जानकारी मुताबिक, नागनगौड़ा अपनी बेटी वर्षा और भतीजी भानु के साथ स्कूटी पर सवार होकर दूध लेने जा रहा था, तभी एक स्कूल बस ने उन्हें रौंद दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और चालक की लापरवाही पर सवाल उठने लगे। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय स्कूल का समय था और एक निजी स्कूल की बस विद्यार्थियों को लेने के लिए जा रही थी। बस को आता देख नागनगौड़ा ने उसे रास्ता देने के लिए अपना स्कूटर सड़क किनारे रोक दिया। इसी दौरान बस चालक ने कथित तौर पर यू-टर्न लेने की कोशिश की और रुके हुए स्कूटर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बच्चे सड़क पर गिर पड़े और बस का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। हादसे के तुरंत बाद घायल बच्चों को पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुर्घटना में नागनगौड़ा को मामूली चोटें आई हैं। वहीं घटना के बाद उत्तर डिवीजन के ट्रैफिक डीसीपी मौके पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। हेनूर ट्रैफिक पुलिस ने स्कूल बस के चालक को पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी है। नागनगौड़ा ने बताया कि वह दूध लेने जा रहा था और लगभग 200 मीटर ही चला था। स्कूल बस को आते देख उसने अपनी स्कूटी रोक दी ताकि वह आगे निकल सके। उसे लगा कि ड्राइवर उन्हें देख लेगा, लेकिन उसने गाड़ी अचानक उनकी स्कूटर की तरफ मोड़ ली और उन्हें रोंद दिया। अगर उसने गाड़ी धीमी करके रोक दी होती, तो उनके दोनों बच्चे आज जिंदा होते।”View this post on Instagram