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भटोली कॉलेज के पास तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी को मारी टक्कर, चालक PGI चंडीगढ़ रेफर
ऊना,सुशील पंडित: जिला ऊना के तहत पुलिस थाना सदर ऊना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से स्कूटी चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा 27 जुलाई 2026 को दिन के समय अजौली स्थित भटोली कॉलेज के नजदीक हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक अज्ञात ट्रक चालक ने अपने ट्रक को तेज गति व लापरवाही से चलाते हुए स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चालक ट्रक सहित मौके से फरार हो गया।
इस दुर्घटना में स्कूटी चालक तुषार कुमार निवासी अजौली, तहसील व जिला ऊना घायल हो गया। उसे प्राथमिक उपचार के लिए CHC संतोषगढ़ ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया।
पुलिस थाना सदर ऊना ने एक प्रत्यक्षदर्शी के बयान के आधार पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच जारी है।
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आपदा न्यूनीकरण और सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी रेडी-एचपी परियोजनाः मुख्य सचिव
शिमला: मुख्य सचिव के.के. पंत ने आज यहां रेजिलिएंट एक्शन फॉर डेवलपमेंट एंड डिजास्टर रिकवरी हिमाचल प्रदेश (रेडी-एचपी) परियोजना पर आयोजित चार दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की। विश्व बैंक के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन 28 से 31 जुलाई, 2026 तक किया जा रहा है।
विभिन्न विभागों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने बहु-क्षेत्रीय परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए मजबूत संस्थागत समन्वय के महत्व पर बल दिया। यह परियोजना राज्य में आपदा न्यूनीकरण और सतत विकास सुनिश्चित करने की दिशा में बेहतर कार्ययोजना, सुदृढ़ आधारभूत अधोसंरचना तथा संस्थागत क्षमता निर्माण में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।

परियोजना के क्रियान्वयन के प्रारूप पर प्रकाश डालते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार ने एक सुदृढ़ संस्थागत व्यवस्था स्थापित की है, जो परियोजना को रणनीतिक मार्गदर्शन, नीतिगत निगरानी, तकनीकी समन्वय तथा प्रभावी कार्यान्वयन में सहयोग प्रदान करेगी। परियोजना के कुशल, पारदर्शी, जवाबदेह तथा परिणामोन्मुख क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्धारित जिम्मेदारियां दी गई हैं।
यह कार्यशाला विश्व बैंक (आईबीआरडी/आईडीए) द्वारा समर्थित परियोजना के कार्यान्वयन पर केंद्रित है। प्रतिभागियों को राज्य सरकार, कार्यान्वयन विभागों, परियोजना प्रबंधन इकाइयों, परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों, तकनीकी सलाहकारों तथा विश्व बैंक के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए तैयार किए गए संस्थागत ढांचे की जानकारी दी गई।

कार्यशाला के दौरान विस्तृत प्रस्तुतियों के माध्यम से राजस्व विभाग के अंतर्गत गठित परियोजना प्रबंधन यूनिट, लोक निर्माण विभाग के परियोजना कार्यान्वयन यूनिट, जल शक्ति विभाग, ऊर्जा विभाग तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, परियोजना प्रबंधन और तकनीकी सलाहकारों की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसके अतिरिक्त परियोजना की कार्य योजना, खरीद प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन, निगरानी एवं मूल्यांकन, अनुबंध प्रबंधन, गुणवत्ता आश्वासन, शिकायत निवारण, पर्यावरण एवं सामाजिक सुरक्षा उपायों तथा क्षमता निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों को संस्थागत अधोसंरचना से अवगत करवाया गया है, जो सभी हितधारकों के बीच निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करने, समयबद्ध निर्णय लेने, सुशासन को मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देने में सहायक होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रभावी समन्वय एवं दक्ष कार्यान्वयन परियोजना की सफलता का आधार है। बिल्ड बैक बेटर अवधारणा का उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लचीलापन बढ़ाना तथा सतत एवं समावेशी विकास को प्रोत्साहित करना है।

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Punjab News: ज्वैलरी शॉप में Gun Point पर हुई लूट मामले में भाई सहित 3 आरोपी गिरफ्तार
छुट्टी पर आए फौजी ने रची थी साजिश, कार, डेढ़ किलो चांदी सहित हथियार बरामद
मोगाः अजीतवाल क्षेत्र में स्थित ज्वैलरी की दुकान पर गन प्वाइंट पर लूट की वारदात हुई थी। इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक भारतीय सेना सिपाही भी शामिल है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक फौजी, उसका सगा भाई और उनका एक अन्य साथी शामिल है। तीनों आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं। जांच के दौरान पता चला कि फौजी छुट्टी पर घर आया हुआ था। इसी दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार, करीब डेढ़ किलो चांदी, एक अवैध पिस्टल, एक कापा और एक किरपाण बरामद की है। इस मामले में डीएसपी निहाल सिंह वाला अनवर अली ने बताया कि 21 जुलाई 2026 को अजीतवाल क्षेत्र में दिनदहाड़े अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कार में सवार होकर पिस्टल की नोक पर एक ज्वैलरी की दुकान पर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस संबंध में थाना अजीतवाल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों का सुराग लगाकर उन्हें काबू कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुखदीप सिंह, हरदीप सिंह और पवित्र सिंह निवासी गांव रामूवाला नवा, जिला मोगा के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से एक कार, डेढ़ किलो चांदी, एक अवैध पिस्टल, एक कापा और एक कृपाण बरामद की गई है। जांच में सामने आया कि सुखदीप सिंह भारतीय फौज में नौकरी करते हैं और इन दिनों कोलकाता में उनकी पोस्टिंग है। वह घर छुट्टी आए हुए थे। उन्होंने बताया उनके उच्च अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। तीनों आरोपियों पर कोई अपराधिक मामला दर्ज नहीं है। आरोपियों को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड लेकर आगामी जांच शुरू की जाएगी। -

एडीसी ऊना ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर की समीक्षा बैठक
ऊना,सुशील पंडित: जिला ऊना में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ऊना इशांत जसवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों, ग्रामीण विकास विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित जारी निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति के सदस्यों को सौंपे गए दायित्वों की प्रगति पर चर्चा की गई। एडीसी ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल स्वच्छता तक सीमित विषय नहीं है, यह पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य और सतत विकास से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है, जिसके लिए सभी विभागों को समन्वित एवं उत्तरदायी ढंग से कार्य करना होगा।
उन्होंने जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण स्थानीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी ली। इस दौरान मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ), कम्पोस्ट प्लांट, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों, अपशिष्ट प्रसंस्करण केंद्रों तथा वैज्ञानिक लैंडफिल स्थलों की उपलब्धता एवं संचालन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, प्रत्येक शहरी निकाय एवं खंड विकास कार्यालय द्वारा उत्पन्न कचरे की मात्रा, संग्रहण दक्षता, परिवहन व्यवस्था, प्रसंस्करण क्षमता तथा अंतिम निस्तारण व्यवस्था का भी आकलन किया गया।
एडीसी ने स्रोत स्तर पर चार-स्तरीय कचरा पृथक्करण (फोर-वे सेग्रीगेशन) को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गीले, सूखे, घरेलू खतरनाक एवं सैनिटरी अपशिष्ट के पृथक संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। इसके साथ ही बल्क वेस्ट जनरेटर्स (बीडब्ल्यूजी) की पहचान, पंजीकरण तथा स्थल पर ही अपशिष्ट प्रसंस्करण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
एडीसी ने लीगेसी (पुराने) कचरा स्थलों की स्थिति तथा बायो-रिमेडिएशन कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पुराने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को सुनिश्चित करने तथा नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीपीसीबी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पोर्टल पर समयबद्ध रिपोर्टिंग, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तथा जिला प्रशासन की वेबसाइट पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित समर्पित वेबपेज विकसित करने के विषय पर भी चर्चा की।
एडीसी ने निर्देश दिए कि प्रगति रिपोर्ट, फोटोग्राफ तथा आवश्यक सूचनाएं नियमित रूप से अपलोड की जाएं।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए खंड विकास कार्यालयों को संग्रहण केंद्रों एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, प्रतिबंधित एकल-उपयोग प्लास्टिक (एसयूपी) के विरुद्ध चलाए जा रहे प्रवर्तन अभियान, निरीक्षण, चालान, जब्ती तथा वसूली गई पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की भी समीक्षा की गई। एडीसी ने आईईसी गतिविधियों, जन-जागरूकता अभियानों, नागरिक सहभागिता तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों की भागीदारी को बढ़ाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण और अपशिष्ट में कमी लाने के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति तथा जिला स्तरीय विशेष प्रकोष्ठ के गठन एवं कार्य संचालन की स्थिति की भी समीक्षा की। एडीसी ने सभी संबंधित विभागों को नियमित समन्वय, सतत निगरानी तथा फील्ड स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीण कुमार, नगर निगम ऊना के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार, बीडीओ अम्ब ओमपाल डोगरा सहित सभी निकायों के प्रतिनिधि व अन्य उपस्थित रहे।
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Punjab News: विकास नगर में सीवर गैस से 2 लोगों की हुई मौत
पटियालाः जिले के विकास नगर में सीवर गैस से दो लोगों की मौत हो गई है। परिवार के मुताबिक, गली और मोहल्ले में अक्सर सीवर ब्लॉक रहता है, जिससे मोहल्ले में बहुत बदबू रहती है। आखिर में हमारे अपने लोगों ने यह जिम्मेदारी ली, जिससे यह घटना हुई। इसे साफ करने के लिए पड़ोस में रहने वाले 45 साल के भोला और उसके साथी सीवर साफ करने के लिए उतरे।
इस दौरान सीवर गैस चढ़ने से दोनों बेहोश हो गए। परिजनों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार ने कहा कि हमने नगर निगम अधिकारियों और सीवरमैन से कई बार गुहार लगाई कि हमारी गली में सीवर जाम है। इसे ठीक किया जाए, लेकिन किसी ने हमारी समस्या का हल नहीं किया।
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वर्ष 2027 में राज्य स्तर पर धूमधाम से मनाया जाएगा संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व : CM Nayab Singh Saini
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2027 में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व पूरे राज्य में भव्य एवं गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा। इसके आयोजन की तैयारियों के लिए राज्य सरकार एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगी, जो कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर उनके सफल आयोजन को सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को चंडीगढ़ में मंत्रिमंडल की बैठक के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी 29 जुलाई को हरियाणा का एक प्रतिनिधिमंडल वाराणसी में आयोजित विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों तथा पूजन-अर्चना में भाग लेगा।
इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जन्मस्थली की पावन मिट्टी से सुशोभित कलश हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल को विधिवत सौंपा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके उपरांत प्रतिनिधिमंडल 30 जुलाई की सायंकाल पावन कलश लेकर गुरुग्राम के सिरहौल बॉर्डर पहुंचेगा, जहां भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा उसका भव्य स्वागत किया जाएगा। स्वागत के बाद इस पावन कलश को गुरुग्राम स्थित शीतला माता मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
4 अगस्त को इस पावन कलश की मिट्टी भारतीय जनता पार्टी हरियाणा के सभी 27 संगठनात्मक जिलों के जिला अध्यक्षों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों को विधिवत प्रदान की जाएगी। इसके पश्चात यह पावन मिट्टी पूरे हरियाणा के गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी, ताकि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के समरसता, समानता, सामाजिक न्याय और मानव कल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा सके तथा “समरसता संकल्प अभियान” को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाया जा सके।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त निदेशक मनीष लोहान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे उपस्थित रहे।
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हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की मानद महासचिव मीना कंबोज ने संभाला पदभार
चंडीगढ़: हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की नवनियुक्त मानद महासचिव मीना कंबोज ने आज पंचकूला स्थित परिषद के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपना पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण समारोह में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी सहित विभिन्न बोर्डों एवं संस्थाओं के चेयरमैन, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने मीना कंबोज को नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मीना कंबोज ने कहा कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों के कल्याण के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में विशेष रूप से कार्य किया जाएगा। उनका प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक बच्चों तक परिषद की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।
उन्होंने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ परिषद के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगी।
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मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज सुबह पठानकोट-चंबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनीखेत के समीप लाहड़ में हुई सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध करवाई जाए।
उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आज हुई भारी वर्षा के कारण चंबा शहर के मोहल्ला सुल्तानपुर में आई अचानक बाढ़ की स्थिति का भी जायजा लिया। इस घटना में दो पक्के मकान, 26 आवासीय मकान तथा एक दुकान क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आगामी दिनों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने लोगों को नदियों, नालों तथा मौसमी खड्डों के समीप जाने से बचने की सलाह दी, क्योंकि जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से जान-माल का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
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आईएएस अधिकारियों हेतु वर्ष 2025-26 की वार्षिक जीपीएफ विवरणी वेबसाइट और डिजीलॉकर पर मिलेगी उपलब्ध
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के कर्मचारियों एवं हरियाणा कैडर के अखिल भारतीय सेवा (आईएएस) अधिकारियों की वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) की वार्षिक विवरणी कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। राज्य सरकार के सभी जीपीएफ अभिदाता प्रधान महालेखाकार (A&E) कार्यालय की वेबसाइट https://cag.gov.in/ac/haryana/en पर जाकर अपनी वार्षिक विवरणी डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए अभिदाताओं को अपना सीरीज़ कोड, जीपीएफ खाता संख्या तथा कर्मचारी पिन/पासवर्ड दर्ज करना होगा।
विभाग के एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों की सुविधा के लिए वर्ष 2025-26 की वार्षिक जीपीएफ विवरणी डिजीलॉकर पर भी उपलब्ध कराई गई है। अभिदाता https://www.digilocker.gov.in पर लॉग-इन करके निम्नलिखित प्रक्रिया के जरिए अपनी विवरणी प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि अपने डिजीलॉकर खाते में लॉग-इन करें और “Search Documents” टैब पर जाएं,
सर्च बॉक्स में “Principal Accountant General (A&E), Haryana” टाइप करें, प्राप्त परिणामों में से “GPF Statement” विकल्प का चयन करें। अपनी जीपीएफ संख्या, सीरीज़ कोड दर्ज करें तथा संबंधित वित्तीय वर्ष का चयन करें। इसके बाद वार्षिक जीपीएफ विवरण को देखा एवं डाउनलोड किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 तथा उसके बाद की वार्षिक जीपीएफ विवरणियां भी डिजीलॉकर के माध्यम से डाउनलोड करने हेतु उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी अभिदाता को जीपीएफ विवरण डाउनलोड करने या इससे संबंधित कोई कठिनाई आती है, तो वे कार्यालयीन समय के दौरान जीपीएफ हेल्पलाइन नंबर 0172-3503960 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, कर्मचारी अपनी समस्या या प्रश्न ई-मेल के माध्यम से haryana@cag.gov.in पर भी भेज सकते हैं।
