Blog

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में देश को सशक्त नेतृत्व मिला तो वर्षों से रुके असंभव कार्य भी संभव हुए

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में देश को सशक्त नेतृत्व मिला तो वर्षों से रुके असंभव कार्य भी संभव हुए

    ऊना/शिमला : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी एवं निर्णायक नेतृत्व में सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के संकल्प को समर्पित केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को शिमला के पीटरहॉफ में “विकसित भारत संकल्प सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में प्रबुद्ध जनों और कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। इस गरिमामयी कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए केंद्र सरकार की 12 वर्षों की ऐतिहासिक उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, साहसिक निर्णयों और राष्ट्रहित में किए गए ऐतिहासिक कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत आज हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू रहा है, वैश्विक मंच पर देश की प्रतिष्ठा और साख लगातार बढ़ी है, देश के करोड़ों शोषित-वंचित लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है तथा विकास और सुशासन की एक नई कार्यसंस्कृति स्थापित हुई है।
    उन्होंने रेखांकित किया कि देश आज आत्मनिर्भरता, नवाचार, आधुनिक आधारभूत संरचना, डिजिटल सशक्तिकरण और तीव्र आर्थिक प्रगति के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ते हुए विकसित भारत के विराट लक्ष्य की ओर पूरी दृढ़ता से अग्रसर है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भावुक और ऊर्जावान अंदाज में पार्टी के ऐतिहासिक सफर को याद किया और कहा कि एक समय था जब हम केवल यह सोचते थे कि कब हमारी पार्टी के सांसद चुनकर आएंगे और कब हमारा कोई नेता देश का प्रधानमंत्री बनेगा, लेकिन संगठन के निरंतर परिश्रम और कार्यकर्ताओं की जी-जान से की गई मेहनत के बलबूते पहले हमने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को प्रधानमंत्री के रूप में देखा और फिर जब पार्टी लंबे समय तक सत्ता से बाहर रही, तो देशभर में एक अभूतपूर्व लहर चल पड़ी कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी जी को देश की कमान सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब देश को नरेंद्र मोदी के रूप में एक मजबूत, राष्ट्रभक्त और दृढ़ इच्छाशक्ति वाला नेतृत्व मिला, तो दशकों से रुके पड़े काम भी धरातल पर मूर्त रूप लेने लगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमारी पार्टी लंबे समय तक राम मंदिर निर्माण का नारा लगाती थी, और यह हमारा सौभाग्य है कि हमने अपनी आँखों के सामने राम मंदिर की लंबी अदालती लड़ाई का सुखद अंत देखा और प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों द्वारा मंदिर की आधारशिला रखने से लेकर भव्य प्राण-प्रतिष्ठा तक के ऐतिहासिक पलों के गवाह बने। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर से धारा 370 का खात्मा हुआ जिससे वहां शान से तिरंगा लहरा रहा है, तीन तलाक जैसी कुप्रथा का अंत हुआ, और गरीब कल्याण की अनगिनत योजनाएं सीधे धरातल पर उतरीं, जिसके परिणामस्वरूप देश की आर्थिकी दुनिया में 11वें स्थान से छलांग लगाकर चौथे स्थान पर पहुंच गई है। जयराम ठाकुर ने इस पूरी विकास यात्रा में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के सराहनीय योगदान की जमकर सराहना की, जिन्होंने लंबे समय तक संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष व महामंत्री के रूप में कार्य किया और मोदी कैबिनेट में भी हिमाचल के हितों की पुरजोर पैरवी की, जिससे राज्य को केंद्र से हमेशा रिकॉर्ड मदद मिली। उन्होंने स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के लिए प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल की टीम और संगठन महामंत्री सिद्धार्थन के कुशल प्रबंधन को सराहा तथा समय-समय पर मार्गदर्शन व फीडबैक देने के लिए जे.पी. नड्डा जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी जी का यह 12 वर्ष का कार्यकाल पूरी तरह अतुलनीय और भारत के पुनरुत्थान का स्वर्ण काल रहा है।
       
  • बिना किसी प्रीमियम भुगतान के स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’, निजी स्वास्थ्य बीमे का किफायती विकल्प बनकर उभरी

    बिना किसी प्रीमियम भुगतान के स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’, निजी स्वास्थ्य बीमे का किफायती विकल्प बनकर उभरी

    चंडीगढ़ : ऐसे समय में जब स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत परिवारों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ एक व्यापक और किफायती स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के रूप में उभर रही है, जो पारंपरिक निजी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की तुलना में कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है। योजना के प्रभाव के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना लागू होने के पांच महीनों के भीतर 2,26,822 से अधिक मरीजों का 3,65,340 उपचार प्रक्रियाओं के माध्यम से 632.50 करोड़ रुपये की लागत से इलाज किया गया है। निजी स्वास्थ्य बीमा उन लोगों के लिए एक विकल्प हो सकता है जो अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विशेष कवरेज चाहते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना इस उद्देश्य से तैयार की गई है कि पंजाब का हर पात्र निवासी बिना आर्थिक कठिनाई के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्राप्त कर सके।”

    विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “निजी बीमे और मुख्यमंत्री सेहत योजना के बीच सबसे बड़ा अंतर प्रीमियम भुगतान का न होना है। जहां निजी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के लिए हर साल हजारों रुपये का प्रीमियम देना पड़ता है, जो उम्र बढ़ने के साथ और बढ़ जाता है, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना के लाभार्थियों को यह स्वास्थ्य कवरेज पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान की जाती है।” उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कैंसर उपचार, हृदय रोगों का उपचार, डायलिसिस, इंटेंसिव केयर सेवाओं और अन्य विशेष उपचार प्रक्रियाओं सहित 2,300 से अधिक उपचार पैकेज उपलब्ध कराए जाते हैं। निजी बीमा योजनाओं में जहां कवरेज का दायरा भुगतान किए गए प्रीमियम और चुनी गई पॉलिसी पर निर्भर करता है, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना सभी पात्र लाभार्थियों को समान सुविधाएं प्रदान करती है। योजना का एक और बड़ा फायदा यह है कि प्री-एक्जिस्टिंग बीमारियों के लिए तुरंत कवरेज उपलब्ध है। निजी बीमा कंपनियां आम तौर पर डायबिटीज, हाइपरटेंशन और हृदय रोगों जैसी स्थितियों के लिए दो से चार साल तक की प्रतीक्षा अवधि लागू करती हैं, जिसके बाद ही उपचार पर हुए खर्च का दावा किया जा सकता है।

    उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पात्र लाभार्थी अपने पुराने चिकित्सा इतिहास की परवाह किए बिना पहले ही दिन से उपचार का लाभ ले सकते हैं।” स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए बहुत लाभकारी साबित हुई है, जिन्हें निजी बीमा योजनाओं में अक्सर उच्च प्रीमियम और कवरेज संबंधी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के समान स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। डॉ. बलबीर सिंह ने आगे बताया कि योजना के तहत पंजाब भर में 850 सूचीबद्ध अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें निजी अस्पतालों के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य संस्थान भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “प्रतिपूर्ति (रिइंबर्समेंट) आधारित बीमा प्रणालियों के विपरीत, मुख्यमंत्री सेहत योजना मुख्य रूप से कैशलेस और पेपरलेस उपचार प्रक्रिया प्रदान करती है, जिससे लाभार्थी न्यूनतम दस्तावेजों के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं और प्रशासनिक देरी से भी बच सकते हैं।”

    दोनों स्वास्थ्य सुरक्षा मॉडलों की तुलना करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि निजी बीमा योजनाएं अनुकूलित कवरेज और अतिरिक्त लाभ प्रदान कर सकती हैं। उन्होंने कहा, “हालांकि, इनमें अक्सर एक्सक्लूजन, सह-भुगतान (को-पेमेंट), उप-सीमाएं (सब-लिमिट), प्रतीक्षा अवधि और उम्र के साथ बढ़ने वाले प्रीमियम जैसी शर्तें होती हैं, जो कई परिवारों के लिए इन्हें कम किफायती बनाती हैं। इसके अलावा, निजी बीमा कवरेज मुख्य रूप से शहरी और आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों तक सीमित है, जबकि मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब के हर पात्र पंजीकृत परिवार के लिए उपलब्ध है।”

    उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार का दृढ़ विश्वास है कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी व्यक्ति की आर्थिक क्षमता पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पंजाब के हर पात्र नागरिक के लिए आसानी से और किफायती ढंग से उपलब्ध हों।” डॉ. बलबीर सिंह ने जानकारी दी कि योजना के तहत अब तक 46.21 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से राज्य के लगभग 22 लाख परिवारों को कवरेज मिली है। उन्होंने कहा, “योजना को मिल रहा भरपूर जनसमर्थन सभी के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाता है और स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले जेब खर्च को कम करने तथा समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंचाने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। पंजाब सरकार मुख्यमंत्री सेहत योजना के दायरे का आगे और विस्तार करती रहेगी, ताकि किसी भी परिवार को स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा में से किसी एक का चयन करने के लिए मजबूर न होना पड़े।”

  • योग भारत की प्राचीन संस्कृति, स्वस्थ जीवनशैली और मानव कल्याण का आधार : कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार

    योग भारत की प्राचीन संस्कृति, स्वस्थ जीवनशैली और मानव कल्याण का आधार : कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार

    चंडीगढ़– हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार शुक्रवार को भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां (सोनीपत) में जिला स्तरीय योग अभ्यास कार्यक्रम में  बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, अधिकारियों एवं अन्य प्रतिभागियों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया तथा योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। हजारों वर्षों से योग मानव जीवन को संतुलन, सकारात्मकता, आत्मविश्वास और स्वास्थ्य का मार्ग दिखाता आया है। आज योग भारत की सीमाओं से निकलकर पूरी दुनिया में मानव कल्याण का माध्यम बन चुका है।

    उन्होंने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण पर आधारित है। बढ़ती आयु में स्वस्थ, सक्रिय और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए योग एक प्रभावी माध्यम है। योग न केवल विभिन्न बीमारियों से बचाव करता है, बल्कि मानसिक शांति, ऊर्जा और आत्मबल भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ वृद्धावस्था की नींव युवावस्था में ही पड़ती है, इसलिए युवाओं को अभी से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से विश्व मंच पर स्थापित हुआ योग

    मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों के कारण आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए प्रस्ताव को रिकॉर्ड 177 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ था। आज 21 जून को विश्व के 200 से अधिक देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, जो भारत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री ने अपने सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण किए हैं और देश निरंतर विकसित भारत के संकल्प की ओर अग्रसर है।

    नारी शक्ति और युवा शक्ति विकसित भारत की आधारशिला

    विकास एवं पंचायत मंत्री ने कहा कि महिला केवल परिवार ही नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की भी आधारशिला होती है। यदि महिलाएं स्वस्थ, शिक्षित और आत्मविश्वासी होंगी तो पूरा समाज मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने में देश की बेटियों और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान महिला शिक्षा और सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है तथा यहां से निकलने वाली बेटियां देश और समाज का नाम रोशन कर रही हैं।

    ’आयुष विभाग और व्यायामशालाओं को मजबूत कर रही है सरकार

    मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार योग और आयुष प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसके लिए आयुष विभाग के बजट में 135 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में लगभग 6500 गांवों में व्यायामशालाएं स्थापित की जा चुकी है, जिनमें से 883 व्यायामशालाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा 859 आयुष योग सहायकों की नियुक्ति की गई है तथा प्रदेश में 397 आयुष औषधालय और 109 उप-स्वास्थ्य केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं।

    ’गांव-गांव में बनेंगी अटल ई-लाइब्रेरी और इंडोर जिम’

    विकास एवं पंचायत मंत्री ने बताया कि प्रदेश की 6225 ग्राम पंचायतों में युवाओं और विद्यार्थियों के लिए अटल ई-लाइब्रेरी स्थापित करने का अभियान चलाया जा रहा है। इन लाइब्रेरियों में कंप्यूटर, वातानुकूलित अध्ययन कक्ष, फर्नीचर तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को बेहतर अध्ययन सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने यूपीएएसी के परिणाम में हरियाणा के 37 युवाओं के चयन को लेकर भी सभी को बधाई दी व भविष्य में प्रदेश के 37 से भी अधिक बच्चों का यूपीएससी में चयन हो इसकी कामना करी। सभी बच्चे अपना लक्ष्य निर्धारित करके मेहनत करते है, सफलता जरूर प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को फिटनेस के लिए प्रेरित करने हेतु गांवों में इंडोर जिम स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक गांव में खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।

    ’बेटियां लक्ष्य निर्धारित करें, सफलता निश्चित मिलेगी’

    मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना अत्यंत आवश्यक है। जो विद्यार्थी अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य तय कर लेते हैं, वे निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करते हैं। उन्होंने युवाओं से पढ़ाई, खेल और योग के माध्यम से अपने व्यक्तित्व का विकास करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विधायक पवन खरखौदा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ बनाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है। योग न केवल विभिन्न बीमारियों से बचाव करता है, बल्कि सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और मानसिक शांति भी प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से नियमित रूप से योग अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम में उपायुक्त नेहा सिंह, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

     
  • Jalandhar News: BMS Fashion Showroom पर चली गोलियां, बाइक सवार फरार, देखें वीडियो

    Jalandhar News: BMS Fashion Showroom पर चली गोलियां, बाइक सवार फरार, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: किशनपुरा चौक के पास BMS Fashion पर Showroom में गोलियां चली। आज दोपहर को बाइक सवार गोलियां चलाकर फरार हो गए। इस घटना में दुकान का शीशा टूट गया। घटना के दौरान इलाके के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना दुकान मालिक द्वारा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई। वहीं घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि बाइक पर सवार दो नौजवान चलती बाइक पर गोली चलाकर फरार हो गए।

    घटना स्थल पर पहुंचे एडीसीपी ने कहा कि उन्हें दोपहर साढ़े 3 बजे कंट्रोल रूमें बीएमएस शोरूम पर फायरिंग की सूचना मिली थी। जिसके बाद मौके पर दुकान मालिक से पूछताछ की जा रही है। पता चला है कि बाइक सवारों द्वारा घटना को अंजाम दिया गया। मौके पर एक खोल बरामद कर लिया गया और मामले की जांच की जा रही है। वहीं थ्रेट कॉल को लेकर कहा कि दुकानदार से पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी।

  • ईज़ी जमाबंदी’ पोर्टल भूमि संबंधी सेवाओं को सुचारू बनाता है और राजस्व कार्यालयों में भ्रष्टाचार को समाप्त करता है

    ईज़ी जमाबंदी’ पोर्टल भूमि संबंधी सेवाओं को सुचारू बनाता है और राजस्व कार्यालयों में भ्रष्टाचार को समाप्त करता है

    चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने आज बताया कि पंजाब सरकार द्वारा पहले ही ऐतिहासिक ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ और ‘ईज़ी जमाबंदी पोर्टल’ शुरू किया जा चुका है, ताकि नागरिकों तक जनसेवाओं की निर्बाध और प्रत्यक्ष पहुंच सुनिश्चित की जा सके तथा राज्य की तहसीलों में बिचौलियों की आवश्यकता को समाप्त किया जा सके। उन्होंने शिक्षित युवाओं, सरकारी कर्मचारियों, पंचायत सदस्यों, सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों से इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में जागरूकता फैलाने तथा भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए लोगों को इन डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने हेतु प्रेरित करने का आह्वान किया।

    स्पीकर संधवां ने आगे बताया कि पंजाब में लगभग 40 लाख नागरिकों को पहले अपनी फर्द (भूमि रिकॉर्ड की प्रतियां) प्राप्त करने के लिए पटवारखानों के चक्कर लगाने पड़ते थे या सेवा केंद्रों में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। इस पुरानी प्रक्रिया के कारण नागरिकों को अक्सर लालफीताशाही और रिश्वतखोरी का सामना करना पड़ता था। संधवां ने कहा, “ईज़ी जमाबंदी की शुरुआत के साथ अब पटवारी कार्यालय जाने, कतारों में खड़े होने या रिश्वत देने की कोई आवश्यकता नहीं है।” भूमि मालिक अब अपनी जमाबंदी की कानूनी रूप से मान्य एवं प्रमाणित प्रति डाउनलोड कर सकते हैं।

    उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने अब पांच महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाओं तक तत्काल पहुंच सुनिश्चित की है:

    व्हाट्सऐप के माध्यम से जमाबंदी: प्रमाणित भूमि रिकॉर्ड प्रतियों की सीधे घर तक डिलीवरी।

    ऑनलाइन इंतकाल: संपत्ति के स्वामित्व हस्तांतरण की सुगम प्रक्रिया।

    रपट प्रविष्टियां: भूमि लेन-देन का ऑनलाइन त्वरित पंजीकरण।

    फर्द बदर: रिकॉर्ड में वर्तनी तथा लिपिकीय त्रुटियों का सरल सुधार।

    लैंड अलर्ट सब्सक्रिप्शन: भूमि मालिकों और प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए विशेष सुरक्षा सुविधा। यदि कोई व्यक्ति पंजीकृत संपत्ति के रिकॉर्ड में बदलाव करने या उससे छेड़छाड़ करने का प्रयास करता है, तो मालिक को व्हाट्सऐप या ईमेल के माध्यम से तुरंत स्वचालित सूचना प्राप्त होगी, जिससे वह समय रहते कानूनी आपत्ति दर्ज करा सके।

    नागरिक इन सुविधाओं का लाभ तीन माध्यमों से प्राप्त कर सकते हैं:

    ऑनलाइन पोर्टल: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं — easyjamabandi.punjab.gov.in

    टेली-हेल्पलाइन: सहायता प्राप्त सेवाओं के लिए राज्य हेल्पलाइन नंबर 1076 पर संपर्क करें।

    सहायता केंद्र: सहायता प्राप्त ऑनलाइन आवेदन के लिए किसी भी स्थानीय सेवा केंद्र पर जाएं।

    उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध पारदर्शी और शून्य-सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) नीति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक नागरिक के द्वार तक प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रही है।

     

  • Jalandhar News: डीजल के नए आदेशों को लेकर कर्मी और लोगों का आया बयान, देखें वीडियो

    Jalandhar News: डीजल के नए आदेशों को लेकर कर्मी और लोगों का आया बयान, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: ईरान-इजरायल युद्ध को लेकर भारत में सकंट गहरा रहा है। दूसरी ओर सरकार ने देश में ईंधन की बिक्री और वितरण को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी रोकने और इसके विनियमन के लिए वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत नया आदेश जारी किया है। फिलहाल यह नई व्यवस्था शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू की गई है। यानी अगले तीन महीनों तक पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री इन्हीं नियमों के तहत होगी। इस आदेश के बाद पेट्रोल पंप कर्मी का कहना है कि ईरान-इजरायल युद्ध के कारण महंगाई की मार पड़ रही है। कर्मी ने आदेश का विरोध किया है। उनका कहना है कि फैक्टरी संचालकों को काफी नुकसान होगा।

    दरअसल, 2 हजार डीजल की लागत वाली फैक्टरियों पर इसका असर देखने को मिल सकता है। हालांकि नए आदेशों को लेकर कर्मी का कहना है कि उनके पास आदेश नहीं आए है और उन्हें इस बारे में अधिक जानकारी भी नहीं है। वहीं अन्य कर्मी का कहना है कि पेट्रोल-डीजल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में उन्हें ट्रांसपोर्ट के दाम भी बढ़ाने पड़ रहे है। वहीं अब 200 लीटर डीजल एक दिन में इस्तेमाल किए जाने को लेकर कहा कि रोजाना लंबे सफर करने वाले वाहनों का दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में गाड़ियों को रास्ते में खड़ा करना पड़ सकता है। इससे लंबे सफर वाले वाहन चालको को नुकसान झेलना पड़ सकता है। वहीं अन्य कार चालक ने कहाकि सरकार के आदेशों का असर हमेशा आम जनता को ही भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आम जनता सरकारों का बैंक है।

    बता दें कि नई गाइडलाइंस में यह भी साफ किया गया है कि खरीदे गए हाई-स्पीड डीजल को किसी भी हालत में दोबारा बेचने (रीसेल) की अनुमति नहीं होगी। नियम तोड़ने पर कार्रवाई की संभावना भी जताई गई है। हालांकि सरकार चाहें तो इस अवधि से पहले भी नए आदेश जारी कर इन नियमों में बदलाव या इन्हें वापस ले सकती है। इस आदेश में कहा गया है कि किसी भी वाहन या व्यक्ति को एक दिन में पेट्रोल पंप पर 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं मिलेगा।

    नये नियम से लंबी तथा मध्यम दूरी के माल परिवहन वाले ट्रकों पर असर पड़ने की संभावना है। नए नियमों के अनुसार अब कोई भी व्यक्ति या वाहन एक दिन में पेट्रोल पंप से 200 लीटर से अधिक हाई-स्पीड डीजल नहीं खरीद सकेगा। सरकार ने पेट्रोल पंप डीलरों को साफ निर्देश दिए हैं कि इस सीमा का सख्ती से पालन किया जाए। हालांकि सामान्य कार चालकों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि अधिकतर निजी वाहनों के फ्यूल टैंक की क्षमता इस सीमा से काफी कम होती है।

     

  • 15 जून को होगी मेगा मॉक एक्सरसाइज, पांच स्थानों पर होगा राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास

    15 जून को होगी मेगा मॉक एक्सरसाइज, पांच स्थानों पर होगा राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास

    ऊना सुशील पंडित : प्रदेशव्यापी मेगा मॉक एक्सरसाइज के तहत 15 जून को जिला ऊना के पांच स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। इस दौरान भूकंप, भूस्खलन, आगजनी और भवन गिरने जैसी काल्पनिक आपदा परिस्थितियों में विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और संसाधनों की उपलब्धता का परीक्षण किया जाएगा। मेगा मॉक एक्सरसाइज की तैयारियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की। बैठक में जिला प्रशासन ऊना की ओर से अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ भाग लिया।

    अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिले के सभी पांच उपमंडलों में अलग-अलग आपदा परिदृश्य निर्धारित किए गए हैं। इन परिदृश्यों के आधार पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कर आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों और क्षमता का आकलन किया जाएगा। बैठक में मौसम पूर्वानुमान, अर्ली वार्निंग सिस्टम, उपग्रह आधारित मौसम निगरानी, आपदा के दौरान संचार एवं समन्वय व्यवस्था, सड़कों के रखरखाव, यातायात प्रबंधन तथा आगजनी की घटनाओं से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, जन-जागरूकता बढ़ाने तथा पूर्व तैयारियों को और सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए।

    इन स्थानों पर होगा अभ्यास
    मेगा मॉक एक्सरसाइज के तहत ऊना उपमंडल के इंडियन ऑयल बॉटलिंग प्लांट मैहतपुर में आग लगने, बंगाणा उपमंडल के तूतड़ू क्षेत्र में जंगल की आग, अंब उपमंडल के पिंडी दास आश्रम एवं नेत्र चिकित्सालय क्षेत्र में भूस्खलन, गगरेट उपमंडल के पिंडी फिलिंग स्टेशन में आग लगने तथा हरोली उपमंडल के बेला बाथड़ी स्थित न्यासा मल्टीप्लास्ट में भवन गिरने की काल्पनिक परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। बैठक में नगर निगम ऊना के आयुक्त पृथिपाल सिंह, एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, तहसीलदार ऊना विपन ठाकुर, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदीप सिंह सिद्धू, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग कुलदीप सिंह, रेंज ऑफिसर बंगाणा अंकुश आनंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • गगरेट में 2.59 ग्राम चिट्टे सहित दो युवक गिरफ्तार, पुलिस की नशा तस्करों पर कार्रवाई जारी

    गगरेट में 2.59 ग्राम चिट्टे सहित दो युवक गिरफ्तार, पुलिस की नशा तस्करों पर कार्रवाई जारी

    ऊना सुशील पंडित : मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के “नशा मुक्त हिमाचल” अभियान के तहत जिला पुलिस ऊना द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस थाना गगरेट की टीम ने दो युवकों को 2.59 ग्राम हेरोइन (चिट्टे) सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य आरक्षी अविनाश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गगरेट-होशियारपुर रोड पर फॉरेस्ट बैरियर के समीप गश्त पर थी। इस दौरान एक मोटरसाइकिल को जांच के लिए रोका गया। तलाशी लेने पर मोटरसाइकिल की सीट के नीचे से 2.59 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।

    मामले में पुलिस ने मोटरसाइकिल चालक आदित्य कुमार निवासी नरवाना, डाकघर योल कैंट, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा तथा उसके साथी चंदन घई निवासी टिका बणी, डाकघर योल कैंट, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपितों के खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम एक्ट की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। जिला पुलिस ऊना ने आम जनता से अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • Punjab News: बिजली मार्केट में RK Electronic Store पर GST विभाग की दबिश, मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    Punjab News: बिजली मार्केट में RK Electronic Store पर GST विभाग की दबिश, मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    लुधियानाः जिले चौड़ा बाजार के समीप बिजली मार्केट में जीएसटी विभाग ने दुकान पर दबिश दी। इस दौरान अन्य दुकानदारों में हड़कंप मच गया। मिली जानकारी के अनुसार आज जीएसटी विभाग की टीम आरके इलेक्ट्रानिक स्टोर पर टीम ने दबिश दी है। जहां टीम द्वारा दुकान के दस्तावेज खंगाले जा रहे है और दुकानदार से पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई की तस्वीरें भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि दुकान के अंदर पुलिस अधिकारी बैठे हुए है। इस मामले को लेकर जब मीडिया के कर्मियों द्वारा बात की गई तो कहा गया कि डुप्लीकेट सामान बेचने का कोई काम नहीं है।

    शक्ल देखकर ही डुप्लीकेट सामान बेचने वालों का पता चल जाता है। विभाग की टीम द्वारा काफी समय तक दस्तावेज खंगाले गए। बता दें कि हाल ही में आबकारी विभाग ने जीएसटी फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया था कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन हासिल कर करोड़ों रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ लिया गया और अन्य कंपनियों को भी पहुंचाया गया। विभाग अब तक करीब 20 करोड़ रुपये की रिकवरी कर चुका है, जबकि मामले में 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

    डिवीजन की डीसीएसटी रणधीर कौर ने बताया कि विभाग ने GSTR-2A/2B में दर्ज खरीदारी के आंकड़ों की ई-वे बिल रिकॉर्ड से तुलना की। जांच के दौरान कई कंपनियों द्वारा दिखाई गई खरीद और माल की वास्तविक आवाजाही में भारी विसंगतियां मिलीं, जिससे फर्जी लेनदेन का संदेह पैदा हुआ। जांच में सामने आया कि कुछ फर्मों ने वस्तुओं या सेवाओं की वास्तविक आपूर्ति किए बिना ही फर्जी टैक्स इनवॉइस जारी किए। इन बिलों के आधार पर अवैध आईटीसी का लाभ लिया गया और आगे अन्य कंपनियों को भी पास किया गया। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा।

  • चंडीगढ़ में सरकारी आवास आवंटन के लिए नया ऑनलाइन मॉड्यूल

    चंडीगढ़ में सरकारी आवास आवंटन के लिए नया ऑनलाइन मॉड्यूल

    चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने चंडीगढ़ में सरकारी आवासों के आवंटन के लिए विकसित किए जा रहे ऑनलाइन मॉड्यूल के मद्देनजर सभी विभागों को आवश्यक विवरण निर्धारित समयावधि में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा ई-आवास पोर्टल पर सरकारी आवास आवंटन के लिए विकसित किए जाने वाले इस समर्पित ऑनलाइन मॉड्यूल से आवास आवंटन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध होगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, हरियाणा लोक सेवा आयोग, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग, हरियाणा विधानसभा, हरियाणा पुलिस तथा अन्य प्रमुख कार्यालयों को पत्र जारी कर नोडल अधिकारी नामित करने तथा निर्धारित समय-सीमा के अन्दर आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान नियमों के तहत पात्र सरकारी कर्मचारियों को सरकारी आवास के आवंटन अथवा आवास परिवर्तन के लिए ई-आवास पोर्टल पर आवेदन करने के साथ-साथ संबंधित विभाग के माध्यम से सत्यापित हार्ड कॉपी भी भेजनी होती है। प्रत्येक माह की 20 तारीख तक प्राप्त आवेदन अगले माह के आवंटन चक्र में शामिल किए जाते हैं, जबकि अधूरे अथवा अपात्र आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं।

    हाउस अलॉटमेंट कमेटी ने यह भी उल्लेख किया है कि ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बावजूद कई आवेदन निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बिना भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन संबंधी जानकारी समय पर अद्यतन नहीं होने के कारण अनेक अपात्र कर्मचारी वरिष्ठता सूची में बने रहते हैं अथवा पात्रता समाप्त होने के बाद भी सरकारी आवासों पर काबिज रहते हैं। ऐसे मामलों में नियमानुसार दंडात्मक किराया तथा ब्याज की वसूली की जा सकती है।

    इन समस्याओं के समाधान के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ई-आवास पोर्टल पर एक व्यापक ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित करने जा रहा है। प्रस्तावित प्रणाली के माध्यम से विभागाध्यक्षों अथवा नामित नोडल अधिकारियों द्वारा डिजिटल सत्यापन के बाद ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही स्थानांतरण एवं पदस्थापन संबंधी विवरणों का वास्तविक समय (रियल-टाइम) में अद्यतन, अपात्र कर्मचारियों की पहचान, वरिष्ठता सूची का स्वतः अद्यतन तथा आवास आवंटन प्रक्रिया का अधिक पारदर्शी और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।