पाइपलाइन में पानी का दबाव इतना ज्यादा था कि फव्वारा पास से गुजरा रही हाईटेंशन बिजली लाइन की ऊंचाई तक पहुंचता दिखाई दिया है। भेरुघाट क्षेत्र में रहने वाले विजय कोहली और सुगंध बाई कोहली ने बताया कि उनके परिवार के पांच मकान रफ्तार ने पानी उनके घरों की ओर बढ़ने लगा है। स्थिति को देखते हुए परिवार के लोग जान बचाकर घरों से बाहर निकल आए। उन्होंने बताया कि पानी का बहाव इतना तेज था कि घरों में रखा घरेलू सामान, राशन और अन्य सामग्री पानी में भीग गई है। कई सामान बह भी गए जिससे हजारों रुपया का नुकसान हुआ है। घटना स्थल के पास वन विभाग की रोपणी भी स्थित है। यहां चौकीदार रमेश कोहली का कच्चा मकान बना हुआ था। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी का बहाव इतना तेज था कि पूरा कच्चा मकान सामान सहित बह गया है। भेरु बाबा मंदिर के पास में स्थित बाबा ढाबा का टीन शेड भी पानी में बह गया है। आस-पास के लोगों के अनुसार, पानी का बहाव इतना तेज था कि पूरा कच्चा मकान सामान रहित बह गया है। वहीं भेरु बाबा मंदिर के पास स्थित बाबा ढाबा का टीन शेड भी पानी में बह गया है। स्थानीय निवासी सचिन कोहली ने बताया कि यह पाइपलाइन ओंकारेशवर से उज्जैन तक जाने वाली नर्मदा-क्षिप्रा परियोजना का हिस्सा है।