कहा- पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही
अमृतसरः बटाला के चर्चित गैंगरेप केस में एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। पीड़िता, उसके परिवार और वकील ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पुलिस की जांच और FIR रद्द करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए एकतरफा जांच की और केस रद्द कर दिया, जबकि यह मामला हाई कोर्ट में भी विचाराधीन है।
पीड़िता के वकील पारुन भगोवालिया ने बताया कि 2 अप्रैल, 2026 को बटाला सिटी पुलिस स्टेशन में गैंगरेप की FIR दर्ज की गई थी, जिसमें पांच लोगों को नामजद किया गया था। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से नहीं हो रही है, जिसके कारण हाईकोर्ट का रुख किया जाएगा। वकील का आरोप है कि हाई कोर्ट द्वारा स्टेटस रिपोर्ट मांगने से पहले ही पुलिस ने बिना उचित कारणों के केस रद्द करने की रिपोर्ट कोर्ट में सौंप दी।
वकील ने यह भी कहा कि इस मामले में शामिल कुछ लोग प्रभावशाली पदों पर हैं, जिससे जांच प्रभावित हुई। उनका कहना है कि पीड़िता और उसके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिसके कारण वे बटाला जाने से भी डर रहे हैं। उन्होंने हाई कोर्ट से मांग की है कि मामले की जांच किसी दूसरे जिले की एजेंसी या CBI से कराई जाए और पीड़िता के परिवार को सुरक्षा दी जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीड़िता ने बताया कि उसे बहला-फुसलाकर घर बुलाया गया, जहां उसके साथ रेप किया गया और बाद में कथित तौर पर सात दिनों तक बंधक बनाकर कई लोगों ने गैंगरेप किया। उसने कहा कि मेडिकल जांच भी हुई थी, लेकिन अब उसे न्याय नहीं मिल रहा है। पीड़िता ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप भी लगाया और न्याय व सुरक्षा की मांग की।
पीड़िता के पिता ने कहा कि उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं और केस वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार डर के माहौल में जी रहा है और सरकार से सुरक्षा चाहता है। अभी तक इन सभी आरोपों पर पुलिस या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मामला कोर्ट में लंबित है और अगली सुनवाई का इंतज़ार है।
