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  • Punjab News: Satluj फिल्म को लेकर सिख जत्थेबंदियों का प्रदर्शन

    Punjab News: Satluj फिल्म को लेकर सिख जत्थेबंदियों का प्रदर्शन

    फगवाड़ाः फिल्म ‘सतलुज’ के समर्थन में लगातार सिखों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। दरअसल, विभिन्न सिख जत्थेबंदियों द्वारा ओटीटी प्लेटफॉर्म से फिल्म ‘सतलुज’ हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि फिल्म को जल्द से जल्द ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाए। जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि फिल्म में सिखों पर हुए अत्याचारों और घटनाओं को दर्शाया गया है, जिन्हें लोगों तक पहुंचना चाहिए।

    उनका आरोप है कि फिल्म को प्रसारण से रोककर सच्चाई को दबाने का प्रयास किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और संबंधित ओटीटी प्लेटफॉर्म से मांग की कि फिल्म पर लगी रोक तुरंत हटाई जाए, ताकि आम लोग इसे देख सकें और इतिहास से जुड़े तथ्यों को जान सकें। संगठन ने आरोप लगाया कि 1947 के बंटवारे से लेकर वर्तमान तक की सरकारों ने पंजाबी समुदाय और देश पर कथित रूप से जुल्म किए हैं।

    उनका कहना था कि पुलिस प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने लाखों बेगुनाह नौजवानों, माताओं, बहनों और बुजुर्गों की हत्या की। संगठनों ने कहा कि जब भी किसी ने सच सामने लाने की कोशिश की, उसे या तो गायब कर दिया गया या झूठे आरोपों में जेल भेज दिया गया। उन्होंने दावा किया कि ‘सतलुज’ फिल्म को 4 साल तक रिलीज नहीं होने दिया गया, क्योंकि यह पंजाबी सिखों पर हुए अत्याचारों को दुनिया के सामने लाती है और पिछली सरकारों के चेहरे बेनकाब करती है।

     

  • Punjab News: आवारा पशु आने से फॉर्च्यूनर हुई हादसे का शिकार, जिम संचालक सहित 2 की मौत

    Punjab News: आवारा पशु आने से फॉर्च्यूनर हुई हादसे का शिकार, जिम संचालक सहित 2 की मौत

    मोहालीः लालड़ू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते आईटीआई चौक के पास भीषण सड़क हादसे में 2 लोगों को मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली जा रही तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार के सामने अचानक आवारा पशु आने के कारण यह हादसा हुआ। इस दौरान गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि हादसे में गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। मृतकों की पहचान 23 वर्षीय मनजोत सिंह और रवि निवासी लुधियाना के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मनजोत सिंह जिम संचालक है और रवि कार चला रहा था।

    हालांकि हादसे में कार में सवार 2 अन्य लोग सुरक्षित बच गए। घटना की सूचना लोगों द्वारा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई। मृतक जिम संचालक मनजोत सिंह के पिता अमरपाल सिंह (निवासी बीआरएस नगर, लुधियाना) ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा मनजोत गुरुवार रात करीब 11:45 बजे अपने दोस्त आकाश वर्मा, सुरक्षा गार्ड राजीव कुमार पांडे और चालक रवि कुमार के साथ फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। शुक्रवार सुबह जब गाड़ी लालड़ू के आईटीआई चौक के पास पहुंची, तो अचानक एक आवारा पशु सामने आ गया।

    उसे बचाने के प्रयास में चालक रवि कुमार ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें मनजोत सिंह और चालक रवि कुमार की मौत की खबर मिली। कार में सवार मनजोत के दोस्त आकाश वर्मा को मामूली चोटें आई हैं, जबकि सुरक्षा गार्ड राजीव कुमार पांडे पूरी तरह सुरक्षित हैं। मृतक मनजोत सिंह के पिता ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया है कि यह एक आकस्मिक दुर्घटना थी और इसमें किसी भी व्यक्ति की कोई लापरवाही नहीं थी। उन्होंने किसी के भी खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से इनकार किया है। वहीं पुलिस ने मामले में बीएनएसएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर वारिसों को सौंप दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।

     

  • Tele-ECG सेवा दिल के मरीजों को दे रही जीवनदान, ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज से 131 गंभीर मरीजों की बचाई गई जान

    Tele-ECG सेवा दिल के मरीजों को दे रही जीवनदान, ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज से 131 गंभीर मरीजों की बचाई गई जान

    चंडीगढ़- हरियाणा में टेली-ईसीजी सेवा दिल के मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। यह योजना धरातल पर कितनी कारगर साबित हो रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआत के कुछ ही समय के भीतर अब तक राज्य भर में 2,688 मरीजों को यह सेवा प्रदान की जा चुकी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस त्वरित जांच प्रणाली के माध्यम से मात्र सवा महीने में 131 बेहद गंभीर (क्रिटिकल) मामलों की समय रहते पहचान की गई, जिससे उन्हें तुरंत उचित इलाज मिल सका और उनकी जान बचाई जा सकी। आपको बता दें कि इस दूरदर्शी स्वास्थ्य सेवा का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला से 29 मई 2026 को किया था , इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव भी उपस्थित थी। इस योजना के तहत राज्य के कुल 600 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को कवर किया गया है। इनमें 71 जिला नागरिक अस्पताल एवं उप-मंडल नागरिक अस्पताल, 121 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और 408 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) शामिल हैं। इस सेवा के चालू होने से अब ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को उनके घर के नजदीक ही विशेषज्ञ हृदय रोग निदान की सुविधा मिलने लगी है, जिससे मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होगी और इलाज में होने वाली देरी से बचा जा सकेगा। हरियाणा सरकार की इस पहल को राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को डिजिटल रूप से मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    ‘गोल्डन ऑवर’ में मिलेगी संजीवनी, मौतों में आएगी एक-तिहाई कमी

    चिकित्सा विज्ञान में दिल का दौरा पड़ने के बाद का पहला घंटा ‘गोल्डन ऑवर’ माना जाता है, जिसमें तुरंत इलाज मिलने पर मरीज की जान बचाई जा सकती है। यह टेली-ईसीजी सेवा इसी ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। इस पहल का दीर्घकालिक लक्ष्य हृदय रोगों (Cardiovascular Diseases) के कारण होने वाली अकाल मौतों में एक-तिहाई (1/3) तक की कमी लाना है। विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट की रिपोर्टिंग और परामर्श समय पर मिलने से मरीजों के स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

    मात्र 89 रुपये में ईसीजी के साथ 10 मिनट में मिल रही विशेषज्ञ रिपोर्ट

    इस पूरी सेवा को बेहद किफायती और तीव्र बनाया गया है। आंकड़ों के अनुसार, प्रति ईसीजी की दर मात्र 89 रुपये निर्धारित की गई है। इस न्यूनतम राशि में न केवल ईसीजी का संचालन शामिल है, बल्कि टेली-रिपोर्टिंग तकनीक के माध्यम से मात्र 10 मिनट के भीतर विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) द्वारा ईसीजी की व्याख्या और रिपोर्ट प्रदान करना भी सुनिश्चित किया गया है। इस परियोजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीडिंग्स (RoP) 2026-27 के तहत मंजूरी दी जा चुकी है।

    राज्य भर में सालाना लगभग 3,28,320 ईसीजी होंगे

    प्रदेश में जिला नागरिक अस्पतालों , उप-मंडल अस्पतालों , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की कुल संख्या 192 है जिनमें प्रति केंद्र औसतन 100 ईसीजी प्रति माह होने का अनुमान है, जिससे सालाना 2,30,400 ईसीजी होंगे। इस पर 2.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी प्रकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 408 है जहां पर प्रति केंद्र औसतन 20 ईसीजी प्रति माह होने की उम्मीद है, जिससे सालाना 97,920 ईसीजी होंगे। इस पर करीब 87.14 लाख रुपये का खर्च आएगा। कुल मिलाकर राज्य भर में सालाना लगभग 3,28,320 ईसीजी किए जाने का अनुमान है।

    टेली-ईसीजी ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य क्रांति लाने का काम करेगी : आरती सिंह राव

    हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस योजना की सफलता और भविष्य के रोडमैप पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि टेली-ईसीजी सेवा राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है और आने वाले समय में यह तकनीक हरियाणा के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य क्रांति लाने का काम करेगी।

    स्वास्थ्य मंत्री की संवेदनशीलता से उपजी योजना: एक दुखद घटना ने बदली प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था

    इस क्रांतिकारी टेली-ईसीजी सेवा की शुरुआत के पीछे प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की गहरी मानवीय संवेदना और जनता के प्रति उनकी जवाबदेही जुड़ी है। दरअसल, कुछ समय पहले स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में एक अत्यंत दुखद मामला आया था, जहाँ एक उप-मंडल स्वास्थ्य केंद्र (SDH) में दिल के दौरे से पीड़ित एक मरीज समय पर इलाज न मिलने के कारण दम तोड़ बैठा। उस केंद्र पर ईसीजी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण मरीज के दिल की वास्तविक स्थिति और हार्ट अटैक के अंदेशे का समय रहते पता नहीं चल सका। यदि वहां ईसीजी की व्यवस्था होती, तो रिपोर्ट के आधार पर मरीज को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर ही तुरंत किसी बड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में रेफर कर उसकी जान बचाई जा सकती थी। एक आम नागरिक की इस तरह ईसीजी न होने के कारण हुई अकाल मृत्यु की खबर ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को अंदर तक झकझोर दिया और वे बेहद भावुक हो उठीं। उन्होंने इस त्रासदी को केवल एक घटना के रूप में नहीं देखा, बल्कि तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी उप-मंडल स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक हर स्तर पर ईसीजी की अनिवार्य सुविधा शुरू की जाए। स्वास्थ्य मंत्री की इसी संवेदनशीलता, दूरदर्शी सोच और तत्परता का नतीजा है कि आज हरियाणा के 600 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टेली-ईसीजी सेवा धरातल पर उतर चुकी है, जो अब तक 131 से अधिक गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो चुकी है।
  • नीलधारा में स्टंट करना पड़ा भारी, नदी के फंसी थार, देखें वीडियो

    नीलधारा में स्टंट करना पड़ा भारी, नदी के फंसी थार, देखें वीडियो

    बैरागी कैंपः हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र में बैरागी कैंप स्थित नीलधारा में थार एसयूवी से स्टंट करना युवकों को भारी पड़ गया। दरअसल, युवक थार को गंगा के उथले हिस्से से नदी में उतारकर स्टंट कर रहे थे। तेज बहाव और गहराई का अंदाजा नहीं होने पर वाहन बीच धारा में फंस गया और उसमें पानी भरने लगा। मिली जानकारी के अनुसार घटना के दौरान थार में दो युवक सवार थे।

    वाहन फंसने पर दोनों ने मदद के लिए शोर मचाया। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते रेस्क्यू होने से बड़ा हादसा टल गया। सूचना पर कनखल प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह रावत और वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनुज सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

    क्रेन की मदद से थार को गंगा से बाहर निकाला गया। पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर स्टंटबाजी और सुरक्षा को खतरे में डालने के मामले में थार नंबर UP36AA0707 को सीज कर दिया। कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चल रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत की गई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने लोगों से गंगा तटों और सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी से बचने की अपील की है।

     

     

  • IIT के कैंपस में भरा पानी, छात्राओं ने हॉस्टल परिसर में चलाई नाव, वीडियो वायरल

    IIT के कैंपस में भरा पानी, छात्राओं ने हॉस्टल परिसर में चलाई नाव, वीडियो वायरल

    रुड़कीः हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में हुई मूसलधार बारिश का असर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के परिसर में भी देखने को मिला। मूसलधार बारिश के चलते आईआईटी कैंपस में जगह-जगह भारी जलभराव हो गया। हालांकि, इस जलभराव के बीच आईआईटी के छात्र-छात्राओं का एक अनोखा और मजेदार अंदाज भी सामने आया। बारिश के कारण संस्थान का हॉकी मैदान, गेट नंबर 10, विज्ञान भवन और कई छात्रावास में सड़कें पानी में डूब गईं।

    इसी बीच एक गर्ल्स हॉस्टल के परिसर में इतना पानी जमा हो गया कि वहां जलभराव ने छोटे तालाब का रूप ले लिया। इसी बीच छात्रों ने भरे पानी में नाव उतार दी और हॉस्टल के बाहर बोटिंग कर बारिश का आनंद लिया। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हरिद्वार जिले में हुई मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जलभराव, घरों में पानी घुसने और कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने जैसी स्थिति बनी। इसका असर IIT रुड़की परिसर में भी देखने को मिला। कैंपस में पानी भरने के बाद छात्रों ने एक नाव की व्यवस्था की और छात्रावास के बाहर जमा पानी में उसे चलाना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद अन्य छात्र भी बारिश का आनंद लेते नजर आए।

    इसी दौरान किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। वायरल वीडियो पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स छात्रों की इंजीनियरिंग सोच और जुगाड़ की तारीफ कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि IIT रुड़की में अब इंजीनियरिंग के साथ-साथ बोटिंग की भी प्रैक्टिकल क्लास शुरू हो गई है। वीडियो केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बना, बल्कि उसने कैंपस में जलभराव की स्थिति भी सामने रखी। मानसून की पहली बारिश में परिसर के कई हिस्सों में पानी भर गया था। छात्रों ने इसी स्थिति को सकारात्मक अंदाज में लेते हुए उसे यादगार अनुभव में बदल दिया।

     

  • Punjab News: पावन स्वरूपों को कंटेनरों से विदेश भेजने के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपा मांग पत्र, देखें वीडियो

    Punjab News: पावन स्वरूपों को कंटेनरों से विदेश भेजने के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपा मांग पत्र, देखें वीडियो

    अमृतसरः गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को कंटेनरों के माध्यम से कनाडा के सूरी शहर भेजे जाने के मामले को लेकर ‘आवाज़-ए-कौम’ संगठन के नेताओं ने आज श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर जत्थेदार साहिब को मांग पत्र सौंपा। संगठन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए इससे जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त धार्मिक और कानूनी कार्रवाई की मांग की। संगठन के नेता हरजिंदर सिंह ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को कंटेनरों के माध्यम से विदेश भेजना सिख मर्यादा और सिद्धांतों के विपरीत है।

    उन्होंने दावा किया कि इस घटना के कारण सिख कौम में भारी रोष पाया जा रहा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन ने जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से शिकायत करके मांग की है कि इस घटना से जुड़े हर व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जाए और श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सिख संगत श्री अकाल तख्त साहिब के फैसलों को सर्वोच्च मानती है, इसलिए इस मामले में सख्त रुख अपनाना समय की जरूरत है। हरजिंदर सिंह ने दावा किया कि सूरी में 200 से अधिक स्वरूप भेजे गए हैं, जबकि वहां इतनी संख्या में स्वरूपों की आवश्यकता नहीं थी।

    उन्होंने कहा कि सूरी के प्रमुख गुरुद्वारों में पहले ही बड़ी संख्या में गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप मौजूद हैं और स्थानीय संगत द्वारा भी इस मामले पर आपत्ति जताई गई है। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय तक कंटेनरों में समुद्री रास्ते सफर के दौरान पावन स्वरूपों के सम्मान और मर्यादा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी की सुख-आसन और सेवा सिख मर्यादा के अनुसार होनी चाहिए, न कि उन्हें आम माल की तरह कंटेनरों में भेजा जाए। आवाज़-ए-कौम के नेताओं ने कहा कि वे इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब से सख्त हस्तक्षेप की उम्मीद करते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि संगठन इस मामले को अंत तक उठाता रहेगा।

  • Punjab News: Civil Hospital के Blood Bank में 25 यूनिट रक्त हुआ खराब, कंपनी को भेजा नोटिस, देखें वीडियो

    Punjab News: Civil Hospital के Blood Bank में 25 यूनिट रक्त हुआ खराब, कंपनी को भेजा नोटिस, देखें वीडियो

    गुरदासपुरः जिले के सिविल अस्पताल गुरदासपुर में 25 यूनिट रक्त खराब होने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में नया फ्रिज मंगवाया गया था, जिसमें तकनीकी खराबी होने के कारण 25 यूनिट रक्त खराब हुआ है। इस मामले को लेकर सिविल अस्पताल द्वारा कंपनी को नोटिस भेजा गया है।

    ब्लड बैंक की इंचार्ज डॉ. पूजा खोसला ने बताया कि रात के समय ब्लड स्टोरेज फ्रीजर में तकनीकी खराबी आ गई थी। फ्रीजर ने कोई अलर्ट या इंडिकेशन नहीं दिया, जिसके कारण समय रहते समस्या का पता नहीं चल सका और उसमें रखा 25 यूनिट रक्त उपयोग के योग्य नहीं रहा।

    डॉ. पूजा खोसला के अनुसार, खराब हुए रक्त को बायोमेडिकल वेस्ट प्रोटोकॉल के तहत नष्ट (डिस्ट्रॉय) कर दिया गया, ताकि किसी मरीज को गलती से वह रक्त न चढ़े और संक्रमण का कोई खतरा न रहे। वहीं उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर द्वारा कंपनी को नोटिस भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित रक्तदान शिविरों के कारण ब्लड बैंक में इस समय लगभग 50 यूनिट रक्त उपलब्ध है। जरूरतमंद मरीज निर्धारित प्रक्रिया के तहत ब्लड बैंक से रक्त प्राप्त कर सकते हैं।

     

  • फिल्मी स्टाइल में रेस्टोरेंट के कर्मी को बंद कर नगदी लेकर शातिर चोर फरार, देखें वीडियो

    फिल्मी स्टाइल में रेस्टोरेंट के कर्मी को बंद कर नगदी लेकर शातिर चोर फरार, देखें वीडियो

    रुड़की: हरिद्वार के रुड़की में एक रेस्टोरेंट में ग्राहक बनकर आए शातिर चोर फिल्मी अंदाज में घटना को अंजाम देकर फरार हो गया। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र में नीलम टॉकीज के पास स्थित साउथ फ्यूजन रेस्टोरेंट की है। बताया गया कि वारदात के समय रेस्टोरेंट का मैनेजर सामान लेने बाहर गया हुआ था। इसी दौरान एक युवक रेस्टोरेंट में ग्राहक बनकर पहुंचा।

    आरोपी ने इडली का ऑर्डर देकर कर्मचारी को किचन की ओर भेज दिया। जैसे ही कर्मचारी किचन में दाखिल हुआ तो उक्त युवक ने किचन का दरवाजा बंद कर दिया और काउंटर में लगे गल्ले से 25 से 30 हजार रुपये की नकदी निकालकर मौके से फरार हो गया। पीड़ित रेस्टोरेंट मालिक ने पुलिस को शिकायत दे दी है और पुलिस से अज्ञात चोर की तलाश के लिए गुहार लगाई है। घटना के कुछ देर बाद जब रेस्टोरेंट स्वामी तपेश शर्मा वहां पर पहुंचा तो उसने देखा कि किचन से कर्मचारी की चिल्लाने की आवाज आ रही है। जिसके बाद उसने किचन का दरवाजा खोला।

    जब उनकी काउंटर पर नजर पड़ी तो गल्ले में रखे सारे पैसे गायब थे। जिसके बाद उन्होंने रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए, तो पूरा घटनाक्रम साफ तौर पर दिखाई दिया। रेस्टोरेंट स्वामी तपेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने अज्ञात चोर द्वारा की गई रकम रेस्टोरेंट का किराया देने के लिए रखी हुई थी। उन्होंने बताया कि आरोपी ने वारदात से पहले करीब 45 मिनट तक रेस्टोरेंट में बैठकर गतिविधियों पर नजर रखी। उसने कैश से भुगतान कर यह भी समझ लिया था कि रुपए गल्ले में कहां रखे जाते हैं, जिसके बाद उसने घटना को अंजाम दिया। वहीं एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

     

     

     

  • बसों में सवार किसानों का प्रदर्शन, भारी पुलिस फोर्स तैनात, नेता उगराहां का आया बयान, देखें वीडियो

    बसों में सवार किसानों का प्रदर्शन, भारी पुलिस फोर्स तैनात, नेता उगराहां का आया बयान, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान सेक्टर-34 के रैली ग्राउंड में एकत्र हुए। इसके बाद किसान बसों में सवार होकर सेक्टर-17 स्थित मटका चौक की ओर रवाना हुए, जहां वे प्रदर्शन के तहत चक्कर लगाएंगे। मामले की जानकारी देते हुए किसान नेता उगराहां ने कहाकि वह मटका चौक पर जाएंगे। जिसके बाद सभी किसान वापस सेक्टर-34 के रैली ग्राउंड में पहुंचेंगे। इसके बाद 3 बजे तक संयुक्त किसान मोर्चा के नेता किसानों को संबोधित करेंगे और अपनी अगली रणनीतियों की घोषणा कर सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ प्रदर्शन किए जाने को लेकर बातचीत हुई है, लेकिन मसले को हल करके के लिए केंद्र सरकार से अभी कोई बातचीत नहीं हुई है। किसानों के मार्च को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। रैली के रूट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और यातायात को सुचारू रूप से चलाया जा सके। चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर खुद मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्थाओं और कानून-व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। पुलिस द्वारा ट्रैफिक को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि आम लोगों को कम से कम दिक्कत का सामना करना पड़े।

    दरअसल, संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता भारतीय कृषि, डेयरी और छोटे उद्योगों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। किसानों का आरोप है कि इसके लागू होने से सस्ते विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आएंगे, जिससे किसानों की आमदनी पर असर पड़ेगा। इसके साथ ही किसान पंजाब सरकार की नई भूमि पूलिंग नीति का भी विरोध करेंगे। उनका कहना है कि यह नीति किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे कृषि भूमि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ट्रैफिक जाम और अनावश्यक परेशानी से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। जिन लोगों को इस समय के दौरान इन इलाकों से गुजरना है, वे अपनी यात्रा पहले से योजना बनाकर करें।

  • Punjab News: अब होगी मुफ्त डॉक्टरी जांच, घर-घर इलाज पहुंचाएगी Mobile Medical Van, राज्यपाल दिखाएंगे हरी झंडी, देखें वीडियो

    Punjab News: अब होगी मुफ्त डॉक्टरी जांच, घर-घर इलाज पहुंचाएगी Mobile Medical Van, राज्यपाल दिखाएंगे हरी झंडी, देखें वीडियो

    अमृतसरः जिले के गरीब और स्लम इलाकों में रहने वाले लोगों को घर के पास मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से भवंज हेल्थ केयर ऑन विलेज द्वारा ‘हेल्थ केयर ऑन व्हील्स’ (मोबाइल अस्पताल) सेवा की शुरुआत की जा रही है। इस मोबाइल मेडिकल वैन को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया कल शाम 5:30 बजे भवन आश्रम से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। भवंज हेल्थ केयर ऑन व्हील्स के प्रबंधकों ने बताया कि संस्था का सपना था कि शहर के उन स्लम इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं जहां गरीब लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी दूर जाना पड़ता है।

    इस मकसद के लिए विशेष तौर पर मोबाइल मेडिकल वैन तैयार की गई है, जिसमें एक फिजिशियन डॉक्टर, एक डेंटल डॉक्टर, डेंटल मशीन और जरूरी दवाओं की व्यवस्था की गई है। प्रबंधकों के मुताबिक शुरुआती चरण में तीन स्लम इलाकों का चयन किया गया है। यह मोबाइल वैन हफ्ते में दो दिन हर इलाके में जाकर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लोगों की जांच करेगी और जरूरी दवाएं मुफ्त मुहैया कराएगी। इस सेवा के लिए किसी भी मरीज से कोई फीस नहीं ली जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले लगाए जाने वाले मेडिकल कैंपों के दौरान लोगों द्वारा नियमित इलाज की जरूरत महसूस कराई जाती थी।

    इसी कारण यह विचार आया कि एक ऐसी मोबाइल सेवा शुरू की जाए जो निर्धारित दिनों पर नियमित रूप से इलाकों में पहुंचे, ताकि मरीजों की फॉलो-अप जांच और इलाज लगातार जारी रह सके। प्रबंधकों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई अस्थायी योजना नहीं, बल्कि स्थायी सेवा है। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रयास सफल रहता है तो भविष्य में और मोबाइल वैनें भी शुरू करके अधिक स्लम इलाकों को इस सेवा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भवन आश्रम स्थित सीनियर सिटीजन होम और मानसिक रूप से विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए चलाए जा रहे स्कूल का दौरा भी करेंगे। इसके बाद वह ‘हेल्थ केयर ऑन व्हील्स’ मोबाइल अस्पताल को हरी झंडी दिखाकर जनसेवा के लिए रवाना करेंगे।