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  • जालंधरः अवैध निर्माण पर निगम की कार्रवाई, 3 कालोनियों पर चलाया पीला पंजा

    जालंधरः अवैध निर्माण पर निगम की कार्रवाई, 3 कालोनियों पर चलाया पीला पंजा

    जालंधर,ENS: नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच की टीम अवैध निर्माण को लेकर एक बार फिर से सक्रिय हो गई है। इसी के तहत इसी के तहत निगम और जेडीए ने संयुक्त टीम बनाकर अधीन आती 3 अवैध कोलोनियों पर पीला पंजा चलाया है। दरअसल, प्रशासन द्वारा दिन चढ़ते ही इन अवैध कोलोनियों पर कार्रवाई करते हुए बुलडोज़र चलाया गया। मामले की जानकारी देते हुए जेडीए के एटीपी प्रदीप कुमार की टीम ने पहले 3 कालोनियां गिराईं। उक्त कोलोनियां उधोपुर, फूलपुर व नंगल में है।

    इसके अलावा 8 फार्म हाउस पर कार्रवाई की गई, जोकि उक्त गांवों के अलावा लांबड़ी में हैं। इसी दिन प्राइवेट इंस्टीट्यूट के कब्जे भी तोड़े गए। इलाके के कोल्ड स्टोर व नंगल गांवों में चल रहे 2 प्रोजेक्टों पर भी एक्शन हुआ है। जेडीए की सीए दीप शिखा शर्मा के आदेशों पर ये कारवाई की गई है। नाजायज कोलोनी काटकर सरकार को चूना लगाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई इसी तरह आगे भी जारी रहेगी।

  • 5 कुत्तों ने बच्चे को घेरकर नोंचा, देखें वीडियो

    5 कुत्तों ने बच्चे को घेरकर नोंचा, देखें वीडियो

    गाजियाबादः उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से कुत्तों के आतंक का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें 5 कुत्ते घेरकर एक बच्चे को नोंच रहे हैं। बच्चे के चिल्लाने पर कुत्ते उस पर और तेज झपट्‌टा मारते हैं। बच्चा जब भागने की कोशिश करता है तो कुत्ते उसे काटने लगते हैं। इस बीच एक डिलीवरी ब्वॉय ने आकर मासूम की जान बचाई।

    घटना राजनगर एक्सटेंशन में ऑफिसर सिटी-1 कॉलोनी की है। घटना का CCTV वायरल हो रहा है। जिसे देखकर रेजिडेंट्स बच्चों की सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। लोग सोसाइटी में स्ट्रे डॉग्स की एंट्री और एनिमल लवर्स पर सवाल उठा रहे हैं।  वीडियो में एक बच्चा सोसाइटी के अंदर जाता दिख रहा है। तभी अचानक 5 कुत्ते आ जाते हैं। उन्हें देखकर बच्चा रुक जाता है। उनसे कुत्तों से बचने की कोशिश की। लेकिन वह बच्चे को घेरकर काटने लगते हैं।

    बच्चा जब भागने की कोशिश करता है तो कुत्ते उसे दौड़ाने लगते हैं। इस बीच, कुत्ता एक कार के पास जाकर खड़ा होता है तब जाकर कुत्ते उसे नोंचना छोड़ते हैं। हालांकि कुछ देर के बाद कुत्ते उस पर फिर अटैक करने की कोशिश करते हैं। तभी वहां से गुजर रहा एक डिलीवरी ब्वॉय वहां आता है। इसके बाद उसने कुत्तों को वहां से भगाया। इस बीच, पीछे से एक महिला भी वहां आ जाती हैं। CA अनुज मित्तल ने इस घटना के CCTV को अपने ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर किया है।

  • पंजाब: हमलावारों ने तेजधार हथियारों से किया व्यक्ति का कत्ल

    पंजाब: हमलावारों ने तेजधार हथियारों से किया व्यक्ति का कत्ल

    लुधियानाः सिधवां बेट से बड़ी खबर सामने आई है। जहां देर रात हमलावारों ने तेजधार हथियार से व्यक्ति की हत्या कर दी। मृतक की पहचान 40 वर्षीय रेशम सिंह पुत्र शेर सिंह निवासी खोलियां वाल पुल मलसीहां बाजण के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार रेशम सिंह एक जमींदार के साथ संपर्क में था और उक्त जमींदार विदेश में रहता था। इस कारण उसके घर और जमीन की देखभाल रेशम सिंह करता था। देर रात वह खेत में मोटर पर धान में पानी लगा रहा था, तभी अज्ञात हमलावारों ने उस पर तेजधार हथियारों व बेसबॉल आदि से हमला कर दिया। गांव वासियों को पता लगने पर रेशम सिंह को अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

    इस संबंध में थाना सिधवां बेट के इंचार्ज इंस्पेक्टर दलजीत सिंह गिल ने बताया कि पुलिस द्वारा इस घटना की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।  गांव मलसीहां बाजण के सरपंच जोगिंदर सिंह ढिल्लों, सरपंच नाहर सिंह कन्नियां हुसैनी, सरपंच जसवीर सिंह जस्सा परजियां ने बताया कि घटना के बारे में पता लगने पर वह रेशम सिंह को लेकर सिविल अस्पताल सिद्दवां बेट लेकर गए। यहां ड्यूटी डॉक्टर न होवे के कारण मौजूद नर्स ने बिना जांच किए उसे जगराओं रेफर कर दिया और सिविल अस्पताल जगराओं ने उसे आगे लुधियाना भेजने का आदेश दिया, जहां रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

    उक्त सरपंचों ने सिविल अस्पताल के स्टाफ पर इलाज न करने के गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वह गांव वासियों सहित रेशम सिंह का इलाज करवाने और एंबुलेंस का प्रबंध करने के लिए तीन घंटों तक इन अस्पतालों में परेशान होते रहे पर इन दोनो अस्पतालों के स्टाफ ने उनकी एक न सुनी। परेशान होकर उन्होंने एक निजी गाड़ी का प्रबंध कर रेशम सिंह को लुधियाना भेजा पर गाड़ी में इलाज की सुविधा न होने के कारण रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि तीन घंटों कर रेशम सिंह ठीक था पर सही इलाज न होने के कारण उसकी मौत हो गई। 

  • जालंधरः नए भर्ती हुए 1090 पटवारियों को बड़ा झटका, जाने मामला

    जालंधरः नए भर्ती हुए 1090 पटवारियों को बड़ा झटका, जाने मामला

    जालंधर, ENS: पंजाब सरकार द्वारा पिछले साल भर्ती की गई 1090 पटवारियों को बड़ा झटका लगा है। नए भर्ती हुए पटवारियों के खिलाफ पुराने पटवारियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद 1090 पटवारियों को ट्रेनिंग और बेसिक वेतन मिलने की उम्मीद टूट गई है। कारण यह है कि नवनियुक्त पटवारियों की ट्रेनिंग सरकार द्वारा डेढ़ साल की बजाय एक साल के लिए की गई थी और उन्हें ज्वाइनिंग के पहले दिन से तीन साल तक 19900 रुपए बेसिक वेतन देने के नियम बनाए गए थे, लेकिन उक्त नियमों के लागू होने के बाद से पहले से भर्ती 710 पटवारियों द्वारा न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के कारण इन नियम एवं शर्तों के लागू होने पर रोक लगा दी है। 
    इस प्रकार पंजाब सरकार द्वारा पंजाब मल पटवारी (वर्ग-3) सेवा नियम संशोधन 2023 लागू नहीं सका है। हाईकोर्ट में दायर की गई रिट पटीसन मनिंदरजीत सिंह और अन्य बनाम पंजाब सरकार और अन्य सीडब्ल्यूपी 8681-2023 दिनांक 12 जुलाई 2023 के तहत जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की अदालत में वर्तमान में ट्रेनिंग ले रहे पटवारी जोकि एक वर्ष की ट्रेनिंग भी पूरा कर चुके है, उन पर पटवारी सेवा नियम 1966 के अंतर्गत निर्दारित शर्तों पर नियम लागू करने हेतु जारी किये गये हैं।

    इसके बाद राजस्व एवं पुनर्वास विभाग पंजाब की ओर से 28 जुलाई 2023 को निदेशक भूमि अभिलेख, पंजाब, जालंधर को लिखे पत्र में कहा गया है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करने के लिए 1090 पटवारियों का प्रशिक्षण पंजाब राजस्व पटवारी (वर्ग-3) सेवा नियम, 1966 के अनुसार, एक वर्ष की पटवारी स्कूल ट्रेनिंग और 6 महीने की फील्ड ट्रेनिंग कुल मिलाकर डेढ़ वर्ष की ट्रेनिंग सुनिश्चित की जानी चाहिए। अदालत के उक्त फैसले से जहां सरकार द्वारा पंजाब माल पटवारी (वर्ग-3) सेवा नियम, 1966 में किए गए संशोधन को झटका लगा है, वहीं ट्रेनिंग पूरी कर चुके नवनियुक्त पटवारियों को अब डेढ़ साल की ट्रेनिंग पूरी करनी होगी। 

  • पशु पालक हो जाएं सावधान, ऐसी गलती पर देना होगा 1000 रुपए जुर्माना, आदेश जारी

    पशु पालक हो जाएं सावधान, ऐसी गलती पर देना होगा 1000 रुपए जुर्माना, आदेश जारी

    रायपुर: जिले में सड़़क पर आवारा पशुओं के विचरण पर रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशु पालकों द्वारा सड़कों, सार्वजनिक स्थानों, उद्यानों में विचरण करते पाए जाने पर संबधित पशुपालकों से एक हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा और पशुओं को निकटतम कांजी हाउस भेजा जाएगा। पुनरावृत्ति होने पर पांच सौ रुपए जुर्माना राशि ली जाएगी। इस संबंध में कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आदेश जारी किया है। जिसमें ग्राम पंचायत के सचिव को इस कार्य के लिए अधिकृत किया गया है। साथ ही पशु अतिचार अधिनियम के तहत् पशुपालकों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने इस संबंध में आज बैठक ली जिसमें जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी अबिनाश मिश्रा, नगर निगम राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। डॉ भुरे ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन द्वारा जिले के विभिन्न हाईवे में दुर्घटना जन्य स्थान चिन्हित किए गए है। जिसमें सेरीखेड़ी, संतोषी नगर, सिलतरा, सिंघनपुर, पारागांव-आरंग, चरौदा, उरला, फुंडहर, अभनपुर और टाटीबंध इत्यादि स्थान शामिल है। इनके सहित हाईवे में अन्य स्थानों पर विचरण करने वाले आवारा पशुओं को संयुक्त दल द्वारा हटाया जाएगा और करीब के गौठानों में शिफ्ट किया जाएगा। इस व्यवस्था में पुलिस विभाग आवश्यक सहयोग करेगी।

    उन्होंने कहा कि गौठान में चारा-पानी तथा अन्य व्यवस्थाओं का समुचित प्रबंध किया जाएगा। साथ ही घायल पशुओं का ईलाज भी कराया जाएगा। नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न सड़कों में विचरण करने वाले आवारा पशुओं को गौठानों में रखा जाएं। उन्होंने आवारा पशुओं में निरंतर रेडियम लगाने तथा टैगिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में पशुपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि रेड़ियम बेल्ट और टैगिंग लगाने की कार्रवाई की जा रही है जिसमें रायपुर जिला प्रथम स्थान पर है। जिले में अब तक 1 हजार 769 आवारा पशुओं को रेडियम बेल्ट लगाया गया है और 1 हजार 406 पशुओं में टैगिंग की गई है। साथ ही 8 हजार 687 पशुओं को गौ-शाला और गौठानों में शिफ्ट किए गए है।

    नगर निगम रायपुर के अधिकारियों ने बताया कि आवारा पशुओं से मुक्त कराने के निरीक्षण के लिए मॉनिटरिंग समिति गठित की गई है। साथ ही सभी जोन के चिन्हित स्थान पर आवारा पशुओं के न पाए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। निगम क्षेत्र के पशु पालकों को अपने पशुओं को गौशाला में रखने की समझाइस दी जाएगी। इसकें अलावा दो पालियों में काऊ कैचर गाड़ी एवं संबंधित टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी पशुओं को पकड़ कर गौठान और कांजी हाउस में रखा जाएगा। पशुओं को कांजी हाउस और गौठानों में शिफ्ट किया जाएगा और पशुपालक की सहमति पत्र और अर्थदंड के साथ ही पशुओं मुक्त किया जाएगा। कांजी हाउस और गौठान में पशुओं के चारा-पानी तथा अस्वस्थ्य पशुओं के ईलाज की व्यवस्था की गई है।

  • पंजाबः फर्जी निकले नायब तहसीलदारों के तबादले के आदेश

    पंजाबः फर्जी निकले नायब तहसीलदारों के तबादले के आदेश

    चंडीगढ़ः नायब तहसीलदारों के तबादलों के संबंध में 4 अगस्त को आदेश जारी किए गए थे। जिसके बाद जब यह खबर राजस्व एवं पुनर्वास विभाग तक पहुंची तो पता चला कि यह पत्र फर्जी है। नायब तहसीलदारों के तबादलों को लेकर विभाग की ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया। जिसके बाद उस नंबर को लेकर शिकायत दी गई है, जिससे यह पत्र प्रसारित किया गया है। पढ़ें पत्र

  • CM की बड़ी घोषणाः हाई स्पीड इंटरनेट से लैस होंगे सभी ग्राम सचिवालय

    CM की बड़ी घोषणाः हाई स्पीड इंटरनेट से लैस होंगे सभी ग्राम सचिवालय

    उत्तर प्रदेशः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी ग्राम सचिवालय हाई स्पीड इंटरनेट से लैस होंगे। साथ ही 50 मीटर की दूरी पर फ्री वाई-फाई की सुविधा मिलेगी। सीएम योगी ने शुक्रवार को एक समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में संचालित ग्राम सचिवालयों को हाई स्पीड इंटरनेट सेवा से लैस किया जाए। सचिवालय परिसर के 50 मीटर परिधि में आम जन के उपयोगार्थ वाई-फाई की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। सीएम ने कहा कि हर गांव डिजिटल सुविधा युक्त हो। इस संबंध में आवश्यक कार्ययोजना तैयार करें। सीएम ने कहा कि राज्य की जिला पंचायतों में ई-गवर्नेंस प्रणाली को लागू कर कार्यों के संपादन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ऑनलाइन रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल को लागू किया जाए।

    इस पोर्टल से कर वसूली, लाइसेंस निर्गत करने की प्रक्रिया, मैप की स्वीकृति आदि को सुचारु एवं पारदर्शी रूप से किया जाना संभव होगा। सीएम ने आगे कहा कि सभी ग्राम सचिवालयों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे की उपलब्धता कराएं। ग्रामीण क्षेत्र में मौसम के पूर्वानुमान के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ऑल वेदर स्टेशन व रेन गेज़ स्थापित कराए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों की स्थापना ने ग्रमीण जीवन को सहज बनाया है। यहां पंचायत सहायक/अकाउंटेंट कम डाटा एंट्री ऑपरेटर नियुक्त किये गए हैं। पहली बार गावों के लिए आर्किटेक्ट/कंसल्टिंग इंजीनियर का इम्पैनलमेंट किया जा रहा है।

    ग्राम पंचायतें ऑनलाइन कार्यों में सक्षम हैं। आज शासन की योजनाओं का सीधा लाभ सीधे गांव में बैठे व्यक्ति को मिल रहा है। प्रदेश की समृद्धि के लिए गांवों का सशक्तिकरण आवश्यक है, इस दिशा में विगत 6 वर्ष में उत्तर प्रदेश में हुए नियोजित प्रयासों के अच्छे परिणाम मिले हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में देश की कुल पंचायतों के लगभग 5वां हिस्सा है। वर्तमान में 57,702 ग्राम पंचायतों, 75 जिला पंचायतों, 826 क्षेत्र पंचायतों के माध्यम से प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था आदर्श रूप में कार्य कर रही है। हमारी कई पंचायतों ने नवाचार अपनाकर एक मॉडल प्रस्तुत किया है।

    हमें अपने गांवों को आत्मनिर्भर बनाना होगा। गांवों में प्रतिभा है पोटेंशियल है, उन्हें थोड़ा गाइडेंस की आवश्यकता है। इस संबंध में ठोस प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों में बारातघर की बड़ी आवश्यकता है। ऐसे में सभी ग्राम पंचायतों में बारातघर का निर्माण कराया जाना चाहिए। मातृभूमि योजना के अंतर्गत अब तक मिले प्रस्ताव उत्साहजनक हैं। हर जिले के लिए प्रवासी जनों से प्रस्ताव मिल रहे हैं। इस योजना का उपयोग गांवों में बारातघर निर्माण में भी किया जाना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि खुले में शौच से मुक्ति के बाद अब हमें गांवों में ठोस और तरल अपशिष्ट के निस्तारण के लिए कार्य करना होगा।

    हर गांव में जल निकासी की बेहत व्यवस्था हो। हमारा लक्ष्य हो कि आगामी वर्ष 2025 तक सभी 57,702 ग्राम पंचायतों और उनमें शामिल 95826 राजस्व ग्रामों को अपशिष्ट निस्तारण का मॉडल बनाएं। इस लक्ष्य की सफलता के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करें। तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सोख्ता, फिल्टर चैंबर, कंस्ट्रक्टेड वेटलैंड आदि का निर्माण कराया जाना चहिये। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कूड़े से खाद बनाना उपयोगी हो सकता है। गांवों को प्रतिबंधित श्रेणी के प्लास्टिक से मुक्त कराने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयास करें। सभी ग्राम पंचायतों को चरणबद्ध रूप से आईएसओ सर्टिफाई कराया जाए।

  • पंजाबः नशे का विरोध कर रहे युवक की गोली मारकर हत्या

    पंजाबः नशे का विरोध कर रहे युवक की गोली मारकर हत्या

    फरीरकोटः पंजाब सरकार द्वारा भले ही नशे के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी नशे के व्यापारियों के हौंसले बुलंद है। जिसके तहत अगर कोई उनके खिलाफ आवाज उठाता है तो वह उनको मौत की सजा दे देते है। ताजा मामला फरीदकोट के गांव ढिलवां खुर्द से सामने आया है। जहां नशा का विरोध करने वाले युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान 30 वर्षीय हरभगवान सिंह के रूप में हुई जोकि बिजली रिपेयरिंग का कार्य करता था और गांव में पंचायत द्वारा गठित नशा विरोधी कमेटी का सदस्य था। नशा विरोधी कमेटी द्वारा अपने गांव में नशा रोकने के लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा था। शुक्रवार को भी हरभगवान सिंह समेत कमेटी के अन्य सदस्यों ने नशा करते हुए दो नौजवानों को रंगे हाथों काबू किया जिन्होंने सबके सामने कबूल किया कि उन्होंने यह नशा गांव के ही अमनदीप सिंह से खरीदा है।

    इस बात को लेकर तनातनी के दौरान अमनदीप सिंह भी मौके पर आ गया और उसने हरभगवान सिंह पर गोली चला दी। गोली मारने के बाद आरोपी अपने घर गया और उसने घर पर जाकर भी हवाई फायरिंग की। इसके बाद वह अपनी मोटरसाइकिल पर फरार हो गया। घायल हरभगवान सिंह को फरीदकोट मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मामले में एसपी जसमीत सिंह ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

  • अमरनाथ यात्रा जा रहे श्रद्धालुओं के लिए अहम खबर

    अमरनाथ यात्रा जा रहे श्रद्धालुओं के लिए अहम खबर

    जम्मूः अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले शिव भक्तों के लिए अहम खबर है। दरअसल, अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने की चौथी वर्षगांठ के मद्देनजर एहतियात के तौर पर शनिवार को जम्मू आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा निलंबित रहेगी, जिस कारण इन भक्तों को बाबा बर्फानी के दर्शन नहीं होंगे। जम्मू की उपायुक्त अवनी लवासा ने कहा, ‘‘आज अमरनाथ यात्रा निलंबित रहेगी।” अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को यहां आधार शिविर से 1181 श्रद्धालुओं का 33वां जत्था कड़े सुरक्षा प्रबंध के बीच दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हुआ।

    उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से अब तक साढ़े चार लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।  यह यात्रा 1 जुलाई को शुरू हुई थी और 62 दिन तक चलेगी। अधिकारियों ने बताया कि अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने की चौथी वर्षगांठ के मद्देनजर शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। 5 अगस्त, 2019 को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को निरस्त कर दिया था तथा जम्मू कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों-जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में विभाजित कर दिया था।

  • पंजाबी युवक को कोर्ट ने सुनाई 22 साल की सजा, जारी किया ये फरमान

    पंजाबी युवक को कोर्ट ने सुनाई 22 साल की सजा, जारी किया ये फरमान

    ऑस्ट्रेलियाः दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के सुप्रीम कोर्ट ने पंजाबी मूल के एक युवक तारिकजोत सिंह को उसकी गर्लफ्रेंड जैसमीन कौर के हत्या मामले में 22 साल 10 महीने कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट के आदेश के अनुसार तारिकजोत सिंह साल 2044 में पहली पैरोल के योग्य हो सकेगा। साथ ही सजा पूरी करने के बाद उसे ऑस्ट्रेलिया छोड़ना होगा। आरोपी तारिकजोत सिंह पंजाब के समराला सब-डिवीजन के गांव बलाला के एक किसान परिवार का बड़ा बेटा है। उसने 5 मार्च 2021 को अपनी प्रेमिका जैसमीन कौर को किडनैप किया था।

    फिर उसे कार की डिग्गी में डालकर करीब 650 किलोमीटर दूर दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के फलिंडर रेंज में एक कब्र में जिंदा दबा दिया था। तारिकजोत सिंह साल 2016 में ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में सेटल हुआ था। वहीं उसकी मुलाकात भारतीय मूल की जैसमीन कौर से हुई। कुछ समय बाद दोनों का ब्रेकअप हो गया। लेकिन तारिकजोत इसे सहन नहीं कर सका। इस पर तारिकजोत सिंह ने जैसमीन का गला काट कर उसे कब्र में दफना दिया।

    लेकिन जैसमीन की चोटिल होने और कब्र में दबाए जाने पर तुरंत मौत नहीं हुई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकारी वकील कारमेन मैटीओ ने अदालत को बताया कि जैसमिन कौर की मौत काफी दर्दनाक थी। वहीं, मामले में दोषी तारिकजोत सिंह ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था।