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  • पंजाब में उद्योग लाने के लिए सक्रिय हुए CM मान, यामाहा–होंडा–आइसन से की अहम बैठकें

    पंजाब में उद्योग लाने के लिए सक्रिय हुए CM मान, यामाहा–होंडा–आइसन से की अहम बैठकें

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जापान के प्रमुख उद्योगपतियों के सामने राज्य को सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए उन्हें अपने व्यावसायिक विस्तार के लिए पंजाब में निवेश करने का आमंत्रण दिया।

    जापान दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने जे.बी.आई.सी., आइसन इंडस्ट्री, यामाहा, होंडा मोटर, जे.आई.सी.ए. दक्षिण एशिया विभाग के महानिदेशक, टॉरे इंडस्ट्रीज़, अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (एम.ई.टी.आई.) के संसदीय उप-मंत्री, फुजित्सु लिमिटेड और अन्य प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। चर्चा के दौरान भगवंत सिंह मान ने उन्नत विनिर्माण, मोबिलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में जापान के साथ रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने जापानी कंपनियों को राज्य में उभर रहे नए अवसरों का अन्वेषण करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि पंजाब का भविष्य इन क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप नए रूप में आकार ले रहा है।

     

    मुख्यमंत्री ने निवेशकों को 13–15 मार्च 2026 को आईएसबी मोहाली कैंपस में होने वाले 6वें प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सम्मेलन पंजाब की प्रगति को प्रदर्शित करेगा और विश्व के बड़े उद्योगों को एक मंच पर लाकर साझेदारी और सहयोग के नए अवसर प्रस्तुत करेगा। उन्होंने दोहराया कि पंजाब और जापान विश्वास, गुणवत्ता और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के आधार पर मजबूत व्यापारिक संबंध स्थापित कर सकते हैं और राज्य सरकार इन संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित है।

    अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मजबूत आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों के माध्यम से विकास और समृद्धि का साझा भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती अपने साहस, लचीलापन, मेहनत, उद्यमशीलता, रचनात्मकता और पारस्परिक भाईचारे के लिए जानी जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य ने हमेशा भारत के विकास में, विशेषकर देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में, महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब आधुनिक उद्योगों, तकनीक और वैश्विक सहयोग के लिए अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है।

    जापानी उद्योग जगत के साथ पंजाब के मजबूत और उपयोगी संबंधों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने जापानी कंपनियों को पंजाब के बदलते औद्योगिक वातावरण के अगले चरण का हिस्सा बनने के लिए हार्दिक आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि विश्वास, अनुशासन और दीर्घकालिक साझेदारी की मूल्य-व्यवस्था पंजाब और जापान दोनों की नींव में है, जो राज्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है। भगवंत सिंह मान ने बताया कि कई जापानी कंपनियां पहले से ही पंजाब में अपने व्यवसाय के साथ उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर चुकी हैं और अब और अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां भी राज्य में निवेश के प्रति विश्वास और रुचि दिखा रही हैं।

    इस दौरान मुख्यमंत्री के आमंत्रण पर जापानी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के प्रति गहरी दिलचस्पी जताई। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसे निवेश न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति को भी और गति देंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार जापानी निवेशकों को हर स्तर पर पूर्ण समर्थन और सहयोग प्रदान करेगी तथा राज्य में औद्योगिक विकास को और प्रोत्साहन देना समय की आवश्यकता है।

  • Punjab News : पारा गिरने से सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्य़ा बढ़ी, देखें वीडियो

    Punjab News : पारा गिरने से सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्य़ा बढ़ी, देखें वीडियो

    डॉक्टरों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने और गर्म पानी पीने की दी सलाह  

    पठानकोट। देश भर में सर्दी का सितम दिखना जारी हो गया है। वहीं, पहाड़ों में हुई बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखना शुरू हो गया है। जिले में पारा गिरने से सिविल हॉस्पिटल में मरीज़ों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने और गर्म पानी पीने की सलाह दी है।

    मैदानी इलाकों में पारा गिरने से ठंड बढ़ गई है, जिसके कारण इन दिनों सिविल हॉस्पिटल पठानकोट में मरीज़ों की संख्या बढ़ गई है। जब इस बारे में सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टरों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ठंड बढ़ने के कारण अस्पतालों में मरीज़ों की संख्या काफी बढ़ गई है। इसके कारण खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ़ वाले मरीज़ों की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि अचानक बढ़ी ठंड से लोगों को बचकर रहना चाहिए, लोगों को गर्म कपड़े पहनने चाहिए और खासकर बच्चों और बुज़ुर्गों को घर से तभी निकलना चाहिए जब बहुत ज़रूरी हो। अगर कोई मरीज इस सर्दी-जुकाम का शिकार है तो उसे घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेकर दवा लेनी चाहिए ताकि वह जल्दी ठीक हो सके।

  • मान सरकार का संवेदनशील कदम: 93 शिक्षकों को मिला न्याय का भरोसा

    मान सरकार का संवेदनशील कदम: 93 शिक्षकों को मिला न्याय का भरोसा

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के शिक्षकों के साथ हुई वर्षों की अनदेखी को समाप्त करते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। बाबा हीरा सिंह भट्टल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी समेत विभिन्न सरकारी कॉलेजों में कार्यरत 93 शिक्षकों को पिछली सरकार के कार्यकाल में रोके गए 36 महीनों के बकाया वेतन का भुगतान करने की घोषणा की है। यह निर्णय उस समय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब इसी वेतन संकट के कारण एक शिक्षक ने आत्महत्या कर ली थी। मुख्यमंत्री ने विशेष बैठक आयोजित कर पीड़ित शिक्षकों और शहीद शिक्षक के परिवार से मुलाकात की तथा तत्काल राहत का आश्वासन दिया।

    सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रभावित शिक्षकों के साथ विस्तृत बैठक की, जिसमें उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। बैठक में सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब उस शिक्षक के दो बच्चे भी उपस्थित थे, जिनके पिता ने वेतन न मिलने और कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या कर ली थी। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस घटना ने पूरे प्रदेश में शिक्षा विभाग की उपेक्षित स्थिति और शिक्षकों की दुर्दशा को उजागर कर दिया था। सीएम मान ने इस त्रासदी को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया और वित्त विभाग से बकाया राशि जारी करने की मंजूरी दी।

    पिछली सरकार के कार्यकाल में इन 93 शिक्षकों का वेतन लगातार 36 महीनों तक रोका गया था, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी। कई शिक्षकों को अपने बच्चों की शिक्षा और परिवार के भरण-पोषण के लिए भारी ब्याज दरों पर कर्ज़ लेना पड़ा। वेतन की अनिश्चितता और बढ़ते कर्ज के दबाव ने कई शिक्षकों को मानसिक तनाव और अवसाद में धकेल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित आय का बंद होना किसी भी व्यक्ति के लिए जीवन-मृत्यु का प्रश्न बन सकता है, खासकर तब जब परिवार की पूरी ज़िम्मेदारी एक ही व्यक्ति पर हो। शिक्षक संगठनों ने इस मुद्दे को बार-बार उठाया था, लेकिन पिछली सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माता होते है और उनकी उपेक्षा किसी भी सरकार के लिए शर्म की बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्ती की सरकार हर उस व्यक्ति के साथ खड़ी है जिसके साथ अन्याय हुआ है। सीएम ने कहा, “हमारी सरकार का उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। इन शिक्षकों के साथ जो अन्याय हुआ है, वह क्षमा योग्य नहीं है।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति को उत्पन्न नहीं होने दिया जाएगा और शिक्षकों के वेतन में कोई देरी नहीं होगी।

    शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 36 महीने के बकाया वेतन की राशि करोड़ों रुपये में है, और इसे चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा। पहले चरण में जिसने आत्महत्या की उस शिक्षक के परिवार और सबसे अधिक संकटग्रस्त शिक्षकों को राशि जारी की जाएगी।

    बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील और त्वरित निर्णय की सराहना की। कई शिक्षक भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि वर्षों बाद उन्हें ऐसा लगा कि सरकार उनकी सुन रही है। एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने कहा, “हमें लगा था कि हमारी आवाज़ कभी नहीं सुनी जाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री जी ने हमें विश्वास दिलाया कि हर समस्या का समाधान है।” शिक्षक के परिवार के सदस्यों ने कहा कि यह कदम उनके लिए न्याय की दिशा में पहला कदम है और वे सरकार के आभारी है। शिक्षक संघों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया और इसे पंजाब सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया।

    शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय पंजाब में शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जब शिक्षक आर्थिक रूप से सुरक्षित होंगे, तो वे अपने कार्य में पूरी तरह समर्पित हो सकेंगे। विशेषज्ञों ने कहा कि वेतन की अनिश्चितता न केवल शिक्षकों के मनोबल को प्रभावित करती है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक असर डालती है। पंजाब सरकार के इस निर्णय से अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिलेगी कि शिक्षकों के कल्याण को प्राथमिकता देना आवश्यक है। कई शैक्षणिक संस्थानों ने इस पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में ऐसी समस्याएं नहीं होंगी।

    पंजाब के विभिन्न शहरों में शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री के इस कदम का स्वागत करते हुए धन्यवाद सभाएं आयोजित की हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग इस निर्णय की प्रशंसा कर रहे हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान की संवेदनशीलता को सराह रहे है।

    यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि सरकारी तंत्र में संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता कितनी महत्वपूर्ण है। पंजाब सरकार का यह कदम न केवल 93 शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि पूरे शिक्षक समुदाय में विश्वास भी जगाया है। शिक्षक की आत्महत्या एक दुखद घटना थी, लेकिन उनके बलिदान ने इस मुद्दे को राज्य स्तर पर चर्चा में ला दिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह साबित किया है कि उनकी सरकार हर नागरिक की आवाज़ सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है।

  • Punjab News : अलग-अलग जिलों में नामांकन दाखिल करने के दौरान हुआ हंगामा, देखें वीडियो

    Punjab News : अलग-अलग जिलों में नामांकन दाखिल करने के दौरान हुआ हंगामा, देखें वीडियो

    चंडीगढ़। पंजाब में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन था। वहीं, नामांकन दाखिल करने के दौरान कई जिलों से हंगामा होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मौके पर सभी लोगों को शांत कराकर मामला किसी तरह से शांत कराया। इस दौरान अलग-अलग पार्टियों के लोग एक दूसरे पर आरोप लगाते नजर आये। 14 दिसंबर को होगा मतदान जिला परिषद और पंचायत चुनाव के लिए 14 दिसंबर को मतदान होगा और 17 को मतगणना होगी। आज नामांकन का आखिरी दिन था। 5 दिसंबर को सभी नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होगी। 6 दिसंबर को नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। 6 दिसंबर को ही चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
  • मान सरकार का बड़ा कदम: फगवाड़ा को मिला करोड़ों की लागत वाला वर्ल्ड-क्लास स्कूल ऑफ एमिनेंस

    मान सरकार का बड़ा कदम: फगवाड़ा को मिला करोड़ों की लागत वाला वर्ल्ड-क्लास स्कूल ऑफ एमिनेंस

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में जो क्रांति लाई है, उसका सबसे बेहतरीन और चमचमाता उदाहरण फगवाड़ा का सरकारी स्कूल है। यह वह संस्थान है जो कई सालों तक टूटा-फूटा रहा और उपेक्षा का शिकार था, लेकिन आज करोड़ों रुपये के बड़े निवेश से यह एक विश्व-स्तरीय ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ बन चुका है, जो पंजाब की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक नया और सुनहरा उदाहरण पेश कर रहा है। यह सिर्फ एक नई इमारत नहीं है, बल्कि यह गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को मुफ्त में प्राइवेट स्कूलों जैसी शानदार और अच्छी शिक्षा देने के लिए तैयार किया गया एक संपूर्ण केंद्र है।

    फगवाड़ा के इस ऐतिहासिक सरकारी स्कूल में जो परिवर्तन हुआ है, उसे छात्रों ने खुद “ओल्ड टू आउटस्टैंडिंग” (पुराने से बेहतरीन) नाम दिया है। यह सिर्फ एक शब्द नहीं है, बल्कि यह उस अद्भुत बदलाव की गवाही है जो मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने लाया है। इस अभूतपूर्व ‘बदलाव’ के बाद, छात्र खुद कह रहे हैं कि उन्होंने महंगे प्राइवेट स्कूल छोड़ दिए और यहां दाखिला लिया, क्योंकि जो सुविधाएं यहां मिल रही हैं, वह कहीं नहीं हैं। यह बात साबित करती है कि भगवंत सिंह मान की सरकार सिर्फ बातें नहीं करती, बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए ज़मीन पर काम कर रही है, और ये तस्वीरें विरोधियों के लिए सीधा जवाब हैं।

    फगवाड़ा स्कूल ऑफ एमिनेंस को इसकी उत्कृष्ट उपलब्धियों खासकर बुनियादी ढांचे, खेल और पढ़ाई में—के लिए पंजाब सरकार द्वारा सबसे अच्छा स्कूल घोषित किया गया है। अब यहाँ वो हर सुविधा है जिसकी कल्पना पहले केवल प्राइवेट स्कूलों में होती थी। छात्रों के लिए हाई-टेक क्लासरूम और उन्नत साइंस लेबोरेटरी उपलब्ध हैं, जो डिजिटल और इंटरैक्टिव शिक्षा को बढ़ावा देते हैं। यहाँ सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि बच्चों को JEE, NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग भी दी जाती है। परिसर में एक अत्याधुनिक एस्ट्रोटर्फ़ फुटबॉल ग्राउंड बनाया जा रहा है, और यहां के छात्रों ने राज्य स्तरीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा दिखाई है। बुनियादी ढांचे में हुए बदलाव किसी क्रांति से कम नहीं हैं। पुराने परिसर की जगह अब एक सुंदर, सुरक्षित और आकर्षक इमारत खड़ी है, जिसमें साफ़-सुथरे टॉयलेट, एक आधुनिक लाइब्रेरी, स्टाफ रूम, मल्टीपर्पज़ हॉल, और सुरक्षा के लिए गार्ड की व्यवस्था है। छात्रों के लिए बस सेवा भी शुरू की गई है, जिससे दूर-दराज के बच्चों का स्कूल तक पहुँचना आसान हो गया है।

    फगवाड़ा के ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ की सफलता सिर्फ एक स्कूल तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने इस मॉडल को पूरे राज्य में लागू किया है।

    इस पहल के तहत, पंजाब के 118 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ में बदला गया है। यह दिखाता है कि पंजाब सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रही है। फगवाड़ा का स्कूल इस व्यापक शिक्षा क्रांति का एक प्रमुख उदाहरण मात्र है, जिसका उद्देश्य पूरे पंजाब के गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को विश्व-स्तरीय शिक्षा मुफ्त में प्रदान करना है।

    इस स्कूल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं, और आम लोग इसकी जमकर तारीफ़ कर रहे हैं। यह सिर्फ एक सरकारी स्कूल की तस्वीर नहीं, यह बदलते पंजाब की तस्वीर है, और यह दिखाती है कि सरकार

  • मान सरकार ने नशामुक्त मरीजों के लिए फ्री स्किल ट्रेनिंग और नौकरी शुरू की

    मान सरकार ने नशामुक्त मरीजों के लिए फ्री स्किल ट्रेनिंग और नौकरी शुरू की

    लुधियाना: जो युवा कभी नशे की दलदल में थे, आज वही पंजाब के उज्जवल भविष्य के निर्माता बनने को तैयार हैं। यह कोई सपना नहीं, बल्कि पंजाब सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की ज़मीनी हकीकत है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने सिर्फ नशा तस्करों पर नकेल ही नहीं कसी है, बल्कि नशा छोड़ने वाले हमारे युवाओं के लिए सम्मान और स्वरोजगार का मार्ग भी प्रशस्त किया है।

    पंजाब में नशा बेचने वालों का बुरा समय आ गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सीधे और सख्त आदेशों पर, राज्य में नशों के खिलाफ शुरू की गई निर्णायक लड़ाई ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ ने 9 महीने पूरे कर लिए हैं और इसके बड़े नतीजे दिख रहे हैं। 1 मार्च 2025 से अब तक, पंजाब पुलिस ने रिकॉर्ड कार्रवाई करते हुए 26,256 केस दर्ज किए हैं और 38,687 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान, 1714 किलोग्राम से ज़्यादा हेरोइन समेत बहुत सारा नशीला सामान ज़ब्त किया गया है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि सरकार नशे को बिल्कुल बर्दाश्त न करने की नीति पर कायम है और नशे के जाल को खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    कड़ी कार्रवाई के साथ ही सरकार सुधार और रोजगार को जोड़कर एक दोहरी रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में, लुधियाना के जिला प्रशासन ने डेयरी विकास और स्वास्थ्य विभाग की मदद से, जगरांव के सरकारी पुनर्वास केंद्र में 10 दिन का हुनर सिखाने का खास कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का मकसद, नशा छुड़ाने का इलाज करा रहे नौजवानों को पक्की कमाई के मौके देना है ताकि वे पैसों के लिए वापस नशे के दलदल में न फंसे।

    उपायुक्त हिमांशु जैन ने इस पहल को पूरा सुधार (होलीस्टिक पुनर्वास) की दिशा में एक बड़ा और इंसानियत भरा कदम बताया। उन्होंने साफ कहा, “हम पक्का कर रहे हैं कि जो भी व्यक्ति नशे को हराकर बाहर आया है, वह गरीबी या काम न मिलने की वजह से वापस नशे की तरफ न फिसले।” इसी सोच के साथ, डेयरी विकास विभाग के उप निदेशक सुरिंदर सिंह ने उद्घाटन के दिन युवाओं को डेयरी फार्मिंग (पशुपालन) और इससे जुड़े कामों की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी।

    अधिकारियों का मानना है कि ये हुनर ठीक हो रहे लोगों को खुद का काम शुरू करने और आर्थिक रूप से आज़ाद होने में मदद करेंगे, जिससे उनका सुधार पक्का हो सके। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद, जो लोग काबिल होंगे उन्हें छोटी डेयरी यूनिट लगाने के लिए सरकारी योजनाओं के तहत बैंक से लोन और पैसे की मदद भी दी जाएगी। यह पहल सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गुरदेव सिंह कंग, और केंद्र प्रभारी डॉ. विवेक गोयल जैसे खास अधिकारियों की देखरेख में चल रही है।

    पंजाब सरकार मानती है कि हुनर सिखाने से ही सुधार को एक नया मौका बनाया जा सकता है। यह कार्यक्रम सिर्फ हुनर सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को आत्मविश्वास की पूंजी देता है, जिससे वे सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। जब उनके हाथ में पक्का काम होता है, तो उन्हें किसी भी मजबूरी या लत की तरफ मुड़ना नहीं पड़ता। इस तरह यह पहल न केवल उनका जीवन सुधारती है, बल्कि नशे के पूरे दुष्चक्र को ही जड़ से तोड़ देती है, और उन्हें एक नई पहचान दिलाती है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में, पंजाब सरकार ने दिखाया है कि वह इरादों की पक्की है। सरकार ने न केवल नशा बेचने वालों के खिलाफ सख़्त क़दम उठाए हैं, बल्कि उन नौजवानों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाई है जो नशे की चपेट में आ गए थे। यह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य दे, और इसी ज़िम्मेदारी को समझते हुए, उसने नशे से बचाने के लिए एक निर्णायक लड़ाई लड़ी है और उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने के लिए बेहतरीन मौके दिए हैं।

    पंजाब की अगली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो रहा है, जब सरकार नशे के कारोबारियों पर कड़ा एक्शन लेती है (जैसे 38 हज़ार से ज़्यादा तस्करों को पकड़ा गया है) और साथ ही, हमारे युवाओं को हुनर सिखाकर, काम देकर और इज्जत की ज़िंदगी देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करती है, तो यह पूरे समाज के लिए एक बड़ी और अच्छी बात है। यह कोशिश सिर्फ एक परेशानी खत्म करने तक नहीं रुकती, बल्कि यह पंजाब को फिर से रंगला पंजाब, और ख़ुशहाल बनाने की एक मजबूत शुरुआत है।

  • 3 भतीजियों को मारने पर Lady killer ने किया चौंकाने वाला खुलासा, देखें वीडियो

    3 भतीजियों को मारने पर Lady killer ने किया चौंकाने वाला खुलासा, देखें वीडियो

    हरियाणा। पानीपत पुलिस ने बुधवार को 3 भतीजियों को मारने वाली लेडी किल्लर को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने बच्चों की हत्या की। इस महिला ने बच्चों को पानी में डुबोकर मारने का काम किया। पुलिस के अनुसार, दिसंबर में उसने अपने जेठ की छह साल की बेटी विधि को टब में डुबोकर मार दिया। यह पहली घटना नहीं थी। पुलिस का कहना है कि पिछले दो साल 11 महीने में उसने कुल चार बच्चों की हत्या की। इन बच्चों में उसका अपना बेटा भी शामिल है, बाकी तीन उसकी भतीजियां थीं।

    सुंदर बच्चियों से करती थी नफरत
    पूलिस ने बताया कि पूनम को सुंदर दिखने वाली बच्चियों से बहुत नफरत थी। यही नफरत हत्या का कारण बनी।

    घटना लेकर पुलिस का आया बयान
    पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पूनम और उसका परिवार एक दिसंबर को पानीपत के गांव नैल्था में शादी में आया था। शादी में जब महिलाएं बरात विदा कर गईं, तब विधि का पता नहीं चला। बाद में उसका शव घर के ऊपर की मंजिल पर स्टोर में टब में पाया गया। टब सिर्फ एक फीट का था। बच्ची के हाथ और पैर टब से बाहर थे। फर्श पर पानी बिखरा हुआ था। कमरे की कुंडी बाहर से लगी थी।

    पुलिस पूछताछ में पूनम ने बताया कि उसे सुंदर बच्चियों से नफरत थी। 2023 में उसने अपनी भतीजी पिंकी और बेटे शुभम की हत्या कर दी। इसके बाद मायके में चचेरे भाई की बेटी जिया की हत्या की। हर हत्या के बाद वह ऐसा ड्रामा करती थी कि किसी को शक न हो।

    पूनम बच्चों को पानी की टब या गड्ढे में डुबोकर मारती थी। कभी-कभी वह अपने बेटे से उनकी तुलना करती और अगर कोई बच्ची बेटे से ज्यादा सुंदर दिखती, तो उसे गुस्सा आता।

    साइको किलर क्या होता है
    साइको किलर वह व्यक्ति होता है जो मानसिक रूप से बीमार होता है। लगातार कई लोगों की हत्या करता है। हत्या का तरीका लगभग हमेशा एक जैसा होता है।

  • Haryana News: अंतरराज्यीय Visa Fraud Racket का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Haryana News: अंतरराज्यीय Visa Fraud Racket का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    पंचकूला: पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय वीजा फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपी गिरफ्तार किए हैं। पांचों आरोपी अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किए गए हैं। इन सभी आरोपियों पर फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया और इटली के वर्क वीजा दिलवाने का झांसा देकर आठ युवाओं से कुल 48 लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है।

    जांच के दौरान पुलिस ने इन सभी आरोपियों के कब्जे से बड़े पैमाने पर झूठे दस्तावेज और सामान बरामद किया है। पुलिस ने 8 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 40 पासपोर्ट, 4 फिनलैंड टीआरसी कार्ड, 6 चेक बुक, लगभग 10 एटीएम कार्ड, कई फर्जी स्टैम्प और सील, 6.75 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

    इसके अलावा संबंधित बैंक खातों में से 4 लाख रुपये फ्रिज किए हैं। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह गिरोह युवाओं को आकर्षक विदेशी जॉब ऑफर्स, फर्जी कंसल्टेंट, आइडेंटिटी और दस्तावेज दिखाकर विश्वास में लेता था। आरोपियों के डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो पाए।

  • चलती BMW कार में लगी आग, जलकर हुई खाक, देखें वीडियो

    चलती BMW कार में लगी आग, जलकर हुई खाक, देखें वीडियो

    नोएडाः उत्तर प्रदेश के नोएडा में सेक्टर-91 के पास सड़क पर दौड़ रही एक लग्जरी BMW कार अचानक आग लग गई। करीब एक करोड़ रुपये कीमत वाली यह कार देखते ही देखते जलकर राख हो गई। कुछ ही पलों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और लग्ज़री वाहन जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गया। घटना के दौरान चालक की सूझबूझ से उसकी जान बच गई। घटना थाना फेस-2 क्षेत्र के अंतर्गत हुई। इस घटना को लेकर इलाका निवासियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, कार चालक नोएडा की व्यस्त सड़क पर सामान्य गति से जा रहा था, तभी इंजन के पास से धुआं निकलने लगा। कुछ ही सेकंडों में आग की लपटें भड़क उठीं और पूरी कार आग का गोला बन गई। चालक ने तुरंत गाड़ी रोकी और बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। सौभाग्य से कार में कोई अन्य सवार नहीं था, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। आसपास के लोग आग की लपटें और घने धुएं को देखकर सहम गए, जिससे सड़क पर थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंची नोएडा पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। आग बुझाने में करीब 20 मिनट लगे। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट बताया जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच जारी है। पुलिस ने चालक का बयान दर्ज कर लिया है और कार के दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह घटना नोएडा में हाल के दिनों में लग्जरी वाहनों में आग लगने की घटनाओं की याद दिलाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन लीकेज, वायरिंग की खराबी या इंजन ओवरहीटिंग जैसी समस्याएं ऐसी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण हो सकती हैं। नोएडा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहनों की नियमित सर्विसिंग कराएं और किसी भी असामान्य धुएं या गंध को नजरअंदाज न करें। सेक्टर-91 इलाका व्यावसायिक और आवासीय दोनों तरह का होने से यहां हमेशा ट्रैफिक रहता है। इस घटना से सड़क पर कुछ देर के लिए जाम जैसी स्थिति बनी, लेकिन जल्द ही सब सामान्य हो गया। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें आग की लपटें साफ दिखाई दे रही हैं। नोएडा प्रशासन ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है।
  • हरियाणा की जेलों में शिक्षा और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा, मुख्य न्यायाधीश करेंगे शुभारंभ

    हरियाणा की जेलों में शिक्षा और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा, मुख्य न्यायाधीश करेंगे शुभारंभ

    चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, हरियाणा सरकार के साथ मिलकर प्रदेश की विभिन्न जेलों में कौशल विकास केंद्रों, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों और आईटीआई-स्तरीय व्यावसायिक प्रशिक्षण की शुरुआत करेगा। इसका उद्घाटन भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत द्वारा 6 दिसंबर 2025 को जिला जेल गुरुग्राम में किया जाएगा।

    इस अवसर पर भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति शील नागू तथा उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीश भी मौजूद रहेंगे।

    एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि न्यायमूर्ति कुलदीप तिवारी की अध्यक्षता वाली “विचाराधीन / जेल कैदियों के पुनर्वास एवं कौशल विकास” संबंधी समिति के निरंतर प्रयासों ने इस पहल को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका साझा दृष्टिकोण इस विश्वास को रेखांकित करता है कि जेलों को सुधार, क्षमता निर्माण और मानवीय गरिमा के संस्थानों के रूप में विकसित होना चाहिए।

    हरियाणा की जेलों में पॉलिटेक्निक और कौशल विकास कार्यक्रमों का उद्घाटन सुधारात्मक न्याय के प्रति राज्य के दृष्टिकोण में एक क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक है। इस पहल के तहत कैदियों को व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा की एक विस्तृत श्रृंखला तक पहुंच प्राप्त होगी, जिसमें कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामिंग सहायक, वेल्डर, प्लंबर, ग्रेस मेकर, इलेक्ट्रीशियन, बुडवर्क टेक्नीशियन, सिलाई तकनीक और कॉस्मेटोलॉजी जैसे व्यवसायों में आईटीआई पाठ्यक्रम और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय पॉलिटेक्निक डिप्लोमा शामिल है। इस पहल का उद्देश्य कैदियों को वर्तमान उद्योग की मांगों के अनुरूप रोजगारपरक कौशल से परिपूर्ण करना है। इन कार्यक्रमों की न केवल तकनीकी ज्ञान प्रदान करने के लिए बल्कि कैदियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और उद्देश्य का संचार करने के लिए भी रूपरेखा तैयार की गयी है।

    इस कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिहाई के बाद, कैदियों पर सामाजिक अस्वीकृति या आर्थिक अनिश्चितता का बोझ न पड़े, बल्कि उन्हें सार्थक रोजगार पाने के लिए आवश्यक कौशल और योग्यताएँ प्रदान की जाएं। यह इस सिद्धांत का प्रतीक है कि प्रत्येक व्यक्ति, चाहे उसके पिछले कर्म कुछ भी हों, अपने भीतर सुधार, विकास और पुनः एकीकरण की क्षमता रखता है। इन शैक्षिक और व्यावसायिक हस्तक्षेपों के माध्यम से, कार्यक्रम का उद्देश्य फिर से अपराध करने की दर को घटाना, वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देना और कैदियों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए सशक्त बनाना है।

    उन्होंने बताया कि सुधारात्मक परिवर्तन के साथ-साथ, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) ने एक व्यापक नशा विरोधी जागरूकता अभियान की भी संकल्पना की है , जिसका इसी कार्यक्रम के दौरान उद्घाटन किया जाएगा। यह पहल पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) की कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति लिसा गिल के मार्गदर्शन और दूरदर्शिता के तहत आकार ले रही है। यह महत्वाकांक्षी एक महीने तक चलने वाला राज्यव्यापी नशा-विरोधी जागरूकता अभियान, पूरे राज्य में युवाओं और उनके परिवारों को प्रभावित करने वाले मादक द्रव्यों के दुरुपयोग के मामलों में खतरनाक वृद्धि को दूर करने के लिए शुरू किया जाएगा। यह अभियान लक्षित सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों के बीच निरंतर व्यावहारिक परिवर्तन लाने का प्रयास करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और समुदाय के सदस्यों को मादक द्रव्यों की लत के स्वास्थ्य संबंधी खतरों, मनोवैज्ञानिक प्रभावों और दीर्घकालिक परिणामों के बारे में शिक्षित करना है। इस अभियान का उद्देश्य स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत कानूनी प्रावधानों, मादक द्रव्यों की तस्करी और सेवन के गंभीर परिणामों और नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए उपलब्ध पुनर्वास सहायता प्रणालियों के बारे में भी जन जागरूकता बढ़ाना भी है। विभिन्न जिलों में समन्वित प्रयासों के माध्यम से, यह पहल शीघ्र पहचान तंत्र को मजबूत करेगी, परामर्श और नशा मुक्ति सेवाओं को बढ़ावा देगी, और मादक द्रव्यों के प्रसार के विरुद्ध सामुदायिक स्तर पर सतर्कता को प्रोत्साहित करेगी।

    इस अभियान की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग, समाज कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायती राज संस्थाएँ, गैर-सरकारी संगठन, युवा संगठन, स्कूल एवं कॉलेज प्रशासन, पुनर्वास केंद्र और सामुदायिक नेताओं सहित विभिन्न हितधारकों को शामिल किया गया है।

    राज्य और जिला स्तर पर सप्ताह-वार कार्य योजना तैयार की गई है, जिसमें जागरूकता रैलियों, नुक्कड़ नाटक, कानूनी साक्षरता कार्यशालाएं, परस्पर संवादात्मक स्कूल सत्र, परामर्श शिविर, सोशल मीडिया पहुँच, क्षमता निर्माण प्रशिक्षण और कमजोर समुदायों के हितार्थ कार्य शामिल होंगे।

    उन्होंने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय और हरियाणा सरकार के मार्गदर्शन में ये कार्यक्रम इस विश्वास की पुष्टि करते हैं कि जब व्यवस्थाएं शिक्षा, पुनर्वास, सहायता और सशक्तिकरण पर केंद्रित हों तथा हरियाणा सरकार ने भी इन पहलों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सहायता और व्यवस्था उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, तो सार्थक परिवर्तन संभव है। कैदियों के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों और राज्यव्यापी नशा विरोधी अभियान का एक साथ शुभारंभ एक सुरक्षित, जागरूक और सहानुभूतिशील समाज के निर्माण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। ये हस्तक्षेप सलाखों के पीछे मानवीय गरिमा को मजबूत करते हैं, नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ समुदायों की सुरक्षा करते हैं, तथा अधिक समावेशी और स्वस्थ समाज का मार्ग प्रशस्त करते हैं।