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  • राज्यपाल ने चंबा सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया

    राज्यपाल ने चंबा सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया

    शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज प्रातः पठानकोटदृचंबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनीखेत के निकट लाहड़ में हुई दुखद सड़क दुर्घटना में पांच लोगों के निधन पर शोक व्यक्त किया है। राज्यपाल ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और उन्हें अपनेे चरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करने प्रार्थना भी की।

     

  • ऊना में कचरा पृथक्करण अनिवार्य, चार श्रेणियों में कचरा एकत्रित करने के दिए  निर्देश

    ऊना में कचरा पृथक्करण अनिवार्य, चार श्रेणियों में कचरा एकत्रित करने के दिए निर्देश

    ऊना,सुशील पंडित: ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ शहरी वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम ऊना में कचरा पृथक्करण को अनिवार्य रूप से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार ने सफाई शाखा तथा घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने वाले सभी सफाई कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे प्रत्येक घर, दुकान एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान से कूड़े-कचरे को निर्धारित चार अलग-अलग श्रेणियों में ही एकत्रित करें।

    संयुक्त आयुक्त ने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के अनुसार कचरे का पृथक्करण जैसे गीला कचरा, सूखा कचरा,  घरेलू हानिकारक कचरा, सैनिटरी कचरा श्रेणीवार किया जाए। उन्होंने कहा कि स्रोत पर कचरे का पृथक्करण ठोस कचरा प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखने में सहायता मिलती है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित चार श्रेणियों में अलग-अलग करके ही सफाई कर्मचारियों को सौंपें। संयुक्त आयुक्त ने कहा कि निर्धारित नियमों का पालन न करने तथा मिश्रित कचरा देने की स्थिति में ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के तहत चालान की कार्रवाई की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुंदर एवं प्रदूषण मुक्त ऊना के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। नगर निगम ऊना इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि कचरे का सही पृथक्करण केवल नियमों का पालन ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है।

     

     

     

  • उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने ब्लक ड्रग पार्क परियोजना का किया निरीक्षण, समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर

    उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने ब्लक ड्रग पार्क परियोजना का किया निरीक्षण, समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर

    ऊना,सुशील पंडित: उद्योग, संसदीय कार्य, श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज(मंगलवार) को हरोली विधानसभा के पोलियां में निर्माणाधीन ब्लक ड्रग पार्क परियोजना स्थल का दौरा कर परियोजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना से संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में जल शक्ति विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग तथा हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान संबंधित अधिकारियों ने परियोजना की वर्तमान स्थिति, अब तक हुई प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी। उद्योग मंत्री ने कहा कि ब्लक ड्रग पार्क प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली अत्यंत महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से हिमाचल प्रदेश देश के ब्लक ड्रग निर्माण क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा तथा औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

    चौहान ने कहा  कि परियोजना के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अथवा वित्तीय बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए हर स्तर पर आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए नियमित समीक्षा, प्रभावी निगरानी तथा त्वरित निर्णय प्रक्रिया के माध्यम से कार्यों में और अधिक तेजी लाई जाए, ताकि परियोजना निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हो सके।इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।

    इस मौके पर उद्योग विभाग के अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा, संयुक्त निदेशक उद्योग ऊना अंशुल धीमान, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति विभाग ऊना नरेश धीमान,  अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग दर्शन सिंह, डीएफओ ऊना विकल्प यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

     

     

  • उपमंडल बंगाणा में स्कूलों के साथ अन्य स्थलों पर सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती, बीडीओ बंगाणा ने जारी किए कड़े निर्देश

    उपमंडल बंगाणा में स्कूलों के साथ अन्य स्थलों पर सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती, बीडीओ बंगाणा ने जारी किए कड़े निर्देश

    ऊना,सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के विकास खंड बंगाणा अधिकारी के एल वर्मा के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में अब सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी। खंड विकास अधिकारी बंगाणा ने इस संबंध में सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं विद्यालय प्रमुखों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 तथा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के इस कदम का उद्देश्य विद्यालयों में स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल माहौल तैयार करना, विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना तथा विकास खंड बंगाणा को प्लास्टिक मुक्त बनाने के अभियान को गति देना है।जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान में कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाए और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों का मानना है कि यदि बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा।

    सूखा और गीला कचरा अलग करना होगा अनिवार्य, परिसर में प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध

    बीडीओ बंगाणा के एल वर्मा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार सभी विद्यालयों में कचरे का सूखा एवं गीला पृथक्करण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। विद्यालय परिसर में अलग-अलग डस्टबिन की व्यवस्था कर जैविक और अजैविक कचरे को अलग-अलग एकत्रित किया जाएगा, ताकि उसके निस्तारण की प्रक्रिया सरल और प्रभावी बन सके। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार के सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्लास्टिक की थैलियां, डिस्पोजेबल कप, प्लेट, चम्मच, स्ट्रॉ, प्लास्टिक की बोतलें और अन्य प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग नहीं किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस संबंध में नियमित निगरानी रखें और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन होता है तो तत्काल आवश्यक कार्रवाई करें। प्रशासन का कहना है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। इससे मिट्टी, जल स्रोत और वन्यजीव प्रभावित होते हैं। ऐसे में विद्यालयों को प्लास्टिक मुक्त बनाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

    बिकास खंड बंगाणा अधिकारी द्वारा निर्देशों में विद्यालयों को केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति नियमित रूप से जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए समय-समय पर स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम, जागरूकता रैलियां, शपथ ग्रहण समारोह, भाषण प्रतियोगिताएं, चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। विद्यालयों को विद्यार्थियों को यह समझाने के निर्देश दिए गए हैं कि प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और जैव विविधता के लिए कितना नुकसानदायक है। साथ ही बच्चों को कपड़े के थैले, स्टील की बोतलें, टिफिन बॉक्स तथा अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। विद्यालयों में प्लास्टिक मुक्त परिसर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा अभिभावकों को भी इस मुहिम से जोड़ने पर जोर दिया गया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश केवल स्कूल तक सीमित न रहकर घर-घर तक पहुंचे।

    बीडीओ बंगाणा के एल वर्मा द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विद्यालय परिसर में उत्पन्न होने वाले प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट का अलग-अलग संग्रहण किया जाए तथा अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार का कचरा खुले में फेंकने या जलाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही विद्यार्थियों को भोजन लाने के लिए प्लास्टिक की जगह स्टील, कांच अथवा अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विद्यालय प्रबंधन से अपेक्षा की गई है कि वे इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ें, विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें।

    पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी सरकारी अथवा निजी शिक्षण संस्थान में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पाया जाता है तो संबंधित विभाग अपने नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा। प्रशासन ने सभी विद्यालयों से इन निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा है कि स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक मुक्त विकास खंड बंगाणा का लक्ष्य तभी सफल होगा, जब शिक्षण संस्थान इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि विद्यालयों से शुरू होने वाली यह पहल भविष्य की पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति अधिक संवेदन शील बनाएगी और स्वच्छ हिमाचल के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

     

     

     

     

  • सुरक्षा गार्ड और सुपरवाइजर के 80 पदों के लिए साक्षात्कार 3 व 4 को

    सुरक्षा गार्ड और सुपरवाइजर के 80 पदों के लिए साक्षात्कार 3 व 4 को

    ऊना,सुशील पंडित: सिस इंडिया लिमिटेड, आरटीए हमीरपुर द्वारा पुरुष वर्ग में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के 80 पद अधिसूचित किए गए हैं, जिसके लिए साक्षात्कार 3 अगस्त को सुबह 10.30 बजे उप रोजगार कार्यालय बंगाणा और 4 अगस्त को उप रोजगार कार्यालय अंब में आयोजित किए जा रहे हैं।

    जिला रोजगार अधिकारी ऊना अक्षय शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण व अनुत्तीर्ण, आयु सीमा 19 से 40 वर्ष, ऊंचाई 168 सेंटीमीटर और वेतन 18 हज़ार से 24 हजार रूपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि एक महीने की ट्रेनिंग के उपरांत अभ्यर्थियों की नियुक्ति एटीएम, अस्पतालों, औद्योगिक क्षेत्र, मॉल सहित अन्य संस्थानों में की जाएगी।

    उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, जन्म तिथि, रोजगार कार्यालय पंजीकरण कार्ड, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। प्रमाण पत्र मूल रूप से प्रस्तुत करना होगा। अधिक जानकारी के लिए 85580-62252 पर सम्पर्क किया जा सकता है। साक्षात्कार में आने जाने का यात्रा भत्ता देय नही होगा।

  • Punjab News: सुनार की दुकान से Gun point पर हुई लूटपाट मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: सुनार की दुकान से Gun point पर हुई लूटपाट मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    वरना कार, देसी पिस्टल, तेज धार हथियार, डेढ़ किलो के करीब चांदी व अन्य जेवरात बरामद

    मोगाः पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए गन पॉइंट पर सुनार की दुकान से लूटपाट मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनकी पहचान सुखदीप सिंह उर्फ सुक्खा, हरदीप सिंह उर्फ हैप्पी, दोनों सगे भाई व पवित्र सिंह उर्फ लल्लू, तीनों वासी गांव रामू वाला के रहने वाले के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से लूट में इस्तेमाल की गई वरना कार,  देसी पिस्टल, तेज धार हथियार,  डेढ़ किलो के करीब चांदी व अन्य जेवरात बरामद हुए हैं।

    ये था पूरा मामला
    बीती 21 जुलाई को थाना अजीतवाल क्षेत्र से अजीतवाल की मेन मार्केट से एक सुनार की दुकान से पिस्तौल की नोक पर चांदी व अन्य आभूषणों की लूट हुई थी। घटना के लगभग एक सप्ताह बाद थाना अजीतवाल की पुलिस ने इस मामले में शामिल तीनों आरोपियों को काबू कर लिया गया है। पुलिस द्वारा काबू किए गए तीन युवकों में से दो युवक सगे भाई हैं,  जिनमें से एक युवक सुखदीप सिंह उर्फ़ सुखा फौज का सिपाही है, जबकि पुलिस द्वारा काबू किया गया तीसरा युवक भी जिले के ही गांव रामू वाला नवां का रहने वाला है।

    डीएसपी अनवर अली का आया बयान
    मीडिया से जानकारी साझा करते हुए निहाल सिंह वाला के डीएसपी अनवर अली ने बताया कि 21 जुलाई को गन पॉइंट पर अजीतवाल मार्केट से एक सुनार से लूट हुई थी जिसमें कार्रवाई करते हुए थाना अजीतवाल की टीम ने इस मामले में सुखदीप सिंह उर्फ सुक्खा, हरदीप सिंह उर्फ हैप्पी, दोनों सगे भाई व पवित्र सिंह उर्फ लल्लू, तीनों वासी गांव रामू वाला नवां को गिरफ्तार किया है। डीएसपी ने बताया कि तीनों युवकों में से सुखदेव सिंह उर्फ़ सुक्खा आर्मी का जवान है व इस वक्त कोलकाता में ड्यूटी दे रहा है। उन्होंने बताया कि काबू किए गए युवकों के कब्जे से लूट में इस्तेमाल की गई वरना गाड़ी, देसी पिस्टल, तेज धार हथियार, डेढ़ किलोग्राम चांदी व आभूषण बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तीनों का पुलिस रिमांड लेकर अग्रिम पूछताछ अमल में लाई जाएगी।

     

     

     

     

  • उप मुख्यमंत्री ने बनौड़े महादेव मंदिर में टेका माथा, प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना  

    उप मुख्यमंत्री ने बनौड़े महादेव मंदिर में टेका माथा, प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना  

    ऊना,सुशील पंडित: उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को सावन मास के पावन अवसर पर चताड़ा स्थित प्राचीन बनौड़े महादेव शिव मंदिर में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगल कामना की। इस अवसर पर कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा तथा वन विभाग के रेंज अधिकारी अंकुश ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति एवं ग्राम पंचायत चताड़ा के प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। ग्राम पंचायत प्रधान अश्वनी कुमार, उप प्रधान चंचल कुमार, दिनेश शर्मा, मंदीप संघ, रिदम ठाकुर, रितेश शर्मा, जीवन सिंह, दीपक बग्गा, राजीव धीमान सहित अन्य स्थानीय गणमान्य नागरिक इस अवसर पर मौजूद रहे। मंदिर के पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य पूजा-अर्चना संपन्न करवाई।

    उन्होंने कहा कि सावन मास भगवान शिव की आराधना का अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व वाला समय है। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की कि प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहे तथा प्रत्येक नागरिक का जीवन स्वास्थ्य, आनंद और खुशहाली से परिपूर्ण हो। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मंदिर परिसर में बिल्व (बेल) का पौधा भी रोपित किया।

    इसके उपरांत उप मुख्यमंत्री ने बनौड़े महादेश्री बनौड़े महादेव गऊशाला के निर्माण कार्य का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है तथा इस प्रकार की सुविधाओं के विकास से धार्मिक एवं सामाजिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी। पूजा-अर्चना के पश्चात उन्होंने मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों से आत्मीय भेंट की, उनका कुशलक्षेम जाना तथा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर सौहार्दपूर्ण बातचीत की।

     

     

  • सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स के खिलाफ एक्शन लेने पर लगाया रोक

    सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स के खिलाफ एक्शन लेने पर लगाया रोक

    नई दिल्लीः नीट पेपर लीक होने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले संबंधी सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और कई राज्यों से जवाब मांगा है। साथ ही कहा है कि फिलहाल प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न की जाए।

    याचिकाओं के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, पैलेट गन, रबर बुलेट, आंसू गैस और इलेक्ट्रिक बैटन का इस्तेमाल किया गया। यह भी कहा गया कि कुछ छात्रों को गंभीर चोटें आईं और एक छात्र की आंख की रोशनी जाने का भी दावा किया गया है। एक महिला समेत कई लोगों के घायल होने और एक पत्रकार के साथ मारपीट के आरोप भी लगाए गए हैं।

    सुनवाई के दौरान दूसरी ओर घायल पुलिसकर्मियों की तरफ से भी अपना पक्ष रखा गया। उनका कहना था कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे 280 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। इस संबंध में फोटो और वीडियो भी कोर्ट के सामने रखे गए।

    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि सरकार निष्पक्ष जांच कराने पर कोई आपत्ति नहीं रखती, लेकिन पुलिस पर लगाए गए ज्यादा बल इस्तेमाल करने के आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक और आपराधिक तत्व भी शामिल हो गए थे, जिन्होंने हिंसा की।

    याचिकाओं के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, पैलेट गन, रबर बुलेट, आंसू गैस और इलेक्ट्रिक बैटन का इस्तेमाल किया गया। यह भी कहा गया कि कुछ छात्रों को गंभीर चोटें आईं और एक छात्र की आंख की रोशनी जाने का भी दावा किया गया है। एक महिला समेत कई लोगों के घायल होने और एक पत्रकार के साथ मारपीट के आरोप भी लगाए गए हैं।

    सुनवाई के दौरान दूसरी ओर घायल पुलिसकर्मियों की तरफ से भी अपना पक्ष रखा गया। उनका कहना था कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे 280 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। इस संबंध में फोटो और वीडियो भी कोर्ट के सामने रखे गए।

    स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत दिखाई देती है। हालांकि अंतिम फैसला लेने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार और संबंधित राज्यों को अपना पक्ष हलफनामे के जरिए रखने का मौका दिया है। कोर्ट ने महाराष्ट्र, बिहार, असम, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल के मुख्य सचिवों को भी नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश में कहा कि प्रदर्शन से जुड़े सभी CCTV फुटेज, ड्रोन वीडियो, बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग, वायरलेस रिकॉर्ड और दूसरे सबूत सुरक्षित रखे जाएं।

  • Sawan 2026: इस दिन शुरु होगी कांवड़ यात्रा, जलाभिषेक के लिए जानें सही समय

    Sawan 2026: इस दिन शुरु होगी कांवड़ यात्रा, जलाभिषेक के लिए जानें सही समय

    धर्म: सावन का पावन महीना जैसे ही शुरु होता है वैसे ही भोलेनाथ के भक्तों में खास उत्साह देखने को मिलता है। इसी महीने में भक्तों की सबसे बड़ी और पवित्र धार्मिक यात्रा यानी की कांवड़ यात्रा शुरु हो जाती है। पूरे उत्तर भारत में केसरिया कपड़े पहनकर लाखों कांवड़िए गंगाजल भरने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, गोमुख और बाकी पवित्र नदियों के तटों की ओर पैदल यात्रा पर निकलते हैं। भक्त कंधों पर कांवड़ लेकर बम बोले के जयकारों के साथ सैंकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर अपने स्थानीय शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं।

    11 अगस्त को खत्म होगी कांवड़ यात्रा

    हिंदू पंचाग के अनुसार, पावन महीने सावन की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा की अनौपचारिक और औपचारिक शुरुआत हो जाती है। कांवड़ यात्रा 30 जुलाई 2026 से शुरु होगी और इसका समापन 11 अगस्त 2026 मंगलवार को सावन शिवरात्रि वाले दिन होगा।

    इस दिन चढ़ाएं शिवजी पर जल

    कांवड़ यात्रा का सबसे मुख्य दिन सावन शिवरात्रि का होता है। हरिद्रार, ऋषिकेश और बाकी धामों से जल लेकर लौटने वाले कांवड़िए सावन शिवरात्रि की पावन तिथि पर ही शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करते हैं। इस बार जलाभिषेक सावन शिवरात्रि पर होगा जो कि 11 अगस्त को है। 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि पर ही जलाभिषेक के साथ ही इस भव्य यात्रा का समापन होगा। इसी दिन शिवभक्त अपना व्रत पूरा करेंगे।

    आखिर क्यों निकाली जाती है कांवड़ यात्रा?

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला था। उस समय सृष्टि की रक्षा करने के लिए उन्होंने उस विष को अपने गले में धारण कर लिया था। उसी विष के प्रभाव से भगवान शिव का गला नीला पड़ गया था और उनका शरीर का ताप अत्यंत बढ़ गया था। शिव जी के शरीर की जलन और विष के प्रभाव को शांत करने के लिए देवताओं और उनके परमभक्त रावण ने पवित्र गंगाजल लाकर भगवान शिव का अभिषेक किया था। उसी समय से सावन के महीने में गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक और कांवड़ यात्रा को निकालने की परंपरा चली आ रही है।  
  • Fast Track Court में पहले दिन ही नहीं पहुंचा CBI का वकील, NEET पेपर लीक पर होनी थी सुनवाई

    Fast Track Court में पहले दिन ही नहीं पहुंचा CBI का वकील, NEET पेपर लीक पर होनी थी सुनवाई

    नई दिल्लीः NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले ही दिन सुनवाई नहीं हो सकी। सोमवार को कार्रवाई के दौरान CBI की ओर से कोई भी वकील अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने मामले पर सुनवाई स्थगित कर दी।

    राउज एवेन्यू कोर्ट ने निर्देश दिया कि NEET पेपर लीक मामले की पैरवी के लिए एक लोक अभियोजक नियुक्त किया जाए ताकि आगे की सुनवाई में किसी तरह की बाधा न आए। इस मामले में आरोपियों विकास और दिनेश बिवाल की जमानत याचिकाएं भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थीं, लेकिन CBI की ओर से कोई वकील उपस्थित न होने के कारण इन पर भी सुनवाई नहीं हो सकी।

    अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को राउज एवेन्यू कोर्ट में होगी। अदालत की ओर से उम्मीद जताई है कि अगली तारीख पर अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक की नियुक्ति हो जाएगी और मामले की सुनवाई आगे बढ़ सकेगी।

    असल में नीट पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी और शिक्षा से जुड़े तमाम मुद्दों पर देश की राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुए थे। लगातार लगभग डेढ़ महीने तक चले इस प्रोटेस्ट के बाद हाल ही में पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर छात्रों से संवाद किया था और पेपर लीक के मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलानी की बात कही थी।

    पीएम मोदी ने इस ऐलान को शिक्षा में सुधारों के बड़े कदम के तौर पर सामने रखा था। पीएम मोदी ने कहा था कि विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार कई कदम उठा रही है, जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वो जेलों में सड़ रहे हैं।