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‘मन की बात’ कार्यक्रम में बजा अमृतसर का डंका, PM Modi ने Amit Singh Rana को सराहा, देखें वीडियो

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‘मन की बात’ कार्यक्रम में बजा अमृतसर का डंका, PM Modi ने Amit Singh Rana को सराहा, देखें वीडियो

अमृतसर: देश के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के ताज़ा एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृतसर से जुड़े एक समर्पित शोधकर्ता अमित सिंह राणा के कार्यों की विशेष सराहना की। इस उल्लेख के बाद पंजाब के अमृतसर में खुशी और गर्व का माहौल देखने को मिला। अमित सिंह राणा, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के निवासी हैं, पिछले एक दशक से अमृतसर में रहकर भारत की प्राचीन वैदिक पांडुलिपियों के संरक्षण और शोध के कार्य में लगे हुए हैं। प्रधानमंत्री द्वारा उनके प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने से वे बेहद भावुक और गौरवान्वित नजर आए।

प्रधानमंत्री का जताया आभार
मीडिया से बातचीत के दौरान राणा ने कहा कि यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनके काम को देशभर में पहचान दिलाने से इस अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी। राणा ने बताया कि देशभर में कई घरों, मंदिरों, मठों, स्कूलों और पुस्तकालयों में प्राचीन पांडुलिपियां अब भी सुरक्षित हैं, लेकिन अक्सर लोग उनके महत्व को समझ नहीं पाते। वे इन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें संरक्षित करने और उनके अध्ययन के लिए प्रयासरत हैं।

‘प्राचीन पांडुलिपियां सांस्कृतिक धरोहर हैं’
वर्तमान में वे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र से रिसोर्स पर्सन के रूप में जुड़े हुए हैं और राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उनके कार्य का मुख्य उद्देश्य इन दुर्लभ पांडुलिपियों की जानकारी एकत्र करना और लोगों को इसके संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपियां हैं, तो वे उन्हें केवल निजी संपत्ति के रूप में न देखें, बल्कि देश की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में समझें। उन्होंने कहा कि ऐसी धरोहरों को संरक्षित कर अगली पीढ़ियों तक पहुंचना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

अधिक सर अधिक लोगों को अभियान से जोड़ना
अमित सिंह राणा ने आगे बताया कि वे आने वाले समय में इस मुहिम को और व्यापक बनाने की योजना बना रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ें और भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखा जा सके।

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