result: आखिर क्या नई सरकार खत्म करवाएगी NEET? इस वजह से हो रही है Controversy
नई दिल्ली: तमिलनाडु की सत्ता की चाबी किसके पास जाएगी। इसके फैसला आज हो रहा है लेकिन इस चुनाव में सबसे बड़ा इमोशनल कार्ड नीट परीक्षा रही है। राज्य की क्षेत्रीय पार्टियों ने अपने घोषणापत्र में नीट से मुक्ति दिलाने का वादा किया है। मगर सवाल यह है कि क्या चुनावी जीत मात्र से नीट खत्म हो जाएगी।

क्या है कंट्रोवर्सी?

तमिलनाडु का तर्क है कि नीट परीक्षा सामाजिक न्याय के खिलाफ है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं और राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, सिलेबस का अंतर बहुत बड़ा है। नीट पूरी तरह सीबीसीआई पैटर्न पर है जिससे तमिलनाडु स्टेट बोर्ड के छात्र पिछड़ रहे हैं। सीटों का गणित भी इसमें बड़ा मुद्दा है। नीट लागू होने से पहले स्टेट बोर्ड के छात्रों के पास 70% सीटे पूरी तरह सीबीसीआई पैर्टन पर है जिससे तमिलनाडु स्टेट बोर्ड के छात्र पिछड़ रहे हैं। सीटों का गणित भी इसमें बड़ा मुद्दा है। नीट लागू होने से पहले स्टेट बोर्ड के छात्रों के पास 70% सीटें थी। इसे भी जो अब गिरकर 47% से भी कम रह गई है। यही नहीं इससे कोचिंग का व्यापार बढ़ रहा है। नीट की तैयारी के लिए सालान 1 से 5 लाख रुपये तक की कोचिंग फीस गरीब और ग्रामीण छात्रों के सपनों के आगे दीवार बन गई है।

कानूनी लड़ाई कहां तक पहुंची

फिलहाल यह मामला देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में है। तमिलनाडु सरकार ने 15 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति के उस फैसले को चुनौती दी है। इसमें उन्होंने राज्य के एंटी नीट बिल को मंजूरी देने से इंकार कर दिया था। राज्य सरकार का तर्क है कि राष्ट्रपति के द्वारा बिना ठोस के कारण बिल ठुकराना संवैधानिक गतिरोध पैदा करता है। फिलहाल राज्य में सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए 7.5% का क्षैतिज आरक्षण लागू है ताकि ग्रामीण बच्चों को मेडिकल सीटों में हिस्सा मिल सके। चुनावी नतीजों के बाद नई सरकार के सामने दो रास्ते होंगे। इसमें पहले रास्ता सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस की आक्रामक पैरवी करना। वहीं दूसरा रास्ता केंद्र सरकार के साथ मिलकर समवर्ती सूची के नियमों के अंतर्गत छूट के लिए राजनीतिक दबाव बनाना होगा।  

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here